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टेनिस प्लेयर मर्डर- राधिका की नहीं थी एकेडमी:बाप ने पहले कहा था- सवा करोड़ में खुलवाई, अब बोला- कन्या को मारकर पाप हुआ
गुरुग्राम,एजेंसी। हरियाणा के गुरुग्राम में जूनियर इंटरनेशनल टेनिस प्लेयर राधिका यादव के मर्डर में पुलिस की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। राधिका यादव के पास टेनिस की एकेडमी नहीं थी। वह सिर्फ टेनिस कोर्ट किराए पर लेकर खिलाड़ियों को ट्रेनिंग देती थी।
न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक गुरुग्राम पुलिस के एक जांच अधिकारी ने इसकी पुष्टि की। राधिका अलग-अलग जगहों पर ट्रेनिंग कोर्ट्स लेकर ट्रेनिंग देती थी।
इससे पहले सामने आया था कि दीपक ने सवा करोड़ रुपए खर्च कर बेटी को टेनिस एकेडमी खुलवाई थी।
पुलिस का कहना है कि पिता दीपक यादव राधिका को ऐसा करने से रोकता था। पिता के मना करने के बावजूद भी राधिका नहीं मानी और उसने ट्रेनिंग कोर्ट लेकर अपना काम जारी रखा। बाप और बेटी के बीच असली विवाद की वजह यही थी।
इसी विवाद में पिता ने 10 जुलाई को गुरुग्राम के वजीराबाद स्थित घर में बेटी की पीठ पर 4 गोलियां मारकर हत्या कर दी।
वहीं शनिवार को एक दिन का रिमांड खत्म होने के बाद आरोपी पिता को गुरुग्राम के कोर्ट में पेश किया गया। जहां से कोर्ट ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
इस दौरान वहां मौजूद परिजन से दीपक ने कहा कि कन्या को मारकर पाप हो गया है। सोसाइटी अध्यक्ष पवन यादव ने यह जानकारी दी।
दीपक यादव के भाई विजय यादव ने कहा कि जब वे थाने में थे तो छोटे भाई ने पुलिस से कहा कि मेरे बयान और FIR इस तरह से लिखना कि मुझे फांसी की सजा हो।

गुरुग्राम कोर्ट में आरोपी बाप को मुंह ढंककर कोर्ट में पेश किया गया। इस दौरान पुलिस की कड़ी सुरक्षा रही।
राधिका मर्डर केस में हुए अहम खुलासे..
- पूरी प्लानिंग से मर्डर किया: आरोपी पिता ने मर्डर पूरी प्लानिंग के साथ किया था। वह करीब 15 दिन से इसकी योजना बना रहा था। यह मौका उसे गुरुवार (10 जुलाई) को मिला। दीपक यादव रोजाना खुद दूध लेने के लिए जाता था। मगर कत्ल वाले दिन उसने बेटे धीरज को दूध लेने भेज दिया। उसकी योजना थी कि बेटा उसकी प्लानिंग में कोई अड़ंगा न बने, इसलिए बहाने से उसे घर से बाहर भेज दिया। गुरुग्राम पुलिस के प्रवक्ता संदीप कुमार ने इसकी पुष्टि की है।
- रिपोर्ट्स में दावा- इंटरकास्ट मैरिज करना चाहती थी राधिका: इस मामले में अब राधिका की हत्या के मामले को अफेयर से जोड़ा जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वजीराबाद में दीपक के पड़ोसियों ने बताया कि राधिका इंटरकास्ट मैरिज करना चाहती थी। हालांकि पिता पुराने ख्यालों का था। किसी दूसरी जाति में शादी के लिए वह राजी नहीं था। वह इससे नाखुश रहने लगा था। उसे यह भी शक था कि इंस्टाग्राम के जरिए ही राधिका किसी से जुड़ी थी। इसी वजह से घर में विवाद रहता था।
- झगड़े से परेशान राधिका घर छोड़ना चाहती थी: इसी बीच राधिका की कोच अजय यादव के साथ एक वॉट्सऐप चैट सामने आई है। जिसमें राधिका उनसे घर से किसी भी तरह निकलने की बात कर रही है। वह विदेश जाने को लेकर भी डिस्कस कर रही है। इससे यह कयास लगाए जा रहे हैं कि बाप-बेटी के बीच का विवाद काफी टाइम से चल रहा था।

यह फोटो कत्ल से पहले राधिका के वॉट्सऐप प्रोफाइल पर लगी थी।
परिचित से बोला आरोपी बाप- मैंने पाप किया
वहीं एक परिचित ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि वह कत्ल के बाद गिरफ्तार किए गए आरोपी बाप दीपक से मिला। वहां दीपक ने उसे कहा- ” मैंने पाप किया है। बेटी मेरी इज्जत थी, लेकिन समाज की बातें मेरे लिए जहर बन गईं थीं।”

पार्टनर के साथ टेनिस खेलने के दौरान राधिका यादव। (बाएं)- फाइल फोटो
ग्राउंडसमैन को वॉट्सऐप पर मैसेज किया था- मैं कल आऊंगी
वहीं, एकेडमी के ग्राउंडसमैन संदीप ने बताया कि मर्डर से पहले राधिका ने उनसे नॉर्मल तरीके से बातचीत की थी। ऐसा कहीं लग नहीं रहा था कि कोई ऐसी घटना हो सकती है। राधिका ने वॉट्सऐप पर अंतिम मैसेज में लिखा था- मैं कल आऊंगी। वहीं राधिका के फिजियोथेरेपिस्ट रहे डॉ. मनोज ने कहा वह खेल में बड़ा नाम कमाना चाहती थी। विंबलडन खेलना उसका सपना था।

राधिका की ग्राउंडसमैन के साथ वॉट्सऐप पर हुई चैट।
आधे घंटे में ही हो गई थी राधिका की मौत:
डॉक्टर्स के मुताबिक, 4 गोलियां लगने से राधिका रसोई में ही गिर गई थी। दिल और आंत भी डैमेज हो चुके थे। लगातार उसका खून बह रहा था और ज्यादा खून बह जाने से राधिका की मौत हुई। 10 से 30 मिनट में ही उसकी सांसें थम चुकी थीं। पुलिस के मुताबिक, दीपक ने करीब साढ़े दस बजे राधिका को गोली मारी थी। पुलिस को इस मामले की सूचना करीब साढ़े 11 बजे, यानी एक घंटे बाद मिली। तब तक परिवार के लोग राधिका को एशिया मैरिंगो अस्पताल में ले जा चुके थे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था।
घर में लाइसेंसी रिवॉल्वर से मारी गोलियां:
पोस्टमॉर्टम करने वाले बोर्ड में शामिल डॉक्टर्स से दैनिक भास्कर ने राधिका मर्डर केस के बारे में बात की। डॉक्टर्स ने बताया कि राधिका को पॉइंट 32 कैलिबर की रिवॉल्वर की 4 गोलियां लगी थीं। इनमें एक गोली उसके कंधे में लगी थी, जिससे ज्यादा डैमेज नहीं हुआ। एक गोली ने उसके दिल को पूरी तरह डैमेज कर दिया था, जबकि दो गोलियों से उसकी आंतें फट गई थीं। डॉक्टर्स के मुताबिक, यह दूरी करीब 5 से 10 फुट के बीच हो सकती है। बाकी डिटेल रिपोर्ट फोरेंसिक लैब से आएगी।
डॉक्टर्स ने गोली मारने के भी 2 तरीके बताए:
डॉक्टर्स ने गोली मारने के भी दो तरीके बताए। पहला यह कि आरोपी ने रसोई में खाना बनाते समय पहले राधिका पर रिवॉल्वर से गोली चलाई, जो उसके कंधे में जाकर लगी। इसके बाद बचने के लिए राधिका भागी, लेकिन रसोई में कम जगह होने की वजह से ज्यादा दूर नहीं जा सकती थी। इसके बाद पिता ने उसे 3 और गोलियां मारीं। दूसरा यह है कि पहले दीपक ने रसोई में जाते ही राधिका को ताबड़तोड़ 3 गोलियां मारीं। गोली लगने से वह नीचे गिर गई। इसके बाद एक गोली उसने फिर चलाई, जो उसके कंधे में लगी।
पुलिस ने इस मामले में अब तक क्या-क्या किया…
- आरोपी को क्राइम सीन से गिरफ्तार किया, रिवॉल्वर बरामद: राधिका की हत्या 10 जुलाई की सुबह करीब साढ़े दस बजे हुई थी। ग्राउंड फ्लोर पर रहने वाले राधिका के चाचा कुलदीप यादव और उनके बेटे पीयूष यादव सबसे पहले मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने खून से लथपथ राधिका को रसोई घर में पड़ा पाया। कुलदीप की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट के मुताबिक, उस वक्त घर में दीपक, उनकी पत्नी मंजू यादव और राधिका ही थी। भाई धीरज यादव प्रॉपर्टी डीलर है, वह काम के सिलसिले में बाहर गया था। करीब साढ़े 11 बजे पुलिस क्राइम सीन पर पहुंची थी। पुलिस ने मौके से ही आरोपी दीपक को गिरफ्तार कर लिया था। ड्राइंग रूम में रखा उसका लाइसेंसी रिवॉल्वर भी मौके से ही जब्त कर लिया था।
- मां ने पुलिस को बयान देने से मना किया, बोली- मैं बीमार थी: राधिका की मां मंजू यादव ने पुलिस से कहा कि उन्हें नहीं पता कि उनके पति ने हत्या क्यों की। उनका कहना है कि उन्हें बुखार था और वह कमरे में दवा लेकर आराम कर रही थीं। उन्होंने पुलिस के सामने बयान दर्ज कराने से इनकार कर दिया है। इसके बाद पुलिस ने भी अब तक मंजू से पूछताछ नहीं की है। हालांकि, पुलिस की शुरूआती जांच में ये कहा गया था कि मंजू यादव वारदात के वक्त घर में नहीं थीं। मगर, चाचा कुलदीप ने दर्ज कराई रिपोर्ट में उन्हें घर में ही मौजूद बताया था। बाद में मामले के जांच अधिकारी ने भी इस बात की पुष्टि की थी कि मंजू यादव वारदात के वक्त घर में ही थीं।

राधिका यादव इसी कोर्ट में खिलाड़ियों को टेनिस की ट्रेनिंग देती थी।
भाई ने दी मुखाग्नि, पिता को नहीं लाया गया
पोस्टमॉर्टम के बाद राधिका यादव का अंतिम संस्कार शाम 6 बजे पैतृक गांव वजीराबाद में कर दिया गया। उसके छोटे भाई धीरज यादव ने मुखाग्नि दी। इस दौरान चाचा कुलदीप यादव, उनका बेटा पीयूष यादव सहित अन्य सगे संबंधी भी मौजूद रहे। आरोपी को अंतिम संस्कार के लिए नहीं लाया गया। बताया गया कि परिवार ने राधिका के अंतिम संस्कार में उसे बुलाने के लिए पुलिस से कोई बात नहीं की थी।

शुक्रवार को पोस्टमॉर्टम के बाद परिवार ने राधिका का अंतिम संस्कार कर दिया।
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नेपाल सीमा से गिरफ्तार हुए TMC के पूर्व विधायक जहांगीर खान, STF की बड़ी कार्रवाई
कोलकाता, एजेंसी। तृणमूल कांग्रेस के नेता जहांगीर खान को ‘जबरन वसूली’ के आरोप में सोमवार को उत्तर बंगाल में भारत-नेपाल सीमा के पास से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने खान को गिरफ्तारी से दी गई अंतरिम सुरक्षा 26 मई को वापस ले ली थी। खान के खिलाफ दक्षिण 24 परगना जिले के फाल्टा थाने में सात प्राथमिकी दर्ज हैं।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, ”खान को उत्तर बंगाल में भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।” हालांकि पुलिस ने गिरफ्तारी के संबंध में विस्तृत जानकारी नहीं दी है। खान 21 मई को फाल्टा विधानसभा उपचुनाव में चौथे स्थान पर रहे थे। हालांकि, उन्होंने चुनाव से कुछ दिन पहले अपनी उम्मीदवारी वापस लेने की घोषणा की थी, लेकिन नाम वापस लेने की अवधि समाप्त हो चुकी थी इसीलिए उनका नाम ईवीएम में दर्ज रहा।

कलकत्ता हाई कोर्ट ने खान को मिली अंतरिम सुरक्षा वापस ली
इससे पहले कलकत्ता हाई कोर्ट ने खान के खिलाफ दर्ज कई आपराधिक मामलों में पुलिस की किसी भी सख्त कार्रवाई से उन्हें मिली अंतरिम सुरक्षा वापस ले ली थी। कोर्ट ने 18 मई को खान को सख्त कार्रवाई से राहत दी थी, लेकिन बाद में इसे रद्द कर दिया गया। जजों ने कहा कि राज्य में राजनीतिक स्थिति में बदलाव और याचिकाकर्ता द्वारा राजनीतिक बदले की भावना के दावों के कारण ऐसी सुरक्षा जारी रखना उचित नहीं होगा।
खान के वकील किशोर दत्ता ने कोर्ट में तर्क दिया कि 4 मई को विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद उनके मुवक्किल के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज किए गए थे। उन्होंने दावा किया कि ये मामले राजनीतिक बदले की भावना का नतीजा थे और कहा कि सुरक्षा न केवल चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी थी, बल्कि खान को कथित उत्पीड़न से बचाने के लिए भी थी। दूसरी ओर, अतिरिक्त महाधिवक्ता राजदीप मजूमदार ने सुरक्षा बढ़ाने की मांग का विरोध किया। उन्होंने कहा कि पहले दी गई सुरक्षा केवल खान को 21 मई को फाल्टा में हुए दोबारा मतदान (रीपोल) में भाग लेने में सक्षम बनाने के लिए थी, जिसके नतीजे 24 मई को घोषित किए गए थे।
पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में फाल्टा विधानसभा उपचुनाव (रीपोल) के बीच एक बड़ी राजनीतिक घटनाक्रम में, जहांगीर खान ने अपना नामांकन वापस ले लिया, जो पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए एक बड़ा झटका था। उन्होंने कहा कि दौड़ से हटने का फैसला फाल्टा के लोगों की भलाई के लिए लिया गया था। खान ने कहा, “मैं फाल्टा का बेटा हूं और चाहता हूं कि फाल्टा शांतिपूर्ण रहे और तरक्की करे। हमारे मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी फाल्टा के विकास के लिए एक विशेष पैकेज दे रहे हैं, इसलिए मैंने निर्वाचन क्षेत्र में दोबारा मतदान प्रक्रिया से दूर रहने का फैसला किया है।”
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भाजपा की फूट डालने की पुरानी चाल कामयाब नहीं होगी, क्रॉस वोटिंग की आशंका पर दिग्विजय सिंह का तीखा हमला
भोपाल, एजेंसी। मध्य प्रदेश में कांग्रेस से राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन ने अपना नामाकंन दाखिल किया। उनका मुकाबले में भाजपा ने तीसरे उम्मीदवार के रूप में महेश केवट को उतारा है। ऐसे में मुकाबला बेहद रोचक हो गया है। वहीं कांग्रेस में क्रॉस वोटिंग का खतरा बढ़ गया है। हालांकि कांग्रेस ने इसे भाजपा की गलतफहमी बताया है।

कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह का कहना है, “बीजेपी को गलतफहमी है कि वे पार्टी में फूट डाल सकते हैं। कांग्रेस पूरी तरह से संगठित और एकजुट है; सभी कांग्रेस विधायक पार्टी की उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन को मजबूती से अपना पूरा समर्थन देंगे और बीजेपी की फूट डालने की पुरानी चाल कामयाब नहीं होगी। मीनाक्षी नटराजन कांग्रेस की उम्मीदवार हैं और हम कांग्रेस में एकजुट हैं।”
बता दें कि 230 सदस्यों वाली मध्य प्रदेश विधानसभा में प्रभावी वोट संख्या 228 है। इनमें से BJP के पास 164 और कांग्रेस के पास 64 विधायक हैं। बीना की विधायक निर्मला सप्रे के वोट की स्थिति साफ न होने (जो BJP की तरफ झुकती दिख रही है) और विजयपुर के विधायक मुकेश मल्होत्रा के वोटिंग पर रोक के कारण, कांग्रेस की प्रभावी संख्या घटकर 62 रह गई है।
राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए हर उम्मीदवार को 58 वोटों की ज़रूरत होती है। इस तरह, BJP को दो सीटें जीतने के लिए 116 वोटों की ज़रूरत है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कुल 164 वोटों में से 116 वोट डालने के बाद BJP के पास 48 वोट बचेंगे, जबकि तीसरी सीट पक्की करने के लिए उसे 10 और वोटों की ज़रूरत होगी। कांग्रेस के पास एक सीट जीतने के लिए ज़रूरी संख्या तो है, लेकिन BJP द्वारा तीसरे उम्मीदवार के ऐलान ने उसकी चिंताएं बढ़ा दी हैं और नटराजन के चुनाव जीतने की राह मुश्किल कर दी है।
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क्या शिवसेना की तहर दो गुटों में बंट जाएगी TMC?, सांसद के इस्तीफे से बंगल में गरमाई सियासत
कोलकाता, एजेंसी। बंगाल चुनाव में बीजेपी की शानदार जीत की पूरे देश में चर्चा है तो वहीं तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद पार्टी के बीच अंदरूनी कलह भी सामने आने लगी है इसे लेकर अब पार्टी के भविष्य की रणनीति पर लोग चर्चा कर रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में अब इस बात को लेकर चर्चा शुरू हो गई है कि क्या तृणमूल कांग्रेस में भी Shiv Sena की तरह अंदरूनी खींचतान बढ़ेगी या पार्टी नेतृत्व समय रहते हालात संभाल लेगा। विपक्ष लगातार TMC में असंतोष और गुटबाजी के आरोप लगा रहा है, जबकि पार्टी नेतृत्व इसे सामान्य राजनीतिक घटनाक्रम बता रहा है।

अगल गुट बनाने को लेकर चर्चा तेज इस्तीफा
दरअसल, अंदरूनी कलह के बीच पार्टी के सांसदों के एक समूह ने भविष्य की रणनीति और पार्टी से अलग होकर एक नया गुट बनाने की संभावना पर चर्चा करने के लिए सोमवार को यहां बैठक की। बैठक में हिस्सा लेने वाले नेताओं में सुखेंदु शेखर राय भी शामिल थे, जिन्होंने सोमवार को ही पार्टी से इस्तीफा दे दिया और राज्यसभा की सदस्यता भी छोड़ दी थी। उनके अलावा तृणमूल के लोकसभा सांसद प्रसून बनर्जी, शर्मिला सरकार, जगदीश चंद्र बसुनिया, कालीपद सरन खेरवाल और अरूप चक्रवर्ती भी बैठक में मौजूद थे।
ममता बनर्जी को व्हाट्सऐप पर भेजा
मीडिया से बातचीत में राय ने कहा कि उन्होंने राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन से मुलाकात कर उन्हें अपना इस्तीफा सौंप दिया है। राय ने कहा, ”मैंने पार्टी से इस्तीफा देने के अपने फैसले से ममता बनर्जी को व्हाट्सऐप और ईमेल के जरिये अवगत करा दिया है। यह घटनाक्रम पश्चिम बंगाल विधानसभा में तृणमूल के 60 विधायकों द्वारा एक अलग गुट बनाने के बाद सामने आया है, जहां रिताब्रता बनर्जी ने ममता बनर्जी के नामित उम्मीदवार के बजाय नेता प्रतिपक्ष का कार्यभार संभाल लिया है।
इस्तीफे को लेकर दिया ये बयान
राय ने कहा, “विधानसभा में जो कुछ भी हुआ, क्या कोई यह बता सकता है कि राज्यसभा या लोकसभा में वैसी ही स्थिति पैदा नहीं होगी?” हालांकि, राय ने स्पष्ट किया कि राज्यसभा और पार्टी से उनका इस्तीफा राज्य विधानसभा में हुए घटनाक्रम से अलग है, क्योंकि वहां के विधायकों ने इस्तीफा नहीं दिया है। उन्होंने कहा, ”उनके कदम और मेरे कदम के बीच कोई संबंध नहीं है। यह पूरी तरह से अलग है। मैंने पार्टी से इस्तीफा दिया है, उन्होंने नहीं। राज्यसभा में मेरा कार्यकाल 2029 में समाप्त होना था, लेकिन मैंने सैद्धांतिक तौर पर इस्तीफा दे दिया, क्योंकि मेरे लिए (पार्टी में) बने रहना मुश्किल हो गया था।”
‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक में शामिल हुए अभिषेक बनर्जी
यह राजनीतिक घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है, जब तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी और उनके भतीजे एवं पार्टी सांसद अभिषेक बनर्जी यहां ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक में भाग ले रहे हैं। इस बैठक में गठबंधन के भीतर एकजुटता पर जोर दिया गया और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने तथा जनता की आजीविका से जुड़े मुद्दों को उठाने की आवश्यकता बताई गई।
तृणमूल के इन दोनों नेताओं के अलावा बैठक में कांग्रेस की सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे, समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के तेजस्वी यादव, नेशनल कॉन्फ्रेंस के उमर अब्दुल्ला और पीडीपी की महबूबा मुफ्ती के साथ-साथ वामपंथी नेता भी मौजूद थे। हालांकि ममता से नाराज विधायकों ने अभी तक अलग पार्टी बनाए जाने को लेकर कोई भी अधिकारिक ऐलान नहीं किया।
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