भुवनेश्वर,एजेंसी। ‘वेंकट से आखिरी बार 30 जून को बात हुई थी। वो मेरा बड़ा बेटा है। अफ्रीका के देश माली में काम करता है। हर रोज शाम को 6 से 7 के बीच मेरे पास फोन करता था। उसने बताया था कि उसके इलाके में आतंकी घुस आए हैं। कंपनी ने कहा है कि बाहर मत निकलना। खतरा है, इसलिए हम कंपनी के क्वार्टर में ही रह रहे हैं। एक-दो महीने की दिक्कत है, तब तक हम बाहर नहीं निकलेंगे।’
ओडिशा के गंजाम की रहने वाली पी. नरसम्मा एक हफ्ते से बेटे के फोन का इंतजार कर रही हैं। उनके बेटे पी. वेंकटरमन माली के कायस शहर में एक सीमेंट फैक्ट्री में सुपरवाइजर थे। ये फैक्ट्री हैदराबाद के प्रसादित्य ग्रुप की है। एक जुलाई, 2025 को आतंकियों ने फैक्ट्री पर हमला कर दिया और वर्कर्स को बंधक बनाकर ले गए। इनमें वेंकटरमन समेत तीन भारतीय भी हैं।
वेंकटरमन के साथ अगवा बाकी दो भारतीय तेलंगाना के सर्विस इंजीनियर अपरेश्वर और आंध्रप्रदेश के रहने वाले फोरमैन रमना हैं। कायस पर हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन अल-कायदा से जुड़े जमात नुसरत अल-इस्लाम वाल-मुस्लिमीन (JNIM) ने ली है। इसलिए माना जा रहा है कि वेंकटरमन, अमरेश्वर और रमना उसी के कब्जे में हैं।
फोटो में वेंकटरमन अपनी अफ्रीकी दोस्त के साथ हैं। ये फोटो 8 जून को ली गई थी। तब वे माली के पड़ोसी देश टोगो गए थे।
कंपनी ने बताया- वेंकट को पुलिस ने अरेस्ट किया है
वेंकटरमन का परिवार गंजाम जिले के समरजोल गांव में रहता है। घर में मां और भाई हैं। एक बहन भी हैं, जिनकी शादी हो चुकी है।
वेंकट रमन ने आखिरी बात परिवार से 30 जून की शाम 6 से 7 बजे के बीच बात की थी। वे हर रोज शाम करीब 7 बजे कॉल करते थे। 30 जून के बाद वेंकट का फोन नहीं आया। परिवार ने फोन किया, लेकिन कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला।
3 जुलाई को मुंबई से वेंकटरमन की कंपनी ब्लू स्टार प्राइवेट लिमिटेड से किसी जूलियट डिसूजा का फोन आया। उन्होंने बताया कि वेंकटरमन को पुलिस ने कस्टडी में ले लिया है। आप लोग चिंता न करें, हम उन्हें छुड़ाने की कोशिश कर रहे हैं।
वजह पूछने पर जूलियट ने बताया कि माली के एक मॉल में आतंकियों ने आग लगा दी थी। वेंकटरमन वहीं थे, इसलिए पुलिस ने शक के आधार पर उन्हें कस्टडी में लिया है। कंपनी ने भरोसा दिया कि वे 3-4 दिन में छूट जाएंगे।
वेंकटरमन के बहनोई बब्लू बताते हैं, ‘हमें कंपनी की बातों पर यकीन नहीं हुआ। तभी हमें न्यूज से पता चला कि वेंकटरमन को आतंकियों ने अगवा कर लिया है। खबरों में तीन लोगों की फोटो दिखाई जा रही थी। इनमें वेंकट भी थे। ये खबर देखकर हम डर गए।’
‘हमने कंपनी को दोबारा फोन किया। तब हमें बताया कि खबर सही है। साथ ही हमें हिदायत दी कि हम इस बारे में किसी से बात न करें, क्योंकि इससे मामला बिगड़ सकता है। कंपनी ने यह भी कहा कि आतंकवादी फिरौती मांग रहे हैं। हम 7-8 दिनों में सभी को छुड़ा लेंगे।’
जिस नंबर से वेंकट की फैमिली को फोन आया था, हमने उस पर बात करनी चाही, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। इसलिए ब्लू स्टार प्राइवेट लिमिटेड का पक्ष नहीं मिल पाया।
अब वेंकट के परिवार की बात पिता की मौत, परिवार गरीब, वेंकट पढ़ाई छोड़ नौकरी करने लगे
वेंकटरमन तीन भाई-बहनों में सबसे बड़े हैं। बहन पी. जेमामणि, छोटे भाई पी. लम्बोदर और मां पी. नरसम्मा हैं। पिता का 2011 में निधन हो गया था। तब वेंकटरमन सिर्फ 14 साल के थे। 8वीं में पढ़ते थे। पिता की बीमारी ने परिवार को तोड़ दिया था। उनके जाने के बाद बच्चों की जिम्मेदारी मां पी. नरसम्मा पर आ गई।
उन्होंने अपना घर किराए पर दे दिया। खुद छोटे से किराए के मकान में रहने लगीं, ताकि कुछ पैसे बचें और वे बच्चों को पढ़ा सकें। नरसम्मा बताती हैं, ‘बच्चें पढ़-लिखकर काबिल बन जाएं, इसलिए मैंने एक दिन भी आराम नहीं किया। बेटे बड़े हुए, तो कमाने के लिए घर से बाहर चले गए।’
वेंकटरमन के बारे में नरसम्मा बताती हैं, ‘पति की डेथ हुई, तब वेंकट गांव के स्कूल में पढ़ता था। परिवार की हालत देखकर कम उम्र में ही उसने काम करने का मन बना लिया। 10वीं पास करने के बाद ITI में एडमिशन लिया। पढ़ाई पूरी होने से पहले ही उसे नौकरी मिल गई। इसलिए उसने कोर्स पूरा नहीं किया।’
‘2016 में वेंकट ने मुंबई की एक कंपनी में काम शुरू किया था। वहां एलिवेटर टेक्नीशियन का काम था। 2017 में मुंबई में ही ब्लू स्टार प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ गया। यहां उसे लिफ्ट टेक्नीशियन का काम मिला।’
2018 में पहली बार विदेश गए, 4 देशों में काम किया
वेंकटरमन के बचपन के दोस्त एम. रामकृष्ण बताते हैं, ‘वेंकट हमेशा कहता था कि मेरे परिवार की स्थिति खराब है। मुझे उनका ख्याल रखना है। ज्यादा पैसे कमाने के लिए वो 2018 में विदेश चला गया।
पहले अफ्रीका में सेनेगल, इसके बाद टोगो, नाइजीरिया और माली गया। वो 6 महीने के कॉन्ट्रैक्ट पर जाता था, फिर 1-2 महीने के लिए घर आता था। 9 महीने पहले वो माली गया था।’
वेंकटरमन अभी डायमंड सीमेंट कंपनी में क्वालिटी चेक सुपरवाइजर थे।
वेंकटरमन की बहन जेमामणि बताती हैं, ‘भाई को घूमने का बड़ा शौक था। वो हमेशा नई जगह जाने की बात करते थे। मेरी बेटी 5-6 महीने की थी, तब मैं आखिरी बार उनसे मिली थी। वे हैदराबाद में मुझसे मिलने आए थे। 10-15 दिन हमारे साथ ही रुके।’
वेंकटरमन घर पर हर महीने 20-25 हजार रुपए भेजते थे। इसी से घर का खर्च चलता था। मां नरसम्मा बताती हैं, ‘मैंने बेटी की शादी के लिए 4 लाख रुपए कर्ज लिया था। वेंकटरमन ही इसे चुका रहा था।’
एक हफ्ते से ज्यादा हो गया, वेंकट के बारे में पता नहीं चल रहा है। उसका फोन भी नहीं आ रहा है। बस मेरा बेटा जल्दी से वापस आ जाए। मुझे उसी का इंतजार है।
वेंकटरमन के छोटे भाई पी. लंबोदर 21 साल के हैं। वे कहते हैं, ‘भैया की शादी नहीं हुई थी। वे कहते थे कि पहले घर बनवा लें। शादी फिर हो जाएगी। वे हमें अपने काम के बारे में ज्यादा नहीं बताते थे। हमें लगता है कि ब्लूस्टार कंपनी के जरिए वे माली गए होंगे। वहां उन्हें डायमंड सीमेंट कंपनी में काम मिला होगा।’
वहीं, गंजाम जिला परिषद की सदस्य प्रीति साहू कहती हैं, ‘इन हालात की वजह गरीबी है। गरीबी न होती, तो कोई बच्चा घर से बाहर इतनी दूर कमाने नहीं जाता। कंपनियां गांव के लोगों को बाहर लेकर जाती हैं, वे अपनी जिम्मेदारी सही तरीके से नहीं निभातीं। अब ब्लू स्टार कंपनी परिवार के लोगों से कह रही है कि आपने मामले को उजागर कर दिया है। हम आपको अब कोई जानकारी नहीं देंगे, ये सही नहीं है।’
परिवार का आरोप- दूतावास से मदद नहीं मिली
वेंकटरमन के बारे में पता चलने पर परिवार ने 4 जुलाई को गंजाम जिले के हिंजलीकाटू थाने में शिकायत दर्ज कराई और वेंकट को जल्द छुड़वाने की गुजारिश की। पुलिस ने कहा कि यह इंटरनेशनल इश्यू है। देखना होगा कि हम क्या कर सकते हैं।
इसके बाद बब्लू ने गंजाम के कलेक्टर दिव्य ज्योति परिड़ा से बात की। उन्होंने दूतावास में बात करने की सलाह दी। बब्लू ने ऑनलाइन दूतावास का नंबर निकाला और फोन किया। वे बताते हैं कि वहां किसी ने फोन नहीं उठाया। हमने मेल भी किया लेकिन जवाब नहीं आया।
हालांकि, 2 जुलाई को विदेश मंत्रालय ने कहा कि माली की राजधानी बमाको में भारतीय दूतावास माली के अफसरों, एजेंसियों और सीमेंट फैक्ट्री के मैनेजमेंट के साथ लगातार कॉन्टैक्ट में है। अधिकारियों ने अगवा किए गए वर्कर्स के परिवारों से भी कॉन्टैक्ट किया गया है।
इमने इस बारे में हिंजलीकाटू के तहसीलदार तपन कुमार महापात्रा से बात की। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि मैंने कलेक्टर साहब को रिपोर्ट भेज दी है।
माली में एक साथ सात शहरों पर आतंकियों का हमला
सात देशों से घिरा माली दुनिया के सबसे ज्यादा आतंकवाद प्रभावित देशों में शामिल है। भारतीय विदेश मंत्रालय की वेबसाइट के मुताबिक, यहां 561 भारतीय रहते हैं। माली में 2020 और 2021 में यहां सेना तख्तापलट कर चुकी है। आतंकवादी संगठन अल कायदा से जमात नुसरत अल-इस्लाम वाल-मुस्लिमीन सेना पर हमले कर रहा है।
नई दिल्ली, एजेंसी। बिहार में पटना, मुंगेर और भागलपुर समेत 14 जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। 40 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं। पांच हजार से ज्यादा स्कूल बाढ़ में डूबने के चलते बंद किए गए हैं।
राज्य में गंगा, कोसी और गंडक जैसी नदियां उफान पर हैं। इनके किनारे के 500 से ज्यादा श्मशान घाट डूबे हैं, जिसके चलते अंतिम संस्कार करने में परेशानी हो रही है।
यूपी में लगातार बारिश से नदियां उफान पर हैं। यहां 26 जिलों में बाढ़ से 4 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। बरेली में प्राचीन मंदिर रामगंगा नदी में समा गया। बाराबंकी में सरयू के पानी में करीब 12 मकान डूब गए।
इधर, एमपी और राजस्थान में फिलहाल बारिश का दौर थमा हुआ है। एमपी में अगले 3 दिन तेज बारिश की संभावना नहीं है। राजस्थान में 11 सितंबर से बारिश शुरू होने का अनुमान है। बुधवार को यहां 10 शहरों में तापमान 35 डिग्री से ऊपर रहा।
सैटेलाइट मैप में देखें मानसूनी बादलों की स्थिति
देशभर से मौसम की तस्वीरें
यूपी के गोंडा में घाघरा नदी के उफान पर आने से 30 गांव की 25 हजार आबादी बाढ़ से घिर गई है।
उत्तराखंड के बागेश्वर कपकोट रोड आरे के पास पहाड़ों से लगातर पत्थर गिरने से हाईवे बंद हो गया है।
बिहार के खगड़िया के गांवों में कमर तक पानी भर चुका है। आने-जाने के लिए नाव की मदद ले रहे हैं।
मध्यप्रदेश के इटारसी में तेज बारिश से सड़कों पर पानी भर गया।
गुजरात में शनिवार से तेज बारिश की के आसार
मौसम विभाग ने गुजरात में 12 सितंबर से भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वडोदरा समेत दक्षिण गुजरात के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, नवसारी, वलसाड और डांग में 13 सितंबर से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मानसून के लंबे ब्रेक के बाद फिर से बारिश की संभावना से किसानों को राहत मिल सकती है।
बिहार में बाढ़ से 43 लाख प्रभावित
बिहार में पिछले 5 दिनों से हो रही तेज बारिश के बाद 14 जिलों में करीब 43 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक, 14 जिलों के 84 प्रखंडों की 514 ग्राम पंचायतों में बाढ़ का असर है।
उत्तराखंड: नैनीताल-अल्मोड़ा और केदारघाटी में धुंध, देहरादून में बौछारें
पहाड़ी इलाकों में धुंध छाई हुई है। तस्वीर नैनीताल की है, जहां बुधवार को हल्की बारिश हुई।
उत्तराखंड के देहरादून, टिहरी, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में आज कहीं-कहीं भारी बारिश का अलर्ट है। वहीं हरिद्वार, पौड़ी और उत्तरकाशी में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-बौछारें पड़ सकती हैं। राज्य के बाकी हिस्सों में भी कई जगह हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश में कहीं-कहीं गरज के साथ आकाशीय बिजली और तेज बारिश हो सकती है।
एमपी: मानसून कमजोर, तेज बारिश का दौर थमा
मध्य प्रदेश में फिलहाल बारिश का कोई सक्रिय सिस्टम नहीं है, जिसके चलते तेज बारिश का दौर थम गया है। बुधवार को प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में तेज धूप रही। गुरुवार को भी मौसम ऐसा ही रहने का अनुमान है। कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन तेज बारिश का कोई अलर्ट नहीं है।
बिहार: 14 जिलों में 41 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित, भागलपुर में यूनिवर्सिटी डूबी
बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाकों में अब पानी उतरने लगा है, लेकिन 14 जिलों की 517 पंचायतों में अब भी बाढ़ की स्थिति गंभीर है। करीब 41.45 लाख लोग प्रभावित हैं। पटना से मुंगेर तक गंगा का जलस्तर घटा है, जबकि भागलपुर के कहलगांव में पानी 4 सेमी बढ़ा है। तिलकामांझी यूनिवर्सिटी में गंगा का पानी घुसने से शिक्षक और छात्र नाव से आ-जा रहे हैं।
यूपी: 26 जिलों में बाढ़, आज 36 जिलों में बारिश
यूपी के 36 जिलों में आज बारिश का अलर्ट है, इनमें 22 जिलों में तेज बारिश की संभावना है। बीते 24 घंटे में 32 जिलों में 2.3 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई। 1 जून से अब तक प्रदेश में 651.5 मिमी बारिश हो चुकी है, यानी मानसून की बारिश का कोटा पूरा हो चुका है। लगातार बारिश से 26 जिले बाढ़ की चपेट में हैं और करीब 4 लाख लोग प्रभावित हैं।
राजस्थान: कल से फिर बारिश का दौर, 10 शहरों में पारा 35° पार
मौसम विभाग ने राजस्थान में 11 सितंबर से बारिश का दौर शुरू होने की संभावना जताई है। शुक्रवार को 5 जिलों में तेज बारिश का यलो अलर्ट है। इसके बाद 12 और 13 सितंबर को भरतपुर, जयपुर, अजमेर, कोटा और उदयपुर संभाग के इलाकों में भी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। प्रदेश के 10 शहरों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया।
पटना, एजेंसी। IRCTC मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लालू परिवार की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने गुरुवार को लालू, तेजस्वी, राबड़ी समेत 9 लोगों के खिलाफ आरोप तय कर दिए। कोर्ट ने 7 आरोपियों को बरी कर दिया है।
इस मामले ED 16 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। इस मामले में अगली सुनवाई 3 अक्टूबर को होगी।
कोर्ट ने कहा-
राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव पर अपराध से इनकम और पद के गलत इस्तेमाल का मजबूत शक है। दोनों पटना की उस जमीन का फायदा उठा रहे हैं, जिसे कथित तौर पर 2005 से 2014 के बीच लालू यादव के कहने पर उनके पक्ष में ट्रांसफर किया गया था। तब लालू रेल मंत्री थे।
निचली अदालत के आदेश को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी थी
लालू परिवार ने निचली अदालत के अक्टूबर 2025 के उस आदेश को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप तय किए गए थे।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इस याचिका का विरोध करते हुए अदालत में कहा कि उनके पास मामले से जुड़े पर्याप्त और पुख्ता सबूत मौजूद हैं। CBI ने कहा कि जांच में कई अहम दस्तावेज और साक्ष्य सामने आए हैं, जो आरोपों को मजबूत करते हैं।
ED ने दाखिल की है चार्जशीट
जांच एजेंसियों के अनुसार, इन होटलों और उनसे जुड़ी जमीनों को निजी कंपनियों को नियमों की अनदेखी करते हुए पट्टे पर दिया गया। इस प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव था और इससे कुछ निजी कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने लालू प्रसाद यादव परिवार समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इसमें पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया है।
मामला उस समय का है जब लालू प्रसाद यादव केंद्र सरकार में रेल मंत्री थे। आरोप है कि उनके कार्यकाल के दौरान IRCTC के तहत आने वाले रांची और पुरी स्थित दो होटलों के टेंडर में अनियमितताएं की गईं।
16 आरोपी और कंपनियां मामले में शामिल
इस मामले में लारा प्रोजेक्ट्स, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, लालू प्रसाद यादव, सरला गुप्ता, प्रेम चंद गुप्ता, गौरव गुप्ता, नाथ मल ककरानिया, राहुल यादव, विजय त्रिपाठी, देवकी नंदन तुलस्यान, सुजाता होटल्स, विनय कोचर, विजय कोचर, राजीव कुमार रेलन और अभीषेक फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड आरोपी हैं। इनमें से कोर्ट ने 7 लोगों को आरोपों से मुक्त कर दिया है।
कोर्ट ने कहा- लालू को साजिश का पता था
राउज एवेन्यू कोर्ट ने 13 अक्टूबर को कहा था कि इस पूरे टेंडर घोटाले की साजिश लालू यादव की जानकारी में रची गई। अदालत के अनुसार, टेंडर प्रक्रिया में उनका हस्तक्षेप था और इससे उनके परिवार को आर्थिक फायदा हुआ।
कोर्ट ने इसी आधार पर लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव को आरोपी मानते हुए उनके खिलाफ मुकदमा चलाने का फैसला लिया था।
लालू परिवार ने आरोपों को बताया निराधार
दूसरी ओर, लालू प्रसाद यादव ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि यह मामला राजनीतिक साजिश के तहत उन्हें और उनके परिवार को फंसाने के लिए बनाया गया है। उन्होंने अदालत में भी अपनी बेगुनाही का दावा किया है।
नई दिल्ली, एजेंसी। भारत के पास 190 परमाणु हथियार हैं। अगले कुछ सालों में यह 35 और बना सकता है, इस तरह यह संख्या 225 तक पहुंच सकती है। यह जानकारी अमेरिकी थिंक टैंक फेडरेशन ऑफ अमेरिकन साइंटिस्ट्स (FAS) की नई रिपोर्ट में सामने आई है।
इस रिपोर्ट के अनुसार, भारत समुद्र से परमाणु हमला करने की क्षमता को भी लगातार मजबूत कर रहा है। परमाणु ऊर्जा से चलने वाली बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियों के बेड़े के जरिए भारत समुद्र में अपना ‘न्यूक्लियर कवच’ बना रहा है।
इन 190 परमाणु हथियारों में से 160 से ज्यादा मौजूदा मिसाइलों के लिए हैं, बाकी नई मिसाइलों के लिए तैयार रखे गए हैं। FAS का अनुमान है कि आने वाले समय में भारत के परमाणु हथियारों की संख्या बढ़ सकती है।
भारत के पास 730 किलो प्लूटोनियम
भारत लगातार अपनी परमाणु ताकत को आधुनिक बना रहा है। पिछले कुछ वर्षों में कई नए परमाणु सक्षम हथियार सेना में शामिल किए गए हैं। वहीं, कुछ नए हथियार सिस्टम अभी तैयार किए जा रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, 2026 की शुरुआत तक भारत के पास करीब 730 किलो हथियार बनाने वाला प्लूटोनियम होने का अनुमान है। इतने प्लूटोनियम से 225 तक वॉरहेड बनाए जा सकते हैं। हालांकि रिपोर्ट खुद साफ करती है कि यह सिर्फ अनुमान है, वास्तविक संख्या वॉरहेड के डिजाइन और रिजर्व में रखी सामग्री पर निर्भर करती है।
रिपोर्ट में अग्नि-V का भी जिक्र: एक मिसाइल, कई निशाने
FAS की रिपोर्ट में अग्नि-V बेहतर बनाने का भी जिक्र है। कहा गया है कि इस मिसाइल में MIRV तकनीक का परीक्षण किया गया है। इसका मतलब एक मिसाइल में कई ऐसे वॉरहेड ले जाने की क्षमता विकसित करना है, जिन्हें अलग-अलग लक्ष्यों की ओर भेजा जा सकता है।
2024 के बाद मई 2026 में भी कई पेलोड के साथ परीक्षण हुआ। FAS का अनुमान है कि अग्नि-V संभवतः तीन वॉरहेड ले जा सकती है, हालांकि ऐसा करने पर इसकी अधिकतम रेंज प्रभावित हो सकती है।
नया रिएक्टर भी गेमचेंजर
अप्रैल 2026 में भारत के 500 मेगावाट प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (PFBR) ने पहली बार क्रिटिकलिटी हासिल की। FAS के अनुमान के मुताबिक 80% क्षमता पर चलने पर यह सालाना करीब 140 किलो प्लूटोनियम-239 पैदा कर सकता है। इससे करीब 35 वॉरहेड बन सकते हैं। आगे ऐसे और फास्ट ब्रीडर रिएक्टरों की योजना है।
मार्च, 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर के नियंत्रण कक्ष का दौरा किया था।
जमीन के साथ समुद्र में भी बढ़ रही ताकत
FAS के मुताबिक, भारत अपनी न्यूक्लियर ट्रायड को भी मजबूत कर रहा है। इसका मतलब है कि देश जमीन, हवा और समुद्र तीनों माध्यमों से परमाणु हथियार इस्तेमाल करने की क्षमता विकसित कर रहा है।
भारत ने अप्रैल 2026 में अपनी तीसरी स्वदेशी परमाणु ऊर्जा से चलने वाली बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी INS अरिधमान को कमीशन किया। FAS के मुताबिक इस पनडुब्बी में 8 मिसाइल ट्यूब हैं, यह क्षमता INS अरिहंत और INS अरिघात में मौजूद संख्या से दोगुनी है। अरिहंत- क्लास पनडुब्बी, INS अरिसुदन पनडुब्बियों को 2027 में कमीशन किए जाने की योजना है।
भारत का फोकस अब लंबी दूरी की मिसाइलों पर
FAS के मुताबिक, भारत की परमाणु नीति लंबे समय से पाकिस्तान को ध्यान में रखकर बनाई गई है। लेकिन अब भारत लंबी दूरी की मिसाइलें और समुद्र से परमाणु हमला करने की क्षमता भी बढ़ा रहा है। इससे भारत की परमाणु ताकत का फोकस चीन तक भी बढ़ रहा है। भारत की घोषित नीति ‘नो फर्स्ट यूज’ की है। यानी भारत पहले परमाणु हथियार इस्तेमाल नहीं करने की बात कहता है। इसके बावजूद, नए मिसाइल सिस्टम और परमाणु हथियारों के आधुनिकीकरण से दक्षिण एशिया में परमाणु ताकत का संतुलन बदल रहा है।
दुनिया के 9 देशों के पास कुल 12,187 परमाणु हथियार
SIPRI इयरबुक 2026 के अनुसार फ्रांस, चीन, भारत,पाकिस्तान,उत्तर कोरिया और इजराइल के पास कुल 12,187 परमाणु हथियार हैं। इसमें से 9,745 इस्तेमाल के लिए तैयार हैं।