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छत्तीसगढ़

आतंकियों ने रायपुर के कारोबारी को बच्चों के सामने मारी-गोली:रायपुर-भिलाई के 70 लोग फंसे, श्रीनगर में सुरक्षित ठहराया गया, पहलगाम में बाजार-पर्यटन स्थल बंद

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रायपुर,एजेंसी। जम्मू कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को आतंकियों ने रायपुर के स्टील कारोबारी दिनेश मिरानिया की गोली मारकर हत्या कर दी। आतंकियों ने पत्नी, बेटे और बेटी के आंखों के सामने गोली मारी। मृतक का पार्थिव शरीर दिल्ली से फ्लाइट से रायपुर लाया जाएगा, जो रात 8 बजे पहुंचेगी।

मिली जानकारी के मुताबिक दिनेश मिरानिया (45) को जिस दिन गोली मारी गई, उसी दिन उनकी शादी की सालगिरह थी। वह परिवार के साथ खुशियां मनाने बैसरन घाटी गए थे। वहां पत्नी नेहा, बेटा शौर्य और बेटी लक्षिता के साथ सेलीब्रेट कर रहे थे, तभी आतंकियों ने गोलियों से भून डाला।

पहलगाम में दिनेश मिरानिया की पत्नी और बच्चों से गृहमंत्री अमित शाह मिले। शाह ने कहा कि हमले में अपनों को खोने का दर्द हर भारतीय को है। बेगुनाह मासूम लोगों को मारने वाले आतंकियों को बख्शा नहीं जाएगा।

पर्यटकों को पहलगाम जाने की अनुमति नहीं

कश्मीर में मौजूद छत्तीसगढ़ के पत्रकार रामअवतार तिवारी ने बताया कि पहलगाम घूमने के लिए जा रहे थे, लेकिन हमें सुरक्षाबलों ने रास्ते में ही रोक दिया। फायरिंग के बाद सुरक्षाबल सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। इस वजह से पर्यटकों को वहां जाने की अनुमति नहीं है।

उन्होंने बताया कि पहलगाम को खाली कराया गया है। सभी बाजार और पर्यटक क्षेत्र बंद कर दिए गए हैं। हम इस वक्त कश्मीर के श्रीनगर के एक होटल में हैं। स्थिति सामान्य होने पर वापस छत्तीसगढ़ आएंगे। CM साय ने फोन से हाल-चाल लिया। फिलहाल हम सभी सुरक्षित हैं।

मारे गए लोगों के परिवारों को 10-10 लाख मुआवजा

वहीं जम्मू-कश्मीर सरकार ने पहलगाम हमले में मारे गए लोगों के परिवारों के लिए 10-10 लाख रुपए की सहायता राशि की घोषणा की है। साथ ही गंभीर रूप से घायलों को 2 लाख और मामूली घायलों को 1 लाख रुपए मुआवजे का ऐलान किया है। वहीं रायपुर-भिलाई के करीब 70 लोग श्रीनगर में फंसे हैं। एक होटल में रोका गया है।

दिनेश मिरानिया के परिवार की तस्वीरें देखिए

दिनेश मिरानिया की पत्नी नेहा और बेटे-बेटी ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की।

दिनेश मिरानिया की पत्नी नेहा और बेटे-बेटी ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की।

अमित शाह ने मिरानिया के परिवार से कहा कि-बेगुनाह मासूम लोगों को मारने वाले इन आतंकियों को बिल्कुल बख्शा नहीं जाएगा।

अमित शाह ने मिरानिया के परिवार से कहा कि-बेगुनाह मासूम लोगों को मारने वाले इन आतंकियों को बिल्कुल बख्शा नहीं जाएगा।

दिनेश मिरानिया की पत्नी, बेटी और बेटे की तस्वीर है। तीनों कश्मीर में हैं।

दिनेश मिरानिया की पत्नी, बेटी और बेटे की तस्वीर है। तीनों कश्मीर में हैं।

स्टील कारोबारी दिनेश मिरानिया की पत्नी, बेटी और बेटे की तस्वीर।

स्टील कारोबारी दिनेश मिरानिया की पत्नी, बेटी और बेटे की तस्वीर।

11 पर्यटकों को कपड़ा व्यवसायी नजाकत अली ने बचाया

आतंकी हमले में चिरमिरी के 4 परिवारों के 11 लोग भी फंस गए थे। इनमें 3 बच्चे भी शामिल थे। सभी गर्मी की छुट्टियां मनाने 18 अप्रैल को चिरमिरी से जम्मू-कश्मीर के लिए रवाना हुए थे। 21 अप्रैल को सभी पहलगाम पहुंच थे।

पर्यटकों में शिवांश जैन, हैप्पी वधावन, अरविंद अग्रवाल और कुलदीप स्थापक अपने परिवारों के साथ पहलगाम पहुंचे थे। हमले के समय सभी लोग पहलगाम में ही थे। शिवांश जैन ने बताया कि भू-स्खलन के कारण सड़क पर जाम लगा था। सड़क के दोनों ओर पर्यटकों की भीड़ थी, तभी अचानक फायरिंग शुरू हो गई।

कारोबारी दिनेश मिरानिया के घर के बाहर की तस्वीरें

कारोबारी दिनेश मिरानिया के घर पर कोई नहीं है। परिजन कश्मीर के लिए रवाना हो गए हैं।

कारोबारी दिनेश मिरानिया के घर पर कोई नहीं है। परिजन कश्मीर के लिए रवाना हो गए हैं।

कारोबारी दिनेश मिरानिया के घर के बाहर उनके रिश्तेदार जुटे।

कारोबारी दिनेश मिरानिया के घर के बाहर उनके रिश्तेदार जुटे।

रायपुर SSP लाल सिंह उम्मेद और कलेक्टर गौरव सिंह मिरानिया के घर के बाहर पहुंचे।

रायपुर SSP लाल सिंह उम्मेद और कलेक्टर गौरव सिंह मिरानिया के घर के बाहर पहुंचे।

रिश्तेदार के यहां चल रही थी भागवत कथा

दिनेश के चाचा के भाई मनीष सिंघानियां ने बताया कि रिश्तेदार के यहां भागवत कथा चल रही है। दिनेश को कथा में भी शामिल होना था। पूरा परिवार रविवार सुबह रवाना हुआ। रविवार को ही देर शाम जम्मू पहुंच गए थे। सोमवार को रिश्तेदार के घर पूजा में शामिल हुए।

उन्होंने बताया कि मंगलवार सुबह पुलवामा के बैसरन घाटी पहुंचे। वे बच्चों के साथ घूम रहे थे। दोपहर को आतंकियों ने घेरेबंदी की हमला कर दिया। पत्नी नेहा, बेटा शौर्य और बेटी लक्षिता के सामने ही उन्होंने दिनेश को गोली मारी। दिनेश को गंभीर हालत में सेना के अस्पताल ले जाया गया। उस समय तक हम सबको उम्मीद थी हमारा दिनेश बच जाएगा।

दिनेश मिरानिया और पत्नी नेहा मिरानिया की फाइल फोटो है।

दिनेश मिरानिया और पत्नी नेहा मिरानिया की फाइल फोटो है।

बच्चों को लेकर भागी, तब बची जान

नेहा मिरानिया उर्फ नेहा अग्रवाल ने ही पति की मौत की खबर रायपुर में अपने रिश्तेदारों को दी। नेहा ने रिश्तेदारों को फोन पर जो बताया उसके अनुसार… दोपहर में हम चारों बैसरन घाटी घूम रहे थे। अच्छा लोकेशन देखकर दिनेश बच्चों के साथ फोटो ले रहे थे।

वहां चारों ओर और भी कई लोग मौजूद थे, तभी घाटियों से हथियारों से लैंस आतंकी आए। पहले तो हम समझे नहीं वो कौन लोग हैं। करीब आते ही उन्होंने एकाएक हमला कर दिया। इस दौरान उन्होंने कुछ लोगों को नाम पूछा और गोली मार दी। वो सिर्फ पुरुषों को ही निशाना बना रहे थे।

हमले के दौरान वहां चीख पुकार और भगदड़ मच गई। इस बीच कुछ स्थानीय लोग सामने आए उन्होंने महिला और बच्चों को बचाया। उसी दौरान मुझे भी बच्चों के साथ भागने का मौका मिला, फिर हम वहां से सेना के कैंप में गए। जहां सभी को सुरक्षित रखा गया।

दिनेश मिरानिया की पत्नी, बेटी और बेटे की तस्वीर है। चारों घूमने के लिए पहलगाम गए थे।

दिनेश मिरानिया की पत्नी, बेटी और बेटे की तस्वीर है। चारों घूमने के लिए पहलगाम गए थे।

मिरानिया की पत्नी को आई चोट

कारोबारी की पत्नी नेहा को चेहरे में गहरी चोट आई है। बच्चे भी जख्मी हुए हैं। नेहा के चेहरे में बारुद के छींटे पड़े हैं। मौत का मंजर देखने से सभी डरे-सहमे हैं। बच्चे तो फोन पर भी किसी से बात करने की स्थिति में नहीं है।

चार भाइयों में छोटे थे दिनेश मिरानिया

दिनेश का स्टील का कारोबार है। दिनेश चार भाइयों में सबसे छोटे थे। वह परिवार के साथ समता कॉलोनी में रहते थे। एक भाई की पहले ही मौत हो गई है। उसके 2 बड़े भाई हैं। यह परिवार मूलत: ओडिशा का रहने वाला है। कई साल पहले रायपुर आकर बस गया।

बेटा बेंगलुरु में पढ़ता है, छुट्टियां मनाने आया था

दिनेश का बेटा शौर्य बेंगलुरु में 12वीं की पढ़ाई कर रहा है, जबकि बेटी रायपुर में 9वीं कक्षा में पढ़ाई करती है। पत्नी नेहा गृहिणी है। अभी छुट्टियां चल रही हैं। इसी वजह से उसने औन पत्नी ने छुट्टियों में एक साथ घूमने जाने का प्लान बनाया था, लेकिन आतंकी हमले का शिकार हो गए।

महिलाओं को बचाकर सेना कैंप ले जाते हुए स्थानीय लोग और सेना के जवान।

महिलाओं को बचाकर सेना कैंप ले जाते हुए स्थानीय लोग और सेना के जवान।

मोदी बोले- आतंकियों को बख्शा नहीं जाएगा

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि, पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा करता हूं। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। इस जघन्य कृत्य के पीछे जो लोग हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। उनका नापाक मंसूबा कभी कामयाब नहीं होगा। आतंकवाद से लड़ने का हमारा संकल्प अडिग है और यह और भी मजबूत होगा।

राहुल गांधी ने कहा कि, आतंक के खिलाफ पूरा देश एकजुट है। सरकार जम्मू-कश्मीर में हालात सामान्य होने के खोखले दावों के बजाय अब जवाबदेही लेते हुए ठोस कदम उठाए, ताकि आगे ऐसी बर्बर घटनाएं न होने पाएं।

इमरजेंसी हेल्प डेस्क नंबर

अनंतनाग पुलिस ने पर्यटकों के लिए दो हेल्पलाइन नंबर 9596777669 और 01932225870 जारी किए हैं। इसके अलावा वॉट्सऐप नंबर 9419051940 जारी किया है। श्रीनगर पुलिस की हेल्प डेस्क इमरजेंसी नंबर 0194-2457543, 0194-2483651, एडीसी श्रीनगर आदिल फरीद का नंबर 7006058623 जारी किया है।

पहलगाम के बैसरन घाटी इलाके में आर्मी की ड्रेस में आए दो आतंकियों ने फायरिंग की।

पहलगाम के बैसरन घाटी इलाके में आर्मी की ड्रेस में आए दो आतंकियों ने फायरिंग की।

हमले में 27 टूरिस्ट की मौत

दरअसल, जम्मू-कश्मीर में आतंकियों ने मंगलवार को पर्यटकों पर फायरिंग की, जिसमें 27 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में एक इटली और एक इजराइल का पर्यटक और 2 स्थानीय नागरिक शामिल हैं। बाकी पर्यटक गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु और ओडिशा के हैं।

घटना मंगलवार दोपहर करीब 2.45 बजे पहलगाम की बैसारन घाटी में हुई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आतंकियों ने एक टूरिस्ट से नाम पूछा, फिर उसके सिर में गोली मार दी। इसके बाद दूसरे पर्यटकों पर फायरिंग करते हुए भाग निकले। हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा ने ली है।

घटना के बाद सुरक्षाबलों ने पहलगाम में हमले वाले इलाके को घेर लिया है। हेलिकॉप्टर से भी नजर रखी जा रही है।

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छत्तीसगढ़

रायपुर : मुख्य सचिव ने SASCI 2026-27 के तहत सुधार कार्यों की प्रगति की समीक्षा की

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समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने और विभागवार मासिक कार्ययोजना तैयार करने के दिए निर्देश

मुख्य सचिव ने SASCI 2026-27 के तहत सुधार कार्यों की प्रगति की समीक्षा की

रायपुर। मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर में राज्यों को पूंजीगत निवेश हेतु विशेष सहायता योजना (SASCI) 2026-27 के अंतर्गत विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे सुधार कार्यों एवं उनके क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में मुख्य सचिव ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि लंबित कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से विभागवार मासिक कार्ययोजना तैयार कर उसके अनुसार कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा, ताकि योजना के तहत तय लक्ष्यों को समय पर हासिल किया जा सके।
बैठक में राज्यों को पूंजीगत निवेश हेतु विशेष सहायता योजना (SASCI) 2026-27 के तहत जारी दिशा-निर्देशों एवं विभिन्न परिचालन गाइडलाइंस के अनुरूप विभागवार सुधार कार्यों की प्रगति, अब तक की उपलब्धियों तथा आगामी कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, समयबद्ध लक्ष्य-पूर्ति तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
बैठक में वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, मुख्यमंत्री एवं वाणिज्यिक कर विभाग के सचिव मुकेश कुमार, कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव रजत कुमार, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस.भारतीदासन, नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव सुश्री आर.शंगीता, राजस्व विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव अमित कटारिया, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुलहक, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. सारांश मित्तर, वित्त विभाग के विशेष सचिव चंदन कुमार, प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल विवेक आचार्य सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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रायपुर : ‘भारत भाग्य विधाता‘ फिल्म के लेखक-निर्देशक मनोज तापड़िया तथा फिल्म निर्माता आदि शर्मा ने की छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के एमडी विवेक आचार्य से सौजन्य मुलाकात

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चित्रोत्पला फिल्म सिटी के विकास,  फिल्म पर्यटन को बढ़ावा देने और छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माण के आकर्षक गंतव्य के रूप में विकसित करने पर हुई विस्तृत चर्चा

रायपुर। छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख फिल्म निर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड में चित्रोत्पला फिल्म सिटी के विकास को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। रायपुर में आयोजित इस बैठक में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य से भारत भाग्य विधाता फिल्म के डायरेक्टर मनोज तापड़िया तथा फिल्म निर्माता आदि शर्मा ने सौजन्य भेंट कर राज्य में विकसित की जा रही चित्रोत्पला फिल्म सिटी की अवधारणा, उसकी संभावनाओं तथा भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि छत्तीसगढ़ की अनुपम प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहरें, जलप्रपात, वन क्षेत्र, जनजातीय संस्कृति तथा विविध प्राकृतिक लोकेशन राज्य को फिल्म निर्माण के लिए अत्यंत उपयुक्त बनाते हैं। इन विशेषताओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माताओं के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर राज्य को फिल्मांकन का आकर्षक गंतव्य बनाने की रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया।
चर्चा के दौरान चित्रोत्पला फिल्म सिटी को आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक ऐसे समग्र फिल्म परिसर के रूप में विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया, जहाँ फिल्म निर्माण से जुड़ी सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ उपलब्ध हों। साथ ही फिल्म पर्यटन को बढ़ावा देने, राज्य में फिल्म निर्माण गतिविधियों का विस्तार करने तथा इस क्षेत्र में निजी और संस्थागत सहयोग की संभावनाओं पर भी विस्तार से मंथन हुआ।

प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने कहा कि चित्रोत्पला फिल्म सिटी का विकास छत्तीसगढ़ के फिल्म और पर्यटन क्षेत्र के लिए मील का पत्थर सिद्ध होगा। इससे राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी, फिल्म निर्माण गतिविधियों को गति मिलेगी तथा स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों, रचनात्मक युवाओं और फिल्म से जुड़े अन्य पेशेवरों के लिए रोजगार एवं कौशल विकास के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि फिल्म उद्योग के विकास से पर्यटन, आतिथ्य, परिवहन, हस्तशिल्प और स्थानीय व्यवसायों को भी व्यापक लाभ मिलेगा, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति प्राप्त होगी।
बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी कि छत्तीसगढ़ को एक उभरते हुए फिल्म निर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए फिल्म उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों, निर्माताओं और निर्देशकों के साथ निरंतर संवाद एवं सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। राज्य की प्राकृतिक संपदा, सांस्कृतिक विविधता और विकसित की जा रही आधुनिक फिल्म अवसंरचना के समन्वय से छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माण के लिए एक पसंदीदा गंतव्य बनाने की दिशा में ठोस प्रयास किए जाएंगे। बैठक में चित्रोत्पला फिल्म सिटी के विकास, फिल्म पर्यटन के विस्तार तथा भविष्य में फिल्म निर्माण और पर्यटन संवर्धन के क्षेत्र में पारस्परिक सहयोग की व्यापक संभावनाओं पर सहमति व्यक्त की गई।

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छत्तीसगढ़

रायपुर : विशेष लेख : प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण का अनूठा संगम है नंदनवन जंगल सफारी

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320.15 हेक्टेयर में फैला नंदनवन जंगल सफारी बना प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों का पसंदीदा केंद्र

  •  धनंजय राठौर ,संयुक्त संचालक, जनसंपर्क
  •  अशोक कुमार चंद्रवंशी, सहायक जनसंपर्क अधिकारी
 नंदनवन जंगल सफारी नवा रायपुर

नंदनवन जंगल सफारी नवाँ रायपुर में पर्यटकों के लिए कई प्रकार की रोमांचक सफारी राइड्स उपलब्ध हैं, जिनमें शाकाहारी सफारी, टाइगर सफारी, भालू सफारी और लायन सफारी प्रमुख हैं। इसके अलावा यहाँ एक छोटा चिड़ियाघर (नंदनवन जू) भी है।
छत्तीसगढ़ की राजधानी नवा रायपुर (अटल नगर) के सेक्टर-39 में स्थित नंदनवन जंगल सफारी राज्य के प्रमुख पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण केंद्रों में शामिल है। 320.15 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला यह विशाल परिसर प्रकृति प्रेमियों, वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। यहां वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ पर्यटकों को प्राकृतिक वातावरण में वन्यजीवों को देखने और उनके बारे में जानने का अवसर मिलता है।

 नंदनवन जंगल सफारी नवा रायपुर
मिनी जू से जंगल सफारी तक का सफर
    नंदनवन की शुरुआत वर्ष 1979 में रायपुर में ‘नंदनवन मिनी जू’ के रूप में हुई थी। यह वन्यजीवों के रेस्क्यू और राहत केंद्र के रूप में विकसित किया गया था। वर्ष 2008 में केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (सीजेडए) ने इसे आधिकारिक रूप से ‘मिनी जू’ की मान्यता दी।
    इसके बाद नवा रायपुर में आधुनिक और विशाल जंगल सफारी विकसित करने के लिए वर्ष 2012 से 2015 के बीच 320.15 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई। 1 नवंबर 2016 को छत्तीसगढ़ राज्य के 16वें स्थापना दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नंदनवन जंगल सफारी का उद्घाटन किया।

320.15 हेक्टेयर में फैला नंदनवन जंगल सफारी बना प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों का पसंदीदा केंद्र
वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण शिक्षा पर विशेष जोर
    नंदनवन जंगल सफारी का मुख्य उद्देश्य वन्यजीवों का संरक्षण, दुर्लभ प्रजातियों का संरक्षण एवं प्रजनन और लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। यहां वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक वातावरण के अनुरूप सुरक्षित और तनावमुक्त आवास उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है।
    विद्यार्थियों और पर्यटकों को वन्यजीवों तथा जैव विविधता के महत्व की जानकारी देने के लिए यहां विभिन्न पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।
पांच प्रमुख सफारी जोन हैं आकर्षण का केंद्र
    नंदनवन जंगल सफारी को वन्यजीवों की सुरक्षा और पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग जोन में विकसित किया गया है।

320.15 हेक्टेयर में फैला नंदनवन जंगल सफारी बना प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों का पसंदीदा केंद्र
शाकाहारी सफारी
    30.89 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले इस जोन में चीतल, सांभर, नीलगाय और काला हिरण जैसे वन्यजीव प्राकृतिक वातावरण में विचरण करते हैं।
भालू सफारी
    20.03 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित भालू सफारी पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है। यहां भालुओं को प्राकृतिक वातावरण में देखने का अवसर मिलता है।
बाघ सफारी
    20.04 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली बाघ सफारी में पर्यटक देश के राष्ट्रीय पशु बाघ को करीब से देखने का रोमांचक अनुभव प्राप्त करते हैं।
सिंह सफारी
    20.01 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित सिंह सफारी में एशियाई शेरों का संरक्षण किया जा रहा है।
जू जोन
    50 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले जू जोन में विभिन्न प्रजातियों के पक्षी, सरीसृप और अन्य वन्यजीव आकर्षण का केंद्र हैं।

दुर्लभ और विशेष वन्यजीवों का भी संरक्षण
    नंदनवन जंगल सफारी में विभिन्न चिड़ियाघरों के साथ पशु विनिमय कार्यक्रम के माध्यम से कई दुर्लभ और विशेष वन्यजीवों को लाया गया है। यहां सफेद बाघ, दरियाई घोड़ा, घड़ियाल और क्लोन जंगली भैंसा ‘दीपाशा’ जैसे वन्यजीव पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण हैं।
देश-विदेश से पहुंचते हैं पर्यटक
    वनमंडलाधिकारी थेजस शेखर ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप की मंशानुरूप नंदनवन जंगल सफारी पर्यटकों के बीच लगातार लोकप्रिय हो रहा है। गौरतलब है कि वर्ष 2018-19 में ही देश-विदेश से 1 लाख 74 हजार 611, वर्ष 2019-20 में 1 लाख 60 हजार 767 ,वर्ष 2020-21 में 1 लाख 60 हजार 32, वर्ष 2021-22 में 1 लाख 73 हजार 72, वर्ष 2022-23 में 2 लाख 77 हजार 881, वर्ष 2023-24 में 2 लाख 62 हजार 486, वर्ष 2024-25 में 2 लाख 70 हजार 942, वर्ष 2025-26 में 3 लाख 24 हजार 785, से अधिक पर्यटकों ने जंगल सफारी का भ्रमण किया। यह आंकड़ा इसकी बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है।
जैव विविधता संरक्षण के प्रति जागरूकता का केंद्र
    नंदनवन जंगल सफारी में अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस, विश्व बाघ दिवस और वन्यजीव सप्ताह जैसे महत्वपूर्ण अवसरों पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन आयोजनों के माध्यम से लोगों, विद्यार्थियों और पर्यटकों को वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाता है।
रायपुर से आसान पहुंच
    नंदनवन जंगल सफारी नवा रायपुर (अटल नगर) के सेक्टर-39 में स्थित है। यह स्वामी विवेकानंद अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे, रायपुर से लगभग 15 किलोमीटर और रायपुर रेलवे स्टेशन से लगभग 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। जंगल सफारी प्रत्येक सोमवार को बंद रहती है।
वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण शिक्षा का ऐसा अनूठा केंद्र
नंदनवन जंगल सफारी आज छत्तीसगढ़ में पर्यटन, वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण शिक्षा का ऐसा अनूठा केंद्र बन चुका है, जहां प्रकृति के करीब पहुंचकर वन्यजीवों को देखने के साथ-साथ उनके संरक्षण का संदेश भी मिलता है ।

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