देश
टेस्ला कार फैक्ट्री से बिना ड्राइवर मालिक के घर पहुंची:ऐसा दुनिया में पहली बार हुआ, ऑटो ड्राइव कार की शुरुआती कीमत ₹34 लाख
नई दिल्ली,एजेंसी। दुनिया में पहली बार ऐसा हुआ जब कार खुद फैक्ट्री से बिना ड्राइवर के चलकर खरीदार के घर पहुंच गई। दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी इलॉन मस्क ने अपने जन्मदिन पर अपनी कंपनी टेस्ला की फुली ऑटोनॉमस (अपने-आप चलने वाली) कार की डिलीवरी की।
कस्टमर के घर पहुंचने वाली इलेक्ट्रिक कार ‘मॉडल Y’ है। टेस्ला ने कार की डिलीवरी का वीडियो X पर शेयर किया है। इसमें कार को अपने आप चलते देखा सकता है। यह सिग्नल पर, किसी कार या व्यक्ति के सामने आने पर रुकती है और फिर आगे बढ़ जाती है।
डिलीवरी के दौरान 116kmph की स्पीड से चली कार
कंपनी ने ऑफिशियल पोस्ट में बताया कि हमने फुली सेल्फ ड्राइव कार मॉडल Y की पहली पहली डिलीवरी टेक्सास शहर में की है।
कार बिना किसी ड्राइवर या रिमोट ऑपरेटर के पार्किंग प्लेस, हाईवे और शहर की सड़कों से होते हुए अपने डेस्टिनेशन तक पहुंची।
ब्लूमबर्ग के अनुसार, टेस्ला के AI और ऑटोपायलट के प्रमुख अशोक एलुस्वामी ने कहा कि डिलीवरी के दौरान कार ने 72 मील प्रति घंटे (यानी 116kmph) की टॉप स्पीड हासिल की।
टेस्ला मॉडल Y की कीमत करीब 34 लाख रुपए
टेस्ला ने मॉडल Y को अपडेट कर फुली ऑटोनॉमस कार बनाया है। इसे पहली बार मार्च 2019 में लॉन्च किया गया था। दुनियाभर में मॉडल Y की कीमत 40,000 डॉलर (करीब 34 लाख रुपए) से शुरू होती है। ये 3 वैरिएंट- रियर व्हील ड्राइव, लॉन्ग रेंज और परफॉर्मेंस में अवेलेबल है। परफॉर्मेंस वर्जन 60,000 डॉलर (करीब 51 लाख रुपए) में आता है।
अमेरिका में टेस्ला की रोबोटैक्सी सर्विस शुरू
इससे पहले कंपनी ने 22 जून को रोबोटैक्सी सर्विस शुरू की थी, जिसमें कार अपने आप तो चल रही थी, लेकिन इसमें सेफ्टी के नजरिए से कंपनी का एक एक्सपर्ट बैठकर नजर रख रहा था।
कंपनी ने रोबोटैक्सी की एक राइड की कीमत 4.20 डॉलर यानी करीब 364 रुपए रखी है। ये गाड़ियां सुबह 6 बजे से रात 12 बजे तक ऑस्टिन के एक छोटे से इलाके में चल रही हैं।
हालांकि टेस्ला ने यह नहीं बताया है कि रोबोटैक्सी सर्विस आम लोगों के लिए कब खुलेगी, लेकिन मस्क ने जल्द ही सर्विस का विस्तार करने और अन्य अमेरिकी शहरों में भी शुरू करने का वादा किया है।

इस वीडियो में सामने से आने वाली कार को जगह देने के लिए रोबोटैक्सी रुक जाती है और कार निकलने के बाद लेफ्ट टर्न लेती है।

एक यूजर ने रात में रोबोटैक्सी की राइड का वीडियो X पर पोस्ट किया।
इलॉन मस्क बोले- ये 10 साल की मेहनत का परिणाम है
मस्क ने रोबोटैक्सी के लॉन्च के मौके पर टेस्ला AI की सॉफ्टवेयर और चिप डिजाइन टीम को बधाई दी और कहा कि ये 10 साल की मेहनत का परिणाम है। टेस्ला की टीम ने बिना किसी बाहरी मदद के AI चिप और सॉफ्टवेयर को खुद बनाया है। ऑटोनॉमस कार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेंसर, कैमरे, रडार और लिडार जैसी हाई-टेक तकनीकों का इस्तेमाल करके सड़क पर नेविगेट करती है।
वायमो पहले से ड्राइवरलेस गाड़ियां चला रही
गूगल की पेरेंट कंपनी अल्फाबेट के स्वामित्व वाली वायमो जैसी कंपनियों से टेस्ला की रोबोटैक्सी को कड़ी टक्कर मिलेगी। वायमो पहले से ही सैन फ्रांसिस्को, लॉस एंजिलिस, फीनिक्स और ऑस्टिन में 1500 से ज्यादा ड्राइवरलेस गाड़ियां चला रही है। जूक्स जैसी कंपनियां भी पूरी तरह ड्राइवरलेस गाड़ियां बना रही हैं, जिनमें स्टीयरिंग व्हील और पेडल्स तक नहीं हैं।
दो और प्रोजेक्ट पर काम कर रही टेस्ला
1. बिना स्टीयरिंग और पैडल वाली ‘साइबरकैब’
टेस्ला CEO ने पिछले साल अक्टूबर में अमेरिका के कैलिफोर्निया में हुए ‘वी-रोबोट’ इवेंट में AI फीचर वाली अपनी पहली रोबोटैक्सी ‘साइबरकैब’ का कॉन्सेप्ट मॉडल रिवील किया था।
दो सीट वाली इस टैक्सी में न तो स्टीयरिंग है, न ही पैडल। कंज्यूमर 30,000 डॉलर (करीब 25 लाख रुपए) से कम में टेस्ला साइबरकैब खरीद सकेंगे।

टेस्ला CEO इलॉन मस्क ने अक्टूबर में अपनी पहली रोबोटैक्सी ‘साइबरकैब’ का कॉन्सेप्ट मॉडल रिवील किया था।
साइबरकैब में न तो स्टीयरिंग, न ही पैडल
- साइबरकैब को चलाने की कॉस्ट 20 सेंट प्रति माइल यानी करीब 16 रुपए प्रति 1.6 किलोमीटर पड़ेगी।
- इसे चार्ज करने के लिए किसी तरह के प्लग की जरूरत नहीं होगी, यानी इसमें वायरलैस चार्जिंग दी गई है।
- साइबरकैब फुली सेल्फ ड्रिवन इलेक्ट्रिक कार है, जिसमें किसी तरह की स्टीयरिंग व्हील और पैडल नहीं है।
- कैबिन काफी कॉम्पैक्ट है और इसमें सिर्फ 2 पैसेंजर बैठ सकते हैं। डैशबोर्ड पर एक फ्लैट स्क्रीन दी गई है।

रोबोटैक्सी में सिर्फ दो लोग बैठ सकते हैं।
2. रोबोवैन भी लाएगी टेस्ला
टेस्ला ने अपने वी-रोबोट इवेंट में रोबोटैक्सी के साथ एक और ऑटोनॉमस व्हीकल ‘रोबोवैन’ को भी पेश किया था जो 20 लोगों को ले जाने में सक्षम है। इसमें सामान भी कैरी किया जा सकेगा। इसका इस्तेमाल स्पोर्ट्स टीम के ट्रांसपोर्टेशन के लिए किया जा सकता है।

टैक्सियों की एक फ्लीट डेवलप करना चाहते हैं इलॉन मस्क
मस्क का प्लान सेल्फ-ड्राइविंग टेस्ला टैक्सियों की एक फ्लीट डेवलप करना है। टेस्ला के ओनर्स अपने व्हीकल्स को पार्ट टाइम टैक्सियों के रूप में भी लिस्ट कर सकेंगे। यानी, जब ओनर्स अपनी कार उपयोग नहीं कर रहे हों तो नेटवर्क के जरिए पैसा कमा सकते हैं।
देश
महिला आरक्षण से जुड़ा बिल 54 वोट से गिरा:पास होने के लिए चाहिए थे 352, मिले 298; मोदी सरकार बिल पास कराने में पहली बार नाकाम
नई दिल्ली,एजेंसी। महिला आरक्षण बिल से जुड़ा संविधान (131वां) संशोधन बिल सरकार लोकसभा में पास नहीं करा पाई। इसमें संसद की 543 सीटें बढ़ाकर 850 करने का प्रावधान था। 21 घंटे की चर्चा के बाद वोटिंग हुई। लोकसभा में मौजूद 528 सांसदों ने वोट डाले। पक्ष में 298, विपक्ष में 230 वोट पड़े। बिल पास कराने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत थी। 528 का दो तिहाई 352 होता है। इस तरह ये बिल 54 वोट से गिर गया। लोकसभा में कुल 543 सीटें हैं, लेकिन 3 सीटें खाली होने की वजह से मौजूदा सांसद 540 है।

सरकार ने दो बिल वोटिंग के लिए पेश ही नहीं किए
पहला- परिसीमन संशोधन संविधान बिल 2026
दूसरा- केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल 2026
सरकार ने इन पर वोटिंग से इनकार किया। कहा कि ये बिल एक-दूसरे से लिंक है इसलिए वोटिंग की जरूरत नहीं है।
12 साल के शासन में यह पहला मौका जब मोदी सरकार सदन में कोई बिल पास नहीं करा पाई। इससे पहले अमित शाह ने एक घंटा स्पीच दी थी। कहा कि अगर ये बिल पास नहीं होते हैं तो जिम्मेदारी विपक्ष की होगी। देश की महिलाएं देख रही हैं कि उनकी राह का रोड़ा कौन है।
बिल गिरने के बाद विपक्ष ने कहा- हमने हरा दिया
- राहुल गांधी ने कहा- हमने संविधान पर हुए हमले को हरा दिया है। हमने साफ कहा है कि यह महिला आरक्षण बिल नहीं है, बल्कि यह भारत की राजनीतिक संरचना को बदलने का एक तरीका है।
- प्रियंका ने कहा– यह हमारे लोकतंत्र और देश की एकता के लिए एक बड़ी जीत है। जैसा कि मैंने अंदर कहा, यह संविधान पर हमला था, और हमने इसे विफल कर दिया है, जो कि एक अच्छी बात है।
- शशि थरूर ने कहा– हमने हमेशा कहा है कि हम महिला आरक्षण का पूर्ण समर्थन करते हैं और आज भी इसके पक्ष में मतदान करने को तैयार हैं। हालांकि, इसे परिसीमन से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
- एमके स्टालिन ने कहा- 23 अप्रैल को हम दिल्ली का अहंकार और उस अहंकार का समर्थन करने वाले गुलामों को हराएंगे।
संसद के बाहर भाजपा महिला सांसदों के प्रदर्शन की तस्वीरें…

बिल गिरने के बाद एनडीए की महिला सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया।

महिला सांसदों ने ‘महिला का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान’ के नारे लगाए।
सरकार को पता था बिल पास नहीं होगा, मोदी ने 3, शाह ने एक अपील की
सरकार जानती थी कि उसके पक्ष में लोकसभा में नंबर नहीं है, इसीलिए सरकार बार-बार सभी सांसदों से समर्थन की मांग कर रही थी। पीएम नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू समेत बीजेपी और NDA नेताओं ने विपक्ष से बिल को सपोर्ट करने की अपील की।
पीएम की 3 अपील
- 13 अप्रैल एक कार्यक्रम में: मैं आपसे आग्रह करता हूं कि अपने स्थानीय सांसदों को पत्र लिखें और इस ऐतिहासिक संसद सत्र में हिस्सा लेते समय उनका हौसला बढ़ाएं।
- 16 अप्रैल लोकसभा में: ‘हमें क्रेडिट नहीं चाहिए, जैसे ही पारित हो जाए तो मैं एड देकर सबको धन्यवाद देने को तैयार हूं। सामने से क्रेडिट का ब्लैंक चेक आपको दे रहा हूं।’
- 17 अप्रैल सोशल मीडिया में: सभी सांसद वोटिंग से पहले अपनी अंतर्रात्मा की आवाज सुनें।

शाह ने कहा- महिलाएं माफ नहीं करेंगी
17 अप्रैल लोकसभा में अमित शाह ने कहा कि देश की महिलाएं देख रही हैं कि उनके रास्ते का रोड़ा कौन है। यहां पर तो शोर-शराबा करके बच जाओगे लेकिन माताओं-बहनों का आक्रोश बाहर पता चलेगा। चुनाव में वोट मांगने जाएंगे तो मातृशक्ति हिसाब मांगेगी।

देश
‘परिसीमन एक ‘राजनीतिक नोटबंदी’ साबित होगा’- शशि थरुर का केंद्र सरकार पर तीखा हमला
नई दिल्ली,एजेंसी। लोकसभा में शुक्रवार को ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ और ‘परिसीमन’ (Delimitation) पर चल रही बहस के दौरान कांग्रेस नेता शशि थरूर ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया की तुलना ‘नोटबंदी’ से करते हुए इसे भारतीय लोकतंत्र की आत्मा के लिए खतरा बताया।

थरुर ने अपने भाषण में कहा
शशि थरूर ने कहा कि दशकों से महिला आरक्षण का वादा किया गया और इसे टाला गया। आज जब इस पर राजनीतिक सहमति बनी है, तब सरकार ने इसे परिसीमन जैसी जटिल प्रक्रिया से बांधकर महिलाओं की आकांक्षाओं को ‘बंधक’ बना लिया है। थरूर ने सरकार की जल्दबाजी पर सवाल उठाते हुए कहा, “आपने परिसीमन का प्रस्ताव वैसी ही जल्दबाजी में पेश किया है जैसी नोटबंदी के समय दिखाई थी। हम सब जानते हैं कि नोटबंदी ने देश का क्या हाल किया था। परिसीमन भी एक ‘राजनीतिक नोटबंदी’ साबित होगा, इसे मत कीजिए।”


थरूर ने उत्तर और दक्षिण भारत के राज्यों के बीच शक्ति संतुलन बिगड़ने की आशंका जताई। उन्होंने तर्क दिया कि केरल और तमिलनाडु जैसे दक्षिणी राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण और मानव विकास में बेहतरीन काम किया है। यदि परिसीमन जनसंख्या के आधार पर हुआ, तो जनसंख्या नियंत्रण में विफल रहने वाले राज्यों को अधिक राजनीतिक ताकत मिलेगी और अच्छा काम करने वाले राज्य हाशिए पर चले जाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आर्थिक रूप से समृद्ध और विकासशील राज्यों की आवाज को दबाया गया, तो इससे देश के संघीय ढांचे पर बुरा असर पड़ेगा। उनके अनुसार, यह “बहुसंख्यकवाद की तानाशाही” (Tyranny of the democratic majority) पैदा करने जैसा होगा।

छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ ब्लास्ट हादसा: धमाके में 20 श्रमिकों की मौत के बाद वेदांता कंपनी के चेयरमैन, कई अन्य के खिलाफ मामला दर्ज
सक्ती,एजेंसी। छत्तीसगढ़ पुलिस ने सक्ती जिले में वेदांता के विद्युत संयंत्र में हुए धमाके में 20 लोगों की मौत की घटना के बाद वेदांता कंपनी के चेयरमैन अनिल अग्रवाल समेत संयंत्र प्रबंधन के अधिकारियों और अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी। सक्ती पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया, ”डाभरा पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।” अधिकारी ने बताया कि इस मामले में वेदांता कंपनी के चेयरमैन अनिल अग्रवाल, कंपनी प्रबंधक देवेन्द्र पटेल सहित अन्य जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

यह धमाका 14 अप्रैल को सिंघीतराई गांव में स्थित संयंत्र में हुआ था। उस समय बॉयलर से टर्बाइन तक उच्च दाब वाली भाप ले जाने वाला एक स्टील का पाइप फट गया था, जिससे कई मजदूर बुरी तरह झुलस गए थे। इस घटना में 20 लोगों की मौत हो गई थी और 16 लोग घायल हो गए। ठाकुर ने ‘पीटीआई भाषा’ को बताया कि यदि जांच के दौरान और लोग भी दोषी पाए जाते हैं, तो उनका नाम भी प्राथमिकी में जोड़ा जाएगा।
उन्होंने बताया कि घटना की जांच जारी है और मृतकों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट और औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की रिपोर्ट सहित कई रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि धमाके के कारणों की जांच के लिए एक तकनीकी टीम भी बनाई गई है। पुलिस अधीक्षक ने कहा, ”सभी रिपोर्ट मिलने के बाद, अगर जरूरत पड़ी तो प्राथमिकी में और धाराएं भी जोड़ी जाएंगी।” इस घटना के बाद, विपक्षी दल कांग्रेस ने संयंत्र प्रबंधन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की थी।

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