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कोरबा

एसईसीएल सीएमडी डॉ प्रेम सागर मिश्रा के मुख्य आतिथ्य में आईआईएम रायपुर के कार्यकारी पीजी प्रोग्राम के चौथे बैच का हुआ शुभारंभ

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कोरबा/ बिलासपुर। एसईसीएल सीएमडी डॉ प्रेम सागर मिश्रा द्वारा आज आईआईएम रायपुर के प्रबंधन में कार्यकारी स्नातकोत्तर कार्यक्रम के चौथे बैच का उद्घाटन किया गया। उदघाटन कार्यक्रम का आयोजन आज आईआईएम रायपुर परिसर में MADAIऑडिटोरियम में आयोजित किया गया जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में एसईसीएल डॉ. प्रेम सागर मिश्रा उपस्थित रहे। इस अवसर पर डॉ मिश्रा ने अपने सम्बोधन में कहा की हमें चुनौतियों को स्वीकार कर, उनसे सीखकर आगे बढ़ते रहना चाहिए। उन्होंने बताया कि चुनौतियों का सामना करने और खुद को लगातार बेहतर करने से व्यक्ति को खुद को निखारने एवं अपने व्यक्तित्व को और मजबूत बनाने में मदद मिलती है। उन्होंने सभी को एक-दूसरे के साथ परस्पर सद्भावना एवं प्रेमपूर्ण व्यवहार करने के लिए प्रोत्साहित किया। वर्क-लाइफ बैलेंस के विषय को संबोधित करते हुए उन्होने इस बात पर जोर दिया कि हर व्यक्ति कि इसकी अपनी-अपनी परिभाषा होती और इसे केवल एक ही नज़रिये से नहीं देखा जा सकता। उन्होंने रामायण और महाभारत के कुछ उदाहरणों का जि़क्र करते हुए इन पौराणिक कथाओं और समकालीन व्यावसायिक अनुभवों के बीच समानता पर भी चर्चा की। ईपीजीपी कार्यक्रम के चौथे बैच में विविध पृष्ठभूमि और भौगोलिक स्थानों से कुल 233 छात्र हैं। आईआईएम रायपुर के प्रबंधन में कार्यकारी स्नातकोत्तर कार्यक्रम (ईपीजीपी) कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रतिभागियों को विभिन्न प्रबंधन विषयों में एक ठोस आधार देकर प्रबंधन में एक उन्नत कैरियर के लिए तैयार करना है जो प्रतिस्पर्धा के इस युग में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए आवश्यक हैं। आईआईएम रायपुर, अपने शीर्ष स्तर के फ़ैकल्टी सदस्यों, आधुनिक पाठ्यक्रम और विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे के साथ, सामाजिक रूप से जागरूक बिजनेस लीडर्स को विकसित करने और प्रशिक्षित करने के लिए पूरे देश में जाना जाता है।

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कोरबा

कोरबा कार्बन फैक्ट्री में टैंक फटा:कर्मचारी बाल-बाल बचे, दमकल ने आग पर पाया काबू

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कोरबा। कोरबा के इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक कार्बन फैक्ट्री में सोमवार दोपहर एक टैंक फट गया। इस घटना से मौके पर हड़कंप मच गया, हालांकि प्लांट के अंदर काम कर रहे कर्मचारी बाल-बाल बच गए। एक बड़ी दुर्घटना टल गई।

यह फैक्ट्री कार्बन बनाने का काम करती है। इसमें बाहर से टैंकरों के माध्यम से तरल पदार्थ लाकर टैंकों में रखा जाता है, जहां कार्बन तैयार किया जाता है। टैंक फटने के समय फैक्ट्री में कई महिला और पुरुष कर्मचारी मौजूद थे। टैंक फटने के बाद गर्म हार्ड पीच फैक्ट्री के अंदर फैल गया, जो बेहद गर्म था और किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता था।

टैंक फटने के बाद गर्म हार्ड पीच फैक्ट्री के अंदर फैल गया

टैंक फटने के बाद गर्म हार्ड पीच फैक्ट्री के अंदर फैल गया

गर्म पीच को पानी,फायर फोम की मदद से ठंडा किया गया

फैक्ट्री कर्मचारियों ने तत्काल दमकल विभाग को सूचना दी। सीएसईबी के दमकल वाहन मौके पर पहुंचे और गर्म पीच को पानी तथा फायर फोम की मदद से ठंडा किया। सीएसईबी के फायरमैन धर्मेंद्र कुमार पटेल ने बताया कि फायर टीम को इंडस्ट्रियल एरिया में टैंक फटने की सूचना मिली थी, जिसके बाद मौके पर पहुंचकर दो टैंकर पानी और फोम का छिड़काव कर स्थिति को नियंत्रित किया गया।

टैंक फटने से अस पास फिला मलबा और गर्म हार्ड पीच पर फोम का छिड़काव पर किया गया

टैंक फटने से अस पास फिला मलबा और गर्म हार्ड पीच पर फोम का छिड़काव पर किया गया

फैक्ट्री में औद्योगिक नियमों का उल्लंघन:स्थानीय लोग

स्थानीय लोगों का आरोप है कि फैक्ट्री में औद्योगिक नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है और संबंधित अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। कहीं न कहीं लापरवाही के कारण ही यह घटना सामने आई है। फैक्ट्री के बाहर कोई बोर्ड भी नहीं लगा है, जिससे यह पता चल सके कि यहां क्या काम होता है।

इंडस्ट्रियल एरिया से निकलने वाले जहरीले केमिकल और धुएं से आसपास के लोग, खासकर पुलिस लाइन में रहने वाले परिवार, काफी परेशान हैं। इस संबंध में पर्यावरण विभाग से भी शिकायतें की जा चुकी हैं।

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कोरबा

कोरबा में निर्माणाधीन मकान की दीवार गिरी:पड़ोस के घर में सो रहे पति-पत्नी और बच्चा मलबे में दबे, हालत गंभीर

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कोरबा/कुसमुंडा। कोरबा में रविवार देर रात संतोष वर्मा के निर्माणाधीन मकान की तीसरी मंजिल की दीवार गिर गई। यह दीवार बगल में स्थित अजय धनवार के घर पर गिरी, जिससे अजय धनवार, उनकी पत्नी और उनका छोटा बच्चा मलबे में दब गए।

घटना कुसमुंडा थाना क्षेत्र के प्रेम नगर की है। हादसा तेज आंधी-तूफान और भारी बारिश के दौरान हुआ। मौसम खराब होते ही निर्माणाधीन मकान की ऊपरी दीवार कमजोर होकर सीधे अजय धनवार के घर की छत पर गिर गई।

छप्पर टूटा, घर में मचा हड़कंप

इससे छप्पर टूट गया और सैकड़ों ईंटें घर के अंदर जा गिरीं। घटना के बाद घर में चीख-पुकार मच गई। आवाज सुनकर पड़ोसी तुरंत मौके पर पहुंचे और मलबे में दबे तीनों लोगों को बाहर निकाला। गंभीर रूप से घायल तीनों को तत्काल मोहल्लेवासियों की मदद से कोरबा अस्पताल में भर्ती कराया गया।

घरेलू सामान को भारी नुकसान

हादसे में घर के अंदर रखा दोपहिया स्कूटर, बर्तन, बिस्तर और अन्य घरेलू सामान भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। मकान के भीतर अभी भी ईंटों का मलबा पड़ा हुआ है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों का ध्यान नहीं रखा गया था, जिसके कारण तेज हवा और बारिश में दीवार गिर गई।

लापरवाही के आरोप, पुलिस जांच में जुटी

लोगों ने निर्माणकर्ता की लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त की है। पुलिस को घटना की सूचना दे दी गई है और घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है। यह घटना निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी का एक गंभीर मामला बनकर सामने आई है।

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कोरबा

राजस्व कार्यों में गंभीर लापरवाही और भू-अभिलेखों में हेराफेरी पर पटवारी निलंबित

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कोरबा। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने शासकीय कार्यों के प्रति उदासीनता और घोर लापरवाही बरतने के कारण पटवारी दीपक कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। तहसीलदार भैंसमा द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन के आधार पर यह पाया गया कि श्री सिंह ने अपने पदीय दायित्वों का निर्वहन करने में गंभीर अनियमितताएं की हैं, जो छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 का उल्लंघन है।  
जांच के दौरान ग्राम करूमौहा में राजस्व अभिलेखों के साथ बड़े पैमाने पर छेड़छाड़ की पुष्टि हुई है, जिसमें खसरा नंबर 176/1/ख/1 के वास्तविक रकबे 0.016 हेक्टेयर को नियम विरुद्ध तरीके से बढ़ाकर 1.600 हेक्टेयर दर्ज कर दिया गया था। इसी प्रकार एक अन्य मामले में खसरा नंबर 84/4 ख के रकबे को 0.710 हेक्टेयर से बढ़ाकर सीधे 71.000 हेक्टेयर कर दिया गया और बिना किसी वैध आदेश के इसे ऑनलाइन भुइयां पोर्टल पर दर्ज कर दिया गया।  
इन गंभीर वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं के फलस्वरूप छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत कार्रवाई करते हुए पटवारी को निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय पसान निर्धारित किया गया है और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।

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