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महाराष्ट्र में CM का ऐलान नहीं, अब भाजपा पर्यवेक्षक भेजेगी:विधायकों से रायशुमारी करके नाम घोषित करेंगे; आज विधानसभा के कार्यकाल का आखिरी दिन
मुंबई, एजेंसी। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के रिजल्ट आने के 3 दिन बाद भी मुख्यमंत्री का नाम तय नहीं हो सका। इसके लिए भाजपा आज या कल पर्यवेक्षक भेजेगी, जो विधायकों से रायशुमारी करके सीएम के नाम का ऐलान करेंगे।
उधर, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मंगलवार को राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात कर उनको अपना इस्तीफा सौंपा। इस दौरान डिप्टी CM देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार भी मौजूद थे।
विधानसभा का कार्यकाल आज यानी 26 नवंबर तक ही है। नए मुख्यमंत्री के शपथ की तारीख तय नहीं है। तब तक शिंदे ही कार्यवाहक CM रहेंगे। शिंदे 28 जून 2022 से 26 नवंबर 2024 तक CM रहे।
शिंदे के इस्तीफे के बाद भाजपा विधायकों की मुंबई में बैठक बुलाई गई है। इसमें फडणवीस को नेता चुना जाएगा। इसके बाद सह्याद्रि गेस्ट हाउस में शिंदे, फडणवीस और अजित प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकते हैं।
हालांकि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नए मुख्यमंत्री के लिए देवेंद्र फडणवीस का नाम लगभग फाइनल हो चुका है। आज ही उनके नाम की आधिकारिक घोषणा हो सकती है।
फडणवीस के CM बनने पर नई सरकार में पहले की ही तरह दो डिप्टी CM होंगे। NCP की ओर से अजित पवार और शिवसेना की ओर से शिंदे किसी नए विधायक का नाम आगे कर सकते हैं।
सूत्रों के मुताबिक, नई सरकार का एजेंडा तय करने के लिए तीनों दलों की एक कमेटी बनाई जा सकती है, जिसके मुखिया एकनाथ शिंदे हो सकते हैं। हालांकि शिवसेना प्रवक्ता कृष्ण हेगड़े ने इससे इनकार किया।
केंद्रीय मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (RPI) के अध्यक्ष रामदास अठावले ने कहा कि महाराष्ट्र का विवाद जल्द खत्म होगा। भाजपा हाईकमान ने तय कर लिया है कि देवेंद्र फडणवीस को सीएम बनाया जाएगा। एकनाथ शिंदे इससे नाराज हैं। उनकी नाराजगी दूर की जानी चाहिए। शिंदे ने अपने ढाई साल के कार्यकाल में कई काम किए। लाड़ली बहना योजना का महाराष्ट्र में काफी असर हुआ है।
भाजपा के पास इतनी सीटें (132) हैं कि वे मानेंगे नहीं। मुझे लगता है कि एकनाथ शिंदे को दो कदम पीछे करना चाहिए। देवेंद्र फडणवीस चार कदम पीछे आए थे। फडणवीस, शिंदे की अगुआई में डिप्टी सीएम थे।
अब शिंदे साहब को डिप्टी सीएम बनना चाहिए। अगर उन्हें ये ठीक नहीं लगता तो केंद्र में मंत्री बनने के लिए आगे आना चाहिए। मुझे लगता है कि इसके लिए पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह विचार करेंगे।
शिंदे ने लिखा- गठबंधन एकजुट, समर्थक वर्षा बंगले या और कहीं इकट्ठा न हों
इस्तीफे से पहले CM एकनाथ शिंदे ने लिखा- मेरे प्रति प्यार के कारण कुछ लोगों ने सभी से एक साथ मिलकर मुंबई आने की अपील की है। मैं आपके प्यार के लिए दिल से आभारी हूं। लेकिन मैं अपील करता हूं कि कोई भी इस तरह से मेरे समर्थन में एक साथ न आए। एक बार फिर मेरा विनम्र अनुरोध है कि शिवसेना कार्यकर्ता वर्षा बंगले (सीएम का आधिकारिक निवास) या कहीं और इकट्ठा न हों।” उन्होंने कहा कि निर्णायक जीत के बाद भी गठबंधन एकजुट रहेगा।
फडणवीस ने लोगों के विश्वास के लिए उनका आभार व्यक्त किया
देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र की जनता को लिखे खुले पत्र में कहा, “महायुति की इस जीत ने आपके समर्थन के कारण ही एक नई दिशा दी है। यह सफलता हमारे महाराष्ट्र को मोदी जी के नेतृत्व में एक विकसित महाराष्ट्र के साथ एक प्रगतिशील और समावेशी भविष्य के साथ एक विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए प्रेरित करती रहेगी।” फडणवीस ने गठबंधन में लोगों के विश्वास के लिए उनका आभार व्यक्त किया।
महाराष्ट्र में हार की समीक्षा के लिए कांग्रेस की दिल्ली में बैठक शुरू
दिल्ली में नाना पटोले, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच मीटिंग शुरू। तीनों नेता महाराष्ट्र में हुई हार के कारणों की समीक्षा कर रहे हैं।
शिंदे खुद डिप्टी CM का पद नहीं लेंगे
सूत्रों के मुताबिक, नई सरकार में एकनाथ शिंदे खुद डिप्टी CM का पद नहीं लेंगे। वे पार्टी के ही किसी विधायक का नाम आगे बढ़ाएंगे। सरकार का एजेंडा तय करने के लिए तीनों दलों की समिति बनाई जा सकती है, जिसके मुखिया एकनाथ शिंदे हो सकते हैं।
शिक्षा मंत्री केसरकर बोले- नई सरकार पर मोदी-शाह का निर्णय सर्वमान्य

दीपक केसरकर शिंदे सरकार में शिक्षा मंत्री थे।
महाराष्ट्र के शिक्षा मंत्री और शिवसेना शिंदे गुट के विधायक दीपक केसरकर ने कहा- मुख्यमंत्री ने इस्तीफा दे दिया है। राज्यपाल ने उन्हें कार्यवाहक सीएम के रूप में काम करने को कहा है। जल्द ही नई सरकार का गठन होगा। बीजेपी के विधायक दलों की बैठक के बाद तीनों दल के नेता बैठेंगे उसके बाद आगे का फैसला लिया जाएगा।
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फर्जी बैंक गारंटी से 136 करोड़ का खेल: रिलायंस पावर के CFO समेत 3 गिरफ्तार
नई दिल्ली,एजेंसी। राजधानी में आर्थिक अपराध शाखा ने एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करते हुए सोलर प्रोजेक्ट से जुड़े टेंडर में धांधली के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में एक प्रमुख कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी का नाम भी सामने आया है।

क्या है पूरा मामला
Delhi Police Economic Offences Wing की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने Solar Energy Corporation of India से टेंडर हासिल करने के लिए 136 करोड़ रुपये से अधिक की जाली बैंक गारंटी जमा की थी। इस साजिश में Reliance Power Limited के मुख्य वित्तीय अधिकारी अशोक कुमार पाल भी शामिल बताए जा रहे हैं।
फर्जी दस्तावेजों का जाल
जांच एजेंसियों के मुताबिक, आरोपियों ने जाली दस्तावेजों को असली दिखाने के लिए नकली ईमेल संवाद तैयार किए। इतना ही नहीं, State Bank of India के नाम से फर्जी पुष्टि पत्र भी बनाए गए, जिससे टेंडर प्रक्रिया को प्रभावित किया जा सके।
गिरफ्तारी और कार्रवाई
पुलिस ने तीनों आरोपियों को 15 अप्रैल को गिरफ्तार किया। अदालत ने उन्हें 23 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की तलाश कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में वित्तीय धोखाधड़ी के कई और पहलुओं की जांच की जा रही है। यदि और सबूत सामने आते हैं, तो मामले में और गिरफ्तारी भी हो सकती है। फिलहाल ये मामला बड़े स्तर पर वित्तीय धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए किस तरह जाली दस्तावेजों और तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिस पर अब एजेंसियों ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
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PM मोदी पर विवादित टिप्पणी करना कांग्रेस को पड़ा भारी, चुनाव आयोग ने मल्लिकार्जुन को भेजा नोटिस
नई दिल्ली,एजेंसी। पीएम मोदी को लेकर विविवाद बयान देकर बुरे फंसे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की मुश्किलें बढ़ गई है। दरअसल, भारत के चुनाव आयोग ने बुधवार को कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए उनके “आतंकवादी” कमेंट पर नोटिस जारी किया। भारतीय चुनाव आयोग ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को नोटिस जारी कर 24 घंटे के भीतर अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा है।
आप को बता दें कि यह कार्रवाई केंद्रीय मंत्रियों – निर्मला सीतारमण, किरेन रिजिजू, अर्जुन राम मेघवाल – और अन्य BJP नेताओं वाले एक डेलीगेशन के चुनाव आयोग की फुल बेंच से मिलने और PM मोदी के खिलाफ खड़गे के “आतंकवादी” कमेंट के बारे में शिकायत करने के कुछ घंटों बाद हुई। हालांकि मल्लिकार्जुन खड़गे ने पीएम मोदी को लेकर दिए गए बयान पर अपनी सफाई दी थी। उन्होंने प्रेसवार्ता कर कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि उनका मतलब था कि प्रधानमंत्री देश के लोकतांत्रिक ताने-बाने को ‘आतंकित’ कर रहे हैं। खरगे ने कहा, ”वह लोगों और राजनीतिक दलों को आतंकित कर रहे हैं। मैंने कभी नहीं कहा कि वह (शब्दश:) आतंकवादी हैं। इसे आतंकित करना… वह अपनी सत्ता और सरकारी मशीनरी का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं और विपक्षी पार्टियों को गाली दे रहे हैं, बदनाम कर रहे हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग ”भाजपा कार्यालय का एक्सटेंशन” बन गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री पर चुनाव प्रचार के आखिरी चरण में आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि सीबीआई, ईडी और आयकर विभाग जैसी केंद्रीय एजेंसियों को राजनीतिक लोगों को डराने-धमकाने के औजार के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। खरगे ने महिला आरक्षण से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक को लेकर भी केंद्र पर निशाना साधा।
उन्होंने प्रधानमंत्री पर यह दावा करके जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया कि विपक्ष ने महिला आरक्षण से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक को पारित नहीं होने दिया। उन्होंने तर्क दिया, ”अगर वह सच में इसे लागू करना चाहते हैं, तो वह मौजूदा 543 लोकसभा सीटों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दे सकते हैं। वह इसे क्यों नहीं दे रहे हैं?’
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Earthquake: भारत के इस राज्य में लगे भूकंप के झटके, घरों और दफ्तरों से बाहर निकले लोग
गांधीनगर,एजेंसी।गुजरात के चरोटर इलाके में बुधवार शाम भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए, जिससे लोगों में कुछ समय के लिए डर का माहौल बन गया। आणंद और आसपास के इलाकों में जैसे ही धरती हिली, कई लोग एहतियात के तौर पर अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकलकर खुले स्थानों की ओर भागे।

गांधीनगर स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ सिस्मोलॉजिकल रिसर्च (ISR) के अनुसार, यह भूकंप शाम लगभग 4:35 बजे दर्ज किया गया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.4 मापी गई है। भूकंप का केंद्र आणंद से लगभग 36 किलोमीटर दूर था। अधिकारियों के मुताबिक, यह एक हल्का भूकंप था, इसलिए अभी तक किसी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है।
बता दें कि इससे पहले 21 अप्रैल को सौराष्ट्र क्षेत्र के राजकोट जिले में 3.2 तीव्रता के साथ भूकंप के झटके लगे थे। वहीं 19 अप्रैल को गुजरात के अमरेली जिले में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे, जिसकी रिक्टर स्केल पर तीव्रता 3.1 थी।
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