Connect with us

छत्तीसगढ़

रायपुर AIIMS में AI की मदद से होगा इलाज:राष्ट्रपति बोलीं- IIT भिलाई ने बनाया ऐप, मरीज की पुरानी बीमारी डायग्नोस करने में मिलेगी मदद

Published

on

रायपुर/भिलाई ,एजेंसी। दो दिनी छत्तीसगढ़ दौरे के आखिरी दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू नवा रायपुर स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय मेमोरियल हेल्थ साइंस एंड आयुष यूनिवर्सिटी ऑफ छत्तीसगढ़ के दीक्षांत समरोह में पहुंची हैं। कार्यक्रम में राष्ट्रपति ने यूजी और पीजी के 25 स्टूडेंट्स को 33 गोल्ड मेडल प्रदान किया।

सबसे ज्यादा 3 गोल्ड मेडल रायपुर मेडिकल कॉलेज की शबा फिरदौस को मिला। इस दौरान 2022 और 2023 बैच के 6 स्टूडेंट्स को एमसीएच की उपाधि भी दी जाएगी। दीक्षांत समारोह में शामिल होने के बाद राष्ट्रपति शाम 5 बजे दिल्ली के लिए लौटेंगी।

राष्ट्रपति IIT भिलाई के दीक्षांत समारोह में भी शामिल हुईं। वहां 7 छात्रों को गोल्ड मेडल दिया। राष्ट्रपति ने बताया कि IIT भिलाई ने AIIMS के लिए ऐप तैयार किया है। AIIMS में AI की मदद से डॉक्टरों को मरीज की पुरानी बीमारी डायग्नोस करने में मदद मिलेगी।

रायपुर मेडिकल कॉलेज की छात्रा शबा फिरदौस को राष्ट्रपति ने 3 गोल्ड मेडल प्रदान किए।

रायपुर मेडिकल कॉलेज की छात्रा शबा फिरदौस को राष्ट्रपति ने 3 गोल्ड मेडल प्रदान किए।

बस्तर के कलकारों द्वारा तैयार प्रतिमा राष्ट्रपति को भेंट की गई

बस्तर के कलकारों द्वारा तैयार प्रतिमा राष्ट्रपति को भेंट की गई

शनिवार सुबह रायपुर के जगन्नाथ मंदिर में राष्ट्रपति ने पूजा-अर्चना कीं। दौरे के पहले दिन शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू रायपुर में AIIMS और NIT के दीक्षांत समारोह में शामिल हुईं थीं।

शनिवार सुबह रायपुर के जगन्नाथ मंदिर में राष्ट्रपति ने पूजा-अर्चना कीं। दौरे के पहले दिन शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू रायपुर में AIIMS और NIT के दीक्षांत समारोह में शामिल हुईं थीं।

IIT ने AIIMS के साथ मिलकर बनाया ऐप

राष्ट्रपति ने कहा कि आईआईटी भिलाई ने स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एम्स रायपुर से मिलकर मोबाइल ऐप तैयार किया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को मदद मिल रही है। 6 लाख किसान मोबाइल ऐप का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो कि आईआईटी के सहयोग से तैयार हुआ है।

यहां राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप शिक्षा दी जा रही है, पिछले 6 दशकों से देश के आईआईटी संस्थान से निकले छात्रों ने देश के विकास में अपनी पहचान बनाई है।

AI की मदद से डायग्नोस होगी बीमारी

(एम्स) में डॉक्टरों को गंभीर रूप से बीमार मरीजों की कई रिपोर्ट का निष्कर्ष और इलाज प्रोटोकॉल अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से उपलब्ध होगा। एम्स के लिए IIT भिलाई ने हाईब्रिड डिजिटल हेल्थ केयर टेक्नोलॉजी प्लेटफार्म स्मार्ट-ईआर विकसित किया है।

कोई रोगी जो सीने में दर्द की शिकायत लेकर आतें है तो उसके लक्षणों और शुरुआती जांच रिपोर्ट के आधार पर पता चल सकेगा कि रोगी को हार्टअटैक हुआ है या मायोकार्डियल इंफेक्शन से ग्रस्त है। इस आधार पर तुरंत ही इलाज प्रदान किया जा सकेगा।

IIT भिलाई में 2023 का इंस्टीट्यूट गोल्ड मेडल शाश्वत जैसवाल, डायरेक्टर गोल्ड मेडल मधुर भट्ट, सत्य विक्रम प्रताप सिंह, अंजना कानन, 2024 का इंस्टीट्यूट गोल्ड मेडल नोमान आलम खेरानी, डायरेक्टर गोल्ड मेडल यश टेकचंदानी, सिदाग्राम रोहित, विधि मित्तल को दिया गया।

IIT भिलाई में 2023 का इंस्टीट्यूट गोल्ड मेडल शाश्वत जैसवाल, डायरेक्टर गोल्ड मेडल मधुर भट्ट, सत्य विक्रम प्रताप सिंह, अंजना कानन, 2024 का इंस्टीट्यूट गोल्ड मेडल नोमान आलम खेरानी, डायरेक्टर गोल्ड मेडल यश टेकचंदानी, सिदाग्राम रोहित, विधि मित्तल को दिया गया।

7 स्टूडेंट्स को गोल्ड मेडल

2023 के बीटेक स्टूडेंट शाश्वत जायसवाल, मधुर भट्ट, सत्यविक्रम प्रताप सिंह, अंजना कानन और साल 2024 बीटेक स्टूडेंट नोमान आलम खेरानी, यश टेकचंदानी, सिदाग्राम रोहित, विधि मित्तल।

31 को पुरस्कार

IIT भिलाई के डायरेक्टर प्रोफेसर राजीव प्रकाश ने बताया कि इस बार सीनेट पुरस्कार 31 छात्रों को दिया गया। 2023 बैच में 13 पीएचडी होल्डर, 11 एमएससी, 27 एमटेक, 13 बीटेक आनर्स और 123 बीटेक स्नातक शामिल हैं। जबकि 2024 बैच में 8 पीएचडी, 20 एमएससी, 19 एमटेक, 12 बीटेक आनर्स और 150 बीटेक छात्रों को डिग्री दी गई।

रायपुर के गायत्री नगर में स्थित है जगन्नाथ मंदिर।

रायपुर के गायत्री नगर में स्थित है जगन्नाथ मंदिर।

महंतारी वंदन की 9वीं किस्त जारी कीं थी

पहले दिन शुक्रवार को राष्ट्रपति ने महतारी वंदन योजना की 9वीं किस्त भी जारी की। 70 लाख महिलाओं के खाते में 651 करोड़ 37 लाख रुपए का भुगतान किया गया। इस दौरान उन्होंने महिलाओं से भी चर्चा की।

एक महिला से पूछा- साड़ी खरीदी या बच्चों के लिए कुछ किया

महतारी योजना की लाभार्थी बस्तर की ममता ने उन्हें बताया कि योजना से मिले रुपयों से उन्होंने साड़ी खरीदी। राष्ट्रपति ने इस पर हंसते हुए पूछा कि सिर्फ साड़ी ही खरीदी या अपने बच्चों के लिए भी कुछ किया? वहीं अभनपुर की सत्यवती ने उन्हें बताया कि इन पैसों के मिलने से वह खुद को स्वावलंबी महसूस करती हैं।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

छत्तीसगढ़

रायपुर : मुख्य सचिव ने SASCI 2026-27 के तहत सुधार कार्यों की प्रगति की समीक्षा की

Published

on

समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने और विभागवार मासिक कार्ययोजना तैयार करने के दिए निर्देश

मुख्य सचिव ने SASCI 2026-27 के तहत सुधार कार्यों की प्रगति की समीक्षा की

रायपुर। मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर में राज्यों को पूंजीगत निवेश हेतु विशेष सहायता योजना (SASCI) 2026-27 के अंतर्गत विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे सुधार कार्यों एवं उनके क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में मुख्य सचिव ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि लंबित कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से विभागवार मासिक कार्ययोजना तैयार कर उसके अनुसार कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा, ताकि योजना के तहत तय लक्ष्यों को समय पर हासिल किया जा सके।
बैठक में राज्यों को पूंजीगत निवेश हेतु विशेष सहायता योजना (SASCI) 2026-27 के तहत जारी दिशा-निर्देशों एवं विभिन्न परिचालन गाइडलाइंस के अनुरूप विभागवार सुधार कार्यों की प्रगति, अब तक की उपलब्धियों तथा आगामी कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, समयबद्ध लक्ष्य-पूर्ति तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
बैठक में वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, मुख्यमंत्री एवं वाणिज्यिक कर विभाग के सचिव मुकेश कुमार, कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव रजत कुमार, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस.भारतीदासन, नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव सुश्री आर.शंगीता, राजस्व विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव अमित कटारिया, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुलहक, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. सारांश मित्तर, वित्त विभाग के विशेष सचिव चंदन कुमार, प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल विवेक आचार्य सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

रायपुर : ‘भारत भाग्य विधाता‘ फिल्म के लेखक-निर्देशक मनोज तापड़िया तथा फिल्म निर्माता आदि शर्मा ने की छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के एमडी विवेक आचार्य से सौजन्य मुलाकात

Published

on

चित्रोत्पला फिल्म सिटी के विकास,  फिल्म पर्यटन को बढ़ावा देने और छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माण के आकर्षक गंतव्य के रूप में विकसित करने पर हुई विस्तृत चर्चा

रायपुर। छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख फिल्म निर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड में चित्रोत्पला फिल्म सिटी के विकास को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। रायपुर में आयोजित इस बैठक में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य से भारत भाग्य विधाता फिल्म के डायरेक्टर मनोज तापड़िया तथा फिल्म निर्माता आदि शर्मा ने सौजन्य भेंट कर राज्य में विकसित की जा रही चित्रोत्पला फिल्म सिटी की अवधारणा, उसकी संभावनाओं तथा भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि छत्तीसगढ़ की अनुपम प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहरें, जलप्रपात, वन क्षेत्र, जनजातीय संस्कृति तथा विविध प्राकृतिक लोकेशन राज्य को फिल्म निर्माण के लिए अत्यंत उपयुक्त बनाते हैं। इन विशेषताओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माताओं के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर राज्य को फिल्मांकन का आकर्षक गंतव्य बनाने की रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया।
चर्चा के दौरान चित्रोत्पला फिल्म सिटी को आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक ऐसे समग्र फिल्म परिसर के रूप में विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया, जहाँ फिल्म निर्माण से जुड़ी सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ उपलब्ध हों। साथ ही फिल्म पर्यटन को बढ़ावा देने, राज्य में फिल्म निर्माण गतिविधियों का विस्तार करने तथा इस क्षेत्र में निजी और संस्थागत सहयोग की संभावनाओं पर भी विस्तार से मंथन हुआ।

प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने कहा कि चित्रोत्पला फिल्म सिटी का विकास छत्तीसगढ़ के फिल्म और पर्यटन क्षेत्र के लिए मील का पत्थर सिद्ध होगा। इससे राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी, फिल्म निर्माण गतिविधियों को गति मिलेगी तथा स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों, रचनात्मक युवाओं और फिल्म से जुड़े अन्य पेशेवरों के लिए रोजगार एवं कौशल विकास के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि फिल्म उद्योग के विकास से पर्यटन, आतिथ्य, परिवहन, हस्तशिल्प और स्थानीय व्यवसायों को भी व्यापक लाभ मिलेगा, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति प्राप्त होगी।
बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी कि छत्तीसगढ़ को एक उभरते हुए फिल्म निर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए फिल्म उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों, निर्माताओं और निर्देशकों के साथ निरंतर संवाद एवं सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। राज्य की प्राकृतिक संपदा, सांस्कृतिक विविधता और विकसित की जा रही आधुनिक फिल्म अवसंरचना के समन्वय से छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माण के लिए एक पसंदीदा गंतव्य बनाने की दिशा में ठोस प्रयास किए जाएंगे। बैठक में चित्रोत्पला फिल्म सिटी के विकास, फिल्म पर्यटन के विस्तार तथा भविष्य में फिल्म निर्माण और पर्यटन संवर्धन के क्षेत्र में पारस्परिक सहयोग की व्यापक संभावनाओं पर सहमति व्यक्त की गई।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

रायपुर : विशेष लेख : प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण का अनूठा संगम है नंदनवन जंगल सफारी

Published

on

320.15 हेक्टेयर में फैला नंदनवन जंगल सफारी बना प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों का पसंदीदा केंद्र

  •  धनंजय राठौर ,संयुक्त संचालक, जनसंपर्क
  •  अशोक कुमार चंद्रवंशी, सहायक जनसंपर्क अधिकारी
 नंदनवन जंगल सफारी नवा रायपुर

नंदनवन जंगल सफारी नवाँ रायपुर में पर्यटकों के लिए कई प्रकार की रोमांचक सफारी राइड्स उपलब्ध हैं, जिनमें शाकाहारी सफारी, टाइगर सफारी, भालू सफारी और लायन सफारी प्रमुख हैं। इसके अलावा यहाँ एक छोटा चिड़ियाघर (नंदनवन जू) भी है।
छत्तीसगढ़ की राजधानी नवा रायपुर (अटल नगर) के सेक्टर-39 में स्थित नंदनवन जंगल सफारी राज्य के प्रमुख पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण केंद्रों में शामिल है। 320.15 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला यह विशाल परिसर प्रकृति प्रेमियों, वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। यहां वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ पर्यटकों को प्राकृतिक वातावरण में वन्यजीवों को देखने और उनके बारे में जानने का अवसर मिलता है।

 नंदनवन जंगल सफारी नवा रायपुर
मिनी जू से जंगल सफारी तक का सफर
    नंदनवन की शुरुआत वर्ष 1979 में रायपुर में ‘नंदनवन मिनी जू’ के रूप में हुई थी। यह वन्यजीवों के रेस्क्यू और राहत केंद्र के रूप में विकसित किया गया था। वर्ष 2008 में केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (सीजेडए) ने इसे आधिकारिक रूप से ‘मिनी जू’ की मान्यता दी।
    इसके बाद नवा रायपुर में आधुनिक और विशाल जंगल सफारी विकसित करने के लिए वर्ष 2012 से 2015 के बीच 320.15 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई। 1 नवंबर 2016 को छत्तीसगढ़ राज्य के 16वें स्थापना दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नंदनवन जंगल सफारी का उद्घाटन किया।

320.15 हेक्टेयर में फैला नंदनवन जंगल सफारी बना प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों का पसंदीदा केंद्र
वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण शिक्षा पर विशेष जोर
    नंदनवन जंगल सफारी का मुख्य उद्देश्य वन्यजीवों का संरक्षण, दुर्लभ प्रजातियों का संरक्षण एवं प्रजनन और लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। यहां वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक वातावरण के अनुरूप सुरक्षित और तनावमुक्त आवास उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है।
    विद्यार्थियों और पर्यटकों को वन्यजीवों तथा जैव विविधता के महत्व की जानकारी देने के लिए यहां विभिन्न पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।
पांच प्रमुख सफारी जोन हैं आकर्षण का केंद्र
    नंदनवन जंगल सफारी को वन्यजीवों की सुरक्षा और पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग जोन में विकसित किया गया है।

320.15 हेक्टेयर में फैला नंदनवन जंगल सफारी बना प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों का पसंदीदा केंद्र
शाकाहारी सफारी
    30.89 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले इस जोन में चीतल, सांभर, नीलगाय और काला हिरण जैसे वन्यजीव प्राकृतिक वातावरण में विचरण करते हैं।
भालू सफारी
    20.03 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित भालू सफारी पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है। यहां भालुओं को प्राकृतिक वातावरण में देखने का अवसर मिलता है।
बाघ सफारी
    20.04 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली बाघ सफारी में पर्यटक देश के राष्ट्रीय पशु बाघ को करीब से देखने का रोमांचक अनुभव प्राप्त करते हैं।
सिंह सफारी
    20.01 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित सिंह सफारी में एशियाई शेरों का संरक्षण किया जा रहा है।
जू जोन
    50 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले जू जोन में विभिन्न प्रजातियों के पक्षी, सरीसृप और अन्य वन्यजीव आकर्षण का केंद्र हैं।

दुर्लभ और विशेष वन्यजीवों का भी संरक्षण
    नंदनवन जंगल सफारी में विभिन्न चिड़ियाघरों के साथ पशु विनिमय कार्यक्रम के माध्यम से कई दुर्लभ और विशेष वन्यजीवों को लाया गया है। यहां सफेद बाघ, दरियाई घोड़ा, घड़ियाल और क्लोन जंगली भैंसा ‘दीपाशा’ जैसे वन्यजीव पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण हैं।
देश-विदेश से पहुंचते हैं पर्यटक
    वनमंडलाधिकारी थेजस शेखर ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप की मंशानुरूप नंदनवन जंगल सफारी पर्यटकों के बीच लगातार लोकप्रिय हो रहा है। गौरतलब है कि वर्ष 2018-19 में ही देश-विदेश से 1 लाख 74 हजार 611, वर्ष 2019-20 में 1 लाख 60 हजार 767 ,वर्ष 2020-21 में 1 लाख 60 हजार 32, वर्ष 2021-22 में 1 लाख 73 हजार 72, वर्ष 2022-23 में 2 लाख 77 हजार 881, वर्ष 2023-24 में 2 लाख 62 हजार 486, वर्ष 2024-25 में 2 लाख 70 हजार 942, वर्ष 2025-26 में 3 लाख 24 हजार 785, से अधिक पर्यटकों ने जंगल सफारी का भ्रमण किया। यह आंकड़ा इसकी बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है।
जैव विविधता संरक्षण के प्रति जागरूकता का केंद्र
    नंदनवन जंगल सफारी में अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस, विश्व बाघ दिवस और वन्यजीव सप्ताह जैसे महत्वपूर्ण अवसरों पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन आयोजनों के माध्यम से लोगों, विद्यार्थियों और पर्यटकों को वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाता है।
रायपुर से आसान पहुंच
    नंदनवन जंगल सफारी नवा रायपुर (अटल नगर) के सेक्टर-39 में स्थित है। यह स्वामी विवेकानंद अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे, रायपुर से लगभग 15 किलोमीटर और रायपुर रेलवे स्टेशन से लगभग 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। जंगल सफारी प्रत्येक सोमवार को बंद रहती है।
वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण शिक्षा का ऐसा अनूठा केंद्र
नंदनवन जंगल सफारी आज छत्तीसगढ़ में पर्यटन, वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण शिक्षा का ऐसा अनूठा केंद्र बन चुका है, जहां प्रकृति के करीब पहुंचकर वन्यजीवों को देखने के साथ-साथ उनके संरक्षण का संदेश भी मिलता है ।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677