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कोरबा

केंद्रीय बजट अपार अवसरों का राजमार्ग है – सरोज पांडेय

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कोरबा। भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुश्री सरोज पांडेय ने संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हम तेजी से बढती अर्थव्यवस्था बनकर ही संतुष्ट नहीं है। बल्कि जल्द से जल्द तीसरी अर्थव्यवस्था बनना चाहते हैं। ये बजट अपार अवसरों का राजमार्ग है। ये बजट वर्तमान के सपनों को साकार करता है। भारत जिस रिफॉर्म्स पर सवार है, बजट से उसे नई गति मिलेगी।
सुश्री सरोज पांडेय ने आगे कहा कि सनराइज सेक्टर को जिस मजबूती के साथ महत्व दिया है वह अहम है। रेयर अर्थ कॉरिडोर, क्रिटिकल मिनिरल्स पर बल, टैक्सटाइल, हाईटेक टूल मैनुफैक्चरिंग जैसी चीजें भविष्य और वर्तमान की जरूरतों का ध्यान रखती हैं।बजट में इंफ्रा को मजबूत करने के लिए कई बड़े कदम उठाए गए हैं। हाई स्पीड रेल कॉरिडोर टियर टू और थ्री शहरों के विकास पर ध्यान ये सारे कदम विकसित भारत की यात्रा की गति को और तेज करेंगे। किसी भी देश की सबसे बड़ी पूंजी नागरिक हैं। हमने इस पर निवेश किया है। हमारा प्रयास स्किल, स्केल और सस्टेनिबिलिटी को मजबूत करने पर रहा है।

सुश्री सरोज पांडेय ने आगे कहा कि यह युवा शक्ति बजट है। ऑरेंज इकोनॉमी, पर्यटन और खेलो इंडिया मिशन के जरिए युवाओं के लिए नए अवसरों द्वार खुलेंगे। भारत को दुनिया का डेटा सेंटर हब बनाने टैक्स में बड़ी छूट दी गई है। इस बजट से एम्प्लॉयमेंट जनरेशन को बढ़ावा मिलेगा। हमारे देश में 10 करोंड़ से ज्यादा महिलाएं सेल्फ हेल्प ग्रुप से जुड़ी हैं। महिलाओं द्वारा निर्मित संचालित ग्रुप का सिस्टम बने इसका ध्यान बजट में रखा गया है। कोशिश है हर घर लक्ष्मी पहुंचे। हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल बनाए जाएंगे।

भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष द्वय डॉ. सरोज पाण्डेय कहा है कि केन्द्रीय बजट में रिफॉर्म ओवर रेटॉरिक के मार्गदर्शक सिद्धांत के तहत सरकार ने देश की संभावनाओं को प्रदर्शन में बदलने के लिए तीन पवित्र कर्तव्य तय किए हैं : उत्पादकता और ग्लोबल कॉम्पिटिटिवनेस बढ़ाकर आर्थिक विकास को तेज़ और टिकाऊ बनाना, जनता की आकांक्षाओं को पूरा करना, उन्हें समृद्धि का मजबूत भागीदार बनाना, और सबका साथ, सबका विकास के विज़न को साकार करना ताकि हर क्षेत्र और समुदाय को अवसर मिले। 500 जलाशयों का इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट, महिला समूहों और FPO लिक, इन्क्लूसिव ग्रोथ बजट की विशेषता है। इससे भारत के कोस्टल क्षेत्रों के अलावा इनलैण्ड सेक्टर को भी बढ़ावा मिलेगा। यह कदम जल संसाधनों को आय के स्थायी स्रोत में बदलते हुए मछुआरों, महिला समूहों और छोटे उत्पादकों को संगठित बाजार से जोड़कर समावेशी विकास को जमीन पर लाएगा।
अंत में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट छत्तीसगढ़ को विकास की मुख्यधारा में और मजबूती से जोड़ने वाला साबित होगा।

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कोरबा

दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग ने की आवश्यक कार्रवाई

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आपातकालीन सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने हेतु की जा रही आवश्यक कार्यवाही

कोरबा। ग्राम लामपहाड़ में घटित सड़क दुर्घटना की घटना को जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा गंभीरता से लेते हुए तत्काल तथ्यात्मक जांच कराई गई। जांच हेतु खंड चिकित्सा अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पताढ़ी को वस्तुस्थिति का परीक्षण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। संबंधित अधिकारियों से प्राप्त प्रतिवेदन एवं स्थल स्तर पर उपलब्ध जानकारी के परीक्षण उपरांत घटना से संबंधित वस्तुस्थिति स्पष्ट हुई है। साथ ही आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में सामने आई चुनौतियों के निराकरण हेतु आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई भी प्रारंभ कर दी गई है।
प्राप्त प्रतिवेदन के अनुसार 08 जून 2026 की रात्रि लगभग 8ः30 बजे ग्राम लामपहाड़ में एक बाइक दुर्घटना की सूचना सेक्टर मेडिकल ऑफिसर लेमरू को प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही संबंधित अधिकारियों द्वारा उपलब्ध आपातकालीन संसाधनों के माध्यम से तत्काल कार्रवाई प्रारंभ की गई। इस दौरान लेमरू स्थित 108 एम्बुलेंस पूर्व से एक रेफर मरीज को कोरबा पहुंचाने के कार्य में लगी हुई थी तथा ड्यूटी अवधि पूर्ण होने एवं आवश्यक मानव संसाधन की अनुपलब्धता के कारण समय पर दुर्घटना स्थल तक नहीं पहुंच सकी।
जांच में यह भी पाया गया कि 108 एम्बुलेंस सेवा का संचालन संबंधित एजेंसी द्वारा किया जाता है। वर्तमान में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेमरू में अवस्थित 108 एम्बुलेंस की आवश्यकता पड़ने पर कॉल कंन्ट्रोल सेंटर रायपुर को कॉल करने पर कोरबा में पॉयलेट को सीधे कॉल लगने की सुविधा नहीं है। पॉयलेट के निजी नम्बर पर कॉल किया जाता है।  नेटवर्क सम्बन्धी समस्या के कारण कॉल कनेन्ट नही हो पाता है जिससे तत्कालीन अवधि में परेशानी का सामना करना पड़ता है।  इस संबंध में सेक्टर प्रभारी द्वारा तत्काल 108 सेवा के जिला समन्वयक से संपर्क कर स्थिति से अवगत कराया गया। लेमरू क्षेत्र में नेटवर्क संबंधी बाधाओं तथा द्वितीय व तृतीय पाली में डयूटी करने हेतु पर्याप्त पायलट एवं ईएमटी (इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन) की उपलब्धता नहीं होने से आपातकालीन सेवा संचालन में व्यावहारिक कठिनाइयां उत्पन्न हुईं।
दुर्घटना से प्रभावित व्यक्ति को तत्पश्चात 112 वाहन के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेमरू लाया गया, जहां चिकित्सकीय परीक्षण के दौरान उसे मृत पाया गया। इसके बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को सुरक्षित रखकर उच्च अधिकारियों को घटना की जानकारी दी गई।
जांच प्रतिवेदन में यह स्पष्ट हुआ है कि 108 एम्बुलेंस सेवा एक सतत (24×7) आपातकालीन सेवा है, जिसके सुचारू संचालन के लिए प्रत्येक शिफ्ट में पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध होना आवश्यक है। संबंधित एजेंसी द्वारा तीनों पालियों के लिए पृथक-पृथक पायलट एवं ईएमटी की व्यवस्था नहीं किए जाने के कारण उक्त स्थिति निर्मित हुई।
मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा 108 संजीवनी एक्सप्रेस के जिला समन्वयक से स्पष्टीकरण प्राप्त करने की कार्रवाई की गई है। साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेमरू में संचालित नवीन 108 संजीवनी एक्सप्रेस के लिए तीनों शिफ्टों में पृथक पायलट एवं ईएमटी की नियुक्ति सुनिश्चित करने हेतु उप संचालक (108), संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, रायपुर को पत्र प्रेषित किया गया है।
जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और गुणवत्ता को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही है। घटना के संबंध में प्राप्त तथ्यों के आधार पर आवश्यक सुधारात्मक कदम प्रारंभ कर दिए गए हैं, ताकि भविष्य में किसी भी आपात स्थिति में नागरिकों को और अधिक त्वरित एवं प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनहित से जुड़े प्रत्येक मामले में संवेदनशीलता, जवाबदेही एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना उसकी सर्वाेच्च प्राथमिकता है तथा स्वास्थ्य सेवाओं के निरंतर सुदृढ़ीकरण की दिशा में प्रभावी प्रयास जारी है।

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कोरबा

मछलियों के संरक्षण हेतु 15 अगस्त तक बंद ऋतु घोषित

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मत्स्य आखेट पर रहेगा प्रतिबंध,

प्रतिबंधित अवधि पर मछली पकड़ने पर देना होगा 25 हजार रूपये जुर्माना

कोरबा। जिले में वर्षा ऋतु में मछलियों की वंश वृद्धि को ध्यान में रखकर उनके संरक्षण के लिए छत्तीसगढ़ नदीय मत्स्योद्योग अधिनियम के तहत 16 जून से 15 अगस्त तक की अवधि को बंद ऋतु (क्लोज सीजन) घोषित किया गया है। इस अधिनियम के अंतर्गत जिले के सभी तालाबों एवं जल स्त्रोतों जिनका संबंध नदी नालों से नहीं है, के अतिरिक्त जलाषयों में किये जा रहे केज कल्चर को छोड़कर सभी प्रकार के जल संसाधनों में मत्स्याखेट कार्य 16 जून से 15 अगस्त 2026 तक पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
सहायक संचालक मछली पालन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार नियमों का उल्लंघन करने तथा अपराध सिद्ध होने पर छत्तीसगढ़ राज्य मत्स्य क्षेत्र अधिनियम के तहत 25 हजार रूपए का जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि उक्त नियम केवल छोटे तालाब या अन्य जल स्रोत जिनका संबंध किसी नदी-नाले से नहीं है और उनके अतिरिक्त जलाशय जिनमें केज कल्चर का कार्य किया जा रहा है, उनमें मत्स्य अधिनियम लागू नहीं होंगे।

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कोरबा

राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के संबंध में बैठक 16 को

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कोरबा। राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान 28 जून 2026 के संबंध में कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक कलेक्टोरेट सभा कक्ष में दोपहर 01 बजे आयोजित की गई है। सर्व संबंधितों को बैठक में उपस्थित होने कहा गया है।

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