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कोरबा

भाजपा जिला कोरबा के लिए ऐतिहासिक दिन: ‘अटल स्मृति भवन’ का भूमिपूजन एवं शिलान्यास भव्य रूप से संपन्न

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कोरबा। भारतीय जनता पार्टी, जिला कोरबा के लिए आज का दिन ऐतिहासिक एवं अत्यंत गौरवपूर्ण रहा। जिले के नवीन जिला कार्यालय “अटल स्मृति भवन” के भूमिपूजन एवं शिलान्यास समारोह का आयोजन गरिमामय और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के करकमलों से भूमिपूजन एवं शिलान्यास संपन्न हुआ। कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुश्री सरोज पांडेय, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जमवाल, कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल, कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन, प्रदेश कोषाध्यक्ष राम गर्ग, प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी, संभाग प्रभारी रामू रोहरा, जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी, कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल, महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, जिला पंचायत अध्यक्ष पवन सिंह, प्रदेश मंत्री रितु चौरसिया, रायपुर संभाग सह प्रभारी डॉ. राजीव सिंह, देवेंद्र पांडेय एवं जोगेश लांबा की गरिमामयी उपस्थिति रही।


अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि अत्याधुनिक तकनीक एवं आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित यह नवीन कार्यालय न केवल संगठनात्मक गतिविधियों का केंद्र बनेगा, बल्कि भाजपा की विचारधारा, संस्कार और सेवाभाव का सशक्त प्रेरणास्थल भी सिद्ध होगा। यह कार्यालय अंत्योदय, सुशासन और जनसेवा के संकल्प को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा।

भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी व उनकी टीम को बधाई – विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि ऊर्जानगरी कोरबा में बनने जा रहा भाजपा का यह विशाल कार्यालय अटल स्मृति भवन न केवल संगठन की शक्ति और विस्तार का प्रतीक होगा, बल्कि हजारों कार्यकर्ताओं के समर्पण और संकल्प को भी दीर्घकाल तक रेखांकित करेगा। उन्होंने कहा कि विश्व की सबसे बड़ी पार्टी के कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों के अंशदान से बनने वाला यह भवन सर्वसुविधाओं से युक्त होगा और संगठनात्मक गतिविधियों को नई गति देगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि संगठन के विस्तार और कार्यक्रमों की बढ़ती आवश्यकताओं को देखते हुए नए भवन की जरूरत थी। इसके निर्माण से कार्यकर्ताओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और संगठनात्मक कार्यों में सुगमता आएगी। उन्होंने अटल स्मृति भवन के निर्माण का संकल्प लेने और उसे साकार करने के लिए जिलाध्यक्ष अध्यक्ष गोपाल मोदी, उनकी टीम और सभी कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए विश्वास जताया कि यह कार्य निश्चित रूप से सफल होगा।

अटल स्मृति भवन आने वाले वर्षों में जनसेवा, संगठन विस्तार और राष्ट्र निर्माण के कार्यों का मजबूत केंद्र बनेगा – लखनलाल देवांगन

कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन ने अपने उद्बोधन में कहा कि “अटल स्मृति भवन केवल एक भवन नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा, संगठन की शक्ति और कार्यकर्ताओं के समर्पण का प्रतीक बनेगा।” उन्होंने कहा कि यह कार्यालय आने वाले वर्षों में जनसेवा, संगठन विस्तार और राष्ट्र निर्माण के कार्यों का मजबूत केंद्र बनेगा।

राष्ट्रनायक भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के विचारों और आदर्शों का प्रतीक होगा – गोपाल मोदी

जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी ने कहा कि “सेवा ही संगठन है” के मूल मंत्र को आत्मसात करते हुए भारतीय जनता पार्टी कोरबा जिला द्वारा एक भव्य, आधुनिक एवं सर्वसुविधायुक्त जिला कार्यालय के निर्माण की दिशा में ऐतिहासिक पहल की जा रही है। उन्होंने बताया कि कोरबा जिले के नवीन भाजपा जिला कार्यालय का नामकरण “अटल स्मृति भवन” के रूप में किया गया हैं, जो राष्ट्रनायक भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के विचारों और आदर्शों का प्रतीक होगा। श्री मोदी ने जानकारी दी कि यह नया जिला कार्यालय लगभग 1 एकड़ 68 डिसमिल भूमि पर निर्मित किया जाएगा, अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त यह कार्यालय दूर-दराज़ से आने वाले कार्यकर्ताओं के लिए संगठनात्मक गतिविधियों, प्रशिक्षण, वैचारिक विमर्श एवं जनसेवा का प्रमुख केंद्र बनेगा। उन्होंने भाजपा के संगठनात्मक इतिहास का उल्लेख करते हुए बताया कि पूर्व में भाजपा जिला कार्यालय का भूमि पूजन 16 जनवरी 1991 को तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष लखीराम अग्रवाल के कर-कमलों से संपन्न हुआ था तथा उसका लोकार्पण 24 मार्च 1993 को कुशाभाऊ ठाकरे द्वारा किया गया था। नया प्रस्तावित कार्यालय केवल एक भवन नहीं, बल्कि भाजपा की विचारधारा, संस्कार और “राष्ट्र प्रथम” की भावना को और अधिक सुदृढ़ करने वाला वैचारिक केंद्र होगा।

इस शुभ अवसर पर सहित जिले भर से आए बड़ी संख्या में पदाधिकारीगण, जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ताओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया। समारोह में उत्साह, अनुशासन और संगठनात्मक एकता का अद्भुत दृश्य देखने को मिला।

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कोरबा

पेड़ की डाल नहीं, पूरा विशाल धौरा वृक्ष गिरा था, वन विभाग के दावे पर उठे सवाल

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कोरबा/पाली। पाली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम चोरका डांड में शनिवार शाम आंधी-तूफान और बारिश के दौरान हुई दर्दनाक घटना में तीन युवकों की मौत के मामले में अब कई सवाल खड़े होने लगे हैं। प्रारंभिक जानकारी में बताया गया था कि तीनों युवक बारिश से बचने के लिए पेड़ के नीचे रुके हुए थे, तभी पेड़ की भारी डाल टूटकर उन पर गिर गई। लेकिन मीडिया टीम के मौके पर पहुंचने पर सामने आए तथ्यों ने मामले को नया मोड़ दे दिया है।

घटनास्थल पर देखा गया कि कोई डाल नहीं टूटी थी, बल्कि एक विशाल धौरा का पेड़ जड़ सहित गिरा हुआ था। वहीं ग्रामीणों, मृतक दिनेशु तिर्की के परिजनों तथा निर्माण कार्य में लगी महिलाओं ने बताया कि घटनास्थल पर वन समिति के माध्यम से सूअर पालन के लिए कोठा निर्माण का कार्य चल रहा था। उनके अनुसार दिनेशु तिर्की और कमलेश बड़ा निर्माण कार्य में लगे हुए थे।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अचानक तेज आंधी-तूफान शुरू हुआ। इसी दौरान धौरा वृक्ष से आवाज आई और कुछ ही क्षणों में वह घूमकर निर्माण स्थल पर गिर पड़ा। पेड़ के नीचे काम कर रहे युवक उसकी चपेट में आ गए। घटना में एक महिला को भी सिर और हाथ में हल्की चोटें आईं, जिसने शोर मचाकर ग्रामीणों को बुलाया। इसके बाद लोगों ने किसी तरह दबे हुए लोगों को बाहर निकाला और घायल युवकों को वाहन की व्यवस्था कर पाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। जहां जांच उपरांत दो युवकों को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि एक गंभीर रूप से घायल युवक को रेफर किया गया, जिसकी रास्ते में मौत हो गई। ग्रामीणों के अनुसार जंगल क्षेत्र होने के कारण तत्काल वाहन उपलब्ध नहीं हो पाया और अस्पताल पहुंचने में करीब ढाई घंटे का विलंब हुआ।

इधर जब इस संबंध में वन विभाग से जानकारी ली गई तो विभागीय अधिकारियों ने निर्माण कार्य में युवकों को लगाए जाने से इनकार किया। यहीं से कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि निर्माण कार्य में युवक शामिल नहीं थे तो वे घटनास्थल पर क्या कर रहे थे? ग्रामीण, परिजन और वहां मौजूद महिलाएं निर्माण कार्य में लगे होने की बात क्यों कह रही हैं? यदि वन समिति के अंतर्गत निर्माण कार्य चल रहा था तो वहां कार्यरत लोगों की निगरानी कौन कर रहा था? निर्माण स्थल पर सुरक्षा के क्या इंतजाम थे? क्या कार्य शुरू करने से पहले संभावित जोखिमों का आकलन किया गया था? यदि नाबालिग मौके पर मौजूद थे तो उनकी उपस्थिति किन परिस्थितियों में थी? क्या निर्माण कार्य के लिए मजदूरों का कोई पंजीयन या उपस्थिति रजिस्टर रखा गया था? दुर्घटना के समय वहां कितने लोग काम कर रहे थे और उन्हें किसके निर्देश पर लगाया गया था? आखिर घटना के संबंध में सामने आ रहे अलग-अलग दावों में सच्चाई क्या है?

मृतकों में 14 वर्षीय शिवराम टेकाम और 17 वर्षीय दिनेश तिर्की भी शामिल हैं। ऐसे में नाबालिगों से कार्य कराए जाने की आशंका को लेकर मामला और गंभीर हो जाता है। अब आवश्यकता इस बात की है कि पूरे घटनाक्रम की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि दुर्घटना के समय वहां वास्तव में क्या कार्य चल रहा था और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।फिलहाल यह मामला केवल प्राकृतिक दुर्घटना तक सीमित नहीं दिख रहा, बल्कि कई ऐसे सवाल छोड़ गया है जिनके जवाब जांच के बाद ही सामने आ सकेंगे।

चोरकाडांड निवासी हीरा सिंह ने बताया कि वन विभाग द्वारा पशुपालन के लिए भवन निर्माण कराया जा रहा था, जिसमें युवक कार्य कर रहे थे। उनके अनुसार मौसम सामान्य था और केवल हल्की हवा चल रही थी। इसी दौरान अचानक एक विशाल धौरा पेड़ गिर गया, जिसकी चपेट में आने से तीनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में उनकी मौत हो गई।

मृतक दिनेशु तिर्की की मां हीरामणि ने बताया कि उनका बेटा पिछले तीन दिनों से वहां काम पर जा रहा था। घटना की जानकारी गांव के एक युवक ने आकर दी, जिसके बाद वह तत्काल घटनास्थल पहुंचीं। ग्रामीणों की मदद से वाहन की व्यवस्था कर घायल युवकों को पाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत की खबर मिली।

काम करने वाली राधाबाई बाइसेम्हर ने बताया कि वह एक अन्य महिला के साथ दो दिनों से निर्माण कार्य में लगी थीं। हादसे के समय वह बालू उठा रही थीं, जबकि दूसरी महिला बालू छान रही थी। तभी कटने जैसी तेज आवाज सुनाई दी। जान बचाने के लिए भागते समय विशाल धौरा वृक्ष गिर पड़ा, जिसकी चपेट में आकर तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। राधाबाई ने बताया कि तीनों युवक पिछले दो दिनों से पानी ढुलाई और मसाला बनाने का काम कर रहे थे।

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कोरबा

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत कोरबा जिले में एक लाख से अधिक आवास पूर्ण

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मनरेगा के माध्यम से हितग्राहियों को मिल रहा 90 दिवस का रोजगार

कोरबा। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत कोरबा जिले ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए एक लाख से अधिक पक्के आवासों का निर्माण पूर्ण कर लिया है। वर्ष 2016 से अब तक जिले में कुल 1,00,013 आवासों का निर्माण सफलतापूर्वक पूर्ण किया जा चुका है, जिससे हजारों ग्रामीण परिवारों का अपने पक्के घर का सपना साकार हुआ है।

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के आवासहीन एवं वंचित परिवारों को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराया जा रहा है। योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को आवास निर्माण के लिए चरणबद्ध तरीके से 1.20 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है। इसके साथ ही महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत आवास निर्माण कार्य हेतु 90 दिवस का रोजगार उपलब्ध कराया जाता है, जिससे हितग्राहियों को मजदूरी भुगतान का लाभ भी प्राप्त होता है।

योजना के अंतर्गत एसईसीसी-2011 सर्वे तथा वर्ष 2018 में आयोजित आवास प्लस सर्वे में पात्र पाए गए परिवारों को क्रमबद्ध रूप से आवास स्वीकृत किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन द्वारा सतत निगरानी एवं प्रभावी क्रियान्वयन के परिणामस्वरूप आवास निर्माण कार्यों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है।

जिले में वर्ष 2016 से 2023 के दौरान 61,223 आवास पूर्ण किए गए, जबकि वर्ष 2024 से 2026 के बीच 37,804 आवासों का निर्माण पूरा हुआ। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 478 आवास तथा प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के अंतर्गत 508 आवास पूर्ण किए गए हैं।

इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी दिनेश कुमार नाग ने कहा कि शासन के निर्देशानुसार पात्र ग्रामीण हितग्राहियों को गुणवत्तापूर्ण पक्के आवास उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिले में एक लाख से अधिक आवासों का पूर्ण होना ग्रामीण विकास एवं जनकल्याण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है, जिससे हजारों परिवारों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है।

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कोरबा

05 जून पर्यावरण दिवस: छत्तीसगढ़ पब्लिक हायर सेकेण्डरी स्कूल छत्तीसगढ़ पर्यावरण रत्न सम्मान से होगी सम्मानित

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बिलासपुर/पाली। पर्यावरण एवं पर्यटन विकास समिति बिलासपुर, छत्तीसगढ़ी राजभाषा परिषद, वन विभाग एवं छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मण्डल बिलासपुर के संयुक्त तत्वावधान में 05 जून 2026 को विश्व पर्यावरण दिवस पर सरस्वती शिशु मंदिर सभागार तिलक भवन बिलासपुर में पर्यावरण सुरक्षा एवं संवर्धन विषय पर प्रतियोगिताएं, कार्यशाला, काव्य गोष्ठी, नृत्य, गीत-संगीत, फैंसी ड्रेस, बच्चों के लिए चित्रकला प्रतियोगिता सहित पर्यावरण क्षेत्र में अह्म भूमिका निभाने वाली प्रतिभाओं एवं संस्थाओं को सम्मानित किया जाएगा। बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला के मुख्य आतिथ्य में यह समारोह सम्पन्न होगा, जिसकी अध्यक्षता विनय पाठक करेंगे।इनके अलावा कई शिक्षाविद, पर्यावरणविद कार्यक्रम का गौरव बढ़ाएंगे। आईएफएस एस एस डी बड़गैया, समाजसेवी शैलेन्द्र सिंह कछवाहा, वरिष्ठ साहित्यकार विष्णु कुमार तिवारी, आईएफएस नीरज जी, डॉ. अभिलाषा बेहार, आईएसएस रमेशचंद्र श्रीवास्तव, समाजसेवी राजीव नयन शर्मा, क्षेत्रीय पर्यावरण संरक्षण अधिकारी श्रीमती रश्मि श्रीवास्तव, पर्यावरणविद हेमंत कुमार गौर सहित अन्य विभूतियां उपस्थित रहेंगी।

इस सम्मान समारोह में पाली स्थित छत्तीसगढ़ पब्लिक हायर सेकेण्डरी स्कूल को भी छत्तीसगढ़ पर्यावरण रत्न सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। विद्यालय के डायरेक्टर डॉ. गजेन्द्र तिवारी ने बताया कि विद्यालय परिसर को स्वच्छ, सुंदर एवं हरितिमा बनाने के साथ-साथ जल संरक्षण और वर्षा जलसंचयन, प्लास्टिक मुक्त अभियान एवं बच्चों द्वारा पर्यावरण जागरूकता रैलियों के माध्यम से समाज को पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन का संदेश देना एवं पौध रोपण जैसे विविध कार्यक्रम के लिए छत्तीसगढ़ पर्यावरण रत्न सम्मान से सम्मानित किया जाएगा।
डॉ. गजेन्द्र तिवारी ने बताया कि यह विद्यालय के लिए गौरव की बात है और एक बड़ी उपलब्धि भी।

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