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UP दरोगा भर्ती परीक्षा-अवसरवादी का ऑप्शन ‘पंडित’ देने पर विवाद:सीएम योगी ने कहा- जातीय कमेंट बर्दाश्त नहीं, डिप्टी CM बोले- कार्रवाई होगी

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लखनऊ,एजेंसी। उत्तर प्रदेश में दरोगा भर्ती परीक्षा में अवसरवादी के विकल्प में ‘पंडित’ ऑप्शन दिए जाने पर विवाद हो गया है। सीएम योगी ने सभी भर्ती बोर्ड को निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा- जाति, धर्म को लेकर अमर्यादित टिप्पणी न की जाए। यह कतई बर्दाश्त नहीं है। बार-बार ऐसी गलती करने वालों को प्रतिबंधित किया जाए। वहीं, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि इस पर कार्रवाई होगी।

उधर, विवाद के बाद पुलिस भर्ती बोर्ड ने रविवार सुबह X पर पोस्ट किया। इसमें कहा कि एग्जाम सेंटर में एंट्री से पहले अभ्यर्थियों की धार्मिक पहचान जैसे- कलावा, मंगलसूत्र न उतरवाए जाएं। इसके बाद, रविवार को दरोगा भर्ती एग्जाम के दूसरे दिन एग्जाम सेंटर्स पर कुछ नरमी बरती गई।

अभ्यर्थियों का कलावा नहीं काटा गया। महिला अभ्यर्थियों से मंगलसूत्र नहीं उतरवाए गए। हालांकि, गले की चेन, हाथ के कंगन-कड़े, जूते और बेल्ट उतरवाए गए। दरअसल, यूपी में दो दिन चलने वाली दरोगा भर्ती परीक्षा का आज आखिरी दिन है।

परीक्षा दो पालियों में कराई जा रही है। पहली पाली में सुबह 10 से 12 बजे तक परीक्षा हुई। दूसरी पाली में दोपहर 3 से 5 बजे तक एग्जाम होगा। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPBB) ने प्रदेश के सभी 75 जिलों में 1090 सेंटर बनाए हैं।

भर्ती के जरिए 4,543 पदों पर नियुक्ति होगी। भर्ती के लिए 15,75,760 अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। इनमें 11,66,386 पुरुष और 4,09,374 महिला अभ्यर्थी हैं।

दरोगा भर्ती परीक्षा की तस्वीरें…

बरेली में दरोगा परीक्षा के दूसरे दिन अभ्यर्थी के हाथ से कड़े को उतरवाया गया।

बरेली में दरोगा परीक्षा के दूसरे दिन अभ्यर्थी के हाथ से कड़े को उतरवाया गया।

गोरखपुर में एक अभ्यर्थी चेन पहनकर पहुंचा तो उसे निकलवा दिया।

गोरखपुर में एक अभ्यर्थी चेन पहनकर पहुंचा तो उसे निकलवा दिया।

कानपुर में परीक्षा केंद्र के बाहर कैंडिडेट्स हाथ में जूते पकड़कर लाइन में खड़े रहे।

कानपुर में परीक्षा केंद्र के बाहर कैंडिडेट्स हाथ में जूते पकड़कर लाइन में खड़े रहे।

वो सवाल, जिस पर हो रहा बवाल

दरअसल, शनिवार को सामान्य हिंदी के प्रश्नपत्र में पूछा गया था- अवसर के हिसाब से बदल जाने वाले को क्या कहेंगे? इसके 4 विकल्पों में पंडित, अवसरवादी, निष्कपट और सदाचारी थे। सवाल सामने आते ही विरोध शुरू हो गया।

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा- यह मामला स्वीकार्य नहीं है। जांच के बाद जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाएगी। भाजपा के तीन ब्राह्मण विधायक शलभ मणि त्रिपाठी, प्रकाश द्विवेदी और रमेश मिश्र ने भी विरोध जताते हुए सीएम को लेटर लिखकर कार्रवाई की मांग की।

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सिलेंडर के लिए राजस्थान-बिहार में कई जगह जाम लगा:देशभर में सुबह से लाइनें लगीं, ₹950 वाला घरेलू गैस सिलेंडर ब्लैक में ₹3500 का मिल रहा

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नई दिल्ली अमेरिका-इजराइल की ईरान से जंग की वजह से देश में LPG संकट बढ़ गया है। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पंजाब-चंडीगढ़, हरियाणा और राजस्थान सहित अन्य राज्यों में सिलेंडर के लिए सुबह से ही गैस एजेंसियों और गोदामों पर लाइनें लग गई हैं।

LPG संकट के कारण गैस सिलेंडर की कालाबाजारी भी बढ़ गई है। 950 रुपए में आने वाला घरेलू गैस सिलेंडर 3500 रुपए और 2 हजार रुपए के कॉमर्शियल सिलेंडर ब्लैक में 5 हजार रुपए में बेचा जा रहा है।

उत्तर प्रदेश: लखनऊ में रिसॉर्ट से 88 सिलेंडर जब्त, कानपुर में एजेंसी पर हंगामा

यूपी में LPG के लिए लोग परेशान हैं। छठे दिन भी गैस एजेंसियों के बाहर लंबी-लंबी लाइनें लगी हैं। बुकिंग के बाद भी लोगों को समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं। कानपुर में सुबह 9 बजे एक एजेंसी के बाहर ‘आज गैस नहीं मिलेगी’ का नोटिस देखकर लोगों ने हंगामा कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। लोगों को समझाकर शांत कराया।

राजस्थान: LPG के बाद अब CNG के लिए भी लाइनें

पूरे राजस्थान में LPG के लिए लोग परेशान हैं। रसोई में चूल्हे तक नहीं जल रहे हैं। गैस गोदाम के बाहर लाइन लगी है। वहां के स्टाफ से ग्राहकों की तकरार हो रही है। ऐसा ही हाल CNG-LPG स्टेशन का भी है।

ऑटो की एक-एक किलोमीटर लंबी लाइन लगी है। पूरी रात स्टेशन के बाहर गुजारनी पड़ रही है, फिर भी पर्याप्त LPG नहीं मिल पा रही है।

बिहार: पटना में सुबह 4 बजे से लंबी लाइन लगीं

अमेरिका-इजराइल की ईरान से जंग की वजह से देशभर में LPG की किल्लत जारी है। बिहार में भी रसोई गैस का संकट थमने का नाम नहीं ले रहा है। सिलेंडर लेने के लिए लोग सुबह से ही गैस एजेंसियों के बाहर लाइन में खड़े हो जा रहे हैं। पटना के बिहटा में सुबह 4 बजे से गैस एजेंसी के बाहर लंबी लाइन नजर आई। वहीं, दानापुर और बगहा में गैस सिलेंडर आने के बाद भी उसे बांटा नहीं गया तो नाराज लोगों ने सड़क जाम कर दिया।

पंजाब-चंडीगढ़: दुकान से सिलेंडर चुराया:फिरोजपुर में 1600 रुपए में ब्लैक में बेच रहे

पंजाब-चंडीगढ़ में गैस संकट अब भी बरकरार है। बरनाला में बस स्टैंड के पास एक चाय विक्रेता के ठेले से सिलेंडर चुरा लिया। पीड़ित बनवारी लाल ने बताया कि वह एक मिनट के लिए चाय के ठेले से सिलेंडर रखकर पास की दुकान पर चाय देने गया था। इसी दौरान सफेद रंग की बाइक पर सवार दो युवक आए और सिलेंडर चुराकर फरार हो गए।

वहीं फिरोजपुर में 1600 रुपए में बिना बुकिंग किए घरेलू सिलेंडर बेचने का वीडियो सामने आया है। सुखदेव गुरेजा ने 5 मार्च को एचपी गैस एजेंसी से घरेलू सिलेंडर बुक करवाया था। कई दिन बीत जाने के बावजूद एजेंसी की ओर से सिलेंडर नहीं दिया गया।

मध्य प्रदेश: सुबह से कतार में लगे लोग, इटारसी में कांग्रेस का अनोखा प्रदर्शन

मध्य प्रदेश में रसोई गैस (LPG) को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। एक तरफ जहां कॉमर्शियल सिलेंडर नहीं मिलने से होटलों के चूल्हे ठंडे पड़ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ घरेलू गैस के लिए आम आदमी को धूप में घंटों पसीना बहाना पड़ रहा है। प्रदेश के अलग-अलग शहरों से किल्लत और राहत की मिली-जुली तस्वीरें सामने आ रही हैं।

हरियाणा: गैस के बाद पेट्रोल-डीजल की सप्लाई पर नजर

हरियाणा में गैस सिलेंडर की किल्लत के बीच अचानक अब डीजल की डिमांड बढ़ गई है। पेट्रोल पंपों पर डीजल की सेल रूटीन से ज्यादा हो रही है। उपभोक्ता जरूरत से ज्यादा डीजल स्टॉक कर रहे हैं। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति पर नजर रखना शुरू कर दिया है।

खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने लेटर जारी कर सभी पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिए हैं कि पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करें और किसी भी उपभोक्ता को जरूरत से ज्यादा तेल न दें।

PNG कनेक्शन वालों को नहीं मिलेगा LPG सिलेंडर

अगर आपके घर में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन है, तो अब आपको अपना LPG सिलेंडर को सरेंडर करना होगा। देश में गहराते गैस संकट के बीच पेट्रोलियम मंत्रालय ने सप्लाई के नियमों में बड़ा बदलाव किया है।

नए आदेश के मुताबिक, PNG यूजर्स को न तो नया LPG कनेक्शन मिलेगा और न ही पुराना सिलेंडर रिफिल होगा। सरकार इससे पहले सप्लाई को लेकर 9 दिन में 3 बार नए नियम जारी कर चुकी है।

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पश्चिम बंगाल में पुजारियों–मुअज्जिनों का मानदेय ₹500 बढ़ा:अब हर महीने ₹2000 मिलेंगे, चुनाव के ऐलान से सवा घंटे पहले ममता का ट्वीट

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कोलकाता,एजेंसी। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की घोषणा से सवा घंटे पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पुजारियों और मुअज्जिनों (अजान के लिए आवाज देने वाला) के मानदेय में 500 रुपए की बढ़ोतरी की है। इन्हें अब हर महीने 2 हजार रुपए मिलेंगे।

सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनरों को बकाया डीए मार्च से देने का ऐलान किया। राज्य में दो फेज 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग होगी। 4 मई को रिजल्ट आएगा।

ममता बोलीं- बंगाल में हर समुदाय और परम्परा को महत्व दिया जाता है

सीएम ममता ने रविवार दोपहर X पोस्ट में लिखा- पुजारी और मुअज्जिन समुदायों के आध्यात्मिक और सामाजिक जीवन को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। सरकार ने मानदेय योजना के तहत पुजारियों और मुअज्जिनों की सभी नई आवेदनों को भी मंजूरी दे दी है।

ममता ने लिखा कि हम ऐसा माहौल बनाने पर गर्व करते हैं, जहां हर समुदाय और परम्परा को महत्व दिया जाता है और मजबूत किया जाता है। हमारा प्रयास है कि हमारी समृद्ध आध्यात्मिक विरासत के संरक्षकों को उचित सम्मान और समर्थन मिले।

राज्यों कर्मचारियों को बकाया डीए मार्च 2026 से मिलेगा

सीएम ममता ने ने राज्य सरकार के कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए भी बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अपने कर्मचारियों और पेंशनरों से किया गया वादा पूरा करते हुए ROPA 2009 के तहत महंगाई भत्ते (DA) के बकाया भुगतान की प्रक्रिया शुरू करने का फैसला लिया है।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, राज्य सरकार के कर्मचारी और पेंशनर, शैक्षणिक संस्थानों के लाखों शिक्षक व गैर-शिक्षक कर्मचारी, साथ ही पंचायत, नगरपालिकाओं और अन्य स्थानीय निकायों जैसे अनुदानित संस्थानों के कर्मचारी और पेंशनर को इस फैसला का लाभा मिलेगा।

उन्होंने बताया कि ROPA 2009 के DA का बकाया भुगतान मार्च 2026 से शुरू होगा। इसके लिए राज्य के वित्त विभाग की ओर से विस्तृत अधिसूचनाएं जारी कर दी गई हैं, जिनमें भुगतान की प्रक्रिया और नियम तय किए गए हैं।

पश्चिम बंगाल SIR- फाइनल लिस्ट में 7.04 करोड़ से ज्यादा वोटर

पश्चिम बंगाल में जारी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बाद 1 मार्च को फाइनल वोटर लिस्ट पब्लिश हुई थी। इसमें वोटर 7.66 करोड़ से घटकर 7,04,59,284 रह गए हैं। यानी SIR से अब तक 63.66 लाख नाम हटे हैं, जो कुल मतदाताओं का 8.3% है। दिसंबर में जारी मसौदा सूची में 58 लाख से अधिक नाम हटे थे।

CEO ने कहा- 60 लाख से ज्यादा वोटरों के नाम की जांच अभी भी जारी है। हालांकि उन्हें नई वोटर लिस्ट में जोड़ा गया है। बाद में इन नामों पर फैसले के बाद लिस्ट में बदलाव हो सकता है। 2021 चुनाव में 294 में 166 सीटों पर जीत का अंतर 25 हजार से कम था।

इनमें टीएमसी ने 102, भाजपा ने 64 सीटें जीती थीं। 5,000 से कम अंतर वाली 36 सीटों में भाजपा 22, टीएमसी 13 जीती। ऐसे में एक-एक वोट अहम है। हालांकि 25 हजार से ज्यादा अंतर वाली 111 में 108, 50 हजार से ज्यादा अंतर वाली 43 सीटें टीएमसी जीती थी।

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पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग:तमिलनाडु में 23 अप्रैल, असम-केरल-पुडुचेरी में 9 अप्रैल को वोटिंग, नतीजे 4 मई को

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नई दिल्ली,एजेंसी। चुनाव आयोग ने रविवार को असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव का ऐलान कर दिया। तमिलनाडु में सिंगल फेज में 23 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे।

वहीं, बंगाल में दो फेज 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग होगी। तीन राज्य केरल, असम और पुडुचेरी में सिंगल फेज यानी 9 अप्रैल को मतदान होगा। पांचों राज्यों का रिजल्ट 4 मई को आएगा।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि पांच राज्यों-यूटी में 17.4 करोड़ मतदाता हैं। यहां 824 सीटों पर चुनाव होने हैं। इन राज्यों में आज से ही आचार संहिता लागू हो गई है।

2021 में इन सभी पांच राज्यों के चुनाव का ऐलान 26 फरवरी को किया गया था। पिछली बार बंगाल में 8 चरणों में चुनाव हुए थे।

असम में 3 और तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में सिंगल फेज में वोटिंग हुई थी। पांचों विधानसभाओं का कार्यकाल मई-जून में खत्म हो रहा है।

4 राज्यों में SIR, तमिलनाडु में सबसे ज्यादा नाम कटे

जिन पांच राज्यों में चुनाव होने जा रहे हैं, उनमें SIR के बाद तमिलनाडु से सबसे ज्यादा वोटर्स के नाम कटे हैं। चुनाव आयोग ने बताया कि 27 अक्टूबर 2025 को SIR प्रक्रिया शुरू होने के दौरान राज्य में कुल 6,41,14,587 वोटर थे। करीब चार महीने चली SIR में 74,07,207 लोगों के नाम हटाए गए हैं। राज्य में अब 5,67,07,380 मतदाता पंजीकृत हैं।

वहीं पश्चिम बंगाल दूसरे नंबर पर है जहां करीब 58 लाख लोगों के नाम कटे हैं। फिर केरल में 8 लाख, असम में 2 लाख और पुडुचेरी में सबसे कम 77 हजार लोगों के नाम SIR प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची से हटाए गए। असम में स्पेशल रिवीजन (SR) कराया गया था।

अब 5 राज्यों में चुनौती और मौजूदा स्थिति

पश्चिम बंगाल- 3 बार से ममता बनर्जी ही मुख्यमंत्री: 14 साल से CM ममता के सामने BJP मुख्य चुनौती है। 2026 के चुनाव में टीएमसी जीती तो ममता बनर्जी लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनेंगी। वे ऐसा करने वाली देश पहली महिला होंगी। जयललिता के नाम 5 बार तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड है। हालांकि, वह 1991 से 2016 तक अलग-अलग कार्यकाल (लगातार नहीं) में मुख्यमंत्री पद पर रहीं।

तमिलनाडु- भाजपा-कांग्रेस 60 साल से यहां सत्ता में नहीं आ सकीं: आजादी के बाद लगभग दो दशक तक यहां कांग्रेस की सरकार रही। 1967 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस हार गई और इसके साथ ही राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव आया। 1967 के बाद से तमिलनाडु की राजनीति मुख्य रूप से AIADMK और DMK के बीच घूमती रही है।

फिलहाल तमिलनाडु में एमके स्टालिन की अगुवाई में DMK की सरकार है, जो 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता में आई। पार्टी ने कांग्रेस, वीसीके और वामपंथी दल के साथ गठबंधन किया है। बीजेपी ने कई चुनावों में AIADMK जैसे दलों के साथ गठबंधन जरूर किया, लेकिन राज्य में उसकी अपनी सरकार नहीं रही।

केरल- दक्षिण का इकलौता राज्य जहां लेफ्ट सत्ता में: देश का इकलौता राज्य है, जहां आज भी लेफ्ट सत्ता में है। यहां सत्ता बदलने की परंपरा रही है, लेकिन 2021 में वाम मोर्चा (LDF) ने इस ट्रेंड को तोड़ते हुए लगातार दूसरी बार सरकार बनाई। कांग्रेस गठबंधन की कोशिश इस बार एंटी इनकम्बेंसी को कैश करानी की रहेगी।

वहीं, BJP अब तक केरल में एक भी विधानसभा सीट नहीं जीत पाई है। पिछले लोकसभा चुनाव में यहां उसने त्रिशूर लोकसभा सीट जीती थी। इसके अलावा दिसंबर 2025 में भी BJP ने पहली बार त्रिवेंद्रम (तिरुवनंतपुरम) नगर निगम का चुनाव जीता।

असम- कांग्रेस ने किया 8 पार्टियों से अलायंस: राज्य में 10 साल से भाजपा की सरकार है। पार्टी तीसरे चुनाव की तैयारियों में जुटी है। पीएम मोदी 6 महीने में 3 बार राज्य का दौरा कर चुके हैं। यहां पार्टी ने 126 सीटों में से 100+ सीटें जीतने का टारगेट रखा है। असम में बांग्लादेश, घुसपैठियों/सीमा सुरक्षा, असमिया पहचान जैसे मुद्दे हैं। भाजपा को रोकने के लिए कांग्रेस ने 10 पार्टियों के साथ गठबंधन किया है। इसमें वामपंथी और क्षेत्रीय दल शामिल हैं।

पुडुचेरी- सबसे कम सीटों वाली विधानसभा: 2021 में कांग्रेस सरकार गिरने के बाद AINRC-BJP गठबंधन ने सत्ता हासिल की और एन. रंगास्वामी एक बार फिर मुख्यमंत्री बने। यह पहली बार था जब BJP सत्ता में सीधे तौर पर भागीदार बनी। इस बार कांग्रेस DMK के साथ गठबंधन में वापसी की कोशिश कर रही है और सरकार गिरने के मुद्दे को एंटी-इनकम्बेंसी में बदलना चाहती है।

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