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छत्तीसगढ़

अंबानी के वनतारा में छत्तीसगढ़ का सफेद भालू-हिरण:बदले में मिले जेब्रा को सांप ने डसा, माधुरी हथिनी विवाद के बीच वापस लेने की मांग

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रायपुर,एजेंसी। गुजरात के जामनगर में वनतारा वाइल्ड लाइफ रेस्क्यू एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर में माधुरी हथिनी विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने SIT का गठन किया है। SIT की टीम वनतारा में जानवरों की तस्करी, उनसे दुर्व्यवहार, वित्तीय अनियमितता और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच करेगी।

इन सभी के बीच छत्तीसगढ़ से भी अंबानी के वनतारा भेजे गए दुर्लभ सफेद भालू और हिरण को वापस लाने की मांग उठने लगी है। वन्य प्राणी प्रेमियों ने वन विभाग पर प्रोटोकॉल का पालन किए बिना जानवरों को भेजने का आरोप लगाया है।

वहीं वन्यजीव बोर्ड के पूर्व सदस्य प्राण चड्ढा ने भी अंबानी के वनतारा ​​​​​​प्रोजेक्ट पर सवाल उठाए हैं।

वनतारा में छत्तीसगढ़ से कौन सा वन्य प्राणी भेजा गया, कौन सा लाया गया, वन्य प्राणियों की स्थिति क्या है?

छत्तीसगढ़ से भी वनतारा भेजे गए दुर्लभ सफेद भालू और हिरण को वापस लाने की मांग उठने लगी है।

छत्तीसगढ़ से भी वनतारा भेजे गए दुर्लभ सफेद भालू और हिरण को वापस लाने की मांग उठने लगी है।

इस सफेद भालू को नवा रायपुर जंगल सफारी से वनतारा भेजा गया है।

इस सफेद भालू को नवा रायपुर जंगल सफारी से वनतारा भेजा गया है।

जंगल सफारी स्थित जू का मेन गेट। यहां पर्यटक बड़ी संख्या में पहुंचते हैं।

जंगल सफारी स्थित जू का मेन गेट। यहां पर्यटक बड़ी संख्या में पहुंचते हैं।

क्या है पूरा मामला ?

दरअसल, चिरमिरी से मिले सफेद भालू और हिरण को अप्रैल 2025 में वनतारा वाइल्ड लाइफ रेस्क्यू एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर भेजा गया था। भालू और हिरण देकर छत्तीसगढ़ वन विभाग के अफसर ज़ेब्रा जोड़ा, माउस डियर और मीर कैट लाए थे।

इन वन्य प्राणियों को क्वारेंटाइन किया गया था और आने वाले दिनों में पर्यटकों को दिखाना था। क्वारेंटाइन के बीच नर ज़ेब्रा को सांप ने काट लिया और उसकी मौत हो गई। मादा ज़ेब्रा, मीर कैट और माउस डियर अभी भी क्वारेंटाइन में हैं और पर्यटकों के सामने उन्हें अभी नहीं लाया गया है।

जेब्रा और जिराफ जैसे वन्य प्राणी आने की उम्मीद में जंगल सफारी में 12 करोड़ रुपए बाड़ा बनाने में खर्च कर दिए गए। जू में 32 बाड़े हैं। इनमें नए बने 8 खाली हैं। पिछली सरकार में इन्हें बनाने की मंजूरी दी।इनमें विदेशी वन्य प्राणियों को रखा जाएगा। इसलिए सेंट्रल जू अथॉरिटी को जेब्रा, जिराफ जैसे प्राणियों के हिसाब से बाड़े का डिजाइन भेजा गया।

वनतारा विवाद की पूरी कहानी ?

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को गुजरात के जामनगर में वनतारा वाइल्डलाइफ रेस्क्यू एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर की जांच के लिए 4 सदस्यीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) गठित की। इस सेंटर को रिलायंस फाउंडेशन चलाता है।

अदालत ने कहा कि SIT 12 सितंबर तक रिपोर्ट देगी। इसके बाद 15 सितंबर को फिर सुनवाई होगी। इसके आधार पर आगे फैसला लिया जाएगा। जस्टिस पंकज मित्तल और पीबी वराले की बेंच ने मामले की सुनवाई की।

उन्होंने कहा कि SIT को 12 सितंबर 2025 तक रिपोर्ट सौंपनी होगी। SIT पशु कल्याण, आयात-निर्यात कानून, वाइल्डलाइफ तस्करी, पानी और कार्बन क्रेडिट के दुरुपयोग जैसे मुद्दों की भी जांच करेगी। SIT की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस जे. चेलमेश्वर करेंगे।

एसआईटी में ये सदस्य हैं मौजूद

  • उत्तराखंड और तेलंगाना हाई कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस राघवेंद्र चौहान
  • मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर हेमंत नगराले
  • इंडियन रेवेन्यू सर्विस (आईआरएस) के अधिकारी अनीश गुप्ता

वनतारा ने कहा – SIT को पूरा सहयोग देंगे

वनतारा ने अपने बयान में कहा, “हम सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सम्मान करते हैं। वनतारा पारदर्शिता, संवेदनशीलता और कानून के पूर्ण अनुपालन के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा मिशन पशुओं का बचाव, पुनर्वास और देखभाल ही है। हम SIT को पूरा सहयोग देंगे और सच्चाई के साथ काम जारी रखेंगे।”

हथिनी माधुरी की तस्वीर है, इसी की शिफ्टिंग समेत अन्य प्रणियों की तस्करी के आरोपों पर SIT गठित की गई है।

हथिनी माधुरी की तस्वीर है, इसी की शिफ्टिंग समेत अन्य प्रणियों की तस्करी के आरोपों पर SIT गठित की गई है।

हथिनी माधुरी को वनतारा में किया गया था शिफ्ट

16 जुलाई को बॉम्बे हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि हथिनी माधुरी को वनतारा में शिफ्ट किया जाए। यह आदेश PETA इंडिया की ओर से हथिनी की सेहत, गठिया और मानसिक तनाव को लेकर जताई गई चिंताओं के बाद दिया गया था।

इससे पहले दिसंबर 2024 में, बॉम्बे हाईकोर्ट ने हथिनी के स्वास्थ्य और कल्याण के लिए उसे गुजरात के वनतारा पशु अभयारण्य में स्थानांतरित करने का आदेश दिया था। फिर 29 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने भी इस आदेश को बरकरार रखा था। यह मामला 2023 से चल रहा है।

माधुरी को वनतारा शिफ्ट किए जाने पर कोल्हापुर में जुलाई के आखिरी हफ्ते में विरोध प्रदर्शन हुए। लोगों ने उसको वापस लाने के लिए हस्ताक्षर किए। धार्मिक परंपराओं और भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया।

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कोरबा

महतारी वंदन योजना से महिलाओं को मिली आर्थिक स्थिरता और सम्मान की नई पहचान

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26 किश्तों से मजबूत हुआ भरोसा, योजना से बदली जीवन की दिशा

योजना से महिलाएं बनीं अधिक सक्रिय और आत्मविश्वासी : श्रीमती श्यामा प्रजापति

कोरबा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश की सुशासन सरकार महिलाओं के उत्थान, सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इसी क्रम में संचालित की जा रही सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना आज महिलाओं के जीवन में व्यापक और सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन रही है। यह योजना न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सुदृढ़ बना रही है, बल्कि उन्हें परिवार और समाज में एक नई पहचान और सम्मान भी दिला रही है।

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरू की गई इस योजना का  उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। यह राशि महिलाओं के लिए एक स्थायी सहारा बनकर उभर रही है, जिससे वे अपने दैनिक जीवन की आवश्यकताओं को सहजता से पूरा कर पा रही हैं और अपने परिवार की जिम्मेदारियों में सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं।
कोरबा शहर के पोड़ीबहार में निवासरत श्रीमती श्यामा प्रजापति योजना की एक सशक्त लाभार्थी हैं। वे आंगनबाड़ी सहायिका के रूप में कार्यरत हैं और अपने परिवार के पालन-पोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत उन्हें हर माह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही है, जिससे उनके जीवन में उल्लेखनीय सुधार लाया है।
श्रीमती प्रजापति बताती हैं कि योजना से मिलने वाली राशि उनके लिए अत्यंत उपयोगी साबित हो रही है। बिना किसी अतिरिक्त प्रयास या औपचारिकता के हर माह समय पर मिलने वाली यह सहायता उन्हें आर्थिक रूप से संबल प्रदान करती है। पहले जहां छोटी-छोटी जरूरतों के लिए उन्हें दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था, वहीं अब वे इस राशि के माध्यम से अपने कई आवश्यक कार्य स्वयं ही पूर्ण कर लेती हैं।
उन्होंने बताया कि उन्हें अब तक 26 किश्तें प्राप्त हो चुकी हैं, जो उनके जीवन में निरंतर स्थिरता और भरोसा लेकर आई हैं। हर माह मिलने वाली इस सहायता राशि का उपयोग वे अपने घर-परिवार के खर्चों, बच्चों की शिक्षा, दैनिक जरूरतों और स्वयं के स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में करती हैं। इससे उन्हें न केवल आर्थिक राहत मिली है, बल्कि मानसिक संतोष और आत्मविश्वास भी प्राप्त हुआ है।
श्रीमती प्रजापति ने कहा कि जब से राज्य सरकार द्वारा यह योजना प्रारंभ की गई है, तभी से उन्हें इसका नियमित लाभ मिल रहा है। इस योजना ने उनके जीवन को आसान और व्यवस्थित बनाया है। अब वे अपने परिवार की जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा कर पा रही हैं और अपने बच्चों के भविष्य को लेकर अधिक आश्वस्त महसूस करती हैं।
उन्होंने आगे बताया कि महतारी वंदन योजना उनके जैसी लाखों महिलाओं के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है। यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उन्हें समाज में एक सशक्त पहचान भी प्रदान कर रही है। अब महिलाएं न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही हैं, बल्कि सामाजिक रूप से भी अधिक सक्रिय और आत्मविश्वासी बन रही हैं।
श्रीमती श्यामा प्रजापति ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं छत्तीसगढ़ सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार द्वारा महिलाओं के हित में उठाए गए यह कदम अत्यंत सराहनीय हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना ने महिलाओं को आगे बढ़ने का अवसर दिया है और उन्हें समाज में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया है।

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कोरबा

आगामी नेशनल लोक अदालत के सफल आयोजन हेतु प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश / अध्यक्ष द्वारा ली गई न्यायिक अधिकारियों की प्रथम बैठक

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कोरबा। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के द्वारा 09 मई 2026 को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जायेगा। इस क्रम में 09 मई 2026 को जिला न्यायालय कोरबा एवं तहसील विधिक सेवा समिति कटघोरा करतला एवं पाली तथा समस्त राजस्व न्यायालयों में आगामी नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाना है। उक्त नेशनल लोक अदालत में समस्त राजीनामा योग्य आपराधिक मामले, बैंक के प्रकरण, लिखत पराक्राम्य अधिनियम की धारा 138, वसूली के प्रकरण, मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण एवं अन्य व्यवहार वाद के प्रकरण रखे जायेंगे। संतोष शर्मा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश / अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा (छ0ग0) के द्वारा नेशनल लोक अदालत में अधिक से अधिक प्रकरणों जिसमें 05 से 10 वर्ष से अधिक वाले प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर समझौता हेतु रखे जाने एवं अधिक से अधिक प्रकरण रखे जाने तथा निराकरण किये जाने के प्रयोजनार्थ न्यायिक अधिकारियों की बैठक जिला न्यायालय परिसर के विडियो कान्फ्रेसिंग कक्ष में ली गई एवं बाह्य न्यायालयों में पदस्थ न्यायिक अधिकारियों की बैठक विडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से ली गई ।
इस बैठक में लीलाधर सारथी, विशेष न्यायाधीश एट्रोसिटी (एससी/एसटी) कोरबा (छ0ग0), श्रीमती गरिमा शर्मा, प्रथम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश कोरबा (छ0ग0), डॉ. ममता भोजवानी, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश एफ.टी.एस.सी. (पॉक्सो) कोरबा, सुनील कुमार नंदे तृतीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश कोरबा, अविनाश तिवारी श्रम न्यायाधीश कोरबा, सुश्री सीमा प्रताप चंद्रा, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश (एफ.टी.सी.) कोरबा, सत्यानंद प्रसाद, तृतीय व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी कोरबा, श्रीमती सोनी तिवारी प्रथम वरिष्ठ श्रेणी न्यायाधीश कोरबा, कु० डॉली ध्रुव, द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी कोरबा, कु० कुमुदनी गर्ग, प्रथम व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी कोरबा, ग्रेसी सिंह न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कोरबा, कु० तृप्ति राघव न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कोरबा, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा उपस्थित रहे एवं इस बैठक में बाह्य न्यायालय के श्रीमती श्रद्धा शुक्ला शर्मा अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश एफ. टी. एस. सी. पॉक्सो कटघोरा, श्रीमती मधु तिवारी, प्रथम जिला एवं अतिरिक्त जिला न्यायाधीश कटघोरा, हेमंत कुमार रात्रे तृतीय जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कटघोरा, शीलू सिंह द्वितीय जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कटघोरा, लोकेश पाटले प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी कटघोरा, कु रंजू वैष्णव प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी कटघोरा, प्रेरणा वर्मा, द्वितीय यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी कटघोरा, सागर चन्द्राकर प्रथम व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी कटघोरा, कु० सोआ मंसुर व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी पाली, हेमंत राज ध्रुवे व्यहार न्यायधीश कनिष्ठ श्रेणी करतला, विडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे।

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कोरबा

जिला रोजगार कार्यालय में प्लेसमेन्ट कैम्प 13 अप्रैल को

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कोरबा। जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र, कोरबा में प्लेसमेन्ट कैम्प का आयोजन 13 अप्रैल को किया जा रहा है। जिसमें निम्नांकित नियोजक- परिश्रम ह्यूमन रिसोर्स कोरबा एवं आई टी एम एडुटेक ट्रेनिंग प्राइवेट लिमिटेड कोरबा द्वारा विभिन्न पदों पर भर्ती की जाएगी।
रिक्तियों का विवरण इस प्रकार है – इलेक्ट्रिक मीटर टेक्निशियन – 50, सेल्स मनैजर – 78, योग्यता – स्नातक, आई.टी.आई.  आयुसीमा- 18-35 वर्ष तक एवं वेतनमान रूपये – 15,000 से 30,000 तक नियोजक द्वारा निर्धारित किया गया है।
प्लेसमेंट कैम्प में सम्मिलित होने हेतु वेबसाईट www.erojgar.cg.gov.in  मेंं आवेदक का रोजगार पंजीयन आवश्यक है। साथ ही इच्छुक रिक्त पदों को चयन करें। जिन आवेदकों ने रोजगार पंजीयन नहीं किया है वे वेबसाईट www.erojgar.cg.gov.in  में अपना पंजीयन करवा सकते हैं। प्लेसमेंट कैम्प में सम्मिलित होने हेतु अपना समस्त शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र और पासपोर्ट साईज फोटो रोजगार पंजीयन, अनुभव प्रमाण पत्र इत्यादि दस्तावेजों के साथ निर्धारित स्थल में उपस्थित हो सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र, कोरबा के दूरभाष नंबर 07759-222069 में संपर्क कर सकते हैं एवं रोजगार कार्यालय के टेलीग्राम ग्राफी  https://shorturl.at/an8XJ     से जुड़ सकते हैं।

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