Connect with us

देश

क्या दिल्ली-हरियाणा मॉडल से बिहार में BJP को जिताएगा RSS:हर गांव में 10 लोगों की टीम एक्टिव, रूठे वोटर्स को मनाएंगे

Published

on

दिल्ली/पटना,एजेंसी। सीवान जिले के कोड़ारी गांव के रहने वाले नितेश कुमार पेशे से किसान हैं। दूध का भी कारोबार है। उनके एक जानने वाले राष्ट्रीय स्वयंसेवक यानी RSS से जुड़े हैं। एक दिन उन्होंने नितेश को घर बुलाया। वहां पहले से कुछ लोग मौजूद थे। नितेश उन्हें नहीं जानते थे। वे उनके बीच बैठे, तो बातचीत शुरू हुई। हालचाल के बाद पॉलिटिक्स, राष्ट्रवाद और सरकार की योजनाओं पर बातें होने लगीं।

नितेश कहते हैं, ‘उनकी बातों का मुझ पर बहुत असर हुआ। मैं बाद में भी उन लोगों से मिलता रहा। एक दिन वे लोग मेरे घर आए। मैंने अपने गांव के कुछ लोगों से उन्हें मिलवाया। फिर वे बार-बार मेरे गांव आने लगे। हम चाय पर बैठते थे। वे कहते थे कि ऐसी पार्टी को वोट दो, जिसके हाथ में हमारा राज्य और देश सुरक्षित रहे।’

नितेश तक पहुंचे लोग, दरअसल बिहार में RSS की स्ट्रैटजी का हिस्सा हैं। RSS से जुड़े सोर्स बताते हैं कि संगठन के स्वयंसेवक पटना, मुजफ्फरपुर, सीवान, भागलपुर सहित सीमांचल और मगध के गांव-शहरों में एक्टिव हो गए हैं। चाय की दुकानों, मंदिरों और घरों में जाते हैं और लोगों से मिलते हैं। हर गांव में 10 से 15 स्वयंसेवक काम कर रहे हैं, ये अलग-अलग गांवों में जा रहे हैं।

RSS की इसी स्ट्रैटजी से BJP ने पहले हरियाणा और फिर दिल्ली में सरकार बनाई थी। RSS ने बिहार को दो प्रांत उत्तर बिहार और दक्षिण बिहार में बांटा है। उत्तर बिहार का काम मुजफ्फरपुर और दक्षिण बिहार का पटना से होता है।

बिहार में कुल 16 हजार स्वयंसेवक, 2 महीने से एक्टिव

बिहार में काम कर रहे प्रांत प्रचारक स्तर के पदाधिकारी से हमने RSS की स्ट्रैटजी पर बात की। वे कहते हैं, ‘बिहार में अभी 16 हजार स्वयंसेवक इस वक्त एक्टिव हैं। RSS का काम दिखता है, उसके कार्यकर्ता नहीं। नतीजा दिखता है, तैयारी नहीं।’

हमने पूछा कि क्या बिहार में भी महाराष्ट्र, हरियाणा और दिल्ली जिताने वाले मॉडल पर काम हो रहा है। वे जवाब देते हैं, ‘हर राज्य की जनता अलग है, मुद्दे अलग हैं। कॉमन सिर्फ इतना है कि RSS सोशल मीडिया पर नहीं, जमीन पर उतरता है। हमारे स्वयंसेवक घर-घर पहुंचते हैं। लोगों का मन टटोलते हैं, उनसे जुड़ते हैं। हर राज्य के वोटर अलग हैं, तो रणनीति में कुछ फर्क तो होता ही है।’

रूठे वोटर को मना रहे, कन्फ्यूज वोटर्स को बता रहे अच्छी पार्टी कौन

प्रांत प्रचारक आगे कहते हैं, ‘RSS के स्वयंसेवक की एक टीम घर-घर जाकर वोटर्स की लिस्ट तैयार कर चुकी हैं। अब दूसरी टीम ने अपना काम शुरू किया है। ये टीमें उन वोटर्स को मना रही हैं, जिसके मन में BJP या NDA के लिए थोड़ी भी दुविधा है। मतलब, हम कन्फ्यूज वोटर को बिहार के लिए सही पार्टी चुनने में मदद कर रहे हैं।’

सही पार्टी मतलब? प्रांत प्रचारक कहते हैं, ‘ऐसी पार्टी, जो राज्य और लोगों का विकास कर सके। पार्टी का नाम हम कभी नहीं लेते।’

इसी बात को प्रांत स्तर के एक और प्रचारक आगे बढ़ाते हैं। वे कहते हैं, ‘घर-घर जाकर लोगों की कैटेगरी के हिसाब से लिस्ट बनाने का काम लगभग पूरा हो चुका है। ये लिस्ट तीन हिस्सों में है। 1. BJP के पक्के वोटर 2. कन्फ्यूज वोटर 3. रूठे वोटर

यानी आपका काम खत्म हुआ? प्रचारक जवाब देते हैं, ‘नहीं, काम तो अब शुरू हुआ है। RSS की दूसरी टीमों ने लिस्ट के मुताबिक लोगों से फिर संपर्क करना शुरू किया है। ये टीमें वोटर्स को मुद्दे, उनके फायदे-नुकसान के बारे में बताएंगी।’

‘किस पार्टी ने क्या वादा किया था, कितना पूरा किया, किस पार्टी ने बिहार को जंगलराज बनाया और किसने अच्छा काम किया। इन टीमों का काम कन्फ्यूज वोटर्स के दिमाग में क्लेरिटी लाना है। एक-सवा महीने बाद फिर लिस्ट को रिव्यू किया जाएगा।’

‘रूठे वोटर्स को गुस्सा निकालने का मौका दे रहे’

हम जमीन पर काम कर रहे स्वयंसेवकों से भी मिले। इनमें से एक कहते हैं, ‘RSS ने एक प्रयोग हरियाणा में किया था। NDA या BJP के नाराज वोटर्स को मनाने के लिए कुछ वरिष्ठ स्वयंसेवकों की टीमें बनाई थीं। इनका काम लोगों की शिकायतें सुनना था। वे उनसे मिलते, उनकी बातें सुनते थे। उन्हें गुस्सा उतारने देते थे। यही काम बिहार में भी कर रहे हैं।’

इस टीम का काम ही वोटर्स का गुस्सा झेलना है, जैसे परिवार के नाराज सदस्य की शिकायत सुनी जाती है। शिकायतों की लिस्ट भी तैयार की जा रही है। ये लिस्ट टीम अपनी लीडरशिप को दे रही हैं।

‘इस लिस्ट पर गंभीरता से विचार हो रहा है। इसे दो हिस्से में बांटा है। जो काम दो महीनों के अंदर हो सकते हैं, उन्हें करवाने की कोशिश हो रही है। जिन शिकायतों को दूर करने में ज्यादा वक्त लगना है, उसके लिए भरोसा दे रहे हैं, उनकी शिकायत चुनाव के फौरन बाद दूर की जाएगी।’

किस तरह की शिकायतें हैं, जिन पर तुरंत काम करवा रहे हैं? जवाब मिला, ‘जैसे किसी गांव में सड़क खराब है, उसे ठीक करवा देना या फिर पक्की सड़क बनवा देना। किसी को PM आवास योजना के तहत घर नहीं मिला, तो उसकी प्रोसेस शुरू करवा देना, राशन कार्ड बनवा देना। ये सारे काम लिस्ट में हैं। कोशिश होगी ये सभी चुनाव से पहले करवा दें।’

महिला वोटर्स पर फोकस, उनके लिए अलग से स्ट्रैटजी बनी

RSS के एक सोर्स बताते हैं, ‘बिहार में महिला वोटर निर्णायक हैं। उनके लिए अलग से रणनीति बनी है। RSS से जुड़े महिला संगठन ये काम कर रहे हैं। उनकी टीमें अलग-अलग उम्र की महिलाओं से मिल रही हैं। घरेलू और पेशेवर महिलाओं के लिए अलग टीमें हैं।’

वे आगे कहते हैं, ‘RSS एक सर्वे भी कर चुका है। कैटेगरी के साथ महिलाओं की लिस्ट तैयार है। अब उनके साथ टीमें बैठक कर रही हैं। महिलाओं से पूछा जा रहा है कि उनकी सीट पर कौन सा नेता बेहतर है। उन्हें कैसे नेता और सरकार चाहिए।’

‘महिलाएं घर से लेकर बाहर तक हर चीज से प्रभावित होती हैं। घर का राशन, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, सड़कों का माहौल, इनसे जुड़े ऐसे कुछ सवाल महिलाओं से पूछे जा रहे हैं। फिर उनके जवाब पर डिस्कशन किया जा रहा है। इससे कोई एक चेहरा या फिर उनकी पसंद की सरकार की इमेज निकल कर सामने आए। ये एक्सरसाइज टिकट के लिए कैंडिडेट चुनने में काम आएगी।’

RSS 100 सीटों पर कैंडिडेट की लिस्ट देगा

सोर्स बताते हैं, ‘बिहार में NDA में किसे कितनी सीटें मिलेंगी, ये तय होना है। 100 सीटों पर कैंडिडेट की लिस्ट हमें तैयार करनी है। इस पर पार्टी और RSS मंथन करने के बाद फैसला लेगा।’

क्या लिस्ट में हर सीट से एक कैंडिडेट होगा? जवाब मिला, ‘नहीं, हर सीट पर तीन कैंडिडेट के नाम देंगे। हर कैंडिडेट की छवि, मजबूत और कमजोर पक्ष डिटेल में देंगे। जिस सीट पर मौजूदा विधायक कमजोर हैं, वहां नए चेहरे की तलाश करेंगे। विधायक का रिपोर्ट कार्ड भी देंगे।’

सोर्स बताते हैं,

प्रधानमंत्री की रैली से लेकर स्टार प्रचारकों की रैलियों में RSS की भूमिका होगी। कौन सा प्रचारक कहां वोटर्स को अपील करेगा, इसे ध्यान में रखते हुए RSS रैलियों और बैठकों का प्लान बना रहा है।

RSS के एक प्रांत प्रचारक बताते हैं, ‘बिहार में RSS की जड़ें बहुत गहरी हैं। यहां RSS की शुरुआत यानी 1925 से ही शाखाएं चल रही हैं। मार्च 2025 में RSS के सरसंघचालक मोहन भागवत बिहार आए थे। यहां उन्होंने स्वयंसेवकों से बात की। इसके बाद बिहार के लिए रणनीति तैयार की गई। यह रणनीति तीन पॉइंट पर आधारित है- राष्ट्रवाद, हिंदुत्व और विकास।’

स्थापना के 100 साल पूरे होने पर RSS 2025 को शताब्दी वर्ष की तरह मना रहा है। फोटो दिल्ली में हुई बैठक की है। ये बैठक 26 से 28 अगस्त को दिल्ली में हुई थी।

स्थापना के 100 साल पूरे होने पर RSS 2025 को शताब्दी वर्ष की तरह मना रहा है। फोटो दिल्ली में हुई बैठक की है। ये बैठक 26 से 28 अगस्त को दिल्ली में हुई थी।

दिल्ली के विधानसभा चुनाव में RSS ने अलग-अलग सीटों पर 50 हजार से ज्यादा बैठकें की थीं। इनके जरिए वोटर्स को BJP के पक्ष में एकजुट किया गया। बिहार में भी इसी तरह काम हो रहा है। मुजफ्फरपुर के RSS के शाखा प्रमुख बताते हैं, हमारे 5 हजार स्थानीय स्वयंसेवक हैं। बाहर से करीब 500 स्वयंसेवक सिर्फ मुजफ्फरपुर आए हैं। वे गांव-गांव घूम रहे हैं।’

गांवों में 10 से 15 लोगों की टीम, ब्लॉक में हर हफ्ते 100 मीटिंग

ग्राउंड पर काम के तरीके पर एक स्वयंसेवक बताते हैं, ‘हम रोज 5-10 घरों में जाते हैं। लोगों से राम मंदिर, विकास की योजनाएं, जातिवाद के खिलाफ और RSS की रणनीति पर बात करते हैं। हर गांव में 10 से 15 स्वयंसेवकों की टीम डोर-टु-डोर कैंपेन करती है।’

‘हम राष्ट्रवाद, सीमा सुरक्षा, पाकिस्तान, हिंदुत्व, राम मंदिर, गौ-रक्षा और विकास के साथ-साथ PM किसान सम्मान निधि योजना, आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के फायदे बताते हैं। हम ऐसे परिवार चुनते है जो हिंदू हैं, लेकिन BJP के वोटर नहीं हैं। या BJP के वोटर रहे हैं, लेकिन किसी वजह से नाराज हैं। अभी एक ब्लॉक में हर हफ्ते 100 बैठकें कर रहे हैं।’

मुस्लिम आबादी वाले एरिया में हिंदुत्व और राष्ट्रवाद पर फोकस

RSS की टीमें मुद्दों के आधार पर इलाके चुन रही है। पूर्वी बिहार और सीमांचल के कटिहार, पूर्णिया, किशनगंज, अररिया में हिंदुत्व और राष्ट्रवाद पर फोकस है। इन जिलों में मुस्लिम आबादी ज्यादा है।

यहां स्वयंसेवक राम मंदिर का जिक्र करते हैं और कहते हैं, मोदी जी ने 500 साल का सपना पूरा किया है। पश्चिमी बिहार और मगध में किसानों के मुद्दे और उनसे जुड़ी योजनाओं पर बात होती है। ग्रामीण इलाकों में जातिवाद के खिलाफ अपील की जाती है।

एक स्वयंसेवक बताते हैं, ‘हम चाय की दुकानों, मंदिरों और घरों में जाते हैं। लोगों से बहस नहीं करते, बल्कि उन्हें समझाते हैं। बुजुर्गों से मिलते है। पहले रामायण, फिर विकास की बात करते हैं। हर जिले में प्रभारी हैं, जो इसकी रिपोर्ट नागपुर भेजते हैं।’

RSS के विचारक दिलीप देवधर बताते हैं, ‘संघ परिवार और BJP मिलकर काम कर रहे हैं। BJP जो काम अकेले कर सकती है, उसे वह करती है, बाकी मोर्चों पर संघ परिवार एक्टिव रहता है। संघ परिवार का काम इवेंट के हिसाब से नहीं होता।’

जाति जनगणना के ऐलान में भी RSS का इनपुट

केंद्र सरकार ने 30 अप्रैल, 2025 को जातीय जनगणना कराने का ऐलान किया था। देश में आजादी के बाद यह पहली जातीय जनगणना होगी। इस ऐलान से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और RSS चीफ मोहन भागवत के बीच मुलाकात हुई थी।

RSS के एक वरिष्ठ कार्यकर्ता कहते हैं, ‘BJP, RSS से जातिगत जनगणना के लिए सहमति चाहती थी। RSS इस पर दुविधा में था। बिहार से संगठन के कार्यकर्ताओं से उसी वक्त इनपुट मिला कि BJP की OBC और आरक्षण विरोधी छवि को चुनाव से पहले तोड़ना होगा, नहीं तो इसका असर नतीजों पर दिखेगा।’

‘वक्त कम था, इसलिए उसी वक्त जाति जनगणना की घोषणा कर इस छवि को तोड़ने की कोशिश की गई। RSS से इस मुद्दे पर पहले से बात हो रही थी। इनपुट के बाद RSS ने सहमति दे दी क्योंकि 2015 में आरक्षण पर दिए मोहन भागवत के बयान का असर 2020 तक चुनाव में साफ दिखा था।’

गृह मंत्रालय ने 16 जून को जनगणना के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। केंद्र सरकार दो फेज में जनगणना कराएगी। नोटिफिकेशन के मुताबिक, पहले फेज की शुरुआत 1 अक्टूबर 2026 से होगी। इसमें 4 पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख शामिल हैं। 1 मार्च 2027 से दूसरा फेज शुरू होगा। इसमें देश के बाकी राज्यों में जनगणना शुरू होगी।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

देश

PM मोदी के काशी दौरे की तैयारी: आज वाराणसी पहुंचेंगे CM योगी, 6500 करोड़ की सौगातों और सिग्नेचर ब्रिज पर लगेगी अंतिम मुहर

Published

on

वाराणसी,एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 28 अप्रैल को काशी दौरा संभावित है। मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तैयारियों का जायजा लेने दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचेंगे। प्रधानमंत्री के काशी आगमन की तैयारियों को लेकर जिले के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों के साथ सर्किट हाउस में बैठक करेंगे। बैठक के बाद श्री काशी विश्वनाथ मंदिर और काल भैरव मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे तथा रात्रि विश्राम करेंगे।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों शिलान्यास और लोकार्पण होने वाली परियोजनाओं पर अंतिम मुहर लगा सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, अगले दिन बुधवार को मुख्यमंत्री कुछ परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण भी कर सकते हैं। बरेका में होने वाले नारी शक्ति महोत्सव और जनसभा स्थल पर तैयारियों का जायजा लेंगे।

मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर रूट डायवर्जन प्लान जारी कर दिया गया है। शाम के समय बीएलडब्ल्यू परिसर में सिनेमा हाल से लेकर सूर्य सरोवर और सभा स्थल की ओर वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। शहर के कई हिस्सों में वीवीआईपी आगमन को देखते हुए अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाकर मार्गों को खाली कराया जा रहा है। यह व्यवस्था प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर भी की जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी 28 अप्रैल को 6500 करोड़ रुपए की विभिन्न परियोजनाओं की सौगात देंगे। इनमें मुख्य रूप से गंगा नदी पर बनने वाले सिग्नेचर ब्रिज का शिलान्यास शामिल है। इसके अलावा पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी कई योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास भी किया जाएगा। हालांकि, अंतिम सूची अभी जारी नहीं की गई है।

Continue Reading

देश

Bengal Assembly elections: कोई नहीं चाहता कि बंगाल में भाजपा बनाए सरकार, ममता का दावा फिर लौटेगी TMC

Published

on

पूर्ब मेदिनीपुर,एजेंसी। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस लगातार चौथी बार राज्य की सत्ता में आएगी और कोई नहीं चाहता कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार बनाए। 

बंगाल में चुनाव नहीं जीतेगी बीजेपी 
पूर्ब मेदिनीपुर जिले के हल्दिया में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए बनर्जी ने विपक्षी दलों का आह्वान किया कि केंद्र से भाजपा नीत राजग सरकार को हटाने के लिए सब साथ में आएं। उन्होंने कहा, ”भाजपा इस बार पश्चिम बंगाल में चुनाव नहीं जीतेगी।

दिल्ली से भी भाजपा को हटा देंगी तृणमूल कांग्रेस 
तृणमूल कांग्रेस एक बार फिर सरकार बनाएगी। हम 2026 में ही दिल्ली से भी भाजपा को हटा देंगे।” तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि वह पिछले एक महीने से पश्चिम बंगाल का गहन दौरा कर रही हैं और इस अवधि में ”मैं समझ गई कि जनता क्या चाहती है, यह साफ है कि कोई भी भाजपा को नहीं चाहता। तृणमूल कांग्रेस सरकार पर वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए भाजपा द्वारा जारी ‘आरोपपत्र’ पर उसे आड़े हाथ लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह भी हल्दिया डॉक कॉम्प्लैक्स और उससे लगे औद्योगिक क्षेत्र में ‘कट-मनी’ लेने के लिए भाजपा के खिलाफ आरोपपत्र जारी कर रही हैं।

आरोप प्रत्यारोप को दौर जारी 
बनर्जी ने कहा, ”आपने तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ आरोपपत्र जारी किया, मैं भी भाजपा के खिलाफ आरोपपत्र जारी कर रही हूं।” केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तृणमूल सरकार के खिलाफ एक आरोपपत्र जारी करते हुए 28 मार्च को राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार का, कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने का और घुसपैठ को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। 

Continue Reading

देश

खड़गे के बयान पर हमलावार हुई BJP: तरुण चुग बोले- PM मोदी को “Terrorist” कहना 140 करोड़ देशवासियों का अपमान

Published

on

नई दिल्ली,एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा दिए गए बयान पर अब सियासत तेज हो गई है। इसे लेकर बीजेपी नेता तरुण चुग ने एक्स पर वीडियो पोस्ट कर कांग्रेस पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री के लिए “Terrorist” जैसे शब्दों का इस्तेमाल करना राजनीतिक मतभेद नहीं, बल्कि लोकतंत्र और 140 करोड़ देशवासियों के जनादेश का अपमान है।

उन्होंने कहा कि दिशाहीनता और घटिया मानसिकता के ग्रसित कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का यह बयान निम्नस्तरीय, घृणित और राष्ट्रविरोधी है। इसकी जितनी निंदा की जाए कम है। यह बयान सिर्फ एक व्यक्ति पर नहीं, बल्कि देश की गरिमा और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा आघात है। जिसे देश की जनता कताई बर्दाश्त नहीं करेगी।
हालांकि इस बयान को लेकर जहां बीजेपी कांग्रेस पर हमलावार है तो वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इसे लेकर सफाई दी है। उन्होंने प्रेसवार्ता कर कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि उनका मतलब था कि प्रधानमंत्री देश के लोकतांत्रिक ताने-बाने को ‘आतंकित’ कर रहे हैं। खरगे ने कहा, ”वह लोगों और राजनीतिक दलों को आतंकित कर रहे हैं। मैंने कभी नहीं कहा कि वह (शब्दश:) आतंकवादी हैं। इसे आतंकित करना… वह अपनी सत्ता और सरकारी मशीनरी का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं और विपक्षी पार्टियों को गाली दे रहे हैं, बदनाम कर रहे हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग ”भाजपा कार्यालय का एक्सटेंशन” बन गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री पर चुनाव प्रचार के आखिरी चरण में आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि सीबीआई, ईडी और आयकर विभाग जैसी केंद्रीय एजेंसियों को राजनीतिक लोगों को डराने-धमकाने के औजार के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। खरगे ने महिला आरक्षण से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक को लेकर भी केंद्र पर निशाना साधा। 
उन्होंने प्रधानमंत्री पर यह दावा करके जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया कि विपक्ष ने महिला आरक्षण से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक को पारित नहीं होने दिया। उन्होंने तर्क दिया, ”अगर वह सच में इसे लागू करना चाहते हैं, तो वह मौजूदा 543 लोकसभा सीटों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दे सकते हैं। वह इसे क्यों नहीं दे रहे हैं?’

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677