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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ के 12 जिलों में शीतलहर का यलो अलर्ट:बलरामपुर 3 डिग्री के साथ सबसे ठंडा, बस्तर में बारिश की संभावना, रायपुर में जले अलाव

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रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ में उत्तर से आ रही शुष्क हवा के कारण कड़ाके की ठंड पड़ रही है। मैदानी इलाकों में शीतलहर के हालात हैं। मौसम विभाग ने दुर्ग समेत 12 जिलों अगले 3 दिनों के लिए कोल्ड वेव (शीतलहर) को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। वहीं प्रदेश में सबसे ठंडा बलरामपुर है। यहां न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।

आज गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कोरबा, मुंगेली, दुर्ग, खैरागढ़-छुइखदान-गंडई, कबीधाम, जशपुर, कोरिया, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सूरजपुर, सरगुजा और बलरामपुर में शीत लहर चलने की संभावना है। वहीं बस्तर के कुछ जिलों में हल्की बारिश की भी संभावना है।

बलरामपुर में कार की छत पर ओस की बूंदें जम गई।

बलरामपुर में कार की छत पर ओस की बूंदें जम गई।

रायपुर में ऐसा रहा मौसम

रायपुर में पिछले दो-तीन दिनों से लगातार ठंड पड़ रही है। रात का तापमान सामान्य से नीचे पहुंच गया है। नगर निगम ने शहर में अलाव जलाने शुरू कर दिए हैं। आउटर के वार्डों में खासतौर पर अलाव जलाए जा रहे हैं, ताकि लोगों को ठंड से बचाया जा सके।

शनिवार को रायपुर में रात का तापमान 13.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। यह सामान्य से 1.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। दिन में भी हल्की ठंड महसूस हुई। अधिकतम तापमान 27.6 रिकॉर्ड किया गया। यह सामान्य से 1.2 डिग्री कम है।

यहां जलाए जा रहे अलाव

रायपुर में ठंड से बचने के लिए लोगों के लिए अलाव की व्यवस्था की गई है। रायपुर रेलवे स्टेशन, भाठागांव अंतर्राज्यीय बस स्टैंड, अंबेडकर अस्पताल, खमतराई, आमानाका, संतोषी नगर, पचपेड़ीनाका, डंगनिया बाजार, दलदल सिवनी मोवा ओवरब्रिज के नीचे, मोतीबाग चौक, शंकरनगर चौक, खम्हारडीह सहित शहरभर में अलाव जलाए गए हैं।

रायपुर के फाफाडीह इलाके में लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं।

रायपुर के फाफाडीह इलाके में लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं।

अंबिकापुर में सुबह और शाम के वक्त अलाव का सहारा लेना पड़ रहा है।

अंबिकापुर में सुबह और शाम के वक्त अलाव का सहारा लेना पड़ रहा है।

इन जिलों में अगले 2 दिन शीतलहर का अलर्ट

  • मौसम विभाग ने अगले 2 दिन यानी सोमवार और मंगलवार को प्रदेश के जिलों में शीतलहर का यलो अलर्ट जारी किया है।
  • 16 दिसंबर को प्रदेश के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कोरबा, मुंगेली, दुर्ग, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, कबीधाम, जशपुर, कोरिया, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सूरजपुर, सरगुजा और बलरामपुर में शीत लहर का अलर्ट है।
  • वहीं 17 दिसंबर को प्रदेश के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कोरिया, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सूरजपुर, जशपुर, सरगुजा और बलरामपुर में शीतलहर चलने की संभावना है।
मैनपाट में टहनियों पर बर्फ जम गई।

मैनपाट में टहनियों पर बर्फ जम गई।

बलरामपुर में पारा 3 डिग्री से नीचे पहुंच पारा

छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग में लगातार शीत लहर जारी है। इस समय सबसे ठंडा सरगुजा संभाग है। बलरामपुर में रात का पारा 3 डिग्री से कम रिकार्ड किया गया है। अगले दिनों तक उत्तरी मध्य छत्तीसगढ़ के जिलों में शीतलहर की संभावना है।

वहीं सरगुजा में 5.9 डिग्री, सूरजपुर में 7.5 डिग्री, कोरिया में 7.4 डिग्री, जशपुर में 10.7 डिग्री न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया।

छत्तीसगढ़ के जिलों में न्यूनतम तापमान की स्थिति।

छत्तीसगढ़ के जिलों में न्यूनतम तापमान की स्थिति।

बस्तर संभाग में बादल छाए रहने के साथ हल्की बारिश

15 दिसंबर के आसपास दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है, जिसका असर बस्तर संभाग के जिलों में भी देखने को मिलेगा। 17 दिसंबर की रात और 18 दिसंबर की सुबह से दक्षिण छत्तीसगढ़ यानी बस्तर संभाग के जिलों में बादल छाए हुए हैं। यहां एक-दो स्थानों पर बहुत हल्की से हल्की वर्षा होने की संभावना है।

मौसम विभाग के मुताबिक बस्तर संभाग में दंतेवाड़ा जिला सबसे ठंडा है। यहां रात का तापमान 12.6 डिग्री, बस्तर में 13.8 और बीजापुर में 13.9 डिग्री न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया।

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कोरबा

बालको ने विश्व जल दिवस पर चलाया सामुदायिक जल संचय अभियान

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बालकोनगर। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने विश्व जल दिवस के अवसर पर ‘मोर जल मोर माटी’ परियोजना के अंतर्गत तालाब पुनर्जीवित अभियान का आयोजन किया। इस पहल में 150 से अधिक कर्मचारी और स्थानीय समुदाय के लोग शामिल हुए, जिन्होंने पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण और सतत जल उपयोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने में योगदान दिया। यह पहल जल प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण के प्रति बालको की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

इन प्रयासों से अब तक 40 से अधिक गांवों में जल संरक्षण संरचनाएं विकसित और पुनर्जीवित की जा चुकी हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता बढ़ी है और खेती को मजबूती मिली है। साथ ही परियोजना के तहत कुल 158 जल संरचनाएं बनाई गई हैं, जिनमें 129 खेत तालाब, 15 सामुदायिक तालाब, 12 चेक डैम और 2 लाइनिंग तालाब शामिल हैं। इनकी कुल जल संग्रहण क्षमता 2.30 लाख घन मीटर से अधिक है। वित्त वर्ष 2025-26 में ही 22 नई संरचनाएं (21 खेत तालाब और 1 सामुदायिक तालाब) बनाई गई हैं, जिनकी कुल क्षमता लगभग 22 हजार घन मीटर है।

बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक राजेश कुमार ने कहा कि जल संरक्षण, सतत विकास और मजबूत समाज के लिए अत्यंत आवश्यक है। ‘मोर जल मोर माटी’ परियोजना के माध्यम से हम स्थानीय समुदाय के साथ मिलकर जल संसाधनों को पुनर्जीवित कर रहे हैं, जिससे कृषि, आजीविका और पर्यावरण संतुलन को बढ़ावा मिल रहा है। हमारा उद्देश्य दीर्घकालिक जल सुरक्षा सुनिश्चित करना है। विश्व जल दिवस पर हम संकल्प लेते हैं कि हम जिम्मेदारी से पानी का उपयोग और पर्यावरण की रक्षा करते रहेंगे, ताकि आने वाली पीढ़ियों को भी इसका लाभ मिल सके।

इन जल संरचनाओं से किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल रहा है, जिससे वे अब केवल बारिश पर निर्भर नहीं हैं। किसान अब साल में कई फसलें उगा पा रहे हैं और अपनी आय में भी वृद्धि कर रहे हैं। साथ ही, पशुपालन के लिए भी पानी की उपलब्धता बेहतर हुई है।

इस पहल का असर बताते हुए कोरबा के पास भाटगांव की किसान संध्या बाई ने कहा कि मैं हमेशा मछली पालन और सब्जी खेती के जरिए अपनी आय बढ़ाना चाहती थी। ‘मोर जल मोर माटी’ योजना के तहत खेत में तालाब बनने से मैं दोनों काम कर पा रही हूं। इससे मेरे परिवार की आय में बढ़ोतरी हुई है और अब घर की आर्थिक स्थिति सुधार हुआ है।

इस पहल से समुदाय के लोगों को आजीविका के नए अवसर भी मिले हैं। इस कार्यक्रम के तहत 80 किसानों ने मछली पालन को अतिरिक्त आय के रूप में अपनाया है। इससे उन्हें हर फसल चक्र में औसतन ₹20 हजार की कमाई हो रही है। इससे पानी के संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए उनकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत हुई है।

कंपनी के इस परियोजना से क्षेत्र में भूजल स्तर बढ़ा है और लंबे समय तक पानी की उपलब्धता बनी रहती है। तालाबों और जल संरचनाओं के पुनर्निर्माण से बारिश का पानी आसानी से संग्रहित होता है, जिससे पानी का बेकार बहना कम होता है। साथ ही आसपास का पर्यावरण संतुलित रहता है। कंपनी पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभा रही है। साथ ही ऐसे प्रयासों से स्थानीय समुदाय के साथ कंपनी का भरोसा और संबंध भी मजबूत होता है, जो भविष्य के लिए सकारात्मक और स्थायी विकास सुनिश्चित करता है।

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कोरबा

लायंस क्लब कोरबा गुरूकुल में डिस्ट्रिक्ट गवर्नर एवं रिजन चेयरमेन की आधिकारिक यात्रा 25 को

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कोरबा। लायंस क्लब कोरबा गुरूकुल में 25 मार्च को द इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ लायंस क्लब्स डि. 3233 सी के डिस्ट्रिक्ट गवर्नर पीएमजेएफ लायन विजय अग्रवाल एवं रिजन चेयरमेन एमजेएफ लायन कैलाश गुप्ता की आधिकारिक यात्रा हो रही है।

लायंस क्लब कोरबा गुरूकुल (लायंस पब्लिक स्कूल खरहरकुड़ा परिसर) में दोनों लायंस अधिकारियों द्वारा लायंस क्लब कोरबा गुरूकुल के पदाधिकारियों की बैठक लेंगे और लायंस क्लब कोरबा गुरूकुल के अध्यक्ष लायन सुरेन्द्र डनसेना एवं सचिव लायन दर्शन अग्रवाल द्वारा स्थायी प्रोजेक्ट एवं सेवागतिविधियों एवं रचनात्मक कार्यों पर प्रजेंटेशन दिया जाएगा और लायंस क्लब कोरबा गुरूकुल के संरक्षक पीएमजेएफ लायन डॉ. राजकुमार अग्रवाल के मार्गदशन में दोनों लायंस अधिकारियों को विजीट कराया जाएगा। लायंस क्लब कोरबा गुरूकुल के अध्यक्ष लायन सुरेन्द्र डनसेना ने सभी पदाधिकारियों को समय पर उपस्थित होने की अपील की है।

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कोरबा

नवरात्रि का पंचम दिन:माँ सर्वमंगला देवी की आराधना में डूबा क्षेत्र

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कोरबा। चैत्र शुक्ल पंचमी को माँ स्कंदमाता स्वरूपा माँ सर्वमंगला देवी की आराधना में पूरा क्षेत्र डूबा रहा और माँ सर्वमंगला की पूजा-अर्चना करने अलसुबह से रात्रि तक हजारों लोग मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना कर माँ से आशीर्वाद मांगा। मनोकामना ज्योति कलश प्रज्ज्वलित कराए भक्तों ने अपने-अपने मनोकामना ज्योति कलशों का दर्शन भी किया।
माँ स्कंदमाता को भोग के रूप में केला एवं अन्य फल समर्पित किए और माता से आरोग्य प्राप्ति का आशीर्वाद मांगा।

आरोग्य प्रदात्रि है माँ स्कंदमाता-नमन पाण्डेय

माँ सर्वमंगला देवी मंदिर के प्रबंधक/पुजारी एवं राजपुरोहित नमन पाण्डेय (नन्हा महाराज) ने बताया कि माँ स्कंदमाता स्वरूपा माँ सर्वमंगला देवी का पंचम स्वरूप आरोग्य प्रदात्रि हैं और आज बड़ी संख्या में श्रद्धालु और भक्तगण माँ सर्वमंगला देवी की पूजा-अर्चना की और स्वयं तथा परिवार एवं कोरबावासियों के लिए सुख समृद्धि एवं बेहतर स्वास्थ्य की कामना की।
नमन पाण्डेय ने भी माँ सर्वमंगला देवी से प्रदेशवासियों सहित क्षेत्र के लोगों के लिए सुख समृद्धि एवं स्वास्थ्य की कामना की। स्वस्थ कोरबा… स्वस्थ छत्तीसगढ़ की शुभकामनाओं के साथ नमन पाण्डेय ने माँ सर्वमंगला देवी को छप्पन भोग भी लगाया और माँ से आशीर्वाद मांगा कि पूरे विश्व में महायुद्ध की काली छाया जल्द समाप्त हो और सबको भरपेट भोजन मिले और सभी का जीवन सरल और सुलभ हो।

कल षष्ठी को माँ कात्यायनी स्वरूपा की होगी पूजा

कल मंगलवार 24 मार्च माँ कात्यायनी स्वरूपा माँ सर्वमंगला देवी की पूजा की जाएगी। माँ कात्यायनी को भोग में शहद और फल अतिप्रिय है। ये दोनों भोग अर्पित करने से एवं पूजा-अर्चना करने से मंगलपरिणय का शुभ आशीर्वाद प्राप्त होता है, इसलिए सौभाग्यकांक्षी युवतियां माँ कात्यायनी स्वरूपा की पूजा करें तो मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है और भविष्य सुखद होता है।

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