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छत्तीसगढ़

वायुसेना के हेलिकॉप्टर से गांवों तक पहुंचे मतदानकर्मी

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बस्तर और राजनांदगांव की 20 सीटों पर कल मतदान, कुल 40 लाख 78 हजार मतदाता

रायपुर(एजेंसी)। 7 नवंबर को छत्तीसगढ़ में पहले चरण की वोटिंग होनी है। इससे पहले 6 नवंबर को सभी मतदान केंद्रों में कर्मचारियों को भेजा गया। राजनांदगांव, दुर्ग के हिस्सों में सड़क के रास्ते टीमें भेजी गईं। बस्तर के बहुत से गांव ऐसे हैं जहां सड़कें नहीं है या रास्ते खराब हैं। ऐसे में वायु सेना के हेलिकॉप्टर में सवार होकर मतदान कर्मी उन इलाकों तक पहुंचे हैं। इंडियन एयरफोर्स के हेलिकॉप्टर एमआई-17 से कर्मचारियों को रवाना किया गया। वायु सेना के अनुभवी पायलट्स के साथ ये कर्मचारी दूरस्थ इलाकों तक पहुंचे हैं। सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा के कई वोटिंग सेंटर्स में कर्मचारी इसी तरह रवाना किए गए। ग्रामीण इलाकों में हैलिकौप्टर के लैंड होते ही, पैरा मिलिट्री फोर्स के जवानों की सुरक्षा में कर्मचारी पोलिंग बूथ तक ले जाए गए।

ये है इस हेलिकॉप्टर की खासियत

एमआइ-17 हेलिकॉप्टर रशियन चॉपर हैर्। -17 हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल भारी वजन उठाने, ट्रांसपोर्टेशन, रेस्क्यू मिशन, और व्हीव्हीआईपी लोगों को लाने-ले जाने में किया जाता है। ये हेलिकॉप्टर 36 हजार किलो तक का वजन उठा सकते हैं। जब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छत्तीसगढ़ आते हैं तो इन्हीं चॉपर में सवार होकर रायपुर से प्रदेश के अलग-अलग जिलों तक पहुंचते हैं। एमआई-17 का ये हेलिकॉप्टर छत्तीसगढ़ नक्सल ऑपरेशन में घायल जवानों के रेस्क्यू में भी काम आता है।

कहां-कहां हो रहा पहले चरण का मतदान

प्रथम चरण के मतदान 20 विधानसभा क्षेत्रों में होंगे। इनमें कुछ जगहों पर वोटिंग का समय भी अलग है। दस विधानसभा क्षेत्रों में सवेरे सात बजे से दोपहर तीन बजे तक और दस विधानसभा क्षेत्रों में सुबह 8 बजे से शाम पांच बजे तक मतदान होगा।

शाम 5 बजे तक वोटिंग वाली सीटें

पंडरिया, कवर्धा, खैरागढ़, डोंगरगढ़, राजनांदगांव, डोंगरगांव, खुज्जी, बस्तर, जगदलपुर ,चित्रकोट

दोपहर 3 बजे तक वोटिंग वाली सीटें

मोहला-मानपुर, अंतागढ़, भानुप्रतापपुर, कांकेर, केशकाल, कोंडागांव, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, कोंटा

40 लाख वोटर्स, 233 नेता

पहले चरण की 20 सीटों पर कुल 5304 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इनमें से 200 संगवारी मतदान केंद्र हैं जहां सिर्फ महिला मतदान कर्मी ही पदस्थ रहेंगी। साथ ही इन 20 सीटों पर कुल 233 प्रत्याशियों की किस्मत ईव्हीएममें कैद होगी। जिसका फैसला 3 दिसंबर को होगा। हालांकि काउंटिंग से पहले 17 नवंबर को दूसरे चरण का भी मतदान होगा। दूसरे चरण में 70 सीटों पर वोटिंग होगी।

किस सीट पर कितने प्रत्याशी

अंतागढ़ -13, भानुप्रतापपुर-14, कांकेर -9, केशकाल-10, कोंडागांव-8, नारायणपुर-9, बस्तर-8, जगदलपुर-11, चित्रकोट-7, दंतेवाड़ा-7, बीजापुर-8, कोंटा-8, खैरागढ़ 11, डोंगरगढ़- 10, राजनांदगांव-29, डोंगरगांव -12, खुज्जी-10,मोहला मानपुर -9, कवर्धा-16, पंडरिया-14

7 नवंबर से 30 नवंबर तक एग्जिट पोल पर बैन

छत्तीसगढ़ सहित पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं। भारत निर्वाचन आयोग ने 7 नवम्बर से 30 नवम्बर तक किसी भी तरह के एग्जिट पोल को बैन किया हुआ है। इस संबंध में अधिसूचना जारी की गई है।

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छत्तीसगढ़

सुकमा : मरीज को मिला समय पर उपचार, सुकमा के चिकित्सकों की टीम ने दिखाई तत्परता

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जिला अस्पताल में मौत के मुंह से लौटाई महिला की सांसें

सुकमा। सुकमा जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवा की तत्परता और आधुनिक संसाधनों की उपलब्धता का एक सराहनीय उदाहरण सामने आया है। सिविल सर्जन डॉ. एमआर कश्यप से प्राप्त जानकारी के अनुसार छिंदगढ़ विकासखंड के कुन्ना निवासी 38 वर्षीय श्रीमती पाली कवासी को गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल सुकमा में भर्ती कराया गया।

देरी से अस्पताल पहुंचने के कारण स्थिति अत्यंत जोखिमपूर्ण थी और तत्काल सर्जरी आवश्यक हो गई। अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुजा ने बिना समय गंवाए तुरंत एलएससीएस (सीजर) ऑपरेशन कर मरीज का उपचार प्रारंभ किया। हालांकि ऑपरेशन के दौरान मृत बच्चा पैदा होने से महिला की स्थिति और अधिक जटिल हो गई। 

महिला की हालत लगातार बिगड़ती चली गई और रेफर करने की तैयारी की जा रही थी। इसी दौरान महिला का श्वास बंद सा हो गया, साथ ही नाड़ी और हृदय की धड़कन भी थम सी गई। ऐसे संकट की घड़ी में जिला अस्पताल की मेडिकल टीम ने त्वरित निर्णय लेते हुए महिला को दो बार सीपीआर दिया और तत्काल वार्ड में शिफ्ट कर आधुनिक वेंटीलेटर की सहायता से उपचार शुरू किया गया। इसके बाद महिला को दो यूनिट रक्त चढ़ाया गया।

 डॉक्टरों की सतर्कता और उपलब्ध संसाधनों के कारण महिला की जान बचा ली गई। आज श्रीमती पाली कवासी पूरी तरह स्वस्थ हैं और जिला अस्पताल के डॉक्टरों व स्टाफ के प्रयासों की सराहना कर रही हैं।

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छत्तीसगढ़

जशपुर : राज्यपाल रमेन डेका ने जशपुर के मातृत्व वन में किया सीता अशोक के पौधे का रोपण

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जशपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने  सर्किट हाउस जशपुर के मातृत्व वन में एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत सीता अशोक के पौधे का रोपण कर पर्यावरण के संरक्षण और संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए लोगों को प्रोत्साहित किया।

इस अवसर पर कलेक्टर रोहित व्यास वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार और वनमंडला अधिकारी शशि कुमार और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

लगभग 2 एकड़ क्षेत्र में विकसित इस मातृत्व वन में 400 से अधिक विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया है, जो पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक संवेदनाओं के अद्वितीय समन्वय का उदाहरण प्रस्तुत करता है। मातृत्व वन में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत जिले के जनप्रतिनिधियों द्वारा अपनी माताओं के नाम पर पौधरोपण किया गया है। इस पहल ने अभियान को भावनात्मक और सामाजिक रूप से विशेष महत्व प्रदान किया है।

राज्यपाल रमेन डेका ने इस अवसर पर  कहा कि माँ हमारे जीवन की प्रथम गुरु होती हैं और उनका स्थान सर्वोच्च होता है। ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के माध्यम से हम माँ के प्रति सम्मान को प्रकृति से जोड़ रहे हैं। यह पहल आने वाली पीढ़ियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ सामाजिक मूल्यों को भी सुदृढ़ करेगी। उन्होंने कहा कि मातृत्व वन जैसी पहल न केवल हरित क्षेत्र बढ़ाने में सहायक होगी, बल्कि समाज में संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का भाव भी विकसित करेंगी।

मातृत्व वन के अंतर्गत पर्यावरणीय एवं औषधीय दृष्टि से महत्वपूर्ण पौधों का चयन कर उनका रोपण किया गया है। इनमें टिकोमा, झारुल, सीता अशोक, गुलमोहर, लक्ष्मीतरु, आंवला, बीजा, सिन्दूर, नागकेसरी, अर्जुन एवं जामुन जैसी प्रजातियाँ प्रमुख हैं। ये पौधे न केवल पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में सहायक होंगे, बल्कि आने वाले समय में औषधीय एवं जैव विविधता के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मातृत्व वन की स्थापना का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना, माताओं के प्रति सम्मान को प्रकृति के माध्यम से अभिव्यक्त करना तथा नई पीढ़ी में संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। यह पहल ‘हर घर एक पेड़, हर पेड़ में माँ की ममता’ के संदेश को साकार करने की दिशा में एक सार्थक कदम है।

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छत्तीसगढ़

जशपुर : राज्यपाल रमेन डेका ने जशपुर के केरेगांव होम-स्टे का किया अवलोकन

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राज्यपाल श्री रमेन डेका ने जशपुर के केरेगांव होम-स्टे का किया अवलोकन

जशपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने जशपुर प्रवास के दौरान शनिवार को जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल देशदेखा के समीप स्थित केरेगांव में विकसित होम-स्टे का अवलोकन किया। इस दौरान वे स्थानीय आदिवासी संस्कृति, जनजीवन और पारंपरिक आतिथ्य परंपरा से रूबरू हुए। होम-स्टे प्रवास के दौरान उन्होंने देशदेखा समूह की महिलाओं द्वारा पारंपरिक विधि से तैयार किए गए व्यंजनों का स्वाद चखा। राज्यपाल श्री  डेका ने ग्रामीण परिवेश में विकसित होम-स्टे को प्रेरणादायक कदम बताया और कहा कि यह प्रयास न केवल ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देते हैं, बल्कि स्थानीय महिलाओं और ग्रामीण परिवारों की आजीविका को सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका भी निभाते हैं। 

 इस दौरान स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने ‘जसक्राफ्ट’ ब्रांड के तहत छिंद एवं कांसा से निर्मित पारंपरिक आभूषण माला एवं झुमके राज्यपाल को भेंट किए। राज्यपाल श्री डेका ने स्थानीय महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल कौशल विकास, रोजगार सृजन तथा आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करेगी।

इस दौरान ‘देशदेखा क्लाइंबिंग कम्पनी’ के सदस्यों ने भी राज्यपाल से भेंट की। उन्होंने क्षेत्र में एडवेंचर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के प्रयासों की जानकारी देते हुए बताया कि यहां नियमित रूप से रॉक क्लाइंबिंग जैसे खेलों का आयोजन किया जाता है। राज्यपाल ने अधिकारियों को ऐसे खेलों को निरंतर सहयोग और प्रोत्साहन देने को कहा, ताकि पर्यटन को बढ़ावा मिले और अधिक से अधिक युवा इन गतिविधियों की ओर आकर्षित हों। इस दौरान कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार,वनमंडलाधिकारी शशि कुमार  सहित अन्य अधिकारीगण एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।

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