छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में पहले चरण में 20 सीटों पर 70.87 प्रतिशत मतदान, नक्सलियों ने कई जगह मचाया उत्पात
डॉ. रमन सिंह, दीपक बैज सहित 233 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला ईव्हीएम में बंद
रायपुर (रायपुर)। छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के लिए पहले चरण की 20 सीटों पर मतदान मंगलवार शाम 5 बजे खत्म हो गया है। अब जो बूथ के अंदर रह गए हैं, वही मतदाता वोट कर सकेंगे। शाम 5 बजे तक 70.87 प्रतिशत मतदान हो चुका था। वहीं मतदान के बीच नक्सलियों ने जमकर आतंक मचाया। कांकेर, नारायणपुर, बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा में नक्सली वारदातें और मुठभेड़ की घटनाएं सामने आई हैं। सुकमा में दो अलग-अलग ढ्ढश्वष्ठ ब्लास्ट में 2 जवान घायल हुए हैं। अभी मीनपा इलाके में सुरक्षाबलों और नक्सलियों में मुठभेड़ जारी है। सूत्रों के मुताबिक, 3 जवान घायल हुए हैं। इसके अलावा कांकेर में हुई मुठभेड़ में गोली लगने से एक किसान घायल हुआ है। बीजापुर में कई नक्सलियों के घायल होने का दावा किया जा रहा है। नारायणपुर में मुठभेड़ के बाद नक्सली भाग निकले।
सबसे ज्यादा खैरागढ़ में 76.31 प्रतिशत, सबसे कम वोटिंग बीजापुर में 40.98 प्रतिशत
जिन 20 सीटों पर मतदान हो रहा है, उनमें से 19 सीटें कांग्रेस के कब्जे में हैं। केवल एक राजनांदगांव सीट भाजपा के पास है। 2018 के चुनाव में दंतेवाड़ा सीट भाजपा के पास थी, लेकिन नक्सली हमले में विधायक की मौत के बाद हुए उप चुनाव में ये सीट कांग्रेस के खाते में चली गई। ऐसे ही खैरागढ़ सीट जेसीसीजे के पास थी, लेकिन उप चुनाव में इस पर भी कांग्रेस का कब्जा हो गया। कवर्धा और मोहला-मानपुर सीट पर भी अभी कांग्रेस विधायक हैं।
सुकमा- कोंटा विधानसभा
ताड़मेटला और दुलेड के बीच सीआरपीएफ जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ जारी है। मीनपा में पोलिंग पार्टी को सुरक्षा देने के लिए जवान जंगल में तैनात थे, इसी दौरान घात लगाए नक्सलियों ने हमला कर दिया। करीब 20 मिनट तक चली मुठभेड़ में कुछ जवानों के घायल होने की आशंका है। वहीं चिंतलनार क्षेत्र के लक्खापाल के पास नक्सली फायरिंग और आईईडी ब्लास्ट में एक जवान घायल हो गया है। इससे पहले नक्सलियों ने कोंटा के बंडा इलाके में पोलिंग बूथ के बाहर हमला कर दिया। जवानों ने जवाबी कार्रवाई की तो नक्सली भाग निकले। बताया जा रहा है कि नक्सलियों ने दूरमा और सिंगाराम के जंगल में बीजीएल भी दागे। टोडामर्का में भी नक्सलियों ने आईईडी ब्लास्ट किया था। इसकी चपेट में आकर सीआरपीएफ कोबरा बटालियन का एक जवान घायल हो गया।
कांकेर-अंतागढ़, कांकेर, भानुप्रतापपुर विधानसभा
बांदे क्षेत्र के माड़पखांजूर और उलिया के जंगल में बीएसफ और बस्तर फाइटर्स के जवानों से नक्सलियों की भिड़ंत हुई है। करीब आधा घंटा चली मुठभेड़ के बाद नक्सली भाग निकले। एक बड़े कैडर के नक्सली के घायल होने का दावा है। मौके से एके-47 रायफल बरामद की गई है। मुठभेड़ में एक किसान गोली लगने से घायल हुआ है। वहीं मतदान के बीच बांदे क्षेत्र में अंतागढ़ से कांग्रेस प्रत्याशी रूपसिंह पोटाई और निर्दलीय प्रत्याशी मंतुराम पवार को नक्सलियों ने धमकी दी है। नक्सलियों ने धमकी भरे पत्र भेजे हैं। इसमें जन अदालत में सजा देने का किया ऐलान किया है।
नारायणपुर- नारायणपुर विधानसभा
नारायणपुर में भी ओरछा के तादुर के जंगल में एसटीएफ जवानों से हुई मुठभेड़ के बाद नक्सली भाग निकले। नारायणपुर में 3 दिन पहले नक्सलियों के हमले में मारे गए भाजपा नेता रतन दुबे का परिवार भी वोट डालने पहुंचा। इस दौरान रतन के पिता ने कहा कि, उनके बेटे की क्या गलती थी, कि उसे मार दिया। मेरे बेटे की पत्नी, भाई, बहू और मैं वोट देने आए हैं। नक्सल समस्या का हल निकलना चाहिए।
दंतेवाड़ा – दंतेवाड़ा विधानसभा
जिले के अरनपुर क्षेत्र में नक्सलियों ने मतदान दल को नुकसान पहुंचाने के लिए आईईडी प्लांट किया था। इसे जवानों ने बरामद कर लिया है। मतदान दल की सुरक्षा में सीआरपीएफ 111 बटालियन सी कंपनी के जवानों को लगाया गया है। अरनपुर से सोमापारा के बीच जवानों ने 2 किलो की 2 प्रेशर आईईडी बरामद की है।
बस्तर – जगदलपुर, बस्तर, चित्रकोट विधानसभा
बस्तर के चांदामेटा गांव में आजादी के बाद पहली बार मतदान हुआ। ये इलाका ओडिशा बॉर्डर के नजदीक है और नक्सलियों का गढ़ रहा है। बूथ बनने के बाद मतदाताओं में उत्साह दिखाई दिया। प्रशासन ने भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। बताया जाता है कि झीरम हमले के बाद बड़ी संख्या में नक्सली इसी इलाके में जमा थे।
बीजापुर – बीजापुर विधानसभा
बीजापुर में नक्सलियों के डर से पुस्बाका और टिम्मापुर गांव खाली हो गए हैं। यहां मारूबाका में बने बूथ पर वोटिंग नहीं हुई है। पुस्बाका में 4 और टिम्मापुर में 3 वोटर हैं। जानकारी सामने आने के बाद रिटायर्ड आईपीएस आरके विज ने इस मामले में संज्ञान लेने के लिए कहा है। गंगालूर मार्ग के बीच भी पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई है। सीआरपीएफ 85 बटालियन के जवान एरिया डॉमिनेशन पर निकले थे। पुलिस का दावा है कि मुठभेड़ के बाद नक्सलियों को 2-3 शव उठाकर भागते देखा गया है। मौके पर खून के धब्बे और घसीटने के निशान मिले हैं। कवर्धा- कवर्धा और पंडरिया विधानसभा
जिले के पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के ग्राम भरेवापारा में लोगों ने मतदान का बहिष्कार कर दिया। बताया जा रहा है कि गांव में विकास नहीं होने के चलते ग्रामीण नाराज हैं। अधिकारी मतदान के लिए ग्रामीणों को मनाने गांव पहुंचे हैं। अभी तक यहां बने बूथ पर एक भी वोट नहीं पड़ा है। वहीं झिरिया खुर्द में भी ग्रामीणों ने मूलभूत सुविधाओं को लेकर चुनाव बहिष्कार कर दिया है।
मोहला-मानपुर: मोहला-मानपुर विधानसभा
जिला बनने के बाद यहां पहली बार मतदान हुआ। ऐसे में यहां के सरखेड़ा गांव के करीब 40 से 50 लोगों के नाम वोटर लिस्ट में नहीं थे। इसे लेकर ग्रामीणों ने एसडीएम मानपुर अमित योगी से शिकायत की है। उन्होंने वोटर लिस्ट से नाम कटवाने का आरोप कांग्रेस विधायक इंदर शाह मंडावी पर लगाया। इसी गांव में 18 दिन पहले भाजपा नेता की नक्सलियों ने हत्या कर दी थी।
राजनांदगांव- राजनांदगांव, डोंगरगढ़, डोंगरगांव, खुज्जी विधानसभा
डोंगरगढ़ के छोटे कुसमी में चुनाव बहिष्कार की चेतावनी के चलते मतदान दो घंटे देर से शुरू हुआ। गांव में विकास कार्य नहीं होने से ग्रामीण खफा थे। अधिकारियों के समझाने के बाद वोट डालने पहुंचे। वहीं ढारा और स्वामी आत्मानंद स्कूल के 150 नंबर बूथ के ईवीएम खराब होने से मतदान 2 घंटे बंद रहा।
233 प्रत्याशियों की किस्मत ईव्हीएम में बंद
इन 20 सीटों पर 233 प्रत्याशी मैदान में हैं। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, कैबिनेट मंत्री मोहम्मद अकबर, मंत्री कवासी लखमा और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज शामिल हैं। इनके अलावा 198 पुरुष, 25 महिला प्रत्याशी चुनाव लड़ेंगे।
डॉ. रमन सिंह हार रहे है-भूपेश
सीएम भूपेश बघेल ने दावा किया- पहले चरण के चुनाव में डॉ. रमन सिंह कांग्रेस प्रत्याशी से पीछे हो गए हैं। उन्होंने पीएम मोदी को लेकर कहा कि, वे प्रधानमंत्री हैं, लेकिन प्रचार मंत्री बन गए हैं। छत्तीसगढ़ में जब-जब चुनाव होता है तब तब खाली प्रचार के लिए उनका आना होता है।
डॉ. रमन सिंह ने कहा-पूर्ण बहुमत से बनेगी भाजपा की सरकार
रमन सिंह ने दावा किया- पूर्ण बहुमत के साथ भाजपा की सरकार बनने जा रही है। उन्होंने कहा कि, अकबर कुछ भी कहें, जनता का मूड दूसरा दिख रहा है। रमन सिंह सीएम बनेंगे या नहीं बनेंगे, ये पार्टी और विधायक दल के नेता तय करेंगे।

कोरबा
चलो बचपन की ओर: 12 अप्रैल को महिलाओं के लिए खास कार्यक्रम- बचपन की टिकिट
जीवन की आपाधापी में महिलाओं के पास स्वयं के लिए फूर्सत के पल नहीं, इसलिए महिलाओं के लिए खुशी के चार-पांच घंटे खास कार्यक्रम-सरोज पाण्डेय
कोरबा। भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, पूर्व सांसद सुश्री सरोज पाण्डेय के नेतृत्व में सखी-सहेली महिला समूह द्वारा 12 अप्रैल को अशोक वाटिका के सुरम्य वादियों में महिलाओं के लिए खास कार्यक्रम होने जा रहा है। अपराह्न 4.00 बजे से अशोक वाटिका में जिले की महिलाओं के लिए बचपन की टिकिट-एक अनोखा कार्यक्रम का आयोजन होने जा रहा है। यह पूर्ण रूप से गैर राजनीतिक और पूर्णत: सामाजिक कार्यक्रम है और मुख्य रूप से बचपन में खेले जाने वाले खेल होगा और 18 से 25 एवं 25 से ऊपर उम्र की महिलाओं के लिए ऐसी खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा, जो हम बचपन में खेलते थे।

प्रेस से खास संवाद कार्यक्रम में सुश्री सरोज पाण्डेय ने बताया कि जीवन की आपाधापी में महिलाओं के पास स्वयं के लिए समय नहीं बचता और इस कार्यक्रम के जरिए हम महिलाओं को बचपन की यादों में ले जाने के लिए यह खास कार्यक्रम आयोजित करने जा रहे हैं, ताकि मोबाईल से दूर कुछ घंटे सामूहिक रूप से महिलाएं अपने लिए जी सकें। यह विशुद्ध रूप से रचनात्मक और सामाजिक सरोकार से जुड़ा कार्यक्रम है और सभी महिलाएं इसमें सादर आमंत्रित हैं। प्रतियोगिता में ऐसे खेलों का आयोजन किया जा रहा है, जिसे हम बचपन में खेलते थे।
सुश्री सरोज पाण्डेय ने बताया कि प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली महिलाओं या टीम को सरप्राईज गिफ्ट दिया जाएगा और हमें आशा है कि यह महिलाओं को पसंद भी आएगा। 5 सांत्वना पुरूस्कार भी रखे गए हैं। महिलाओं का पंजीयन कल से प्रारंभ हो जाएगा।
शहर की महिलाओं को उनकी भागदौड़ भरी जिंदगी से कुछ पल निकालकर अपने बचपन को फिर से जीने का अवसर देने के उद्देश्य से एक अनोखे कार्यक्रम “बचपन की टिकट” का आयोजन किया जा रहा है। इस संबंध में होटल गणेश इन में आयोजित प्रेस वार्ता में भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पांडेय, जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी, महापौर संजू देवी राजपूत, पार्षद नरेंद्र देवांगन, वरिष्ठ भाजपा नेता विकास अग्रवाल, एमआईसी सदस्य हितानंद अग्रवाल, जिला मीडिया प्रभारी अर्जुन गुप्ता तथा महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष प्रीति स्वर्णकार उपस्थित रहीं।
भागदौड़ भरी जिंदगी में महिलाओं को मिलेगा बचपन जीने का मौका – सरोज पांडेय
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पांडेय ने कहा कि सखी सहेली महिला समूह द्वारा आयोजित होने वाला यह विशेष कार्यक्रम 12 अप्रैल को शाम 4:00 बजे से 8:00 बजे तक अशोक वाटिका, कोरबा में आयोजित किया जाएगा। यह आयोजन खास तौर पर उन महिलाओं के लिए है, जो अपनी व्यस्त दिनचर्या में खुद को और अपने बचपन की खुशियों को कहीं पीछे छोड़ चुकी हैं। आज के तनावपूर्ण जीवन में महिलाएं अपने लिए समय नहीं निकाल पातीं और अधिकांश समय मोबाइल व जिम्मेदारियों में व्यतीत हो जाता है। ऐसे में “बचपन का टिकट” एक ऐसा मंच बनेगा, जहां महिलाएं अपने बचपन के खेल, मस्ती और यादों को फिर से जी सकेंगी।
यह कार्यक्रम पूरी तरह सामाजिक और निशुल्क रहेगा, जिसमें किसी भी प्रकार की राजनीतिक भागीदारी नहीं होगी। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि मंच केवल पुरस्कार वितरण के लिए रहेगा और सभी खेलों को खेल भावना से खेलने का आग्रह किया गया है। कार्यक्रम में आकर्षक पुरस्कारों के साथ-साथ पांच प्रकार के सांत्वना पुरस्कार भी रखे गए हैं।
बताया गया कि इस तरह का आयोजन इससे पहले दुर्ग में किया जा चुका है, जहां करीब 5000 महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया था। इसी सफलता को देखते हुए अब कोरबा की महिलाओं को भी इस अनोखे अनुभव से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। प्रेस वार्ता का मुख्य उद्देश्य शहर की अधिक से अधिक महिलाओं तक यह संदेश पहुंचाना और उन्हें इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित करना रहा। “बचपन का टिकट” — सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि खुद से फिर से जुड़ने का अवसर हैं।

कोरबा
अंचल के लब्धख्याति मातनहेलिया परिवार द्वारा हनुमान प्रकाट्य दिवस के उपलक्ष्य में विशाल भंडारा 02 अप्रैल को
कोरबा। मातनहेलिया परिवार के द्वारा हनुमान प्रकाट्य दिवस के उपलक्ष्य में विशाल भंडारा का आयोजन 02 अप्रैल गुरुवार दोपहर 12 बजे से दोपहर 3 बजे तक हनुमान मंदिर प्रांगण, स्व. छोटेलाल जी अग्रवाल बताती बगीचा ग्राम बताती कोरकोमा कोरबा (छ.ग.) में किया गया हैं।

जिसमे राजबीर प्रसाद अग्रवाल (आर.बी ट्रेडर्स), राजकुमार अग्रवाल (सर्वमंगला कस्ट्रक्शन कंपनी) और भगवानदास अग्रवाल (छत्तीसगढ़ सेल्स कॉर्पोरेशन) के द्वारा अंचलवासियो सहित आसपास के ग्रामो से आयोजित विशाल भंडारे में आकर प्रसाद ग्रहण करने आमंत्रित किया गया हैं।
कोरबा जिले का लब्धख्याति मातनहेलिया परिवार हमेशा सामाजिक, धार्मिक, मानवता की सेवा कार्यो में सदा अग्रणी पंक्ति में खड़ा रहता हैं। कोई भी जरूरतमंद आदमी कभी निराश नहीं हुआ। उनके द्वारा अनवरत कोई न कोई सामाजिक कल्याण हेतु कार्य किये जाते रहे हैं। स्व. श्री छोटेलाल अग्रवाल के सुपुत्र राजबीर अग्रवाल, राजकुमार अग्रवाल, भगवानदास अग्रवाल किसी भी सामाजिक, धार्मिक, मानवीय कार्यो में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं।
कोरबा
वित्तीय वर्ष 25-26 : उत्पादन, प्रेषण और ओबीआर में सकारात्मक वृद्धि दर्ज करने वाली सीआईएल की एकमात्र अनुषंगी कंपनी बनी एसईसीएल
176.2 मिलियन टन उत्पादन, 178.6 मिलियन टन प्रेषण एवं 364.3 एमसीयूएम ओवरबर्डन निष्कासन के साथ तीनों प्रमुख मानकों में कंपनी ने दर्ज की वृद्धि
बिलासपुर/कोरबा। एसईसीएल ने वित्तीय वर्ष 2025–26 में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए कोल इंडिया लिमिटेड की एकमात्र ऐसी सहायक कंपनी के रूप में अपनी पहचान बनाई है, जिसने कोयला उत्पादन, प्रेषण (आफटेक) तथा ओवरबर्डन निष्कासन (ओबीआर)—तीनों प्रमुख मानकों में एक साथ सकारात्मक वृद्धि दर्ज की है।

उत्पादन, प्रेषण एवं ओबीआर में मजबूत प्रदर्शन
वित्तीय वर्ष 2025–26 में एसईसीएल का कोयला उत्पादन 176.2 मिलियन टन रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 5.26 प्रतिशत (8.8 मिलियन टन) अधिक है।
कोयला प्रेषण 178.6 मिलियन टन रहा, जिसमें 4.6 प्रतिशत (7.9 मिलियन टन) की वृद्धि दर्ज की गई।
रेल माध्यम से प्रेषण में 16 प्रतिशत वृद्धि हुई, जबकि एफएमसी के माध्यम से प्रेषण में 28 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई।
364.3 मिलियन क्यूबिक मीटर ओवरबर्डन निष्कासन के साथ एसईसीएल ने अब तक का सर्वाधिक ओबीआर दर्ज किया।
भूमि अधिग्रहण में ऐतिहासिक प्रगति करते हुए 358 हेक्टेयर भूमि अर्जित की गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 867 प्रतिशत वृद्धि है।
पर्यावरण एवं सतत विकास
एसईसीएल ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं। वर्ष के दौरान 13.96 लाख पौधरोपण कर नया कीर्तिमान स्थापित किया गया तथा मियावाकी पद्धति के माध्यम से सघन वृक्षारोपण को बढ़ावा दिया गया।
43.78 मेगावाट सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित कर लगभग 41,200 टन कार्बन उत्सर्जन में कमी लाई गई।
इसके अतिरिक्त 408 लाख किलोलीटर खदान जल का उपयोग कर 3800 से अधिक हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुनिश्चित की गई।
क्षमता विस्तार एवं नई परियोजनाएं
पर्यावरण स्वीकृतियों के माध्यम से 2.16 मिलियन टन प्रति वर्ष अतिरिक्त क्षमता सुनिश्चित की गई, जबकि भावी विस्तार हेतु स्वीकृत संदर्भ शर्तों से 39.02 मिलियन टन प्रति वर्ष क्षमता वृद्धि का मार्ग प्रशस्त हुआ।
नई परियोजनाओं में दुर्गापुर खुली खदान (10 मिलियन टन प्रति वर्ष) तथा अमृतधारा भूमिगत परियोजना को स्वीकृति प्राप्त हुई।

कोयला गुणवत्ता एवं पारदर्शिता
कोयला गुणवत्ता (ग्रेड पुष्टिकरण) में सुधार करते हुए इसे 68 प्रतिशत से बढ़ाकर 75 प्रतिशत किया गया।
डिजिटल प्रणाली ‘डिजीकोल’ के माध्यम से रियल टाइम निगरानी एवं पारदर्शिता को सुदृढ़ किया गया जिसे सीवीसी द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया।
रोजगार एवं सामाजिक समावेशन
एसईसीएल द्वारा 511 आश्रितों को रोजगार प्रदान किया गया, जो अब तक का सर्वोच्च स्तर है तथा पिछले वर्ष की तुलना में 24 प्रतिशत वृद्धि दर्शाता है।
इसके अतिरिक्त 754 परियोजना प्रभावित व्यक्तियों को भी रोजगार उपलब्ध कराया गया तथा 42 माइनिंग सरदारों की नियुक्ति की गई।
पारदर्शी क्रय एवं प्रशासनिक उत्कृष्टता
सरकारी ई-बाजार (जेम) पोर्टल के माध्यम से रेकॉर्ड 25,799 करोड़ रुपये की खरीद की गई।
एसईसीएल ने विशेष अभियान 5.0 में लगातार तीसरी बार शीर्ष स्थान प्राप्त किया।
तकनीकी नवाचार एवं आधारभूत संरचना
एसईसीएल देश की पहली कोयला सार्वजनिक उपक्रम बनी जिसने पेस्ट फिल तकनीक लागू की।
औसतन 53.2 रेक प्रतिदिन कोयला प्रेषण के साथ परिवहन व्यवस्था को और सुदृढ़ किया गया।
रेल कॉरिडोर परियोजनाओं के माध्यम से कोयला निकासी तंत्र को मजबूत किया गया।
विविधीकरण की दिशा में प्रगति
कंपनी ने कोयला गैसीकरण, उच्च दक्षता तापीय विद्युत, कोयला धुलाई, महत्वपूर्ण खनिजों की खोज, दुर्लभ तत्वों के निष्कर्षण तथा जल आधारित ऊर्जा उत्पादन जैसे क्षेत्रों में प्रगति की है, जो भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं के अनुरूप रणनीतिक पहल को दर्शाता है।
कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व
वित्तीय वर्ष 2025–26 में 365.39 करोड़ रुपये के सामाजिक दायित्व कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई, जो स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण एवं आजीविका के क्षेत्र में व्यापक प्रभाव डाल रहे हैं।
महिला सशक्तिकरण
एसईसीएल ने कोयला उद्योग में पहली बार पूर्णतः महिला संचालित औषधालय एवं महिला संचालित केंद्रीय भंडार इकाई स्थापित कर महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है।

“वित्तीय वर्ष 2025–26 में साऊथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की यह उपलब्धि हमारे प्रत्येक कर्मचारी के समर्पण, कठोर परिश्रम और टीम भावना का परिणाम है। अनेक परिचालन एवं भौगोलिक चुनौतियों के बावजूद, हमारे कर्मियों ने निरंतर प्रयास करते हुए उत्पादन, प्रेषण एवं ओवरबर्डन निष्कासन तीनों क्षेत्रों में उल्लेखनीय वृद्धि सुनिश्चित की है।
यह सफलता केवल आंकड़ों की उपलब्धि नहीं, बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा के प्रति हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतिबिंब है। मैं एसईसीएल परिवार के सभी सदस्यों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए हार्दिक बधाई देता हूं और विश्वास व्यक्त करता हूं कि हम इसी टीम भावना और समर्पण के साथ भविष्य में भी नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेंगे।”
— हरीश दुहन, अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक, एसईसीएल

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