Connect with us

छत्तीसगढ़

सरकार आते ही पहला काम जातिगत जनगणना

Published

on

जशपुर के बाद अंबिकापुर में बोले राहुल- मोदी जी झूठ बोलते हैं, हम सारे वादे पूरे करेंगे

सरगुजा(एजेंसी)। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को जशपुर के सन्ना और अंबिकापुर के कतकालों में जनसभाा को संबोधित किया। अंबिकापुर में उन्होंने कहा कि हमारी सरकार आते ही सबसे पहला काम जातिगत जनगणना का होगा। मोदी जी खुद को चौबीसों घंटे ओबीसी का बताते थकते नहीं हैं। जब बात जातिगत जनगणना की याती है तो कहते हैं देश में एक ही जाति है गरीबी। राहुल ने कहा कि पिछले चुनाव में मैंने आपसे वादा किया था किसानों की कर्जा माफी का। बीजेपी कहती थी ऐसा नहीं होगा, हमने किया। क्या किसी का कर्ज माफ नहीं हुआ। जो मंच से मैं कहता हूं वो कर के दिखाता हूं। इस बार भी जो वादे हमने किए हैं उन्हें पूरा करेंगे। आपका मेरा दो तीन महीने का रिश्ता तो है नहीं, मेरा आपका पुराना रिश्ता है।

सरकार आते ही जातिगत जनगणना शुरू करा देंगे

छत्तीसगढ़ में जैसे ही हमारी सरकार आएगी उसी दिन से हम जातिगत जनगणना शुरू करा देंगे। ये आपके भविष्य और भागीदारी की बात है, मोदी जी करेंगे या नहीं पर दिल्ली में हमारी सरकार आई तो पहला काम जातिगत जनगणना का होगा। इससे आदिवासियों, दलितों और ओबीसी वर्ग की नई कहानी शुरू होगी। मोदी की सरकार में युवाओं को रोजगार नहीं मिल सकता है। ये जातिगत जनगणना के बाद ही होगा।

बीजेपी आपके पास आती है और झूठे वादे कर जाती है। पूरा पैसा और जल जंगल जमीन अडानी ले जाते हैं। लेकिन हम चाहते हैं कि पैसा गरीब और बेरोजगारों के पास जाए। ताकी गांव की अर्थव्यवस्था बढ़े। जबकि ये चाहते हैं पैसा अडानी की जेब में जाए।

देश में जातिगत जनगणना जरूरी

मोदी जी खुद को बार बार ओबीसी कहते हैं। जबकि देश में एक ही जाती है गरीब। मोदी जी हवाई जहाज में चलते हैं। करोड़ों के सूट पहनते हैं। वो एक दिन में चार-पांच बार कपड़े बदलते हैं। लेकिन जब जातिगत जनगणना की बात आती है तो कहते हैं देश में एक ही जाति है गरीब। देश को एमपी मंत्री नहीं चलाते, देश को 90 अफसर चलाते हैं। यही लोग पूरा पैसा बांटते हैं। चाहे मनरेगा हो, सेना हो, सड़क हो या अस्पताल हो। राशि आवंटन का सारा फैसला यही लोग करते हैं। इनमें से मात्र तीन लोग ओबीसी वर्ग से हैं। जबकि मोदी जी चोबीसों घंटे खुद को ओबीसी बताते हैं। इसलिए जातिगत जनगणना जरूरी है। आंकड़ों से पता चल जाएगा किसकी कितनी आबादी है।

बीजेपी आदिवासियों का अपमान करती है

बीजेपी आदिवासी को वनवासी कहती है। आपने एमपी के उस वीडियो को देखा जिसमें बीजेपी नेता आदिवासी पर पेशाब कर रहा था। बीजेपी नेता जानवर पर पेशाब नहीं करते पर आदिवासी को इसी लायक मानते हैं। बीजेपी आपके अधिकार छीनती है हम देते हैं। हम आपसे गले लगते हैं, बीजेपी नेता पेशाब करते हैं। इसके बाद वीडियो वायरल कराते हैं। बीजेपी नेता आपसे कहते हैं हिंदी सीखिए, अंग्रेजी या छत्तीसगढ़ी मत सीखिए। अगर बीजेपी का बेटा सपना देख सकता है तो आदिवासी का बच्चा सपना क्यों नहीं देख सकता। इसलिए हमने पूरे राज्य में स्वामी आत्मानंद स्कूल का जाल बिछा दिया है। ताकी हर आदिवासी अंग्रेजी में भी बात कर सके।

मोदी जी ने आपसे हमेशा झूठ बोला

मोदी जी यहां आए उन्होंने वादा किया था 15 लाख हर आदमी के खाते में डालूंगा। क्या किया, किसी के अकाउंट में पैसा नहीं आया। कहा था नोटबंदी से काला धन मिट जाएगा, क्या ऐसा हुआ। कृषि कानून का तो किसानों ने ही विरोध किया। हमने आपसे कहा था कि धान के लिए 25 सौ प्रति क्विंटल देंगे, आपको कहने की जरूरत नहीं पड़ी वो बढ़ता गया।

जो वादा किया है वो पूरा करेंगे

मैंने 3200 रुपए प्रति क्विंटल का वादा किया है और इससे शुरुआत होगी । लिखकर रख लो। ये बढ़ता जाएगा, जो हम कर सकेंगे करके दिखा देंगे। इस बार भी किसान का कर्जा माफ होगा। इस बार बिजली के 2 सौ यूनिट माफ करेंगे। यानी 40 लाख परिवारों को बिजली के लिए एक रुपए भी नहीं देंगे। छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य होगा जहां केजी से पीजी तक की पढ़ाई मुफ्त होगी। बीजेपी सारे स्कूल-कॉलेज और अस्पतालों का निजीकरण कर रही है।

रिमोट कंट्रोल अडानी के हाथ में है

24 घंटे टीवी चैनलों में मोदी जी दिखते हैं। क्योंकि सरकार को अडानी चला रहे हैं। ये सच्चाई है जिसे पूरा देश जानता है।

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार आने वाली है

छत्तीसगढ़ में भारी बहुमत से छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार आने वाली है। मैंने आपके बीच जो कुछ कहा है वो करके दिखाएंगे।

जशपर में भी सभा को किया संबोधित

जशपुर जिले के ग्राम संन्ना में राहुल गांधी का पारम्पारिक स्वागत किया गया। इस दौरान उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि हमने वादा किया था किसानों को धान की कीमत 26 सौ देंगे और हमने दिया। हमने छत्तीसगढ़ के किसानों का कर्जा माफ किया। जबकि बीजेपी ने अडानी जैसे लोगों का कर्ज माफ किया है।

बीजेपी जंगलों को खत्म कर अपने दोस्तों को दे रही है

राहुल कहा कि बीजेपी नेता आदिवासियों को वनवासी कहते हैं। वनवासी इसलिए कहते हैं ताकी आदिवासी को राजा न माने, आदिवासी का मतलब होता है राजा और वनवासी का मतलब है जंगल मे निवास करने वाले। बीजेपी धीरे धीरे जंगलों को खत्म कर अपने दोस्तों को दे रही है। जंगल खत्म होते ही वनवासी कहा जाएंगे।

बीजेपी आदिवासियों के बच्चों को अंग्रेजी नहीं सीखने देती

उन्होंने कहा कि बीजेपी के लोग आपके बच्चों को हिंदी सीखने पर जोर दे रहे हैं। अंग्रेजी सीखने से मना करते हैं, ऐसा इसलिए ताकी आपके बच्चे विदेशों में जाकर नौकरी न कर पाएं। विदेशी कंपनियों में काम न कर पाएं, कम्प्यूटर न चला पाएं, आईटी सेक्टर में काम न कर पाएं। ये चाहते हैं देश की अच्छी नौकरी न कर पाएं। हम चाहते हैं आदिवासी के बच्चे अंग्रेजी सीखें और डॉक्टर, इंजीनियर बनकर विदेशों में भी काम करें।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कोरबा

सुशासन तिहार 2026ः श्रीमती शांति गवेल के सपनों को मिला नया आशियाना

Published

on

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) से पक्के घर का सपना हुआ साकार, परिवार के जीवन में आई नई खुशियां’

कोरबा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में संचालित सुशासन तिहार 2026 आमजन के जीवन में खुशियों और भरोसे का नया अध्याय लिख रहा है। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अब जरूरतमंदों तक संवेदनशीलता और तत्परता के साथ पहुंच रहा है। इसी कड़ी में कोरबा शहर के इमलीडुग्गू निवासी श्रीमती शांति गवेल का वर्षों पुराना पक्के घर का सपना साकार हुआ। उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत नए आवास की चाबी प्रदान की गई।

हर व्यक्ति की तरह श्रीमती गवेल का भी सपना था कि उनका अपना एक सुरक्षित और सम्मानजनक घर हो, जहां वे अपने परिवार के साथ सुख-शांति और आत्मसम्मान के साथ जीवन व्यतीत कर सकें। लंबे समय तक वे कच्चे मकान में परिवार सहित निवास कर रही थीं। बरसात के मौसम में घर की स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाती थी। तेज बारिश के दौरान पानी टपकने से रातभर चिंता बनी रहती थी। बच्चों और परिवार की सुरक्षा को लेकर वे हमेशा चिंतित रहती थीं। बावजूद इसके उन्होंने बेहतर जीवन की उम्मीद कभी नहीं छोड़ी।
सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर जोन कार्यालय पानी टंकी में जब उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत नए घर की चाबी प्रदान की गई, तब वह पल उनके जीवन का सबसे यादगार क्षण बन गया। चाबी हाथ में लेते ही उनकी आंखें खुशी से नम हो उठीं। वर्षों की प्रतीक्षा और संघर्ष के बाद उन्हें ऐसा आशियाना मिला, जो अब उनके परिवार को सुरक्षा, स्थायित्व और सम्मानजनक जीवन प्रदान करेगा।
उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का एवं सुरक्षित आवास मिलने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह आवास उनके लिए केवल एक घर नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और नए जीवन की शुरुआत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि वर्षों से संजोया गया अपने सपनों के आशियाने का सपना अब साकार हुआ है, जिससे पूरे परिवार के जीवन में नई खुशियां और आत्मविश्वास आया है।

Continue Reading

कोरबा

खाद वितरण हेतु मापदण्ड तय

Published

on

कोरबा। जिले के किसानों को इस वर्ष पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने के लिए विभाग के द्वारा लगातार प्रयास जारी है। शासन के द्वारा खाद वितरण हेतु आवश्यक मापदण्ड तय किये गये है जिसमें खरीफ 2025 में कृषक को वितरित उर्वरक यूरिया की 80 प्रतिशत मात्रा एवं डी.ए.पी की 60 प्रतिशत मात्रा का ही वितरण खरीफ 2026 में किया जाना है। यूरिया की शेष 20 प्रतिशत मात्रा पारंपरिक यूरिया की आपूर्ति होने पर की जायेगी, अन्यथा की स्थिति में नैनो यूरिया के रूप में प्रदाय की जायेगी। डी.ए.पी. की शेष 40 प्रतिशत मात्रा अन्य वैकल्पिक एन.पी.के. उर्वरकों अथवा नैनो डी.ए.पी. के माध्यम से दी जायेगी। किसानों के लिए यूरिया एवं डी.ए.पी. हेतु नैनो यूरिया, डीएपी समितियों में पर्याप्त भंडारण किया जायेेगा। प्रदेश के समस्त सीमांत कृषक (जिनकी भूमि धारिता 2.5 एकड़ तक होती है) को उपरोक्तानुसार निर्धारित मात्रा एक मुश्त प्रदाय की जायेगी। लघु कृषक (जिनकी भूमि धारिता 2.5 से 5 एकड़ तक होती है) को निर्धारित मात्रा में से यूरिया 2 किश्त में प्रदाय की जायेगी एवं बड़े कृषक (जिनकी भूमि धारिता 5 एकड़ से अधिक है) को उपरोक्तानुसार  निर्धारित मात्रा में से यूरिया 3 किश्त में (द्वितीय किश्त प्रथम किश्त के 20 दिवस एवं तृतीय किश्त द्वितीय किश्त के 20 दिवस उपरांत) प्रदाय की जायेगी। उक्त निर्देष अनुसार कृषक को देय उर्वरक का निर्धारण बोरी की गणना के आधार पर किया जायेगा। विगत वर्ष (खरीफ 2025) वितरित उर्वरक की गणना बोरी में करने के उपरांत यूरिया हेतु 80 प्रतिशत एवं डी.ए.पी. हेतु 60 प्रतिशत की गणना बोरी में ही की जायेगी। गणना में यदि पूर्णांक संख्या प्राप्त न हो तो निकटतम पूर्णांक को मान्य किया जायेगा अर्थात यदि बोरी की गणना 7.2 या 7.8 प्राप्त हो तो क्रमशः 7 एवं 8 बोरी मान्य किया जायेगा।

वैकल्पिक उर्वरकों, नैनो यूरिया एवं डीएपी के साथ-साथ हरी खाद व जैव उर्वरक जैसे नील हरित काई, एजोस्पिरिलियम, पीएसबी इत्यादि केउपयोग को बढ़ावा देने हेतु कृषि विभाग द्वारा व्यापक तैयारी की गई है। समितियों में हरी खाद के लिए ढेंचा एवं मूंग बीज का भंडारण प्रारंभ कर दिया गया है। कृषकों से नील हरित काई का उत्पादन कराया जा रहा है। कृषि वैज्ञानिकों की अनुशंसा अनुसार उर्वरक उपयोग संबंधी पोस्टर एवं पाम्पलेट वितरित किए जा रहे हैं। किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे डीएपी के स्थान पर वैकल्पिक मिश्रित उर्वरक जैसे- एसएसपी, टीएसपी, एनपीके का उपयोग करें। जिससे यूरिया की खपत कम होगी तथा फसल को संतुलित पोषक तत्व प्राप्त होंगे। जिले में उर्वरकों की उपलब्धता के दृष्टिगत उप संचालक कृषि, कोरबा द्वारा किसान को सलाह दी गई है कि वह उर्वरकों का अत्यधिक क्रय एवं उनके प्रयोग से बचे तथा निकटस्थ समिति अथवा निजी विक्रय केन्द्रों से इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा अनुशंसित मात्रा के अनुसार फसल एवं रकबा के आधार पर उर्वरक का उठाव करें।

Continue Reading

कोरबा

“ज्ञानभारतम् मिशन” राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान के सुचारु क्रियान्वयन एवं जन-जागरूकता हेतु अग्रसेन कन्या महाविद्यालय कोरबा में बैठक कल

Published

on

कोरबा। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा संचालित “ज्ञानभारतम् मिशन” राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान के अंतर्गत कोरबा जिले में भारतीय ज्ञान परंपरा एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण हेतु व्यापक, सुनियोजित एवं प्रभावी कार्यवाही कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन में सतत रूप से की जा रही है।
इस सम्बन्ध में “ज्ञानभारतम् मिशन” कोरबा के जिला समन्वयक सतीश प्रकाश सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि कोरबा जिले में संचालित “ज्ञानभारतम् मिशन” राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान के तहत 75 वर्ष से अधिक पुरानी सांस्कृतिक विरासत रूपी महत्वपूर्ण,ऐतिहासिक और दुर्लभ हस्तलिखित पाण्डुलिपियों (ताड़पत्र, भोजपत्र, कागज़, पुरानी लिपि के हस्तलिखित ग्रन्थ, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक महत्व के हस्तलिखित दस्तावेज आदि) को बचाने और उन्हें डिजिटल संरक्षण करने का कार्य किया जा रहा हैं। इस अभियान को गति प्रदान करने और जनसमुदाय को जोड़ने का कार्य सतत रूप से जारी हैं।
इस कड़ी में “ज्ञानभारतम् मिशन” राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान के सुचारु क्रियान्वयन एवं जन-जागरूकता हेतु 26 मई को दोपहर 12 बजे, अग्रसेन कन्या महाविद्यालय कोरबा में आवश्यक बैठक आयोजित की गई हैं।
जिला समन्वयक सतीश प्रकाश सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय महत्व के इस अभियान को सफल बनाने के लिए समाज के सभी वर्गों की सहभागिता अपेक्षित हैं।
बैठक में विभिन्न समाज के प्रतिनिधिगण, स्वयंसेवी संस्थाओं,सामाजिक संस्थाओं के सदस्यगण, शासकीय-अशासकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यगण, “ज्ञानभारतम् प्रभारी सहायक प्राध्यापक, ”ज्ञानभारतम् दूत“ युवा टीम, स्वयंसेवी वालंटियर्स एवं नागरिकगण सम्मिलित होंगे।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677