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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा नक्सल-ऑपरेशन…2 घंटे में 31 नक्सली ढेर:1000 जवान लाशें 40 किमी कंधे पर लादकर ले गए, रोटी-मैगी खाकर सफर पूरा किया

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दंतेवाड़ा/नारायणपुर,एजेंसी। तारीख 4 अक्टूबर, दिन शुक्रवार,समय दोपहर 1 बजे,ये वो दिन और तारीख है जब दंतेवाड़ा-नारायणपुर जिले के बॉर्डर पर सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के खिलाफ सबसे बड़ा ऑपरेशन लॉन्च किया। करीब 1000 जवानों ने महज 2 घंटे की मुठभेड़ में ही 31 नक्सलियों को मार गिराया। सभी के शव बरामद कर लिए गए हैं। पुलिस के जवान 3-4 पहाड़ और नदी-नाले पार कर नक्सलियों के ठिकाने पर पहुंचे थे।

पूर्वी बस्तर डिवीजन कमेटी की लीडर नीति के मारे जाने की खबर है। नीति पर 8 से 10 लाख रुपए का इनाम घोषित था। जवान अब भी मौके पर ही मौजूद हैं। सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। मारे गए माओवादियों की संख्या बढ़ सकती है। इसे अब तक सबसे बड़ा एंटी नक्सल ऑपरेशन बताया जा रहा है। इससे पहले कांकेर में 29 माओवादी मारे थे।

सुरक्षाबलों के जवान एनकाउंटर साइट पर हैं और सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं।

सुरक्षाबलों के जवान एनकाउंटर साइट पर हैं और सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं।

दंतेवाड़ा-नारायणपुर के बॉर्डर पर पुलिस के जवान और अफसर मोटरसाइकिल से पहुंचे।

दंतेवाड़ा-नारायणपुर के बॉर्डर पर पुलिस के जवान और अफसर मोटरसाइकिल से पहुंचे।

एनकाउंटर साइट की निगरानी और छानबीन करते सुरक्षाबलों के जवान।

एनकाउंटर साइट की निगरानी और छानबीन करते सुरक्षाबलों के जवान।

जवान मारे गए नक्सलियों के शवों को इस तरह बांस के डंडों पर ढोकर लाए।

जवान मारे गए नक्सलियों के शवों को इस तरह बांस के डंडों पर ढोकर लाए।

जवानों ने कंधों पर नक्सलियों के शवों को 40 किलोमीटर तक ढोया।

जवानों ने कंधों पर नक्सलियों के शवों को 40 किलोमीटर तक ढोया।

ऑपरेशन में महिला कंमाडो भी शामिल थीं। ऑपरेशन के बाद रेस्ट करते सुरक्षाबल।

ऑपरेशन में महिला कंमाडो भी शामिल थीं। ऑपरेशन के बाद रेस्ट करते सुरक्षाबल।

यह तस्वीर ऑपरेशन के तुरंत पहले की है, जिसमें सुरक्षा बल ऑपरेशन साइट पर जा रहे हैं।

यह तस्वीर ऑपरेशन के तुरंत पहले की है, जिसमें सुरक्षा बल ऑपरेशन साइट पर जा रहे हैं।

  • सूत्रों ने बताया कि नक्सलियों की कंपनी नंबर 6 के 50 से ज्यादा मेंबर्स की मौजूदगी की सटीक सूचना मिली थी। ये अबूझमाड़ में थुलथुली इलाके में पूर्वी बस्तर डिवीजन में मौजूद थे। इसके बाद ऑपरेशन लॉन्च करने के लिए अफसरों ने प्लानिंग की।
  • बुधवार की देर रात तक प्लानिंग की गई। इसके बाद यह ऑपरेशन इंटर डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेशन के तहत चलाने का फैसला लिया गया। ऑपरेशन में जवानों को दो तरफ से भेजने का फैसला लिया गया। पांच जिलों के बेस्ट जवानों को इसमें शामिल किया गया। 3 अक्टूबर को दंतेवाड़ा और नारायणपुर जिले से करीब 1 हजार से ज्यादा DRG और STF के जवानों को ऑपरेशन पर भेजा गया।
  • दंतेवाड़ा और नारायणपुर जिले को गुरुवार की सुबह ऑपरेशन लीड करने की जिम्मेदारी दी गई। जवान गुरुवार को ही जंगलों में घुस गए थे। जवानों ने भारी बारिश के बीच करीब 3 से 4 पहाड़, नदी-नाले पार किए और थुलथुली-नेंदुर गांव के जंगल में पहुंचे।
  • नक्सलियों के टॉप लीडर्स एक जगह से दूसरी जगह मूवमेंट कर रहे थे, लेकिन भारी बारिश की वजह से वे भी पहाड़ पर एक ठिकाने पर रुक गए थे और बारिश थमने का इंतजार कर रहे थे। जवानों को इसी का फायदा मिला। इसके बाद नारायणपुर और दंतेवाड़ा पुलिस फोर्स ने डेढ़ से 2 किलोमीटर के दायरे को चारों तरफ से घेर लिया।

जवानों के आने की नक्सलियों को नहीं लगी भनक

भारी बारिश की वजह से नक्सलियों को जवानों के आने की भनक भी नहीं लग पाई। वहीं 4 अक्टूबर को दोपहर एक बजे जवान नक्सलियों के बेहद करीब पहुंच गए थे, जिसके बाद जवानों ने ही फायरिंग की। सूत्रों ने बताया कि नक्सली जवानों के रडार पर थे।

40 किमी. पैदल चल ऑपरेशन साइट तक पहुंचे

जवानों के साथ महिला कमांडो भी गुरुवार से ऑपरेशन में साथ थीं। अलग-अलग टीम बनाई गई। भूख मिटाने के लिए मैगी के पैकेट दिए गए। सभी टीमें एक पॉइंट तक गाड़ियों से पहुंचीं। इसके बाद 40 किलोमीटर तक जवान पैदल चले और उस जगह पहुंचे, जहां नक्सलियों की मौजूदगी थी। लोकेशन कन्फर्मेशन के बाद हाईकमान को सूचित किया गया। ऑर्डर मिलने के बाद एनकाउंटर को अंजाम दिया गया।

ऑपरेशन की 5 अहम बातें…

1. शुरुआत के 10 से 15 मिनट के अंदर ही जवानों ने 7 नक्सलियों को ढेर कर दिया था। नक्सली एक तरफ से दूसरी तरफ भागने लगे तो दूसरी तरफ मौजूद पुलिस पार्टी ने उन्हें घेरकर मारा।

2. गुरुवार देर शाम तक पुलिस ने कुल 31 नक्सलियों के शव बरामद कर लिए थे। रातभर जवान घटनास्थल पर ही मौजूद थे। सुबह होते ही एक बार फिर से सर्च ऑपरेशन चलाया गया।

3. बस्तर आईजी पी सुंदरराज के मुताबिक फोर्स ने मौके से LMG , AK-47, SLR, इंसास, कैलिबर 303 राइफल और अन्य हथियार बरामद किया है।

4. ऐसा बताया जा रहा है कि इस एनकाउंटर में बड़े कैडर के नक्सली मारे गए हैं। कुछ नक्सली घायल भी हैं, जिन्हें उनके साथी अपने साथ लेकर चले गए हैं।

जवान रामचंद्र यादव घायल हो गए, छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा उनसे मिलने अस्पताल पहुंचे।

जवान रामचंद्र यादव घायल हो गए, छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा उनसे मिलने अस्पताल पहुंचे।

ऑपरेशन के बाद नक्सलियों की बॉडी लाने की कश्मकश

एनकाउंटर के बाद जवानों की टीम छोटी-छोटी टुकड़ियों में लौट रही है। इनमें महिलाओं के कंधे पर भी नक्सलियों के शव हैं और 6-6 किलो की राइफल। छोटा सा स्टोव भी। जहां जगह मिली, शवों को रखकर ये टुकड़ियां मैगी बनाकर अपना पेट भर रही हैं।

कांकेर में जवानों ने 29 माओवादियों को मार गिराया था।

कांकेर में जवानों ने 29 माओवादियों को मार गिराया था।

साल का दूसरा सबसे बड़ा ऑपरेशन

इसी साल 16 अप्रैल को बस्तर के कांकेर में जवानों ने 29 माओवादियों को मार गिराया था। तब यह नक्सलियों के खिलाफ सबसे बड़ा और सफल ऑपरेशन था। 4 अक्टूबर को हुए एनकाउंटर में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। यह नक्सल हिस्ट्री का सबसे बड़ा और सफल अभियान था।

एनकाउंटर में सबसे बड़ी भूमिका डीआरजी की

ऑपरेशन में 3 फोर्स लगाई थी। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ), डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड्स (डीआरजी) और सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ)। सीआरपीएफ को सिर्फ बैकअप के लिए रखा गया था। एसटीएफ और डीआरजी ने मुठभेड़ में भाग लिया। सबसे बड़ी भूमिका डीआरजी की रही।

डीआरजी में वे लोग शामिल हैं, जो पहले नक्सली थे। नक्सलियों के रूप में जिनकी जंगलवार ट्रेनिंग हो चुकी है। उन्हें समर्पण के बाद डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड के रूप में फोर्स में शामिल कर लिया गया। इनमें स्थानीय युवकों को ही शामिल किया जाता है।

जैसे दंतवाड़ा डीआरजी में दंतेवाड़ा के सरेंडर्ड को शामिल किया जाएगा। इससे उन्हें वहां के भूगोल की पूरी जानकारी होती है। नक्सलियों के कोड को वे समझ लेते हैं। इसलिए इन्हें आगे रखा जाता है।

इस मुठभेड़ में भी यही हुआ। डीआरजी के जवान नक्सलियों के कोड को डिकोड करते रहे और एसटीएफ के लिए रास्ता बनाते रहे। इस तरह फोर्स को इतनी बड़ी सफलता मिली।

बस्तर में तैनात 60 हजार से ज्यादा जवान

नक्सलियों के खिलाफ चल रही लड़ाई के लिए बस्तर में अलग-अलग फोर्स के करीब 60 हजार से ज्यादा जवान तैनात हैं। इनमें कांकेर में SSB, BSF, ITBP, नारायणपुर में ITBP, BSF, STF, कोंडागांव में ITBP, CRPF के जवान तैनात हैं।

वहीं दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा में STF, कोबरा और CRPF के जवान तैनात हैं। इसके अलावा सभी जिलों में DRG, जिला बल, बस्तर फाइटर्स, बस्तरिया बटालियन भी सुरक्षा बलों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं।

अमित शाह ने कहा था- 2026 तक नक्सलवाद से दिलाएंगे आजादी

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जब CG के दौरे पर थे तो उन्होंने दावा किया था कि 2026 तक बस्तर से माओवादियों का खात्मा कर दिया जाएगा। बस्तर नक्सलवाद की समस्या से आजाद हो जाएगा। शाह के इस दावे के बाद बस्तर में जवान नक्सलियों के ठिकाने में घुसकर उन्हें मार रहे हैं। पिछले 9 महीने में 188 माओवादियों को मार गिराया गया है।

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कोरबा

लखन लाल ने किया बालको कूलिंग टॉवर से रिस्दा पुल तक के नाली निर्माण का शिलान्यास

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बालकोनगर।  मंत्री लखन लाल देवांगन ने सोमवार को शांतिनगर क्षेत्र में सड़क किनारे नाली निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। इस अवसर पर कोरबा की महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत विशेष रूप से उपस्थित रहीं। यह पहल क्षेत्रीय नागरिक सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण तथा शांतिनगर क्षेत्र में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

यह परियोजना बालको कूलिंग टॉवर से रिस्दा पुल तक लगभग 2.9 किलोमीटर लंबाई में विकसित की जाएगी। लगभग 5 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना में 2.5 करोड़ रुपये जिला खनिज न्यास निधि (डीएमएफ) तथा 2.5 करोड़ रुपये बालको की सीएसआर निधि से प्राप्त हुए हैं। निविदा प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत अब निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा।

इस नाली निर्माण परियोजना के पूर्ण होने से शांतिनगर क्षेत्र में जलभराव की समस्या का समाधान होगा। इससे क्षेत्रवासियों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलेगी तथा बरसात के मौसम में होने वाली असुविधाओं से राहत प्राप्त होगी। शिलान्यास अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने कहा कि यह परियोजना स्थानीय नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है और इससे क्षेत्र के समग्र विकास को गति मिलेगी।

*बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेश कुमार सिंह* ने कहा कि जिला प्रशासन के सहयोग से संचालित यह नाली निर्माण परियोजना सामुदायिक आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने, जीवन स्तर में सुधार लाने और दीर्घकालिक विकास को गति देने के प्रति बालको की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है। समुदाय के साथ हमारी व्यापक सहभागिता से वित्तीय वर्ष 2026 में 1.8 लाख से अधिक लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। हम अपने समुदाय के विश्वास के लिए आभारी हैं, जिसने हमें सतत सकारात्मक परिवर्तन सुनिश्चित करने में सक्षम बनाया है।

जिला प्रशासन और बालको की साझेदारी कोरबा क्षेत्र में आधारभूत संरचना विकास को लगातार नई गति दे रही है। हाल ही में बजरंग चौक से रिस्दा पुल (परसाभाठा मार्ग) के उन्नयन, पुल मरम्मत और आधुनिक सड़क निर्माण की दिशा में शुरू हुई पहल के क्रम में यह नाली निर्माण परियोजना क्षेत्रीय विकास की अगली महत्वपूर्ण कड़ी है। शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना और आजीविका जैसे क्षेत्रों में बालको की निरंतर पहल स्थानीय समुदायों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने का प्रयास कर रही है। यह परियोजना क्षेत्रीय विकास को नई गति देते हुए स्थानीय समुदाय के जीवन स्तर में सुधार के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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कोरबा

कोरबा : सुशासन तिहार 2026 : भीषण गर्मी में मुख्यमंत्री गांव-गांव, गली-गली घूमकर जनसमस्याओं के ले रहे जानकारी, करा रहे निराकरण: उद्योग मंत्री

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भीषण गर्मी में मुख्यमंत्री गांव-गांव, गली-गली घूमकर जनसमस्याओं के ले रहे जानकारी,

नगर पालिक निगम कोरबा के सर्वमंगला नगर जोनांतर्गत विकास नगर में आयेाजित हुआ निगम का सुशासन तिहार शिविर

नगर पालिक निगम कोरबा के सर्वमंगला नगर जोनांतर्गत विकास नगर में आयेाजित हुआ निगम का सुशासन तिहार शिविर

कोरबा। प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग, सार्वजनिक उपक्रम, आबकारी व श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने आज सोमवार को नगर पालिक निगम कोरबा के सर्वमंगलानगर जोनांतर्गत विकास नगर में आयोजित सुशासन तिहार शिविर को संबोधित करते हुये आज कहा कि प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर जनसमस्याओं के निराकरण हेतु सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है, मुख्यमंत्री श्री साय स्वयं गांव-गांव, गली-गली घूमकर जनसमस्याओं से रूबरू हो रहे हैं, उनका निराकरण करा रहे हैं तथा प्रदेश में सम्पूर्ण सुशासन की सरकार की संकल्पना को साकार कर रहे हैं। 

नगर पालिक निगम कोरबा के सर्वमंगला नगर जोनांतर्गत विकास नगर में आयेाजित हुआ निगम का सुशासन तिहार शिविर

यहां उल्लेखनीय है कि राज्य शासन के दिशा निर्देशों के अनुरूप सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ कोरबा जिले एवं नगर पालिक निगम केारबा क्षेत्र में भी सुशासन तिहार मनाया जा रहा है तथा इसके अंतर्गत शिविर आयोजित किये जा रहे हैं। आज निगम का सातवॉं व अंतिम सुशासन तिहार शिविर सर्वमंगला नगर जोनांतर्गत विकास नगर में आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने शिविर में उपस्थिति प्रदान करते हुये महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत, सभापति नूतन सिंह ठाकुर आयुक्त आशुतोष पाण्डेय तथा पार्षदों व जनप्रतिनिधियों के साथ शिविर में लगाये गये जिले के विभिन्न विभागों व नगर पालिक निगम केारबा के विभिन्न काउंटरों का निरीक्षण किया। इस अवसर पर महापौर, सभापति व आयुक्त के साथ ही पार्षद नरेन्द्र देवांगन, भानुमति जायसवाल, रामाधार पटेल, आरती सिंह, प्रेमप्रकाश साहू, बहत्तर सिंह कंवर, मुकुंद सिंह कंवर, रामकुमार साहू, मनीष मिश्रा आदि जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे। इस अवसर पर दिये गये अपने उद्बोधन में उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विगत 11 वर्षाे के अपने कार्यकाल में देश का सम्मान विश्व स्तर पर बढ़ाया है, जिसके लिये हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति दिल से आभार व्यक्त करते हैं, वहीं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अपने कार्याे व योजनाओं से लगातार जनकल्याण का कार्य कर रहे हैं। उन्होने कहा कि हमारी सरकार जनहितकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन पर विश्वास रखती है तथा सरकार जो कहती है, वह करती भी है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से प्रत्येक व्यक्ति तक शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाई जा रही है, उन्हें लाभान्वित किया जा रहा है तथा उनकी बरसों पुरानी समस्याएं दूर हो रही हैं। उन्होने कहा कि नगर निगम कोरबा क्षेत्र में बड़ी सफलता के साथ सुशासन तिहार का आयोजन किा गया है, जिसके लिये मैं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत, आयुक्त आशुतोष पाण्डेय, सभापति नूतन सिंह ठाकुर तथा निगम के सभी पार्षदों को बधाई देता हूॅं। 

10 वर्ष की समस्याएं हो रही दूर 
 इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुये महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने अपने उद्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है, जगह-जगह जनसमस्या निवारण शिविर लगाये जा रहे हैं तथा विगत 10 वर्ष की समस्याएं दूर की जा रही हैं। उन्होने कहा कि शासन प्रशासन का यह प्रथम लक्ष्य है कि जनताजनार्दन की सभी समस्याओं का गुणवत्तापूर्ण निराकरण किया जाए, केवल कागजी कार्यवाही न हों। महापौर श्रीमती राजपूत ने आगे कहा कि कोरबा के सभी 67 वार्डाे मंे बिना किसी भेदभाव के बडे़ पैमाने पर विकास कार्य हो रहे हैं तथा उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन इन कार्याे हेतु लगातार फंड की व्यवस्था करा रहे हैं। 

इस अवसर पर सभापति नूतन सिंह ठाकुर ने कहा कि यह हमारी सरकार है जो समस्याओं का निराकरण भी बडे़ उल्लास के साथ सुशासन तिहार के रूप में करती है, सुशासन तिहार का यह आयोजन जनताजनार्दन को एक अच्छा शासन प्रशासन देने का संकल्प है, वरिष्ठ पार्षद नरेन्द्र देवांगन ने इस मौके पर कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एक मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्याे व नीतियों से छत्तीसगढ़ में सुशासन स्थापित कर रहे हैं, वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बहुत-बहुत धन्यवाद है कि उन्होने मनुष्य के जन्म से लेकर मृत्यु तक के लिये शासकीय योजनाओं का क्रियान्वयन कराया है, अब योजनाओं का सीधा लाभ हितग्राहियों को मिल रहा है, बिचौलिया प्रथा समाप्त हो गई है। उन्होने कहा कि उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन कोरबा क्षेत्र के एक-एक विकास कार्याे पर एक-एक समस्याओं पर लगातार नजर रख रहे हैं तथा उनके उत्साहवर्धन के परिणाम स्वरूप अधिकारी कर्मचारी भी पूरे उत्साह के साथ कार्य कर रहे हैं। 

आयुक्त ने सर्वमंगला नगर जोन व निगम के उपलब्धियों पर रखा प्रतिवेदन 

 इस अवसर पर आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने सर्वमंगला नगर जोन के विकास कार्याे व नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा प्राप्त उपलब्धियों पर अपना विस्तृत प्रतिवेदन शिविर में रखा। उन्होने बताया कि सर्वमंगला नगर जोनांतर्गत वर्ष 2023 से अब तक 05 करोड़ 83 लाख रूपये की लागत से 54 कार्य स्वीकृत किये गये थे, जिनमें 28 कार्य पूर्ण हो गये हैं, 13 कार्य प्रगति पर है तथा 13 कार्य निविदा में हैं। इस मौके पर उन्होने प्रधानमंत्री आवास योजना, विभिन्न पेंशन योजनाओं, राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना, सम्पत्तिकर व जलकर की वसूली, श्रद्धांजलि योजना, विभिन्न राशन कार्ड आदि से लाभान्वित कराये गये हितग्राहियों के संबंध में विस्तार से जानकारी शिविर में प्रस्तुत की। आयुक्त श्री पाण्डेय ने इस मौके पर कहा कि सभी प्राप्त आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित हों, इसके लिये कलेक्टर कुणाल दुदावत ने वरिष्ठ अधिकारियों की समिति गठित की है, जो आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करा रही हैं, आयुक्त श्री पाण्डेय ने आगे बताया कि सर्वमंगला नगर जोनांतर्गत मॉं सर्वमंगला मंदिर परिसर को प्लास्टिक फ्री जोन बनाया गया है, वहीं शहर के सबसे ज्यादा स्थलों को कचरा मुक्त स्थल बनाकर सजाया, संवारा गया है।

हितग्राहियों को किया गया लाभान्वित 

 शिविर के दौरान शासन के विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को योजनाओं के लाभ से लाभान्वित किया गया। उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत व उपस्थित अतिथियों द्वारा हितग्राही चन्द्रशेखर व विष्णु प्रसाद को प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत आवासगृह की चाबी प्रदान की गई। इसी प्रकार हितग्राही शांता बाई व प्रभा यादव को राशन कार्ड, गोपी देवगन को वृद्धावस्था पेंशन तथा गौरीशंकर साहू व मोहनबाई रत्नाकर को श्रवण यंत्र प्रदान किये गये। 

    इस अवसर पर भानुमति जायसवाल, रामाधार पटेल, आरती सिंह, प्रेमप्रकाश साहू, बहत्तर सिंह कंवर, मुकुंद सिंह कंवर, रामकुमार साहू, मनीष मिश्रा, प्रफुल्ल तिवारी, माधव जायसवाल, अपर आयुक्त विनय मिश्रा, उपायुक्त पवन वर्मा, कार्यपालन अभियंता राकेश मसीह, जोन कमिश्नर सुनील टांडे, स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.संजय तिवारी आदि के साथ नगर निगम कोरबा व जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी व जनप्रतिनिधिगण एवं काफी संख्या में आमनागरिकगण उपस्थित थे।

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कोरबा

कोरबा में घर के अंदर मिली महिला की लाश:पति ने देखा पत्नी को फंदे पर लटका, भागकर किया था लव-मैरिज, पुलिस जांच में जुटी

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कोरबा। कोरबा जिले में एक 26 साल की शादीशुदा महिला की लाश घर के अंदर फांसी के फंदे पर लटकी मिली। पति ने पत्नी को फंदे पर लटका देखा तो वह घबरा गया और जोर-जोर से चिल्लाने लगा। इसके बाद लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई।

जांच में पता चला कि महिला बिहार के मुजफ्फरपुर जिले की रहने वाली थी। उसके पति ने अपनी पहली पत्नी को छोड़कर उससे लव मैरिज किया था। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। यह मामला मानिकपुर चौकी क्षेत्र के कृष्णा नगर बस्ती का है।

जानकारी के मुताबिक, कृष्णा नगर बस्ती निवासी धर्मेंद्र पासवान ने बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के गौरेया थाना, तुर्की इलाके की रहने वाली 26 वर्षीय प्रीति उर्फ बेबी को लेकर भाग गया था। इसके बाद धर्मेंद्र ने प्रीति से लव मैरिज कर ली थी।

दोनों पिछले कुछ सालों से कोरबा के कृष्णा नगर में किराए के मकान में रह रहे थे। यहां वे अपने तीन साल के बच्चे के साथ रह रहे थे। धर्मेंद्र पासवान बालको पावर प्लांट में एक निजी कंपनी के ठेकेदारी कार्य से जुड़ा हुआ है।

फांसी के फंदे पर लटकी मिली लाश

रविवार सुबह प्रीति की लाश घर में लोहे के एंगल पर चुन्नी से फांसी के फंदे पर लटकी हुई मिली। सुबह जब पति धर्मेंद्र ने प्रीति को फांसी के फंदे पर लटका हुआ देखा तो वह घबरा गया और जोर-जोर से चिल्लाने लगा। उसकी आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और महिला को नीचे उतारा गया। लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

इसके बाद उसे तुरंत एंबुलेंस से जिला मेडिकल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

घटना की सूचना मिलते ही मानिकपुर चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने रविवार शाम तक कमरे को सील कर दिया और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

मानिकपुर चौकी पुलिस ने जब मृतका के परिजनों से उनके थाने के जरिए संपर्क किया तो पता चला कि उसकी मां नहीं है, सिर्फ पिता हैं। लेकिन पिता भी आने को तैयार नहीं हैं, क्योंकि वे भी किसी के साथ प्रेम विवाह कर पहले ही घर छोड़ चुके हैं।

इस मामले को लेकर कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि महिला की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है। तहसीलदार के सामने पंचनामा और बयान की कार्रवाई की जा रही है। साथ ही फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि मौत कैसे और किन परिस्थितियों में हुई।

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