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छत्तीसगढ़

एक दिन और बढ़ाई गई आर्मी सैन्य प्रदर्शनी:CM साय ने उठाए हथियार; रायपुर में इंडियन आर्मी ने ब्लास्ट कर उड़ाया दुश्मन का हेड-क्वार्टर

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रायपुर,एजेंसी। रायपुर के साइंस कॉलेज ग्राउंड में सेना की प्रदर्शन का शनिवार को पहला दिन है। कार्यक्रम में CM साय पहुंचे और इंडियन आर्मी के हथियारों को हाथों से उठाकर देखा। इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम को एक दिन और बढ़ाने की घोषणा की।

इस दौरान साय ने कहा कि सैन्य प्रदर्शनी कार्यक्रम में CM साय ने कहा कि सेना का कार्यक्रम देख रोमांचित हूं। युवाओं को अगर अग्निवीर बनने का मौका मिले तो अवश्य जाएं। बस्तर के अबूझमाड़ में जवानों ने 31 नक्सलियों को ढेर कर दिया। जवानों को बधाई देता हूं।

साइंस कॉलेज ग्राउंड में लो फ्लाई पोजिशन पर हेलिकॉप्टर

साइंस कॉलेज ग्राउंड में लो फ्लाई पोजिशन पर हेलिकॉप्टर

इंडियन आर्मी के हथियारों को हाथों से उठाकर देखा और उसकी खासियत को जाना।

इंडियन आर्मी के हथियारों को हाथों से उठाकर देखा और उसकी खासियत को जाना।

बस्तर में भी कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा

साय ने कहा कि बस्तर में आ रहा बदलाव इस बात का संकेत है कि युवा सेना से जुड़कर नक्सलियों का संहार कर रहे हैं। बस्तर में भी इस तरह का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इससे वहां के लोग प्रेरित होंगे।

कार्यक्रम एक दिन और बढ़ाने की घोषणा

साय ने दर्शकों के उत्साह के कारण कार्यक्रम एक दिन और बढ़ाने की घोषणा की है। अब 5 अक्टूबर से 7 अक्टूबर तक सशस्त्र सैन्य समारोह होगा। गर्मी के चलते सुबह 8 से 10 और शाम 6 से रात 10 बजे तक कार्यक्रम देख सकते हैं। हर साल इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

हेलीकॉप्टर बिना लैंड किए दूसरी दिशा में चला गया

सेना के प्रदर्शन कार्यक्रम में हेलिकॉप्टर से रस्सी के सहारे कमांडोज उतरने वाले थे, लेकिन इसे एयरफोर्स ने अनसेफ बताया है, जिसकी वजह से हेलिकॉप्टर की लैंडिंग नहीं होगी।

दरअसल, शुक्रवार को 3 से 4 बार एयरफोर्स के हेलीकॉप्टर MI-17 को साइंस कॉलेज ग्राउंड पर लाया गया। हेलिकॉप्टर ने लैंडिंग का प्रयास किया, लेकिन ग्राउंड में उड़ रहे टेंट के कपड़ों की वजह से लैंडिंग अनसेफ हो गई।

शाम को भी तीन बार प्रयास किए जाने के बावजूद हेलीकॉप्टर लैंड नहीं हो सका

शाम को भी तीन बार प्रयास किए जाने के बावजूद हेलीकॉप्टर लैंड नहीं हो सका

पैरा कमांडोज का एक्शन

कार्यक्रम स्थल पर विशाल MI-17 हेलीकॉप्टर को लाकर कमांडोज का एक्शन दिखाना मुमकिन नहीं हो पाया। हालांकि ग्राउंड पर सैन्य प्रदर्शनी में भारतीय सेना के पैरा कमांडोज और घातक कमांडोज का एक्शन जरूर दिखा। कमांडोज ने दिखाया कि कैसे वे दुश्मन पर हमला करते हैं और उनके हेड क्वार्टर को जमींदोज कर देते हैं।

गोरखा रेजीमेंट के जवानों ने खुखरी डांस किया। सेना के गोरखा रेजीमेंट के जवानों की वीरता को प्रदर्शित करता है यह नृत्य ।

गोरखा रेजीमेंट के जवानों ने खुखरी डांस किया। सेना के गोरखा रेजीमेंट के जवानों की वीरता को प्रदर्शित करता है यह नृत्य ।

प्रशासन ने की फ्री बस सेवा की व्यवस्था

साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित सशस्त्र सैन्य समारोह में आने-जाने के लिए जिला प्रशासन ने मुफ्त बस सुविधा भी उपलब्ध कराई है। शहर के चारों ओर से अलग-अलग समय में आवाजाही के लिए बस सुविधा चलेगी।

तेलीबांधा थाना चौक, पचपेड़ी नाका चौक, पचपेड़ी नाका, न्यू बस स्टैंड भाठागांव, पुराना बस स्टैंड और टाटीबंध चौक से साइंस कॉलेज मैदान जाने के लिए 8ः30 बजे से बस की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा साइंस कॉलेज से बाकी स्थानों तक वापसी के लिए शाम 5 बजे तक बस चलेगी।

दंतेवाड़ा के NCC के बच्चों ने घुड़सवारी का प्रदर्शन किया।

दंतेवाड़ा के NCC के बच्चों ने घुड़सवारी का प्रदर्शन किया।

क्या-क्या देखने को मिलेगा

बुलेट पर स्टंट: आर्मी की डेयर डेविल बाइकर टीम हैरान कर देने वाले स्टंट्स दिखाएगी।

खुखरी डांस: इसके अलावा ग्रेनेडियर्स, सिग्नल और गोरखा प्रशिक्षण केंद्रों के सैन्य पाइप और ब्रास बैंड परफॉर्म करेंगे। गोरखा रेजिमेंट के जवान खुखरी डांस करेंगे।

घुड़सवारी: तेजी से भागते पर हुए घोड़े पर बस्तर के छोटे-छोटे बच्चे हैं। हैरतअंगेज करतब दिखाएंगे।

AK 47 से टैवोर तक: आर्मी रूस और इजराइल के हथियारों का इस्तेमाल करती है। रायपुर में AK 47, टैवोर जैसी गन और ग्लॉक पिस्टल देखने को मिलेगी।

ये बड़े हथियार भी दिखेंगे

आर्टिलरी की 105 एमएम लाइट फील्ड गन

9 किलोमीटर तक हमला करने वाला टी-90 भीष्म टैंक

पानी में चलने वाली बीएमपी टू

लड़ाकू वाहन को मार गिराने वाला स्ट्रेला 10 एम

जेडयू 23 गन

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कोरबा

अमित जोगी का ‘खटिया खड़ी’ आंदोलन संपन्न:बालको में मजदूरों के लिए प्रदर्शन, प्रबंधन ने मानी तीन मांगें

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कोरबा। कोरबा में जनता कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी का ‘खटिया खड़ी’ आंदोलन कुछ ही घंटों में संपन्न हो गया। यह आंदोलन बालको में असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के अधिकारों के लिए किया गया था। अमित जोगी ने दावा किया कि यह सफल रहा, क्योंकि प्रबंधन ने उनकी तीन प्रमुख मांगें मान ली हैं।

बालको परसाभाटा स्थित गेट के सामने अमित जोगी ने एक टेंट लगाकर प्रदर्शन शुरू किया। उन्होंने वहां मौजूद मजदूरों की समस्याओं को उठाया और उनके साथ गेट की ओर बढ़ने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस बल ने उन्हें रोका, जिससे कुछ देर तक हल्की धक्का-मुक्की चलती रही।

अमित जोगी ने कहा, ‘खटिया खड़ी’ आंदोलन सफल

मीडिया से बात करते हुए अमित जोगी ने बताया कि उन्होंने अपने पिता अजीत जोगी द्वारा 2004 में बालको में किए गए आंदोलन की तर्ज पर ही मजदूरों के हक में यह संघर्ष किया है।

जोगी ने पुष्टि की कि उनका ‘खटिया खड़ी’ आंदोलन सफल रहा है। उन्होंने बताया कि बालको प्रबंधन ने उनकी तीन मांगों को स्वीकार कर लिया है।

आंदोलन में शामिल होने से मजदूरों को रोका गया

अमित जोगी ने आरोप लगाया कि आंदोलन में शामिल होने से मजदूरों को रोका गया था। उन्होंने दावा किया कि प्रबंधन ने आदेश जारी किए थे कि जो भी इस आंदोलन में शामिल होगा, उसे काम और सुविधाओं से वंचित कर दिया जाएगा। जोगी ने कहा कि ऐसी स्थिति में वह खुद बालको की यूनिफॉर्म पहनकर आंदोलन करेंगे।

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छत्तीसगढ़

PTJNMC की बड़ी उपलब्धि; DM कार्डियोलॉजी की दो-सीट मंजूर:NMC अप्रूवल पर स्वास्थ्य मंत्री ने दी बधाई, स्पेशलिस्ट डॉक्टरों के स्टाइपेंड का मुद्दा भी गर्माया

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रायपुर,एजेंसी। राजधानी स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर को बड़ी शैक्षणिक उपलब्धि मिली है। नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए मेडिकल कॉलेज में डीएम-कार्डियोलॉजी (सुपर स्पेशियलिटी) की दो पीजी सीटों को मंजूरी प्रदान की है।

हालांकि इस फैसले के बाद छत्तीसगढ़ डॉक्टर्स फेडरेशन ने डीएम यानी डॉक्टरेट ऑफ मेडिसिन करने वाले डॉक्टरों के स्टाइपेंड और कैडर व्यवस्था को लेकर सवाल भी खड़े किए हैं।

विशेषज्ञ समिति की समीक्षा के बाद मिली अनुमति

मेडिकल कॉलेज ने आवेदन पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति हेल्थ साइंसेज और आयुष विश्वविद्यालय, रायपुर के माध्यम से प्रस्तुत किया था। इसके बाद एनएमसी के मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड ने कॉलेज की स्व-मूल्यांकन रिपोर्ट (SAF) और मूल्यांकनकर्ताओं की रिपोर्ट का परीक्षण किया।

विशेषज्ञों की समीक्षा के बाद न्यूनतम मानकों के आधार पर डीएम-कार्डियोलॉजी की दो सीटों को मंजूरी दी गई।

हृदय रोग विशेषज्ञों की संख्या बढ़ने की उम्मीद

सुपर स्पेशियलिटी कोर्स शुरू होने से प्रदेश में हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। इससे गंभीर हृदय रोगों के इलाज के लिए मरीजों को राज्य के बाहर जाने की जरूरत कम हो सकती है। साथ ही उन्नत हृदय चिकित्सा सेवाओं और शोध गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

इस उपलब्धि पर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मेडिकल कॉलेज प्रबंधन, चिकित्सकों और स्वास्थ्य विभाग की टीम को बधाई दी है।

स्टाइपेंड और कैडर को लेकर उठे सवाल

डीएम-कार्डियोलॉजी की सीटों की मंजूरी के साथ ही छत्तीसगढ़ डॉक्टर्स फेडरेशन का कहना है कि छत्तीसगढ़ में अभी तक डॉक्टरेट ऑफ मेडिसिन (DM), सर्जिकल सुपर स्पेशियलिटी (MCh) और डॉक्टरेट ऑफ नेशनल बोर्ड (DrNB) के डॉक्टरों के लिए अलग कैडर या अलग स्टाइपेंड संरचना तय नहीं की गई है।

इसी वजह से कई जगहों पर सुपर स्पेशियलिटी कोर्स कर रहे डॉक्टरों को भी डॉक्टर ऑफ मेडिसिन या मास्टर ऑफ सर्जरी पीजी रेजिडेंट के बराबर ही स्टाइपेंड मिल रहा है, जबकि DM कोर्स MD के बाद किया जाने वाला उच्च स्तर का विशेषज्ञता कोर्स है।

कई बार भेजे जा चुके हैं प्रस्ताव

डॉक्टरों और संस्थानों की ओर से इस मुद्दे पर कई बार सरकार को पत्र लिखकर DM/MCh/DrNB के लिए अलग कैडर और बेहतर वेतन संरचना तय करने की मांग की जा चुकी है। लेकिन अभी तक इस पर कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया गया है।

नए DM छात्रों के सामने भी चुनौती

अब जब रायपुर मेडिकल कॉलेज में DM-कार्डियोलाॅजी की पढ़ाई शुरू होने जा रही है, तो यह सवाल भी उठ रहा है कि अगर स्टाइपेंड और कैडर की स्थिति स्पष्ट नहीं होगी तो दूसरे राज्यों के डॉक्टर यहां सुपर स्पेशियलिटी पढ़ाई के लिए कितने आकर्षित होंगे।

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कोरबा

नम: सामूहिक विवाह:पं.धीरेंद्र शास्त्री के सानिध्य में 108 दिव्यांग व निर्धन कन्याएं बंधेंगी परिणय सूत्र में

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01 अप्रैल को ढपढप (बांकीमोंगरा) में होगा आयोजन
108 कन्याओं के नए जीवन में प्रवेश कराने हमें मिल रहा अवसर, यह सौभाग्य की बात-सर्वमंगला मंदिर प्रबंधक एव व्यवथापक
कोरबा। माँ सर्वमंगला देवी मंदिर परिसर दुरपा कोरबा में 2024 में नम: सामूहिक विवाह के सफल आयोजन के बाद इस वर्ष नम: सामूहिक विवाह को बड़ा विस्तार दिया जा रहा है। 01 अप्रैल 2026 को ढपढप (बांकीमोंगरा) में विश्व विख्यात कथा वाचक एवं बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री के सानिध्य में एवं अपना आश्रम सेवा समिति के आयोजकत्व में यह पुण्य कर्म सम्पन्न होगा। इस पुण्यधरा पर 108 दिव्यांग एवं निर्धन कन्याओं का सामूहिक विवाह होगा और वे नवदाम्पत्य जीवन में प्रवेश करेंगी।
नम: सामूहिक विवाह के प्रभारी, माँ सर्वमंगला देवी मंदिर के प्रबंधक/ व्यवस्थापक ने बताया कि अब तक 108 दिव्यांग एवं निर्धन कन्याओं का पंजीयन हो चुका है। यह हमारा सौभाग्य है कि ईश्वरीय कृपा से यह पुण्यकर्म इस बार ग्राम ढपढप (बांकीमोंगरा) में सम्पन्न होगा और नवदम्पत्तियों को शुभ आशीर्वाद देने के लिए विश्व प्रसिद्ध कथा वाचक एवं सनातन धर्म के प्रचारक पंडित धीरेंद्र शास्त्री (पीठाधीश्वर-बागेश्वर धाम) सहित कई लब्ध प्रतिष्ठित एवं विद्वान आचार्यों के साथ प्रदेश के कई राजनीतिक प्रतिभाएं, समाजसेवक अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।
ज्ञातव्य हो कि अपना आश्रम सेवा समिति द्वारा ग्राम ढपढप में 27 मार्च से 01 अप्रैल तक श्री हनुमंत कथा का दिव्य आयोजन किया जा रहा है, जिसमें अपना सानिध्य प्रदान करने बागेश्वर धाम से पंडित धीरेंद्र शास्त्री पधार रहे हैं। 06 दिवसीय इस दिव्य आयोजन के अंतिम दिन 01 अप्रैल को नम: सामूहिक विवाह का आयोजन होगा, जिसमें 108 दिव्यांग एवं निर्धन कन्याएं अपने मन पसंद जीवन साथियों के साथ नव दाम्पत्य जीवन प्रारंभ करेंगी। यह हमारा सौभाग्य है कि इस बार नम: सामूहिक विवाह का विस्तार हो रहा है और 108 कन्याओं का सामूहिक विवाह हो रहा है। पंजीयन अभी जारी है और कन्याओं की संख्या बढ़ सकती है।

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