Connect with us

छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में 80% खत्म हुई नक्सलियों की कंपनी नंबर-6:कमांडर सहित फ्रंटलाइन के सभी लड़ाके मारे गए; शव लेने नहीं पहुंचा कोई

Published

on

दंतेवाड़ा/नारायणपुर ,एजेंसी। बस्तर में 4 अक्टूबर को 31 नक्सली मारे गए। ये सभी कंपनी नंबर-6 के थे। नक्सलियों की यह दूसरी सबसे खतरनाक टीम थी, लेकिन अब इसका लगभग सफाया हो चुका है। जवानों ने मुठभेड़ में इसके 80 प्रतिशत लड़ाकों को मार गिराया है।

ये लड़ाके LMG, AK-47, SLR, स्नाइपर जैसे हथियारों से लैस थे। कंपनी कमांडर नंदू मंडावी सहित फ्रंट लाइन के लड़ाके ढेर हो चुके हैं। इंटेलिजेंस के अनुसार, 10-12 नक्सली जिंदा बचे हैं, लेकिन वो घायल हैं और अब वो लड़ने के काबिल नहीं हैं।

नक्सलियों की यह कंपनी दंतेवाड़ा-नारायणपुर बॉर्डर इलाके में सक्रिय थी। ये इलाका नक्सलियों के पूर्वी बस्तर डिवीजन कमेटी का है। इसकी इंचार्ज DKSZC नीति उर्फ निर्मला पर 25 लाख रुपए का इनाम था। जबकि नंदू पर 10 लाख का इनामी था।

4 अक्टूबर को मुठभेड़ हुई थी, जिसके बाद 5 अक्टूबर को जवान शव लेकर पहुंचे।

4 अक्टूबर को मुठभेड़ हुई थी, जिसके बाद 5 अक्टूबर को जवान शव लेकर पहुंचे।

मुठभेड़ में मारे गए 31 नक्सलियों में से 23 की शिनाख्त हो चुकी है। इन पर 1 करोड़ 67 लाख रुपए का इनाम घोषित है। मुठभेड़ के बाद जवान अपने साथ मारे गए सभी नक्सलियों का शव लेकर दंतेवाड़ा पहुंचे थे। अब इन्हें संभालकर रखना पुलिस के लिए चुनौती हो गई है।

दंतेवाड़ा जिला हॉस्पिटल में शवों को रखने के लिए जगह कम पड़ गई है। ऐसे में शवों को बीजापुर और जगदलपुर की मॉर्च्युरी में भी रखवाया गया है। वहीं शवों को ले जाने के लिए अभी तक सिर्फ मारे गए नक्सलियों में से दो के ही परिवार के सदस्यों ने पुलिस से संपर्क किया है।

इन्हीं जवानों ने नक्सलियों का एनकाउंटर किया है। जिनसे गृहमंत्री ने मुलाकात की।

इन्हीं जवानों ने नक्सलियों का एनकाउंटर किया है। जिनसे गृहमंत्री ने मुलाकात की।

तेजी से कम हो रही है नक्सलियों की संख्या

प्रदेश में सक्रिय नक्सलियों की संख्या कम हो रही है। अब युवा भी इनकी ओर नहीं जा रहे हैं। बड़ी संख्या में अंदरूनी इलाकों के युवाओं का रुझान अब सेना, आईटी और दूसरे सेक्टर में बढ़ रहा है। सरकारी योजनाओं के पहुंचने से अब युवा शिक्षा के प्रति ज्यादा जागरूक हो रहे हैं।

वहीं बड़ी संख्या में नक्सलियों की भी वापसी हो रही है। वह भी सरेंडर कर रहे हैं। इसके पीछे वो अपने साथ अभद्र व्यवहार, स्वास्थ्य में कमी, परिवार बनाने और बेहतर जिंदगी देने की बात कहते हैं।

संख्या कम होने की वजह

  • नक्सलियों के बीच आपस में तालमेल न बैठने की वजह, घर बसाने और एनकाउंटर में मारे जाने के डर से सरेंडर के आंकड़े बढ़े हैं।
  • पिछले 9 महीने में 700 से ज्यादा नक्सलियों की गिरफ्तारी हुई है।
  • नक्सल संगठन में नई भर्ती नहीं हो पा रही है। नक्सलियों ने फरमान जारी कर युवाओं को संगठन में भर्ती होने के लिए भी कहा था।
  • पिछले 9 महीने में 188 नक्सलियों का एनकाउंटर किया गया है। इससे पहले भी बहुत से माओवादी मारे गए हैं।

आधुनिक हथियारों से लैस थे लड़ाके

मुठभेड़ के बाद सर्चिंग में जवानों ने नक्सलियों के शवों के पास से बड़ी मात्रा में हथियार बरामद किए हैं।

मुठभेड़ के बाद सर्चिंग में जवानों ने नक्सलियों के शवों के पास से बड़ी मात्रा में हथियार बरामद किए हैं।

नक्सलियों की इस कंपनी में लगभग 40 से 45 लड़ाके थे, जो आधुनिक हथियारों से लैस थे। माओवादियों ने हर एरिया कमेटी से अपने बेस्ट लड़ाकों को बटालियन के बाद इसी कंपनी में तैनात किया था। ये सभी जंगल वॉर में माहिर थे। जवानों को एंबुश में फंसाने की सटीक प्लानिंग करते थे।

जवान भी आधुनिक हथियारों से लैस इस कंपनी से लड़ने को अपनी बड़ी चुनौती मानते थे। इस बार एक सटीक सूचना, दो जिलों के बीच समन्वय और तगड़ी प्लानिंग के बाद इस कंपनी को ही ढेर कर दिया गया। बस्तर के नक्सल इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि जब नक्सलियों की सबसे मजबूत कंपनी में से एक कंपनी लगभग खत्म हो गई है।

ये हथियार हुए बरामद

  • LMG- 1
  • AK 47- 4
  • SLR- 6
  • इंसास राइफल- 3
  • 303 गन- 2
Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कोरबा

एसटी, एससी व ओबीसी वर्ग के छात्रों से पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन पंजीयन की तिथि बढ़ी

Published

on

कोरबा। जिले में संचालित समस्त शासकीय, अशासकीय महाविद्यालयों, मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक, नर्सिंग कॉलेज, आईटीआई एवं डाईट आदि के प्राचार्य, संस्था प्रमुख, छात्रवृत्ति प्रभारी एवं संस्थान में अध्ययनरत् अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के ऐसे विद्यार्थी जो राज्य शासन द्वारा संचालित पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति की पात्रता रखते हैं, तथा संस्थाओं के प्राचार्यों/संस्था प्रमुखों, छात्रवृत्ति प्रभारियों को सूचित किया गया है कि  शिक्षा सत्र 2025-26 के लिए ऑनलाइन पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति (कक्षा 12वीं से उच्चतर) के पंजीयन, स्वीकृति एवं वितरण कार्यवाही वेबसाइट http://postmatric-scholarsip.cg.nic.in  पर ऑनलाईन की जा रही है, की अंतिम तिथि में वृद्धि की गई है।
सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कोरबा ने बताया कि राज्य शासन द्वारा वर्ष 2025-26 छात्रवृत्ति हेतु विद्यार्थी द्वारा ऑनलाइन आवेदन/पंजीयन (नवीन/नवीनीकरण) हेतु  अंतिम तिथि 27 मार्च 2026 तक, संस्थाओं द्वारा प्रपोजल लाक कर सहाय आयुक्त आदिवासी विकास को प्रेषित करने की तिथि 29 मार्च 2026, शासकीय संस्था/जिला कार्यालय द्वारा सेन्शन आर्डर लाक करने की तिथि 30 मार्च 2026 तक निर्धारित की गई है।
सहायक आयुक्त ने बताया कि  निर्धारित तिथि के पश्चात् शिक्षा सत्र 2025-26 की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति ऑनलाईन आवेदन हेतु पोर्टल बंद कर दिया जायेगा। निर्धारित तिथि तक कार्यवाही पूर्ण नहीं करने पर यदि संबंधित संस्थाओं के विद्यार्थी छात्रवृत्ति से वंचित रह जाते हैं तो इसके लिए संस्था प्रमुख जिम्मेदार होंगे। छात्रवृत्ति का भुगतान पीएफएमएस के माध्यम से किया जा रहा है। इस हेतु सभी विद्यार्थी ऑनलाइन आवेदन करते समय एक्टिव बचत खाता एवं आधार सीडेड बैंक खाता नंबर की प्रविष्टि करना सुनिश्चित करें। अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को एनएसपी पोर्टल से ओटीआर (वन टाईम रजिस्ट्रेशन) प्राप्त करना आवश्यक है। इस हेतु राज्य छात्रवृत्ति पोर्टल में प्रदाय निर्देशों का अवलोकन किया जा सकता है। वर्ष 2025-26 में नवीन संस्था के संस्था प्रमुख एवं संस्था के छात्रवृत्ति प्रभारी का बायोमैट्रिक-एथेंटिकेशन किया जाना आवश्यक है।

Continue Reading

कोरबा

एकलशिक्षकीय विद्यालय छपराही पारा में नई शिक्षिका की ज्वाईनिंग से पढ़ाई हुई बेहतर

Published

on

कोरबा। कोरबा जिले के विकासखंड पाली अंतर्गत ग्राम छपराही पारा का प्राथमिक शाला वर्षों से एकलशिक्षकीय व्यवस्था में संचालित हो रहा था। यहां कुल 41 बच्चे पंजीकृत हैं, जिनमें ज्यादातर वनांचल क्षेत्र के अनुसूचित जनजाति परिवारों के बच्चे पढ़ते हैं। सीमित संसाधनों और केवल एक शिक्षक के भरोसे चलने के कारण बच्चों की नियमित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रभावित हो रही थी।

विद्यालय के हेडमास्टर गुरदीप सिंह नेताम लंबे समय से अकेले ही सभी कक्षाओं को पढ़ा रहे थे। परिस्थिति चुनौतीपूर्ण थी, लेकिन बच्चों की सीखने की इच्छा और शिक्षक की जिम्मेदारी ने विद्यालय को आगे बढ़ने से रोका नहीं।
इसी बीच प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा प्रदेश के स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने हेतु अतिशेष शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण लागू किया गया। इस योजना का लाभ कोरबा जिले के सैकड़ों विद्यालयों और हजारों विद्यार्थियों तक पहुँचा। इसी कड़ी में छपराही पारा के प्राथमिक शाला को भी नई ऊर्जा मिली।

विद्यालय में शिक्षिका गायत्री कुर्रे की नियुक्ति युक्तियुक्तकरण के तहत की गई। उनके पदस्थ होने से हेडमास्टर गुरदीप सिंह नेताम को बड़ी राहत मिली और विद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों में सकारात्मक बदलाव स्पष्ट दिखाई देने लगा। अब विद्यालय में सभी कक्षाओं की अलग-अलग पढ़ाई नियमित रूप से हो रही है।
कक्षा पाँचवी की सुहानी, अजिया, चौथी की निशा और आराध्या, छात्र रोशन, मनीष तथा कक्षा तीन की सौम्या ने उत्साहपूर्वक बताया कि नई मैडम के आने से पढ़ाई अब और अच्छी हो गई है। पहले एक ही शिक्षक होने से कई बार पढ़ाई में कठिनाई होती थी, लेकिन अब सब कुछ आसान हो गया है।

Continue Reading

कोरबा

दर्दनाक हादसा मां की मौके पर मौत,पिता गंभीर,बेटियां बचीं:कोरबा में ईद मनाकर लौट रहा था परिवार, सड़क पर गिरे सामान उठाते वक्त हुआ हादसा

Published

on

कोरबा/पाली। कोरबा के पाली थाना क्षेत्र में रविवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। तेज रफ्तार भारी वाहन की चपेट में आने से 39 वर्षीय शबीना तरन्नुम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके पति शेख सद्दाम (40) गंभीर रूप से घायल हो गए। राहत की बात यह रही कि उनकी दोनों बेटियां सुरक्षित बच गईं।

जानकारी के अनुसार, मानिकपुर बस्ती में रहने वाला परिवार ईद मनाकर बिलासपुर से कोरबा लौट रहा था। पाली मुख्य मार्ग पर चलते समय बाइक से कुछ सामान सड़क पर गिर गया। शबीना उसे उठाने के लिए जैसे ही आगे बढ़ीं, पीछे से आए तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें कुचल दिया। इसके बाद वाहन की चपेट में उनके पति भी आ गए।

एक्सीडेंट का शिकार हुआ परिवार

एक्सीडेंट का शिकार हुआ परिवार

बच्चियों की परीक्षा थी इस लिए लौट रहा था परिवार

हादसा इतना भयावह था कि शबीना ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं, गंभीर रूप से घायल शेख सद्दाम को तुरंत बिलासपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है, वहीं वाहन चालाक फरार है।

दोनों बच्चियों की सोमवार को परीक्षा थी, इसी वजह से परिवार रविवार को ही वापस लौट रहा था। हादसे के बाद बच्चियां सहमी हुई हैं, लेकिन सुरक्षित हैं।

सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पाली थाना प्रभारी नागेंद्र तिवारी ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है।

इस हादसे ने एक खुशहाल परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। ईद की खुशी पल भर में मातम में बदल गई।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677