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कोरबा

लिमरा इंटरनेशनल क्वालिटी अवार्ड से सम्मानित हुए संतोष सिंह

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कोरबा । भारतीय जीवन बीमा निगम कोरबा क्र.01, कोसाबाड़ी के मुख्य जीवन बीमा सलाहकार संतोष सिंह का एलआईसी के कैरियर में 25 साल पूर्ण हो गए। इन 25 सालों में लगातार 4 बार दुनिया की सबसे बड़ी बीमा पद्वी टीओटी, 2010 से लगातार सीओटी, 2006 से लगातार एमडीआरटी की अर्हता हासिल करने वाले श्री सिंह को इस कैलेण्डर वर्ष में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। उन्हें भोपाल जोन में आयोजित भव्य समारोह में लिमरा इंटरनेशनल क्वालिटी अवार्ड से सम्मानित किया गया। यह कोरबा के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
बीमा क्षेत्र में लिमरा इंटरनेशनल क्वालिटी अवार्ड को प्राप्त करना एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। 3 साल के कई कठिन मापदण्डों को पूरा करने के बाद यह अवार्ड दिया जाता है, जिसमें प्रमुख रूप से लगातार 3 वर्षों तक एमडीआरटी, पॉलिसी लेप्सेस रेसियो 5 प्रतिशत से कम होनी चाहिए, लगातार 3 वर्षों तक प्रति वर्ष 100 लोगों का बीमा कराना अनिवार्य होता है। इनके अलावा और कठिन मापदण्डों को पूरा करने के बाद संतोष सिंह को २५ साल के कैरियर में प्रथम बार यह अवार्ड दिया गया। जोनल मैनेजर सहित वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में एलआईसी चेयरमेन का हस्ताक्षरयुक्त प्रशस्ति पत्र, शिल्ड से सम्मानित किया गया। कोरबा के लिए संतोष सिंह को लिमरा अवार्ड मिलना बड़ी उपलब्धि है। उन्हें इस उपलब्धि के लिए भोपाल जोन, बिलासपुर मण्डल, कोरबा ब्रांच के अधिकारियों सहित लियाफी बिलासपुर संभाग, कोरबा जिला के पदाधिकारियों ने बधाई दी है।
लियाफी रत्न अवार्ड का भी सम्मान


भारतीय जीवन बीमा निगम बिलासपुर मण्डल अंतर्गत संचालित लियाफी बिलासपुर संभाग के आयोजन में एक भव्य समारोह में छत्तीसगढ़ के पूर्व केबिनेट मंत्री एवं बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल के मुख्य आतिथ्य, सीनियर डीविजनल मैनेजर, विपणन अधिकारी, बिलासपुर लियाफी अध्यक्ष इमरान आलम, सचिव संतोष साहू एवं अन्य दिग्गजों की उपस्थिति में संतोष सिंह को वर्ष 2024 का लियाफी रत्न अवार्ड दिया गया। इस सम्मान के लिए संतोष सिंह ने सभी वरिष्ठ पदाधिकारियों का आभार जताया।

संघर्ष जितना कठिन था, सफलता भी उतनी बड़ी मिली


विवेकानंद ने कहा था – उठो, जागो, और अपने लक्ष्य को प्राप्त करो। विवेकानंद के इस प्रेरणास्पद स्लोक को संतोष सिंह ने भी अपने जीवन काल में अंगीकार किया और 25 वर्ष पहले जब अपने कैरियर को लेकर अधेड़़बुन थे, तो उन्होंने जीवन के कश्मकश में संघर्ष और कड़ी मेहनत को अपना हमसफर बनाया और आज एलआईसी में सफलता की बुलंदियां छू रहे हैं। प्रारंभ में जब तत्समय के विकास अधिकारी (अब सेवानिवृत्त) आर.एस. दशाज ने संतोष सिंह को प्रोत्साहित किया और आज वे एलआईसी के सितारे बन गए और जमीन में रहकर बुलंदिया छू रहे हैं।

संपर्क हुआ तो उन्होंने संतोष सिंह को एलआईसी में बतौर अभिकर्ता कैरियर बनाने की सलाह दी। उनके मार्गदर्शन में उन्होंने पॉलिसी लेना प्रारंभ किया, लेकिन नवसिखिए संतोष सिंह एक दिन में कई लोगों से मिलते, लेकिन उन्हें महीनों तक एक भी पॉलिसी नहीं मिली। दर-दर भटकते, तनाव में आते, लेकिन उन्होंने संषर्घ करना नहीं छोड़ा। श्री दशाज बार-बार समझाते और उनका उत्साहवर्धन करते। महीनों के संघर्ष और कड़ी मेहनत के बाद संतोष सिंह को धीरे-धीरे पॉलिसी मिलने लगी और इस तरह विकास अधिकारी आर.एस. दशाज ने एक हीरे को तराशा और एक सामान्य युवा को एलआईसी का सितारा बना दिया। संतोष सिंह कोरबा का एक गौरव है, जिन्होंने पूरे देश में एलआईसी के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई। वे देश ही नहीं बल्कि विश्व की सबसे बड़ी अर्हता टीओटी हासिल की। इतना ही नहीं वे देश के उन 300 लोगों में शामिल हैं, जो कॉर्पोरेट क्लब के मेम्बर हैं। संतोष सिंह कहते हैं कि एलआईसी जैसा दूसरा कोई नहंीं। एलआईसी में अभिकर्ता एक सामान्य नागरिक नहीं होता बल्कि वह देश निर्माण में भी अपनी अहम भूमिका निभाता है। एलआईसी अभिकर्ताओं का जहां मान बढ़ाता है, वहीं पॉलिसी धारकों एवं उनके परिवार को जीवन में सुख के साथ समृद्धि भी देता है। एलआईसी दुनिया की सबसे बड़ी बीमा कंपनी है, जो भारत की सबसे विश्वसनीय होने के साथ-साथ देश के नव निर्माण में सरकार को देश के विकास के लिए सबसे अधिक धन राशि उपलब्ध कराने वाली सबसे बड़ी कंपनी है। उन्होंने भी १५० करोड़ से भी अधिक राशि पॉलिसीधारकों के माध्यम से देश के नवनिर्माण में अपनी छोटी सी भूमिका निभाई है।


एलआईसी मायने धन की गारंटी- संतोष सिंह ने कहा कि सभी व्यक्ति को एलआईसी की पॉलिसी लेनी ही चाहिए। एलआईसी धनकी गारंटी देता है और पॉलिसी धारकों एवं उनके परिवारों को जीने की आजादी देता है। बचपन से लेकर रिटायरमेन्ट तक के लिए एलआईसी के पास योजनाएं हैं और ढलते जीवन का समय हो, बच्चों की शिक्षा के लिए हो, बेटियों की शादी के लिए हो या फिर जीवन में खुशियां बिताने के लिए, एलआईसी हर जगह-हर समय
साथ देता है। एलआईसी… धन कुबेर है
एलआईसी… खुशियों का घर है।

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कोरबा

55 बंदियों ने जेल में साक्षर बनने हेतु दी उल्लास महापरीक्षा

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पूरे जिले में 17305 लोगो ने दी महापरीक्षा

कोरबा। ‘उल्लास – नवभारत साक्षरता कार्यक्रम’ के अंतर्गत आयोजित बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान आकलन में कोरबा जिला जेल 30 एवं कटघोरा उपजेल के कुल 25 बंदियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर साक्षर बनने उल्लास महापरीक्षा में शामिल हुए।

यह परीक्षा 22 मार्च, रविवार को प्रातः 10:00 बजे से सायं 5:00 बजे तक जिले के सभी प्राथमिक शाला में आयोजित की गई।
इस बार साक्षरता विभाग द्वारा परीक्षा के माध्यम से जेल के बंदियों में भी शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने एवं उन्हें साक्षर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई।

जेल प्रशासन एवं शिक्षा विभाग के समन्वय से आयोजित इस परीक्षा में बंदियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और सीखने के प्रति अपनी रुचि प्रदर्शित की। जिला परियोजना अधिकारी श्रीमती ज्योति शर्मा ने बताया कि इस प्रकार के प्रयास बंदियों के पुनर्वास एवं समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में सहायक सिद्ध होंगे।
इस नवभारत उल्लास महा परीक्षा में पूरे जिले में लगभग 17 हजार 305 लोगो ने साक्षर बनने हेतु अपना काम धाम छोड़कर परीक्षा में शामिल हुए। असाक्षरो ने प्राथमिक शाला में आयोजित परीक्षा में शामिल होकर शिक्षा की अलख जागने और साक्षर बनने की दिशा में एक कदम बढ़ाया । इस महा परीक्षा में 15 साल से 75 साल के लोगों ने परीक्षा दिलाया । जिसमें कहीं पर देरानी- जेठानी, सास- बहू ,देवर – भाभी भी शामिल हुए।
विकासखंड पोड़ी – उपरोड़ा के प्राथमिक शाला में अपने दो बच्चों को साथ में लेकर पति-पत्नी ने परीक्षा दिलाई।
इस अवसर पर जिला कलेक्टर कुणाल दुदावत, मुख्य कार्यपालन अधिकारी दिनेश कुमार नाग, जिला शिक्षा अधिकारी तामेश्वर भारद्वाज एवं जिला साक्षरता अधिकारी ज्योति शर्मा द्वारा आयोजित उल्लास महापरीक्षा से जेल के बंदियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया।

जिला प्रशासन द्वारा जेल के बंदियों के द्वारा महापरीक्षा में शामिल होने पर सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे शैक्षणिक कार्यक्रमों को निरंतर जारी रखने की बात कही है।

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कोरबा

शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में इलेक्ट्रॉनिक दुकान में आग:कोरबा में CISF की त्वरित कार्रवाई से बड़ा हादसा टला, दुकानें खाली कराई गईं

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कोरबा/दीपका। कोरबा के दीपका थाना क्षेत्र स्थित शक्तिनगर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में रविवार दोपहर एक इलेक्ट्रॉनिक मरम्मत की दुकान में आग लग गई। सीआईएसएफ (CISF) की त्वरित कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया और आसपास की दुकानें सुरक्षित बच गईं। घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।

यह घटना रविवार दोपहर लगभग 2 बजे सामने आई। सीआईएसएफ को सूचना मिली कि शक्तिनगर स्थित शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में एक इलेक्ट्रॉनिक सामान की मरम्मत की दुकान में अचानक आग लग गई है। सूचना मिलते ही स्थानीय दुकानदारों और नागरिकों में चिंता फैल गई।

CISF की त्वरित और प्रभावी कार्रवाई से आग पर जल्द काबू पा लिया गया।

CISF की त्वरित और प्रभावी कार्रवाई से आग पर जल्द काबू पा लिया गया।

CISF ने तुरंत कार्रवाई कर बुझाई आग

सूचना मिलते ही सहायक कमांडेंट सुमन सिंह के नेतृत्व में सीआईएसएफ के बल सदस्य तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुए। मौके पर पहुंचकर उन्होंने स्थिति का आकलन किया और बिना समय गंवाए राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।

बल सदस्यों ने बाल्टियों से पानी डालकर आग बुझाने शुरू किया। साथ ही, आग को फैलने से रोकने के लिए आसपास की दुकानों को भी तुरंत खाली कराया गया।

सीआईएसएफ की त्वरित और प्रभावी कार्रवाई के कारण आग पर जल्द ही पूरी तरह काबू पा लिया गया। इससे शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की अन्य दुकानें आग की चपेट में आने से बच गईं। स्थानीय लोगों के अनुसार, दोपहर के समय दुकान बंद थी और आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी।

इस घटना में दुकान संचालक को काफी नुकसान हुआ है, जहां इलेक्ट्रिक सामान जल गए हैं। यह राहत की बात है कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। सीआईएसएफ की इस कार्रवाई की स्थानीय नागरिकों और दुकानदारों ने सराहना की है, जो उनकी कर्तव्यनिष्ठा और आपदा प्रबंधन क्षमता को दर्शाती है।

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कोरबा

पत्रकारों के मान-सम्मान और अधिकारों का सजग प्रहरी बना सर्व पत्रकार एकता महासंघ छत्तीसगढ़

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कोरब। छत्तीसगढ़ प्रदेश में पत्रकारों के हितों की रक्षा उनके मान-सम्मान को अक्षुण्ण बनाए रखने और मीडिया जगत की समस्याओं के निराकरण हेतु सर्व पत्रकार एकता महासंघ एक सशक्त आवाज़ बनकर उभरा है, प्रमोद कुमार बंजारे प्रदेशाध्यक्ष सर्व पत्रकार एकता महासंघ छत्तीसगढ़ के नेतृत्व में महासंघ राज्य के पत्रकारों के साथ होने वाले शोषण और अन्याय के विरुद्ध एक अभेद्य महा संगठन के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर रहा है ।

संगठन के मुख्य उद्देश्य और संकल्प

  • सुरक्षा और सम्मान की प्राथमिकता:- महासंघ का प्राथमिक लक्ष्य पत्रकारों को कार्यक्षेत्र में सुरक्षा प्रदान करना है, उत्कृष्ट और निष्पक्ष पत्रकारिता करने वाले साथियों के मनोबल को बढ़ाने के लिए संगठन समय-समय पर सम्मान समारोह आयोजित करता है ।
  • अन्याय के विरुद्ध ‘ढाल’:- पत्रकारों के विरुद्ध होने वाली किसी भी प्रकार की प्रताड़ना या द्वेषपूर्ण कार्यवाही के खिलाफ महासंघ एक ढाल की तरह खड़ा रहता है ।
  • भ्रष्टाचार पर प्रहार:- राज्य में हो रहे अवैध कार्यों के विरुद्ध बुलंद आवाज़ उठाना और शासन-प्रशासन तक धरातल की समस्याओं को पहुँचाना संगठन की प्राथमिकता में शामिल है ।
  • विस्तृत नेटवर्क:- वर्तमान में महासंघ कोरबा सहित जांजगीर-चांपा, सक्ती, बिलासपुर, मुंगेली, बेमेतरा, महासमुंद, बलौदाबाजार, कोरिया और राजधानी रायपुर जैसे महत्वपूर्ण जिलों में सक्रिय है ।

एकता में ही शक्ति है

जब हम संगठित होंगे तभी हमारे अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित हो सकेगी। सर्व पत्रकार एकता महासंघ का उद्देश्य हर उस पत्रकार की आवाज़ बनना है जो समाज के हित में कार्य कर रहा है ।

सदस्यता अभियान, एक बनें सशक्त बनें

महासंघ छत्तीसगढ़ के समस्त पत्रकार साथियों से अपील करता है कि वे अपने अधिकारों की रक्षा और संगठन की मजबूती के लिए अधिक से अधिक संख्या में इस मुहिम से जुड़ें। एक बड़ा और एकजुट संगठन ही पत्रकारों के उज्ज्वल भविष्य की नींव रख सकता है ।

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