Connect with us

कोरबा

शराब घोटाला केस…लखमा की 11 अप्रैल तक बढ़ी रिमांड:EOW के अफसर 4 दिन और करेंगे पूछताछ; पूर्व मंत्री ने कहा-सरकार परेशान कर रही

Published

on

​रायपुर। छत्तीसगढ़ शराब घोटाला केस में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा की रिमांड 11 अप्रैल तक बढ़ा दी गई है। अगले 4 दिन EOW के अधिकारी उनसे पूछताछ करेंगे। दरअसल, रिमांड खत्म होने के बाद EOW ने स्पेशल कोर्ट में पेश किया। जहां मामले की सुनवाई हुई।

इससे पहले, लखमा को प्रोडक्शन वारंट पर लेने के लिए EOW ने आवेदन लगाया था। जिसके बाद 2 अप्रैल को सुनवाई के बाद कोर्ट ने कवासी लखमा को 7 अप्रैल तक कस्टोडियल रिमांड पर भेजा था। अधिकारियों ने लखमा से 5 दिन तक पूछताछ की थी। अब फिर रिमांड बढ़ा दी गई है।

रायपुर कोर्ट में पूर्व मंत्री कवासी लखमा की पेशी हुई।

रायपुर कोर्ट में पूर्व मंत्री कवासी लखमा की पेशी हुई।

सरकार मुझे परेशान कर रही- लखमा

पिछली सुनवाई के दौरान कवासी लखमा ने कोर्ट के बाहर मीडिया से कहा था कि, मैं गरीब आदमी हूं। बस्तर की आवाज विधानसभा में उठाता हूं। जनता की आवाज और बस्तर की आवाज उठाने पर सरकार मुझे परेशान कर रही है। मैं निर्दोष हूं। बता दें कि लखमा 16 जनवरी 2025 से जेल में बंद हैं।

कोर्ट ने सुनवाई के बाद कवासी लखमा को ले जाती पुलिस (फाइल)।

कोर्ट ने सुनवाई के बाद कवासी लखमा को ले जाती पुलिस (फाइल)।

पूर्व मुख्यमंत्री बघेल के घर भी पड़ा था छापा

छत्तीसगढ़ के 2161 करोड़ के शराब घोटाले में पूर्व मंत्री कवासी लखमा के बाद ED ने 10 मार्च को पूर्व सीएम भूपेश बघेल, उनके करीबी नेताओं और कारोबारियों के 14 ठिकानों पर छापेमारी की थी। सुबह 7 बजे से शुरू हुई जांच शाम 6 बजे तक 11 घंटे चली।

करीब 20 ईडी अफसरों की टीम CRPF के जवानों के साथ सीधे पदुम नगर स्थित पूर्व मुख्यमंत्री के निवास में कार्रवाई चली और टीम शाम 6 बजे टीम लौट गई थी।

ED का आरोप- लखमा सिंडिकेट का अहम हिस्सा थे

ED का आरोप है कि, पूर्व मंत्री और मौजूदा विधायक कवासी लखमा सिंडिकेट के अहम हिस्सा थे। लखमा के निर्देश पर ही सिंडिकेट काम करता था। इनसे शराब सिंडिकेट को मदद मिलती थी। वहीं, शराब नीति बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे छत्तीसगढ़ में FL-10 लाइसेंस की शुरुआत हुई।

ED का दावा है कि लखमा को आबकारी विभाग में हो रही गड़बड़ियों की जानकारी थी, लेकिन उन्होंने उसे रोकने के लिए कुछ नहीं किया।

EOW की टीम ने कवासी लखमा को कोर्ट में पेश किया।

EOW की टीम ने कवासी लखमा को कोर्ट में पेश किया।

कमीशन के पैसे से बेटे का घर बना, कांग्रेस भवन निर्माण भी

ED के वकील सौरभ पांडेय ने बताया कि, 3 साल शराब घोटाला चला। लखमा को हर महीने 2 करोड़ रुपए मिलते थे। इस दौरान 36 महीने में लखमा को 72 करोड़ रुपए मिले। ये राशि उनके बेटे हरीश कवासी के घर के निर्माण और कांग्रेस भवन सुकमा के निर्माण में लगे।

ED ने कहा था कि छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले से सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ है। शराब सिंडिकेट के लोगों की जेबों में 2,100 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध कमाई भरी गई।

घोटाले की रकम 2161 करोड़

निदेशालय की ओर से लखमा के खिलाफ एक्शन को लेकर कहा गया कि, ED की जांच में पहले पता चला था कि अनवर ढेबर, अनिल टुटेजा और अन्य लोगों का शराब सिंडिकेट छत्तीसगढ़ राज्य में काम कर रहा था। इस घोटाले की रकम 2161 करोड़ रुपए है।

जांच में पता चला है कि कवासी लखमा को शराब घोटाले से पीओसी से हर महीने कमिशन मिला है। 2019 से 2022 के बीच चले शराब घोटाले में ED के मुताबिक ऐसे होती थी अवैध कमाई।

FL-10 लाइसेंस क्या है ?

FL-10 का फुल फॉर्म है, फॉरेन लिकर-10। इस लाइसेंस को छत्तीसगढ़ में विदेशी शराब की खरीदी की लिए राज्य सरकार ने ही जारी किया था। जिन कंपनियों को ये लाइसेंस मिला है, वे मैन्युफैक्चर्स यानी निर्माताओं से शराब लेकर सरकार को सप्लाई करते थे। इन्हें थर्ड पार्टी भी कह सकते हैं।

खरीदी के अलावा भंडारण और ट्रांसपोर्टेशन का काम भी इसी लाइसेंस के तहत मिलता है। हालांकि इन कंपनियों ने भंडारण और ट्रांसपोर्टेशन का काम नहीं किया। इसे बेवरेज कॉर्पोरेशन को ही दिया गया था। इस लाइसेंस में भी A और B कैटेगरी के लाइसेंस धारक होते थे।

  • FL-10 A इस कैटेगरी के लाइसेंस-धारक देश के किसी भी राज्य के निर्माताओं से इंडियन मेड विदेशी शराब लेकर विभाग को बेच सकते हैं।
  • FL-10 B राज्य के शराब निर्माताओं से विदेशी ब्रांड की शराब लेकर विभाग को बेच सकते हैं।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

कोरबा

खेतों में पहुंचा 10 से ज्यादा हाथियों का झुंड:कोरबा के तनेरा में धान की फसल खाई, पसान-केंदई में सबसे ज्यादा नुकसान

Published

on

कोरबा। कोरबा के कटघोरा वन मंडल में हाथियों की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। क्षेत्र में 50 से ज्यादा हाथियों का दल घूम रहा है और अब दिन में भी किसानों के खेतों में पहुंचकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है। ताजा मामला तनेरा गांव का है, जहां 10 से ज्यादा हाथियों के झुंड ने खेत में घुसकर धान की फसल खा ली। झुंड में छोटे हाथी के बच्चे भी दिखाई दिए।

तनेरा गांव के खेतों में अचानक हाथियों का झुंड पहुंच गया और धान की फसल खाने लगा। ग्रामीणों ने सुरक्षित दूरी से शोर मचाकर हाथियों को भगाने की कोशिश की, लेकिन काफी देर तक झुंड खेत में ही रहा। इसके बाद हाथी धीरे-धीरे जंगल की ओर चले गए।

झुंड में हाथी के बच्चे भी दिखे

झुंड में हाथी के बच्चे भी दिखे

भीड़ के शोर के बावजूद खेत में खाते रहे फसल

झुंड के गांव के बेहद करीब पहुंचने से ग्रामीणों में डर का माहौल बना हुआ है। हाथी के बच्चों को देखने के लिए लोग उत्सुक भी नजर आए, लेकिन वन विभाग ने लोगों से हाथियों से दूरी बनाए रखने की अपील की है।

बच्चों को बीच में रखकर चलता है झुंड

वन विभाग के मुताबिक, झुंड में रहने वाले हाथी आमतौर पर गांव के भीतर जाने से बचते हैं। वे बच्चों को बीच में रखकर चलते हैं, जिससे उनकी सुरक्षा बनी रहे। हालांकि, झुंड से अलग घूम रहे दो दंतैल हाथी अलग चुनौती बने हुए हैं। विभाग के अनुसार, दोनों दंतैल रोजाना मकानों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

कटघोरा वन मंडल में 50 से ज्यादा हाथियों की मौजूदगी

कटघोरा वन मंडल में 50 से ज्यादा हाथियों की मौजूदगी

वहीं हड़बड़ी के आसपास घूम रहा एक दंतैल शाम होते ही सड़क पर आ जाता है, जिससे लोगों को आवाजाही में परेशानी हो रही है।

पसान-केंदई में सबसे ज्यादा फसल नुकसान

हाथियों से सबसे ज्यादा नुकसान पसान और केंदई रेंज में हो रहा है। दोनों रेंज एक-दूसरे से लगी हुई हैं और हाथियों का दल इसी क्षेत्र में लगातार आवाजाही कर रहा है। खेतों में फसल तैयार होने के समय हाथियों के पहुंचने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।

हाथी मित्र दल के साथ निगरानी

घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम सतर्क है। हाथी मित्र दल और वन विभाग के कर्मचारी लगातार हाथियों की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। हालांकि, हाथियों की लगातार आवाजाही के कारण फसलों को हो रहे नुकसान को पूरी तरह रोकना चुनौती बना हुआ है।

वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि हाथियों के नजदीक न जाएं, उन्हें घेरने या उकसाने की कोशिश न करें और उनकी मौजूदगी की जानकारी तुरंत विभाग को दें।

अलग घूम रहे 2 दंतैल मकान तोड़ रहे

अलग घूम रहे 2 दंतैल मकान तोड़ रहे

मुआवजे और सुरक्षा की मांग

ग्रामीणों ने प्रशासन से हाथियों से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के साथ फसल नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है। लगातार बढ़ रही हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए ग्रामीणों में नुकसान और जनसुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।

Continue Reading

कोरबा

करतला में कीटनाशक दुकानों का औचक निरीक्षण

Published

on

अनियमितता मिलने पर कई विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस, न्यूमेमन कृषि केन्द्र पचपेड़ी में कीटनाशक बिक्री पर तत्काल प्रतिबंध
कोरबा, 06 सितंबर 2026। कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश पर किसानों को गुणवत्तायुक्त उर्वरक एवं कीटनाशक दवाएं उपलब्ध कराने तथा कृषि आदानों की बिक्री में अनियमितता, कालाबाजारी एवं निर्धारित दर से अधिक कीमत पर बिक्री (ओवररेटिंग) पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से ब्लॉक स्तरीय निरीक्षण दल द्वारा आज विकासखंड करतला क्षेत्र के उर्वरक एवं कीटनाशक विक्रय प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान दुकानों में उपलब्ध कीटनाशकों के स्टॉक, मूल्य सूची, विक्रय अभिलेख, अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) एवं भंडारण व्यवस्था की बारीकी से जांच की गई। जांच के दौरान कुछ प्रतिष्ठानों में अनियमितताएं एवं कमियां पाए जाने पर कृषि विभाग द्वारा नियमानुसार तत्काल कार्रवाई की गई।
न्यूमेमन कृषि केन्द्र में कीटनाशक बिक्री पर तत्काल प्रतिबंध
निरीक्षण के दौरान न्यूमेमन कृषि केन्द्र, पचपेड़ी में अनियमितता पाए जाने पर कीटनाशक दवाओं की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाया गया। संबंधित विक्रेता के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
कई कृषि केन्द्रों को कारण बताओ नोटिस
निरीक्षण के दौरान अनियमितता एवं कमियां पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के संचालकों को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसी क्रम में संतोष कुमार कश्यप कृषि केन्द्र, सन्डैल, जय मां मड़वारानी कृषि केन्द्र तथा किसान कृषि केन्द्र, मड़वारानी में निरीक्षण के दौरान कमियां पाए जाने पर संबंधित संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
कृषि विभाग द्वारा जिले में कृषि आदानों की गुणवत्ता एवं निर्धारित दर पर बिक्री सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसानों को अमानक कृषि सामग्री उपलब्ध कराने, निर्धारित दर से अधिक कीमत पर बिक्री करने अथवा स्टॉक एवं विक्रय अभिलेखों में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

Continue Reading

कोरबा

जिले में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा ‘सेवा संकल्प अभियान’

Published

on

कोरबा 06 सितम्बर 2026। जन सेवा के प्रति आभार व्यक्त करने, विकसित भारत-2047 के सामूहिक संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने तथा केन्द्र एवं राज्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिले में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ आयोजित किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ शासन, जनसम्पर्क विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप अभियान के सफल एवं सुचारू संचालन के लिए कलेक्टर कुणाल दुदावत ने आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अभियान के माध्यम से प्रत्येक परिवार की सहभागिता के साथ व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित की जाएगी तथा केन्द्र एवं राज्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से आम नागरिकों को जोड़ा जाएगा।

अभियान के समन्वय एवं मॉनिटरिंग के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत प्रतीक जैन  को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

नगरीय निकाय क्षेत्रों में कार्यक्रमों के संचालन के लिए आयुक्त, नगर पालिक निगम को जिम्मेदारी दी गई है। साथ ही जिले के सभी नगर पालिका क्षेत्रों में संबंधित मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में अभियान के अंतर्गत आयोजित होने वाले कार्यक्रमों का संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि अभियान के अंतर्गत आयोजित होने वाले कार्यक्रमों का सहयोगी विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर प्रभावी ढंग से संचालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही अभियान एवं विभिन्न गतिविधियों का व्यापक प्रचार-प्रसार जनसम्पर्क विभाग के माध्यम से कराने के निर्देश दिए गए हैं। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से जिले में जनसेवा, जनकल्याण और विकसित भारत-2047 के संकल्प को व्यापक जनभागीदारी के साथ जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677