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छत्तीसगढ़

31 नक्सलियों के एनकाउंटर :2 साल का राशन स्टॉक कर रखा था, स्नाइपर जैसे हथियार मिले

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जगदलपुर ,एजेंसी। छ्त्तीसगढ़-तेलंगाना राज्य की सरहद पर स्थित कर्रेगुट्टा हिल्स पर मारे गए 31 नक्सलियों के एनकाउंटर का लाइव वीडियो सामने आया है। जवान नक्सलियों पर भारी गोलीबारी करते हुए दिख रहे हैं। अलग-अलग दिनों में हुई मुठभेड़ में जवानों ने ACM (एरिया कमेटी मेंबर) , DVCM (डिविजनल कमेटी मेंबर) रैंक के नक्सलियों का एनकाउंटर किया है।

वहीं नक्सलियों के सबसे सुरक्षित ठिकाने कर्रेगुट्टा हिल्स में जवानों ने 450 से ज्यादा IED रिकवर कर डिफ्यूज की। सैकड़ों की संख्या में UBGL, इंसास, SLR, एयर गन जैसे हथियार बरामद किए गए। वहीं पहली बार नक्सलियों की हथियार फैक्ट्री से 2 मेगा स्नाइपर भी बरामद किया गया। इसे नक्सलियों ने खुद बनाया है।

21 दिन तक चले इस ऑपरेशन में जवानों ने किस तरह सफलता हासिल की फोर्स ने 8 मिनट की डॉक्यूमेंट्री जारी कर बताया है। पढ़िए ये रिपोर्ट:-

21 दिन के ऑपरेशन के बाद फोर्स ने एनकाउंटर में मारे गए नक्सलियों के पास से भारी मात्रा में हथियार बरामद किए हैं।

21 दिन के ऑपरेशन के बाद फोर्स ने एनकाउंटर में मारे गए नक्सलियों के पास से भारी मात्रा में हथियार बरामद किए हैं।

स्नाइपर की मारक क्षमता 500 मीटर

स्नाइपर से करीब 500 मीटर दूर तक निशाना लगाया जा सकता है। मुठभेड़ स्थल से जवानों ने नक्सलियों की स्नाइपर बनाने की एक किताब भी बरामद की है। इसमें स्नाइपर बनाने की हर एक विधि लिखी हुई है।

वहीं, CRPF DG जीपी सिंह का कहना है कि पहली बार नक्सलियों के पास से मेगा स्नाइपर बरामद की गई। छत्तीसगढ़ के DGP अरुण देव गौतम ने कहा कि ये सारे हथियार नक्सलियों ने अपनी फैक्ट्री में बनाए हैं। ऐसी 4 फैक्ट्री को नष्ट किया गया है।

कर्रेगुट्टा हिल्स में कुछ इस तरह दिखता है शाम का नजारा। शाम 4 बजे के बाद से ही यहां अंधेरा छाने लगता है।

कर्रेगुट्टा हिल्स में कुछ इस तरह दिखता है शाम का नजारा। शाम 4 बजे के बाद से ही यहां अंधेरा छाने लगता है।

2 साल का राशन स्टॉक कर रखे थे नक्सली

21 अप्रैल 2025 तक कर्रेगुट्टा हिल्स नक्सलियों का सबसे सुरक्षित ठिकाना था। नक्सलियों को इस बात का कॉन्फिडेंस था कि यहां फोर्स कभी नहीं पहुंच पाएगी। इस हिल्स में सैकड़ों की संख्या में नक्सली मौजूद थे। उन्होंने अपने लिए करीब 2 साल का राशन यहां स्टॉक कर रखा था।

फोर्स ने जारी की ऑपरेशन कर्रेगुट्टा की डॉक्यूमेंट्री

CRPF और छत्तीसगढ़ पुलिस ने 14 मई को इस ऑपरेशन को लेकर जॉइंट प्रेस ब्रीफिंग की। इसमें ऑपरेशन में निकलने से लेकर ऑपरेशन के दौरान की हर एक चुनौती, हर एक कामयाबी, मुठभेड़ की करीब 8 मिनट की डॉक्यूमेंट्री बनाई है। जिसे मीडिया से भी शेयर किया गया है।

अब तस्वीरों में देखिए ‘ऑपरेशन कर्रेगुट्टा’…

कर्रेगुट्टा की पहाड़ पर चढ़ाई करते हुए जवान।

कर्रेगुट्टा की पहाड़ पर चढ़ाई करते हुए जवान।

पहाड़ पर पानी का स्त्रोत भी है इसका इस्तेमाल नक्सली भी किया करते थे।

पहाड़ पर पानी का स्त्रोत भी है इसका इस्तेमाल नक्सली भी किया करते थे।

पहाड़ पर कई गुफाएं है जहां नक्सलियों ने 2 साल का राशन का सामान भी स्टॉक कर रखा था।

पहाड़ पर कई गुफाएं है जहां नक्सलियों ने 2 साल का राशन का सामान भी स्टॉक कर रखा था।

कर्रेगुट्टा हिल्स पर जवान कई मुश्किल का सामना करते हुए रस्सी के सहारे भी चढ़ाई कर ऊंचाई तक पहुंचे थे।

कर्रेगुट्टा हिल्स पर जवान कई मुश्किल का सामना करते हुए रस्सी के सहारे भी चढ़ाई कर ऊंचाई तक पहुंचे थे।

21 दिन के ऑपरेशन के दौरान जवानों तक राशन पहुंचाने हेलिकॉप्टर को भी पहाड़ पर उतारा गया था।

21 दिन के ऑपरेशन के दौरान जवानों तक राशन पहुंचाने हेलिकॉप्टर को भी पहाड़ पर उतारा गया था।

पहाड़ और जंगल के रास्तों को पार कर जवान कर्रेगुट्टा पहाड़ की ऊंचाई तक पहुंचे थे।

पहाड़ और जंगल के रास्तों को पार कर जवान कर्रेगुट्टा पहाड़ की ऊंचाई तक पहुंचे थे।

इस दौरान जवानों ने जंगल और पहाड़ में कई ऑपरेशन चलाए। 450 से ज्यादा IED रिकवर कर डिफ्यूज की।

इस दौरान जवानों ने जंगल और पहाड़ में कई ऑपरेशन चलाए। 450 से ज्यादा IED रिकवर कर डिफ्यूज की।

कर्रेगुट्टा पहाड़ पर इस तरह की कई गुफाएं मौजूद हैं जिसका इस्तेमाल नक्सली छिपने और सामान रखने के लिए करते थे।

कर्रेगुट्टा पहाड़ पर इस तरह की कई गुफाएं मौजूद हैं जिसका इस्तेमाल नक्सली छिपने और सामान रखने के लिए करते थे।

अलग-अलग गुफाओं में तार, IED और हथियार बनाने के सामान जवानों ने जब्त किए।

अलग-अलग गुफाओं में तार, IED और हथियार बनाने के सामान जवानों ने जब्त किए।

पहाड़ पर नक्सलियों ने 150 से ज्यादा बंकर भी बना रखे थे। इनमें नक्सलियों के सामान मिले हैं।

पहाड़ पर नक्सलियों ने 150 से ज्यादा बंकर भी बना रखे थे। इनमें नक्सलियों के सामान मिले हैं।

पहाड़ पर दर्जनों वाटरफॉल भी मौजूद हैं। नक्सलियों को यहीं से पीने का पानी मिल जाता था।

पहाड़ पर दर्जनों वाटरफॉल भी मौजूद हैं। नक्सलियों को यहीं से पीने का पानी मिल जाता था।

फोर्स ने ऑपरेशन को लेकर 8 मिनट की एक शॉट फिल्म बनाई है। जिसे 14 मई को जारी किया गया।

फोर्स ने ऑपरेशन को लेकर 8 मिनट की एक शॉट फिल्म बनाई है। जिसे 14 मई को जारी किया गया।

पहाड़ के ऊपर मौजूद गुफाओं में हथियारों का जखीरा बरामद किया गया है। नक्सलियों ने इन्हें यहीं बनाया है।

पहाड़ के ऊपर मौजूद गुफाओं में हथियारों का जखीरा बरामद किया गया है। नक्सलियों ने इन्हें यहीं बनाया है।

मारे गए नक्सलियों से बरामद किए गए हथियारों में मेगा स्नाइपर, BGL सेल समेत गोला बारूद शामिल है।

मारे गए नक्सलियों से बरामद किए गए हथियारों में मेगा स्नाइपर, BGL सेल समेत गोला बारूद शामिल है।

नक्सली अब बियर बोतल को भी बम बनाने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं।

नक्सली अब बियर बोतल को भी बम बनाने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं।

सैकड़ों मीटर वायर भी जब्त किया गया है। नक्सली इसका इस्तेमाल IED ब्लास्ट के लिए करते थे।

सैकड़ों मीटर वायर भी जब्त किया गया है। नक्सली इसका इस्तेमाल IED ब्लास्ट के लिए करते थे।

पहाड़ पर भारी मात्रा में नक्सल सामान मौजूद था, जिसे लाना संभव नहीं था इसलिए उसे नष्ट कर दिया गया।

पहाड़ पर भारी मात्रा में नक्सल सामान मौजूद था, जिसे लाना संभव नहीं था इसलिए उसे नष्ट कर दिया गया।

पहाड़ पर हथियार बनाने की मशीन भी मिली है। जवानों ने ऐसी 4 फैक्टी को नष्ट किया है।

पहाड़ पर हथियार बनाने की मशीन भी मिली है। जवानों ने ऐसी 4 फैक्टी को नष्ट किया है।

पहाड़ों पर मौजूद गुफाओं में नक्सलियों ने 2 साल का राशन भी स्टॉक कर रखा था।

पहाड़ों पर मौजूद गुफाओं में नक्सलियों ने 2 साल का राशन भी स्टॉक कर रखा था।

इस तरह सैकड़ों बंकर भी बनाए थे। जिनमें नक्सलियों ने अपना सामान जमा कर रखा था।

इस तरह सैकड़ों बंकर भी बनाए थे। जिनमें नक्सलियों ने अपना सामान जमा कर रखा था।

24 दिन के ऑपरेशन के दौरान सर्चिंग करते हुए जवान कर्रेगुट्टा हिल्स की ऊंचाई तक पहुंचे थे।

24 दिन के ऑपरेशन के दौरान सर्चिंग करते हुए जवान कर्रेगुट्टा हिल्स की ऊंचाई तक पहुंचे थे।

ऑपरेशन के दौरान जवानों की नक्सलियों के साथ कई मुठभेड़ भी हुईं। फोर्स ने इसका लाइव वीडियो भी जारी किया है।

ऑपरेशन के दौरान जवानों की नक्सलियों के साथ कई मुठभेड़ भी हुईं। फोर्स ने इसका लाइव वीडियो भी जारी किया है।

लगातार चले इस ऑपरेशन के दौरान हेलिकॉप्टर के जरिए जवानों तक राशन पहुंचाया गया।

लगातार चले इस ऑपरेशन के दौरान हेलिकॉप्टर के जरिए जवानों तक राशन पहुंचाया गया।

इसी गुफा में नक्सली छिप कर रहते थे। यहां भी फोर्स पहुंची। यहां बहुत सारा सामान बरामद हुआ है।

इसी गुफा में नक्सली छिप कर रहते थे। यहां भी फोर्स पहुंची। यहां बहुत सारा सामान बरामद हुआ है।

कर्रेगुट्टा पहाड़ पर 24 दिन के ऑपरेशन में में जवानों ने 31 नक्सली मार गिराए।

कर्रेगुट्टा पहाड़ पर 24 दिन के ऑपरेशन में में जवानों ने 31 नक्सली मार गिराए।

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छत्तीसगढ़

रायपुर के जैन मंदिर में श्री 1008 रत्नत्रय विधान महोत्सव:8 मार्च तक चलेगा आयोजन, कई धार्मिक और मांगलिक कार्यक्रम होंगे आयोजित

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रायपुर,एजेंसी। श्री दिगंबर जैन पंचायत ट्रस्ट रायपुर द्वारा मालवीय रोड स्थित बड़ा मंदिर परिसर में 5 से 8 मार्च 2026 तक श्री 1008 रत्नत्रय विधान महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। ट्रस्ट अध्यक्ष यशवंत जैन ने बताया कि यह धार्मिक आयोजन मुनि श्री 108 सुयश सागर जी महाराज और मुनि श्री 108 कौशल सागर जी महाराज के सान्निध्य में संपन्न होगा, जो कि पट्टाचार्य 108 श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के शिष्य हैं। महोत्सव में जैन समाज के बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे।

वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं मीडिया प्रभारी लोकेश चंद्रकांत जैन ने बताया कि महोत्सव के दौरान कई धार्मिक और मांगलिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। तीन दिनों तक रत्नत्रय विधान, पूजन और प्रवचन का आयोजन होगा। कार्यक्रम के अंत में विश्व शांति महायज्ञ के साथ महोत्सव का समापन किया जाएगा। समाज के कई परिवारों को विभिन्न धार्मिक दायित्व भी दिए गए हैं।

महोत्सव की शुरुआत गुरुवार 5 मार्च को सुबह 6:30 बजे देव आह्वान, गुरु आह्वान और घट यात्रा से होगी। सुबह 7:40 बजे ध्वजारोहण किया जाएगा। इसके बाद मंडप शुद्धि, इंद्र प्रतिष्ठा, अभिषेक, शांतिधारा और नित्यमह पूजन होगा तथा मुनि श्री के प्रवचन के साथ विधान शुरू होगा। 6 और 7 मार्च को सुबह अभिषेक, शांतिधारा, पूजन, प्रवचन और आहार चर्या आयोजित होगी। 8 मार्च को अभिषेक, प्रवचन, विश्व शांति महायज्ञ और वरिष्ठ जनों के सम्मान के साथ महोत्सव का समापन किया जाएगा।

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छत्तीसगढ़

रायपुर पुलिस कमिश्नरेट का बदला पता:अब C-3 बंगले में शिफ्ट, कमिश्नर संजीव शुक्ला नए ऑफिस से संभालेंगे राजधानी की सुरक्षा

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रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम लागू होने के बाद रायपुर पुलिस कमिश्नर का दफ्तर अब स्थाई रूप से राजस्व कमिश्नर कार्यालय में शिफ्ट हो गया है। रायपुर के पहले पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला और एडिशनल सीपी अमित तुकाराम कांबले अब नए दफ्तर से राजधानी की सुरक्षा संभालेंगे।

​रायपुर पुलिस कमिश्नर का नया दफ्तर सिविल लाइंस स्थित C-3 बंगले में शिफ्ट कर दिया गया है। गौरतलब है कि यह वही बंगला है, जहां अब तक प्रदेश के डिप्टी सीएम और गृहमंत्री विजय शर्मा निवास करते थे। शासन स्तर पर निर्णय के बाद अब इस बंगले को पूरी तरह से पुलिस कमिश्नर कार्यालय के रूप में तब्दील कर दिया गया है।

​आज से नए ऑफिस में कामकाज शुरू

​कमिश्नरेट प्रणाली के अस्तित्व में आने के बाद शुरुआती कुछ दिनों तक इसका संचालन पुराने राजस्व कमिश्नर कार्यालय से किया जा रहा था। लेकिन अब सेटअप तैयार होने के बाद कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला आज से विधिवत रूप से C-3 बंगले में स्थित नए कार्यालय में बैठना शुरू करेंगे। एडिशनल पुलिस कमिश्नर अमित तुकाराम कांबले भी इसी परिसर से अपना कामकाज संचालित करेंगे।

​क्यों बदला गया ठिकाना

​पुराने राजस्व कमिश्नर ऑफिस में जगह की कमी और सुरक्षा प्रोटोकॉल को देखते हुए एक स्वतंत्र और सर्वसुविधायुक्त परिसर की तलाश थी। C-3 बंगला सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र में है और यहां से कानून-व्यवस्था की मॉनिटरिंग करना आसान होगा।

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छत्तीसगढ़

14 चक्का ट्रक ने वॉचमैन को रौंदा,मौत :50 मीटर तक घसीटते ले गया, सड़क पर चिपके मिले शव के चिथड़े

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बालोद,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के दल्लीराजहरा-भानुप्रतापपुर मेन रोड पर तेज रफ्तार ट्रक ने मोपेड सवार को रौंद दिया। इस सड़क हादसे में मोपेड सवार वन विभाग के वॉचमैन की मौत हो गई।

हादसा इतना भयानक था कि मोपेड (बाइक) ट्रक के आगे के पहियों में फंस गई थी और ट्रक उसे करीब 50 मीटर तक घसीटते हुए राम मंदिर के पास तक ले गया। जहां चौकीदार के शव के चिथड़े हो गए थे।

मामला डौंडी नगर थाना क्षेत्र का है। हादसे का लाइव सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। घटना के बाद आक्रो​शित लोगों ने सड़क पर चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया।

मोपेड चालक चौकीदार कच्चे रास्ते से मुख्य सड़क पर आ रहा था।

मोपेड चालक चौकीदार कच्चे रास्ते से मुख्य सड़क पर आ रहा था।

तेज रफ्तार में ट्रक ने सामने से आ रहे मोपेड सवार को टक्कर मारी। रौंदते हुए आगे बढ़ गया।

तेज रफ्तार में ट्रक ने सामने से आ रहे मोपेड सवार को टक्कर मारी। रौंदते हुए आगे बढ़ गया।

हादसे के बाद बड़ी संख्या में वार्डवासी सड़क पर उतर आए और चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया।

हादसे के बाद बड़ी संख्या में वार्डवासी सड़क पर उतर आए और चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया।

जानिए पूरा मामला

पुलिस के मुताबिक, श्याम सिंह मसीयारे (53) ग्राम परसदा का रहने वाला है। वह होली त्योहार के दूसरे दिन 5 मार्च को जड़ी-बूटी लेने के लिए डौंडी गए हुए थे। लौटते समय उन्होंने कच्चे रास्ते से होते हुए मेन रोड पकड़ा।

इसी दौरान दल्लीराजहरा की तरफ से तेज रफ्तार में आ रहे ट्रक (CG04 LM 3499) ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि मोपेड ट्रक के आगे के पहियों में फंस गई और ट्रक उसे करीब 50 मीटर तक घसीटते हुए राम मंदिर के पास तक ले गया।

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल एंबुलेंस बुलाकर घायल को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

हादसे से भड़के वार्डवासियों ने किया चक्का जाम

हादसे की खबर फैलते ही क्षेत्र में आक्रोश का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में वार्डवासी और व्यापारी सड़क पर उतर आए और मुख्य मार्ग पर चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

प्रदर्शनकारियों ने लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की। चक्का जाम के दौरान लोगों ने माइंस की गाड़ियों को रोक दिया। जबकि सामान्य यातायात को चालू रखा गया।

सूचना मिलने पर प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। करीब 10:40 बजे एसडीएम भी घटनास्थल पर पहुंचे और लोगों को समझाइश देकर स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया।

डौंडी क्षेत्र का प्रसिद्ध वैद्य था मृतक, जड़ी-बूटी लेने गया था

ग्रामीण चुरेन्द्र कुमार हिरवानी ने बताया कि मृतक श्याम सिंह मसीयारे डौंडी क्षेत्र के प्रसिद्ध वैद्य थे, जिनके पास दूर-दूर से लोग आयुर्वेदिक दवा लेने आते थे। गुरुवार (5 मार्च) को भी वे जड़ी-बूटी लेने के लिए डौंडी गए हुए थे।

वापस लौटने के दौरान ही यह हादसा हो गया। मृतक अपने गांव परसोदा (ढोर्रीठेमा) स्थित वन विभाग की नर्सरी में चौकीदारी का भी काम करता था। उनके असामयिक निधन से क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है।

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