छत्तीसगढ़
कवर्धा : इसरो के युविका कार्यक्रम के लिए चयनित अभिषेक से मिले उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, दी शुभकामनाएं
कवर्धा। छत्तीसगढ़ के होनहार छात्र अभिषेक खरे की उपलब्धि पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए अपने कवर्धा निवास कार्यालय में उनसे मुलाकात की और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय महाराजपुर के कक्षा 10वीं के छात्र अभिषेक का चयन इंडियन स्पेस रिसर्च आर्गेनाईजेशन के प्रतिष्ठित युवा वैज्ञानिक कार्यक्रम (युविका) के लिए हुआ है।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि अभिषेक की सफलता केवल उनके परिवार या विद्यालय की ही नहीं, बल्कि पूरे कबीरधाम जिले और छत्तीसगढ़ प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़कर देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है। अभिषेक जैसे प्रतिभाशाली छात्र अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा हैं।
श्री शर्मा ने अभिषेक को सम्मानित करते हुए कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद मेहनत, लगन और लक्ष्य के प्रति समर्पण से बड़ी से बड़ी उपलब्धि हासिल की जा सकती है। उन्होंने अभिषेक को भविष्य में अंतरिक्ष विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए प्रोत्साहित किया।
अभिषेक खरे का चयन इसरो के युविका कार्यक्रम में हुआ है, जिसके माध्यम से देशभर के मेधावी विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अनुसंधान की बारीकियों से अवगत कराया जाता है। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को इसरो के वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण प्राप्त करने और अंतरिक्ष गतिविधियों का व्यावहारिक अनुभव हासिल करने का अवसर मिलता है।
अभिषेक की इस उपलब्धि से विद्यालय, परिवार और क्षेत्र में हर्ष का वातावरण है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि दृढ़ संकल्प, कठिन परिश्रम और आत्मविश्वास के बल पर किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
छत्तीसगढ़
सक्ती : बरगद की छांव में सजी मुख्यमंत्री की चौपाल : सक्ती जिले के ग्राम ठठारी में ग्रामीणों से किया सीधा संवाद

सक्ती। सुशासन तिहार के अंतर्गत सक्ती जिले के ग्राम ठठारी के प्रवास पर पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने चतुर्भुज तालाब पार स्थित विशाल बरगद के पेड़ की छांव में जनचौपाल लगाकर ग्रामीणों से आत्मीय संवाद किया। खुले वातावरण में आयोजित इस चौपाल में मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं, सुझाव प्राप्त किए तथा शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति का प्रत्यक्ष फीडबैक लिया।

जनचौपाल को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य केवल योजनाओं की समीक्षा करना नहीं, बल्कि यह जानना भी है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ वास्तव में अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है या नहीं। उन्होंने ग्रामीणों से महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, बिजली, पानी तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में शीघ्र ही अत्याधुनिक सीएम हेल्पलाइन शुरू की जाएगी, जिसके माध्यम से नागरिक टोल फ्री नंबर, ईमेल और व्हाट्सएप के जरिए अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे। शिकायतों के समयबद्ध निराकरण की व्यवस्था होगी तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हाल ही में महतारी वंदन योजना की 28वीं किस्त के रूप में प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं के खातों में राशि अंतरित की गई है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और सम्मान के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना की जानकारी देते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की सब्सिडी का लाभ लेकर उपभोक्ता बिजली खर्च में उल्लेखनीय कमी ला सकते हैं। उन्होंने कहा कि श्री रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से श्रद्धालुओं को तीर्थ यात्रा का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में तेजी से विकास कार्य किए जा रहे हैं तथा बस्तर में जनता के सहयोग से शांति और विकास का नया वातावरण स्थापित हुआ है।
ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के समक्ष गांव की आवश्यकताओं, विकास कार्यों तथा विभिन्न योजनाओं से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री ने उनकी मांगों और सुझावों को गंभीरता से सुनते हुए क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने चतुर्भुज विष्णु मंदिर के निकट श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आरती घाट निर्माण की घोषणा की। ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही मांग को देखते हुए ठठारी में बैंक शाखा खोलने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने ठठारी को नगर पंचायत बनाने के लिए प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने हेतु कलेक्टर को निर्देशित करते हुए कहा कि आने वाले समय में ठठारी को नगर पंचायत का दर्जा दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य भी स्वीकृत करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन का वास्तविक अर्थ शासन और जनता के बीच विश्वास, संवाद और सहभागिता को मजबूत करना है। जब जनप्रतिनिधि और अधिकारी सीधे लोगों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनते हैं, तभी योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना सुनिश्चित होता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित, संवेदनशील और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर ग्रामीणों में विशेष उत्साह दिखाई दिया। बरगद की छांव में सजी यह चौपाल ग्रामीणों के लिए एक यादगार अवसर बन गई, जहां उन्हें अपनी बात सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का अवसर मिला।
जनचौपाल में सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, श्रीमती संयोगिता युद्धवीर सिंह जूदेव सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़
गरियाबंद : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत किया पीपल का पौधारोपण
पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश, जनप्रतिनिधियों ने भी किया वृक्षारोपण
गरियाबंद। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित संभागीय समीक्षा बैठक में शामिल होने गरियाबंद पहुंचे। इस दौरान उन्होंने जिला पंचायत कार्यालय परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पीपल का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गत वर्ष ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की शुरुआत की गई थी। यह अभियान लोगों को अपनी माताओं के सम्मान में पौधारोपण के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष भी पूरे देश में यह अभियान उत्साहपूर्वक संचालित किया जा रहा है तथा इसके तहत प्रदेशभर में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों ने भी विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया। कार्यक्रम में राजिम विधायक रोहित साहू,बिन्द्रानवागढ़ विधायक जनक ध्रुव, जिला पंचायत अध्यक्ष गौरीशंकर कश्यप, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़
रायपुर : विश्व पर्यावरण दिवस पर रायपुर में जशपुर वनमण्डल के वनोपज एवं हस्तशिल्प उत्पादों ने बटोरी सराहना
आरोग्य अमृत अवलेह और जशक्राफ्ट ब्रांड की प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र
रायपुर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर रायपुर स्थित राजीव स्मृति वन, वी.आई.पी. रोड में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में जशपुर वनमण्डल द्वारा तैयार वनोपज आधारित उत्पादों एवं पारंपरिक हस्तशिल्प सामग्री की प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रही। स्थानीय संसाधनों से निर्मित उत्पादों की उत्कृष्ट गुणवत्ता, आकर्षक डिजाइन और उपयोगिता को देखते हुए प्रदर्शनी को आगंतुकों एवं गणमान्य अतिथियों से व्यापक सराहना प्राप्त हुई।

कार्यक्रम में जशपुर वनमण्डल अंतर्गत महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित ”आरोग्य अमृत अवलेह” तथा ”जशक्राफ्ट” ब्रांड के उत्पादों का प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनी का अवलोकन करने पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, वन मंत्री केदार कश्यप, पूर्व मंत्री रामसेवक पैंकरा, अपर मुख्य सचिव मनोज पिंगुआ, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख अरुण पाण्डेय सहित अनेक जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं पर्यावरण प्रेमियों ने उत्पादों की सराहना की।
जशक्राफ्ट ब्रांड के अंतर्गत छिंदघास एवं बाँस से निर्मित हस्तशिल्प उत्पादों ने विशेष रूप से लोगों का ध्यान आकर्षित किया। प्रदर्शनी में झुमके, मालाएं, सजावटी सामग्री एवं अन्य कलात्मक वस्तुओं का प्रदर्शन किया गया। स्थानीय संसाधनों से तैयार इन पर्यावरण अनुकूल उत्पादों की उत्कृष्ट शिल्पकला और आकर्षक प्रस्तुति ने आगंतुकों को प्रभावित किया। बड़ी संख्या में लोगों ने स्टॉल का अवलोकन कर महिला समूहों के कौशल, सृजनात्मकता और नवाचार की प्रशंसा की।
वहीं जशपुर वनमण्डल द्वारा विकसित आयुर्वेदिक एवं वनोपज आधारित स्वास्थ्यवर्धक उत्पाद ”आरोग्य अमृत अवलेह” भी प्रदर्शनी का प्रमुख आकर्षण रहा। आगंतुकों ने इसके औषधीय गुणों, निर्माण प्रक्रिया तथा स्वास्थ्य लाभों की जानकारी प्राप्त की और उत्पाद के प्रति विशेष रुचि दिखाई।
जशपुर वनमण्डल की यह पहल वनाधारित आजीविका को सशक्त बनाने, स्थानीय संसाधनों के सतत एवं वैज्ञानिक उपयोग को बढ़ावा देने तथा महिला स्व-सहायता समूहों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रही है। महिला समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे ये उत्पाद न केवल ग्रामीण एवं वनाश्रित परिवारों की आय में वृद्धि कर रहे हैं, बल्कि पारंपरिक ज्ञान, स्थानीय कला एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
कार्यक्रम में राज्य औषधीय पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष अन्जय शुक्ला, पद्मश्री सम्मानित जगेश्वर यादव, पांडी राम मंडावी, डॉ. रामचंद्र गोडबोले सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, स्व-सहायता समूहों की महिलाएं एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
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