Connect with us

छत्तीसगढ़

31 नक्सलियों के एनकाउंटर :2 साल का राशन स्टॉक कर रखा था, स्नाइपर जैसे हथियार मिले

Published

on

जगदलपुर ,एजेंसी। छ्त्तीसगढ़-तेलंगाना राज्य की सरहद पर स्थित कर्रेगुट्टा हिल्स पर मारे गए 31 नक्सलियों के एनकाउंटर का लाइव वीडियो सामने आया है। जवान नक्सलियों पर भारी गोलीबारी करते हुए दिख रहे हैं। अलग-अलग दिनों में हुई मुठभेड़ में जवानों ने ACM (एरिया कमेटी मेंबर) , DVCM (डिविजनल कमेटी मेंबर) रैंक के नक्सलियों का एनकाउंटर किया है।

वहीं नक्सलियों के सबसे सुरक्षित ठिकाने कर्रेगुट्टा हिल्स में जवानों ने 450 से ज्यादा IED रिकवर कर डिफ्यूज की। सैकड़ों की संख्या में UBGL, इंसास, SLR, एयर गन जैसे हथियार बरामद किए गए। वहीं पहली बार नक्सलियों की हथियार फैक्ट्री से 2 मेगा स्नाइपर भी बरामद किया गया। इसे नक्सलियों ने खुद बनाया है।

21 दिन तक चले इस ऑपरेशन में जवानों ने किस तरह सफलता हासिल की फोर्स ने 8 मिनट की डॉक्यूमेंट्री जारी कर बताया है। पढ़िए ये रिपोर्ट:-

21 दिन के ऑपरेशन के बाद फोर्स ने एनकाउंटर में मारे गए नक्सलियों के पास से भारी मात्रा में हथियार बरामद किए हैं।

21 दिन के ऑपरेशन के बाद फोर्स ने एनकाउंटर में मारे गए नक्सलियों के पास से भारी मात्रा में हथियार बरामद किए हैं।

स्नाइपर की मारक क्षमता 500 मीटर

स्नाइपर से करीब 500 मीटर दूर तक निशाना लगाया जा सकता है। मुठभेड़ स्थल से जवानों ने नक्सलियों की स्नाइपर बनाने की एक किताब भी बरामद की है। इसमें स्नाइपर बनाने की हर एक विधि लिखी हुई है।

वहीं, CRPF DG जीपी सिंह का कहना है कि पहली बार नक्सलियों के पास से मेगा स्नाइपर बरामद की गई। छत्तीसगढ़ के DGP अरुण देव गौतम ने कहा कि ये सारे हथियार नक्सलियों ने अपनी फैक्ट्री में बनाए हैं। ऐसी 4 फैक्ट्री को नष्ट किया गया है।

कर्रेगुट्टा हिल्स में कुछ इस तरह दिखता है शाम का नजारा। शाम 4 बजे के बाद से ही यहां अंधेरा छाने लगता है।

कर्रेगुट्टा हिल्स में कुछ इस तरह दिखता है शाम का नजारा। शाम 4 बजे के बाद से ही यहां अंधेरा छाने लगता है।

2 साल का राशन स्टॉक कर रखे थे नक्सली

21 अप्रैल 2025 तक कर्रेगुट्टा हिल्स नक्सलियों का सबसे सुरक्षित ठिकाना था। नक्सलियों को इस बात का कॉन्फिडेंस था कि यहां फोर्स कभी नहीं पहुंच पाएगी। इस हिल्स में सैकड़ों की संख्या में नक्सली मौजूद थे। उन्होंने अपने लिए करीब 2 साल का राशन यहां स्टॉक कर रखा था।

फोर्स ने जारी की ऑपरेशन कर्रेगुट्टा की डॉक्यूमेंट्री

CRPF और छत्तीसगढ़ पुलिस ने 14 मई को इस ऑपरेशन को लेकर जॉइंट प्रेस ब्रीफिंग की। इसमें ऑपरेशन में निकलने से लेकर ऑपरेशन के दौरान की हर एक चुनौती, हर एक कामयाबी, मुठभेड़ की करीब 8 मिनट की डॉक्यूमेंट्री बनाई है। जिसे मीडिया से भी शेयर किया गया है।

अब तस्वीरों में देखिए ‘ऑपरेशन कर्रेगुट्टा’…

कर्रेगुट्टा की पहाड़ पर चढ़ाई करते हुए जवान।

कर्रेगुट्टा की पहाड़ पर चढ़ाई करते हुए जवान।

पहाड़ पर पानी का स्त्रोत भी है इसका इस्तेमाल नक्सली भी किया करते थे।

पहाड़ पर पानी का स्त्रोत भी है इसका इस्तेमाल नक्सली भी किया करते थे।

पहाड़ पर कई गुफाएं है जहां नक्सलियों ने 2 साल का राशन का सामान भी स्टॉक कर रखा था।

पहाड़ पर कई गुफाएं है जहां नक्सलियों ने 2 साल का राशन का सामान भी स्टॉक कर रखा था।

कर्रेगुट्टा हिल्स पर जवान कई मुश्किल का सामना करते हुए रस्सी के सहारे भी चढ़ाई कर ऊंचाई तक पहुंचे थे।

कर्रेगुट्टा हिल्स पर जवान कई मुश्किल का सामना करते हुए रस्सी के सहारे भी चढ़ाई कर ऊंचाई तक पहुंचे थे।

21 दिन के ऑपरेशन के दौरान जवानों तक राशन पहुंचाने हेलिकॉप्टर को भी पहाड़ पर उतारा गया था।

21 दिन के ऑपरेशन के दौरान जवानों तक राशन पहुंचाने हेलिकॉप्टर को भी पहाड़ पर उतारा गया था।

पहाड़ और जंगल के रास्तों को पार कर जवान कर्रेगुट्टा पहाड़ की ऊंचाई तक पहुंचे थे।

पहाड़ और जंगल के रास्तों को पार कर जवान कर्रेगुट्टा पहाड़ की ऊंचाई तक पहुंचे थे।

इस दौरान जवानों ने जंगल और पहाड़ में कई ऑपरेशन चलाए। 450 से ज्यादा IED रिकवर कर डिफ्यूज की।

इस दौरान जवानों ने जंगल और पहाड़ में कई ऑपरेशन चलाए। 450 से ज्यादा IED रिकवर कर डिफ्यूज की।

कर्रेगुट्टा पहाड़ पर इस तरह की कई गुफाएं मौजूद हैं जिसका इस्तेमाल नक्सली छिपने और सामान रखने के लिए करते थे।

कर्रेगुट्टा पहाड़ पर इस तरह की कई गुफाएं मौजूद हैं जिसका इस्तेमाल नक्सली छिपने और सामान रखने के लिए करते थे।

अलग-अलग गुफाओं में तार, IED और हथियार बनाने के सामान जवानों ने जब्त किए।

अलग-अलग गुफाओं में तार, IED और हथियार बनाने के सामान जवानों ने जब्त किए।

पहाड़ पर नक्सलियों ने 150 से ज्यादा बंकर भी बना रखे थे। इनमें नक्सलियों के सामान मिले हैं।

पहाड़ पर नक्सलियों ने 150 से ज्यादा बंकर भी बना रखे थे। इनमें नक्सलियों के सामान मिले हैं।

पहाड़ पर दर्जनों वाटरफॉल भी मौजूद हैं। नक्सलियों को यहीं से पीने का पानी मिल जाता था।

पहाड़ पर दर्जनों वाटरफॉल भी मौजूद हैं। नक्सलियों को यहीं से पीने का पानी मिल जाता था।

फोर्स ने ऑपरेशन को लेकर 8 मिनट की एक शॉट फिल्म बनाई है। जिसे 14 मई को जारी किया गया।

फोर्स ने ऑपरेशन को लेकर 8 मिनट की एक शॉट फिल्म बनाई है। जिसे 14 मई को जारी किया गया।

पहाड़ के ऊपर मौजूद गुफाओं में हथियारों का जखीरा बरामद किया गया है। नक्सलियों ने इन्हें यहीं बनाया है।

पहाड़ के ऊपर मौजूद गुफाओं में हथियारों का जखीरा बरामद किया गया है। नक्सलियों ने इन्हें यहीं बनाया है।

मारे गए नक्सलियों से बरामद किए गए हथियारों में मेगा स्नाइपर, BGL सेल समेत गोला बारूद शामिल है।

मारे गए नक्सलियों से बरामद किए गए हथियारों में मेगा स्नाइपर, BGL सेल समेत गोला बारूद शामिल है।

नक्सली अब बियर बोतल को भी बम बनाने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं।

नक्सली अब बियर बोतल को भी बम बनाने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं।

सैकड़ों मीटर वायर भी जब्त किया गया है। नक्सली इसका इस्तेमाल IED ब्लास्ट के लिए करते थे।

सैकड़ों मीटर वायर भी जब्त किया गया है। नक्सली इसका इस्तेमाल IED ब्लास्ट के लिए करते थे।

पहाड़ पर भारी मात्रा में नक्सल सामान मौजूद था, जिसे लाना संभव नहीं था इसलिए उसे नष्ट कर दिया गया।

पहाड़ पर भारी मात्रा में नक्सल सामान मौजूद था, जिसे लाना संभव नहीं था इसलिए उसे नष्ट कर दिया गया।

पहाड़ पर हथियार बनाने की मशीन भी मिली है। जवानों ने ऐसी 4 फैक्टी को नष्ट किया है।

पहाड़ पर हथियार बनाने की मशीन भी मिली है। जवानों ने ऐसी 4 फैक्टी को नष्ट किया है।

पहाड़ों पर मौजूद गुफाओं में नक्सलियों ने 2 साल का राशन भी स्टॉक कर रखा था।

पहाड़ों पर मौजूद गुफाओं में नक्सलियों ने 2 साल का राशन भी स्टॉक कर रखा था।

इस तरह सैकड़ों बंकर भी बनाए थे। जिनमें नक्सलियों ने अपना सामान जमा कर रखा था।

इस तरह सैकड़ों बंकर भी बनाए थे। जिनमें नक्सलियों ने अपना सामान जमा कर रखा था।

24 दिन के ऑपरेशन के दौरान सर्चिंग करते हुए जवान कर्रेगुट्टा हिल्स की ऊंचाई तक पहुंचे थे।

24 दिन के ऑपरेशन के दौरान सर्चिंग करते हुए जवान कर्रेगुट्टा हिल्स की ऊंचाई तक पहुंचे थे।

ऑपरेशन के दौरान जवानों की नक्सलियों के साथ कई मुठभेड़ भी हुईं। फोर्स ने इसका लाइव वीडियो भी जारी किया है।

ऑपरेशन के दौरान जवानों की नक्सलियों के साथ कई मुठभेड़ भी हुईं। फोर्स ने इसका लाइव वीडियो भी जारी किया है।

लगातार चले इस ऑपरेशन के दौरान हेलिकॉप्टर के जरिए जवानों तक राशन पहुंचाया गया।

लगातार चले इस ऑपरेशन के दौरान हेलिकॉप्टर के जरिए जवानों तक राशन पहुंचाया गया।

इसी गुफा में नक्सली छिप कर रहते थे। यहां भी फोर्स पहुंची। यहां बहुत सारा सामान बरामद हुआ है।

इसी गुफा में नक्सली छिप कर रहते थे। यहां भी फोर्स पहुंची। यहां बहुत सारा सामान बरामद हुआ है।

कर्रेगुट्टा पहाड़ पर 24 दिन के ऑपरेशन में में जवानों ने 31 नक्सली मार गिराए।

कर्रेगुट्टा पहाड़ पर 24 दिन के ऑपरेशन में में जवानों ने 31 नक्सली मार गिराए।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में दो दिन में 9 करोड़ का गांजा पकड़ाया:लग्जरी कारों-बसों से हो रही तस्करी, रायगढ़, मनेंद्रगढ़ और सूरजपुर में कार्रवाई

Published

on

रायगढ़/मनेंद्रगढ़, एजेंसी। छत्तीसगढ़ में पिछले 2 दिनों में कुल 8 करोड़ 65 लाख रुपए का गांजा पकड़ा गया है। अलग-अलग जिलों में लग्जरी कारों और बसों के जरिए से इसकी तस्करी हो रही थी।

शुक्रवार को 2 अलग-अलग कार्रवाई में कारों से गांजा मिला। रायगढ़ जिले में करीब 300 किलो गांजा मिला, जिसकी कीमत 1 करोड़ 50 लाख रुपए है।

मनेंद्रगढ़ में 6 क्विंटल गांजा पकड़ा गया, जिसकी कीमत करीब 3 करोड़ रुपए हैं। एक दिन पहले सूरजपुर जिले में पुलिस ने बस से 4.15 करोड़ के गांजे की गठरियां पकड़ी थीं। जिनका वजन 8 क्विंटल 30 किलो था।

रायगढ़ में 2 लग्जरी कारों से करीब 300 किलो गांजा बरामद हुआ।

रायगढ़ में 2 लग्जरी कारों से करीब 300 किलो गांजा बरामद हुआ।

मनेंद्रगढ़ में 6 क्विंटल गांजा पकड़ाया, जिसकी कीमत करीब 3 करोड़ रुपए हैं।

मनेंद्रगढ़ में 6 क्विंटल गांजा पकड़ाया, जिसकी कीमत करीब 3 करोड़ रुपए हैं।

सूरजपुर में बस में मिली थी गांजे की गठरियां।

सूरजपुर में बस में मिली थी गांजे की गठरियां।

केस 1- रायगढ़ में लग्जरी कारों में मिला गांजा

जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार (5 जून) सुबह पुलिस को सूचना मिली कि, ओडिशा के सोनपुर इलाके से गांजे की बड़ी खेप 2 सफेद कारों में भरकर मध्यप्रदेश के अनूपपुर ले जाई जा रही है।

सूचना मिलने के बाद पुलिस ने अलग-अलग रास्तों पर नाकेबंदी कर चेकिंग शुरू की। इसी दौरान कटकलिया मार्ग पर एक इनोवा क्रिस्टा और एक मारुति सुजुकी XL-6 को रोककर जांच की।

जांच के दौरान पुलिस ने देखा कि इनोवा क्रिस्टा में दो नंबर प्लेट लगी हुई थीं। गाड़ी में ओडिशा नंबर प्लेट OD-10-H-0050 के नीचे छत्तीसगढ़ नंबर CG-13-BY-6540 की दूसरी नंबर प्लेट लगी थी। इससे पुलिस को शक हुआ, जिसके बाद वाहन में सवार युवकों से पूछताछ शुरू की गई।

कार में मिला 300 किलो गांजा

इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के दोनों कारों की तलाशी ली। जांच के दौरान दोनों वाहनों से करीब 300 किलो गांजा मिला। जब्त गांजा की कीमत बाजार में लगभग 1 करोड़ 50 लाख रुपए है।

1 करोड़ 86 लाख की संपत्ति जब्त

पुलिस तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर थाने पहुंची। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे गांजा की यह खेप मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले में अपने साथियों तक पहुंचाने जा रहे थे।

इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। पुलिस ने उनके पास से 300 किलो गांजा, दो कारें और पांच मोबाइल फोन जब्त किए हैं। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 1 करोड़ 86 लाख रुपए बताई जा रही है।

पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(b) और 29 के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल मामले की जांच और आगे की कार्रवाई जारी है।

रायगढ़ पुलिस ने कार सवार 3 तस्करों को गिरफ्तार किया।

रायगढ़ पुलिस ने कार सवार 3 तस्करों को गिरफ्तार किया।

आरोपियों को किया गिरफ्तार

धर्मेंद्र मौर्य (27) निवासी अनूपपुर (मध्यप्रदेश)

निखिल कश्यप (23) निवासी रामानुजगंज

रिंकु कश्यप (28) निवासी सरगुजा

केस 2 – मनेंद्रगढ़ में 3 करोड़ का गांजा पकड़ाया

मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले के नागपुर चौकी क्षेत्र में पुलिस ने 2 कारों से करीब 6 क्विंटल गांजा जब्त किया है। जिसकी कीमत करीब 3 करोड़ बताई जा रही है। पुलिस को देखते ही तस्कर गाड़ी छोड़कर भाग गए।

पुलिस गाड़ी नंबरों के आधार पर फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि गांजा किस स्थान से लाया जा रहा था और इसे कहां पहुंचाया जाना था।

सूरजपुर में बस में गांजा भरकर तस्करी हो रही थी।

सूरजपुर में बस में गांजा भरकर तस्करी हो रही थी।

केस 3 – सूरजपुर में बस से पकड़ाया 4 करोड़ का गांजा

सूरजपुर जिले में गुरुवार को पुलिस ने बस से 4.15 करोड़ का गांजा जब्त किया था। 8 क्विंटल 30 किलो गांजा कपड़ों की गठरियों में छिपाकर रखा गया था। बस के जरिए झाड़ू बेचने की आड़ में गांजा कटनी भेजा जा रहा था। बस में महिला और पुरुष सवार थे।

पुलिस ने ड्राइवर समेत 6 महिलाओं को गिरफ्तार किया है। महिलाओं के साथ 4 दुधमुंहे बच्चे भी थे। मामले में 18 से 19 अन्य आरोपी फरार हैं। उनकी तलाश के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें जुटी हुई हैं। मामला जयनगर थाना क्षेत्र का है।

ड्राइवर ने कहा कि किसी बाबू ने बस अंबिकापुर के कालीघाट से बुक की थी। सामान मध्य प्रदेश के कटनी जिले के पिपरिया कला ले जाया जा रहा था। कालीघाट से करीब 20-22 लोग बस में बैठे थे।

Continue Reading

कोरबा

हर पौधा बनेगा एक स्मृति, हर वृक्ष रचेगा हरित विरासत की नई कहानीः सीईओ राजेश कुमार सिंह

Published

on

बालकोनगर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बालको टाउनशिप में ‘स्मृति उद्यान’ का शुभारंभ किया। बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक राजेश कुमार सिंह ने फीता काटकर इसका उद्घाटन किया। इसके उपरांत 100 से अधिक प्रतिभागियों ने अमलतास के पौधे रोपे। इस अवसर पर बालको के वरिष्ठ अधिकारी, यूनियन के पदाधिकारी, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में उनके परिवारजन उपस्थित रहे।

‘स्मृति उद्यान’ केवल एक पौधारोपण पहल नहीं है, बल्कि एक ऐसा भावनात्मक मंच है, जहां प्रत्येक पौधा उन प्रियजनों को समर्पित किया गया जिन्होंने जीवन को प्रेम, मार्गदर्शन और प्रेरणा से समृद्ध किया। वृक्ष केवल प्रकृति का उपहार नहीं हैं, बल्कि जीवन, आशा और निरंतरता के प्रतीक भी हैं। आज लगाया गया एक पौधा आने वाले वर्षों में छाया, स्वच्छ वायु और पर्यावरण संरक्षण का माध्यम बनेगा।

बालको के सीईओ एवं निदेशक राजेश कुमार सिंह ने कहा, “स्मृति उद्यान हमारे प्रियजनों की यादों को प्रकृति के माध्यम से सहेजने का एक अनूठा प्रयास है। यहाँ लगाया गया प्रत्येक पौधा अपने साथ एक व्यक्तिगत कहानी, एक भावना और एक स्मृति लेकर बढ़ेगा। आज रोपे गए अमलतास के पौधे स्मरण और प्रकृति के बीच एक स्थायी संबंध का प्रतीक हैं। यह पहल केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि जैव विविधता के संरक्षण, पर्यावरणीय संतुलन और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हरित एवं सस्टेनेबल भविष्य के निर्माण की दिशा में हमारा दीर्घकालिक निवेश है।”

स्मृति उद्यान विश्व पर्यावरण दिवस से प्रारंभ हुआ एक दीर्घकालिक अभियान है, जो आने वाले वर्षों तक लोगों की भावनाओं और प्रकृति को जोड़ता रहेगा। भविष्य में भी कर्मचारी, उनके परिवारजन एवं समुदाय के सदस्य अपने जीवन के विशेष अवसरों जैसे जन्मदिन, विवाह वर्षगाँठ, किसी उपलब्धि का उत्सव अथवा किसी प्रियजन की स्मृति पर यहाँ आकर पौधारोपण कर सकेंगे। आने वाले वर्षों में यह उद्यान कई कहानियों, स्मृतियों और वृक्षों का जीवंत संग्रह बन जाएगा।

स्मृति उद्यान में औषधीय गुणों से भरपूर अमलतास के पौधे लगाए गए हैं, जो आने वाले वर्षों में अपने आकर्षक सुनहरे पीले पुष्पों से टाउनशिप की सुंदरता को और बढ़ाएंगे। यह न केवल प्राकृतिक सौंदर्य को बढ़ाता है, बल्कि मधुमक्खियों एवं तितलियों जैसे परागणकर्ताओं को आकर्षित कर जैव विविधता के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह वृक्ष पर्यावरणीय स्थिरता एवं जलवायु अनुकूलन के लिए भी उपयोगी माना जाता है।

कार्यक्रम के दौरान पौधारोपण में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाणपत्र तथा उनके घरों एवं आसपास लगाए गए पौधों की देखभाल को प्रोत्साहित करने के लिए जैविक खाद भी वितरित की गई।

स्मृति उद्यान के अलावा बीते तीन महीनों में बालको द्वारा टाउनशिप के विभिन्न हरित क्षेत्रों में लगभग 4,000 पौधों का रोपण किया गया है, जिनमें 2,000 बोगनवेलिया एवं 2,000 पेंसिलवेनिया के पौधे शामिल हैं। इस पहल ने टाउनशिप की हरियाली और सौंदर्य को और समृद्ध किया है। टाउनशिप में पहले से ही फॉरेस्ट वॉकवे, नेहरू गार्डन तथा अन्य प्रमुख हरित स्थल मौजूद हैं। बालको का यह सतत प्रयास पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और सामुदायिक सहभागिता को एक साथ जोड़ते हुए एक हरित एवं टिकाऊ भविष्य के निर्माण की दिशा’ में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

Continue Reading

छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ के उद्योगों पर पर्यावरण विभाग सख्त:94 को नोटिस जारी, 3.03 करोड़ का वसूला जुर्माना; रायपुर की हवा में 4% सुधार

Published

on

रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ में प्रदूषण फैलाने वाले इंडस्ट्रीज पर पर्यावरण संरक्षण मंडल ने सख्ती बढ़ा दी है। पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन करने वाले इंडस्ट्रीज के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है।

जनवरी 2025 से मई 2026 के बीच रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय ने 94 इंडस्ट्रीज को नोटिस जारी किए हैं, जबकि 82 इंडस्ट्रीज के उत्पादन बंद करने और उनके बिजली कनेक्शन काटने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा 3.03 करोड़ रुपए का जुर्माना भी वसूला गया है। वहीं, राजधानी की हवा में लगभग 4 प्रतिशत सुधार दर्ज किया गया है।

पाल्यूशन फैलाने वाले उद्योगों पर पर्यावरण संरक्षण मंडल के अधिकारियों ने कार्रवाई की है।

पाल्यूशन फैलाने वाले उद्योगों पर पर्यावरण संरक्षण मंडल के अधिकारियों ने कार्रवाई की है।

इन जिलों में नियमित निगरानी

पर्यावरण संरक्षण मंडल के मुताबिक रायपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा, धमतरी, महासमुंद और गरियाबंद जिलों के उद्योगों की लगातार जांच की जा रही है। जांच के दौरान जिन उद्योगों में हवा और पानी को प्रदूषित करने से जुड़े नियमों का उल्लंघन मिला, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई।

यह कार्रवाई वायु प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम 1981 और जल प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम 1974 के तहत की गई।

रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय ने 94 इंडस्ट्रीज को नोटिस जारी किए हैं।

रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय ने 94 इंडस्ट्रीज को नोटिस जारी किए हैं।

इंडस्ट्रीज पर करोड़ों का जुर्माना

जांच में 96 इंडस्ट्रीज पर कुल 2 करोड़ 40 लाख 65 हजार रुपए से ज्यादा का पर्यावरण जुर्माना लगाया गया। इसके अलावा 136 उद्योगों और संस्थानों पर, जो बिना ढंके कच्चा माल, उत्पाद और कचरा ले जा रहे थे, उन पर 51 लाख रुपए से ज्यादा का जुर्माना लगाया गया।

फ्लाई ऐश के गलत तरीके से परिवहन और डंपिंग के मामले में 2 उद्योगों पर 12 लाख रुपए की अतिरिक्त पेनल्टी भी लगाई गई। इस तरह कुल जुर्माना 3 करोड़ 3 लाख रुपए से अधिक पहुंच गया है।

प्रदूषण फैलाने वाले इंडस्ट्रीज पर पर्यावरण संरक्षण मंडल ने सख्ती बढ़ा दी है।

प्रदूषण फैलाने वाले इंडस्ट्रीज पर पर्यावरण संरक्षण मंडल ने सख्ती बढ़ा दी है।

सिंगल-यूज प्लास्टिक पर भी कार्रवाई

पर्यावरण मंडल ने प्रतिबंधित सिंगल-यूज प्लास्टिक के निर्माण और इस्तेमाल के खिलाफ अभियान चलाया। इस दौरान एक उद्योग का उत्पादन बंद कराया गया और उस पर 87 हजार 500 रुपए का जुर्माना लगाया गया।

दूसरे उद्योग पर 6 लाख 25 हजार रुपए की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति लगाई गई। इसके अलावा दो अन्य इकाइयों का भी उत्पादन बंद करने की कार्रवाई की गई है।

रायपुर की हवा हुई बेहतर

पर्यावरण विभाग की सख्ती का असर रायपुर की हवा पर भी दिखा है। साल 2024 में रायपुर का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 65.38 था, जो 2025 में घटकर 62.86 हो गया। यानी शहर की हवा में करीब 4 प्रतिशत सुधार हुआ है। यह स्तर संतोषजनक श्रेणी में आता है।

पर्यावरण संरक्षण मंडल ने साफ किया है कि पर्यावरण नियमों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। आगे भी नियम तोड़ने वाले उद्योगों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677