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Mutual Funds पर निवेशकों का भरोसा मजबूत, SIP और इक्विटी फंड्स में झूमकर आया पैसा

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मुंबई, एजेंसी। भारतीय निवेशकों का म्यूचुअल फंड में भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है, खासकर SIP (सिस्टमैटिक इनवेस्टमेंट प्लान) के जरिए। जून 2025 में SIP निवेश रू.27,269 करोड़ तक पहुंच गया, जो मई के मुकाबले 2% अधिक है। यह पहली बार है जब SIP मासिक निवेश रू.27,000 करोड़ के पार गया है।

SIP निवेश में लगातार ग्रोथ

जनवरी 2025 में SIP निवेश रू.26,400 करोड़ था, जो जून तक लगभग 3% की वृद्धि के साथ बढ़ा है। FY2025 में भी लगातार वृद्धि देखी गई है, जो SIP की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाती है – खासकर छोटे निवेशकों के बीच।

इक्विटी फंड्स में 24% की छलांग

  • AMFI (एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया) के अनुसार जून में कुल म्यूचुअल फंड इनफ्लो रू.49,301 करोड़ रहा, जो मई से 67% अधिक है।
  • इक्विटी फंड्स में रू.23,587 करोड़ का निवेश हुआ (24% की बढ़ोतरी)।
  • फ्लेक्सी कैप फंड्स में रू.5,733 करोड़, स्मॉलकैप में रू.4,024 करोड़ और मिडकैप में रू.3,754 करोड़ का निवेश हुआ।
  • ELSS को छोड़कर सभी इक्विटी कैटेगरी में पॉजिटिव फ्लो देखा गया, जो निवेशकों के बढ़ते आत्मविश्वास को दर्शाता है।

डेट फंड्स में सुधार

जून में डेट फंड्स में आउटफ्लो घटकर रू.1,711 करोड़ रह गया, जो मई में रू.15,908 करोड़ था।

  • शॉर्ट ड्यूरेशन फंड्स: रू.10,276 करोड़
  • मनी मार्केट फंड्स: रू.9,484 करोड़
  • हालांकि, लिक्विड फंड्स से रू.25,196 करोड़ का आउटफ्लो हुआ।

हाइब्रिड और अन्य कैटेगरी का प्रदर्शन

  • हाइब्रिड फंड्स में 12% की बढ़ोतरी के साथ ₹23,222 करोड़ का निवेश हुआ।
  • आर्बिट्राज फंड्स:रू.15,584 करोड़
  • गोल्ड ETF: 2,080 करोड़ (613% की मासिक वृद्धि)
  • पैसिव फंड्स (ETF व इंडेक्स फंड्स) में निवेश घटकर रू.3,997 करोड़ रह गया।

कुल AUM में बढ़त

म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) जून में 3% बढ़कर रू.74.14 लाख करोड़ पहुंच गया, जो निवेशकों के भरोसे और बाजार की मजबूती को दर्शाता है।

नए फंड ऑफर्स की बढ़ती लोकप्रियता

जून में 20 नए म्यूचुअल फंड NFOs लॉन्च हुए, जिन्होंने रू.1,986 करोड़ जुटाए। इनमें सबसे ज्यादा फोकस इंडेक्स फंड्स पर रहा।

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नेस्ले इंडिया का चौथी तिमाही में मुनाफा 27%  बढ़कर 1,110 करोड़ रुपए

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नई दिल्ली,एजेंसी। चॉकलेट, कॉफी, मैगी जैसे दैनिक उपयोग की चीजें बनाने वाली कंपनी नेस्ले इंडिया का 2025-26 की चौथी तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ 27.18 प्रतिशत बढ़कर 1,110.9 करोड़ रुपए रहा। कंपनी का वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी (जनवरी-मार्च) तिमाही में शुद्ध लाभ 873.46 करोड़ रुपए था। नेस्ले इंडिया ने मंगलवार को शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि जनवरी-मार्च तिमाही में उत्पादों की बिक्री से नेस्ले इंडिया का राजस्व 6,723.75 करोड़ रुपए रहा जो सालाना आधार पर 23.42 प्रतिशत अधिक है। चौथी तिमाही में परिचालन आय 6,747.79 करोड़ रुपए रही जबकि एक वर्ष पहले इसी तिमाही में यह 5,503.88 करोड़ रुपए थी। 

समीक्षाधीन तिमाही में कुल खर्च सालाना आधार पर 21 प्रतिशत बढ़कर 5,217.48 करोड़ रुपए हो गया। कुल आय (जिसमें अन्य आय भी शामिल है) 22.73 प्रतिशत बढ़कर 6,766.24 करोड़ रुपए रही। वित्त वर्ष 2025-26 की जनवरी-मार्च तिमाही में घरेलू बिक्री 23.11 प्रतिशत बढ़कर 6,445.07 करोड़ रुपए रही। कंपनी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मनीष तिवारी ने कहा, ”नेस्ले इंडिया ने दहाई अंकों की मजबूत वृद्धि दर्ज की और 6,445 करोड़ रुपए की अपनी अब तक की सबसे अधिक घरेलू बिक्री हासिल की…।” 

निर्यात से राजस्व 31 प्रतिशत बढ़कर 278.68 करोड़ रुपए रहा। तिवारी ने कहा कि इस प्रदर्शन में सभी उत्पाद समूहों का योगदान रहा और प्रीमियम उत्पादों की हिस्सेदारी बढ़ाने के साथ-साथ संसाधनों का अनुशासित उपयोग और मजबूत क्रियान्वयन वृद्धि के प्रमुख कारक रहे। पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में नेस्ले इंडिया का लाभ सालाना आधार पर नौ प्रतिशत बढ़कर 3,499.08 करोड़ रुपए रहा। कुल आय 14.46 प्रतिशत बढ़कर 23,194.95 करोड़ रुपए हो गई। तिवारी ने कहा कि पिछले पांच वर्ष में कंपनी के प्रमुख ब्रांड मैगी नूडल्स ने बाजार में अपनी अग्रणी स्थिति बनाए रखी जबकि किटकैट तथा नेस्कैफे की बाजार हिस्सेदारी तेजी से बढ़ी है।  

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Crude Oil Import: अमेरिका-ईरान युद्ध का असर, कच्चे तेल इंपोर्ट में बड़ी गिरावट

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मुंबई, एजेंसी। अमेरिका-ईरान युद्ध का असर अब भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर साफ दिखाई देने लगा है। हालिया शिपिंग आंकड़ों के मुताबिक, मार्च महीने में भारत के कच्चे तेल के आयात में फरवरी के मुकाबले करीब 13% की गिरावट दर्ज की गई है।

इस गिरावट की बड़ी वजह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ा तनाव है, जो दुनिया के सबसे अहम तेल परिवहन मार्गों में से एक है। इस रूट से आने वाली सप्लाई में भारी कमी आई है और खाड़ी देशों से तेल आयात 61% तक गिरकर लगभग 1.18 मिलियन बैरल प्रतिदिन रह गया है। हालात इतने गंभीर हैं कि हाल के दिनों में इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों की संख्या बेहद कम हो गई है।

रूस बना नंबर-1 सप्लायर

खाड़ी क्षेत्र से आपूर्ति प्रभावित होने के बाद भारत ने वैकल्पिक स्रोतों की ओर रुख किया है। रूस अब भारत का सबसे बड़ा तेल सप्लायर बनकर उभरा है। रूस से आयात लगभग दोगुना होकर 2.25 मिलियन बैरल प्रतिदिन तक पहुंच गया है और कुल आयात में उसकी हिस्सेदारी करीब 50% हो गई है।

सऊदी अरब दूसरे नंबर पर

वहीं सऊदी अरब अब दूसरे स्थान पर पहुंच गया है, जबकि अंगोला से आयात बढ़ने के कारण वह तीसरे नंबर पर आ गया है। यूएई और इराक क्रमशः चौथे और पांचवें स्थान पर खिसक गए हैं। इस बदलाव का असर ओपेक पर भी पड़ा है। भारत के कुल तेल आयात में ओपेक देशों की हिस्सेदारी घटकर करीब 29% रह गई है, जो अब तक का सबसे निचला स्तर माना जा रहा है। 

वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव ने भारत की तेल आपूर्ति रणनीति को बदल दिया है, जहां खाड़ी देशों पर निर्भरता कम होकर रूस और अन्य विकल्पों की भूमिका तेजी से बढ़ रही है।

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शेयर बाजार में रौनक, हरे निशान पर बाजार बंद, सेंसेक्स 753 अंक उछला

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मुंबई, एजेंसी। शेयर बाजार में आज दिनभर तेजी देखने को मिली। सेंसेक्स 753.03 अंक की तेजी के साथ 79,273.33 के स्तर पर पहुंच गया। निफ्टी में 215.75 अंक की बढ़त रही, ये 24,576.60 के स्तर पर बंद हुआ। रियल्टी और ऑटो शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली। एशियाई बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत और अमेरिका-ईरान तनाव में संभावित नरमी की उम्मीद ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया।

तेजी के कारण

कच्चे तेल की कीमतों में नरमी

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रेंट क्रूड की कीमतों में कमी आई है। भारत तेल का बड़ा आयातक है, इसलिए तेल सस्ता होने से इकोनॉमी और कंपनियों के मार्जिन को फायदा मिलता है।

ग्लोबल मार्केट से अच्छे संकेत

अमेरिकी बाजारों में मजबूती और एशियाई बाजारों (निक्केई और कोस्पी) में बढ़त का सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ा।  

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी

अमेरिका में 10 साल के ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में गिरावट आई है। जब बॉन्ड यील्ड गिरती है, तो विदेशी निवेशक (FIIs) भारतीय जैसे उभरते बाजारों में पैसा लगाना पसंद करते हैं।

सोमवार को मामूली बढ़त

शेयर बाजार में सोमवार, 20 अप्रैल को मामूली बढ़त रही। सेंसेक्स 27 अंक की तेजी के साथ 78,520 पर बंद हुआ। निफ्टी में 11 अंक की बढ़त रही, ये 24,365 के स्तर पर बंद हुआ। 

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