छत्तीसगढ़
BJYM प्रदेश-अध्यक्ष ने अपनी ही सरकार से मांगी DMF राशि:हाथ जोड़कर बोले- गांव उजड़ गए, पैसा दे दो सरकार
रायगढ़, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में रहने वाले भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने अपनी ही सरकार से DMF (जिला खनिज फाउंडेशन) की राशि गांव में भी देने की मांग की है।
यह वीडियो करीब 4 मिनट 19 सेकेंड का है। प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत ने हाथ जोड़ते हुए छत्तीसगढ़ी में गीत गाया- ‘DMF के पैसा ला दे दो सरकार, उजड़ गे हमर गांव, गली खेत-खार। कंपनी अउ शहर सब्बो झन आगे बढ़ गे, गांव ह पिछड़ गे। क्षेत्र हा झेलत हे कंपनी-खदान के मार। न्याय करो साहेब, हे कर्णधार, DMF के पैसा ला दे दो सरकार’
रवि भगत लैलूंगा विधानसभा क्षेत्र में रहते हैं। उनके इस गीत का मतलब है कि कंपनी और शहर आगे बढ़ गए, लेकिन हमारे गांव पीछे रह गए। गांवों के विकास के लिए सरकार DMF की राशि दे दीजिए। कांग्रेस ने इस पर तंज कसते हुए कहा कि अब रवि और विधायक आमने-सामने हैं।

भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत का वीडियो वायरल हो रहा है।
इस वीडियो के वायरल होने के बाद अब स्थानीय कांग्रेस नेता भी भाजपा के अन्य नेताओं पर पद का दुरुपयोग करने का आरोप लगा रहे हैं। कांग्रेस ने ये भी कहा कि DMF की राशि सभी जगह देनी चाहिए।
साथ ही एक अन्य पोस्ट में रवि भगत ने लिखा है कि सदन में बैठकर आप इस विषय पर आवाज नहीं उठाएंगे और रवि भगत का समर्थन करेंगे, तो ऐसे समर्थन से कुछ नहीं होगा।

कांग्रेस ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर ये कार्टून पोस्टर पोस्ट किया।
कांग्रेस ने कार्टून पोस्ट कर तंज कसा
इंडियन नेशनल कांग्रेस ने भी रवि भगत के इस वीडियो के बाद एक कार्टून बनाकर पोस्ट किया है। इस कार्टून पोस्टर में एक तरफ कलेक्टर लॉबी और दूसरी ओर संघी लॉबी लिखकर रस्सी को खींचते हुए दिखाया गया है। साथ ही कांग्रेस ने पोस्ट में लिखा है कि रवि भगत और रायगढ़ विधायक आमने-सामने हैं।
प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में खर्च की जाए राशि
रवि भगत ने 3 दिन पहले एक और पोस्ट किया था। जिसमें उन्होंने लिखा- ‘डीएमएफ (जिला खनिज फाउंडेशन) निधि का कम से कम 60% हिस्सा प्रभावित क्षेत्रों और लाभार्थियों की पहचान करके उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर खर्च किया जाना चाहिए। यह राशि खनन प्रभावित समुदायों और पर्यावरण के लिए विभिन्न कल्याणकारी कार्यक्रम लागू करने के लिए उपयोग की जाती है।
डीएमएफ में रॉयल्टी का एक निश्चित प्रतिशत योगदान के रूप में लिया जाता है, जो खनिज से खनिज में अलग होता है। 2016 में डीएमएफ राशि का 30% रॉयल्टी/सेग (royalty/cess) पर तय किया गया था। डीएमएफ फंड का उपयोग जिला स्तर पर पीएमकेकेकेवाई (PMKKKY) दिशानिर्देशों के तहत किया जाना चाहिए।’

रवि भगत ने डीएमएफ राशि को लेकर 3 दिन पहले एक पोस्ट किया था।
विकास के नाम प्रदेश को छल रहे
जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अनिल शुक्ला ने इस मामले पर कहा कि रायगढ़ विधायक लगातार अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी का यह अंदरूनी मामला है, लेकिन विकास के नाम पर केवल पूरे प्रदेश को छला जा रहा है। DMF की राशि सभी जगह देनी चाहिए।
लैलूंगा प्रभावित क्षेत्र में नहीं आता
इस संबंध में जब जिला भाजपा महामंत्री सतीश बेहरा ने बताया कि ऐसा पहली बार हुआ है कि तमनार ब्लॉक में DMF की 10 करोड़ की राशि विकास कार्य के लिए आया है। बल्कि इससे पहले कभी नहीं आया था। लैलूंगा प्रभावित क्षेत्र में नहीं आता है। अब भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष ऐसा किस लिए लिख रहे हैं, यह तो मैं नहीं जानता।
DMF के बारे में जानिए
DMF (जिला खनिज फाउंडेशन) एक ट्रस्ट है। इसका मुख्य उद्देश्य खनन गतिविधियों से प्रभावित क्षेत्रों और लोगों के विकास के लिए काम करना है, जैसे कि पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, और पर्यावरण संरक्षण। हर एक खनन पट्टा धारक केंद्र सरकार के निर्धारित दरों के अनुसार DMF को रॉयल्टी का एक अंश भुगतान करता है।
कोरबा
जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी के नेतृत्व में संगठन को मिल रही नई दिशा, भिलाई बाजार मंडल की कार्यसमिति बैठक संपन्न
भाजपा भिलाई बाजार मंडल की कार्यसमिति एवं मासिक बैठक संपन्न, बूथ सशक्तिकरण पर विशेष जोर
कोरबा। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश नेतृत्व के निर्देशानुसार एवं जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी के मार्गदर्शन में संगठन को बूथ स्तर तक सशक्त बनाने के उद्देश्य से भाजपा भिलाई बाजार मंडल द्वारा रलिया स्थित मंडल कार्यालय में मंडल कार्यसमिति एवं मासिक बैठक का सफल आयोजन किया गया। बैठक का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं वंदे मातरम् के साथ हुआ। मंडल अध्यक्ष दिनेश राठौर ने स्वागत उद्बोधन देते हुए उपस्थित पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं का अभिनंदन किया। बैठक में संगठनात्मक विषयों, बूथ सशक्तिकरण, संगठन विस्तार, आगामी कार्यक्रमों तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के संबंध में विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। साथ ही कार्यकर्ताओं से संगठन की नीतियों एवं कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया।

बूथ स्तर पर सक्रियता बढ़ाकर जनता से सतत संवाद बनाए रखें : अर्जुन गुप्ता
मंडल प्रभारी अर्जुन गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि भाजपा की वास्तविक शक्ति बूथ स्तर के कार्यकर्ता हैं। उन्होंने प्रत्येक बूथ पर संगठनात्मक सक्रियता बढ़ाने तथा जनता के बीच निरंतर संवाद एवं संपर्क बनाए रखने पर बल दिया। आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए कार्यकर्ताओं से पूर्ण समर्पण और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का आग्रह किया।
भाजपा कार्यकर्ता संगठन की शक्ति, जनता के बीच बढ़ाएं संपर्क : शैलेंद्र यादव
वहीं मंडल सह प्रभारी शैलेंद्र यादव ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए संगठन की विचारधारा, रीति-नीति एवं जनसेवा के कार्यों को घर-घर तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता राष्ट्रहित और समाजहित को सर्वोपरि मानते हुए संगठन को मजबूत बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाए।
कार्यकर्ताओं का समर्पण, परिश्रम और सक्रियता ही संगठन की सबसे बड़ी ताकत हैं – दिनेश राठौर
मंडल अध्यक्ष दिनेश राठौर ने कहा कि कि कार्यकर्ताओं का समर्पण, परिश्रम और सक्रियता ही संगठन की सबसे बड़ी ताकत हैं साथ ही उन्होंने संगठन हित में एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रत्येक कार्यकर्ता पार्टी की विचारधारा और उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाए।
विनोद कुमार यादव ने रखा राजनीतिक प्रस्ताव, कार्यकर्ताओं ने हाथ उठाकर किया समर्थन
मंडल प्रभारी अर्जुन गुप्ता एवं मंडल सह प्रभारी शैलेंद्र यादव के मार्गदर्शन में जिला पंचायत सदस्य तथा संचार एवं संकर्म समिति के सभापति विनोद कुमार यादव ने राजनीतिक प्रस्ताव प्रस्तुत किया। प्रस्ताव पर उपस्थित कार्यकर्ताओं ने सर्वसम्मति से हाथ उठाकर समर्थन व्यक्त किया और संगठन की नीतियों एवं आगामी कार्यक्रमों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
इनकी गरिमामय उपस्थिति में आयोजित हुई बैठक
बैठक में जिला मीडिया प्रभारी एवं मंडल प्रभारी अर्जुन गुप्ता, जिला सह मीडिया प्रभारी एवं सह मंडल प्रभारी शैलेंद्र यादव, जिला पंचायत सदस्य एवं संचार एवं संकर्म समिति के सभापति विनोद कुमार यादव, मंडल अध्यक्ष दिनेश राठौर, मंडल महामंत्री हेमंत तिवारी, प्रताप सिंह कंवर, जिला मीडिया सह प्रभारी संजय राठौर, जिला सोशल मीडिया सहसंयोजक नीरज ठाकुर, मंडल उपाध्यक्ष बेबी सिंह तंवर, रठलाल पाटले, अशोक राजवाड़े, मणिशंकर पाटले, रविन्द्र राठौर (सचिन), रमेश यादव, देशु पटेल, प्रवीण कुर्रे, गिरजा बिझबार, मनाराम दियार, जितेंद्र राठौर, समयलाल पाटले, शिवरतन राठौर, अर्जुन लाल राठौर, गोपाल विंध्यराज, मीरा जायसवाल, राजकुंवर, शगुनबाई, नौनीबाई, सनबाई, शांति दास, अमीतदास, पप्पू राठौर, राजेन्द्र कुमार, अमीत दास, चैतु यादव, सजन कुमार, नरोत्तम राजवाड़े, लक्ष्मी नारायण, विवेक राजवाड़े, लंबोदर कश्यप, प्रेम सागर व दिलहरण विश्वकर्मा सहित मंडल पदाधिकारी, विभिन्न मोर्चों के अध्यक्ष एवं पदाधिकारी, शक्ति केंद्र संयोजक, बूथ अध्यक्ष तथा बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे। बैठक के दौरान संगठन विस्तार, आगामी गतिविधियों की रूपरेखा एवं बूथ स्तर तक संगठन को और अधिक मजबूत बनाने की रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया गया।
संगठनात्मक बैठक का सफल संचालन हेमंत तिवारी ने किया, प्रताप सिंह कंवर ने जताया आभार
कार्यक्रम के अंत में मंडल महामंत्री प्रताप सिंह कंवर ने सभी अतिथियों एवं कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया, जबकि बैठक का सफल संचालन मंडल महामंत्री मिलाप ने किया। उत्साहपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई इस बैठक में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने संगठन को और अधिक मजबूत बनाने तथा भाजपा की विचारधारा एवं जनकल्याणकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
कोरबा
SECL की खदानों में ठेका श्रमिकों का बड़ा शोषण, राष्ट्रीय कालरी वर्कर्स फेडरेशन ने मुख्य श्रम आयुक्त से की शिकायत
व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्यदशा संहिता (OSHW Code) 2020 की धारा 57 का खुला उल्लंघन, मुख्य गतिविधियों (Core Activities) में ठेका श्रमिकों की अवैध तैनाती का आरोप
30 वर्षों तक के लंबे ठेके देकर कानून से धोखाधड़ी, RCWF ने की सभी पीड़ित श्रमिकों को नियमित (Regularize) करने की मांग
कोरबा। राष्ट्रीय कालरी वर्कर्स फेडरेशन (RCWF) ने कोल इंडिया लिमिटेड की सहायक कंपनी साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) और उसके अधीन काम करने वाले दर्जनों निजी ठेकेदारों के खिलाफ एक बड़ा मोर्चा खोल दिया है। फेडरेशन ने मुख्य श्रम आयुक्त केंद्रीय भारत सरकार के समक्ष एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराकर SECL की विभिन्न भूमिगत (Underground) और खुली (Opencast) खदानों में चल रहे गंभीर श्रम उल्लंघनों और श्रमिकों के शोषण को उजागर किया है ।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि SECL प्रबंधन और निजी ठेकेदार केंद्र सरकार के व्यवसायिक सुरक्षा स्वास्थ्य और कार्यदशा संहिता 2020 (OSHW Code 2020) तथा मजदूरी संहिता (Code on Wages) 2019 की धज्जियां उड़ा रहे हैं ।

मुख्य आरोप और कानून का उल्लंघन
मुख्य गतिविधियों (Core Activities) में अवैध तैनाती:- OSHW कोड 2020 की धारा 57 के तहत किसी भी प्रतिष्ठान के मुख्य कार्यों में ठेका श्रमिकों को रखना सख्त प्रतिबंधित है इसके बावजूद SECL द्वारा कोयला निष्कर्षण कोयला काटना लोडिंग छत को सहारा देना (Roof support) और भारी अर्थ-मूविंग मशीनरी चलाने जैसे अत्यधिक जोखिम भरे और मुख्य कार्यों में बड़े पैमाने पर ठेका श्रमिक लगाए जा रहे हैं ।
०२. 30 साल तक के लंबे और संदेहास्पद अनुबंध:- टेक्नो ब्लास्ट माइनिंग जॉय माइनिंग चेन्नई राधा इंजीनियरिंग वर्क्स (CREW), सिनचैती नीलकंठ इन्फ्रा सहित कई कंपनियों को 6 से लेकर 30 वर्षों तक के दीर्घकालिक ठेके दिए गए हैं RCWF का कहना है कि इतने लंबे समय के अनुबंध यह साबित करते हैं कि यह कार्य स्थायी (Permanent & Perennial) प्रकृति का है जिसे छुपाने के लिए कानून के साथ धोखाधड़ी (Sham Contract) की जा रही है ।
०३. नियुक्ति पत्र से वंचित और कम मजदूरी:- OSHW कोड की धारा 6 का उल्लंघन करते हुए हजारों श्रमिकों को कोई नियुक्ति पत्र (Appointment Letter) नहीं दिया गया है जिससे उनका रोजगार असुरक्षित है साथ ही धारा 8 और वेज कोड 2019 का उल्लंघन कर नियमित कर्मचारियों के मुकाबले इन ठेका श्रमिकों को बेहद कम मजदूरी दी जा रही है ।
सभी श्रमिकों को सीधे परमानेंट (नियमित) करने की मांग
माननीय सर्वोच्च न्यायालय के स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) बनाम नेशनल यूनियन वॉटरफ्रंट वर्कर्स (2001) के ऐतिहासिक फैसले का हवाला देते हुए RCWF के नेता भागवत प्रसाद दुबे ने स्पष्ट किया है कि जहां कानून का उल्लंघन करके मुख्य गतिविधियों में ठेका श्रमिक लगाए जाते हैं वहां वह अनुबंध कानूनी रूप से शून्य (Nullity) माना जाता है ऐसे में ये सभी श्रमिक स्वतः ही मुख्य नियोक्ता (SECL) के सीधे कर्मचारी माने जाते हैं हमारी मांग है कि इन सभी श्रमिकों को उनकी प्रारंभिक नियुक्ति की तारीख से वेतन संरक्षण वरिष्ठता पीएफ ग्रेच्युटी और चिकित्सा लाभ के साथ SECL का नियमित कर्मचारी बनाया जाए ।
मुख्य श्रम आयुक्त से की गई मांग
SECL खदानों की मुख्य गतिविधियों में चल रहे ठेका श्रम की तुरंत गहन जांच और निरीक्षण कराया जाए OSHW कोड की धारा 104 के तहत दोषी SECL प्रबंधन और ठेकेदारों के खिलाफ 2 साल तक की कैद और रू. 5 लाख तक के जुर्माने की दंडात्मक कार्रवाई शुरू की जाए समान कार्य के लिए समान वेतन के सिद्धांत पर ठेका श्रमिकों को नियमित कर्मचारियों के बराबर मजदूरी और पुराने बकाए (Arrears) का भुगतान सुनिश्चित किया जाए मुख्य गतिविधियों के लिए चल रहे मौजूदा ठेकों के नवीनीकरण और नए टेंडरों पर तुरंत रोक लगाई जाए ।
इस शिकायत की प्रतियां केंद्रीय श्रम सचिव भारत सरकार, अध्यक्ष कोल इंडिया लिमिटेड, सीएमडी SECL बिलासपुर, आर.एल.सी. बिलासपुर और डी.जी.एम.एस. धनबाद को भी आवश्यक एवं त्वरित कार्रवाई हेतु प्रेषित की गई हैं फेडरेशन ने चेतावनी दी है कि यदि इस गंभीर शोषण पर तुरंत लगाम नहीं लगाई गई तो श्रमिक हितों की रक्षा के लिए आंदोलन को और उग्र किया जाएगा ।
छत्तीसगढ़
बृजमोहन बोले- रेंजर को नोटिस भेजो, सस्पेंड करो:सुशासन तिहार में गायब रहने पर भड़के सांसद, कॉलेज बाउंड्री वॉल विवाद पर नाराजगी जताई
रायपुर, एजेंसी। रायपुर के गोबरा नवापारा में आयोजित सुशासन ‘तिहार शिविर’ में शिकायत मिलने पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने रेंजर को सस्पेंड करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रेंजर यहां क्यों नहीं है, शोकॉज नोटिस जारी करो और उसे सस्पेंड करो।
मामला कुलेश्वर महादेव शासकीय महाविद्यालय की बाउंड्री वॉल निर्माण में वन विभाग की आपत्ति और रेंजर की गैरमौजूदगी से जुड़ा था। शिविर के दौरान जब यह मामला सामने आया तो सांसद ने नाराजगी जताई।
उन्होंने कहा कि जब शिविर में जनता की समस्याएं सुनने के लिए सभी विभागों के अधिकारियों को मौजूद रहना है, जिम्मेदार अधिकारी का अनुपस्थित रहना लापरवाही है। इसके बाद उन्होंने जिला प्रशासन को संबंधित रेंजर के खिलाफ सस्पेंशन के निर्देश दिए।

शिविर में अलग-अलग विभागों से जुड़े आवेदन भी सामने आए। इस दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि शिविर में मिले आवेदनों का निराकरण 7 दिनों के भीतर किया जाए। उन्होंने कहा कि तय समय में काम पूरा नहीं होने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

सुशासन तिहार कार्यक्रम के मंच से सांसद ने रेंजर पर एक्शन लेने की बात कही।
स्कूल जमीन के मामले में अधिकारियों को बुलाया
शिविर में हरिहर हाई स्कूल की जमीन पर अतिक्रमण और नवापारा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की आरक्षित भूमि से जुड़ा मामला भी उठा।
इसके बाद पटवारी, आरआई और तहसीलदार को मंच पर बुलाया गया। अधिकारियों को जमीन संबंधी लंबित मामलों का जल्द निराकरण करने के निर्देश दिए गए।

सुशासन तिहार में आए आवेदनों के निराकरण के लिए 7 दिनों की डेडलाइन अधिकारियों को दी गई है।
विकास कार्यों की भी घोषणा
कार्यक्रम के दौरान नवापारा नगर पालिका के नए भवन के लिए 2 करोड़ रुपए, शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला में एक्स्ट्रा क्लास बनाने के लिए 10 लाख रुपए और महावीर बजरंग अखाड़ा के लिए 5 लाख रुपए देने की घोषणा की गई।

बृजमोहन अग्रवाल पहले भी सुशासन तिहार में अधिकारियों पर नाराजगी जता चुके हैं।
पहले भी सुशासन तिहार में अधिकारियों को लगा चुके हैं फटकार
गोबरा नवापारा में रेंजर को सस्पेंड करने के निर्देश का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी सुशासन तिहार के दौरान अलग-अलग जगहों पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल अधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी जता चुके हैं।
अवैध शराब बिक्री पर पुलिस और आबकारी अधिकारियों को लगाई फटकार
18 मई को रायपुर नगर निगम के जोन-5 स्थित अश्विनी नगर में आयोजित सुशासन तिहार शिविर में अवैध शराब बिक्री का मुद्दा उठा था। स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में खुलेआम शराब बिकने की शिकायत की थी। शिकायत सुनने के बाद सांसद मंच से ही पुलिस और आबकारी विभाग के अधिकारियों पर भड़क गए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा था कि अवैध शराब बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा, “कोई बड़े से बड़ा आदमी हो, उसको उठाकर बंद करो। कार्रवाई क्यों नहीं करते?”
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब आम लोगों को पता है कि शराब कहां बिक रही है, तो संबंधित विभागों को इसकी जानकारी क्यों नहीं है।
इस दौरान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में सांसद अधिकारियों से जवाब मांगते नजर आए थे। उन्होंने क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री रोकने के लिए तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।

समोदा में आयोजित कार्यक्रम में तहसीलदार को फटकार लगाई थी।
समोदा में नायब तहसीलदार को मंच पर बुलाकर लगाई फटकार
इसके बाद आरंग विधानसभा क्षेत्र के नगर पंचायत समोदा में आयोजित सुशासन तिहार शिविर में राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर शिकायतें सामने आई थीं।
ग्रामीणों ने नामांतरण, सीमांकन और बंटवारे जैसे मामलों के लंबे समय से लंबित रहने की शिकायत की थी। कई ग्रामीणों ने काम कराने के बदले पैसे मांगने के आरोप भी लगाए थे।
शिकायतें सामने आने के बाद सांसद ने नायब तहसीलदार गजानंद सिदार को मंच पर बुलाया। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा शिकायतें उनके खिलाफ मिली हैं। मंच से ही उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि आखिर राजस्व मामलों का निराकरण समय पर क्यों नहीं हो रहा है।
कार्यक्रम के दौरान सांसद और नायब तहसीलदार के बीच हुई बातचीत का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में सांसद कथित रिश्वतखोरी और लंबित मामलों को लेकर नाराजगी जताते दिखाई दिए थे।
वहीं ग्रामीणों ने भी तहसील कार्यालय में कामकाज को लेकर अपनी शिकायतें सार्वजनिक रूप से रखी थीं।
इन दोनों घटनाओं के बाद अब गोबरा नवापारा में रेंजर को सस्पेंड करने के निर्देश का मामला सामने आया है। लगातार तीसरी बार सुशासन तिहार के मंच से अधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर कार्रवाई और फटकार की स्थिति बनी है।
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