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छत्तीसगढ़

पाकिस्तान से छत्तीसगढ़ तक फैला ड्रग्स का नेटवर्क:पंजाब से रायपुर पहुंची 1 करोड़ की हेरोइन, कमल विहार था सप्लाई-हब, यहीं से कोने-कोने में डिलीवरी

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रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ की रायपुर पुलिस ने इंटरनेशनल ड्रग्स तस्करी के नेटवर्क को बेनकाब किया है। टिकरापारा पुलिस और ACCU की टीम ने छापेमारी कर 9 ड्रग्स तस्करों को पकड़ा है। इनके पास से 412 ग्राम 87 मिलीग्राम हेरोइन की जब्ती की है, जिसकी कीमत 1 करोड़ रुपए है।

इंटरनेशनल ड्रग्स तस्कर पाकिस्तान से पंजाब हेरोइन लाते थे। इसकी अलग-अलग राज्यों में डिलीवरी होती थी। इसमें छत्तीसगढ़ का रायपुर भी शामिल है। रायपुर के कमल बिहार में ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क का हब बनाया था। यहीं से छत्तीसगढ़ के कोने-कोने में सप्लाई होती थी।

कुछ दिनों पहले रायपुर में एक युवती के ड्रग्स चाटने का VIDEO वायरल हुआ था, जिसे लेकर दैनिक भास्कर डिजिटल की टीम ने एक इनवेस्टिीगेशन रिपोर्ट पब्लिश की थी, जिसमें ड्रग्स कोडवर्ड और सप्लाई के ठिकानों का जिक्र किया था। इन्हीं ठिकानों में से एक पर पुलिस ने रेड की। पंजाब का लवजीत सिंग मेन सप्लायर है, जबकि सुवित श्रीवास्तव स्थानीय सरगना।

जानिए कैसे खुला ड्रग्स तस्करी का राज ?

दरअसल, पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा और SSP डॉ. लाल उमेद सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी। महीनों की निगरानी, बैंक ट्रेसिंग और टेक्निकल सर्विलांस के बाद 3 अगस्त को रायपुर पुलिस की स्पेशल टीम ने कमल विहार के फ्लैट में दबिश दी।

इस दौरान कमल विहार से लवजीत सिंह, सुवित श्रीवास्तव और अश्वनी चंद्रवंशी पकड़े गए। मौके पर ही 412.87 ग्राम हेरोइन, मोबाइल फोन, कार, ड्रग पैकेजिंग सामग्री और लेन-देन के दस्तावेज बरामद हुए।पूछताछ के बाद रायपुर में सक्रिय स्थानीय डिस्ट्रीब्यूटर्स और सप्लायर्स की गिरफ्तारी की गई।

पुलिस ने नेटवर्क से जुड़े लक्ष्य परिफल राघव उर्फ लव, अनिकेत मालाधरे, मनोज सेठ, मुकेश सिंह, जुनैद खान उर्फ सैफ चिला, और राजविंदर सिंह उर्फ राजू को पकड़ा। ड्रग्स सिंडिकेट में हर आरोपी का रोल पहले से तय था।

इन आरोपियों में कोई पैकेजिंग करता, कोई डिलीवरी, कोई अकाउंट मैनेज करता तो कोई ग्राहक खोजता था। सिंडिकेट ने हर किसी के अलग-अलग रोल तय किए थे, ताकि नशे के कारोबार को अच्छे से ऑपरेट कर सकें।

रायपुर पुलिस ने हेरोइन तस्करी केस को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी।

रायपुर पुलिस ने हेरोइन तस्करी केस को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी।

अब विस्तार से जानिए ड्रग्स नेटवर्क की पूरी कहानी…

दरअसल, इंटरनेशनल ड्रग्स नेटवर्क की कमान पंजाब के गुरदासपुर निवासी लवजीत सिंह उर्फ बंटी के हाथ में थी। शुरुआती इनपुट के अनुसार, लवजीत पाकिस्तान के तस्करों से सीमा पार से ड्रग्स मंगवाता था।माल अवैध तरीके से अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करवाया जाता था।

इंटरनेशल बॉर्डर से पंजाब के सीमावर्ती जिलों में ड्रग्स को छिपाया जाता था। पंजाब में ही लवजीत का प्रमुख बेस था, यहीं से वह ड्रग्स की ‘थोक सप्लाई’ भारत के अन्य राज्यों में करता था। इसमें से एक छत्तीसगढ़ का नाम भी है।

कम्युनिकेशन के लिए वर्चुअल नेटवर्क, विदेशी नंबर, नेट कॉलिंग और वीडियो शेयरिंग

जांच एजेंसियों को चकमा देने के लिए आरोपी नेट कॉलिंग का इस्तेमाल करते थे, जिसमें अंतरराष्ट्रीय वर्चुअल नंबर उपयोग किए जाते। वॉट्सऐप, टेलीग्राम जैसे ऐप्स पर वीडियो कॉल, लाइव लोकेशन और फोटो शेयर कर ग्राहकों को सामान की डिलीवरी कन्फर्म की जाती थी।

इससे न केवल एजेंसियों की निगरानी से बचा जाता, बल्कि पहचान छिपाकर तेजी से नेटवर्क बढ़ाया जा रहा था। भारत के अलग-अलग राज्यों में भी सप्लाई की बात सामने आ रही है।

इंटरनेशनल ड्रग्स तस्करी केस में पुलिस ने इन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

इंटरनेशनल ड्रग्स तस्करी केस में पुलिस ने इन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

रायपुर में ‘सप्लाई हब’, कमल विहार था ठिकाना

पंजाब से आने के बाद हेरोइन को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कमल विहार सेक्टर-4 स्थित एक फ्लैट में स्टोर किया जाता था। इस घर का मालिक और स्थानीय सरगना सुवित श्रीवास्तव था, जो न केवल लवजीत से माल रिसीव करता था, बल्कि आगे सप्लाई के लिए स्थानीय नेटवर्क तैयार कर चुका था।

यह स्पॉट इस नेटवर्क का मेन लॉजिस्टिक हब बन गया था, जहां माल पहुंचने के बाद छिपाकर अलग-अलग थोक डीलरों और पेडलर्स तक भेजा जाता था। इसके लिए यहां हर किसी का काम फिक्स था, किसे कौन सा काम करना है।

ट्रांजेक्शन सिस्टम, म्यूल एकाउंट्स और कैश फ्लो का ट्रैप

पुलिस के मुताबिक पैसों के लेन-देन के लिए गिरोह ने म्यूल एकाउंट्स बनाए थे। ऐसे बैंक अकाउंट जिनका उपयोग केवल ट्रांजेक्शन के लिए किया जाता है। शुरुआती जांच में करोड़ों रुपए के लेन-देन के डिजिटल सबूत मिले हैं।

इसके साथ ही क्रिप्टोकरेंसी, UPI और नकद माध्यमों से भी भुगतान होने की भी बात कही जा रही है। इन खातों का संचालन रायपुर से बाहर बैठे सदस्य कर रहे थे, ताकि ट्रैकिंग मुश्किल हो जाए। इससे नशे का कारोबार चलता रहे और आरोपी पकड़े न जाएं।

ये तस्वीर हेरोइन की है, जिसको पुड़िया में पैककर अलग-अलग इलाकों में सप्लाई की जाती थी। (फाइल फोटो)

ये तस्वीर हेरोइन की है, जिसको पुड़िया में पैककर अलग-अलग इलाकों में सप्लाई की जाती थी। (फाइल फोटो)

NDPS एक्ट के तहत FIR, और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं

थाना टिकरापारा में धारा 21(सी), 29 NDPS एक्ट के तहत FIR दर्ज की गई है। पूछताछ में लवजीत ने माना कि वह पाकिस्तान से सीधे माल प्राप्त करता था। पुलिस को विदेशी नंबरों के रिकॉर्ड, बैंक स्टेटमेंट्स और चैट डिटेल्स भी मिले हैं। इसके साथ ही गिरोह के छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और पंजाब में समानांतर नेटवर्क चलाने की जानकारी मिली है।

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कोरबा

सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों को लेकर कलेक्टर ने प्राचार्यों की बैठक लेकर दिए आवश्यक निर्देश

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17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक जिले में होंगे विभिन्न आयोजन, विद्यालय स्तर से जिला स्तर तक होंगी चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिताएं
अक्टूबर माह से विद्यार्थियों के लिए जिले में शुरू होगी विशेष जेईई एवं नीट कोचिंग
कलेक्टर ने विकासखंडवार विद्यालयों में अधोसंरचना की भी की विस्तृत समीक्षा
कोरबा । कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिले के समस्त शासकीय एवं अशासकीय हाईस्कूल तथा हायर सेकेंडरी विद्यालयों के प्राचार्यों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ की तैयारियों, गतिविधियों एवं शासन के निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर श्री दुदावत ने सभी प्राचार्यों को अभियान के उद्देश्यों के अनुरूप विद्यालय स्तर पर निर्धारित गतिविधियों का सुव्यवस्थित एवं समयबद्ध आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में बताया गया कि सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिले के सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा पहली से बारहवीं तक के विद्यार्थियों को विभिन्न रचनात्मक एवं अभिव्यक्तिमूलक गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। इसके तहत विद्यार्थियों की प्रतिभा, रचनात्मक सोच और सामाजिक सरोकारों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।
विद्यालय स्तर पर कक्षा पहली से बारहवीं तक के विद्यार्थियों के लिए चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। प्रतियोगिता के उपरांत विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई श्रेष्ठ चित्रकलाओं की प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी, ताकि बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा को व्यापक मंच मिल सके। इसी क्रम में कक्षा पहली से बारहवीं तक के विद्यार्थियों के लिए भाषण प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाएगा। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने विचारों, कल्पनाओं एवं अभिव्यक्ति की क्षमता को सामने रखने का अवसर मिलेगा।
बैठक में प्रतियोगिताओं के द्वितीय चरण में विकासखंड स्तर पर आयोजित होने वाली गतिविधियों की भी जानकारी दी गई। विद्यालय स्तर पर चयनित विद्यार्थियों को विकासखंड स्तर की प्रतियोगिताओं में शामिल किया जाएगा। कक्षा पहली से आठवीं तक के चयनित विद्यार्थियों के लिए 28 सितंबर 2026 को चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। वहीं कक्षा नौवीं से बारहवीं तक के चयनित छात्र-छात्राओं के लिए 1 अक्टूबर 2026 को विकासखंड स्तर पर चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा।
इसके पश्चात तृतीय चरण में जिला स्तर पर प्रतियोगिताओं का आयोजन 3 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा। विकासखंड स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थी जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे। कलेक्टर श्री दुदावत ने प्रतियोगिताओं के आयोजन में पारदर्शिता, विद्यार्थियों की अधिकतम सहभागिता तथा निर्धारित समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।
बैठक में 17 सितंबर 2026 को सभी विद्यालयों में ‘आशीर्वाद का दीप’ जलाए जाने के संबंध में भी आवश्यक जानकारी दी गई। अभियान की शुरुआत के अवसर पर सभी विद्यालयों में निर्धारित कार्यक्रमों के अनुरूप सहभागिता सुनिश्चित करने तथा विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को अभियान की भावना से जोड़ने के निर्देश दिए गए।
जेईई एवं नीट की तैयारी के लिए विद्यार्थियों को मिलेगा विशेष मार्गदर्शन
बैठक में चालू शैक्षणिक सत्र में जिले के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी का अवसर उपलब्ध कराने के संबंध में भी विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने बताया कि अक्टूबर माह से जिले में जेईई एवं नीट की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए विशेष कोचिंग की व्यवस्था की जाएगी। इसका उद्देश्य जिले के प्रतिभावान विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन उपलब्ध कराकर उन्हें राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर ढंग से तैयार करना है।
उन्होंने प्राचार्यों से कहा कि अपने-अपने विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों में से जेईई एवं नीट की तैयारी के इच्छुक तथा प्रतिभावान विद्यार्थियों की पहचान कर उन्हें इस विशेष कोचिंग से जोड़ने के लिए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें। विद्यार्थियों को उचित मार्गदर्शन, अध्ययन सामग्री और नियमित अभ्यास के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया।
विद्यालयों की अधोसंरचना की भी हुई विकासखंडवार समीक्षा
बैठक के अंत में जिले के हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों में उपलब्ध भौतिक अधोसंरचना एवं मूलभूत सुविधाओं की विकासखंडवार विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री दुदावत ने प्राचार्यों से विद्यालयों में भवन, कक्ष-कक्ष, पेयजल, शौचालय, विद्युत व्यवस्था, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, खेल मैदान सहित विद्यार्थियों के लिए आवश्यक अन्य सुविधाओं की स्थिति की जानकारी ली।
उन्होंने विद्यालयों में अधोसंरचना से संबंधित आवश्यकताओं एवं समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हांकित कर उनके निराकरण के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए विद्यालयों में आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता और उनका समुचित उपयोग सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।
कलेक्टर श्री दुदावत ने सभी प्राचार्यों को निर्देशित किया कि सेवा संकल्प अभियान को केवल निर्धारित कार्यक्रमों तक सीमित न रखते हुए विद्यार्थियों की प्रतिभा, रचनात्मकता, आत्मविश्वास और सामाजिक चेतना को विकसित करने के अवसर के रूप में लिया जाए। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं प्राचार्यों से आपसी समन्वय के साथ अभियान की गतिविधियों को सफल बनाने तथा जिले के अधिक से अधिक विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित करने की अपेक्षा की।
बैठक में शिक्षा विभाग के संबंधित अधिकारी एवं जिले के शासकीय एवं अशासकीय हाईस्कूल तथा हायर सेकेंडरी विद्यालयों के प्राचार्य उपस्थित रहे।

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कोरबा

आबकारी ने 61 आपराधिक मामलों में जप्त की 178.870 लीटर अवैध शराब और 325 किलो लाहन

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कोरबा । कलेक्टर कुणाल दुदावत ने अवैध शराब पर सघन एवं सख्त कार्यवाही करने आबकारी विभाग को निर्देशित किया है। सहायक आयुक्त आबकारी, रविशंकर यादव ने जिले में पदस्थ अमले को लगातार कार्यवाही कर अधिकाधिक मात्रा में अवैध शराब जप्त करने टीम का गठन किया है।
दिनांक 01.09.2026 से 10.09.2026 तक में 61 आपराधिक प्रकरण जिले में दर्ज किये गये है जिसमें लगभग 178.870 लीटर अवैध शराब और 325 किलो शराब बनाने का लाहन छापामार कर जप्त किया गया है। 11 आरोपियों के विरूद्ध धारा 34(2) के तहत् अजमानतीय अपराध दर्ज कर न्यायालय से न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया है। इन आपराधिक प्रकरणों में शराब का बाजार मूल्य लगभग चालीस हजार रूपये आंका गया है।
नगाई थाना पाली, लाफा थाना पाली एवं अंडीकछार थाना हरदीबाजार मे संतराम पिता नेतराम, शिव शंकर पिता चमरू गोस्वमी, संतोष गोस्वमी पिता शिवशंकर, मनोहर अगरिया पिता महेश एवं रामू जांगडे पिता स्व. बैसाखू जांगडे के द्वारा भारी मात्रा में अवैध शराब बिक्री की सूचना पर उपनिरीक्षक श्रीमती दीपमाला लक्षवानी ने टीम के साथ दबिष दी मौके पर क्रमशः 8, 12.2, 11.5, 10.2 एवं 41 ली. में कुल 82.9 लीटर महुआ शराब एवं 285 कि.ग्रा. महुआ लाहन बरामद कर जप्त किया गया। उक्त आरोपियों को न्यायालय कटघोरा से रिमाण्ड पर कोरबा जेल भेजा गया।
सुतर्रा थाना कटघोरा, मानपुर थाना कटघोरा एवं कुदरीखार थाना उरगा कुछ ग्रामिणों द्वारा शराब बेचे जाने की आबकारी उपनिरीक्षक सुकांत पाण्डेय अपने दल के साथ उक्त ग्राम में छद्म क्रेता से खरीदी करने पर उक्त आरोपियों के रहवासी क्षेत्र से 14, 8.7 एवं 22 ली. में कुल 44.700 लीटर शराब बरामद होने पर गिरफ्तार कर न्यायालय कटघोरा से रिमाण्ड पर जेल भेजा गया।
बांधपारा जुनवानी क्षेत्र में अवैध शराब बनाकर बिक्री की सूचना पर आबकारी टीम की कार्यवाही में शशी प्रसाद पिता रतन सिंह और जयराम पिता स्व. घासीराम को 15.5 और 6.5 लीटर अवैध शराब बिक्री करते हुए रंगे हाथो पकड़ा गया। उपनिरीक्षक नारायण सिंह कंवर ने आरोपियों को कोरबा न्यायालय से अभिरक्षा में जेल दाखिल किया है।
भैसमाखार थाना कुसमुण्डा एवं रलिया थाना हरदीबाजार के पास धनकुंवर पति दिलेश्वर एवं परदेशी राम पिता मंगलसिंह को 15.5 और 8.5 लीटर अवैध शराब बिक्री करते हुए रंगे हाथो पकड़ा गया। उपनिरीक्षक श्रीमती जया मेहर ने आरोपियों को कटघोरा न्यायालय से अभिरक्षा में जेल दाखिल किया है।
उल्लेखनिय है कि छत्तीसगढ़ में 5 लीटर से अधिक मात्रा में अवैध शराब धारण, निर्माण, बिक्री या परिवहन दण्डनीय और अजमानतीय अपराध है, इसमें आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है। न्यायिक अभिरक्षा में जेल दाखिल कर विवेचना उपरान्त प्रकरण का अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है। इसमें एक वर्ष से तीन वर्ष तक का कारावास और पच्चीस हजार रूपये से एक लाख रूपये तक के जुर्माने के दण्ड का प्रावधान है। आरोपी के दूसरी बार दोषसिद्ध पाये जाने पर कारावास की अवधि दो वर्ष से पांच वर्ष और जुर्माना पचास हजार से दो लाख रूपये तक लिए जाने का प्रावधान है।

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कोरबा

मातृ मृत्यु को रोकने प्रसव में सभी स्टैण्डर्ड प्रोटोकॉल का पालन किया जावे

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कोरबा। जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में जिले में हुई मातृ मृत्यु की समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया इस बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जिला आरसीएच नोडल,जीएमसी, कटघोरा एवं करतला  से स्त्री रोग विशेषज्ञ, विकासखण्ड करतला, कटघोरा, कोरबा तथा पोड़ी उपरोड़ा के खण्ड चिकित्सा अधिकारी, विकासखण्ड कार्यक्रम प्रबंधक, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र कोरकोमा, कुदमुरा, कोरकोमा के सेक्टर मेडिकल ऑफिसर, स्टाफ नर्स, सीएचओ, आर.एच.ओ.तथा मितानिने उपस्थित थी।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के द्वारा जिले में हुए मातृ मृत्यु के संबंध में विस्तार से जानकारी दिया गया। सीईओ जिला पचायत कोरबा के द्वारा विस्तृत समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि सभी गर्भवती महिलाओं का प्रथम तिमाही में शतप्रतिशत पंजीयन, शतप्रतिशत सभी जांच, उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान तथा प्रबंधन, 4 था जॉंच सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र या मेडिकल कॉलेज में कराया जाना है।  यदि कोई गर्भवती महिला  का हीमोग्लोबिन 11 एमजी से कम है तो उन्हे प्रत्येक जांच में आयरन फोलिक एसिड, कैल्सियम, विटामिन सी तथा आयरन सुक्रोज का आईवी डॉ कि देखरेख में  जरूर दिलवाना है साथ ही महिला की विडियो रिकार्डिग करके रखना है कि उसे प्रत्येक जांच में आयरन सुक्रोज का इंजेक्शन लगाया गया है। सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में आईएफए,कैल्सियम, आयरन सुक्रोज का इंजेक्शन की प्रयाप्त मात्रा में उपलब्धता सुनिश्चित किया जावे। सभी गर्भवती महिलाओं का  शतप्रतिशत संस्थागत प्रसव कराना है  प्रसव के लिए स्टैडर्ड प्रोटोकॉल का पालन किया जाना है। मरीज की स्थिती को देखते हुए बिना विलंब किये अगर रेफर करना पड़े तो सभी वाइटल्स (मॉं का ब्लड प्रेशर, पल्स तापमान ओर हीमोग्लोबिन का स्तर) मॉनिटरिंग, गर्भस्थ शिशु की दिल की धड़कन ओर गर्भाशय की पोजीशन जांच करके रेफरल स्लीप में लिखकर पूर्व के सभी जांच की फाईल साथ भेजना है। साथ ही जहॉं रेफर किया जा रहा है वहॉं सूचना दिया जावे। जो  रेफर होकर महिला आई है उस संस्था में उसे विशेष देखभाल में रखा जावे। स्वास्थ्य केन्द्र में प्रसव में आने वाली महिला का पार्टाेग्राफ भरा जाए। प्रसव के पश्चात 48 घंटे हॉस्पीटल में आब्जरवेशन में रखा जावे। जिन महिलाओं/उच्च जोखिम वाली का गर्भवती प्रसव ऑपरेशन से किया जाना हो  सामु.स्वास्थ्य केन्द्र या मेडिकल कॉलेज में पूर्व से ही ब्लड की उपलब्धता सुनिश्चित किया जाना है। जिन गर्भवती महिलाओं का प्रसव की अनुमानित तिथि पार हो जावे उन महिलाओ का एएनएम एवं मितानिन द्वारा डेली फॉलोअप करना है तथा उच्च जोखिम वाली महिला को भर्ती करके फॉलोअप किया जावे। सभी विकासखण्ड के स्टाफ मितानिनों को गर्भवती महिला का प्राथमिक चेकअप तथा एचआरपी की जानकारी देगे स्त्रीरोग विशेषज्ञ। मातृ मृत्यु केसों की प्रक्रिया में शामिल सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस दिया जाना है।

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