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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी का विरोध:रिहाई को लेकर राज्यपाल के पास पहुंचा नागरिक समाज प्रतिनिधिमंडल, आदिवासी समाज ने भी किया प्रदर्शन

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रायपुर,एजेंसी। लद्दाख के प्रख्यात जलवायु कार्यकर्ता और शिक्षाविद् सोनम वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत गिरफ्तार किया गया है। वे जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद है। सोनम वांगचुक की रिहाई को लेकर लद्दाख में प्रदर्शन जारी है।

इसी बीच छत्तीसगढ़ में सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी का विरोध हो रहा है। राजनांदगांव में आदिवासी समाज ने प्रदर्शन किया। वहीं, रायपुर में सोनम की रिहाई को लेकर नागरिक समाज प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल रमन डेका को ज्ञापन सौंपा है।

राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने के साथ प्रतिनिधिमंडल ने गांधी मूर्ति स्थल, टाउन हॉल के पास रविवार (5 अक्टूबर) को शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जताते हुए प्रदर्शन किया है।

सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी पर प्रदर्शन करते हुए नागरिक समाज प्रतिनिधिमंडल के सदस्य।

सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी पर प्रदर्शन करते हुए नागरिक समाज प्रतिनिधिमंडल के सदस्य।

केंद्र सरकार पर मांग को अनसुना करने का लगाया आरोप

राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने वांगचुक की रिहाई की मांग की है। इस दौरान नागरिक समाज के सदस्यों ने कहा कि लद्दाख के लोगों की न्यायोचित मांगों को केंद्र सरकार लगातार अनसुना कर रही है। उनके लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकारों को कुचला जा रहा है।

वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि यह सिर्फ लद्दाख की नहीं, बल्कि पूरे देश के लोकतंत्र की परीक्षा है। नागरिक समाज ने महामहिम राज्यपाल से इस मुद्दे में हस्तक्षेप करने की अपील की है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अगर सरकार ने जल्द कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।

राजनांदगांव में आदिवासी समाज ने किया विरोध

राजनांदगांव में सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी के विरोध में आदिवासी समाज ने शनिवार (4 अक्टूबर) को प्रदर्शन किया। सैकड़ों की संख्या में आदिवासी कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने सोनम वांगचुक को “देशद्रोही” बताए जाने और जेल भेजने को शर्मनाक बताया।

समाज के सदस्यों ने कहा कि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक, जिन्होंने देश के लिए टैंक बनाने में योगदान दिया है, उन्हें लद्दाख में संवैधानिक अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण आंदोलन करने के बाद गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।

वे लद्दाख की पहचान, पर्यावरण और जनसंख्या के अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन कर रहे थे। उनका 15 दिन का शांतिपूर्ण अनशन भी चर्चा में रहा था, जिसे उन्होंने स्वेच्छा से समाप्त किया था।

सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी के विरोध में राजनांदगांव में आदिवासी समाज एकजुट हुए।

सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी के विरोध में राजनांदगांव में आदिवासी समाज एकजुट हुए।

लेह हिंसा और एनएसए के तहत गिरफ्तारी

26 सितंबर 2025 को लेह में राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची की मांग को लेकर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुआ था। इस दौरान हुई झड़पों में चार लोगों की मौत हो गई और 90 से ज्यादा लोग घायल हुए।

घटना के बाद प्रशासन ने पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत में ले लिया और उन्हें राजस्थान की जोधपुर सेंट्रल जेल भेज दिया।

राजस्थान की जोधपुर सेंट्रल जेल भेजे गए सोनम वांगचुक।

राजस्थान की जोधपुर सेंट्रल जेल भेजे गए सोनम वांगचुक।

युवाओं को भड़काने का आरोप

एनएसए के तहत किसी व्यक्ति को बिना मुकदमा चलाए 12 महीने तक हिरासत में रखा जा सकता है, यदि यह माना जाए कि उसकी गतिविधियां राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हैं।

प्रशासन का कहना है कि कुछ स्थानीय नेताओं ने युवाओं को भड़काया, जिससे स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। वहीं, कई सामाजिक संगठनों और नागरिक समूहों ने वांगचुक की गिरफ्तारी को लोकतांत्रिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया है।

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई कल

सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. अंगमो ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर उनकी गिरफ्तारी को चुनौती दी है और तत्काल रिहाई की मांग की है। इस याचिका पर सोमवार, 6 अक्टूबर 2025 को सुनवाई निर्धारित है।

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला न सिर्फ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून की सीमाओं और संभावित दुरुपयोग पर सवाल उठाता है, बल्कि यह संविधानिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के दायरे को लेकर भी एक अहम बहस को जन्म देगा।

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कोरबा

24 जून को जिले की सभी ग्राम पंचायतों में होगी विशेष ग्राम सभा

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आवास प्लस 2.0 की सूची का होगा सार्वजनिक वाचन एवं अनुमोदन

ग्राम सभा की मंजूरी के बाद फाइनल सूची आवास सॉफ्टवेयर में होगी अपलोड

विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम एवं रोजगार संबंधी प्रावधानों की दी जाएगी जानकारी

कोरबा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के निर्देशानुसार जिले की सभी ग्राम पंचायतों में 24 जून 2026 को विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया जाएगा। ग्राम सभाओं में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अंतर्गत आवास प्लस 2.0 सर्वेक्षण से तैयार हितग्राहियों की सूची का सत्यापन एवं अनुमोदन किया जाएगा। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पात्र एवं प्रतीक्षा सूची का सार्वजनिक वाचन भी किया जाएगा।

ग्राम सभा में आवास प्लस 2.0 के तहत तैयार की गई सिस्टम जनरेटेड स्थायी प्रतीक्षा सूची ग्रामीणों के समक्ष पढ़कर सुनाई जाएगी। यदि किसी अपात्र व्यक्ति का नाम दर्ज है, तो ग्रामीण मौके पर ही अपनी दावा-आपत्ति प्रस्तुत कर सकेंगे। ग्राम सभा द्वारा अनुमोदित सूची को अंतिम रूप देकर आवास सॉफ्टवेयर में अपलोड किया जाएगा।

बैठक में पंचायतों के आय-व्यय का विवरण प्रस्तुत कर अनुमोदन प्राप्त किया जाएगा तथा पूर्व में पारित प्रस्तावों पर की गई कार्रवाई की समीक्षा भी की जाएगी। ग्राम पंचायतों की परिसंपत्तियों के रखरखाव, नए विकास कार्यों की प्राथमिकताओं तथा स्थानीय आवश्यकताओं पर भी चर्चा कर आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे।

ग्राम सभा में विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम 2025 के उद्देश्यों एवं विभिन्न प्रावधानों की जानकारी ग्रामीणों को दी जाएगी। इसके अंतर्गत ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार गारंटी अवधि को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन किए जाने, मजदूरी भुगतान की व्यवस्था, बेरोजगारी भत्ते के प्रावधानों तथा आजीविका संवर्धन से संबंधित विषयों पर विस्तार से चर्चा होगी।

ग्राम सभा में स्थानीय विकास योजनाओं के निर्माण, श्रमिकों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की व्यवस्था तथा ग्राम स्तर पर जनभागीदारी को सुदृढ़ बनाने के विषय में भी विचार-विमर्श किया जाएगा।

जिला प्रशासन एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने सभी ग्रामीणों से ग्राम सभा में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर अपने अधिकारों एवं गांव के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों में सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील की है।

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कोरबा

कोरबा में शराब दुकान शिफ्टिंग पर विवाद:आबकारी इंस्पेक्टर के व्यवहार से भड़के स्थानीय लोग, हंगामा बढ़ने पर बिना निरीक्षण लौटी टीम

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कोरबा। कोरबा जिले के दीपका नगर पालिका के वार्ड क्रमांक-1 में प्रस्तावित शराब दुकान के स्थल निरीक्षण के दौरान गुरुवार को विवाद हो गया। तहसील कार्यालय के पास दुकान खोलने के प्रस्ताव पर स्थानीय लोगों और अधिकारियों के बीच तीखी बहस हुई, जिसके बाद अधिकारी बिना निरीक्षण पूरा किए लौट गए।

यह विवाद आबकारी विभाग द्वारा तहसील कार्यालय के समीप शराब दुकान संचालित करने के प्रस्ताव को लेकर था। स्थल की स्थिति का जायजा लेने के लिए कटघोरा एसडीएम तन्मय खन्ना, नगर पालिका सीएमओ नेतराम रत्नेश, नपा अध्यक्ष राजेंद्र राजपूत और आबकारी इंस्पेक्टर सुकांत पांडे सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे थे।

निरीक्षण की सूचना मिलते ही वार्ड पार्षद कमलेश जायसवाल अपने समर्थकों और स्थानीय निवासियों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रस्तावित स्थल पर शराब दुकान खोलने का कड़ा विरोध किया।

पार्षद ने तर्क दिया कि आवासीय क्षेत्र और तहसील कार्यालय के पास दुकान खुलने से कानून-व्यवस्था और सामाजिक माहौल बिगड़ सकता है, जिससे स्कूल-कॉलेज जाने वाले बच्चों और महिलाओं को परेशानी होगी।

पार्षद और एसडीएम के बीच तीखी बहस

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विरोध प्रदर्शन के दौरान पार्षद कमलेश जायसवाल और एसडीएम तन्मय खन्ना के बीच तीखी बहस हुई। एसडीएम ने पार्षद को कार्यालय आकर चर्चा करने का सुझाव दिया, जिस पर पार्षद ने जवाब दिया कि वे कार्यालय में भी आपत्ति दर्ज कराएंगे, लेकिन वार्ड में किसी भी कीमत पर शराब दुकान नहीं खुलने देंगे।

इसी दौरान आबकारी इंस्पेक्टर सुकांत पांडे और पार्षद के बीच भी विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इंस्पेक्टर ने ऊंची आवाज में चिल्लाते हुए और उंगली उठाकर बात की, जिससे स्थानीय लोग और भड़क गए। लोगों ने जनप्रतिनिधि से इस तरह के व्यवहार को अनुचित बताया।

हंगामा बढ़ने पर बिना निरीक्षण लौटी टीम

हंगामा और नारेबाजी बढ़ने पर, एसडीएम सहित पूरी टीम बिना निरीक्षण पूरा किए ही वापस लौट गई। बाद में, एसडीएम तन्मय खन्ना ने स्पष्ट किया कि निरीक्षण केवल प्रस्तावित स्थल की स्थिति जानने के लिए था। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जमीन वन विभाग की पाई जाती है, तो वहां शराब दुकान नहीं खोली जा सकती।

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छत्तीसगढ़

महादेव ऐप के सौरभ से भूपेश की कथित चैट वायरल:पूर्व सीएम ने बताया फर्जी, बोले- छवि खराब करने की कोशिश, 2 यूट्यूबर्स पर FIR

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दुर्ग-भिलाई, एजेंसी। महादेव सट्टा ऐप के संचालक सौरभ चंद्राकर के कथित इंस्टाग्राम अकाउंट पर पूर्व सीएम भूपेश बघेल के कथित मैसेज का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस मामले को लेकर बुधवार को बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता भिलाई-3 थाने पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन करते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने 2 यूट्यूबर्स के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वायरल कंटेंट को फर्जी बताते हुए नाराजगी जताई है। साथ ही भूपेश कहा कि फर्जी जानकारी वायरल करने वालों के खिलाफ मेरी लीगल टीम कानूनी कार्रवाई करेगी।

दरअसल, वायरल चैट में सीएम भूपेश बघेल के नाम से एक मैसेज दिख रहा है। इसमें कथित तौर पर सौरभ चंद्राकर को कहा गया है कि नंबर भेजो अपना, बात करना चाहते हैं। इन यूट्यूबर्स ने इसे लेकर खबरें चलाई थी।

वहीं आरोपी बनाए गए यूट्यूबर पुष्पराज सिंह का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह कहता है मैं किसी पर आरोप लगाने नहीं आ रहा हूं। सबूत के साथ आएंगे धांधली कहां से होती है, कैसे होती है और क्यों होती है? सबूत पहले सामने रखेंगे। इसके बाद वह आत्महत्या की बात भी कह रहा है।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भिलाई-3 थाने में मामले की शिकायत की।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भिलाई-3 थाने में मामले की शिकायत की।

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने 2 यूट्यूबर्स के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने 2 यूट्यूबर्स के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

आरोपी बनाए गए पुष्पराज सिंह का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो 3 दिन पहले पोस्ट किया गया है।

आरोपी बनाए गए पुष्पराज सिंह का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो 3 दिन पहले पोस्ट किया गया है।

सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है। इसमें दावा किया गया है कि महादेव सट्टा ऐप के संचालक सौरभ चंद्राकर के कथित इंस्टाग्राम अकाउंट और भूपेश बघेल के नाम से जुड़े एक कथित यूजरनेम के बीच मैसेज में बातचीत हुई है।

वायरल चैट के स्क्रीनशॉट को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नाराजगी जताई है। उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट कर कहा कि सुबह से फोटोशॉप की गई फर्जी तस्वीरों के आधार पर खबरें चलाई जा रही हैं।

भूपेश बघेल ने दावा किया कि वायरल चैट पूरी तरह फर्जी है और इसमें दिखाए गए यूजरनेम के साथ किसी तरह की बातचीत नहीं हुई है। उन्होंने कथित फर्जी चैट के स्क्रीनशॉट भी साझा किए और कहा कि यह लोगों को गुमराह करने की कोशिश है।

उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की फर्जी खबरें फैलाने वालों और इसके पीछे जुड़े लोगों की जानकारी उनके पास पहुंच चुकी है। साथ ही उन्होंने ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की बात भी कही है।

बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता भिलाई-3 थाने पहुंचे थे।

बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता भिलाई-3 थाने पहुंचे थे।

भिलाई-3 थाने पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ता, किया प्रदर्शन

इधर, इस कथित मैसेज का स्क्रीनशॉट वायरल होने के बाद मामला राजनीतिक रूप से गरमा गया है। बुधवार को बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता भिलाई-3 थाने पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन करते हुए इस मामले में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की छवि खराब करने की एक सुनियोजित कोशिश है। उन्होंने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।

छावनी सीएसपी प्रशांत पैकरा ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है।

छावनी सीएसपी प्रशांत पैकरा ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है।

यूट्यूबर सागर साहू और पुष्पराज सिंह पर FIR

छावनी सीएसपी प्रशांत पैकरा ने बताया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने थाने पहुंचकर एक ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर ली है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस के मुताबिक, शिकायत के आधार पर यूट्यूबर सागर साहू और पुष्पराज सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 353(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

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