कोरबा
पीएम सूर्यघर योजना अब बनेगा हर घर का साथी, हर परिवार का सहारा
’कोरबा की छतों से निकली सौर शक्ति, गूँज रहा है नया संदेश’
कोरबा। सूरज की पहली किरण जब धरती पर सुनहरी चादर बिछाती है, तो अब वह सिर्फ रोशनी नहीं लाती वह एक नई सोच, नई दिशा और नए आत्मविश्वास की किरण बनकर देश के घर-घर को रोशन कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में शुरू की गई प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना ने भारत को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर ले जाने वाले ऐतिहासिक अभियान का रूप ले लिया है। वर्षों पहले जब बढ़ती बिजली मांग और पारंपरिक संसाधनों पर निर्भरता चिंता का कारण बन रही थी, तब एक सशक्त विचार ने जन्म लिया क्यों न हर नागरिक अपने घर की छत को ही ऊर्जा उत्पादन का केंद्र बना दे यही विचार आगे चलकर ‘प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना’ का रूप बना, जिसने “ऊर्जा उपभोक्ता से ऊर्जा उत्पादक” बनने का रास्ता आमजन के सामने खोला।
इस योजना का मूल उद्देश्य है हर घर में स्वच्छ, सस्ती और सतत ऊर्जा पहुँचाना। इसके तहत केंद्र सरकार द्वारा 3 किलोवाट तक सोलर रूफटॉप पैनल लगाने पर 78 हजार रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है। इतना ही नहीं, 300 यूनिट तक बिजली उपयोग करने वाले परिवारों को मुफ्त बिजली का सीधा लाभ मिल रहा है। इस पहल ने एक ओर जहाँ घरेलू खर्च में बड़ी बचत दी है, वहीं दूसरी ओर पर्यावरण संरक्षण और “ग्रीन एनर्जी मिशन” को भी नई गति प्रदान की है।
छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में इस योजना ने गति और गहराई दोनों पाई हैं। राज्य सरकार ने इसे न केवल ऊर्जा बचत से जोड़ा है, बल्कि जनभागीदारी और ग्रामीण सशक्तिकरण के अभियान के रूप में आगे बढ़ाया है। मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में सौर ऊर्जा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए विशेष पहल की गई है। जिला प्रशासन से लेकर पंचायत स्तर तक इसे लोगों की पहुंच में लाया गया है, जिसके परिणामस्वरूप कोरबा सहित पूरे प्रदेश में इस योजना का तेज़ और व्यापक अपनापन देखने को मिला है।
कोरबा जैसे औद्योगिक और ऊर्जा सम्पन्न जिले में यह योजना नई ऊर्जा क्रांति का प्रतीक बन चुकी है। अब जहाँ पहले बिजली बिल की चिंता होती थी, वहीं आज परिवार सोलर पैनल से उत्पन्न बिजली का उपयोग करते हुए अपनी बचत को विकास में बदल रहे हैं। कुछ परिवार तो अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में बेचकर अतिरिक्त आय भी अर्जित कर रहे हैं। इस योजना की सबसे बड़ी ताकत है जन-सहभागिता। केंद्र की नीति, राज्य की प्रतिबद्धता और जनता के उत्साह ने मिलकर छत्तीसगढ़ को “सौर ऊर्जा राज्य” बनाने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की इस सोच ने कि ऊर्जा का स्वावलंबन ही सच्चे विकास की पहचान है, पूरे राज्य में इस योजना को घर-घर तक पहुँचाया है। गलियों में जब सूरज ढलता है, तब भी छतों पर लगे सौर पैनल अपनी दमक से रात को भी उम्मीद की किरण देते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के संयुक्त नेतृत्व में “प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना” न केवल घरों को रोशन कर रही है, बल्कि जनजीवन, जनविश्वास और जनसशक्तिकरण की नई ऊर्जा यात्रा भी लिख रही है।
इसी ऊर्जा परिवर्तन की प्रेरक मिसाल हैं रंजीत कुमार कोरबा जिले के नकटीखार निवासी, जो एसईसीएल कुसमुंडा में डंपर ऑपरेटर के रूप में कार्यरत हैं। मेहनतकश और परिवारनिष्ठ रंजीत पहले हर महीने आने वाले बिजली बिल से बच्चों की पढ़ाई और घरेलू खर्चों के बीच बिजली का बिल उनके बजट पर बोझ डालता था। एक दिन उन्हें प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना की जानकारी मिली, और उन्होंने तुरंत आवेदन करने का निश्चय किया। उन्होंने अपने घर की छत पर सौर पैनल सिस्टम लगवाया, जिसके बाद उनके घर की ऊर्जा व्यवस्था पूरी तरह बदल गई। अब उनके घर की बत्तियाँ, पंखे और उपकरण उसी सूरज की रोशनी से चलते हैं जो हर दिन आकाश में चमकता है। पहले जहाँ बिजली बिल एक चिंता का कारण था, अब वह मात्र औपचारिकता बन चुका है। रंजीत कुमार का कहना है “अब हमारे घर में सूरज ही बिजली का मालिक है। न कोई बिल की चिंता, न रुकावट की परेशानी। बच्चों की पढ़ाई में रुकावट नहीं आती और घर का हर कोना उजाले से भरा रहता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार, जिन्होंने यह योजना शुरू की, और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को धन्यवाद, जिनके मार्गदर्शन में यह योजना हमारे जैसे परिवारों तक पहुँची।”

इसी प्रकार की दूसरी प्रेरक कहानी है कोरबा नगर के राजेंद्र प्रसाद नगर निवासी शुभेंदु घोष की एक सेवानिवृत्त कर्मचारी, प्रकृति प्रेमी और जागरूक नागरिक। श्री घोष ने सोशल मीडिया के माध्यम से जब इस योजना की जानकारी प्राप्त की, तो उन्होंने तुरंत इसे अपनाने का निश्चय किया। उन्होंने अपने घर की छत पर सौर पैनल लगवाया और सौर ऊर्जा से अपने घर की सम्पूर्ण बिजली जरूरतें पूरी करनी शुरू कीं। अब उनका बिजली बिल लगभग शून्य हो गया है। वे कहते हैं “जब सूरज हमें इतनी मुफ्त और स्वच्छ ऊर्जा देता है, तो उसका सदुपयोग हमारी जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना ने यह अवसर दिया है कि हम न केवल अपनी जरूरतें पूरी करें, बल्कि पर्यावरण के लिए भी योगदान दें।”श्री घोष न केवल स्वयं इस योजना से लाभान्वित हुए, बल्कि उन्होंने अपने आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक किया। उनकी प्रेरणा से कई अन्य परिवारों ने भी सौर पैनल लगाने की प्रक्रिया शुरू की है। इस तरह वे अब “सूर्यघर दूत” की तरह काम कर रहे हैं जो ऊर्जा बचत के साथ-साथ पर्यावरण संवेदनशीलता का संदेश दे रहे हैं। इन दोनों कहानियों में एक समानता है दोनों ने सरकार की पहल पर भरोसा किया, बदलाव का निर्णय लिया, और आज परिणाम स्वयं बोल रहे हैं। रंजीत कुमार ने अपने परिवार को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया, वहीं शुभेंदु घोष ने समाज को प्रेरणा दी कि सूर्य की शक्ति सबके लिए पर्याप्त है, बस आवश्यकता है उसे अपनाने की।
प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना आज केवल एक सरकार की योजना नहीं, बल्कि हर घर की छत पर आशा का प्रतीक बन चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की यह संयुक्त पहल न केवल बिजली उत्पादन का नया अध्याय है, बल्कि पर्यावरण-संवेदनशील, आत्मनिर्भर और सशक्त भारत की दिशा में बढ़ता कदम है।
कोरबा
कोरबा : महापौर रहते 15 साल पहले जोगियाडेरा में जिस सड़क को लखन ने बनवाई, अब वे ही उसे संवार रहे
’स्लम बाहुल्य वार्ड स्थित जोगियाडेरा पीपरापारा बस्ती में होगें 90 लाख रू. से सड़क डामरीकरण कार्य’
’उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने कार्य हेतु किया भूमिपूजन, तत्काल कार्य प्रारंभ कर पूरी गुणवत्ता के साथ कार्य करते हुये नियत समय में कार्य पूरा करने के दिये निर्देश’


कोरबा। नगर पालिक निगम कोरबा के स्लम बाहुल्य वार्ड क्र. 18 स्थित जोगियाडेरा व पीपरापारा बस्ती में 90 लाख रूपये की लागत से डामरीकरण का कार्य आज प्रारंभ किया गया, उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने उक्त कार्य का भूमिपूजन किया तथा तत्काल कार्य प्रारंभ कर कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान के देने के साथ ही समयसीमा में कार्य को पूरा करने के निर्देश अधिकारियों को दिये। इस मौके पर वार्ड पार्षद नरेन्द्र देवांगन, पार्षद चन्द्रलोक सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

जोगियाडेरा वह बस्ती है, जो पहले भी उपेक्षित था और अब भी उपेक्षित रहा, लेकिन लखन लाल देवांगन ने इस उपेक्षित स्लम बस्ती की सुध ली। 15 साल पहले जब वे महापौर थे तो उन्होंने उपेक्षित जोगियाडेरा में विकास की रोशनी बिखेरी और 15 साल बाद मंत्री के रूप में संवार रहे हैं।
नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा निगम क्षेत्र में किये जा रहे लगातार विकास कार्याे की एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में निगम के वार्ड क्र. 18 स्थित जोगियाडेरा व पीपरापारा बस्ती में 90 लाख रूपये की लागत से सड़क डामरीकरण कार्य होने जा रहा है, जिसका भूमिपूजन आज प्रदेश के उद्योग, सार्वजनिक उपक्रम, आबकारी व श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन के द्वारा किया गया, उन्होने कार्य हेतु विधिवत पूजा अर्चना की, भूमिपूजन पट्टिका का अनावरण किया तथा कार्य प्रारंभ किये जाने के निर्देश अधिकारियों व निर्माण एजेंसियों को दिये। उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुये कहा कि कार्य के दौरान गुणवत्ता पर विशेष ध्यान रखें तथा नियत समय पर कार्य पूरा करायें।
’मेरे महापौर कार्यकाल में बनी थी सड़क, आज हो रहा उसका जीर्णाेद्धार’
इस अवसर पर उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने अपने उद्बोधन में कहा कि जोगियाडेरा पीपरापारा बस्ती की यह सड़क मेरे महापौर कार्यकाल में बनाई गई थी, मुझे खुशी है कि आज 20-22 वर्ष बाद इस सड़क का जीर्णाेद्धार व डामरीकरण का कार्य मेरे द्वारा प्रारंभ कराया जा रहा है, मैं इसके लिये बस्तीवासियों को बधाई देता हॅूं तथा उन्हें विश्वास दिलाता हूॅं कि उनकी सभी समस्याओं का समाधान अनिवार्य रूप से किया जायेगा। उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन अपने उद्बोधन में आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अगुवाई में राज्य का तेजी से विकास हो रहा है, हमारी सरकार खोखले वायदें नहीं करती तथा हमारे द्वारा जो भी वायदें किये जाते हैं, वह अवश्य पूरे होते हैं, इसका प्रत्यक्ष प्रमाण हमारे छत्तीसगढ़ की वर्तमान सरकार द्वारा किये जा रहे कार्य हैं। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में हमारी सरकार ने अल्प समय में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सभी गारंटियों केा पूरा कर अपनी वचनबद्धता प्रदर्शित की है। उन्होने कहा कि डॉ.रमन सिंह 15 वर्षाे तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे, प्रदेश में विकास की गंगा बहाई तथा विकास पुरूष के रूप में छबि अर्जित की, अब पुनः मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के द्वारा प्रदेश में विकास की गंगा बहाई जा रही है, राज्य के नागरिकों के दुख-दर्द दूर किये जा रहे हैं, उनकी समस्याओं का त्वरित निदान हो रहा है।
हमने बनाया है-हम ही संवारेंगे
वार्ड पार्षद नरेन्द्र देवांगन ने इस मौके पर कहा कि हमारी सरकार का मानना है कि हमने छत्तीसगढ़ को बनाया है और हम इसे संवारेंगे, और यह नारा केवल कागज तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश में राज्य को संवारने, संजाने के प्रमाण प्रत्यक्ष रूप से दिखाई दे रहे हैं। उन्होने कहा कि उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन जब कोरबा नगर निगम के महापौर थे, तब मेरे वार्ड की इन सड़कों का निर्माण किया गया था, अत्यंत शुभ दिन है कि आज इतने बर्षाे बाद उन्हीं के हाथों इस सड़क का जीर्णाेद्धार व सड़क डामरीकरण का कार्य कराया जा रहा है, उन्होने कहा कि पूर्व में ऐसा भी समय था जब इसी वार्ड में 04 लाख रूपये का कार्य कराने के लिये एक वार्ड पार्षद के रूप में 08 माह तक संघर्ष करना पड़ा था, किन्तु आज सभी वार्डाे में करोड़ो के विकास कार्य बड़ी सहजता के साथ संपादित हो रहे हैं।
भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान वार्ड पार्षद नरेन्द्र देवांगन व पार्षद चन्द्रलोक सिंह के साथ ही नारायण सिंह ठाकुर, प्यारेलाल साहू, एच.के.डेनियल, शिव चौहान, दीनू यादव, आशीष द्विवेदी, कृष्णा द्विवेदी, जोन कमिश्नर अखिलेश शुक्ला, देवेन्द्र स्वर्णकार, चंदन मजूमदार, अनिल यादव, अजय महंत, समीर महंत, रामकुमारी मानसर, रामप्रसाद सिदार, बीना डेनियल, संतोष पटेल, सुनीता राव, पुष्पा श्रीवास, प्यारेलाल साहू, पावर दास महंत, बली यादव, ईश्वरी महंत, मूलचंद पटेल, चिंतामणी साहू, जोहन पटेल आदि के साथ काफी संख्या में बस्तीवासी उपस्थित थे।
कोरबा
लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की 301वीं जयंती पर कोसाबाड़ी मंडल का भव्य आयोजन, श्रद्धा और सेवा भाव के साथ किया गया स्मरण
प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर भाजपा कार्यकर्ताओं ने लिया लोकसेवा और राष्ट्र निर्माण का संकल्प, स्वच्छता अभियान से दिया सामाजिक संदेश
कोरबा। भारतीय जनता पार्टी कोसाबाड़ी मंडल द्वारा लोकमाता महारानी अहिल्याबाई होलकर की 301वीं जयंती के अवसर पर अहिल्याबाई होलकर कन्वेंशन हॉल परिसर में गरिमामय एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भाजपा पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं सामाजिक जनों ने लोकमाता की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ परिसर में विशेष स्वच्छता अभियान के साथ हुआ। भाजपा कार्यकर्ताओं ने कन्वेंशन हॉल परिसर की साफ-सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया। इसके पश्चात लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पण कर उनके लोककल्याणकारी जीवन, सुशासन, न्यायप्रियता और जनसेवा के अद्वितीय योगदान का स्मरण किया गया।

कार्यक्रम में पूर्व महापौर जोगेश लांबा एवं वरिष्ठ भाजपा नेत्री मंजू सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहीं। आयोजन की अध्यक्षता कोसाबाड़ी मंडल अध्यक्ष डॉ. राजेश राठौर ने की। अपने उद्बोधन में वक्ताओं ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होलकर भारतीय इतिहास की ऐसी महान शासिका थीं, जिन्होंने शासन को जनकल्याण का माध्यम बनाया और धर्म, संस्कृति, शिक्षा तथा समाज सेवा के क्षेत्र में अमिट योगदान दिया। उनका जीवन आज भी समाज और राष्ट्र के लिए प्रेरणा का प्रकाश स्तंभ है।

वक्ताओं ने कहा कि अहिल्याबाई होलकर ने देशभर में मंदिरों, धर्मशालाओं, घाटों और जनहित के अनेक कार्यों के माध्यम से भारतीय संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। उनका त्याग, सेवा और समर्पण आज भी प्रत्येक भारतीय के लिए अनुकरणीय है।
इस अवसर पर मंडल पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं में अनिल वस्त्रकार, सरस्वती पटेल, तेरस दास दीवान, गोपलाल राठिया, सरिता कौशिक, पवन सिन्हा, मदन गोपाल साहू, मोंटी पटेल, आशीष सूर्यवंशी, अमित पटेल, नारायण ठाकुर, बद्री वस्त्रकार, रितेश साहू, चंचला राठौर, सौरभ दुबे, भजन सिंह कंवर, बलदेव दीवान, मिलन दास, वीरेंद्र नायक, करन राजपाल, विवेक राजवाड़े, बसंत बैरागी, केया सेन, मधु मिश्रा, प्रकाश महंत एवं फिंगू यादव सहित बड़ी संख्या में भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं समाजसेवी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थितजनों ने लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के आदर्शों पर चलने, समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवा पहुंचाने तथा राष्ट्रहित के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। पूरे आयोजन में श्रद्धा, संस्कार और राष्ट्रभक्ति का वातावरण देखने को मिला।
लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की जयंती पर कोसाबाड़ी मंडल का यह आयोजन केवल श्रद्धांजलि कार्यक्रम नहीं, बल्कि सेवा, संस्कार और समाज निर्माण के मूल्यों को आत्मसात करने का प्रेरक अभियान बनकर उभरा।
कोरबा
अहिल्याबाई होलकर जयंती पर रिसदी में प्रतिमा पर माल्यार्पण, भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया नमन
कोरबा। इतिहास प्रसिद्ध समाजसेविका, कुशल प्रशासक, न्यायप्रिय शासक एवं महिला सशक्तिकरण की प्रतीक लोकमाता पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होलकर की जयंती के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी जिला कोरबा द्वारा रिसदी स्थित उनकी प्रतिमा पर श्रद्धांजलि एवं माल्यार्पण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी सहित भाजपा पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर भाजपा कार्यकर्ताओ ने अहिल्याबाई होलकर के आदर्शों, सुशासन, जनसेवा और समाज कल्याण के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान को स्मरण किया। कार्यक्रम में आरएसएस के जिला कार्यवाहक कैलाश नाहक, डॉ. मनोज कुमार झा, हेमंत मोहलीकर, बालकृष्ण ठाकुर, जिला महामंत्री अजय विश्वकर्मा, जिला कोषाध्यक्ष अजय पांडेय, जिला उपाध्यक्ष योगेश जैन, रूक्मणी नायर, वरिष्ठ भाजपा नेता विकास अग्रवाल, मंडल अध्यक्ष डॉ राजेश राठौर, जिला मीडिया प्रभारी अर्जुन गुप्ता, कुलसिंह कंवर, सरजू अजय, प्रकाश अग्रवाल, राजेश लहरे, संजीव शर्मा, संजय राठौर व मोंटी पटेल सहित भाजपा पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल हुए।

लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के आदर्श आज भी समाज को दे रहे नई दिशा : गोपाल मोदी
इस अवसर पर गोपाल मोदी ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होलकर भारतीय इतिहास की ऐसी महान शासिका थीं, जिन्होंने सेवा, सुशासन, न्याय और जनकल्याण के क्षेत्र में अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने महिलाओं को सम्मान और आत्मनिर्भरता का मार्ग दिखाते हुए समाज में सशक्त नेतृत्व की मिसाल कायम की। उनका संपूर्ण जीवन राष्ट्र, धर्म और समाज की सेवा के लिए समर्पित रहा।

उन्होंने कहा कि अहिल्याबाई होलकर ने देशभर में मंदिरों, धर्मशालाओं, घाटों और जनहित के अनेक निर्माण कार्यों के माध्यम से भारतीय संस्कृति एवं सनातन परंपराओं के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके आदर्श आज भी समाज को नई दिशा देने का कार्य कर रहे हैं तथा जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों के लिए प्रेरणा स्रोत बने हुए हैं।
न्यायप्रियता और दूरदर्शिता की प्रतिमूर्ति थीं लोकमाता अहिल्याबाई होलकर – कैलाश नाहक
आरएसएस के जिला कार्यवाहक कैलाश नाहक ने कहा की अहिल्या बाई होल्कर जी राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक क्षेत्र में एक महान प्रेरणास्रोत थीं। उन्होंने अपने युवा काल में ही लाठी चलाना, तलवारबाजी, कूटनीति, विदेश नीति और शासन-प्रशासन की बारीकियों का गहन ज्ञान प्राप्त कर लिया था। अपनी अद्भुत नेतृत्व क्षमता, दूरदर्शिता और न्यायप्रियता के बल पर उन्होंने समाज में एक आदर्श शासक के रूप में पहचान बनाई। उन्होंने भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहरों के संरक्षण के लिए उल्लेखनीय कार्य किए। मुगलों और अंग्रेजों द्वारा खंडित एवं ध्वस्त किए गए मंदिरों के पुनर्निर्माण हेतु उन्होंने देश के विभिन्न हिस्सों में 350 से अधिक मंदिरों का जीर्णोद्धार कराया। उनका जीवन समाजसेवा, धर्म संरक्षण और जनकल्याण के प्रति समर्पण का अनुपम उदाहरण है, जो आज भी युवा पीढ़ी को प्रेरणा देता हैं।
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