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दिल्ली में साल 2028 से एयर टैक्सी की शुरुआत संभव:3 घंटे तक का सफर 10 से 12 मिनट में पूरा होगा, शुरुआती किराया ₹500 होगा
नई दिल्ली,एजेंसी। भारत में 2028 तक एयर टैक्सी उड़ान भरने लगेंगी। ये कहीं से भी सीधे उड़ान भर सकती हैं और कहीं भी लैंड कर सकती हैं। पंजाब के मोहाली स्थित स्टार्टअप नलवा एयरो ने स्वदेशी ईवीटॉल (इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक-ऑफ एंड लैंडिंग) एयर टैक्सी विकसित की है। DGCA ने इसे डिजाइन ऑर्गेनाइजेशन अप्रूवल (डीओए) सर्टिफिकेट भी दे दिया है।
नलवा एयरो के सीईओ कुलजीत सिंह संधू के मुताबिक- कोविड-19 में एक मित्र ने इमरजेंसी मेडिकल इवैक्युएशन की जरूरत बताई। आसपास कोई एयर एम्बुलेंस या हेलीपैड नहीं था। तभी विचार आया कि क्यों न ऐसी मशीन बनाएं जो कहीं से भी वर्टिकल टेक-ऑफ और लैंडिंग कर सके।
उन्होंने कहा कि इसका डिजाइन चरण पूरा हो चुका है। सब-स्केल प्रोटोटाइप अगले एक माह में तैयार हो जाएगा। यह किफायती एयर मोबिलिटी मध्यम और निम्न मध्यम वर्ग को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है। शुरू में दिल्ली-एनसीआर में लॉन्च होगी।
आईजीआई एयरपोर्ट से आनंद विहार, नोएडा, गाजियाबाद और पानीपत जैसी जगहों तक सड़क से जाने में एक से 3 घंटे लगते हैं। ईवीटॉल एयर टैक्सी 10 से 12 मिनट में पहुंचा देगी। आईजीआई एयरपोर्ट से आनंद विहार का शुरुआती किराया लगभग 500 रु. प्रति व्यक्ति रहने का अनुमान है। दिल्ली के बाद ये मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु सहित अन्य मेट्रो शहरों में भी दिखेंगी।

नलवा एयरो के इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक-ऑफ एंड लैंडिंग (ईवीटॉल) का डिजाइन।
8 रोटर सिस्टम, क्रैश नहीं होगा
संधू के अनुसार ईवीटॉल में 8 रोटर सिस्टम हैं। दो फेल भी हो जाएं तो विमान क्रैश नहीं होगा। तीन बंद होने पर सुरक्षित लैंडिंग संभव है। यह हेलिकॉप्टर से सुरक्षित है।
हेलिकॉप्टर की तुलना में 10 गुना शांत और परिचालन लागत में 90% से अधिक सस्ती होगी। हेलिकॉप्टर का परिचालन खर्च 5 लाख रु. प्रति घंटे तक पहुंच सकता है, जबकि ईवीटॉल की लागत इसके 10% से भी कम रहेगी।
कंपनी के अनुसार ये एयरक्राफ्ट फेडरेल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) और यूरोपियन यूनियन एविएशन सेफ्टी एजेंसी (EASA) के रेगुलेशन के अनुरूप तैयार किए जा रहे हैं।
अभी गुजरात और आंध्र प्रदेश में ईवीटॉल के लिए सैंड बॉक्स ट्रायल साइट तैयार की जा रही हैं। इनमें वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम भी भागीदार है।
तकनीक: सिंगल चार्ज में 300 किमी तक उड़ान भरेगी टैक्सी
कंपनी दो मॉडलों पर काम कर रही है। पहला, लीथियम आयन बैटरी संचालित है। यह सिंगल चार्ज में 90 मिनट या 300 किमी तक उड़ेगा। दूसरा हाइड्रोजन फ्यूल सेल मॉडल है, जिसकी रेंज 800 किमी तक होगी। फास्ट चार्जर से बैटरी 50 मिनट में चार्ज होगी।
कंपनी के 3 प्रमुख मॉडल हैं। 2 स्ट्रेचर वाला एम्बुलेंस वर्जन, 5 से 7 सीटर यात्री एयर टैक्सी और कार्गो मॉडल। एयर टूरिज्म, निगरानी एवं टोही विमान और मेडिवैक संस्करण (चिकित्सीय निकासी मॉडल) पर भी काम चल रहा है।
टैक्सी की तरह बुक कर सकेंगे
नलवा एयरो का ईवीटॉल भारत में विकसित पहली और सबसे उन्नत एयर टैक्सी तकनीक है। इसके एडवांस फ्लाइंग कंप्यूटर, टिल्टिंग प्रपल्शन सिस्टम और बॉक्स-विंग डिजाइन पर सालों रिसर्च हुआ है।
विमान 4000 किग्रा अधिकतम टेक-ऑफ भार और 1000 किग्रा पेलोड उठा सकता है। क्रूज स्पीड 350 किमी/ घंटा है जो 400 तक जा सकती है। यह एयर टैक्सी, मेडिकल एम्बुलेंस, डिफेंस सर्विलांस, सर्च एंड रेस्क्यू और कार्गो ट्रांसपोर्ट, सभी क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है।
- जीरो कार्बन: एटीएफ नहीं, बिजली/हाइड्रोजन से उड़ेगा। जीरो कार्बन, कम खर्च और आवाज।
- वर्टिकल तकनीक: रनवे पर इंतजार नहीं, सीधे उठना और उतरना संभव। इमारतों की छत से भी टेक-ऑफ और लैंडिंग हो सकेगी।
- फ्लाई बाइ वायर: पायलट के हाथ में डिजिटल कंट्रोल, सबकुछ कंप्यूटर नियंत्रित।
- इंडिया मेक: स्वदेशी डिजाइन और मेक इन इंडिया मिशन के तहत विकसित किया गया है। इसमें लगी 60% तकनीक घरेलू ही है।
- जॉब: नई स्किल, पायलट ट्रेनिंग, मेंटेनेंस व चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर में हजारों रोजगार होंगे।
- दूरगामी असर: मेडिकल इमरजेंसी में समय की बचत होगी। कम खर्च में मरीज को जल्द से जल्द उपयुक्त अस्पताल में पहुंचा सकेंगे।
भविष्य: तीन साल बाद बिना पायलट के भी उड़ान संभव नलवा एयरो ने पायलट आधारित और ऑटोनॉमस यानी बिना पायलट उड़ान, दोनों तकनीकों पर समानांतर सफलता हासिल की है। पहले 3 सालों तक यात्री उड़ानें पायलट आधारित रहेंगी। कार्गो फ्लाइट्स पहले ही ऑटोनॉमस के तौर पर शुरू की जा सकती हैं।
तीन साल के बाद ऑटोनॉमस यात्री उड़ानों पर विचार किया जाएगा। जब तक नागरिक उड्डयन महानिदेशालय की सभी सर्टिफिकेशन संबंधी शर्तें पूरी नहीं होतीं, तब तक ऑटोनॉमस यात्री उड़ानें शुरू नहीं की जाएंगी।
इन्फ्रास्ट्रक्चर: मेट्रो स्टेशन में ही बन सकेंगे वर्टिपोर्ट
वर्टिपोर्ट के लिए मौजूदा शहरी ढांचा आधार बन सकता है। मेट्रो स्टेशन व बड़ी इमारतों की छतों पर इनकी लैंडिंग संभव है। सरकार हर 50 किमी पर 1000 हेली पैड्स विकसित कर रही है। वे वर्टिपोर्ट बन सकते हैं। हेलिकॉप्टर के लिए 20×25 मीटर जगह जरूरी है। ईवीटॉल को सिर्फ 12×12 मीटर जगह चाहिए।
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कोलकाता में EC ऑफिस के बाहर भाजपा-TMC कार्यकर्ताओं में झड़प:ममता का आरोप- भाजपा ने बंगाल में अवैध वोटरों के नाम जोड़ने की कोशिश की
नई दिल्ली/तिरुवनंतपुरम/गुवाहाटी/कोलकाता/चेन्नई,एजेंसी। पश्चिम बंगाल के कोलकाता में चुनाव आयोग के ऑफिस (ECO) के बाहर भाजपा और TMC कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद हैं। इधर CM ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि BJP बिहार, उत्तर प्रदेश के अवैध वोटरों को बंगाल के वोटर लिस्ट में शामिल करने की कोशिश कर रही है।

ममता ने X पर एक पोस्ट में कहा- भाजपा के एजेंटों को बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के ऑफिस में हजारों फर्जी फॉर्म 6 आवेदन जमा करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया है। यह वोटर हाइजैकिंग की कोशिश है, वही गंदा खेल जो भाजपा ने महाराष्ट्र और दिल्ली में खेला था।

गुवाहाटी में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और असम CM हिमंता बिस्वा सरमा के और तिरुवनंतपुरम में BJP अध्यक्ष नितिन नबीन ने मेनिफेस्टो जारी किया।
चुनाव से जुड़े अपडेट्स
TMC के महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश और बिहार से अवैध रूप से वोटर बंगाल के विभिन्न जिलों में लाए जा रहे हैं। बिहार के 800 वोटरों को मेदिनीपुर में जोड़ा गया है। भाजपा बंगाल की जनसांख्यिकी बदलना चाहती है।
भाजपा ने केरलम के मेनिफेस्टो में AIIMS और तिरुवनंतपुरम से कन्नूर तक हाई-स्पीड रेलवे नेटवर्क विकसित करने का वादा किया। पार्टी ने ‘भक्ष्य आरोग्य सुरक्षा कार्ड’ योजना के तहत महिलाओं को हर महीने ₹2500, बुजुर्गों, विधवाओं और जरूरतमंद महिलाओं को ₹3000 पेंशन देने की घोषणा की।
भाजपा ने असम के लिए मेनिफेस्टो में लव जिहाद पर एक्शन, घुसपैठियों से कब्जाई जमीन वापस लेने, राज्य में UCC लागू करने, युवाओं को 5 साल में 2 लाख नौकरियां देने का वादा किया है। पत्र में कुल 31 वादे किए गए हैं।
असम के लिए कांग्रेस ने 5 गारंटियां जारी की हैं। इसमें महिलाओं को नकद सहायता, सीनियर सिटिजन को पेंशन, हर परिवार को ₹25 लाख तक का हेल्थ कवर, गायक जुबीन गर्ग को 100 दिन में न्याय और 10 लाख स्वदेशी लोगों को जमीन का अधिकार देने का वादा शामिल है।
TVK चीफ विजय और उनकी पार्टी के 5 हजार कार्यकर्ताओं पर चुनाव के नियमों के उल्लंघन के आरोप में आचार संहिता उल्लंघन का केस दर्ज हुआ।
कांग्रेस उम्मीदवार सतीशान बोले- केरल CM के साथ कभी भी बहस को तैयार
केरल में विपक्ष के नेता और कांग्रेस उम्मीदवार वी.डी. सतीशान ने CM पिनराई विजयन का उनके साथ डिबेट करने का चैलेंज स्वीकार कर लिया है। सतीशान ने कहा- पहली बार मुख्यमंत्री ने मुझसे बहस करने का प्रस्ताव रखा। मैंने मुख्यमंत्री की पहल स्वीकार कर ली है और उनसे कहा है कि जब भी और जहां भी वे समय और जगह तय करें, मैं तैयार हूं।
राहुल बोले- आज से एक-दो महीने बाद देश में वित्तीय भूकंप आएगा
केरल के कोझिकोड में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मिडिल ईस्ट में जारी तनाव को लेकर कहा कि आने वाले समय में इसका असर भारत पर पड़ेगा और एक ‘आर्थिक भूचाल’ की स्थिति बन सकती है।
राहुल गांधी ने कहा- मिडिल ईस्ट में जो घटनाक्रम चल रहा है, वह एक बड़ी त्रासदी की ओर बढ़ रहा है और यह स्पष्ट नहीं है कि इसका अंत कहां होगा। इसका सीधा असर भारत और खासकर केरल के लोगों पर पड़ेगा।
उन्होंने कहा- आने वाले समय में ईंधन की कीमतें बढ़ेंगी और महंगाई में इजाफा होगा। आज से एक या दो महीने बाद देश में वित्तीय भूकंप आएगा, जिससे आम लोगों की जिंदगी प्रभावित होगी।
कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे इस स्थिति से निपटने में सक्षम नहीं हैं। साथ ही उन्होंने केरल की LDF सरकार से भी सवाल किया कि वह लोगों को इस संभावित संकट से बचाने के लिए क्या कदम उठा रही है।

महुआ मोइत्रा का आरोप- BJP बाहरी लोगों के नाम वोटर लिस्ट में जोड़ रही
TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया कि बंगाल चुनाव आयोग भाजपा से हजारों की संख्या में फॉर्म 6 स्वीकार कर रहे हैं ताकि राज्य के बाहर के लोगों को चुनाव में धांधली करने के लिए शामिल किया जा सके। आज उन्होंने मुर्शिदाबाद, मेदिनीपुर और उत्तर 24 परगना में सूचियों में नाम जोड़ने की कोशिश की। हम भाजपा और चुनाव आयोग को चोरी करने नहीं देंगे।
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बिहार- नालंदा के मंदिर में भगदड़, 9 की मौत:इनमें 8 महिलाएं, राष्ट्रपति की सुरक्षा में 2500 जवान, 25 हजार श्रद्धालुओं के लिए कोई नहीं
नालंदा,एजेंसी। बिहार में नालंदा जिले में मंगलवार सुबह शीतला माता मंदिर में भगदड़ मच गई। हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई। 8 महिलाओं की भीड़ में दबने से मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि एक पुरुष ने अस्पताल में दम तोड़ा।
चैत्र महीने के आखिरी मंगलवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस मंदिर में पहुंचे थे। वहां मेला भी लगा था। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि भीड़ को संभालने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं थे।
दर्शन करने की जल्दी में धक्का-मुक्की मच गई। अफरातफरी के बीच कई लोग भीड़ में दब गए। बड़ी संख्या में लोग घायल भी हुए हैं। हादसे के बाद मंदिर और मेला को बंद करवा दिया है।

आज नालंदा यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति शामिल हुईं। उनकी सुरक्षा में 8 जिलों के 2500 जवानों को लगाया गया था, जबकि मंदिर में जुटी 25 हजार की भीड़ के लिए एक भी पुलिस वाले की तैनाती नहीं थी।
हादसे के बाद पटना कमिश्नर को बिहार शरीफ भेजा गया है। सीएम ने मुख्य सचिव को जांच के निर्देश दिए हैं। दीपनगर थाने के SHO राजमणि को सस्पेंड कर दिया गया है।
सरकार ने मृतकों के आश्रितों को 6 लाख रुपए मुआवजा देने की घोषणा की है। वही केंद्र सरकार ने 2 लाख के मुआवजे की घोषणा की है।
हादसे के बाद की कुछ तस्वीरें…

हादसे के बाद मंदिर परिसर में अफरा-तफरी का माहौल रहा।

ई-रिक्शा से घायल महिला को अस्पताल लाया गया।

हॉस्पिटल में घायल को सीपीआर देते डॉक्टर।

पोस्टमॉर्टम हाउस के बाहर लोगों की भीड़ है।
हादसे से जुड़ी बड़ी बातें –
- नालंदा पहुंचे DGP विनय कुमार ने कहा कि मंदिर परिसर में बहुत कमियां हैं। निश्चित तौर पर यहां पुलिस की टीम होनी चाहिए थी। SHO को संस्पेंड किया गया है।
- चैत्र महीने के आखिरी मंगलवार के चलते पटना और आसपास के इलाकों से भी दर्शन के लिए पहुंचे थे। इस वजह भीड़ बहुत बढ़ गई।
- मंदिर परिसर छोटा था। भीड़ को कंट्रोल करने के इंतजाम नहीं थे। लोगों में पहले दर्शन करने की होड़ लग गई।
- लोग कतार में लगने की जगह आगे बढ़ने की कोशिश करने लगे। इससे भगदड़ की स्थिति बन गई। कई लोग भीड़ के नीचे दब गए।
- मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि हादसे के बाद पुलिस और एंबुलेंस को पहुंचने में भी देर हुई।
दर्शन की जल्दबाजी में मची भगदड़
महिला भक्तों ने बताया कि चैत्र महीने का ये आखिरी मंगलवार है। यहां मेला लगा था। भीड़ ज्यादा हो गई। मंदिर का गर्भगृह भी छोटा है। लोग जल्दी-जल्दी दर्शन करने के लिए एक-दूसरे से आगे निकलने की कोशिश में थे। कोई लाइन में लगकर पूजा नहीं करना चाह रहा था।
दूसरे श्रद्धालु ने बताया, ‘सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं किया गया था। मंदिर के अंदर भारी भीड़ थी। पुलिस का जवान अंदर तैनात नहीं था। भीड़ को डायवर्ट करने या दो लाइनों में बांटने की कोई व्यवस्था नहीं थी। मंदिर के पुजारी ही जल्दी-जल्दी दर्शन कर निकलने को कह रहे थे। इस बीच एक महिला को चक्कर आ गया, जिससे वो वहीं गिर पड़ी। कुछ लोग उसे संभालने लगे, और भीड़ को पीछे करने की कोशिश की। इस दौरान भगदड़ मच गई।’
40 मिनट बाद पहुंची एंबुलेंस
मंदिर में मौजूद एक श्रद्धालु ने बताया, ‘भगदड़ के बाद कई महिलाएं बेहोश पड़ीं थीं। कुछ दर्द से चिल्ला रहीं थीं। लोगों ने पुलिस को खबर की। पहले 2-3 पुलिस वाले पहुंचे। उनके साथ मिलकर श्रद्धालुओं ने घायल महिलाओं को किनारे लिटाया। कई बार एंबुलेंस के लिए फोन किया गया। घटना के करीबब 40 मिनट बाद पहली एंबुलेंस पहुंची और पुलिस के कुछ अफसर भी आए। इसके बाद घायलों को अस्पताल भिजवाया गया। महिलाओं को उठाते समय ही लग रहा था कि उनमें से कुछ की मौत हो गई है।’

भगदड़ के बाद मंदिर के पास के तालाब में पूजा सामग्री की दुकानों के सामान गिरे पड़े हैं।
लापरवाही के तीन बड़़े कारण
1. मंदिर प्रबंधन ने व्यवस्था नहीं की
आज चैत्र का आखिरी मंगलवार है। मघड़ा शीतला मंदिर में इस दिन हर साल भीड़ होती है, मंदिर प्रबंधन को इस बात की जानकारी थी, इसके बाद भी भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए अलग से कोई इंतजाम नहीं किया गया था। भीड़ को कंट्रोल करने के लिए मंदिर परिसर में बैरिकेडिंग तक नहीं की गई थी। सुबह 8 से 9 बजे के बीच भीड़ अव्यवस्थित हो गई।
2. चोर दरवाजे से दर्शन कराए जा रहे थे
बढ़ती भीड़ को कंट्रोल करने की बजाए मंदिर प्रबंधन और वहां मौजूद पुजारी फायदा उठा रहे थे। वे लोगों से पैसा लेकर पीछे के दरवाजे से माता का दर्शन कराने लगे। इन्हें रोकने वाला कोई नहीं था, ये अपनी मनमानी कर रहे थे। इसके कारण लोगों में नाराजगी बढ़ती चली गई।
3. 25 हजार की भीड़, पुलिस- प्रशासन की कोई व्यवस्था नहीं
मंदिर परिसर में न तो सुरक्षा का कोई इंतजाम था और न ही भीड़ को कंट्रोल करने के लिए किसी पुलिसकर्मी को तैनात किया गया था। मेले की पहले से जानकारी होने के बाद भी प्रशासन की तरफ से यहां किसी मजिस्ट्रेट को तैनात नहीं किया गया था। घटना स्थल से 30KM की दूरी पर राष्ट्रपति आने वाली थीं, वहां 8 जिले के ढाई हजार जवान तैनात किए गए थे।

राष्ट्रपति की सुरक्षा में 2500 जवान, नालंदा पहुंचने से डेढ़ घंटे पहले हादसा
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आज नालंदा विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल होने नालंदा पहुंचीं। राष्ट्रपति सुबह 11.20 से शाम 4.50 बजे तक नालंदा में रहेंगी।
उनके कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की गई है। नालंदा के अलावा जहानाबाद, गया, पटना समेत 8 से अधिक जिलों से ढाई हजार से अधिक पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को लगाया गया है।
नालंदा के डीएम ने दंडाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मेडिकल सर्विसेज को हाई अलर्ट पर रखा गया था। मुख्य कार्यक्रम स्थल पर डॉक्टरों और मेडिकल कर्मियों की तैनात की गई थी।
छत्तीसगढ़
एमपी-छत्तीसगढ़, राजस्थान के युवा विधायकों का सम्मेलन:सीएम बोले- राजनीति में मर्यादा और अनुशासन जरूरी, राजस्थान के स्पीकर ने कहा- विरोध तार्किक हो
भोपाल/रायपुर, एजेंसी। मध्य प्रदेश विधानसभा में चल रहे युवा विधायक सम्मेलन में 3 राज्यों के 50 से ज्यादा MLA मौजूद हैं। इनको संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- जनता के बीच बने रहने के लिए विनम्रता बनाए रखें। इलाके की अच्छाई के साथ कमजोरी को भी समझें। राजनीति में मर्यादा और अनुशासन जरूरी है। आज के दौर में दुनिया हमारी तरफ देख रही है कि भारत किस तरह 2047 के अमृत काल की तरफ बढ़ रहा है।
वहीं, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने अपनी बात रखते हुए छात्र संघ चुनाव कराने की मांग रखी। उन्होंने कहा- हमारे यहां छात्र संघ चुनाव बंद हो गए। नेतृत्व की शुरुआत कॉलेज से होती है। कॉलेज के समय युवाओं के अंदर आग होती है सिस्टम से लड़ने की। वहां से शुरुआत होती है सोचविचार की और सिस्टम से लड़ने की। लोकतंत्र की जड़ें तभी मजबूत होंगी, जब इस देश में डेमोक्रेसी मजबूत रहेगी।
राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा- संसदीय लोकतंत्र में जो कठिनाई आती हैं, उनसे नई परिस्थितियों का निर्माण होता है। विरोध तार्किक प्रक्रिया होनी चाहिए। हमारा प्रतिनिधित्व सार्थक सेवा की ओर बढ़े। हम सब मिलकर नागरिकों और विधायिका के बीच संवाद करें। हम पूरा समय सदन में बैठने का स्वभाव बनाएं। अनुभवी लोगों के भाषण सुनें।

- युवा विधायकों का स्वागत पारंपरिक लोक नृत्य से किया गया। इसके बाद ग्रुप फोटो खींचा गया। इसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, राजस्थान के विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, मध्य प्रदेश के संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी मौजूद रहे।
- दो दिन तक चलने वाले युवा विधायक सम्मेलन में कुल पांच सत्र होंगे। पहले दिन यानी आज तीन सत्र होंगे। इनमें लोकतंत्र में नागरिकों की भागीदारी को मजबूत करने और विकसित भारत 2047 के विजन तक पहुंचने में युवा विधायकों की भूमिका जैसे विषयों पर चर्चा हो रही है।
- 31 मार्च को सम्मेलन के दूसरे और आखिरी दिन ‘विकसित भारत 2047: युवा विधायकों के दायित्व एवं चुनौतियां’ विषय पर मंथन होगा। राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश समापन सत्र में शामिल होंगे। एमआईटी, पुणे के चेयरमैन डॉ. राहुल वी. कराड भी संबोधन देंगे।

युवा विधायकों का स्वागत लोक नृत्य से किया गया।

विधानसभा के प्रवेश द्वार पर विधायकों को गमछा ओढ़ाया गया।

विधायकों का सीएम डॉ. मोहन सिंह और स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर के साथ ग्रुप फोटो खींचा गया।

सम्मेलन में तीन राज्यों के 45 विधायक मौजूद हैं।

सीएम मोहन यादव ने कहा- भारत 2047 के अमृत काल की तरफ बढ़ रहा है।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा- नेतृत्व की शुरुआत कॉलेज से होती है।

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