Connect with us

देश

गोवा के नाइट क्लब में सिलेंडर ब्लास्ट, 25 मौतें:क्लब का मैनेजर गिरफ्तार, 4 टूरिस्ट समेत 18 लोगों के शवों की पहचान की गई

Published

on

पणजी,एजेंसी। गोवा के अरपोरा इलाके में शनिवार देर रात एक नाइट क्लब में सिलेंडर ब्लास्ट होने से 25 लोगों की मौत हो गई, जबकि 6 लोग घायल हैं। मरने वालों में 4 टूरिस्ट और 14 स्टाफ शामिल हैं, जबकि 7 लोगों की पहचान अभी नहीं हो पाई है।

गोवा पुलिस ने क्लब के मैनेजर को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक क्लब में करीब 12 बजे सिलेंडर ब्लास्ट हुआ। यह इतना जोरदार था कि कुछ ही मिनटों में आग पूरे क्लब में फैल गई। फायर ब्रिगेड ने काफी देर की कोशिश के बाद आग पर काबू पाया।

घटना की सूचना मिलते ही CM प्रमोद सावंत और स्थानीय विधायक माइकल लोबो मौके पर पहुंचे। CM ने बताया कि 3 लोगों की मौत जलने और बाकी की मौत दम घुटने से हुई है। हादसे की पूरी जांच होगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

शुरुआती जांच में सामने आया है कि क्लब में फायर सेफ्टी नियमों का पालन नहीं किया गया था। प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और फोरेंसिक (FSL) टीम आग की असली वजह की जांच कर रही है।

वहीं, प्रधानमंत्री ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिवारों को लिए 2 लाख रुपए और घायलों के लिए 50 हजार रुपए देने का ऐलान किया है।

घटना से जुड़ी तस्वीरें…

आग लगने के वक्त क्लब में डांसर और बैंड परफॉर्मेंस दे रहे थे।

आग लगने के वक्त क्लब में डांसर और बैंड परफॉर्मेंस दे रहे थे।

आग लगने के बाद क्लब में अफरा तफरी का माहौल दिखा।

आग लगने के बाद क्लब में अफरा तफरी का माहौल दिखा।

आग लगने के बाद क्लब में धुआं भरता दिखा, जिससे लोगों का दम घुटा।

आग लगने के बाद क्लब में धुआं भरता दिखा, जिससे लोगों का दम घुटा।

पणजी से करीब 25 km दूर अरपोरा गांव में यह पॉपुलर पार्टी वेन्यू पिछले साल खुला था। आग आधी रात के बाद रोमियो लेन के पास बिर्च में लगी।

पणजी से करीब 25 km दूर अरपोरा गांव में यह पॉपुलर पार्टी वेन्यू पिछले साल खुला था। आग आधी रात के बाद रोमियो लेन के पास बिर्च में लगी।

घटना में घायल हुए लोगों को अस्पताल भेजा गया।

घटना में घायल हुए लोगों को अस्पताल भेजा गया।

आग लगने से क्लब के अंदर रखा सारा सामान जल गया।

आग लगने से क्लब के अंदर रखा सारा सामान जल गया।

पुलिस और जांच अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद हैं।

पुलिस और जांच अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद हैं।

गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत सूचना मिलते ही घटनास्थल पर पहुंचे।

गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत सूचना मिलते ही घटनास्थल पर पहुंचे।

किचन से शुरू हुई आग, सीढ़ियों पर मिले शव

गोवा के डीजीपी आलोक कुमार ने बताया कि 25 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं। मरने वालों में ज्यादातर क्लब में काम करने वाले कर्मचारी थे। डीजीपी ने कहा- आग सबसे पहले ग्राउंड फ्लोर में बनी रसोई से क्लब के दूसरे हिस्सों में फैली। इसलिए सबसे ज्यादा शव किचन एरिया से मिले हैं। भागने की कोशिश में दो लोगों की मौत सीढ़ियों पर हुई।

चश्मदीद बोलीं- लोग ग्राउंड फ्लोर के किचन में फंसे

चश्मदीद फातिमा शेख के मुताबिक, आग लगते ही अंदर जोरदार भगदड़ मच गई। उस समय क्लब में वीकेंड पार्टी चल रही थी और करीब 100 लोग डांस फ्लोर पर थे। जैसे ही धुआं और लपटें दिखीं, कई लोग घबराकर नीचे की ओर भागे और गलती से ग्राउंड फ्लोर के किचन में पहुंच गए। वहां पहले से मौजूद स्टाफ भी फंस गया। फातिमा ने बताया,

बाहर निकलने का रास्ता बहुत संकरा था, जिससे लोग बाहर नहीं निकल पाए। कुछ ही मिनटों में पूरा क्लब आग की लपटों में घिर गया, वहां पाम लीव्स से सजावट की गई थी, जो तुरंत जल गई। कई लोग जैसे-तैसे बाहर निकले, लेकिन कुछ अंदर ही रह गए।

CM सावंत बोले- जिम्मेदारों पर एक्शन लेंगे

CM सावंत ने X पर पोस्ट कर बताया कि आज का दिन गोवा के लिए बहुत दुखद है। अरपोरा में लगी भीषण आग में 23 लोगों की मौत हो गई। मैं बेहद दुखी हूं और इस कठिन समय में सभी पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। मैंने मौके पर जाकर हालात देखे और इस घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं।

उन्होंने बताया- जांच में यह पता लगाया जाएगा कि आग कैसे लगी और क्या वहां फायर सेफ्टी और बिल्डिंग के नियमों का सही तरह पालन किया गया था या नहीं। जो भी इस घटना के लिए जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। किसी भी तरह की लापरवाही को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

घटना पर किसने क्या कहा-

  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि नॉर्थ गोवा में आग लगने की दुखद घटना से बहुत दुख हुआ, जिसमें कई कीमती जानें गईं। दुखी परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है। इस मुश्किल समय में उन्हें हिम्मत मिले। मैं घायलों के जल्दी ठीक होने की प्रार्थना करता हूं।
  • गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि लोकल एडमिनिस्ट्रेशन बचाव और राहत का काम कर रहा है और प्रभावित लोगों को जरूरी देखभाल दे रहा है। जिन लोगों की जान गई, उनके परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है और घायलों के जल्दी ठीक होने की प्रार्थना करता हूं।
  • लोकसभा में नेत विपक्ष राहुल गांधी ने X पर पोस्ट कर हादसे पर दुख जताया। उन्होंने लिखा- यह सिर्फ एक हादसा नहीं सुरक्षा और शासन की क्रिमिनल नाकामी है। एक पूरी, ट्रांसपेरेंट जांच से जवाबदेही तय होनी चाहिए और यह पक्का होना चाहिए कि ऐसी रोकी जा सकने वाली दुखद घटनाएं दोबारा न हों।
  • राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि ऐसी दुखद घटनाओं की पूरी जांच, सख्त जवाबदेही तय होनी चाहिए। मैं वहां के कांग्रेस कार्यकर्ताओं से भी अपील करता हूं कि वे प्रभावित परिवारों को हर मुमकिन मदद दें और दुख की इस घड़ी में उनके साथ खड़े रहें।

BJP MLA ने क्लबों का सेफ्टी ऑडिट कराने की मांग की

BJP MLA माइकल लोबो ने कहा कि राज्य के सभी क्लबों का सेफ्टी ऑडिट करवाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि टूरिस्ट गोवा को हमेशा एक सुरक्षित जगह मानते हैं, लेकिन इस घटना बहुत चिंताजनक है और आगे ऐसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने जोर दिया कि टूरिस्ट और इन क्लबों में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा सबसे अहम है। लोबो ने बताया कि हादसे में ज्यादातर लोग बेसमेंट की तरफ भागते समय दम घुटने से मारे गए।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

देश

नेपाल सीमा से गिरफ्तार हुए TMC के पूर्व विधायक जहांगीर खान, STF की बड़ी कार्रवाई

Published

on

कोलकाता, एजेंसी। तृणमूल कांग्रेस के नेता जहांगीर खान को ‘जबरन वसूली’ के आरोप में सोमवार को उत्तर बंगाल में भारत-नेपाल सीमा के पास से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने खान को गिरफ्तारी से दी गई अंतरिम सुरक्षा 26 मई को वापस ले ली थी। खान के खिलाफ दक्षिण 24 परगना जिले के फाल्टा थाने में सात प्राथमिकी दर्ज हैं।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, ”खान को उत्तर बंगाल में भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।” हालांकि पुलिस ने गिरफ्तारी के संबंध में विस्तृत जानकारी नहीं दी है। खान 21 मई को फाल्टा विधानसभा उपचुनाव में चौथे स्थान पर रहे थे। हालांकि, उन्होंने चुनाव से कुछ दिन पहले अपनी उम्मीदवारी वापस लेने की घोषणा की थी, लेकिन नाम वापस लेने की अवधि समाप्त हो चुकी थी इसीलिए उनका नाम ईवीएम में दर्ज रहा।

कलकत्ता हाई कोर्ट ने खान को मिली अंतरिम सुरक्षा वापस ली
इससे पहले कलकत्ता हाई कोर्ट ने खान के खिलाफ दर्ज कई आपराधिक मामलों में पुलिस की किसी भी सख्त कार्रवाई से उन्हें मिली अंतरिम सुरक्षा वापस ले ली थी। कोर्ट ने 18 मई को खान को सख्त कार्रवाई से राहत दी थी, लेकिन बाद में इसे रद्द कर दिया गया। जजों ने कहा कि राज्य में राजनीतिक स्थिति में बदलाव और याचिकाकर्ता द्वारा राजनीतिक बदले की भावना के दावों के कारण ऐसी सुरक्षा जारी रखना उचित नहीं होगा।

खान के वकील किशोर दत्ता ने कोर्ट में तर्क दिया कि 4 मई को विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद उनके मुवक्किल के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज किए गए थे। उन्होंने दावा किया कि ये मामले राजनीतिक बदले की भावना का नतीजा थे और कहा कि सुरक्षा न केवल चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी थी, बल्कि खान को कथित उत्पीड़न से बचाने के लिए भी थी। दूसरी ओर, अतिरिक्त महाधिवक्ता राजदीप मजूमदार ने सुरक्षा बढ़ाने की मांग का विरोध किया। उन्होंने कहा कि पहले दी गई सुरक्षा केवल खान को 21 मई को फाल्टा में हुए दोबारा मतदान (रीपोल) में भाग लेने में सक्षम बनाने के लिए थी, जिसके नतीजे 24 मई को घोषित किए गए थे।

 पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में फाल्टा विधानसभा उपचुनाव (रीपोल) के बीच एक बड़ी राजनीतिक घटनाक्रम में, जहांगीर खान ने अपना नामांकन वापस ले लिया, जो पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए एक बड़ा झटका था। उन्होंने कहा कि दौड़ से हटने का फैसला फाल्टा के लोगों की भलाई के लिए लिया गया था। खान ने कहा, “मैं फाल्टा का बेटा हूं और चाहता हूं कि फाल्टा शांतिपूर्ण रहे और तरक्की करे। हमारे मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी फाल्टा के विकास के लिए एक विशेष पैकेज दे रहे हैं, इसलिए मैंने निर्वाचन क्षेत्र में दोबारा मतदान प्रक्रिया से दूर रहने का फैसला किया है।”

Continue Reading

देश

भाजपा की फूट डालने की पुरानी चाल कामयाब नहीं होगी, क्रॉस वोटिंग की आशंका पर दिग्विजय सिंह का तीखा हमला

Published

on

भोपाल, एजेंसी। मध्य प्रदेश में कांग्रेस से राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन ने अपना नामाकंन दाखिल किया। उनका मुकाबले में भाजपा ने तीसरे उम्मीदवार के रूप में महेश केवट को उतारा है। ऐसे में मुकाबला बेहद रोचक हो गया है। वहीं कांग्रेस में क्रॉस वोटिंग का खतरा बढ़ गया है। हालांकि कांग्रेस ने इसे भाजपा की गलतफहमी बताया है।

कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह का कहना है, “बीजेपी को गलतफहमी है कि वे पार्टी में फूट डाल सकते हैं। कांग्रेस पूरी तरह से संगठित और एकजुट है; सभी कांग्रेस विधायक पार्टी की उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन को मजबूती से अपना पूरा समर्थन देंगे और बीजेपी की फूट डालने की पुरानी चाल कामयाब नहीं होगी। मीनाक्षी नटराजन कांग्रेस की उम्मीदवार हैं और हम कांग्रेस में एकजुट हैं।”

बता दें कि 230 सदस्यों वाली मध्य प्रदेश विधानसभा में प्रभावी वोट संख्या 228 है। इनमें से BJP के पास 164 और कांग्रेस के पास 64 विधायक हैं। बीना की विधायक निर्मला सप्रे के वोट की स्थिति साफ न होने (जो BJP की तरफ झुकती दिख रही है) और विजयपुर के विधायक मुकेश मल्होत्रा ​​के वोटिंग पर रोक के कारण, कांग्रेस की प्रभावी संख्या घटकर 62 रह गई है।

राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए हर उम्मीदवार को 58 वोटों की ज़रूरत होती है। इस तरह, BJP को दो सीटें जीतने के लिए 116 वोटों की ज़रूरत है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कुल 164 वोटों में से 116 वोट डालने के बाद BJP के पास 48 वोट बचेंगे, जबकि तीसरी सीट पक्की करने के लिए उसे 10 और वोटों की ज़रूरत होगी। कांग्रेस के पास एक सीट जीतने के लिए ज़रूरी संख्या तो है, लेकिन BJP द्वारा तीसरे उम्मीदवार के ऐलान ने उसकी चिंताएं बढ़ा दी हैं और नटराजन के चुनाव जीतने की राह मुश्किल कर दी है।

Continue Reading

देश

क्या शिवसेना की तहर दो गुटों में बंट जाएगी TMC?, सांसद के इस्तीफे से बंगल में गरमाई सियासत

Published

on

कोलकाता, एजेंसी। बंगाल चुनाव में बीजेपी की शानदार जीत की पूरे देश में चर्चा है तो वहीं तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद पार्टी के बीच अंदरूनी कलह भी सामने आने लगी है इसे लेकर अब पार्टी के भविष्य की रणनीति पर लोग चर्चा कर रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में अब इस बात को लेकर चर्चा शुरू हो गई है कि क्या तृणमूल कांग्रेस में भी Shiv Sena की तरह अंदरूनी खींचतान बढ़ेगी या पार्टी नेतृत्व समय रहते हालात संभाल लेगा। विपक्ष लगातार TMC में असंतोष और गुटबाजी के आरोप लगा रहा है, जबकि पार्टी नेतृत्व इसे सामान्य राजनीतिक घटनाक्रम बता रहा है।

अगल गुट बनाने को लेकर चर्चा तेज इस्तीफा 
दरअसल, अंदरूनी कलह के बीच पार्टी के सांसदों के एक समूह ने भविष्य की रणनीति और पार्टी से अलग होकर एक नया गुट बनाने की संभावना पर चर्चा करने के लिए सोमवार को यहां बैठक की। बैठक में हिस्सा लेने वाले नेताओं में सुखेंदु शेखर राय भी शामिल थे, जिन्होंने सोमवार को ही पार्टी से इस्तीफा दे दिया और राज्यसभा की सदस्यता भी छोड़ दी थी। उनके अलावा तृणमूल के लोकसभा सांसद प्रसून बनर्जी, शर्मिला सरकार, जगदीश चंद्र बसुनिया, कालीपद सरन खेरवाल और अरूप चक्रवर्ती भी बैठक में मौजूद थे। 

ममता बनर्जी को व्हाट्सऐप पर भेजा 
मीडिया से बातचीत में राय ने कहा कि उन्होंने राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन से मुलाकात कर उन्हें अपना इस्तीफा सौंप दिया है। राय ने कहा, ”मैंने पार्टी से इस्तीफा देने के अपने फैसले से ममता बनर्जी को व्हाट्सऐप और ईमेल के जरिये अवगत करा दिया है। यह घटनाक्रम पश्चिम बंगाल विधानसभा में तृणमूल के 60 विधायकों द्वारा एक अलग गुट बनाने के बाद सामने आया है, जहां रिताब्रता बनर्जी ने ममता बनर्जी के नामित उम्मीदवार के बजाय नेता प्रतिपक्ष का कार्यभार संभाल लिया है।

इस्तीफे को लेकर दिया ये बयान 
राय ने कहा, “विधानसभा में जो कुछ भी हुआ, क्या कोई यह बता सकता है कि राज्यसभा या लोकसभा में वैसी ही स्थिति पैदा नहीं होगी?” हालांकि, राय ने स्पष्ट किया कि राज्यसभा और पार्टी से उनका इस्तीफा राज्य विधानसभा में हुए घटनाक्रम से अलग है, क्योंकि वहां के विधायकों ने इस्तीफा नहीं दिया है। उन्होंने कहा, ”उनके कदम और मेरे कदम के बीच कोई संबंध नहीं है। यह पूरी तरह से अलग है। मैंने पार्टी से इस्तीफा दिया है, उन्होंने नहीं। राज्यसभा में मेरा कार्यकाल 2029 में समाप्त होना था, लेकिन मैंने सैद्धांतिक तौर पर इस्तीफा दे दिया, क्योंकि मेरे लिए (पार्टी में) बने रहना मुश्किल हो गया था।”

‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक में शामिल हुए अभिषेक बनर्जी
यह राजनीतिक घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है, जब तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी और उनके भतीजे एवं पार्टी सांसद अभिषेक बनर्जी यहां ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक में भाग ले रहे हैं। इस बैठक में गठबंधन के भीतर एकजुटता पर जोर दिया गया और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने तथा जनता की आजीविका से जुड़े मुद्दों को उठाने की आवश्यकता बताई गई।

तृणमूल के इन दोनों नेताओं के अलावा बैठक में कांग्रेस की सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे, समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के तेजस्वी यादव, नेशनल कॉन्फ्रेंस के उमर अब्दुल्ला और पीडीपी की महबूबा मुफ्ती के साथ-साथ वामपंथी नेता भी मौजूद थे। हालांकि ममता से नाराज विधायकों ने अभी तक अलग पार्टी बनाए जाने को लेकर कोई भी अधिकारिक ऐलान नहीं किया। 

Continue Reading
Advertisement

Trending

Copyright © 2020 Divya Akash | RNI- CHHHIN/2010/47078 | IN FRONT OF PRESS CLUB TILAK BHAVAN TP NAGAR KORBA 495677