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IPL ऑक्शन-प्रशांत वीर और कार्तिक शर्मा ₹14.20-14.20 करोड़ में बिके:दोनों को CSK ने बेस प्राइस से 47 गुना ज्यादा कीमत में खरीदा; ग्रीन सबसे महंगे विदेशी

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अबू धाबी,एजेंसी। ऑस्ट्रेलिया के ऑलराउंडर कैमरन ग्रीन IPL इतिहास के सबसे महंगे विदेशी खिलाड़ी बन गए हैं। उन्हें मंगलवार को अबु धाबी में चल रहे मिनी ऑक्शन में कोलकाता नाइट राइडर्स ने 25.20 करोड़ रुपए में खरीदा। ग्रीन ने अपने ही देश के मिचेल स्टार्क का रिकॉर्ड तोड़ा। उन्हें 2024 में KKR ने ही 24.75 करोड़ रुपए में खरीदा था। ऋषभ पंत (27 करोड़) इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी हैं।

20 साल के प्रशांत वीर और 19 साल के कार्तिक शर्मा एक समान 14.20-14.20 करोड़ में बिके हैं। दोनों को CSK ने 30 लाख की बेस प्राइस से 47 गुना ज्यादा कीमत देकर खरीदा। प्रशांत उत्तर प्रदेश के हैं, जबकि कार्तिक राजस्थान के हैं। इनके अलावा, जम्मू एंड कश्मीर के आकिब नबी डार को 8.40 करोड़ रुपए में में दिल्ली कैपिटल्स ने खरीदा।

तेज गेंदबाजों के सेट में कोलकाता ने श्रीलंकाई तेज गेंदबाज मथीशा पथिराना (18 करोड़) को अपने साथ जोड़ा न्यूजीलैंड के जैकब डफी को RCB और एनरिक नॉर्त्या को LSG ने 2-2 करोड़ में खरीदा।

स्पिनर्स रवि बिश्नोई को RR ने 7.20 करोड़ में खरीदा। वेंकटेश अय्यर को RCB ने महज 7 करोड़ रुपए में खरीद लिया। उन्हें 2024 के मेगा ऑक्शन में KKR ने 23.75 करोड़ में खरीदा था।

ग्रीन को 18 करोड़ रुपए ही मिलेंगे

कोलकाता ने भले ही कैमरन ग्रीन को 25.2 करोड़ में खरीदा है, ग्रीन को 18 करोड़ रुपए ही मिलेंगे। 7.2 करोड़ रुपए BCCI के वेलफेयर फंड में जमा करा दिए जाएंगे। BCCI ने पिछले साल ही विदेशी खिलाड़ियों के लिए मिनी ऑक्शन में 18 करोड़ रुपए की अपर लिमिट तय कर दी थी। ताकि विदेशी खिलाड़ी ज्यादा डिमांड का अनुचित फायदा न उठा पाएं।

अब तक की नीलामी की खास बातें

  • कुल 25 प्लेयर्स बिके हैं। इनमें 10 विदेशी हैं।
  • 10 फ्रेंचाइजी अब तक 119.10 करोड़ खर्च कर चुकी हैं।
  • ऑस्ट्रेलिया के कैमरन ग्रीन इस नीलामी के सबसे महंगे खिलाड़ी हैं। वे 25.20 करोड़ में बिके।

10वें सेट की हाईलाइट्स

  • 10वें सेट में यश राज पुंजा पर राजस्थान रॉयल्स ने 30 लाख की बेस प्राइस पर भरोसा जताया।
  • विग्नेश पुथुर भी 30 लाख में राजस्थान रॉयल्स के खाते में गए। प्रशांत सोलंकी को 30 लाख में KKR ने खरीदा।
  • कर्ण शर्मा, शिवम शुक्ला, कुमार कार्तिकेय सिंह और वहीदुल्लाह जदरान अनसोल्ड रहे।

सुशांत मिश्रा को RR ने 90 लाख में खरीदा

नमन तिवारी को LSG ने एक करोड़ रुपए में खरीदा

अशोक शर्मा को GT ने 90 लाख में खरीदा

8वें सेट की हाईलाइट्स

  • आठवें सेट (विकेटकीपर) में सबसे बड़ा नाम कार्तिक शर्मा रहे। ऑक्शन की शुरुआत में रुचित अहीर और वंश बेदी 30 लाख की बेस प्राइस पर अनसोल्ड रहे, जबकि तुषार रहेजा भी खरीदार नहीं जुटा सके।
  • 30 लाख की बेस प्राइस के साथ उतरे कार्तिक पर टीमों के बीच जबरदस्त बिडिंग हुई और आखिरकार चेन्नई सुपर किंग्स ने उन्हें 14.20 करोड़ रुपए में खरीद लिया।
  • मुकुल चौधरी को लखनऊ सुपर जायंट्स ने 2.60 करोड़ रुपए में अपने साथ जोड़ा, जबकि तेजस्वी सिंह को कोलकाता नाइट राइडर्स ने 3 करोड़ रुपए में खरीदा।

तेजस्वी सिंह को KKR ने 3 करोड़ में खरीदा

राजस्थान के मुकुल चौधरी को LSG ने 2.60 करोड़ में खरीदा

कार्तिक शर्मा भी 14.20 करोड़ में बिके, CSK ने खरीदा

सातवां सेट- अनकैप्ड ऑलराउंडर्स में 3 बिके

  • 7वां सेट अनकैप्ड ऑलराउंडर्स का रहा। इसमें 10 प्लेयर्स थे। इनमें से 3 को खरीदा गया। जबकि 7 अनसोल्ड रहे।
  • आकिब नबी डार को 8.40 करोड़ में DC ने, प्रशांत वीर को 14.20 करोड़ CSK और शिवांग कुमार को 30 लाख SRH ने खरीदा।
  • राजवर्धन हंगरगेकर (40 लाख), तनुष कोटियान (30 लाख), महिपाल लोमरोर (50 लाख), कमलेश नागरकोटी (30 लाख), विजय शंकर (30 लाख), सनवीर सिंह (30 लाख) और एडेन टॉम (30 लाख) अनसोल्ड रहे।

प्रशांत वीर को CSK ने 14.20 करोड़ रुपए में खरीदा

उत्तर प्रदेश के प्रशांत वीर को CSK ने 14.20 करोड़ रुपए में खरीदा है। उन्होंने वे यूपी टी-20 लीग के एमर्जिंग प्लेयर रहे थे। 20 साल के प्रशांत ने 10 मैच में 155.34 के स्ट्राइक रेट से 320 रन बनाए थे। इतना ही नहीं, गेंदबाजी में 8 विकेट भी झटके।

  • आकिब डार 8.40 करोड़ में बिके, DC ने खरीदा

30 लाख रुपए की ब्रस प्राइस वाले आकिब नबी डार को 8.40 करोड़ रुपए में में दिल्ली कैपिटल्स ने खरीदा है। पेस बॉलिंग ऑलराउंडर ने पिछले रणजी सीजन के 8 मैचों में 44 विकेट झटके थे।

छठे सेट के सभी प्लेयर्स अनसोल्ड 

छठा सेट अनकैप्ड बैटर्स का था। ऐसे प्लेयर जो एक भी इंटरनेशनल मैच नहीं खेल सके हैं। इसमें 6 प्लेयर्स के नाम ऑक्शन पूल में लाए गए। इनमें से आर्या देसाई, यश धुल, अभिनव मनोहर, अनमोलप्रीत सिंह, अथर्व तायडे और अभिनव तेजराना अनसोल्ड रहे।

5वें सेट में 2 स्पिनर्स बिके, बिश्नोई को RR ने लिया

पांचवां सेट स्पिन गेंदबाजों का था। 5 प्लेयर्स के सेट में 2 खिलाड़ी ही बिके। रवि बिश्नोई को राजस्थान रॉयल्स ने 7.20 करोड़ रुपए में खरीदा। जबकि, कैरेबियाई स्पिनर अकील हुसैन को CSK ने 2 करोड़ में अपने खेमे में शामिल किया। मुजीब उर रहमान, महीश तीक्ष्णा और राहुल चहर पर किसी ने बोली नहीं लगाई।

अकील हुसैन को CSK ने 2 करोड़ में खरीदा

रवि बिश्नोई को राजस्थान रॉयल्स ने खरीदा, 7.20 करोड़ में बिके

चौथा सेट- 3 तेज गेंदबाज ही बिके, 6 अनसोल्ड

फास्ट बॉलर्स के सेट में 9 प्लेयर्स के नाम पुकारे गए। इनमें से मथीशा पथिराना को 18 करोड़ में KKR जैकब डफी को RCB ने और एनरिक नॉर्त्या- LSF ने 2-2 करोड़ रुपए में खरीदा। वहीं, फजलहक फारूकी, स्पेंसर जॉनसन, जेराल्ड कूट्जी, शिवम मावी, मैट हेनरी और आकाश दीप अनसोल्ड रहे।

नॉर्त्या को LSG ने 2 करोड़ में खरीदा

पथिराना 18 करोड़ में बिके, KKR ने खरीदा

फिन को KKR ने खरीदा



डकेट दिल्ली के साथ गए, बेस प्राइस 2 करोड़ में बिके



डी कॉक एक करोड़ रुपए में बिके, MI ने खरीदा



23 करोड़ के वेंकटेश 7 करोड़ में बिके, RCB ने खरीदा



पिछली बार 23.75 करोड़ रुपए में बिकने वाले वेंकटेश अय्यर महज 7 करोड़ रुपए में बिक गए। उन्हें RCB ने खरीदा। दूसरे सेट में 7 खिलाड़ियों के नाम थे, इनमें से 2 खिलाड़ी ही बिके। वनिंदु हसरंगा को लखनऊ सुपर जायंट्स ने 2 करोड़ रुपए में खरीदा। गस एटकिंसन, दीपक हुड्डा, लियम लिविंगस्टन, वियान मुल्डर और रचिन रवींद्र अनसोल्ड रहे।





पहले सेट में सिर्फ दो प्लेयर ही बिके, 4 अनसोल्ड रहे



ऑस्ट्रेलिया के ऑलराउंडर कैमरन ग्रीन IPL इतिहास के सबसे महंगे विदेशी खिलाड़ी बन गए हैं। उन्हें कोलकाता नाइट राइडर्स ने 25.20 करोड़ रुपए में खरीदा। ग्रीन ने अपने ही देश के मिचेल स्टार्क का रिकॉर्ड तोड़ा। उन्हें 2024 में KKR ने ही 24.75 करोड़ रुपए में खरीदा था।
पहले सेट में 6 प्लेयर्स ऑक्शन पूल पर लाए गए। इसमें से 2 ही बिके। डेविड मिलर को दिल्ली कैपिटल्स ने 2 करोड़ रुपए में अपने साथ जोड़ा।




जेक फ्रेजर-मैकगर्क, डेवोन कॉन्वे, सरफराज खान और पृथ्वी शॉ अनसोल्ड रहे हैं। उन पर किसी ने बोली नहीं लगाई।

डेविड मिलर 2 करोड़ में दिल्ली में शामिल साउथ अफ्रीका के डेविड मिलर को उनकी बेस प्राइस 2 करोड़ में दिल्ली कैपिटल्स ने खरीदा। मिलर IPL के 141 मैचों में 3077 रन बना चुके हैं। वे पिछला सीजन लखनऊ सुपर जाएंट्स से खेले थे।

जेक फ्रेजर-मैकगर्क अनसोल्ड रहेऑस्ट्रेलिया के ओपनर जेक फ्रेजर-मैकगर्क अनसोल्ड रह गए। उन्हें कोई खरीददार नहीं मिला। मैकगर्क की बेस प्राइस 2 करोड़ थी। वे पहली दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेल चुके हैं। उन्होंने 15 IPL मैचों में 385 रन बनाए हैं।


किस टीम में सबसे ज्यादा जगह खाली?

कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) में सबसे ज्यादा 13 प्लेयर्स की जगह खाली है। टीम ने 12 ही प्लेयर्स रिटेन किए, टीम ऑक्शन में 6 विदेशी प्लेयर्स को भी खरीदेगी। पंजाब किंग्स (PBKS) में सबसे कम 4 ही प्लेयर्स की जगह है, पिछली रनर-अप टीम ने 21 प्लेयर्स को रिटेन किया। एक टीम में 22 से 25 प्लेयर्स शामिल हो सकते हैं। पंजाब के बाद मुंबई इंडियंस (MI) और गुजरात टाइटंस (GT) में 5-5 प्लेयर्स की जगह खाली है।

  • जैकब डफी को RCB ने 2 करोड़ रुपए में खरीदा
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पहली बार छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी का इंडिया A में चयन:आयुष पांडेय श्रीलंका के खिलाफ खेलेंगे, 25 जून से होने वाले 4 दिवसीय-सीरीज में दिखेंगे

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रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ क्रिकेट के लिए बड़ी उपलब्धि सामने आई है। प्रदेश के रणजी खिलाड़ी और बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज आयुष पांडे का चयन भारतीय ए टीम में हुआ है। राज्य में यह पहली बार है, जब किसी खिलाड़ी का चयन भारतीय ए टीम के लिए हुआ है।

आयुष 25 जून 2026 से शुरू होने वाली श्रीलंका ए के खिलाफ चार दिवसीय सीरीज में भारत ए टीम का हिस्सा होंगे। आयुष पांडे ने पिछले रणजी ट्रॉफी सीजन में छत्तीसगढ़ की ओर से शानदार प्रदर्शन किया था।

उन्होंने 7 मैचों की 13 पारियों में 57.30 की औसत से 573 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से 2 शतक और 2 अर्धशतक निकले। उनका सर्वोच्च स्कोर 183 रन रहा। रणजी ट्रॉफी में लगातार अच्छे प्रदर्शन के दम पर आयुष का चयन दलीप ट्रॉफी के लिए भी हुआ था।

वहां भी उन्होंने अपनी बल्लेबाजी से प्रभावित किया। दलीप ट्रॉफी में 2 मैचों की 3 पारियों में उन्होंने 53.92 की औसत से 102 रन बनाए।

भारत A टीम क्या है?

भारत A टीम को भारतीय क्रिकेट की “दूसरी राष्ट्रीय टीम” या राष्ट्रीय टीम की फीडर टीम कहा जाता है। इसमें घरेलू क्रिकेट (रणजी ट्रॉफी, दलीप ट्रॉफी, विजय हजारे आदि) में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को मौका दिया जाता है।

इसका मुख्य उद्देश्य सीनियर भारतीय टीम के संभावित खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर जैसी प्रतिस्पर्धा में परखना होता है।

भारत A टीम का रोल क्या होता है?

  • सीनियर भारतीय टीम के लिए खिलाड़ियों की तैयारी करना।
  • घरेलू क्रिकेट और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के बीच की खाई को कम करना।
  • चयनकर्ताओं को यह देखने का मौका देना कि खिलाड़ी विदेशी या मजबूत विपक्ष के खिलाफ कैसा प्रदर्शन करता है।
  • टेस्ट क्रिकेट के संभावित खिलाड़ियों को लंबे प्रारूप के मैचों में परखना।
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कवर्धा: उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने राष्ट्रीय पदक विजेता बेसबॉल खिलाडि़यों का किया सम्मान

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कवर्धा के पांच खिलाडि़यों ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता में जीते 3 स्वर्ण और 2 रजत पदक

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने राष्ट्रीय पदक विजेता बेसबॉल खिलाडि़यों का किया सम्मान
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने राष्ट्रीय पदक विजेता बेसबॉल खिलाडि़यों का किया सम्मान

कवर्धा। ओडिशा के भुवनेश्वर में आयोजित 31वीं राष्ट्रीय सब जूनियर बेसबॉल बालक एवं बालिका प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाले कवर्धा के खिलाडि़यों से उप मुख्यमंत्री एवं विधायक कवर्धा विजय शर्मा ने अपने कवर्धा स्थित निवास कार्यालय में मुलाकात कर उन्हें शुभकामनाएं दीं तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

    एमेच्योर बेसबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया के तत्वावधान में 24 से 29 मई तक आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रयास स्पोर्ट्स अकादमी कवर्धा के पांच खिलाडि़यों का छत्तीसगढ़ टीम में चयन हुआ था। इनमें बालक वर्ग से चंद्रेश कोर्राम, पंकज मेरावी और शुभम सेन तथा बालिका वर्ग से चांदनी साहू और जयश्री घृतलहरे शामिल थीं। प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की बालक टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया, जबकि बालिका टीम ने रजत पदक जीतकर प्रदेश का नाम रोशन किया। 
    उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने खिलाडि़यों को बधाई देते हुए कहा कि ग्रामीण अंचलों से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करना पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। खिलाडि़यों की यह सफलता आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनेगी।
    अकादमी के प्रशिक्षक राजा जोशी ने बताया कि खिलाडि़यों का चयन राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर हुआ था। राष्ट्रीय प्रतियोगिता के दौरान छत्तीसगढ़ की बालक टीम ने मध्यप्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, राजस्थान और दिल्ली जैसी मजबूत टीमों को हराकर फाइनल में महाराष्ट्र को 6-2 से पराजित कर राष्ट्रीय खिताब अपने नाम किया। फाइनल मुकाबले में चंद्रेश कोर्राम ने शानदार होमरन लगाकर टीम की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में तीन होमरन लगाए।
    वहीं बालिका वर्ग में छत्तीसगढ़ टीम ने दिल्ली, तेलंगाना और मेजबान ओडिशा को हराकर फाइनल में प्रवेश किया। हालांकि फाइनल मुकाबले में महाराष्ट्र के खिलाफ टीम को हार का सामना करना पड़ा, लेकिन रजत पदक जीतकर खिलाडि़यों ने शानदार प्रदर्शन किया। चांदनी साहू और जयश्री घृतलहरे ने टीम की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया। खिलाडि़यों की इस राष्ट्रीय उपलब्धि पर खेल प्रेमियों, अभिभावकों और जिलेवासियों में उत्साह का माहौल है। सभी ने खिलाडि़यों एवं उनके प्रशिक्षकों को बधाई देते हुए भविष्य में और बड़ी सफलताओं की शुभकामनाएं दी हैं।

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20 साल के प्रज्ञानानंदा ने रचा इतिहास, प्रतिष्ठित ‘नार्वे शतरंज’ का खिताब जीतने वाले बने पहले भारतीय

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ओस्लो/नई दिल्ली/चेन्नई, एजेंसी। भारतीय ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानानंदा (R Praggnanandhaa) ने वैश्विक शतरंज की दुनिया में एक नया इतिहास रच दिया है। उन्होंने सबसे कड़े और प्रतिष्ठित टूर्नामेंटों में से एक ‘नार्वे शतरंज’ (Norway Chess) का खिताब अपने नाम कर लिया है। वह इस महामुकाबले को जीतने वाले देश के पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। अंतिम दौर (लास्ट राउंड) के करो या मरो के मुकाबले में चेन्नई के इस 20 वर्षीय युवा खिलाड़ी ने जर्मनी के दिग्गज विन्सेंट कीमर को क्लासिकल बाजी में मात देकर पूरे 3 अंक बटोरे और एलीट शतरंज की सबसे चमचमाती ट्रॉफी अपने नाम कर ली। प्रज्ञानानंदा ने आखिरी दिन की शुरुआत 15 अंक के साथ तीसरे स्थान से की। 

उन्होंने सबसे अहम मौके पर बेहतरीन खेल दिखाया और क्लासिकल बाजी में जीत हासिल करके पूरे तीन अंक बटोरे। इस तरह वे 18 अंक पर पहुंचे और एलीट शतरंज की सबसे प्रतिष्ठित ट्रॉफियों में से एक अपने नाम की। चेन्नई के इस 20 वर्षीय खिलाड़ी ने वह उपलब्धि हासिल की जो 2013 में टूर्नामेंट की शुरुआत के बाद से भारतीय शतरंज के दिग्गज विश्वनाथन आनंद और मौजूदा विश्व चैंपियन डी गुकेश जैसे खिलाड़ी भी हासिल नहीं कर पाए थे। 

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नार्वे शतरंज में दूसरी बार हिस्सा ले रहे प्रज्ञानानंदा की शुरुआत धीमी रही थी लेकिन टूर्नामेंट के दूसरे हाफ में उन्होंने रफ्तार पकड़ी और लगातार चार जीत हासिल की। प्रज्ञानानंदा के अभियान की सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने नार्वे शतरंज के सात बार के चैंपियन और दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन को क्लासिकल बाजी में दो बार हराया। मौजूदा विश्व चैंपियन गुकेश के अंतिम चरण में खिताब की दौड़ से बाहर होने के बाद प्रज्ञानानंदा ने भारत की उम्मीदों को जीवंत रखा और आखिरकार खिताब अपने नाम किया। 

अमेरिकी ग्रैंडमास्टर वेस्ली सो आखिरी दौर से पहले 15.5 अंक के साथ सबसे आगे थे लेकिन अलीरेजा फिरोजा के खिलाफ उनकी क्लासिकल बाजी ड्रॉ रही जिससे मुकाबला आर्मागेडन टाईब्रेक में चला गया। इस नतीजे ने प्रज्ञानानंदा के लिए रास्ता खोल दिया। उन्हें पता था कि कीमर के खिलाफ क्लासिकल बाजी में जीत उन्हें अंक तालिका में सबसे ऊपर पहुंचा देगी और यादगार खिताब दिला देगी। 

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हालांकि वेस्ली सो ने टाईब्रेक जीत लिया लेकिन उस जीत से उन्हें सिर्फ डेढ़ अंक मिला जिससे उनके कुल अंक 17 रहे जबकि प्रज्ञानानंदा ने 18 अंक के साथ खिताब जीता। खिताब जीतने की उम्मीद के साथ आखिरी दौर में उतरे अलीरेजा 15.5 अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहे। मैच के बाद प्रज्ञानानंदा ने बताया कि चेन्नई में अपनी मां से हुई बातचीत ने उनका हौसला बढ़ाया था। 

उन्होंने कहा, उन्होंने मेरे से कहा था कि जून का महीना मेरे लिए अच्छा रहेगा और उनकी यह भविष्यवाणी सच साबित हुई। प्रज्ञानंदा ने कहा, मैं एक जून को अलीरेजा के खिलाफ मुकाबले से पहले अपनी मां से बात कर रहा था और वह मुझे कह रही थी, ‘यह नया महीना है, तुम अच्छा खेलोगे।’ यह वैसी ही बात है जो मां हमेशा कहती हैं और फिर मैंने ये चार बाजी जीतीं। मुझे लगता है कि उन्हें कुछ पता था। 

इसके बाद प्रज्ञानानंदा ने लगातार चार जीत हासिल कीं। यहां तक कि कार्लसन ने भी प्रज्ञानानंदा की जमकर तारीफ की और पूरे टूर्नामेंट में इस युवा भारतीय खिलाड़ी के प्रदर्शन को ‘शानदार’ बताया। कार्लसन ने प्रसारणकर्ता से कहा, ”यह वाकई कमाल की बात है। यह बहुत ही निर्णायक और जबरदस्त प्रदर्शन था और इससे पता चलता है कि अगर मैं भी इसी तरह का नतीजा हासिल करता तो मेरे लिए भी यह मुमकिन हो सकता था लेकिन हां यह अविश्वसनीय है। 

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वह एक जबरदस्त फाइटर है और उसे इसका इनाम मिलते देखना अच्छा लगता है। इस बीच गुकेश का निराशाजनक सफर जारी रहा। टूर्नामेंट में उनकी तीसरी मौजूदगी भी उस कामयाबी के बिना खत्म हुई जिसकी उन्हें उम्मीद थी विशेषकर ऐसे साल में जब उन्हें चैलेंजर जावोखिर सिंदारोव के खिलाफ अपने विश्व खिताब का बचाव करना है। 

आखिरी दौर में सफेद मोहरों से खेलते हुए कार्लसन ने क्लासिकल बाजी में 20 साल के गुकेश को हराकर तीन अंक हासिल किए। नार्वे का यह दिग्गज हालांकि इस जीत के बावजूद 13 अंक के साथ पांचवें स्थान पर रहा।

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