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कमलनाथ बोले- भाजपा में नहीं जा रहा-दिल्ली में बंगले पर बैठक की, पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा बोले- छिंदवाड़ा में कांग्रेस से चुनाव लड़ेंगे नकुलनाथ

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भोपाल/दिल्ली, एजेंसी। एम पी के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और उनके बेटे सांसद नकुलनाथ के भाजपा में शामिल होने की अटकलों पर सोमवार दोपहर में ब्रेक लग गया। सोमवार को कमलनाथ के साथ बैठक के बाद पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा ने कहा- कमलनाथ जी कह रहे हैं कि कोई कहीं नहीं जाने वाला। जिन लोगों ने कांग्रेस को वट वृक्ष बनाया है, वो कैसे छोड़ सकते हैं। कमलनाथ के करीबियों ने मीडिया को बताया कि उन्होंने मीडिया से बात करने के लिए पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा को अधिकृत किया है। सज्जन वर्मा ने कहा कि कमलनाथ की राहुल गांधी और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े से बात हुई है। छिंदवाड़ा से कांग्रेस के टिकट पर नकुलनाथ चुनाव लड़ेंगे। इससे पहले उन्होंने अपने बंगले पर बैठक की, जिसमें मध्य प्रदेश के विधायक, पूर्व विधायक और वरिष्ठ नेता शामिल हुए। दिल्ली में कमलनाथ के बंगले पर कल से लगा हुआ जय श्री राम का झंडा आज सुबह हटा दिया गया था, लेकिन दोपहर में फिर लगा दिया गया। कांग्रेस सांसद राजमणि पटेल ने कहा- कमलनाथ लंबे समय से देश में नफरत फैलाने वाली सोच के खिलाफ लड़ रहे हैं। यह उम्मीद करना कठिन है कि वह भाजपा में शामिल होंगे।

प्रदेश प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह को जिम्मेदारी

एमपी कांग्रेस में टूट की खबरों को लेकर एकजुटता की जिम्मेदारी प्रदेश प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह को दी गई है। जितेंद्र सिंह मंगलवार को भोपाल आएंगे। वे विधायकों से वन टु वन चर्चा करेंगे। बैठक सुबह 10.30 बजे शुरू होगी। बताया जा रहा है कि विधायकों को लोकसभा चुनाव और भारत जोड़ो न्याय यात्रा पर चर्चा के लिए बुलाया गया है। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह ने कहा- कमलनाथ हमारे वरिष्ठ नेता हैं। उन्हें लेकर जो भी बातें चल रही हैं, ये भाजपा और मीडिया की बनाई हुई हैं। कमलनाथ से मेरी बात हुई है। भारत जोड़ो न्याय यात्रा को लेकर बात हुई है। मंगलवार को भोपाल में इसे लेकर बैठक होगी। इसमें कमलनाथ भी शामिल होंगे। कमलनाथ भी यात्रा में प्रमुख रूप से भाग लेंगे। कमलनाथ पार्टी की संपत्ति- उमंग सिंघार

कमलनाथ के भाजपा में शामिल होने की खबरों के बारे में पूछने पर कांग्रेस नेता उमंग सिंघार ने कहा, यह सब अफवाहें हैं, कमलनाथ ने कभी ऐसा कुछ नहीं कहा है। वह पार्टी की संपत्ति हैं।

कमलनाथ के भाजपा में जाने की बात मीडिया की उपज- सज्जन

कमलनाथ के करीबी और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने रविवार को मीडिया से कहा, कमलनाथ ने कहा कि उन्होंने (पार्टी छोडऩे के बारे में) ऐसा कुछ भी नहीं सोचा है। अभी उनका फोकस इस बात पर है कि मध्य प्रदेश की 29 लोकसभा सीटों पर जातीय समीकरण कैसे होंगे। कमलनाथ के भाजपा में जाने की बात मीडिया की उपज है। वे कहीं नहीं जा रहे हैं।

मीडिया में आ रही बातें भ्रम हैं: जीतू पटवारी

वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा,मेरी कमलनाथ जी से बात हुई है। उन्होंने कहा कि मीडिया में जो बातें आ रही हैं, वे भ्रम हैं। मैं कांग्रेसी था, हूं और रहूंगा। हालांकि देर रात तक कमलनाथ की तरफ से कोई बयान नहीं आया कि वे कांग्रेस में रहेंगे या भाजपा में शामिल होंगे। उन्होंने सुबह दिल्ली में अपने आवास से निकलते वक्त मीडिया से सिर्फ इतना ही कहा था, अभी तो मेरी कहीं बात नहीं हुई है। मैं तेरहवीं में जा रहा हूं।

कमलनाथ के सवाल पर सीएम यादव ने साधी चुप्पी

कमलनाथ के बीजेपी में आने की अटकलों को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने चुप्पी साध ली। मीडिया के सवाल पर उन्होंने हाथ जोड़ लिए। सीएम डॉ. मोहन पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान से मिलने उनके सरकारी आवास पर पहुंचे थे। राहुल गांधी के फोन के बाद फंसा दल-बदल का पेंच

बताया जा रहा है कि राहुल गांधी ने रविवार को कमलनाथ से फोन पर चर्चा की। इसके बाद सियासी समीकरण बदल गए। राहुल ने नाथ से कहा कि आपने पार्टी और देश के लिए बहुत कुछ किया है। पार्टी ने हमेशा सम्मान किया है, आगे भी करती रहेगी।’ इसी के बाद कथित दल-बदल पर पेंच फंस गया। पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी भी बोले कि कमलनाथ जी ने कहा है- जो बातें आ रही हैं, सब भ्रम है। लोकतंत्र में हार-जीत लगी रहती है। हर परिस्थिति में कांग्रेस के विचार के साथ जीवन जिया है और अंतिम सांस तक जिऊंगा।

सज्जन सिंह वर्मा ने की कमलनाथ से मुलाकात

रविवार को दिल्ली में कमलनाथ से मिलने के बाद सज्जन सिंह वर्मा ने कहा, अभी मेरी कमलनाथ जी से चर्चा हुई। वे चार्ट लेकर बैठे हुए थे कि मध्यप्रदेश में लोकसभा चुनाव के टिकट कैसे बांटे जाएं? जातीय समीकरण क्या होंगे? कमलनाथ ने कहा है कि अभी मेरा ऐसा (भाजपा में शामिल होने का) विचार नहीं है, न मैंने किसी से चर्चा की है। कमलनाथ जी ये कह रहे हैं कि ये सब मीडिया वालों का बनाया हुआ प्रश्न है। मैंने किसी मीडिया वाले से यह नहीं कहा कि मैं कहां जा रहा हूं? वर्मा ने कहा- मैंने पूछा कि मीडिया वाले यह सवाल उठा रहे हैं तो कमलनाथ ने कहा कि मैंने किसी एक मीडिया वाले से यह कहा हो तो उसे मेरे सामने ले आओ। वे स्वयं बात उठा रहे हैं और स्वयं जवाब दे रहे हैं।

नकुल और प्रियानाथ जॉइन कर सकते हैं बीजेपी

सूत्रों की मानें तो कमलनाथ की बजाय उनके बेटे नकुलनाथ और बहू प्रियानाथ भाजपा जॉइन करेंगे। हालांकि ये अब तक साफ नहीं हो पाया है कि उनकी बीजेपी में जॉइनिंग कब होगी? वहीं, कमलनाथ बीजेपी में शामिल होने की बजाय राजनीति से संन्यास या चुनावी राजनीति से दूर रहने की घोषणा कर सकते हैं। कमलनाथ ने शनिवार को दिल्ली पहुंचने के बाद मीडिया के सवालों पर ये जरूर कहा था कि अगर ऐसा कुछ हुआ तो मीडिया को सबसे पहले बता देंगे। 21 फरवरी को मुख्यमंत्री मोहन यादव का छिंदवाड़ा में दौरा प्रस्तावित है। सियासी जानकारों का कहना है कि इस दौरे पर कमलनाथ के कई समर्थक बीजेपी की सदस्यता ले सकते हैं।

परासिया विधायक ने कांग्रेस में ही रहने का आग्रह किया

छिंदवाड़ा के परासिया से कांग्रेस से दूसरी बार के विधायक सोहनलाल वाल्मिक ने कमलनाथ और नकुलनाथ से कांग्रेस में ही रहने का आग्रह किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया। वाल्मीकि ने कहा, आपने सदा कांग्रेस की मजबूती के लिए काम किया है। देश में आपके लाखों समर्थक हैं। छिंदवाड़ा की जनता हमेशा आपके साथ खड़ी है। मैं आपसे आग्रह करता हूं कि आगे भी आप कांग्रेस का नेतृत्व संभालें। लोकसभा में कांग्रेस को जिताने के लिए काम करें।

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महिला आरक्षण से जुड़ा बिल 54 वोट से गिरा:पास होने के लिए चाहिए थे 352, मिले 298; मोदी सरकार बिल पास कराने में पहली बार नाकाम

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नई दिल्ली,एजेंसी। महिला आरक्षण बिल से जुड़ा संविधान (131वां) संशोधन बिल सरकार लोकसभा में पास नहीं करा पाई। इसमें संसद की 543 सीटें बढ़ाकर 850 करने का प्रावधान था। 21 घंटे की चर्चा के बाद वोटिंग हुई। लोकसभा में मौजूद 528 सांसदों ने वोट डाले। पक्ष में 298, विपक्ष में 230 वोट पड़े। बिल पास कराने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत थी। 528 का दो तिहाई 352 होता है। इस तरह ये बिल 54 वोट से गिर गया। लोकसभा में कुल 543 सीटें हैं, लेकिन 3 सीटें खाली होने की वजह से मौजूदा सांसद 540 है।

सरकार ने दो बिल वोटिंग के लिए पेश ही नहीं किए

पहला- परिसीमन संशोधन संविधान बिल 2026

दूसरा- केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल 2026

सरकार ने इन पर वोटिंग से इनकार किया। कहा कि ये बिल एक-दूसरे से लिंक है इसलिए वोटिंग की जरूरत नहीं है।

12 साल के शासन में यह पहला मौका जब मोदी सरकार सदन में कोई बिल पास नहीं करा पाई। इससे पहले अमित शाह ने एक घंटा स्पीच दी थी। कहा कि अगर ये बिल पास नहीं होते हैं तो जिम्मेदारी विपक्ष की होगी। देश की महिलाएं देख रही हैं कि उनकी राह का रोड़ा कौन है।

बिल गिरने के बाद विपक्ष ने कहा- हमने हरा दिया

  • राहुल गांधी ने कहा- हमने संविधान पर हुए हमले को हरा दिया है। हमने साफ कहा है कि यह महिला आरक्षण बिल नहीं है, बल्कि यह भारत की राजनीतिक संरचना को बदलने का एक तरीका है।
  • प्रियंका ने कहा– यह हमारे लोकतंत्र और देश की एकता के लिए एक बड़ी जीत है। जैसा कि मैंने अंदर कहा, यह संविधान पर हमला था, और हमने इसे विफल कर दिया है, जो कि एक अच्छी बात है।
  • शशि थरूर ने कहा– हमने हमेशा कहा है कि हम महिला आरक्षण का पूर्ण समर्थन करते हैं और आज भी इसके पक्ष में मतदान करने को तैयार हैं। हालांकि, इसे परिसीमन से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
  • एमके स्टालिन ने कहा- 23 अप्रैल को हम दिल्ली का अहंकार और उस अहंकार का समर्थन करने वाले गुलामों को हराएंगे।

संसद के बाहर भाजपा महिला सांसदों के प्रदर्शन की तस्वीरें…

बिल गिरने के बाद एनडीए की महिला सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया।

बिल गिरने के बाद एनडीए की महिला सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया।

महिला सांसदों ने ‘महिला का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान’ के नारे लगाए।

महिला सांसदों ने ‘महिला का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान’ के नारे लगाए।

सरकार को पता था बिल पास नहीं होगा, मोदी ने 3, शाह ने एक अपील की

सरकार जानती थी कि उसके पक्ष में लोकसभा में नंबर नहीं है, इसीलिए सरकार बार-बार सभी सांसदों से समर्थन की मांग कर रही थी। पीएम नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू समेत बीजेपी और NDA नेताओं ने विपक्ष से बिल को सपोर्ट करने की अपील की।

पीएम की 3 अपील

  • 13 अप्रैल एक कार्यक्रम में: मैं आपसे आग्रह करता हूं कि अपने स्थानीय सांसदों को पत्र लिखें और इस ऐतिहासिक संसद सत्र में हिस्सा लेते समय उनका हौसला बढ़ाएं।
  • 16 अप्रैल लोकसभा में: ‘हमें क्रेडिट नहीं चाहिए, जैसे ही पारित हो जाए तो मैं एड देकर सबको धन्यवाद देने को तैयार हूं। सामने से क्रेडिट का ब्लैंक चेक आपको दे रहा हूं।’
  • 17 अप्रैल सोशल मीडिया में: सभी सांसद वोटिंग से पहले अपनी अंतर्रात्मा की आवाज सुनें।

शाह ने कहा- महिलाएं माफ नहीं करेंगी

17 अप्रैल लोकसभा में अमित शाह ने कहा कि देश की महिलाएं देख रही हैं कि उनके रास्ते का रोड़ा कौन है। यहां पर तो शोर-शराबा करके बच जाओगे लेकिन माताओं-बहनों का आक्रोश बाहर पता चलेगा। चुनाव में वोट मांगने जाएंगे तो मातृशक्ति हिसाब मांगेगी।

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देश

‘परिसीमन एक ‘राजनीतिक नोटबंदी’ साबित होगा’- शशि थरुर का केंद्र सरकार पर तीखा हमला

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नई दिल्ली,एजेंसी। लोकसभा में शुक्रवार को ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ और ‘परिसीमन’ (Delimitation) पर चल रही बहस के दौरान कांग्रेस नेता शशि थरूर ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया की तुलना ‘नोटबंदी’ से करते हुए इसे भारतीय लोकतंत्र की आत्मा के लिए खतरा बताया।

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थरुर ने अपने भाषण में कहा

शशि थरूर ने कहा कि दशकों से महिला आरक्षण का वादा किया गया और इसे टाला गया। आज जब इस पर राजनीतिक सहमति बनी है, तब सरकार ने इसे परिसीमन जैसी जटिल प्रक्रिया से बांधकर महिलाओं की आकांक्षाओं को ‘बंधक’ बना लिया है। थरूर ने सरकार की जल्दबाजी पर सवाल उठाते हुए कहा, “आपने परिसीमन का प्रस्ताव वैसी ही जल्दबाजी में पेश किया है जैसी नोटबंदी के समय दिखाई थी। हम सब जानते हैं कि नोटबंदी ने देश का क्या हाल किया था। परिसीमन भी एक ‘राजनीतिक नोटबंदी’ साबित होगा, इसे मत कीजिए।”

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थरूर ने उत्तर और दक्षिण भारत के राज्यों के बीच शक्ति संतुलन बिगड़ने की आशंका जताई। उन्होंने तर्क दिया कि केरल और तमिलनाडु जैसे दक्षिणी राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण और मानव विकास में बेहतरीन काम किया है। यदि परिसीमन जनसंख्या के आधार पर हुआ, तो जनसंख्या नियंत्रण में विफल रहने वाले राज्यों को अधिक राजनीतिक ताकत मिलेगी और अच्छा काम करने वाले राज्य हाशिए पर चले जाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आर्थिक रूप से समृद्ध और विकासशील राज्यों की आवाज को दबाया गया, तो इससे देश के संघीय ढांचे पर बुरा असर पड़ेगा। उनके अनुसार, यह “बहुसंख्यकवाद की तानाशाही” (Tyranny of the democratic majority) पैदा करने जैसा होगा।

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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ ब्लास्ट हादसा: धमाके में 20 श्रमिकों की मौत के बाद वेदांता कंपनी के चेयरमैन, कई अन्य के खिलाफ मामला दर्ज

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सक्ती,एजेंसी। छत्तीसगढ़ पुलिस ने सक्ती जिले में वेदांता के विद्युत संयंत्र में हुए धमाके में 20 लोगों की मौत की घटना के बाद वेदांता कंपनी के चेयरमैन अनिल अग्रवाल समेत संयंत्र प्रबंधन के अधिकारियों और अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी। सक्ती पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया, ”डाभरा पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।” अधिकारी ने बताया कि इस मामले में वेदांता कंपनी के चेयरमैन अनिल अग्रवाल, कंपनी प्रबंधक देवेन्द्र पटेल सहित अन्य जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

यह धमाका 14 अप्रैल को सिंघीतराई गांव में स्थित संयंत्र में हुआ था। उस समय बॉयलर से टर्बाइन तक उच्च दाब वाली भाप ले जाने वाला एक स्टील का पाइप फट गया था, जिससे कई मजदूर बुरी तरह झुलस गए थे। इस घटना में 20 लोगों की मौत हो गई थी और 16 लोग घायल हो गए। ठाकुर ने ‘पीटीआई भाषा’ को बताया कि यदि जांच के दौरान और लोग भी दोषी पाए जाते हैं, तो उनका नाम भी प्राथमिकी में जोड़ा जाएगा।

उन्होंने बताया कि घटना की जांच जारी है और मृतकों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट और औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की रिपोर्ट सहित कई रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि धमाके के कारणों की जांच के लिए एक तकनीकी टीम भी बनाई गई है। पुलिस अधीक्षक ने कहा, ”सभी रिपोर्ट मिलने के बाद, अगर जरूरत पड़ी तो प्राथमिकी में और धाराएं भी जोड़ी जाएंगी।” इस घटना के बाद, विपक्षी दल कांग्रेस ने संयंत्र प्रबंधन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की थी। 

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