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छत्तीसगढ़

रायपुर : रायपुर साहित्य उत्सव में ओपन माइक से नवीन प्रतिभाओं को मिला सशक्त मंच: पहले दिन चार सत्रों में 75 से अधिक प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा

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प्रदेश के लब्ध प्रतिष्ठित कवि पद्मश्री स्वर्गीय सुरेन्द्र दुबे को समर्पित रहा ओपन माइक का मंच

रायपुर। रायपुर साहित्य उत्सव के अंतर्गत प्रदेश के लब्ध प्रतिष्ठित कवि पद्मश्री स्वर्गीय सुरेन्द्र दुबे को समर्पित ओपन माइक मंच पर पहले दिन चार सत्रों का आयोजन किया गया, जिसमें 75 से अधिक प्रतिभागियों ने अपनी सृजनात्मक प्रस्तुतियाँ दीं। इस मंच पर कविता, कहानी, गायन, वादन, सामूहिक नृत्य एवं शास्त्रीय नृत्य जैसी विविध विधाओं में प्रतिभागियों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया।

ओपन माइक सत्र में छत्तीसगढ़ के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों से आए प्रतिभागियों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की। यह विशेष मंच विभिन्न विधाओं के कलाकारों को अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से सुसज्जित किया गया था, जहाँ बाँसुरी, गिटार और वायलिन वादन की प्रस्तुतियों ने वातावरण को संगीतमय बना दिया। नन्ही नृत्यांगनाओं ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों का दिल जीत लिया, वहीं सरगुजा से लेकर बस्तर तक के युवा कवियों और ग़ज़लकारों ने अपनी सशक्त रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रतिभागियों को राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा, महंत कॉलेज के प्राचार्य देवाशीष महंत तथा संयुक्त संचालक, जनसंपर्क श्रीमती इस्मत जहाँ दानी द्वारा प्रमाण पत्र वितरित किए गए। ओपन माइक सत्र ने न केवल नवोदित प्रतिभाओं को मंच प्रदान किया, बल्कि साहित्य, कला और संस्कृति के प्रति युवाओं के उत्साह और रचनात्मक ऊर्जा को भी प्रभावी रूप से उजागर किया।

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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में 4 साल में 285 बंदियों की मौत:हर साल 50 से ज्यादा डेथ, बीमारी-सुसाइड प्रमुख कारण, विपक्ष बोला- खाली पड़े डॉक्टर्स के पद

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रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ की जेलों में बंद कैदियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पिछले 4 सालों में राज्य की अलग-अलग जेलों में कुल 285 बंदियों की मौत हुई है। हर साल 50 से ज्यादा मौतें दर्ज की गई है। 2022 में सबसे ज्यादा 90 मौतें हुई हैं।

विधानसभा में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सवाल पर सरकार ने लिखित जवाब में यह आंकड़े पेश किए। रिपोर्ट के अनुसार इन मौतों की मुख्य वजह गंभीर बीमारियां और आत्महत्या रही हैं। हालांकि, इसकी जानकारी नहीं दी गई कि सुसाइड से कितनी मौतें हुईं हैं।

वहीं विपक्ष का कहना है कि जेलों में क्षमता से ज्यादा कैदी रखे जा रहे हैं। इस वजह से संक्रमण और मानसिक तनाव लगातार बढ़ रहा है। जेलों में डॉक्टरों के पद खाली पड़े हैं और मनोचिकित्सकों की कमी है।

बीमारी और आत्महत्या बने प्रमुख कारण

जेल विभाग की दी गई जानकारी के अनुसार मृत बंदियों में से अधिकांश लंबी बीमारी से ग्रसित थे। जेलों के भीतर चिकित्सा सुविधाओं के अभाव और समय पर इलाज न मिलने के आरोपों के बीच सरकार की ओर कहा गया कि कई कैदी भर्ती होने के समय से ही क्रोनिक बीमारियों से जूझ रहे थे।

पूर्व सीएम भूपेश बघेल विधानसभा में कैदियों की मौत से संबंधित सवाल पूछते हुए।

पूर्व सीएम भूपेश बघेल विधानसभा में कैदियों की मौत से संबंधित सवाल पूछते हुए।

रायपुर सेंट्रल जेल में बंद कैदी सुनील महानंद ने 3 महीने पहले सुसाइड किया था।

रायपुर सेंट्रल जेल में बंद कैदी सुनील महानंद ने 3 महीने पहले सुसाइड किया था।

विधानसभा में पूर्व सीएम ने उठाया था मुद्दा

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सदन में जेलों की स्थिति और बंदियों के मानवाधिकारों को लेकर सवाल उठाए थे। जवाब में बताया गया कि कुल 285 बंदियों की मौत हुई, जो प्रदेश की अलग-अलग जेलों में बंद थे।

इन बंदियों की मौत के प्रमुख कारण हार्ट अटैक, टीबी, कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां रहीं, जबकि कुछ मामलों में फांसी लगाकर आत्महत्या के मामले सामने आए। बंदियों की मौत के बाद हर मामले में नियमानुसार न्यायिक जांच कराई गई है।

रायपुर सेंट्रल जेल में बंद बीमार कैदी योगेन्द्र कुमार बंजारे (29) की 30 मई को मौत हो गई थी।

रायपुर सेंट्रल जेल में बंद बीमार कैदी योगेन्द्र कुमार बंजारे (29) की 30 मई को मौत हो गई थी।

विपक्ष बोला- जेलों में क्षमता से ज्यादा कैदी

विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि प्रदेश की जेलों में क्षमता से अधिक कैदी रखे जा रहे हैं, जिससे संक्रमण और मानसिक तनाव तेजी से बढ़ रहा है।

जेलों में डॉक्टरों के खाली पद और मनोचिकित्सकों की कमी को भी इन मौतों का एक बड़ा कारण माना जा रहा है। वहीं सरकार ने आश्वासन दिया है कि जेलों में स्वास्थ्य सुविधाएं मजबूत करने और बंदियों की काउंसिलिंग के लिए नए कदम उठाए जा रहे हैं।

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छत्तीसगढ़

आवारा कुत्तों ने ली 15 हिरणों की जान:अंबिकापुर संजय पार्क में आधी रात घुसे, दौड़ा-दौड़ाकर काटा, डिप्टी रेंजर समेत 4 कर्मचारी सस्पेंड

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सरगुजा,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर जिले में स्थित संजय पार्क में आवारा कुत्तों के हमले से 15 हिरणों की मौत हो गई। शुक्रवार (20 मार्च) रात पार्क के पास लगे जंगल से कुछ आवारा कुत्ते परिसर में घुस गए और दौड़ा दौड़ाकर हिरणों को नोंच कर काट डाला। कुत्तों ने सांभर और उनकी कोठरियों को भी नुकसान पहुंचाया।

बताया जा रहा है एक जगह से बाड़े का तार टूट गया था, कुत्ते वहीं से अंदर घुसे थे। 14 हिरणों की मौत घटना के अगले दिन हो गई थी। जबकि एक घायल हिरण ने रविवार को दम तोड़ दिया। घटना के बाद पार्क को तीन दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। मामले में लापरवाही सामने आने के बाद डिप्टी रेंजर समेत 4 कर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है।

संजय पार्क में आवारा कुत्तों के हमले से 15 हिरणों की मौत हो गई।

संजय पार्क में आवारा कुत्तों के हमले से 15 हिरणों की मौत हो गई।

एक घायल हिरण ने रविवार को दम तोड़ दिया।

एक घायल हिरण ने रविवार को दम तोड़ दिया।

पोस्टमॉर्टम के बाद विधिवत अंतिम संस्कार किया गया।

पोस्टमॉर्टम के बाद विधिवत अंतिम संस्कार किया गया।

पीएम के बाद हुआ अंतिम संस्कार

जब घटना हुई रात के अंधेरे में कोई मौजूद नहीं था। अगले दिन 21 मार्च की सुबह घटना की जानकारी मिलते ही पार्क कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। वन विभाग ने वेटनरी डॉक्टरों को बुलाकर सभी मृत हिरणों का पोस्टमॉर्टम कराया। इसके बाद अंतिम संस्कार किया गया।

बाउंड्री का तार टूटा, वहीं से घुसे कुत्ते

अंबिकापुर जिले से 15 किलोमीटर दूर संजय पार्क स्थित है। पार्क काफी पुराना है। सरकार ने साल 1980 में इसे विकसित किया था। वर्तमान में यहां 31 हिरण, 1 नीलगाय, पक्षी और बहुत सारे मोर है। जिन्हें सुरक्षा के घेरे में रखा गया है। लेकिन पार्क के पीछे वाले इलाके में एक जगह बाड़े का तार टूटा था, कुत्ते वहीं से अंदर घुस आए।

सरगुजा डीएफओ अभिषेक जोगावत ने घटना की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि 15 हिरणों की मौत हुई है। इनमें 5 मादा चीतल, 1 नर चीतल, 5 मादा कोटरा, 1 नर कोटरा, 3 नर चौसिंघा शामिल है।

ये कर्मचारी हुए सस्पेंड

मामले में लापरवाही सामने आने पर सीसीएफ दिलराज प्रभाकर ने डिप्टी रेंजर सहित 4 कर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। पार्क में इन्हीं की ड्यूटी लगी थी। आरोप है कि बाउंड्री का तार टूटा रहा लेकिन इसकी जानकारी नहीं दी गई।

  1. अशोक सिन्हा, डिप्टी रेंजर
  2. ममता परते, वनपाल
  3. प्रतीमा लकड़ा, वनपाल
  4. बिंदू सिंह, वनपाल

रेंजर से मांगा गया जवाब

इसके अलावा अंबिकापुर के रेंजर अक्षपलक ऋषि को नोटिस जारी कर 5 दिनों के अंदर जवाब मांगा गया है, संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।

बाड़े में घुसकर कुत्तों ने हिरणों को काटा था।

बाड़े में घुसकर कुत्तों ने हिरणों को काटा था।

जांच के आदेश, 24 घंटे में मांगी रिपोर्ट

DFO अभिषेक जोगावत ने बताया कि घटना की जांच के लिए अंबिकापुर एसडीओ फॉरेस्ट के नेतृत्व में टीम गठित की गई है। 24 घंटे में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पार्क में अब बचे 16 हिरण, सुरक्षा बढ़ाने की तैयारी

डीएफओ ने बताया कि करीब 5 साल पहले संजय पार्क में 75 से अधिक हिरण थे। इनमें से 60 हिरणों को रमकोला क्षेत्र के नेशनल पार्क में छोड़ा गया था। इसके बाद संख्या बढ़कर 31 तक पहुंच गई थी। अब 15 हिरणों के मारे जाने के बाद यहां सिर्फ 16 हिरण बाकी हैं।

पूरे पार्क को सैनेटाइज किया जाएगा और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी है। पार्क में हिरणों के अलावा मोर सहित अन्य पक्षी और जानवर भी हैं।

जांच के लिए संजय पार्क पहुंचे अधिकारी।

जांच के लिए संजय पार्क पहुंचे अधिकारी।

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छत्तीसगढ़

महिला से 9 लाख ठगे, वीडियो कॉल स्क्रीनशॉट की धमकी:पुलिस ने उत्तर प्रदेश से आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा

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सक्ती। सक्ती पुलिस ने सोशल मीडिया के माध्यम से एक महिला को ब्लैकमेल कर 8 से 9 लाख रुपए ठगने वाले आरोपी को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने महिला के वीडियो कॉल के स्क्रीनशॉट वायरल करने की धमकी देकर यह राशि वसूली थी। यह मामला सक्ती थाना क्षेत्र का है।

पुलिस के अनुसार, पीड़िता ने 9 मार्च 2026 को सक्ती थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि उसकी पहचान ‘जीवन साथी’ ऐप के जरिए उत्तर प्रदेश के कानपुर निवासी अंकित तिवारी (33) से हुई थी। अंकित ने खुद को शादी का इच्छुक बताया और महिला के साथ उसके बेटे को अपनाने का भरोसा दिलाया था।

आरोप है कि आरोपी अंकित तिवारी ने धीरे-धीरे महिला का विश्वास जीता। इसके बाद उसने वीडियो कॉल के दौरान महिला के स्क्रीनशॉट ले लिए और उन्हें वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। आरोपी ने यूट्यूब और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तस्वीरें साझा करने की धमकी दी थी।

ब्लैकमेल कर पीड़िता से 9 लाख रुपए वसूल लिए

पीड़िता ने डर के कारण पहले 5 से 7 लाख रुपए दिए। बाद में लगातार दबाव बनाकर आरोपी ने कुल 8 से 9 लाख रुपए वसूल लिए। जब महिला ने और पैसे देने से इनकार किया, तो आरोपी ने उसे और अधिक धमकाना शुरू कर दिया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 308(2), 308(5) और 338 के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर के निर्देश पर और वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम का गठन कर आरोपी की तलाश की गई।

पुलिस ने आरोपी को कानपुर से पकड़ा

सक्ती थाना प्रभारी लखन पटेल ने बताया कि जांच के दौरान पुलिस टीम ने उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित गंगापुर कॉलोनी, यशोदा नगर में दबिश दी। वहां से आरोपी अंकित तिवारी को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उसे न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

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