कोरबा
कोरबा सहित छत्तीसगढ़ को 34 हजार 400 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात दी पीएम मोदी ने
विकसित भारत संकल्प यात्रा कार्यक्रम में शामिल हुए उद्योग व श्रम मंत्री
हितग्राहियों को किया योजनाओं से लाभान्वित

कोरबा। विकसित भारत संकल्प यात्रा अंतर्गत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संवाद कार्यक्रम में कोरबावासी भी बड़ी संख्या में सम्मिलित हुए। सभी ने प्रधानमंत्री श्री मोदी को सुना। कोरबा जिले में घंटाघर आडिटोरियम परिसर मैदान में, रामपुर विधानसभा के कोरकोमा में, पाली विधानसभा के पोड़ी, कटघोरा विधानसभा के भिलाईबाजार में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान जनप्रतिनिधियों द्वारा विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। कोरबा विधानसभा अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ शासन के उद्योग,वाणिज्य और श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन शामिल हुए। उन्होंने हितग्राहियों को लाभान्वित करने के साथ ही अपने सम्बोधन में कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जन-जन के लिए कल्याणकारी योजनाएं बना रहे हैं। उनकी योजनाओं से गरीबों को फायदा हुआ है। दुनिया में भारत का नाम बढ़ा है। आर्थिक रूप से शक्तिशाली बनने के साथ ही अधोसंरचना के क्षेत्र में भी तेजी से विकास हुआ है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत संकल्प यात्रा के माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में लगातार शिविर का आयोजन करके जरूरतमन्द हितग्राहियों को चिन्हित कर लाभान्वित किया गया। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान कार्ड, राशनकार्ड सहित पीएम विश्वकर्मा योजना आदि से लाभान्वित किया गया। कोरबा जैसे औद्योगिक क्षेत्र में धुंए से मुक्ति के लिए प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना अंतर्गत गैस कनेक्शन बहुत से परिवारों के लिए लाभदायक सिद्ध हुआ। गरीबों को नि:शुल्क चांवल उपलब्ध कराने, कोरोना काल में मुफ्त वैक्सीन उपलब्ध कराने का काम भी किया गया है। मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि छत्तीसगढ़ में अब डबल इंजन की सरकार है। इससे केंद्र सहित राज्य की योजनाओं का लाभ आसानी से मिल रहा है। विष्णुदेव साय जैसे सरल और सौम्य व्यक्ति के मुख्यमंत्री बनने से छत्तीसगढ़ का विकास और भी तेजी से होगा। उन्होंने मुख्यमंत्री बनते ही छत्तीसगढ़ के लोगों की चिंता की और 18 लाख प्रधानमंत्री आवास के निर्माण हेतु केबिनेट में स्वीकृति प्रदान की। दो साल का बकाया धान बोनस की राशि किसानों के खाते में अंतरित की गई है। तेंदूपत्ता संग्राहकों को लाभान्वित करने प्रति बोरा मानक दर को 04 हजार से 5500 किया गया है। इसके साथ ही संग्राहकों को चरण पादुका, साड़ी भी दी जाएगी। विभागों में रिक्त पदों की पूर्ति के लिए अभियान चलाया जा रहा है। सरकार द्वारा सभी महिलाओं के खातों में महतारी वंदन योजना के माध्यम से साल में 12000 देने की शुरूआत होने वाली है। इसके लिए फॉर्म भी भरा लिए गए हैं। जल्द ही पात्र महिलाओं के खातों में राशि अंतरित की जाएगी। मंत्री श्री देवांगन ने सभी लोगों को योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री द्वारा छत्तीसगढ़ को 34 हजार 400 करोड़ राशि के विकास कार्यों की सौगात दी गई है। इससे हमारा छत्तीसगढ़ विकास की राह में आगे बढ़ेगा।
कलेक्टर अजीत वसंत ने कहा कि जिले में विकसित भारत संकल्प यात्रा के माध्यम से शिविर लगाकर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में हितग्राही मूलक योजनाओं की जानकारी दी गई। इस यात्रा के माध्यम से अनेक हितग्राही जागरूक हुए और योजनाओं से लाभान्वित भी हुए। इस दौरान पूर्व महापौर जोगेश लांबा, पूर्व सभापति अशोक चांवलानी, पार्षदगण एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी तथा बड़ी संख्या में आम नागरिकगण उपस्थित थे। कार्यक्रम स्थल पर सेल्फी जोन भी बनाया गया था, जिसमें अनेक लोगों ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री तथा मंत्री लखनलाल देवांगन की तस्वीर के साथ अपनी सेल्फी ली।
विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को किया गया सामग्री का वितरण-
विकसित भारत विकसित छत्तीसगढ़ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री देवांगन ने सरकार की अनेक कल्याणकारी योजनाओं से अनेक हितग्राहियों को लाभान्वित किया। जिसके अंतर्गत नगर निगम कोरबा क्षेत्र की श्रीमती धनमती पटेल, श्रीमती बसंती बाई चंद्रा, श्रीमती सुनिता यादव, राजेश खरे, बलदाऊ प्रसाद खरे को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिया गया। इसी प्रकार समाज कल्याण विभाग द्वारा पन्ना लाल बांधे, संदीप लाल, संतराम आदिले, लक्ष्मी प्रसाद निषाद व चमरा दास महंत को मोटराइज्ड ट्राइसायकल प्रदान किया गया। खाद्य विभाग के अंतर्गत श्रीमती श्वेता झा, रेखा देवी, शीला टंडन, श्रद्धा पात्रे, व निशा साह को प्रधानमंत्री उज्जवला गैस कनेक्शन एवं ममता ठाकुर, रानी, मेमिन बाई कर्ष, केसर बाई गबेल, जानकी बाई पटेल को राशन कार्ड वितरित किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा कृषनी देवांगन, बबिता साहू, दीप माला यादव, संतोषी साहू, सालिक केशरवानी, भावना राठौर, अपर्णा राठौर, लक्ष्मी राठौर, भगवती यादव को आयुष्मान कार्ड प्रदान किया गया। प्रमिला बाई, तुलसी बाई को मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना, श्यामला मंझवार, कुमारी बाई को मिनीमाता महतारी जतन, बिसुन लाल, श्याम बाई राठिया को मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु व दिव्यांग सहायता योजना, नाजिया, झालो देवी, मीना मानिकपुरी को पीएम स्वनिधि योजना एवं मेघा साहू, सरिता साहू, दुर्गा साहू, पूर्णिमा साहू, आंनद बाई यादव, रामेश्वरी साहू, काजल साहू, प्रीति साहू, रीता साहू, भूमिका यादव को पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत प्रशिक्षण उपरांत प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।
भारत निर्माण में छत्तीसगढ़ का महत्वपूर्ण योगदान-मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने उद्बोधन में छत्तीसगढ़ सरकार की सराहना करते हुए कहा कि मोदी की गारंटी को सरकार पूरा कर रही है, जो प्रशंसनीय है। छत्तीसगढ़ के पास परिश्रमी किसान, प्रतिभाशाली नौजवान और प्रकृति का खजाना है। विकसित होने के लिए पहले भी संसाधन थे और आज भी पर्याप्त संसाधन हैं। पूर्वजों ने जो सपना देखा था उस दिशा में काम करते हुए नया भारत का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रधानमंत्री ने कहा कि अन्नदाता को उर्जा दाता बनाने तथा गरीब किसान, युवा, महिला को सशक्त बनाने की दिशा में सरकार द्वारा प्रयास किया जा रहा है। आज जो सौगात दी गई है इससे छत्तीसगढ़ के युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और आर्थिक विकास का नया दौर प्रारंभ होगा। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ अब सीधे हितग्राहियों को मिलने लगा है।
मोदी की गारंटी को पूरा करने किया जा रहा लगातार काम-साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ को करोड़ों का सौगात दिए जाने का प्रधानमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि सरकार बनते ही मोदी की गारंटी को पूरा करने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। विकसित भारत विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में भागीदारी के लिए संकल्प लिया गया है। उन्होंने कहा कि आपका स्नेह और अनुग्रह हमेशा हमारे ऊपर रहता है। छत्तीसगढ़ की जनता ने आपकी गारंटी पर भरोसा किय। आपकी गारंटी के सारे कामों को पूरा करने के लिए हम अग्रसर हुए हैं। 18 लाख से अधिक आवास स्वीकृत हुए हैं। 3716 करोड़ रुपए की दो साल की बोनस राशि किसानों को दी है। साथ ही 3100 रुपए धान की कीमत देने का वायदा था इसे पूरा किया। विवाहित महिलाओं को साल का बारह हजार रुपए देने का वायदा पूरा करने का निर्णय भी हमने लिया है। विकसित भारत में हम विकसित छत्तीसगढ़ बनाने हम तत्पर हैं। विकसित भारत संकल्प यात्रा आरंभ हुई। इसमें प्रदेश के बड़ी संख्या में लोग आये। हमारे छत्तीसगढ़ में जो पांच विशेष पिछड़ी जनजाति हैं इनके लिए 15 हजार आवास स्वीकृत हुए हैं। इनके बसाहट के लिए आवागमन की सुविधा हो, इसके लिए सड़कों स्वीकृति हुई है। इस योजना में पीवीजीटी लोगों के 366 बसाहटों में रोड पहुंचेगा।
छत्तीसगढ़ को 34 हजार 400 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात दी पीएम मोदी ने
विकसित भारत विकसित छत्तीसगढ़ अंतर्गत आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा छत्तीसगढ़ को 34 हजार 400 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात दी गई। जिसमें 10 महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन, लोकार्पण एवं शिलान्यास शामिल है। प्रधानमंत्री कोयला मंत्रालय अंतर्गत रायगढ़ क्षेत्र में 173.46 करोड़ रूपए की ओपन कास्ट प्रोजेक्ट छाल कोल हेंडलिंग प्लांट, दीपका क्षेत्र में 211.22 करोड़ रूपए की लागत की ओपन कास्ट प्रोजेक्ट दीपका कोल हेंडलिंग प्लांट, रायगढ़ क्षेत्र में 216.53 करोड़ रूपए की लागत के ओपन कास्ट प्रोजेक्ट बरौद कोल हेंडलिंग प्लांट का लोकार्पण किया। इन तीनों ओपन कास्ट प्रोजेक्ट से रेपिड लोडिंग सिस्टम के माध्यम से लोडिंग टाईम में कमी आएगी और ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन कम होगा। श्री मोदी ने प्रधानमंत्री नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय अंतर्गत 907 करोड़ रूपए की लागत से राजनांदगांव जिले के 9 गांवो के 451 एकड़ क्षेत्र में निर्मित 100 मेगावाट एसी/155 मेगावाट डीसी सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट का लोकार्पण किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अंतर्गत 1007 करोड़ रूपए की 2 प्रोजेक्ट अंबिकापुर से शिवनगर तक 52.40 किलोमीटर लंबाई की सड़क और बनारी से मसनियाकला तक 55.65 किलोमीटर लंबी सड़क (राष्ट्रीय राजमार्ग-49) का लोकार्पण किया। अंबिकापुर-शिवनगर सड़क मार्ग से रायपुर राजधानी और कोरबा ओद्योगिक क्षेत्र के साथ कनेक्टिविटी बढ़ेगी जिससे क्षेत्र का तेजी से विकास होगा। इसी तरह बनारी-मसनियाकला सड़क मार्ग से बिलासपुर से रायगढ़/उड़ीसा बॉर्डर तक आवागमन में समय और इंधन की बचत होगी और क्षेत्र के गांवों का सामाजिक आर्थिक विकास होगा। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने ऊर्जा मंत्रालय के अंतर्गत 15,799 करोड़ रूपए के 1 प्रोजेक्ट – लारा सुपर क्रिटिकल थर्मल पॉवर प्लांट स्टेज-1 (2 3 800 मेगावॉट) का लोकार्पण किया। यह परियोजना छत्तीसगढ़ राज्य के रायगढ़ जिले में स्थित है। यह प्रोजेक्ट सुपरक्रिटिकल तकनीक पर आधारित है। प्रधानमंत्री ने रेल मंत्रालय अंतर्गत 583 करोड़ रूपए के 2 प्रोजेक्ट का लोकार्पण किया जिसमें 280 करोड़ रूपए की लागत से भिलाई में 50 मेगावाट सोलर पावर प्लांट और 303 करोड़ रूपए की लागत से बिलासपुर-उसलापुर फ्लाईओवर का लोकार्पण शामिल है। 50 मेगावाट सोलर प्लांट की स्थापना से रेलगाडिय़ाँ चलाने के लिए सौर ऊर्जा का उपयोग होगा, हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा। बिलासपुर-उसलापुर फ्लाईओवर (10.5 किलोमीटर) 303 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। हावड़ा की ओर से आने वाली सभी ट्रेनें बिलासपुर यार्ड से बिना किसी क्रॉसमूवमेंट के और हावड़ा-मुंबई रूट पर आवाजाही में कोई बाधा उत्पन्न किए बिना सीधे कटनी की ओर जा सकेंगी। इससे बिलासपुर में यातायात का दबाव कम होगा। साथ ही ट्रेनों की गतिशीलता में वृद्धि होगी, कृषि उत्पादों की बाजार तक आसानी से पहुंच होगी। नवनिर्मित बिलासपुर-उसलापुर रेल ओवर रेल फ्लाई ओवर पर बिलासपुर से फ्रेट ट्रेन से होकर बिलासपुर से मालगाड़ी को हरी झंडी भी दिखाई । प्रधानमंत्री ने ऊर्जा मंत्रालय अंतर्गत रायगढ़ में लारा सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट स्टेज-2 (2 3 800 मेगावॉट) का शिलान्यास किया। यह परियोजना क्षेत्र में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा करेगी। यह परियोजना आस-पास के क्षेत्र में अधोसंरचना विकास (जैसे पहुंच मार्ग, जल निकासी, संचार, परिवहन सुविधाएं इत्यादि) और सामाजिक अधोसंरचना (जैसे शिक्षा और स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली) की उपलब्धता में और सुधार करेगी।

कोरबा
खरीफ वर्ष 2026 के लिए कोरबा जिले में खाद एवं बीज का पर्याप्त भंडारण
कोरबा। भारत सरकार एवं राज्य शासन के निर्देशानुसार कृषकों को गुणवत्तायुक्त एवं पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। कृषि विभाग के उप संचालक डी.पी.एस. कंवर ने बताया कि जिले में खाद एवं बीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं तथा किसी प्रकार की कमी नहीं है।

उन्होंने बताया कि वैज्ञानिकों द्वारा सतत कृषि विकास हेतु एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन की अनुशंसा के अनुसार रासायनिक उर्वरकों के उपयोग के साथ-साथ जैव उर्वरक, जैविक खाद एवं हरी खाद जैसे वैकल्पिक उपायों को भी सम्मिलित किया गया है। इसके लिए कृषकों को संतुलित एवं समानुपातिक मात्रा में उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
संतुलित उर्वरक उपयोग को प्रोत्साहित करने, कृषि लागत में कमी लाने, भूमि की उर्वरता शक्ति को सुरक्षित रखने, रासायनिक उर्वरकों के साथ अन्य वैकल्पिक उपायों को बढ़ावा देने, उर्वरकों के कृषि के अतिरिक्त अन्य कार्यों में उपयोग को रोकने तथा कृषकों को गुणवत्तायुक्त उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिले की सहकारी समितियों में गत वर्ष की पूर्ति के आधार पर 80 प्रतिशत यूरिया एवं 60 प्रतिशत डीएपी का भंडारण कराया जा रहा है।

यूरिया की शेष 20 प्रतिशत मात्रा अन्य वैकल्पिक उर्वरकों अथवा नैनो यूरिया के रूप में प्रदाय की जाएगी। इसी प्रकार डीएपी की शेष 40 प्रतिशत मात्रा अन्य वैकल्पिक एनपीके उर्वरकों अथवा नैनो डीएपी के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। किसी भी परिस्थिति में कृषकों को नैनो उर्वरक लेने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। यह पूर्णतः वैकल्पिक रहेगा।
जिले को सहकारी क्षेत्र में प्राप्त 12,700 मीट्रिक टन के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक सहकारी समितियों में 7,132.58 मीट्रिक टन (56.16 प्रतिशत) उर्वरकों का भंडारण किया जा चुका है। सहकारी समितियों से अब तक 1,129.94 मीट्रिक टन उर्वरकों का उठाव किया जा चुका है तथा 6,002.64 मीट्रिक टन उर्वरक शेष उपलब्ध हैं।
नैनो उर्वरकों के रूप में नैनो यूरिया 6,842 लीटर एवं नैनो डीएपी 5,044 लीटर, इस प्रकार कुल 11,886 लीटर का भंडारण सहकारी समितियों में किया गया है। इसके विरुद्ध 483.50 लीटर नैनो तरल उर्वरकों का वितरण किया जा चुका है तथा 11,402.50 लीटर उपलब्ध है।
जिले के प्रत्येक कृषक को उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु उनके रकबे के आधार पर वैज्ञानिक अनुशंसाओं के अनुसार उर्वरकों का वितरण किया जा रहा है। यूरिया एवं डीएपी के अतिरिक्त एसएसपी तथा एनपीके जैसे वैकल्पिक उर्वरकों के माध्यम से भी कृषक आवश्यक पोषक तत्वों की पूर्ति कर रहे हैं।
इसके अतिरिक्त इच्छुक एवं चयनित कृषकों को हरी खाद के रूप में ढैंचा बीज 8 किलोग्राम प्रति एकड़ तथा मूंग बीज 4 किलोग्राम प्रति एकड़ की दर से वितरित किया जा रहा है। साथ ही जैव उर्वरक के रूप में नील हरित काई का उत्पादन कृषि विज्ञान केंद्र लखनपुर, कृषि महाविद्यालय कटघोरा, शासकीय उद्यान रोपणी पत्ताड़ी (कोरबा) एवं चिन्हांकित किसानों के खेतों में कराया जा रहा है।
नील हरित काई एवं हरी खाद वायुमंडलीय नत्रजन का स्थिरीकरण कर पौधों को नाइट्रोजन पोषक तत्व उपलब्ध कराती हैं तथा मिट्टी की भौतिक, रासायनिक एवं जैविक गुणवत्ता को बनाए रखते हुए उसकी उर्वरता शक्ति में वृद्धि करती हैं।
किसानों को गुणवत्तापूर्ण एवं उचित मूल्य पर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु उर्वरक निरीक्षकों द्वारा जिले में संचालित उर्वरक विक्रय केंद्रों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। खरीफ वर्ष 2026 में 1 अप्रैल 2026 से अब तक 115 उर्वरक विक्रय केंद्रों का निरीक्षण किया गया है। अनियमितता पाए जाने पर 28 विक्रय केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं, 8 विक्रय केंद्रों के विक्रय पर प्रतिबंध लगाया गया है तथा एक विक्रय केंद्र से 58 बोरी यूरिया जब्त करने की कार्रवाई की गई है।
उन्होंने बताया कि कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश पर कृषकों को निर्धारित दर पर गुणवत्तायुक्त उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से निरीक्षण लगातार जारी रहेगा। इस संबंध में बैठक लेकर कलेक्टर ने उर्वरकों के भंडारण एवं वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित विक्रेता के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के प्रावधानों के तहत कठोर प्रशासनिक, कानूनी एवं दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिये हैं।
कोरबा
तेज आंधी-तूफान के दौरान पेड़ की डाल गिरने से तीन युवकों की मृत्यु, कलेक्टर ने राहत सहायता हेतु दिए निर्देश
कोरबा। जिले के पाली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम चोरका दांड में शनिवार शाम तेज आंधी-तूफान एवं बारिश के दौरान एक दुखद दुर्घटना में तीन युवकों की मृत्यु हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मौसम खराब होने और तेज बारिश से बचने के लिए तीनों युवक एक बड़े पेड़ के नीचे रुके थे। इसी दौरान पेड़ की भारी डाल टूटकर उन पर गिर गई, जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।

मृतकों में शिवराम टेकाम (14 वर्ष), कमलेश बड़ा (18 वर्ष) एवं दिनेश तिर्की (17 वर्ष) शामिल हैं। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन द्वारा तत्काल आवश्यक कार्यवाही प्रारंभ की गई।
घटना की जानकारी प्राप्त होने पर कलेक्टर कुणाल दुदावत ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करते हुए मृतकों के परिजनों को राजस्व पुस्तक परिपत्र (आरबीसी) 6-4 के तहत आर्थिक सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर के निर्देशानुसार तहसीलदार भूषण मंडावी, नायब तहसीलदार सुजीत पाटले एवं राजस्व विभाग की टीम ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी तथा आवश्यक सहायता का आश्वासन प्रदान किया। उनकी उपस्थिति में चिकित्सकीय टीम द्वारा आज मृतकों का पोस्टमार्टम कराया गया और शव परिजनों को सौंप दिया गया है।

राजस्व अधिकारियों ने बताया कि आरबीसी 6-4 के अंतर्गत राहत सहायता प्रदान करने हेतु प्रकरण तैयार किया जा रहा है तथा आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण होते ही निर्धारित राहत राशि मृतकों के परिजनों को प्रदान की जाएगी।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि खराब मौसम, तेज आंधी-तूफान एवं बारिश के दौरान पेड़ों तथा असुरक्षित स्थानों के नीचे खड़े होने से बचें तथा सुरक्षा संबंधी सावधानियों का पालन करें।
कोरबा
हृदय रोगियों के लिए वरदान बनी एनकेएच की कैथलैब सुविधा
कोरबा में पहली बार 3 मरीजों में सफल एआईसीडी प्रत्यारोपण
अब स्थानीय स्तर पर हो रहा उन्नत हृदय उपचार
कोरबा। शहर के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल एनकेएच में कैथलैब सुविधा शुरू होने के बाद हृदय रोगियों को बड़े शहरों जैसी अत्याधुनिक चिकित्सा सेवाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध होने लगी हैं। इससे गंभीर मरीजों को रायपुर या अन्य महानगरों में उपचार के लिए भटकना नहीं पड़ रहा और समय पर इलाज मिलने से जीवन रक्षा आसान हो रही है।

भीषण गर्मी, अनियमित खान-पान और बदलती जीवनशैली के कारण इन दिनों हृदय संबंधी समस्याओं के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। कई लोग सीने में जलन, गैस, अपच और बेचैनी को सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि कई मामलों में ये हार्ट अटैक के शुरुआती संकेत साबित हो रहे हैं। पिछले सप्ताह एनकेएच में 15 से अधिक हृदय रोगी पहुंचे, जिनका विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में तत्काल उपचार किया गया।
रायपुर से आने वाले कार्डियोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. सतीश सूर्यवंशी एवं डॉ. एस.एस. मोहंती की टीम द्वारा मरीजों की जांच के बाद 5 मरीजों की एंजियोप्लास्टी और 5 मरीजों की एंजियोग्राफी की गई। इसके अलावा एक मरीज में सफलतापूर्वक पेसमेकर प्रत्यारोपित किया गया। विशेष उपलब्धि के रूप में कोरबा में पहली बार अब तक 3 मरीजों में एआईसीडी (ऑटोमेटिक इम्प्लांटेबल कार्डियोवर्टर डिफिब्रिलेटर) प्रत्यारोपण भी सफलतापूर्वक किया जा चुका है।
क्या है एआईसीडी?
एआईसीडी एक छोटा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है, जिसे छाती में प्रत्यारोपित किया जाता है। यह हृदय की धड़कनों पर लगातार नजर रखता है और खतरनाक अनियमित धड़कन या अचानक हृदय गति रुकने की स्थिति में विद्युत झटका देकर दिल की सामान्य लय बहाल करता है। यह उपकरण कई मरीजों के लिए जीवनरक्षक साबित होता है।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार मई माह में कैथलैब में 17 मरीजों की एंजियोग्राफी, 12 मरीजों की एंजियोप्लास्टी तथा एक मरीज का पेसमेकर प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक किया गया। कैथलैब सुविधा शुरू होने के बाद से अब तक एनकेएच में 400 से अधिक एंजियोग्राफी और 200 से ज्यादा एंजियोप्लास्टी की जा चुकी हैं।
एनकेएच ग्रुप के डायरेक्टर डॉ. एस. चंदानी ने बताया कि जिले की पहली कैथलैब सुविधा शुरू होने से अब कोरबा में ही हृदय रोगों का समग्र और उन्नत उपचार संभव हो गया है। इससे मरीजों का समय, धन और अनावश्यक परेशानी बच रही है, वहीं गंभीर परिस्थितियों में तत्काल उपचार मिलने से बेहतर परिणाम भी सामने आ रहे हैं।
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