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छत्तीसगढ़

मैनपाट बाक्साइट माइंस मुआवजा में गड़बड़ी,नपे तहसीलदार-पटवारी:कलेक्टर ने बनाई जांच टीम,जिनके नाम पर जमीन ही नहीं, उनके नाम भी बना लाखों का मुआवजा

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सरगुजा,एजेंसी। सरगुजा जिले के मैनपाट में बॉक्साइट खदान के लिए जमीन लीज के लिए मुआवजा निर्धारण में बड़ी गड़बड़ी का खुलासा हुआ है। 19 करोड़ के मुआवजा वितरण में ऐसे लोगों के नाम मुआवजा का प्रकरण बनाया गया है। जिनकी मौके पर जमीन ही नहीं है।

लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी के बेटे के नाम भी लाखों का मुआवजा प्रकरण बना दिया गया। कलेक्टर ने मामला उजागर होने के बाद मैनपाट के तहसीलदार और क्षेत्र के पटवारी को हटा दिया है।

जानकारी के मुताबिक, मैनपाट के बरिमा और उरंगा पंचायतों में छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कार्पोरेशन को बाक्साइट खनन की लीज मिली है। इसके तहत प्रभावित किसानों को 7 साल का फसल मुआवजा दिया जाना है।

उरंगा के 220 लोगों और बरिमा के 24 लोगों के नाम पर मुआवजा प्रकरण तैयार किया गया है। उरंगा में 15 करोड़ से ज्यादा और बरिमा में 4 करोड़ से अधिक की राशि प्रस्तावित है। मुआवजा के लिए तहसीलदार और एसडीएम स्तर से मंजूरी भी मिल चुकी है।

कलेक्टर ने बनाई जांच टीम, गड़बड़ी का खुलासा

इस मामले में शिकायत की गई थी कि, कई ऐसे लोगों के नाम पर मुआवजा प्रकरण बना दिया गया है, जिनकी जमीन ही उक्त दोनों गावों में नहीं है। CG PSC घोटाले से जुड़े टामन सिंह सोनवानी के बेटे अभिषेक सोनवानी के नाम पर भी मुआवजा प्रकरण बना दिया गया है। मौके पर उनका फार्म हाउस बना हुआ है। डीके सोनी के रिसॉर्ट का भी मुआवजा प्रकरण बना दिया गया है।

जांच के लिए सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत ने अपर कलेक्टर सुनील नायक के नेतृत्व में जांच टीम बनाई थी। अपर कलेक्टर सुनील नायक राजस्व अमले के साथ गांव पहुंचे और उन्होंने मौके पर जांच कर पंचनामा बनाया।

शुरुआती जांच में पता चला है कि, जिन लोगों की जमीन पर खेती नहीं हो रही थी। जिन लोगों की जमीन उरंगा और बरीमा ग्राम पंचायत में नहीं है। उनके नाम पर भी लाखों रुपए का मुआवजा प्रकरण बनाकर उन्हें देने की तैयारी चल रही थी।

तहसीलदार और पटवारी पर गिरी गाज

मुआवजा प्रकरण तैयार करने में गड़बड़ी का खुलासा होने पर सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत ने मैनपाट के तहसीलदार ममता रात्रे और पटवारी को हटा दिया है। दोनों को कलेक्टोरेट कार्यालय में अटैच कर दिया गया है। फिलहाल मुआवजा वितरण पर प्रशासन ने रोक लगा दी है।

फार्म हाउस, रिसोर्ट का भी बनाया मुआवजा प्रकरण, कई फर्जी

जांच में पता चला कि टामन सिंह सोनवानी के बेटे अभिषेक सोनवानी के फार्म हाउस को भी कृषि की जमीन बताकर मुआवजा प्रकरण बना दिया गया, जबकि वहां पर रेस्ट हाउस का निर्माण किया गया है। एक रिसोर्ट का मुआवजा प्रकरण बना दिया गया।

सात लोगों पुष्पा, चक्रधारी, बच्चू बाई, कविलासी, चित्रलेखा, रामसेवक एवं रामबली के नाम की कोई जमीन ही अधिग्रहण क्षेत्र में नहीं है। उनके नाम भी लाखों का मुआवजा प्रकरण तैयार कर दिया गया। उरंगा में एक किसान की डेढ़ एकड़ जमीन के बदले 23 एकड़ का मुआवजा प्रकरण बना दिया गया था।

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कोरबा

गृह मंत्री, पुलिस पर विवादित वीडियो पोस्ट करना पड़ा भारी:बांगो पुलिस ने वन विभाग के कर्मचारी को किया गिरफ्तार,भाजयुमो उपाध्यक्ष ने की थी शिकायत

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गृह मंत्री, पुलिस पर विवादित वीडियो पोस्ट करना पड़ा भारी:बांगो पुलिस ने वन विभाग के कर्मचारी को किया गिरफ्तार,भाजयुमो उपाध्यक्ष ने की थी शिकायत

कोरबा

कोरबा में सोशल मीडिया पर केंद्रीय गृह मंत्री और पुलिस विभाग के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट करने के मामले में कटघोरा वन मंडल के एक कर्मचारी को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

आरोपी को बांगो पुलिस ने बांकी मोंगरा क्षेत्र से गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने वीडियो पोस्ट करना स्वीकार किया, जिसके बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया।

फेसबुक पर अपलोड किया था विवादित वीडियो

पुलिस के मुताबिक, 24 जुलाई को फेसबुक पर एक वीडियो अपलोड किया गया था। वीडियो में स्वयं को वन विभाग का कर्मचारी बताने वाले शेखर सिंह रत्नाकर ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए धरना-प्रदर्शन का जिक्र करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, पुलिस विभाग और शासन के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक एवं अभद्र टिप्पणियां की थीं।

भाजयुमो पदाधिकारी ने की शिकायत

वीडियो सामने आने के बाद भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) मंडल पोड़ी-उपरोड़ा के उपाध्यक्ष गौरव चतुर्वेदी ने बांगो थाना प्रभारी को लिखित शिकायत सौंपकर कार्रवाई की मांग की। शिकायत के दौरान भाजपा मंडल उपाध्यक्ष शिव शंकर उड़के समेत अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।

शिकायतकर्ताओं का कहना था कि इस तरह की टिप्पणी से लोगों की भावनाएं भड़क सकती हैं और कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है।

तकनीकी जांच के बाद हुई गिरफ्तारी

शिकायत मिलने के बाद कटघोरा एसडीओपी विजय सिंह राजपूत के मार्गदर्शन में बांगो थाना प्रभारी दुर्गेश वर्मा ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और वीडियो का सत्यापन करने के बाद आरोपी शेखर सिंह रत्नाकर को बांकी मोंगरा क्षेत्र से हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने वीडियो पोस्ट करने की बात स्वीकार कर ली।

आईटी एक्ट समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज

पुलिस ने बताया कि आरोपी कटघोरा वन मंडल में कर्मचारी के पद पर कार्यरत है। पद और विभाग का नाम जोड़कर सोशल मीडिया पर की गई कथित टिप्पणी को गंभीरता से लेते हुए उसके खिलाफ आईटी एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।

कोर्ट ने भेजा न्यायिक हिरासत में

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां सुनवाई के बाद अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया। मामले में पुलिस की आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।

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छत्तीसगढ़

रायपुर : मुख्य सचिव ने SASCI 2026-27 के तहत सुधार कार्यों की प्रगति की समीक्षा की

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समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने और विभागवार मासिक कार्ययोजना तैयार करने के दिए निर्देश

मुख्य सचिव ने SASCI 2026-27 के तहत सुधार कार्यों की प्रगति की समीक्षा की

रायपुर। मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर में राज्यों को पूंजीगत निवेश हेतु विशेष सहायता योजना (SASCI) 2026-27 के अंतर्गत विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे सुधार कार्यों एवं उनके क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में मुख्य सचिव ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि लंबित कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से विभागवार मासिक कार्ययोजना तैयार कर उसके अनुसार कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा, ताकि योजना के तहत तय लक्ष्यों को समय पर हासिल किया जा सके।
बैठक में राज्यों को पूंजीगत निवेश हेतु विशेष सहायता योजना (SASCI) 2026-27 के तहत जारी दिशा-निर्देशों एवं विभिन्न परिचालन गाइडलाइंस के अनुरूप विभागवार सुधार कार्यों की प्रगति, अब तक की उपलब्धियों तथा आगामी कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, समयबद्ध लक्ष्य-पूर्ति तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
बैठक में वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, मुख्यमंत्री एवं वाणिज्यिक कर विभाग के सचिव मुकेश कुमार, कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव रजत कुमार, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस.भारतीदासन, नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव सुश्री आर.शंगीता, राजस्व विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव अमित कटारिया, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुलहक, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. सारांश मित्तर, वित्त विभाग के विशेष सचिव चंदन कुमार, प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल विवेक आचार्य सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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छत्तीसगढ़

रायपुर : ‘भारत भाग्य विधाता‘ फिल्म के लेखक-निर्देशक मनोज तापड़िया तथा फिल्म निर्माता आदि शर्मा ने की छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के एमडी विवेक आचार्य से सौजन्य मुलाकात

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चित्रोत्पला फिल्म सिटी के विकास,  फिल्म पर्यटन को बढ़ावा देने और छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माण के आकर्षक गंतव्य के रूप में विकसित करने पर हुई विस्तृत चर्चा

रायपुर। छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख फिल्म निर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड में चित्रोत्पला फिल्म सिटी के विकास को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। रायपुर में आयोजित इस बैठक में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य से भारत भाग्य विधाता फिल्म के डायरेक्टर मनोज तापड़िया तथा फिल्म निर्माता आदि शर्मा ने सौजन्य भेंट कर राज्य में विकसित की जा रही चित्रोत्पला फिल्म सिटी की अवधारणा, उसकी संभावनाओं तथा भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि छत्तीसगढ़ की अनुपम प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहरें, जलप्रपात, वन क्षेत्र, जनजातीय संस्कृति तथा विविध प्राकृतिक लोकेशन राज्य को फिल्म निर्माण के लिए अत्यंत उपयुक्त बनाते हैं। इन विशेषताओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माताओं के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर राज्य को फिल्मांकन का आकर्षक गंतव्य बनाने की रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया।
चर्चा के दौरान चित्रोत्पला फिल्म सिटी को आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक ऐसे समग्र फिल्म परिसर के रूप में विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया, जहाँ फिल्म निर्माण से जुड़ी सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ उपलब्ध हों। साथ ही फिल्म पर्यटन को बढ़ावा देने, राज्य में फिल्म निर्माण गतिविधियों का विस्तार करने तथा इस क्षेत्र में निजी और संस्थागत सहयोग की संभावनाओं पर भी विस्तार से मंथन हुआ।

प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने कहा कि चित्रोत्पला फिल्म सिटी का विकास छत्तीसगढ़ के फिल्म और पर्यटन क्षेत्र के लिए मील का पत्थर सिद्ध होगा। इससे राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी, फिल्म निर्माण गतिविधियों को गति मिलेगी तथा स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों, रचनात्मक युवाओं और फिल्म से जुड़े अन्य पेशेवरों के लिए रोजगार एवं कौशल विकास के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि फिल्म उद्योग के विकास से पर्यटन, आतिथ्य, परिवहन, हस्तशिल्प और स्थानीय व्यवसायों को भी व्यापक लाभ मिलेगा, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति प्राप्त होगी।
बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी कि छत्तीसगढ़ को एक उभरते हुए फिल्म निर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए फिल्म उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों, निर्माताओं और निर्देशकों के साथ निरंतर संवाद एवं सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। राज्य की प्राकृतिक संपदा, सांस्कृतिक विविधता और विकसित की जा रही आधुनिक फिल्म अवसंरचना के समन्वय से छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माण के लिए एक पसंदीदा गंतव्य बनाने की दिशा में ठोस प्रयास किए जाएंगे। बैठक में चित्रोत्पला फिल्म सिटी के विकास, फिल्म पर्यटन के विस्तार तथा भविष्य में फिल्म निर्माण और पर्यटन संवर्धन के क्षेत्र में पारस्परिक सहयोग की व्यापक संभावनाओं पर सहमति व्यक्त की गई।

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