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कोरबा

श्रमिकों, निर्धन एवं स्लम बस्तियों के रहवासियों के लिए वरदान बनी मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना

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विगत दो वर्षों में 6183 स्वास्थ्य शिविर, 2 लाख 77 हजार 300 मरीजों का निःशुल्क उपचार

कोरबा। श्रमिकों, निर्धन एवं स्लम बस्तियों में रहने वाले गरीब परिवारों के लिए राज्य सरकार की महत्त्वपूर्ण मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना एक बड़ी राहत के रूप में उभर रही है। कोरबा शहरी क्षेत्र में बीते 02 वर्षो के भीतर मोबाइल मेडिकल यूनिट्स द्वारा 6183 चलित स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए, जिनमें 2 लाख 77 हजार 300 से अधिक मरीजों को निःशुल्क उपचार प्रदान किया गया। इसी अवधि में 67 हजार 412 व्यक्तियों की निःशुल्क लैब जांच तथा 2 लाख 51 हजार 197 मरीजों को निःशुल्क दवाइयाँ उपलब्ध कराई गईं। इस पहल से श्रमिक एवं गरीब परिवारों को इलाज में होने वाले भारी खर्च से राहत मिली है तथा करोड़ों रुपये की बचत संभव हो सकी है।
प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशन में राज्य सरकार द्वारा यह योजना सतत रूप से संचालित की जा रही है, जिसके अंतर्गत चिकित्सकीय सेवाओं को सीधे नागरिकों के घर-द्वार तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है। योजना के माध्यम से स्लम बस्तियों में रह रहे लोगों को उच्च गुणवत्तायुक्त स्वास्थ्य जांच, लैब परीक्षण और आवश्यकतानुसार निःशुल्क दवाइयों की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

वर्तमान में कोरबा शहरी क्षेत्र में इस योजना के अंतर्गत 10 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स सक्रिय रूप से कार्यरत हैं, जो निर्धारित रोस्टर के अनुसार 150 से अधिक स्लम बस्तियों का भ्रमण कर नियमित स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान कर रही हैं। यूनिट्स के माध्यम से विभिन्न बीमारियों की पहचान, उपचार और दवा वितरण का लाभ गरीब, निर्धन और श्रमिक परिवारों तक निरंतर पहुँच रहा है।
मोबाइल मेडिकल यूनिट्स में 41 प्रकार की लैब जांच सुविधा

योजना के तहत संचालित प्रत्येक मोबाइल मेडिकल यूनिट में 41 प्रकार की बीमारियों की लैब जांच सुविधा उपलब्ध है। यूनिट में स्थापित मिनी लैब में मरीजों के रक्त एवं अन्य आवश्यक नमूनों की तुरंत जाँच कर रिपोर्ट प्रदान कर दी जाती है, जिससे बीमारी की पहचान शीघ्र हो जाती है और चिकित्सक मौके पर ही आवश्यक दवाइयाँ निःशुल्क उपलब्ध करा देते हैं। मोबाइल यूनिट्स में विभिन्न बीमारियों के उपचार हेतु लगभग 95 प्रकार की दवाइयाँ हमेशा उपलब्ध रहती हैं, जिससे मरीजों को तत्काल चिकित्सा लाभ प्राप्त होता है।
मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना निश्चित रूप से कोरबा के गरीब, श्रमिक एवं स्लम क्षेत्र के नागरिकों के लिए एक प्रभावी स्वास्थ्य सुरक्षा कवच सिद्ध हो रही है। राज्य सरकार द्वारा योजनाओं के निरंतर और प्रभावी क्रियान्वयन से शहरी गरीबों के स्वास्थ्य में सुधार के साथ आर्थिक बोझ में भी उल्लेखनीय कमी आई है।

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कोरबा

फ्लाई ऐश उद्योगों से फैल रहे प्रदूषण का मुद्दा संसद में गूंजा  और दुष्प्रभाव सहित

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पर्यावरण मुवायजा कितना वसूल व क्या कार्यवाही की सांसद ने पूछा
कोरबा। कोरबा लोकसभा क्षेत्र की सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने संसद में कोरबा जिले में बढ़ती फ्लाई ऐश, लेगेसी ऐश और उद्योगों से फैल रहे प्रदूषण की गंभीर समस्या को उठाया। उन्होंने 100 प्रतिशत फ्लाई ऐश उपयोग का लक्ष्य पूरा नहीं करने वाले विद्युत संयंत्रों से अब तक वसूले गए मुआवजा और अन्य कार्यवाही की जानकारी भी चाही।  
उन्होंने विशेष रूप से कोरबा जिले के ऐश पॉन्ड में पिछले तीन वर्षों में जमा लेगेसी ऐश की मात्रा और उसके वैज्ञानिक निपटान की समय-सीमा की जानकारी मांगने के साथ विद्युत संयंत्रों और औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले प्रदूषण का स्थानीय पर्यावरण, जल स्रोतों, कृषि और आम नागरिकों के स्वास्थ्य पर पड़ रहे असर पर चिंता जताई। सरकार की ओर से नियम का उल्लंघन करने पर ऐसे संयंत्रों पर की गई कार्यवाही का ब्यौरा भी मांगा। इसके जवाब में पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मामलों के केन्द्रीय मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने बताया कि 31 दिसंबर 2021 की अधिसूचना के अनुसार कोयला या लिग्नाइट आधारित ताप विद्युत गृहों को 100 फीसदी फ्लाई ऐश उपयोग करने आदेशित किया गया है। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण बोर्ड की ओर से कोरबा या प्रदेश के किसी भी ताप बिजली घरों पर पर्यावरणीय मुआवजा अधिरोपित नहीं किया गया है। मंत्री ने वजह बताई कि प्रथम तीन वर्षीय अनुपालन चक्र वित्त वर्ष 2022 से 2025 तक राख उपयोग संबंधी लक्ष्य के संबंध में कोई गैर अनुपालन होना नहीं पाया गया।
लोकसभा में सांसद ज्योत्सना महंत ने वन क्षेत्रों और जनजातीय बस्तियों में हो रही अवैध ऐश डंपिंग को रोकने के लिए किए जा रहे उपायों की जानकारी मांगी। उनका कहना था कि फ्लाई ऐश एक बड़ी समस्या है इसलिए स्थायी समाधान जरूरी है।
विभागीय मंत्री ने सांसद को जानकारी दी कि थर्मल पॉवर प्लांट को अप्रयुक्त संचित राख अर्थात लैगेशी ऐश का उपयोग क्रमिक रूप से करने को कहा गया है। 1 अप्रैल 2022 से 10 वर्ष के भीतर इसकी उपयोगिता तय होगी। सीएसईबी के हवाले से केन्द्रीय मंत्री ने बताया कि हसदेव ताप विद्युत संयंत्र स्थित ऐश पांड को छोडक़र कोरबा जिले में बेमतलब के ऐसे ऐश पांड को विद्युत कंपनी ने फिर से प्राप्त कर लिया है। वर्तमान में वहां संचित लैगेशी ऐश की कुल मात्र 210.64 लाख मिट्रिक टन है। सांसद ने ऐश ट्रैक के जरिए फ्लाई ऐश के प्रबंधन और ट्रैकिंग के बारे में नतीजे की जानकारी मांगी। इस पर उन्हें बताया गया कि केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा विकसित वेब पोर्टल पर राख उत्पादन और उपयोगिता की मासिक जानकारी अपलोड करने आदेशित किया गया है। इसके साथ ही ताप विद्युत संयंत्रों और सीपीसीबी द्वारा अधिकृत लेखा परीक्षकों से राख निपटान के लिए वार्षिक अनुपालन लेखा परीक्षा की रिपोर्ट पर भी ध्यान दिया जा रहा है। लोकसभा की कार्यवाही में सांसद ज्योत्सना महंत ने विद्युत संयंत्रों से वसूले गए पर्यावरणीय जुर्माने की उपयोगिता पर्यावरण व स्वास्थ्य क्षेत्र में तय करने की मांग भी सरकार से की। इस पर केन्द्रीय मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने स्पष्ट किया कि राख उपयोग अधिसूचना 2021 के अंतर्गत थर्मल पॉवर प्लांट व अन्य मामलों में लापरवाही बरतने वालों से एकत्रित किए गए पर्यावरण मुआवजे की राशि का उपयोग राखड़ के सुरक्षित निपटान के लिए होता है। इसके अतिरिक्त राख आधारित उत्पाद सहित राख के उपयोग पर अनुसंधान को उन्नत बनाने में भी हो सकता है। कहा गया कि छत्तीसगढ़ के थर्मल बिजली घरों पर पर्यावरणीय मुआवजा अधिरोपित नहीं किया गया है। इसलिए पर्यावरणीय मुआवजे के आबंटन का औचित्य नहीं है।

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कोरबा

प्रेस क्लब की महिला क्रिकेट टीम ने बड़े अंतर से जीता अपना लीग मैच

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कोरबा। प्रेस कोरबा  द्वारा आयोजित ऊर्जा कप महिला क्रिकेट प्रतियोगिता में  बुधवार को आयोजित  कोरबा प्रेस क्लब की महिला क्रिकेट टीम और लायंस स्कूल  इलेवन के मध्य क्रिकेट मैच खेला गया निर्धारित 10 ओवर में प्रेस क्लब की महिला क्रिकेट खिलाड़ियों ने 94 रन का लक्ष्य दिया।

वहीं लक्ष्य का पीछा करते हुए लायंस स्कूल की टीम ने निर्धारित 10 ओवर में निधरित रन नही बना पाए इस तरह से कोरबा प्रेस क्लब की टीम ने मैच पर जीत हासिल कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई प्रेस क्लब कोरबा के सभी सदस्यों ने महिला क्रिकेट टीम की जीत पर उन्हें बधाई दी ।

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कोरबा

कोरबा में चालू ट्रांसफार्मर से चोरी:किसान के खेत से पुर्जे निकाले, किसान परेशान, पुलिस जांच में जुटी

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कोरबा। कोरबा के उरगा थाना क्षेत्र अंतर्गत बरपाली गांव में एक किसान के खेत में लगे चालू बिजली ट्रांसफार्मर से कीमती पुर्जे चोरी हो गए। यह घटना चांपा मुख्य मार्ग स्थित बरपाली में बीती देर रात हुई। चोरों ने सक्रिय ट्रांसफार्मर को खोलकर उसके अंदर के महत्वपूर्ण पुर्जे निकाल लिए। सुबह जब किसान खेत पहुंचा, तब उसे ट्रांसफार्मर से छेड़छाड़ और चोरी का पता चला।

किसान शिवांश खत्री के खेत में यह ट्रांसफार्मर लगा था। चोरी के कारण खेती के कामकाज में बाधा आ रही है, जिससे किसान परेशान है। शिवांश खत्री ने प्रशासन से चोरी की बढ़ती घटनाओं पर रोक लगाने और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है।

चालू बिजली ट्रांसफार्मर की चोरी

चालू बिजली ट्रांसफार्मर की चोरी

ग्रामीणों की चोर को जल्द पकड़ने की मांग

ऐसे में क्षेत्र के पुलिस गश्त पर सवाल खड़े हो रहे है । ग्रामीणों का आरोप है कि चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने चोरों को जल्द पकड़ने की मांग की है। घटना की सूचना उरगा पुलिस को दे दी गई है। साथ ही बिजली विभाग को भी जानकारी दी गई है, ताकि ट्रांसफार्मर की स्थिति का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जा सके। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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