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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में 3 दिन में 3 हाथियों की मौत:सूरजपुर में खेत में मिला शव, रायगढ़ में पानी पीते समय लगा करंट, 2 अरेस्ट

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सूरजपुर/रायगढ़,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में गेहूं के खेत में हाथी का शव मिला है। करंट लगने से मौत की आशंका जताई जा रही है। वहीं, 2 दिन पहले रायगढ़ में भी पानी पीते समय करंट से 2 हाथियों की मौत हो गई थी। इस तरह पिछले 3 दिन में 3 हाथियों की करंट से जान चली गई।

वहीं, हाथियों की लगातार हो रही मौत पर युवा कांग्रेस ने चिंता जताई है। रायगढ़ में युवा कांग्रेस ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल, वन विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा है।

सूरजपुर में गेहूं के खेत में हाथी का शव मिला है।

सूरजपुर में गेहूं के खेत में हाथी का शव मिला है।

पहला केस-

सूरजपुर में मिला गेहूं के खेत में हाथी का शव

सूरजपुर जिले के ग्राम करंजवार में शुक्रवार सुबह गेहूं के खेत में हाथी का शव मिला है। हाथी की मौत करंट लगने से होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सही कारण स्पष्ट हो सकेगा। घटना प्रतापपुर वन परिक्षेत्र की है।

जानकारी के मुताबिक, प्रतापपुर से लगे करंजवार गांव में ग्रामीणों ने सुबह खेत में करीब 15 साल के नर हाथी का शव देखा। यह हाथी पिछले तीन-चार दिनों से इलाके में घूम रहा था। हाथी की सूंड पर काले निशान भी मिले हैं। जिसके आधार पर करंट लगने की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से होगा खुलासा

हाथी की मौत की खबर मिलते ही सूरजपुर डीएफओ डीपी साहू और एसडीओ फॉरेस्ट संस्कृति बारले सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसडीओ संस्कृति बारले ने बताया कि अभी हाथी की मौत के कारणों की पुष्टि नहीं हुई है। आसपास करंट लगाने के कोई स्पष्ट निशान भी नहीं मिले हैं।

उन्होंने बताया कि चिकित्सकों की टीम हाथी के शव का पोस्टमॉर्टम कर रही है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा। जिस स्थान पर हाथी का शव मिला है, वहां खेतों की ऊंचाई भी ज्यादा नहीं है।

रायगढ़ में दो दिन पहले दो हाथियों की हुई थी मौत।

रायगढ़ में दो दिन पहले दो हाथियों की हुई थी मौत।

दूसरा केस-

रायगढ़ में दो हाथियों की हुई थी मौत

रायगढ़ जिले में 11 मार्च को 2 हाथियों की मौत हो गई। उनकी लाशें कुरकुट नदी में तैरती हुई मिलीं थी। जांच में पता चला कि, नदी में पंप लगाकर पानी खींचा जा रहा था। उसी दौरान लगाए गए करंट वाले तार की चपेट में आने से दोनों हाथियों की जान गई।

2 आरोपियों को किया गया गिरफ्तार

वन विभाग की जांच के बाद पाकादरहा निवासी धरम सिंह (38) और रामकुमार राठिया (55) को गिरफ्तार किया गया है। दोनों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण से जुड़े प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है। वन अमला मामले की आगे जांच कर रहा है।

रायगढ़ में हाथियों की मौत मामले में वन अमला ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

रायगढ़ में हाथियों की मौत मामले में वन अमला ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

युवा कांग्रेस ने की कार्रवाई की मांग

हाथियों की लगातार हो रही मौत पर युवा कांग्रेस ने चिंता जताई है। गुरुवार को युवा कांग्रेस (ग्रामीण) जिलाध्यक्ष उस्मान बेग अपनी टीम के साथ रायगढ़ कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

जंगल कटने से भटक रहे वन्यजीव

युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष उस्मान बेग ने कहा कि, जिले में तेजी से जंगलों की कटाई हो रही है और बड़े उद्योग, खदानें और औद्योगिक परियोजनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इस वजह से हाथी जैसे बड़े वन्यजीव अपने प्राकृतिक आवास से भटककर गांवों और खेतों की ओर आने को मजबूर हो रहे हैं।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए तो इस मुद्दे को लेकर बड़ा जन आंदोलन किया जाएगा।

युवा कांग्रेस ने हाथियों की मौत पर चिंता जाहिर करते हुए कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा।

युवा कांग्रेस ने हाथियों की मौत पर चिंता जाहिर करते हुए कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा।

युवा कांग्रेस ने रखी 4 प्रमुख मांगें

हाथियों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जाए।

कुरकुट नदी में मिले दोनों हाथी शावकों की मौत की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच।

जिले में पहले हुई हाथियों की मौत की घटनाओं की समग्र जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई।

हाथी प्रभावित क्षेत्रों में अवैध करंट और अवैध फेंसिंग के खिलाफ विशेष अभियान।

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कोरबा

सुशासन तिहार 2026:कोरबा जिले में जन शिकायतों के त्वरित निराकरण हेतु 01 मई से लगेंगे शिविर

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कलेक्टर ने जनसमस्या निवारण शिविर का लाभ उठाने नागरिकों से की अपील

कोरबा। कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश पर कोरबा जिले में आमजन की समस्याओं के त्वरित एवं पारदर्शी निराकरण हेतु “सुशासन तिहार 2026” के अंतर्गत व्यापक स्तर पर जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। राज्य शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप जनता को समयबद्ध सेवाएँ प्रदान करने और योजनाओं का लाभ सीधे पात्र हितग्राहियों तक पहुँचाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा कुल 37 शिविरों का विस्तृत कैलेंडर जारी किया गया है। संबंधित विभागों के अधिकारियों को क्लस्टर प्रभारी बनाते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने बताया कि राज्य शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप आमजन की समस्याओं के समयबद्ध और प्रभावी निराकरण हेतु विशेष जन समस्या निवारण शिविरों के आयोजन किया जा रहा है. सुशासन तिहार 2026 अभियान के तहत आयोजित इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य पारदर्शी और त्वरित सेवाएँ उपलब्ध कराना है, जिससे सुशासन के मूल आधार को सुदृढ़ किया जा सके।
जारी कार्यक्रम के अनुसार, मई और जून माह में जिले की विभिन्न जनपद पंचायतों में क्लस्टर स्तर पर शिविर लगाए जाएंगे. अभियान की शुरुआत 1 मई 2026 को जनपद पंचायत कटघोरा के ग्राम धनरास से होगी. इसके पश्चात 4 मई को करतला के कनकी में, 5 मई को पोडीउपरोड़ा के पिपरिया एवं पाली के ईरफ में शिविर आयोजित किए जाएंगे.  
मई माह के दौरान अन्य प्रमुख आयोजन 7 मई को जनपद पंचायत पोंड़ीउपरोड़ा के ग्राम जल्के और जनपद पंचायत कोरबा के ग्राम पहंदा, 8 मई को पाली के ग्राम बसीबार, 11 मई को पोंड़ी उपरोड़ा के ग्राम बैरा, तथा 12 मई को पाली के ग्राम चोढ़ा एवं कोरबा के ग्राम चुईया में जनसमस्या निवारण  शिविर   संपन्न होंगे।
इसी प्रकार 13 मई को जनपद पंचायत करतला के ग्राम गिधौरी, 14 मई को कटघोरा के ग्राम  सिंघाली एवं कोरबा के ग्राम केराकछार, 15 मई को पोंड़ीउपरोड़ा के ग्राम सिरमीना, 16 मई को पाली के ग्राम रामाकछार और 19 मई को पोंड़ीउपरोड़ा के लमना, पाली के नगोई व कटघोरा के ग्राम डोंगरी में जनसमस्याओं का निराकरण किया जाएगा। माह के उत्तरार्ध में 20 मई को जनपद करतला के ग्राम देवलापाठ, 21 मई को पोंड़ीउपरोड़ा के मोरगा व कोरबा के ढोंगदरहा, 22 मई को पाली के धौराभांठा, 26 मई को पाली के निरधी, पोंड़ीउपरोड़ा के जटगा व कटघोरा के छिंदपुर, 28 मई को करतला के नवापारा (चौ.) और  29 मई को जनपद पंचायत पोंड़ीउपरोड़ा के तुमान एवं पाली के डोगानाला में शिविर लगेंगे।
जून माह के प्रथम सप्ताह में भी यह अभियान जारी रहेगा, जिसमें 1 जून को जनपद कोरबा के ग्राम देवपहरी, 2 जून को करतला के कोटमेर व पोंड़ी उपरोड़ा के लेपरा, 3 जून को कोरबा के बरपाली, 4 जून को करतला के सुखरीकला व पाली के मुड़ापार तथा 5 जून को जनपद पोंड़ीउपरोड़ा के ग्राम तानाखार, कोरबा के चिर्रा एवं जनपद कटघोरा के ग्राम खैरभवना में अंतिम चरण के शिविर आयोजित होंगे. कलेक्टर द्वारा सभी विभाग प्रमुखों को इन शिविरों के सफल संचालन हेतु आवश्यक तैयारियाँ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि नागरिकों को अपनी शिकायतों के समाधान के लिए भटकना न पड़े. प्रत्येक शिविर के लिए विशिष्ट क्लस्टर प्रभारी नियुक्त किए गए हैं जो संबंधित विभागों के समन्वय से आवेदनों का मौके पर निराकरण करेंगे।

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छत्तीसगढ़

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने चिप्स के ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के उन्नत संस्करण ‘सेवा सेतु’ का किया शुभारंभ

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‘सेवा सेतु’ से सुशासन और पारदर्शिता को मिलेगी नई मजबूती – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

आधुनिक तकनीक और AI से सशक्त हुआ सुशासन: ‘सेवा सेतु’ से 441 सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर

अब सेवाएं नागरिकों के हाथ में: ‘सेवा सेतु’ से घर बैठे मिलेगी 441 सरकारी सुविधाएं

ग्राम पंचायतों तक पहुंचेगी नागरिक सेवाओं की डिजिटल सुविधा

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने चिप्स के ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के उन्नत संस्करण 'सेवा सेतु' का किया शुभारंभ

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) से छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (चिप्स) द्वारा आमजन तक प्रभावशाली, पारदर्शी और डिजिटल नागरिक सेवाओं की सुलभ पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत संचालित ई-डिस्ट्रिक्ट परियोजना के उन्नत संस्करण ‘सेवा सेतु’ का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्रीद्वय अरुण साव और विजय शर्मा सहित मंत्रिमंडल के सभी मंत्रीगण उपस्थित थे। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने चिप्स के ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के उन्नत संस्करण 'सेवा सेतु' का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग से डिजिटल नागरिक सेवाएं और अधिक सशक्त और प्रभावी होंगी। वर्ष 2003 में प्रारंभ हुए चॉइस (CHOICE) मॉडल से लेकर वर्ष 2015 के ई-डिस्ट्रिक्ट और अब ‘सेवा सेतु’ तक छत्तीसगढ़ ने डिजिटल प्रशासन के क्षेत्र में एक लंबी और उल्लेखनीय यात्रा तय की है तथा यह प्लेटफॉर्म अब नागरिक सशक्तिकरण का एक मजबूत माध्यम बन चुका है, जिससे लाखों नागरिकों को लाभ मिला है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘सेवा सेतु’ के माध्यम से अब एक ही पोर्टल पर 441 शासकीय सेवाएं उपलब्ध हैं, जिनमें 54 नई सेवाएं और 329 री-डायरेक्ट सेवाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अब व्हाट्सएप के माध्यम से भी सेवाओं की जानकारी सहज रूप से प्राप्त की जा सकेगी। आय, जाति, निवास, राशन कार्ड और विवाह पंजीयन जैसे प्रमुख प्रमाण-पत्रों सहित अब तक 3.2 करोड़ से अधिक ट्रांजेक्शन किए जा चुके हैं और इतने ही प्रमाण-पत्र जारी किए जा चुके हैं, जबकि 30 से अधिक विभागों के एकीकरण के साथ यह प्लेटफॉर्म एक सशक्त “वन स्टॉप सॉल्यूशन” के रूप में विकसित हो चुका है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ‘सेवा सेतु’ राज्य में सुशासन, पारदर्शिता और नागरिक-केंद्रित प्रशासन को नई मजबूती प्रदान करेगा।

उल्लेखनीय है कि इस परियोजना का संचालन राज्य स्तर पर चिप्स (CHiPS) द्वारा किया जा रहा है, जबकि जिला स्तर पर जिला कलेक्टर के नेतृत्व में डिस्ट्रिक्ट ई-गवर्नेंस सोसाइटी (DeGS) के माध्यम से इसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। नई प्रणाली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), आधार, व्हाट्सएप और ‘भाषिणी’ जैसी उन्नत तकनीकों का एकीकृत उपयोग किया गया है, जिससे नागरिक व्हाट्सएप के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे, सेवा की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे और डिजिटल प्रमाण-पत्र भी प्राप्त कर सकेंगे। इसके साथ ही आधार आधारित ई-केवाईसी, डिजी लॉकर, ई-प्रमाण और उमंग जैसे प्लेटफॉर्म के साथ एकीकरण कर सेवाओं को और अधिक सरल, सुरक्षित और सुलभ बनाया गया है।

 ‘सेवा सेतु’ में ट्रेजरी और ई-चालान का एकीकरण किया गया है, जिससे नागरिक एक ही प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन भुगतान कर तत्काल डिजिटल रसीद प्राप्त कर सकेंगे तथा डीबीटी के माध्यम से योजनाओं की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जाएगी, जिसकी रीयल-टाइम ट्रैकिंग एसएमएस और व्हाट्सएप के माध्यम से संभव होगी। पोर्टल में क्यूआर कोड आधारित प्रमाण-पत्र सत्यापन, क्लाउड स्टोरेज, डिजिटल सिग्नेचर, रीयल-टाइम डैशबोर्ड और एमआईएस रिपोर्टिंग जैसी सुविधाएं जोड़ी गई हैं तथा यह पोर्टल 22 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है, जिससे भाषा की बाधा समाप्त हो गई है।

लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2011 के तहत सेवाओं की समय-सीमा सुनिश्चित करने के लिए ऑटोमेटिक पेनल्टी कैलकुलेशन, समय-सीमा संकेतक और स्वतः शिकायत पंजीकरण जैसी व्यवस्थाएं भी लागू की गई हैं, जिससे जवाबदेही और पारदर्शिता को और मजबूती मिलेगी। राज्य में सेवाओं की व्यापक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए 800 से अधिक लोक सेवा केंद्र, 1000 से अधिक चॉइस सेंटर और 15,000 से अधिक कॉमन सर्विस सेंटर सक्रिय हैं, जहां से नागरिक आसानी से सेवाओं का लाभ ले सकते हैं। 

‘सेवा सेतु’ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को जनसेवा के केंद्र में रखते हुए आवेदन प्रक्रिया को सरल और तकनीकी रूप से बाधारहित बनाया गया है, जिससे शासन और नागरिकों के बीच की दूरी तेजी से कम हो रही है और सेवाएं सीधे नागरिकों के हाथों तक पहुंच रही हैं।व्हाट्सएप इंटरफेस के माध्यम से नागरिक विभिन्न सेवाओं के लिए आवेदन कर सकेंगे, पावती रसीद और दस्तावेजों के लिंक तुरंत प्राप्त कर सकेंगे तथा अनुमोदन के पश्चात डिजिटल हस्ताक्षरित प्रमाण-पत्र सीधे व्हाट्सएप पर प्राप्त कर सकेंगे। 

वर्तमान में यह सुविधा 25 सेवाओं के लिए उपलब्ध है, जिसे शीघ्र ही सभी सेवाओं तक विस्तारित किया जाएगा। प्रत्येक प्रमाण-पत्र में क्यूआर कोड आधारित सत्यापन की सुविधा दी गई है, जबकि कैप्चा, ओटीपी और ईमेल आधारित प्रमाणीकरण जैसी व्यवस्थाएं सुरक्षा को सुदृढ़ करती हैं। नागरिकों की पहचान को विश्वसनीय बनाने के लिए आधार आधारित ई-केवाईसी की सुविधा प्रारंभ की गई है तथा सुरक्षित लॉगिन हेतु डिजिलॉकर और ई-प्रमाण जैसी प्रणालियों को एकीकृत किया गया है। 

‘भाषिणी’ के सहयोग से यह पोर्टल 22 भाषाओं में उपलब्ध कराया गया है, जिससे हर नागरिक अपनी भाषा में सेवाओं का लाभ ले सकेगा।

नागरिक ‘सेवा सेतु’ में उपलब्ध सेवाओं का लाभ वेब पोर्टल, लोक सेवा केंद्र, चॉइस सेंटर या कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से प्राप्त कर सकेंगे तथा फीडबैक सुविधा के माध्यम से अपने सुझाव भी दे सकेंगे, जिनके आधार पर इस परियोजना को निरंतर बेहतर बनाया जाएगा। 

इस अवसर पर मुख्यसचिव विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह,  मुख्यमंत्री के सचिव पी दयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद, चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मयंक अग्रवाल सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

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छत्तीसगढ़

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के परीक्षा परिणाम जारी कर विद्यार्थियों को दी शुभकामनाएं

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विद्यार्थियों की सफलता उनके परिश्रम, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के परीक्षा परिणाम जारी कर विद्यार्थियों को दी शुभकामनाएं

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन से छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के कक्षा 10वीं और 12वीं के बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम जारी कर परीक्षा में सफल हुए सभी विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस वर्ष हाई स्कूल परीक्षा में 77.15 प्रतिशत तथा हायर सेकेंडरी परीक्षा में 83.04 प्रतिशत विद्यार्थियों ने सफलता अर्जित की है, जो प्रदेश की शैक्षणिक प्रगति का सकारात्मक संकेत है। उन्होंने इस उपलब्धि को राज्य के शिक्षा तंत्र, शिक्षकों और अभिभावकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बेटियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश की बेटियां लगातार शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। उन्होंने इसे न केवल छात्राओं के आत्मविश्वास और परिश्रम का प्रमाण बताया, बल्कि समाज में शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता और सकारात्मक बदलाव का भी प्रतीक बताया।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों के विद्यार्थियों ने प्रावीण्य सूची में स्थान बनाकर यह सिद्ध कर दिया है कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद इन विद्यार्थियों ने अपने दृढ़ संकल्प और अथक परिश्रम से उल्लेखनीय सफलता हासिल की है, जो पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणास्रोत है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि प्रदेश के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग राष्ट्र निर्माण में करें और विकसित भारत तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपने परिवार, समाज और प्रदेश का गौरव हैं। उनकी उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेंगी और शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त करेंगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने ऐसे विद्यार्थियों, जिन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिली है, उन्हें निराश न होने, आत्मविश्वास बनाए रखने और सकारात्मक सोच के साथ निरंतर प्रयास करते रहने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि निरंतर प्रयास करने से एक दिन निश्चित ही सफलता उनके कदम चूमेगी।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वन मंत्री केदार कश्यप, छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की अध्यक्ष श्रीमती रेणु पिल्लै, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

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