छत्तीसगढ़
रायपुर : मुख्यमंत्री साय ने किया ‘इनोवेशन महाकुंभ 1.0’ के पोस्टर का विमोचन
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी स्थित निवास कार्यालय में “इनोवेशन महाकुंभ 1.0” के पोस्टर का विमोचन किया।
इस अवसर पर शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय बस्तर के कुलपति मनोज श्रीवास्तव और स्वावलंबी भारत अभियान के प्रांत समन्वयक जगदीश पटेल भी उपस्थित रहे।

बस्तर के युवाओं में नवाचार,उद्यमिता और स्वरोजगार में तकनीक आधारित विकास हेतु “ इनोवेशन महाकुंभ 1.0 का आयोजन आगामी 4 एवं 5 मई को किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय बस्तर और स्वावलंबी भारत अभियान, पीएम ऊषा एवं इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल के साथ किया जाएगा। जिसमें एनआईटी रायपुर,आईआईएम रायपुर,आईआईटी भिलाई, छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् की भी सहभागिता होगी।
छत्तीसगढ़
मैनपावर घोटाले में अनवर ढेबर जेल में ही रहेंगे:हाईकोर्ट बोला- आर्थिक अपराध सामान्य नहीं, देश की अर्थव्यवस्था के लिए खतरा, जमानत याचिका खारिज
बिलासपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने मैनपावर सप्लाई घोटाले में आरोपी अनवर ढेबर की जमानत याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि आर्थिक अपराध सामान्य अपराध नहीं होते, बल्कि ये समाज और देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाली सुनियोजित साजिश होते हैं।

यह मामला CSMCL में कर्मचारियों के ओवरटाइम भुगतान में गड़बड़ी से जुड़ा है। ED की जांच में 28.80 लाख रुपए नकद मिले थे। आरोप है कि कर्मचारियों के ओवरटाइम के पैसे में भ्रष्टाचार किया गया।
जांच के आधार पर ACB ने धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार का केस दर्ज किया है। अनवर ढेबर पर आरोप है कि उन्होंने अपने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर CSMCL के कामकाज और पैसों के फैसलों में दखल दिया।

मैनपावर सप्लाई घोटाले मामले में अनवर ढेबर की जमानत याचिका खारिज कर दी गई है। (फाइल फोटो)
कमीशन देने के बाद एजेंसी को भुगतान
जांच रिपोर्ट के मुताबिक, संस्था को मैनपावर सप्लाई करने वाली निजी एजेंसियों के बिल तब तक पास नहीं किए जाते थे, जब तक वे तय रकम कमीशन के रूप में नहीं देती थीं।
जांच में यह भी सामने आया कि शुरुआत में कमीशन तय दर पर लिया जाता था, लेकिन बाद में अनवर ढेबर के निर्देश पर इसे बढ़ाकर बिल राशि का एक-तिहाई या उससे ज्यादा कर दिया गया। आरोप है कि चुनाव के नाम पर अवैध वसूली और बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए थे।
निगम और एजेंसी के अफसरों की मिलीभगत
इस मामले में निगम के तत्कालीन अधिकारियों और कुछ निजी लोगों पर पैसे पहुंचाने वाले माध्यम के तौर पर काम करने का आरोप है। वे एजेंसियों से रकम लेकर अनवर ढेबर तक पहुंचाते थे।
ED ने 29 नवंबर 2023 को ट्रैप कार्रवाई के दौरान ईगल हंटर सॉल्यूशंस एजेंसी के कर्मचारियों को 28.80 लाख रुपए की रिश्वत देते हुए पकड़ा था। इसी कार्रवाई में मिले सबूतों के आधार पर अनवर ढेबर को 23 फरवरी 2026 को गिरफ्तार किया गया।

अनवर ढेबर ने इस मामले में जमानत के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
राजनीतिक षड्यंत्र के तहत फंसाने का आरोप
अनवर ढेबर ने इस मामले में जमानत के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया कि यह कस्टडी का एवरग्रीनिंग है। उन्हें राजनीतिक द्वेष के चलते फंसाया गया है।
साथ ही यह भी कहा गया कि एक ही मामले में बार-बार अलग-अलग एफआईआर दर्ज की जा रही हैं, ताकि याचिकाकर्ता को जेल से बाहर आने का मौका न मिले। वहीं, सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने जमानत का विरोध किया।
हाईकोर्ट ने कहा- आरोपी के खिलाफ पर्याप्त सबूत
हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि ऐसे मामलों में केवल इसलिए राहत नहीं दी जा सकती, क्योंकि आरोपी प्रभावशाली है या सीधे तौर पर धन की वसूली उसके पास से नहीं हुई है।
जब मामला जनता के पैसे और सरकारी खजाने की लूट से जुड़ा हो, तो कोर्ट को अलर्ट रहना चाहिए। ऐसे घोटाले न केवल देश के आर्थिक ढांचे को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि सरकारी व्यवस्था में जनता के विश्वास को भी चोट पहुंचाते हैं।
कोर्ट ने ढेबर को इस मामले का मुख्य साजिशकर्ता और फायदा लेने वाला बताया है। कोर्ट के अनुसार, शुरुआती जांच में उनके खिलाफ काफी सबूत मिले हैं।
छत्तीसगढ़
रायपुर : विशेष लेख : सहकार से समृद्धि छत्तीसगढ़ में खुशहाली का नया मार्ग
- धनंजय राठौर (संयुक्त संचालक)
- अशोक कुमार चंद्रवंशी (सहायक जनसंपर्क अधिकारी)
छत्तीसगढ़ में सहकारिता आंदोलन राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, जो अब सहकार से समृद्धि के विजन के साथ विकास के एक नए और आधुनिक ढांचे में बदल रहा है। विष्णुदेव साय सरकार के नेतृत्व में सहकारी समितियों को मजबूत कर ग्रामीण विकास और किसान सशक्तिकरण को नई गति दी जा रही है। एक अकेला थक जाएगा, मिलकर बोझ उठाना। सहकारिता के इस शाश्वत मंत्र को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सहकार से समृद्धि विजन ने आज भारत के ग्रामीण और शहरी परिदृश्य में एक नई क्रांति का आधार बना दिया है। धान का कटोरा कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ में यह संकल्प आज एक आर्थिक संबल बनकर उभर रहा है। यह मात्र एक व्यवस्था नहीं, बल्कि अंत्योदय की वह भावना है जहाँ समाज का अंतिम व्यक्ति विकास की मुख्यधारा से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रहा है।

सहकारिता विकास का आधुनिक ढांचा
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और सहकारिता मंत्री केदार कश्यप के कुशल मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ ने सहकारिता के दायरे को केवल कृषि तक सीमित न रखकर इसे व्यापार और सेवा क्षेत्र का प्रमुख स्तंभ बना दिया है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की संकल्पनाओं को धरातल पर उतारते हुए राज्य के सहकारी ढांचे का अभूतपूर्व विस्तार किया गया है।
समृद्धि के प्रमुख आधार क्रांतिकारी कदम
सहकारिता के माध्यम से खुशहाली सुनिश्चित करने हेतु निम्नलिखित प्रयास किए जा रहे हैं। 515 नवीन पैक्स का गठन सहकारी तंत्र को सुदृढ़ करने के लिए राज्य में 515 नई प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों का गठन किया गया है। अब राज्य में कुल पैक्स समितियों की संख्या 2 हजार 573 हो गई है। ये समितियाँ अब केवल ऋण वितरण नहीं, बल्कि बहुउद्देश्यीय केंद्रों के रूप में कार्य कर रही हैं।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा
इन केंद्रों के माध्यम से किसानों को खाद-बीज के साथ-साथ जन औषधि केंद्र, उर्वरक वितरण और कॉमन सर्विस सेंटर जैसी सुविधाएं सीधे उनके गांव में मिल रही हैं। विश्व की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना के तहत किसान अब अपनी उपज का स्थानीय स्तर पर सुरक्षित भंडारण कर सकेंगे। इससे उन्हें फसल को कम दामों पर बेचने की मजबूरी से मुक्ति मिलेगी। महिला और युवा सशक्तिकरण को बढावा देने दुग्ध उत्पादन और मत्स्य पालन के क्षेत्र में सहकारी समितियों के माध्यम से युवाओं और महिलाओं को उद्यमिता से जोड़कर उनकी आय में वृद्धि की जा रही है।
तकनीक, पारदर्शिता और सुशासन
सहकारिता में स्व से ऊपर सर्व के कल्याण की भावना निहित है। छत्तीसगढ़ सरकार ने इस क्षेत्र में डिजिटलीकरण पर विशेष जोर दिया है। समितियों के कंप्यूटरीकरण से बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है और हर लेनदेन पारदर्शी हुआ है। ई-मार्केटप्लेस के माध्यम से स्थानीय सहकारी उत्पादों को अब राष्ट्रीय और वैश्विक मंच प्राप्त हो रहा है।
विकसित छत्तीसगढ़ – विकसित भारत
सहकार से समृद्धि केवल एक नारा नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के लाखों किसानों, महिलाओं और युवाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाला एक जीवंत अभियान है। जब हमारे गांव के पैक्स केंद्र सशक्त होंगे, तभी राष्ट्र समृद्ध होगा। जुड़िए सहकारिता से, बढ़िए समृद्धि की ओर की पहल के साथ छत्तीसगढ़ आज विकास के ऐसे मॉडल की ओर अग्रसर है, जहाँ सामूहिक सहयोग ही प्रत्येक व्यक्ति की प्रगति का आधार है।
छत्तीसगढ़ में सहकारिता केवल ऋण वितरण का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी ग्रामीण आत्मनिर्भरता का आधार है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सहकार से समृद्धि के संकल्प को आत्मसात करते हुए हमारी सरकार प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमने सहकारी समितियों (पैक्स) को बहुउद्देश्यीय केंद्रों के रूप में विकसित किया है, ताकि किसान और ग्रामीण महिलाओं को उनके गांव के समीप ही खाद-बीज के साथ-साथ बैंकिंग, स्वास्थ्य और तकनीकी सुविधाएँ मिल सकें। जब हमारा गांव और वहां का सहकारी तंत्र मजबूत होगा, तभी हम विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के स्वप्न को साकार कर पाएंगे।
-विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़
सक्ती में खनिज विभाग ने 6 वाहन जब्त किए:जैजैपुर-चंद्रपुर क्षेत्र में अवैध परिवहन पर कार्रवाई
सक्ती। सक्ती जिले में खनिज विभाग ने अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने जैजैपुर और चंद्रपुर क्षेत्रों से 6 वाहनों को जब्त किया। यह कार्रवाई कलेक्टर अमृत विकास तोपनो के निर्देश और खनि अधिकारी के.के. बंजारे के मार्गदर्शन में की गई।

खनिज विभाग के उड़नदस्ता दल ने ग्राम जैजैपुर और चंद्रपुर क्षेत्र में जांच अभियान चलाया। इस दौरान जैजैपुर में रेत के अवैध परिवहन के दो और ईंट परिवहन का एक मामला सामने आया। वहीं चंद्रपुर क्षेत्र में चूनापत्थर के अवैध परिवहन के तीन प्रकरण दर्ज किए गए।

खनिज विभाग ने अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की
खनिज विभाग की टीम ने 6 वाहनों को जब्त किया
यह कार्रवाई खनिज निरीक्षक टुमेश कुमार ध्रुव और खनिज विभाग की टीम ने की। जब्त किए गए सभी 6 वाहनों को संबंधित थाना जैजैपुर और चंद्रपुर में सुरक्षित रखा गया है। वाहन संचालकों के खिलाफ छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 तथा खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम 1957 के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए
कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने जिले में अवैध खनिज कारोबार पर लगातार निगरानी रखने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध उत्खनन और परिवहन के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
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