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रायपुर : खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स छत्तीसगढ़ के लिए मील का पत्थर, राज्य के खेल पारिस्थितिकी तंत्र को मिलेगा बड़ा बढ़ावा- उपमुख्यमंत्रीअरुण साव

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खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 गेम-चेंजर, खेलों में करियर बनाने का बड़ा मंच ओलंपियन

करीब 3,800 प्रतिभागी लेंगे हिस्सा; छत्तीसगढ़ सहित चार राज्यों के 100 से अधिक खिलाड़ी

प्रतियोगिताएं रायपुर, जगदलपुर और सरगुजा में आयोजित होंगी

 कुल 106 स्वर्ण पदक दांव पर

राज्य के खेल पारिस्थितिकी तंत्र को मिलेगा बड़ा बढ़ावा- उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव

रायपुर। बुधवार 25 मार्च से शुरू हो रहे पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी के लिए  छत्तीसगढ़ पूरी तरह तैयार है और राज्य के उपमुख्यमंत्री अरुण साव का मानना है कि यह “राज्य के खेल पारिस्थितिकी तंत्र को बड़ा बढ़ावा देगा।” खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री साव ने मंगलवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स भारतीय खेल इतिहास में एक “मील का पत्थर” साबित होगा।

      श्री साव ने बताया कि, “हमने पहले सरगुजा ओलंपिक और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन छोटे स्तर पर किए हैं। अब खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी कर हम एक बड़े मंच पर कदम रख रहे हैं, जो हमारी क्षमताओं की परीक्षा भी लेगा और उन्हें नई ऊंचाई देगा।”उन्होंने  कहा, “यह छत्तीसगढ़ के लिए निस्संदेह एक ऐतिहासिक और यादगार आयोजन है। यह हमारे खेल प्रतिभा और बुनियादी ढांचे को बड़ी मजबूती देगा। साथ ही, यह राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के आयोजन का प्रत्यक्ष अनुभव भी प्रदान करेगा।”

      श्री साव ने बताया कि, “राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने वाले खिलाड़ियों के साथ खेलने और उन्हें देखने का अनुभव छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों के लिए बेहद समृद्ध करने वाला होगा। इसमें कोई संदेह नहीं कि यह आयोजन राज्य के खेल तंत्र और खिलाड़ियों दोनों के लिए बड़ी ताकत साबित होगा।”

      खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में 30 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश हिस्सा लेंगे और कुल नौ खेलों का आयोजन होगा। तीरंदाजी, एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, तैराकी, वेटलिफ्टिंग और कुश्ती में पदक दिए जाएंगे, जबकि मल्लखंब और कबड्डी प्रदर्शन खेल के रूप में शामिल होंगे।
करीब 3,800 प्रतिभागी इन खेलों में हिस्सा लेंगे, जो 3 अप्रैल तक चलेंगे। प्रतियोगिताएं रायपुर, जगदलपुर और सरगुजा में आयोजित की जाएंगी। कुल 106 स्वर्ण पदक दांव पर होंगे। एथलेटिक्स में सर्वाधिक 34 स्वर्ण पदक दिए जाएंगे। तैराकी (24), कुश्ती (18), वेटलिफ्टिंग (16) और तीरंदाजी (10) में भी दो अंकों में स्वर्ण पदक होंगे। हॉकी और फुटबॉल टीम खेल हैं, जिनका आयोजन रायपुर में होगा। एथलेटिक्स जगदलपुर में और कुश्ती सरगुजा में आयोजित की जाएगी।

        भारत के शीर्ष खिलाड़ी, हॉकी ओलंपियन दिलीप तिर्की, सलीमा टेटे और शीर्ष धावक अनिमेष कुजूर ने कहा, “खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स खेलों में करियर बनाने और आदिवासी समुदाय से निकले दिग्गज खिलाड़ियों से प्रेरणा लेने का एक शानदार मंच है।”

        हॉकी इंडिया के अध्यक्ष और पूर्व ओलंपियन दिलीप तिर्की ने साई मीडिया से कहा, “मेरे लिए और हम सभी के लिए यह गर्व की बात है कि देश में पहली बार इस तरह की चौंपियनशिप शुरू हो रही है। यह युवाओं और आदिवासी खिलाड़ियों के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने और खेलों में आगे बढ़ने, तथा देश के लिए खेलने का एक बेहतरीन अवसर है। हमारे  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विज़न है कि भारत एक खेल राष्ट्र बने। वे चाहते हैं कि हर युवा किसी न किसी खेल से जुड़ा रहे।”

        मेजबान राज्य छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड और असम से 100 से अधिक खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। पुरुष और महिला खिलाड़ियों का अनुपात लगभग 50-50 रहेगा, जो ओलंपिक चार्टर में लैंगिक समानता के सिद्धांत के अनुरूप है। 
        
        दिलीप तिर्की ने बताया कि, “केन्द्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया भी चाहते हैं कि खेलों के माध्यम से हमारे खिलाड़ी, खासकर आदिवासी खिलाड़ी, बेहतर करियर बना सकें, अपने जीवन को सुधार सकें और देश का प्रतिनिधित्व कर सकें। मैं स्वयं एक आदिवासी परिवार से आता हूं और खेलों, विशेषकर हॉकी के माध्यम से आज यहां तक पहुंचा हूं। मुझे विश्वास है कि इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी आदिवासी बच्चों का भविष्य उज्ज्वल है। पहले भी कई आदिवासी खिलाड़ियों ने देश का प्रतिनिधित्व किया है और वे हमारे समाज के प्रेरणास्रोत बने हैं।”

        राष्ट्रीय 100 मीटर और 200 मीटर रिकॉर्ड धावक और भारत के उभरते एथलेटिक्स स्टार अनिमेष कुजूर ने साई मीडिया से कहा, “भारत में अभी भी कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां खेल पूरी तरह नहीं पहुंचे हैं। ऐसे में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन और भी खास बन जाता है। मैं सरकार के इस प्रयास की सराहना करता हूं, जिसने देशभर के आदिवासी युवाओं को एक मंच पर लाने का काम किया है।”

        खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के इस उद्घाटन संस्करण में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों का चयन राष्ट्रीय खेल महासंघों द्वारा आयोजित ट्रायल्स के माध्यम से किया गया है। खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर भारतीय खेल प्राधिकरण (सांई) द्वारा नियुक्त कोच नजर रखेंगे। श्री तिर्की ने कहा, “हमारे सभी आदिवासी खिलाड़ी और बच्चे खेलों के माध्यम से अपनी प्रतिभा दिखाएं, देश के लिए खेलें और अपना करियर बनाएं। प्रधानमंत्री का 2036 ओलंपिक और विकसित भारत का विज़न है कि हमारा देश एक युवा और खेल राष्ट्र बने। मुझे पूरा विश्वास है कि एक दिन हमारा देश एक सशक्त खेल राष्ट्र के रूप में उभरेगा।”

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नेशनल ट्राइबल गेम्स 2026…अलग-अलग राज्यों से 500 खिलाड़ी रायपुर पहुंचे:अरुण साव बोले-3 हजार से ज्यादा प्लेयर लेंगे हिस्सा, भोजन समेत सभी जरूरी व्यवस्थाएं पूरी

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रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ में आयोजित होने जा रहे नेशनल ट्राइबल गेम्स की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। देशभर से खिलाड़ियों के आने का सिलसिला शुरू हो गया है। अलग-अलग खेल प्रतियोगिताओं के लिए मैदान पूरी तरह तैयार कर लिए गए हैं और सभी आवश्यक खेल उपकरण भी उपलब्ध करा दिए गए हैं।

अब तक 500 से अधिक खिलाड़ी पहुंच चुके हैं। यह छत्तीसगढ़ के लिए एक बड़ा अवसर है कि उसे इस राष्ट्रीय स्तर के आयोजन की मेजबानी मिली है। इसके लिए खेल मंत्री अरुण साव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया का आभार व्यक्त किया है।

उन्होंने बताया कि देश के 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 3 हजार से अधिक खिलाड़ी और खेल अधिकारी इस आयोजन में हिस्सा लेने वाले हैं। खिलाड़ियों और अधिकारियों के ठहरने, आवास, भोजन सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। खिलाड़ियों का आगमन लगातार जारी है।

इस खेल महाकुंभ का शुभारंभ कल शाम किया जाएगा। उद्घाटन समारोह में केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया के साथ राज्य के मुख्यमंत्री भी मौजूद रहेंगे। यह प्रतियोगिता 3 अप्रैल तक चलेगी, जिसमें कुल सात खेलों का आयोजन किया जाएगा।

मध्य प्रदेश से आए मेहमानों का पुष्प भेंट कर और नृत्य के माध्यम से स्वागत किया गया।

मध्य प्रदेश से आए मेहमानों का पुष्प भेंट कर और नृत्य के माध्यम से स्वागत किया गया।

तमिलनाडु से आए खिलाड़ियों का पुष्प भेंट कर स्वागत।

तमिलनाडु से आए खिलाड़ियों का पुष्प भेंट कर स्वागत।

स्वागत के बाद खिलाड़ी थिरके।

स्वागत के बाद खिलाड़ी थिरके।

प्रतियोगिताओं के आयोजन स्थल तय

अरुण साव ने बताया कि प्रतियोगिताओं के आयोजन स्थल भी तय कर दिए गए हैं। कुश्ती प्रतियोगिता अंबिकापुर में आयोजित होगी। एथलेटिक्स का आयोजन जगदलपुर में किया जाएगा। अंबिकापुर में ही मलखंब प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी।

खेल मंत्री साव ने बताया कि 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 3 हजार से अधिक खिलाड़ी और खेल अधिकारी इस आयोजन में हिस्सा लेने वाले हैं।

खेल मंत्री साव ने बताया कि 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 3 हजार से अधिक खिलाड़ी और खेल अधिकारी इस आयोजन में हिस्सा लेने वाले हैं।

500 से अधिक खिलाड़ी रायपुर पहुंचे

अब तक 500 से अधिक खिलाड़ी रायपुर पहुंच चुके हैं। आज शाम तक अधिकांश खिलाड़ियों और खेल अधिकारियों के पहुंचने की संभावना है। तैयारियों की निगरानी के लिए भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के 20 से अधिक अधिकारी पिछले पांच दिनों से रायपुर में मौजूद हैं। उनके मार्गदर्शन में राज्य सरकार सभी तैयारियों को अंतिम रूप दे रही है।

छत्तीसगढ़ के लिए सीख और अनुभव का अवसर

यह आयोजन छत्तीसगढ़ के लिए एक बड़ा अनुभव लेकर आएगा। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं का आयोजन किस प्रकार किया जाता है और उसकी तैयारियां कैसे होती हैं, इसका प्रत्यक्ष अनुभव राज्य को प्राप्त होगा। इससे पहले छत्तीसगढ़ में सरगुजा ओलंपिक और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन छोटे स्तर पर सफलतापूर्वक किए जा चुके हैं।

अब नेशनल ट्राइबल गेम्स की मेजबानी से राज्य को बड़े स्तर के आयोजन का अनुभव मिलेगा, जिससे भविष्य में और भी बड़े खेल आयोजनों का मार्ग प्रशस्त होगा।

छत्तीसगढ़ के 180 खिलाड़ी लेंगे भाग

इस प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के लगभग 180 खिलाड़ी भी हिस्सा लेने जा रहे हैं। उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के साथ खेलने और उनके खेल को करीब से देखने का अवसर मिलेगा, जिससे उनके प्रदर्शन और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।

कुल मिलाकर यह आयोजन छत्तीसगढ़ के खेल और खिलाड़ियों दोनों के लिए नई ऊर्जा और नई दिशा देने वाला साबित होगा। इसे राज्य के लिए एक सौभाग्यपूर्ण अवसर के रूप में देखा जा रहा है।

केंद्रीय मंत्री मांडविया बोले- आदिवासी बच्चों को मिलेगा बड़ा फायदा

केंद्रीय मंत्री मांडविया ने कहा कि यह आयोजन युवाओं को अवसर देने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत” विजन का हिस्सा है, जिसमें खेलों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

मांडविया ने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों से प्रतिभाओं को सामने लाना बेहद जरूरी है। सरकार का फोकस है कि प्रतिभाओं की जल्दी पहचान हो, उन्हें व्यवस्थित प्रशिक्षण मिले और राष्ट्रीय खेल ढांचे में शामिल किया जाए।

23 दिसंबर को लोगो हुआ और मैस्कॉट हुआ लॉन्च

बतादें कि 23 दिसंबर को बिलासपुर के दिवंगत बी.आर. यादव स्पोर्ट्स स्टेडियम में इन खेलों का लोगो, थीम सॉन्ग और मैस्कॉट ‘मोरवीर’ लॉन्च किया गया था। इस मौके पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री अरुण साव भी मौजूद रहे।

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बेंगलुरु भगदड़ के मृतकों को अनूठी श्रद्धांजलि:चिन्नास्वामी स्टेडियम में 11 सीटें हमेशा खाली रखी जाएंगी, स्मारक पट्टिका भी लगेगी

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बेंगलुरु,एजेंसी। बेंगलुरु के एम चिन्नस्वामी स्टेडियम में खेले जाने वाले IPL और इंटरनेशनल मैचों में 11 सीटें हमेशा खाली रखी जाएंगी। वहीं, स्टेडियम के एंट्री गेट पर स्मारक पट्टिका (मेमोरियल प्लाक) और हर मैच से पहले एक मिनट का मौन भी रखा जाएगा, जिसमें दोनों टीमें हिस्सा लेंगी।

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA) ने पिछले साल एम चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर हुए भगदड़ में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए यह खास पहल की है। 4 जून 2025 को RCB की पहली IPL ट्रॉफी जीत के जश्न के दौरान स्टेडियम के बाहर भगदड़ मचने में 11 लोगों की मौत हो गई थी।

RCB ने पिछले सीजन के फाइनल में पंजाब किंग्स को 6 रन से हराकर पहली बार IPL खिताब जीता था।

RCB ने पिछले सीजन के फाइनल में पंजाब किंग्स को 6 रन से हराकर पहली बार IPL खिताब जीता था।

मैच से पहले दी जाएगी श्रद्धांजलि

भगदड़ वाली घटना की याद में RCB और KSCA ने स्टेडियम में एक स्मारक पट्टिका (मेमोरियल प्लाक) लगाने और 11 सीटों को हमेशा खाली रखने का फैसला किया है। ये सीटें इंटरनेशनल मैच में भी उन 11 लोगों की याद में कभी बेची नहीं जाएंगी। वहीं, स्मारक पट्टिका को स्टेडियम के एंट्री गेट के पास लगाया जाएगा, ताकि यह जगह हमेशा श्रद्धांजलि का प्रतीक बनी रहे। इसके अलावा, IPL मैच से पहले पीड़ितों के नाम प्रदर्शित किए जाएंगे और एक मिनट का मौन भी रखा जाएगा, जिसमें दोनों टीमें हिस्सा लेंगी।

काफी समय से बात चल रही थी- वेंकटेश प्रसाद

कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष वेंकटेश प्रसाद ने इस पहल की पुष्टि करते हुए कहा कि इस दुखद घटना को याद करना भी पीड़ादायक है, लेकिन काफी समय से स्मारक बनाने पर चर्चा चल रही थी। उन्होंने कहा कि 11 लोगों की याद को सम्मान देना जरूरी है, न कि पुराने जख्मों को कुरेदना।

भारत के पूर्व तेज गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद 7 दिसंबर 2025 को कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KSCA) के नए अध्यक्ष चुने गए थे।

भारत के पूर्व तेज गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद 7 दिसंबर 2025 को कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KSCA) के नए अध्यक्ष चुने गए थे।

हिल्सबरो मेमोरियल की तर्ज पर बनेगा स्मारक

स्टेडियम की गेट पर लगने वाली स्मारक पट्टिका को इंग्लैंड के मशहूर हिल्सबरो मेमोरियल की तर्ज पर तैयार किया जा रहा है। हिल्सबरो मेमोरियल को लिवरपूल एफसी के 97 फैंस की याद में बनाया गया था। दरअसल, 15 अप्रैल 1989 को FA कप सेमीफाइनल के दौरान हिल्सबरो स्टेडियम में हुए भीषण हादसे में इन फैंस की जान चली गई थी, जिसके बाद उनकी स्मृति में यह मेमोरियल बनाया गया।

स्टेडियम में मैच कराने पर रोक लग गई थी

भगदड़ हादसे के बाद जस्टिस जॉन माइकल डी कुन्हा कमेटी ने इस स्टेडियम को बड़े आयोजनों के लिए असुरक्षित बताया था, जिसके चलते यहां मैच कराने पर रोक लगा दी गई थी। इसके कारण ICC महिला वर्ल्ड कप 2025 के मुकाबले भी बेंगलुरु से हटाकर नवी मुंबई में आयोजित किए गए। वहीं, घरेलू टी-20 लीग महाराजा टी-20 ट्रॉफी को भी बेंगलुरु की बजाय मैसूर में शिफ्ट करना पड़ा था। हालांकि, पिछले सप्ताह स्टेडियम को दोबारा मैचों के आयोजन की मंजूरी मिल गई है।

स्टेडियम में मैच कराने की मंजूरी

कर्नाटक सरकार ने एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में IPL 2026 के मैचों के आयोजन को मंजूरी दे दी है। यहां 28 मार्च को मेजबान रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच ओपनिंग मैच खेला जाएगा।

IPL के शुरुआती 20 मैच का शेड्यूल जारी

4 दिन पहले BCCI ने IPL के शुरुआती 20 मैचों का शेड्यूल जारी किया था। इनमें से 2 मैच बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में होने हैं। शेड्यूल जारी करते समय BCCI ने कहा था कि बेंगलुरु में IPL मैच सरकार की परमीशन पर निर्भर करेंगे।

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अस्मिता वेस्ट जोन हॉकी में छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश जीते:राजनांदगांव में हॉकी मुकाबले में महाराष्ट्र और राजस्थान को हराकर दर्ज की बड़ी जीत

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राजनांदगांव,एजेंसी। राजनांदगांव में स्थानीय अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में खेली जा रही अस्मिता वेस्ट जोन हॉकी प्रतियोगिता के दूसरे दिन मेजबान छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश की टीमों ने अपने-अपने मुकाबलों में शानदार जीत दर्ज की। जहाँ छत्तीसगढ़ ने महाराष्ट्र को कड़े मुकाबले में शिकस्त दी, वहीं मध्य प्रदेश ने राजस्थान पर गोलों की बरसात कर एकतरफा जीत हासिल की।

दिन का पहला मुकाबला मेजबान छत्तीसगढ़ और हॉकी महाराष्ट्र के बीच खेला गया। छत्तीसगढ़ की टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। खेल के 29वें मिनट में जर्सी नंबर 10 मधु सिंदर ने फील्ड गोल कर टीम को बढ़त दिलाई।

आपस में खेलभावना का परिचय देते प्रतिभागी

आपस में खेलभावना का परिचय देते प्रतिभागी

खिलाडियों का जबरदस्त प्रदर्शन रहा

मैच के अंतिम क्वार्टर में दुबी रावत (51वें मिनट) और जिज्ञासा कश्यप (58वें मिनट) ने गोल दागकर छत्तीसगढ़ की 3-0 से जीत सुनिश्चित की।

दूसरे मैच में हॉकी मध्य प्रदेश ने अपना दबदबा कायम रखते हुए राजस्थान को 20-0 के विशाल अंतर से पराजित किया। मध्य प्रदेश की ओर से नौशीन नाज़ ने सर्वाधिक 6 गोल किए।

अन्य स्कोरर में नम्मी गीताश्री ने 4 गोल, भाविका और प्रियांशी भंवर ने 3-3 गोल किए। अक्सा खान, विभा सिंह, साजिदा बेगम और रोली बाल्मीकि ने 1-1 गोल का योगदान दिया।

मैच शुरू होने से पहले अंतर्राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी सुश्री अनिशा साहू ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर जिला हॉकी संघ के सचिव शिवनारायण धकेता, अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी परमजीत सिंह, मृणाल चौबे (संयोजक), नीलम चंद जैन और भूषण साव सहित खेल जगत की अन्य हस्तियां मौजूद रहीं।

मैच के सफल संचालन में तकनीकी डेलीगेट वंदन रघुवंशी, निर्णायक प्रिया दुबे, अनामिका शर्मा, राजवीर कौर, कुलदीप कौर और अन्य अधिकारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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