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छत्तीसगढ़

बिना CGMC मंजूरी छत्तीसगढ़ में काम कर सकेंगे बाहरी डॉक्टर:जूडा बोला- फर्जीवाड़ा बढ़ेगा, लोकल्स की नौकरी खतरे में, स्वास्थ्य मंत्री बोले- व्यवस्था सुधरेगी

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रायपुर, एजेंसी। छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल काउंसिल की ओर से जारी नोटिफिकेशन के बाद प्रदेश में विवाद छिड़ गया है। दोनों नोटिफिकेशन 15 दिन के भीतर जारी किए हैं। पहला नोटिफिकेशन 27 मई को छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिल ने जारी किया।

पहले नोटिफिकेशन में कहा गया कि दूसरे राज्यों में पंजीकृत एलोपैथिक चिकित्सकों (MBBS, MD, MS, DNB, DM, MCH) को छत्तीसगढ़ में चिकित्सकीय व्यवसाय (प्रैक्टिस) करने की अनुमति दी जा सकेगी। लेकिन काउंसिल की शर्त होगी कि दूसरे राज्य का कोई डॉक्टर अपना रजिस्ट्रेशन और जरूरी दस्तावेज जमा करेगा।

जांच के बाद उसे छत्तीसगढ़ में प्रैक्टिस करने की अनुमति दी जा सकेगी। इसके बाद 11 जून को छत्तीसगढ़ सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने नोटिफिकेशन जारी किया। जो काउंसिल के आदेश को सुपरसीड करता दिखाई देता है।

ये नोटिफिकेशन कहता है कि दूसरे राज्यों में रजिस्टर्ड डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य स्वास्थ्यकर्मी भी बिना अतिरिक्त अनुमति के छत्तीसगढ़ में काम कर सकते हैं। काउंसिल के आदेश का विरोध जूनियर डॉक्टर्स और छत्तीसगढ़ डॉक्टर्स फेडरेशन कर रहे थे।

जूडा और फेडरेशन का कहना है कि, ये दोनों ही नोटिफिकेशन लोकल डॉक्टर्स के भविष्य पर संकट है। इसके साथ की फर्जी डॉक्टरों की संख्या भी बढ़ेगी, जो सीधे मरीजों के भविष्य में संकट है। हालांकि सरकार का तर्क है कि स्वास्थ्य सुविधाओं को ठीक करने अभी ये व्यवस्था जरूरी है। उन्होंने ये स्पष्ट किया है कि इससे लोकल डॉक्टर्स के भविष्य पर कोई संकट नहीं आएगा। पढ़िए रिपोर्ट…

पहले जारी दो नोटिफिकेशन को डिटेल में समझिए

1. 27 मई 2026 का छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिल (CGMC) का आदेश

इस आदेश में कहा गया है कि

  • दूसरे राज्यों के MBBS, MD, MS, DNB, DM, MCh डॉक्टरों को राहत दी गई।
  • लेकिन शर्त जोड़ी गई अपना रजिस्ट्रेशन और जरूरी दस्तावेज जमा करेगा यानी सेल्फ अटेस्टेशन के बाद ही छत्तीसगढ़ में प्रैक्टिस की अनुमति प्राप्त कर सकते हैं।
  • काउंसिल पूरे दस्तावेजों की जांच के बाद अंतिम अनुमति देगा।
ये 27 मई का आदेश है।

ये 27 मई का आदेश है।

2. 11 जून 2026 का स्वास्थ्य विभाग का आदेश

यह आदेश पहले वाले से कहीं ज्यादा व्यापक है।

  • यदि कोई व्यक्ति किसी भी राज्य की मेडिकल काउंसिल में रजिस्टर्ड डॉक्टर है।
  • किसी राज्य के नर्सिंग काउंसिल में रजिस्टर्ड है या पैरामेडिकल काउंसिल में रजिस्टर्ड है, या नेशनल मेडिकल (NMR) में दर्ज है।

तो वह छत्तीसगढ़ में काम कर सकता है। इस आदेश की सबसे महत्वपूर्ण लाइन है कि प्रैक्टिस के लिए छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिल से अलग से अनुमति लेने की जरूरत नहीं है।

ये 11 जून का आदेश है।

ये 11 जून का आदेश है।

दोनों नोटिफिकेशन का व्यावहारिक असर उदाहरण से समझिए

केस 1 – एक MBBS डॉक्टर मध्यप्रदेश मेडिकल काउंसिल में रजिस्टर्ड है।

  • पहले: उसे छत्तीसगढ़ में अलग प्रक्रिया से गुजरना पड़ सकता था।
  • अब: वह सीधे छत्तीसगढ़ में नौकरी या प्रैक्टिस कर सकता है।

केस 2 – एक नर्स महाराष्ट्र नर्सिंग काउंसिल में रजिस्टर्ड है।

  • पहले: स्थानीय पंजीयन को लेकर सवाल उठ सकते थे।
  • अब: वह सीधे छत्तीसगढ़ के अस्पताल में काम कर सकती है।

लोकल डॉक्टर बोले- ये राज्य के स्वास्थ्य और डॉक्टरों पर खतरा

पहले नोटिफिकेशन पर CGDF और JDA का कहना है कि उनका विरोध केवल दूसरे राज्यों के डॉक्टरों के आने का नहीं, बल्कि रोजगार, भर्ती और स्थानीय डॉक्टरों के हितों से भी जुड़ा हुआ है।

छत्तीसगढ़ में पहले से 16 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। हर साल 2455 एमबीबीएस और 435 एमडी/एमएस सीटों से नए डॉक्टर तैयार हो रहे हैं। सरकार ने 5 नए मेडिकल कॉलेज खोलने का भी फैसला किया है।

इसके बावजूद सरकारी अस्पतालों में बड़ी संख्या में पद खाली हैं और नियमित भर्ती नहीं हो रही है। ऐसे में बाहर के राज्यों के डॉक्टरों को बिना अतिरिक्त स्थानीय अनुमति के प्रैक्टिस की छूट देना स्थानीय डॉक्टरों के हितों के खिलाफ माना जा रहा है।

सरकार बोली- ये अस्थायी व्यवस्था, सत्यापन अनिवार्य, रजिस्ट्रेशन नहीं

पूरे मामले में हमने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से सरकार का पक्ष जाना। मंत्री जायसवाल ने कहा कि, ये अस्थायी व्यवस्था है। हमारे राज्य में डॉक्टरों की कमी है। जब तक कमी पूरी नहीं हो जाती, ये अस्थायी व्यवस्था रहेगी।

यह व्यवस्था डॉक्टरों की कमी वाले क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत करने के लिए लाई गई है। इससे अस्पतालों को विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध कराने में आसानी होगी। वहीं दोनों नोटिफिकेशन पर उन्होंने तर्क दिया कि पुरानी व्यवस्था में काउंसिल का अप्रूवल अनिवार्य होता था।

डॉक्टरों के विरोध के कारण ये भी

1. राज्य मेडिकल काउंसिल की भूमिका कमजोर होने का डर

अब तक छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिल के पास यह जानकारी रहती थी कि राज्य में कौन-कौन डॉक्टर प्रैक्टिस कर रहे हैं। यदि दूसरे राज्यों के डॉक्टरों को सीधे काम करने की अनुमति मिल जाती है, तो स्थानीय डॉक्टरों का कहना है कि राज्य की निगरानी व्यवस्था कमजोर हो सकती है।

2. जवाबदेही का सवाल

यदि किसी दूसरे राज्य में पंजीकृत डॉक्टर के खिलाफ शिकायत आती है, तो कार्रवाई कौन करेगा? छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिल या उस राज्य की मेडिकल काउंसिल जहां उसका पंजीकरण है? इस पर स्पष्ट व्यवस्था की मांग की जा रही है।

3. रोजगार और प्रतिस्पर्धा

कुछ डॉक्टरों को आशंका है कि बड़े निजी अस्पताल दूसरे राज्यों से डॉक्टर बुलाकर नियुक्तियां करेंगे, जिससे स्थानीय डॉक्टरों के लिए अवसर कम हो सकते हैं या फीस और वेतन पर दबाव बढ़ सकता है।

4. नर्सिंग होम एक्ट के तहत अधिसूचना

मेडिकल प्रैक्टिस और डॉक्टरों के पंजीकरण से जुड़े विषय आमतौर पर राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) और संबंधित परिषदों के दायरे में आते हैं। ऐसे में राज्य सरकार ने नर्सिंग होम एक्ट के तहत यह आदेश जारी किया है, जिसकी कानूनी व्याख्या पर भी चर्चा हो रही है।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन भी विरोध में उतरा

इस अधिसूचना का इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) रायपुर ने भी कड़ा विरोध किया है। एसोसिएशन के प्रेसिडेंट डॉक्टर कुलदीप सोलंकी का कहना है कि यदि बिना वैध रजिस्ट्रेशन और निर्धारित प्रक्रिया पूरी किए डॉक्टर, नर्स या अन्य हेल्थ प्रोफेशनल्स को प्रैक्टिस की अनुमति दी जाती है, तो इससे मरीजों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा पैदा होगा।

IMA रायपुर ने कहा कि संबंधित अधिसूचना में कई गंभीर खामियां हैं। संगठन के अनुसार इस तरह की व्यवस्था से प्रदेश में फर्जी चिकित्सकों और अप्रमाणित स्वास्थ्यकर्मियों की गतिविधियां बढ़ सकती हैं, जिससे धोखाधड़ी होने की आशंका है।

IMA ने ये भी कहा है कि अधिसूचना जारी करने का अधिकार संबंधित परिषद या नियामक संस्था का होना चाहिए, न कि केवल स्वास्थ्य विभाग के प्रशासनिक स्तर पर। IMA के अनुसार छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिल के कई पद लंबे समय से रिक्त हैं, जिससे पंजीयन और सत्यापन की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।

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कोरबा

मोदी सरकार के सफल 12 वर्ष पूर्ण होने पर भाजपा महिला मोर्चा हरदीबाजार द्वारा भव्य कार्यक्रम का आयोजन

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विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से महिलाओं ने मनाया सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण का उत्सव

कोरबा/हरदीबाजार। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सफल नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष सेवा के, 12 वर्ष सुशासन के, 12 वर्ष गरीब कल्याण के पूर्ण होने के गौरवशाली अवसर पर भारतीय जनता पार्टी मंडल हरदीबाजार में महिला मोर्चा द्वारा एक विशेष और भव्य कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया ।

यह कार्यक्रम भाजपा महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष श्रीमती प्रीति स्वर्णकार के निर्देशानुसार एवं भाजपा मंडल अध्यक्ष कृष्णा पटेल के मार्गदर्शन में महिला मोर्चा हरदीबाजार मंडल अध्यक्ष श्रीमती अमृता यादव की गरिमामयी अध्यक्षता में संपन्न हुआ ।

मुख्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में कटघोरा विधानसभा के लोकप्रिय विधायक प्रेमचंद पटेल एवं भाजपा महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष श्रीमती प्रीति स्वर्णकार विशेष रूप से उपस्थित रहे। अतिथियों ने केंद्र सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा कि मोदी सरकार के 12 वर्ष सेवा, समर्पण, सुशासन और विकसित भारत के संकल्प का स्वर्णिम अध्याय हैं ।

रचनात्मक प्रतियोगिताओं का हुआ आयोजन

इस गौरवशाली उत्सव को और अधिक खास बनाने के लिए भाजपा महिला मोर्चा द्वारा विभिन्न रचनात्मक और जनकल्याण से जुड़ी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया ।

पेंटिंग प्रतियोगिता:- महिलाओं और बालिकाओं ने कला के माध्यम से अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया ।

रंगोली प्रतियोगिता:- आकर्षक और भव्य रंगोलियों के जरिए मोदी सरकार की योजनाओं और भारतीय संस्कृति को उकेरा गया ।

पौष्टिक आहार प्रतियोगिता:- स्वस्थ भारत के संकल्प को बढ़ावा देने के लिए पौष्टिक व्यंजनों की प्रदर्शनी लगाई गई ।

कार्यक्रम के दौरान केंद्र सरकार द्वारा देश के विकास के लिए किए जा रहे ऐतिहासिक कार्यों और आम जनमानस के लिए चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी उपस्थित जनसमूह के साथ साझा की गई ।

वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की गरिमामयी उपस्थिति

इस गौरवमयी अवसर पर भाजपा और महिला मोर्चा के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मुख्य रूप से उपस्थित रहे, जिनमें जिला मंत्री अजय कुमार दुबे, जांजगीर-चांपा जिला प्रभारी चुलेश्वर राठौर, पूर्व जिला मंत्री नरेश टंडन, महिला मोर्चा प्रदेश कार्य समिति सदस्य ज्योति पांडे, जिला महामंत्री श्रीमती अनुसूईया राठौर, मंडल अध्यक्ष कृष्णा पटेल, पूर्व किसान मोर्चा उपाध्यक्ष छोटे लाल पटेल, मंडल महामंत्री नवरत्न सिंह राजपूत, कोषाध्यक्ष व्यास राठौर और मंडल मंत्री चंद्रर मरकाम शामिल रहे ।

साथ ही महिला मोर्चा की टीम से मंडल अध्यक्ष अमृता यादव, महामंत्री श्रीमती रुक्मणी मरकाम, शशि कला राठौर, उपाध्यक्ष माधुरी राठौर, मंत्री संध्या राठौर, उमा राठौर, भवनी राठौर, मैथिली राठौर, जय राठौर, सरोजिनी, श्रीमती गंगोत्री सहित भारी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय मातृशक्ति उपस्थित रही ।

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कोरबा

प्रबुद्धजन सम्मेलन में गूंजा मोदी सरकार के 12 वर्षों के विकास, सुशासन और विकसित भारत का संकल्प

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कोरबा में भाजपा का प्रबुद्धजन सम्मेलन, वक्ताओं ने गिनाईं मोदी सरकार की ऐतिहासिक उपलब्धियां

कोरबा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी जिला कोरबा द्वारा आशीर्वाद प्वाइंट, टी.पी. नगर कोरबा में प्रबुद्धजन सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों के प्रबुद्धजनों, शिक्षाविदों, चिकित्सकों, अधिवक्ताओं, उद्योगपतियों एवं गणमान्य नागरिकों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष जगन्नाथ पाणिग्रही रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी ने की। सम्मेलन में वक्ताओं ने केंद्र सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों, जनकल्याणकारी योजनाओं, सुशासन एवं विकसित भारत के संकल्प पर विस्तार से प्रकाश डाला।

मोदी सरकार के 12 वर्षों ने रचा विकास और सुशासन का नया इतिहास : जगन्नाथ पाणिग्रही

अपने उद्बोधन में प्रदेश उपाध्यक्ष जगन्नाथ पाणिग्रही ने “12 वर्ष – जनकल्याण, अंत्योदय एवं समग्र परिवर्तन की यात्रा” विषय पर संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ने विकास, सेवा और सुशासन के नए आयाम स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचा है, जिससे करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है। निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में मोदी के 12 वर्ष विश्वास के विकास के जन कल्याणकारी योजनाओं के साथ अंत्योदय पर बल देते हुए प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सरकार कृत संकल्पित होकर विकसित भारत निर्माण की दिशा में किए गए कार्यों पर प्रकाश डाला और प्रबुद्ध जनों से 2047 के विकसित भारत निर्माण में सहयोग की अपील की।

विकसित भारत का संकल्प आज जन-जन का संकल्प बन चुका हैं – गोपाल मोदी

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी ने “12 वर्ष – विश्वास का सशक्त आधार एवं विकसित भारत की प्रस्तावना” विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने देशवासियों के विश्वास को मजबूत करते हुए भारत को विश्व मंच पर नई पहचान दिलाई है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का संकल्प आज जन-जन का संकल्प बन चुका है।

रायपुर संभाग के सह प्रभारी डॉ. राजीव सिंह ने “12 वर्ष – विकास, सुशासन एवं आत्मनिर्भर भारत के आयाम” विषय पर उद्बोधन देते हुए कहा कि बीते 12 वर्षों में भारत ने आर्थिक, सामाजिक और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में ऐतिहासिक प्रगति की है। आत्मनिर्भर भारत अभियान ने देश को नई ऊर्जा और दिशा प्रदान की है।

कार्यक्रम में महापौर संजूदेवी राजपूत, प्रदेश मंत्री रितु चौरसिया, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अशोक चावलानी, पूर्व महापौर जोगेश लांबा, एमआईसी सदस्य हितानंद अग्रवाल, जिला उपाध्यक्ष योगेश जैन, मंजू सिंह, रुक्मणी नायर, जिला सह कोषाध्यक्ष नवीन अरोड़ा, जिला मंत्री कमला बरेठ, जिला मीडिया प्रभारी अर्जुन गुप्ता, जिला सह मीडिया प्रभारी शैलेन्द्र यादव, प्रदीप सिंह, नीरज ठाकुर एवं अविनाश दुबे सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, कार्यकर्ता एवं प्रबुद्धजन उपस्थित रहे। सम्मेलन के माध्यम से वक्ताओं ने केंद्र सरकार की 12 वर्षों की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने तथा विकसित भारत के निर्माण में सभी वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

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छत्तीसगढ़

रायपुर : मोदी सरकार के 12 वर्षों में रोजगार, गरीब कल्याण और अर्थव्यवस्था को मिली नई मजबूती: उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन

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विकसित भारत रोजगार योजना के तहत 2,400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित, युवाओं और नियोक्ताओं को मिलेगा सीधा लाभ

मोदी सरकार के 12 वर्षों में रोजगार, गरीब कल्याण और अर्थव्यवस्था को मिली नई मजबूती: उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन
मोदी सरकार के 12 वर्षों में रोजगार, गरीब कल्याण और अर्थव्यवस्था को मिली नई मजबूती: उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन
मोदी सरकार के 12 वर्षों में रोजगार, गरीब कल्याण और अर्थव्यवस्था को मिली नई मजबूती: उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन

रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में रोजगार सृजन, गरीब कल्याण और आर्थिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। प्रधानमंत्री के 12 वर्षों के कार्यकाल में भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। यह बात प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में कही।
नई दिल्ली के विज्ञान भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा डीबीटी के माध्यम से प्रोत्साहन राशि वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका सीधा प्रसारण रायपुर स्थित एम्स ऑडिटोरियम में देखा गया। इस अवसर पर वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।

रोजगार सृजन को नई गति देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत आज 2,400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित की। योजना के माध्यम से अब तक 15 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार प्राप्त हुआ है। विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया तथा केंद्रीय राज्य मंत्री सुश्री शोभा करांदलाजे भी उपस्थित रहीं। योजना के अंतर्गत पहली बार नौकरी प्राप्त करने वाले युवाओं को एक माह के वेतन के बराबर अधिकतम 15,000 रुपये तक की एकमुश्त प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। वहीं अतिरिक्त रोजगार सृजित करने वाले नियोक्ताओं को प्रत्येक नई नियुक्ति पर अधिकतम 3,000 रुपये प्रतिमाह तक की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी, जिससे उद्योगों और संस्थानों में भर्ती को बढ़ावा मिलेगा।
श्रम मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि 99 हजार 446 करोड़ रुपये के कुल व्यय वाली इस महत्वाकांक्षी योजना का लक्ष्य अगले दो वर्षों में देशभर में 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार का सृजन करना है। इनमें लगभग 1.92 करोड़ ऐसे लाभार्थी होंगे, जिन्हें पहली बार औपचारिक रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय श्रम मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के नेतृत्व में श्रम एवं रोजगार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं।
मंत्री श्री देवांगन ने बताया कि राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति को उद्योग जगत का व्यापक समर्थन मिला है और इसके परिणामस्वरूप अब तक 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। इससे प्रदेश में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल में रोजगार, गरीबी उन्मूलन और आर्थिक विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल हुई हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में लागू नई औद्योगिक नीति में युवाओं को बेहतर रोजगार उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया है।
लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी लगातार नवाचार आधारित योजनाएं लागू कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में एनआईटी, आईआईटी, आईआईएम और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थान मौजूद हैं। उद्योग विभाग को इन संस्थानों के युवाओं को कौशल विकास और रोजगार से जोड़ने के लिए विशेष पहल करनी चाहिए। नगरनार और बैलाडीला जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में भी प्रशिक्षित युवाओं के लिए व्यापक रोजगार संभावनाएं उपलब्ध हैं।

कार्यक्रम में कर्मचारी भविष्य संगठन के क्षेत्रीय कार्यालय के प्रमुख श्री जयवर्धन इंगले ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उपस्थित अतिथियों ने विज्ञान भवन, नई दिल्ली से प्रसारित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन भी सुना।

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