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IndiGo ने लॉन्च किया ‘IndiGo Lite Fare’, बिना चेक-इन बैग सस्ती उड़ान, 15 जुलाई से लागू होगा नया सिस्टम

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नई दिल्ली, एजेंसी। देश की प्रमुख विमान सेवा कंपनी इंडिगो ने बुधवार को अपने इकोनॉमी श्रेणी के ग्राहकों के लिए‘इंडिगो लाइट फेयर’नाम से किराये का एक नया विकल्प पेश किया, जिसमें चेक-इन बैगेज के बिना यात्रा करने पर किराया कम हो जायेगा। एयरलाइंस की प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि यह एंट्री-लेवल किराया उन यात्रियों के लिए है, जो केवल केबिन बैगेज के साथ यात्रा करते हैं और केवल उन्हीं सेवाओं के लिए भुगतान करना चाहते हैं, जिनका वे वास्तव में उपयोग करते हैं। इससे ग्राहकों को अपने यात्रा खर्च पर अधिक नियंत्रण और विकल्प मिलेगा। 

‘इंडिगो लाइट फेयर’की बुकिंग आज से केवल एयरलाइंस के आधिकारिक चैनलों – वेबसाइट, मोबाइल ऐप और कॉन्टैक्ट सेंटर- के माध्यम से की जा सकेगी। यह किराया 15 जुलाई 2026 को या उसके बाद की यात्राओं के लिए लागू होगा। यह घरेलू और अंतरराष्ट्रीय, दोनों प्रकार की नॉन-स्टॉप उड़ानों पर एकतरफा, राउंड ट्रिप और मल्टी-सिटी यात्रा के लिए वयस्क एवं बच्चों दोनों पर लागू होगा। इस विकल्प के तहत ग्राहकों को कम बेस फेयर, बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के ऑटो-असाइन सीट तथा सात किलोग्राम तक केबिन बैगेज की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा, चेक-इन बैगेज, पसंदीदा सीट, खाना और फास्ट फॉरवडर् जैसी प्राथमिकता सेवाओं के लिए उन्हें अलग से भुगतान करना होगा। इन सेवाओं को उड़ान के रवाना होने से एक घंटे पहले तक इंडिगो की वेबसाइट या एयरपोटर् पर खरीदा जा सकता है। 

एयरलाइंस ने स्पष्ट किया है कि‘इंडिगो लाइट फेयर’चुनने वाले यात्री को पहले की तरह इंडिगो ब्लूचिप लॉयल्टी प्रोग्राम के लाभ मिलते रहेंगे। इंडिगो के मुख्य रणनीतिक अधिकारी आलोक सिंह ने कहा, ‘ हम अपने विविध ग्राहक वर्ग की बदलती अपेक्षाओं के अनुरूप अपने उत्पादों को लगातार विकसित कर रहे हैं। इंडिगो लाइट उन ग्राहकों के लिए तैयार किया गया है जो हल्के सामान के साथ यात्रा करना पसंद करते हैं और केवल उन्हीं सेवाओं के लिए भुगतान करना चाहते हैं जिनकी उन्हें आवश्यकता होती है। यह हमारी जरूरत-आधारित उत्पाद श्रृंखला को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 

साथ ही, यह बदलती बाजार परिस्थितियों के प्रति हमारी तत्परता और ग्राहकों के लिए हवाई यात्रा को अधिक सुलभ एवं किफायती बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।’ उल्लेखनीय है कि लागत कम करने की अपनी पहल के तहत विमान सेवा कंपनियां यात्रा के दौरान दिये जाने वाले पैकेज में पहले एक साथ दी जाने वाली सुविधाओं को अलग-अलग कर रही हैं। पश्चिम संकट के कारण विमान ईंधन के दाम बढ़ने से इन कंपनियों के लिए पिछले चार महीने वित्तीय द्दष्टिकोण से काफी तनावपूर्ण रहे हैं। हाल ही में एयर इंडिया ने घरेलू यात्रियों के लिए ‘बेसिक’ फेयर का विकल्प पेश किया था। इसके तहत छोटी यात्रा के दौरान खाना छोड़ने का विकल्प चुनने के बदले यात्री को किराये में कमी का लाभ मिलता है। 

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Rupee drop: 67 पैसे टूटा रुपया, लगातार तीसरे दिन आई गिरावट

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मुंबई, एजेंसी। रुपया बुधवार को 67 पैसे कमजोर होकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.23 (अस्थायी) पर रहा। विदेशी बाजारों में अमेरिकी डॉलर की मजबूती से घरेलू मुद्रा पर दबाव है। विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि विदेशी बाजारों में अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने, विदेशी पूंजी की लगातार निकासी और एशियाई मुद्राओं में व्यापक कमजोरी के कारण डॉलर-रुपए की विनिमय दर पर दबाव देखा गया। इसके अलावा, अमेरिकी डॉलर सूचकांक के 95 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार करने के बाद बाजार धारणा और अधिक सतर्क हो गई। 

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.67 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान डॉलर के मुकाबले 94.60 से 95.29 के दायरे में रहा। अंत में रुपया 95.23 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर रहा, जो पिछले बंद भाव की तुलना में 67 पैसे कम है। रुपया मंगलवार को पांच पैसे की गिरावट के साथ अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.56 पर बंद हुआ था। 

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के शोध विश्लेषक दिलीप परमार ने कहा, “रुपया लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में कमजोर हुआ। प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने और सौदे को पूरा करने के लिए की गई लिवाली के कारण रुपए पर दबाव बना। इसके अलावा, एशियाई मुद्राओं में व्यापक कमजोरी ने भी रुपए पर अतिरिक्त दबाव डाला।” परमार ने कहा कि निकट अवधि में डॉलर-रुपए का हाजिर भाव 95.80 से 94.60 के दायरे में रह सकता है। इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.23 प्रतिशत की बढ़त के साथ 101.42 पर रहा। 

अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का वायदा भाव 0.88 प्रतिशत की गिरावट के साथ 72.31 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहा। घरेलू शेयर बाजारों में सेंसेक्स 443.97 अंक चढ़कर 76,922.64 अंक पर जबकि निफ्टी 140.10 अंक की बढ़त के साथ 24,005.85 अंक पर रहा। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) मंगलवार को शुद्ध बिकवाल रहे थे और उन्होंने 2,556.75 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। 

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Why Stock Market Rising: शेयर बाजार में दो दिन की गिरावट का सिलसिला थमा, सेंसेक्स 444 अंक चढ़ा

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मुंबई, एजेंसी। वैश्विक बाजारों में सकारात्मक रुख और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बीच लगातार दो सत्र की गिरावट के बाद घरेलू शेयर बाजारों में बुधवार को तेजी दर्ज की गई। बीएसई सेंसेक्स 443.97 अंक यानी 0.58 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,922.64 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 631.41 अंक यानी 0.82 प्रतिशत चढ़कर 77,110.08 अंक तक पहुंच गया। एनएसई निफ्टी 140.10 अंक यानी 0.59 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,005.85 अंक पर बंद हुआ।

सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में इटर्नल, एशियन पेंट्स, हिंदुस्तान यूनिलीवर, अडानी पोर्ट्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा और भारतीय स्टेट बैंक के शेयर में सबसे अधिक तेजी रही। वहीं एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टाटा स्टील और इन्फोसिस के शेयर गिरावट में रहे।

एशियाई बाजारों में जापान का निक्की 225 और चीन का एसएसई कम्पोजिट बढ़त में, जबकि दक्षिण कोरिया का कॉस्पी गिरावट में रहा। हांगकांग के बाजार बंद थे। यूरोप के अधिकतर बाजार दोपहर के कारोबार में गिरावट में थे। अमेरिकी शेयर बाजार मंगलवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे।

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ”घरेलू बाजारों ने वर्ष 2026 की दूसरी छमाही की शुरुआत सकारात्मक माहौल में की है। अमेरिका-भारत व्यापार समझौते की उम्मीद, पश्चिम एशिया में तनाव कम होना और कच्चे तेल की नरम कीमतों ने निवेशकों की धारणा को मजबूत किया है।”

अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 1.07 प्रतिशत की गिरावट के साथ 72.17 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहा। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) मंगलवार को शुद्ध बिकवाल रहे थे और उन्होंने 2,556.75 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। बीएसई सेंसेक्स मंगलवार को 249.70 अंक और एनएसई निफ्टी 80.50 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ था।

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LPG ग्राहकों के लिए अहम खबर, आज से बदल गए कई नियम, सिलेंडर बुकिंग से पहले जान लें नए बदलाव

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मुंबई, एजेंसी। आज से कई फाइनेंशियल नियमों में बदलाव लागू हो गए हैं। इन बदलावों में एलपीजी से जुड़े नए नियम भी शामिल है। सरकारी तेल कंपनियां जैसे इंडेन, भारत गैस और HP गैस ने ग्राहकों की सुविधा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सिलेंडर बुकिंग, डिलीवरी प्रक्रिया और पीएनजी कनेक्शन से जुड़े नए नियम लागू किए हैं। इन बदलावों का सीधा असर घरेलू गैस उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।

सिलेंडर डिलीवरी के लिए OTP और DAC जरूरी

अब एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी के समय ग्राहक को रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी और डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) के जरिए वेरिफिकेशन कराना होगा। सही वेरिफिकेशन के बाद ही सिलेंडर की डिलीवरी पूरी मानी जाएगी। इससे फर्जी बुकिंग, कालाबाजारी और गैस की गलत डिलीवरी पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। डिलीवरी पूरी होने के बाद ग्राहक के मोबाइल नंबर पर कैश मेमो भेजा जाएगा, जिसमें भुगतान, डिलीवरी तारीख और सिलेंडर से जुड़ी जानकारी होगी।

e-KYC नहीं कराने पर सब्सिडी पर असर

एलपीजी सब्सिडी पाने वाले ग्राहकों के लिए e-KYC जरूरी कर दिया गया है। जिन उपभोक्ताओं ने तय समय सीमा तक e-KYC पूरी नहीं कराई है, उनकी सब्सिडी रुक सकती है। सब्सिडी की राशि ग्राहक के e-KYC से जुड़े बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर की जाती है।

PNG कनेक्शन वालों के लिए नया नियम

जिन ग्राहकों के घर में PNG कनेक्शन है और वे अभी भी एलपीजी सिलेंडर बुक कर रहे हैं, उन्हें अपना PNG कनेक्शन सक्रिय करना होगा। इसके बाद तय समय में एलपीजी सिलेंडर जमा करना होगा। इसके बदले ग्राहक को ट्रांसफर वाउचर मिलेगा, जिसका इस्तेमाल भविष्य में दोबारा एलपीजी कनेक्शन लेने के लिए किया जा सकेगा।

PNG बिल नहीं भरने पर कनेक्शन कट सकता है

अगर PNG ग्राहक लगातार दो महीने तक बिल जमा नहीं करता है, तो उसका कनेक्शन बंद किया जा सकता है। दोबारा कनेक्शन शुरू कराने के लिए पहले बकाया बिल का भुगतान करना होगा। पाइपलाइन या वाल्व को नुकसान पहुंचने पर मरम्मत का खर्च भी ग्राहक को उठाना पड़ सकता है।

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