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कोरबा

बालको ने समुदाय में सुरक्षा संस्कृति के विकास को दिया बढ़ावा

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बालकोनगर, । वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने सामुदायिक विकास पहल के अंतर्गत समुदाय में सुरक्षा की संस्कृति के विकास को मजबूती प्रदान करने के लिए विभिन्न पहल किये है। कंपनी पूरे साल क्षेत्रों में विभिन्न सुरक्षा जागरूकता सत्र आयोजन करने के लिए कटिबद्ध है। ये सभी प्रशिक्षण सत्र रोड, फायर और होम सेफ्टी पर केंद्रित हैं। सड़क सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए कंपनी नें समुदाय के 10 प्रमुख क्षेत्रों में 35 यातायात संकेतक स्थापित किए हैं। इस पहल से समुदाय के 4000 सदस्यों के बीच सड़क सुरक्षा जागरूकता को बढ़ावा मिला है।कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2024 में सफलतापूर्वक 70 से अधिक सुरक्षा प्रशिक्षण सत्र आयोजित किये। विभिन्न सत्रों, क्विज़, स्लोगन, पोस्टर मेकिंग के माध्यम से कंपनी ने स्कूली बच्चों सहित समुदाय के 2000 लोगों को सुरक्षा प्रशिक्षण दिया है और जिसमें वेदांता स्किल स्कूल के छात्र भी शामिल है। कंपनी ने 16 मास्टर ट्रेनर विकसित किए हैं जो समुदाय के भीतर बालको के शून्य क्षति संस्कृति को आगे बढ़ाएंगे। ये सभी ट्रेनर समाज में सक्रिय रहकर सुरक्षा सत्र, सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम और सुरक्षा संस्कृति के महत्व के प्रति समुदाय को जागरूक किया है। विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से बालको युवाओं के अंदर सुरक्षा संस्कृति को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है।बालको एक औद्योगिक संगठन के रूप में समुदाय की सुरक्षा और भलाई को प्राथमिकता दिया है। सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान के तहत विभिन्न पहल का आयोजित किया गया है। सड़क सुरक्षा के प्रति ट्रक ड्राईवर सहित समुदाय में जागरूकता सुनिश्चित करने के लिए कंपनी ने अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए सड़क सुरक्षा कैलेंडर लॉन्च किया था। सुरक्षा कैलेंडर की मदद से रक्षात्मक ड्राइविंग की संस्कृति को बढ़ावा दिया गया। कंपनी ने साईकिल से स्कूल जाने वाले 120 विद्यार्थियों को हेलमेट प्रदान कर उन्हें सुरक्षा के लिए प्रोत्साहित किया।

सर्वमंगला मंदिर के डायवर्सन से रिंग रोड पर भारी वाहनों के बढ़े दबाव को देखते हुए कंपनी ने रिश्दी से ध्यानचंद चौक तक की सड़क के जिर्णोद्धार सहित रिश्दी से रुमगढ़ा तक जगह-जगह पर चौड़ीकरण का किया गया। वाहनों के सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित करने के लिए कंपनी ने 6 किमी तक थर्मोप्लास्टिक मार्किंग सहित विभिन्न मार्गों पर 12 स्पीड ब्रेकर, कई जेब्रा क्रॉसिंग और 40 रेट्रो-रिफ्लेक्टिव साइनबोर्ड तैनात किया है।

कंपनी ने आग से बचाव के उपाय पर जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित किये। बालको की अग्नि सुरक्षा टीम सभी आपातकालीन परिस्थितियों में समुदाय के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए समर्पित है। वित्त वर्ष 2024 में अग्निशमन विभाग ने 200 से अधिक आपात स्थितियों का जवाब दिया है। प्रशिक्षण में आपातकालीन प्रतिक्रिया में तेजी को बढ़ाने के लिए अग्निशामक यंत्र के उपयोग, सीपीआर तकनीक और आग रोकथाम प्रोटोकॉल पर निर्देश शामिल थे। कंपनी निरंतर जागरूकता और शैक्षिक पहल के माध्यम से समुदाय के भीतर सुरक्षा संस्कृति को मजबूत करने के लिए कटिबद्ध है।

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कोरबा

जिला पंचायत में स्थायी शिक्षा समिति की समीक्षा बैठक संपन्न

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विद्यालयों के सुचारु संचालन, शिक्षकों की नियुक्ति एवं छात्रावास व्यवस्थाओं पर हुई विस्तृत चर्चा

कोरबा। जिला पंचायत कोरबा के सभाकक्ष में स्थायी शिक्षा समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता स्थायी शिक्षा समिति की अध्यक्ष श्रीमती निकिता जायसवाल ने की। बैठक में शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं नवीन शैक्षणिक सत्र की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी ताम्रेश्वर उपाध्याय ने जिले के विद्यालयों के पुनः संचालन, विद्यार्थियों के प्रवेश एवं शैक्षणिक व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि विद्यालयों में विद्यार्थियों को समय पर पाठ्यपुस्तक, गणवेश एवं सरस्वती साइकिल योजना का लाभ उपलब्ध कराने हेतु सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।

बैठक में मानदेय शिक्षकों एवं भृत्यों की नियुक्ति के संबंध में भी चर्चा की गई। बताया गया कि रिक्त पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया प्रगति पर है तथा इस माह के भीतर नियुक्तियां पूर्ण कर ली जाएंगी। दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में पदस्थ ऐसे अतिशेष शिक्षक जिन्होंने अब तक कार्यभार ग्रहण नहीं किया है, उनके स्थान पर मानदेय शिक्षकों की नियुक्ति के लिए कलेक्टर से अनुमति प्राप्त की जाएगी।

सहायक आयुक्त श्रीकांत कसेर ने छात्रावास एवं आश्रमों में प्रवेश प्रक्रिया, विद्यार्थियों की सुरक्षा व्यवस्था तथा आवश्यक सुविधाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। वहीं उल्लास कार्यक्रम की प्रगति एवं गतिविधियों की जानकारी श्रीमती ज्योति शर्मा द्वारा प्रस्तुत की गई।

बैठक में स्थाई शिक्षा समिति की अध्यक्ष सहित समिति सदस्य श्रीमती रेणुका राठिया एवं विद्वान सिंह मरकाम ने विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता तथा शैक्षणिक व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की कमी न रहे, इस संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने विद्यार्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

बैठक में जिले के सभी विकासखंडों के विकासखंड शिक्षा अधिकारी, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी, बीआरसी, खेल अधिकारी दीनू पटेल, जिला क्रीड़ा अधिकारी गभेल, के.आर. टंडन सहित शिक्षा विभाग एवं संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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कोरबा

कटघोरा के तालाब में सफाई के दौरान हादसा:जलकुंभी में फंसकर ग्रामीण की डूबने से मौत, 2 घंटे बाद शव बरामद

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कोरबा। कोरबा के कटघोरा थाना क्षेत्र के छुरी स्थित प्रसिद्ध गणेश तालाब में सोमवार को सफाई के दौरान एक हादसा हो गया। तालाब में जलकुंभी हटाने उतरे 50 साल के ग्रामीण श्यामलाल सारथी की डूबने से मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस और गोताखोरों की टीम ने घंटों मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला।

जानकारी के अनुसार, पंचायत की ओर से छुरी गणेश तालाब की सफाई का काम ठेके पर दिया गया था। श्यामलाल सारथी अपने पांच अन्य साथियों के साथ तालाब में सफाई के लिए उतरा था। सफाई करते हुए श्यामलाल तालाब के बीच वाले हिस्से तक पहुंच गया, जहां जलकुंभी और कीचड़ काफी घना था।

इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह घनी जलकुंभी में उलझ गया। उसके साथियों ने बचाने का प्रयास किया, लेकिन गहराई और फिसलन के कारण वह पानी में समा गया। हादसे के तुरंत बाद साथियों ने शोर मचाकर ग्रामीणों और पुलिस को सूचना दी।

2 घंटे के बाद शव बरामद

कटघोरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और कोरबा से गोताखोरों की टीम बुलाई गई। लगभग दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद गोताखोरों ने तालाब के बीच से श्यामलाल का शव बरामद किया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। कटघोरा पुलिस ने मर्ग कायम कर पंचनामा कार्रवाई शुरू कर दी है।

सुरक्षा इंतजामों में लापरवाही की जांच

पुलिस ठेकेदार और पंचायत कर्मियों से पूछताछ कर रही है कि सफाई के दौरान सुरक्षा के उचित इंतजाम क्यों नहीं किए गए थे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि मजदूरों को बिना लाइफ जैकेट और रस्सी के तालाब में उतारा गया था। पुलिस लापरवाही के पहलू से भी मामले की जांच कर रही है।

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कोरबा

रेलवे साइडिंग की धूल से परेशान ग्रामीण, खोला मोर्चा:सैकड़ों लोग अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे, बंद करने की मांग

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कोरबा। कोरबा में SECL सुराकछार की रेलवे साइडिंग से उड़ने वाली कोयले की धूल के कारण वार्ड 65 प्रेम नगर सहित आसपास के पांच गांवों के निवासी परेशान हैं। हवा चलने पर पंखा दफाई, भेरोताल, सुरा कछार और भक्तु दफाई तक महीन कोल डस्ट फैल जाती है, जिससे दमा, खांसी, सांस और आंखों से संबंधित बीमारियां बढ़ गई हैं।

इस समस्या से परेशान होकर सोमवार को नगर निगम पार्षद प्रेम कुमार साहू और सैकड़ों ग्रामीणों ने पंखा दफाई रेलवे फाटक पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों का आरोप है कि सुराकछार भूमिगत खदान की रेल साइडिंग पर प्रतिदिन भारी वाहनों से कोयला गिराया और लोड किया जाता है।

प्रबंधन की ओर से साइडिंग और सड़क पर पानी का छिड़काव नहीं किया जाता, जिससे धूल सीधे हवा में मिल जाती है। पार्षद प्रेम साहू ने पूर्व में कलेक्टर को पत्र लिखकर साइडिंग बंद करने की मांग की थी। बार-बार शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई न होने पर ग्रामीणों ने आंदोलन का रास्ता चुना।

कलेक्टर को पत्र लिखकर साइडिंग बंद करने की मांग की थी।

कलेक्टर को पत्र लिखकर साइडिंग बंद करने की मांग की थी।

फाटक पर चटाई बिछाकर बैठे प्रदर्शनकारी

प्रदर्शनकारी सुबह से ही फाटक पर चटाई बिछाकर बैठ गए और ‘धूल मुक्त गांव, स्वस्थ जीवन’ के नारे लगाए। पार्षद प्रेम साहू ने बताया कि जब तक साइडिंग पर 24 घंटे वाटर स्प्रिंकलर, मिस्ट गन और फॉग कैनन नहीं लगाए जाते, कोयला लोडिंग के लिए वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

उन्होंने गांवों में स्वास्थ्य शिविर और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग की। ग्रामीणों के अनुसार धूल के कारण उनके घरों की छतें, कपड़े और खाने-पीने की चीजें तक काली हो जाती हैं और बच्चे स्कूल जाने में असमर्थ हैं।

रेलवे साइडिंग से उड़ने वाली कोयले की धूल के कारण लोग परेशान हैं।

रेलवे साइडिंग से उड़ने वाली कोयले की धूल के कारण लोग परेशान हैं।

मांगों पर अड़े प्रदर्शनकारी

चक्काजाम की सूचना मिलने पर कुसमुंडा थाना पुलिस और जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया और SECL प्रबंधन से बातचीत का आश्वासन दिया। हालांकि, ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। पार्षद प्रेम साहू ने स्पष्ट किया कि लिखित आश्वासन और ठोस कदम उठाए बिना चक्काजाम समाप्त नहीं किया जाएगा।

ग्रामीणों ने पंखा दफाई रेलवे फाटक पर अनिश्चितकालीन चक्काजाम शुरू कर दिया।

ग्रामीणों ने पंखा दफाई रेलवे फाटक पर अनिश्चितकालीन चक्काजाम शुरू कर दिया।

कोयला धूल से गंभीर बीमारियों का खतरा

चिकित्सकों के अनुसार, कोयले की धूल में सिलिका और कार्बन के कण होते हैं, जो फेफड़ों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। लंबे समय तक इसके संपर्क में रहने से क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD) और फेफड़ों का कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां होने का खतरा रहता है।

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