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आस्था की अद्भुत मिसाल: 116 वर्षीय महिला दर्शन के लिए पैदल तिरुमला पहुंची, वीडियो वायरल

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तिरुमला, एजेंसी। श्री वेंकटेश्वर स्वामी की ‘116 वर्षीय’ भक्त और चेन्नई निवासी नवनीथम्मा भगवान के दर्शन के लिए पैदल तिरुमला पहुंचीं। उनकी श्रद्धा से प्रभावित होकर तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) ने उनके लिए विशेष इंतजाम किए। मंदिर निकाय ने यह जानकारी दी।

तिरुपति में श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर की देखरेख करने वाली संस्था टीटीडी ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि मंदिर निकाय के चेयरमैन के निर्देश पर सोमवार सुबह नवनीथम्मा और उनके परिवार के सदस्यों के लिए वीआईपी श्रेणी के विशेष दर्शन की व्यवस्था की गई। टीटीडी के अनुसार, दर्शन के लिए पैदल जाती हुई नवनीथम्मा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू सहित कई लोगों ने उनकी प्रशंसा की। 

नायडू ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “जब सच्ची भक्ति की बात आती है तो उम्र वास्तव में कोई मायने नहीं रखती। भगवान वेंकटेश्वर स्वामी के दिव्य दर्शन के लिए पैदल ही तिरुमला पहुंचने वाली 116 वर्षीय इस दादी को देखकर मैं पूरी तरह हैरान और प्रभावित हूं।” दर्शन के बाद टीटीडी के कार्यकारी अधिकारी एम. रवि चंद्र नवनीथम्मा के साथ गए, जहां पुजारियों ने उन्हें आशीर्वाद दिया और सम्मानित किया। 

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राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर चंपत राय की पहली चिट्ठी:कहा- SIT की रिपोर्ट के बाद सब बताऊंगा, तब तक मौन, रामचरितमानस की चौपाई पोस्ट की

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अयोध्या, एजेंसी। अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आरोपों से घिरे पूर्व महासचिव चंपत राय ने मंगलवार को श्रीरामचरितमानस की चौपाई लिखकर अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने अपने X अकाउंट पर लिखा- ‘धीरज धर्म मित्र अरु नारी, आपद काल परिखिअहिं चारी’। मतलब- धैर्य, धर्म, मित्र और पत्नी इन चारों की वास्तविक परीक्षा संकट के समय ही होती है।

चंपत राय ने राम भक्तों के नाम हाथों से लिखा लेटर भी जारी किया। इसमें लिखा- राम मंदिर में दानपात्र की गणना के समय की गई चोरी को लेकर मेरे ऊपर अनर्गल आरोप लगाए गए हैं, मैंने मौन धारण कर लिया है।

सोमवार को ट्रस्ट की बैठक में SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट पेश की गई, जो अब सार्वजनिक हो चुकी है। जबकि रिपोर्ट परम गोपनीय थी। आप सभी को भरोसा देता हूं कि SIT की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद मैं अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों और दुष्प्रचार का तथ्यात्मक जवाब दूंगा। सच्चाई सबके सामने आ जाएगी।

चंपत राय ने यह भी लिखा कि उन्हें अक्टूबर 1991 में संगठन ने अयोध्या भेजा था। मेरा करीब 45 सालों का सार्वजनिक जीवन खुली किताब की तरह है।

चंपत राय ने 26 जून को महासचिव पद से इस्तीफा दिया था, 6 जुलाई को उसे ट्रस्ट की बैठक में स्वीकार कर लिया गया है। चंपत राय इस समय अयोध्या में ही हैं।

गोविंद देव गिरि बोले- चंपत राय निर्दोष हैं

राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद पर मंगलवार को ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज ने खुलकर अपनी बात रखी। कहा- मैं जब ये कहता हूं कि वे (चंपत राय) निर्दोष हैं, तो मेरा मतलब है कि इस पूरे कांड के साथ उनका कोई चारित्रिक संबंध नहीं हो सकता। लेकिन वे खुद सावधान नहीं रहे।

उन्होंने एक अपराधी को अपना ड्राइवर रखा था। उसके पास चाबियां थीं। सब कुछ वही कंट्रोल करता था। उनके ड्राइवर ने ही यह सब किया। मुझे आशंका है कि ड्राइवर बाहरी लोगों से जुड़ा था। यह सब CEO नहीं होने की वजह से हुआ। इसलिए हम एक CEO लाएंगे। दूसरी ओर, ट्रस्ट के नए महासचिव कृष्ण मोहन दास ने आज कामकाज संभाल लिया।

वहीं, फैजाबाद एंटी करप्शन कोर्ट ने पुलिस को तीन आरोपियों करुणेश पांडेय, अनुकल्प मिश्र और लवकुश की 1 दिन की रिमांड दी है। पुलिस ने 7 दिन की रिमांड मांगी थी। अब पुलिस बुधवार सुबह तीनों को जेल से पूछताछ के लिए लेकर आएगी।

विहिप के उपाध्यक्ष बने रहेंगे चंपत राय

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से इस्तीफा देने वाले चंपत राय फिलहाल विश्व हिंदू परिषद (विहिप) में अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष बने रहेंगे। विहिप के अध्यक्ष आलोक कुमार ने दैनिक भास्कर से इसकी पुष्टि की। कहा- जब तक आरोप साबित नहीं हो जाते, कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।

इधर, चंपत राय राम मंदिर के निकट रामकोट स्थित तीर्थ क्षेत्र पुरम में एकांतवास कर रहे हैं। वह बेहद कड़ी सुरक्षा के बीच रह रहे हैं। विहिप और अन्य सहयोगी संगठनों से जुड़े लोगों को भी चंपत राय से मिलने के लिए इजाजत लेनी पड़ रही है।

उधर, राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा- BJP-RSS ने करोड़ों लोगों की भावनाओं को भयंकर ठेस पहुंचाई है। बताया जा रहा है कि इन्हें चढ़ावा चोरी की जानकारी बहुत पहले से थी, लेकिन इसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। बातों को दबा दिया गया।

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राम मंदिर चढ़ावा घोटाले में बड़ा खुलासा: लाखों कैश, अमेरिकी डॉलर और सोना बरामद, आरोपी ने ऐसे बांटी थी रकम

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अयोध्या, एजेंसी। राम मंदिर चढ़ावा गबन मामले के आरोपियों में शामिल अविनाश शुक्ला ने पूछताछ के दौरान कथित तौर पर स्वीकार किया है कि उसने गबन की रकम में से लगभग 19 लाख रुपए अपने मित्रों और परिजनों पर खर्च किए। पुलिस सूत्रों ने यह जानकारी दी। सूत्रों के अनुसार, शुक्ला ने जांचकर्ताओं को बताया कि उसने अपने एक भाई के विवाह समारोह पर लगभग 6 लाख रुपए खर्च किए, जबकि दूसरे भाई को 5 लाख रुपए दिए। पुलिस जांच में यह भी पता चला कि उसने लगभग 3.5 लाख रुपए की एक कार खरीदी थी, जिसे बरामद कर लिया गया है।

अविनाश के भाइयों से पुलिस की पूछताछ
सूत्रों ने दावा किया कि अविनाश ने अपने एक मित्र के खाते में लगभग 2.5 लाख रुपए भी हस्तांतरित किए और उसे एक महंगा मोबाइल फोन भी उपहार में दिया। पुलिस के अनुसार, जांच में यह भी सामने आया कि उसने कई अन्य लोगों को भी छोटी-छोटी रकम वितरित की थी। पुलिस ने अविनाश के 2 भाइयों से पूछताछ की है और जांच से संबंधित दस्तावेज जब्त किए हैं।

लाखों कैश के साथ अमेरिकी डॉलर और सोना बरामद
अधिकारियों के अनुसार, उसके भाई अभिषेक शुक्ला के नाम वर्ष 2024 में खरीदी गई भूमि की जांच की जा रही है। इसके साथ ही उन बैंक खातों की भी पड़ताल की जा रही है, जिनमें कथित तौर पर धनराशि हस्तांतरित की गई थी। विभिन्न लोगों को हस्तांतरित की गई राशि की वसूली के लिए कानूनी कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। सूत्रों के अनुसार, अविनाश शुक्ला के कब्जे से 20.39 लाख रुपए नकद, 1,121 अमेरिकी डॉलर, सोने के आभूषण, चांदी के आभूषण, अन्य कीमती सामान तथा एक कार भी बरामद की गई है।

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मोदी-सुबियांतो ने बड़े रक्षा समझौते पर लगाई मुहर, इंडोनेशिया को ब्रह्मोस मिसाइल देगा भारत

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जकार्ता, एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के बीच मंगलवार को हुई वार्ता में इंडोनेशियाई सैन्य बलों को ब्रह्मोस मिसाइलों की आपूर्ति, समुद्री सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने और महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति शृंखला को सुदृढ़ बनाने पर सहमति बनी। दोनों पक्षों ने महत्वपूर्ण खनिज, प्रौद्योगिकी, खाद्य सुरक्षा, दवाओं और समुद्री सुरक्षा सहित कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ावा देने के लिए कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए। मोदी 2018 की भारत-इंडोनेशिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी के तहत व्यापार तथा सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने के उद्देश्य से तीन देशों की अपनी यात्रा के पहले चरण के तहत सोमवार को जकार्ता पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया।

ऐसा समझा जाता है कि दोनों देशों के रक्षा संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में इंडोनेशिया ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान इस हथियार की सफलता के बाद हवा से हवा में प्रहार करने वाली ‘अस्त्र’ मिसाइलों का भारत से आयात करने का फैसला किया है। महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति शृंखला को मजबूत करने के लिए, भारत ने इंडोनेशिया में इस्पात, निकल और दुलर्भ स्थायी चुंबकों के निर्माण में निवेश करने का फैसला किया। भारत और इंडोनेशिया ने सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सबांग बंदरगाह का संयुक्त रूप से विकास करने पर भी सहमति जताई। यह बंदरगाह मलक्का जलडमरूमध्य के निकट स्थित है और भारत की ग्रेट निकोबार बंदरगाह परियोजना से लगभग 100 मील की दूरी पर है।

वार्ता के बाद अपने मीडिया बयान में मोदी ने कहा, ”2018 में बनी हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी आज एक नयी उड़ान ले रही है। हम विकास, सुरक्षा, प्रौद्योगिकी, संस्कृति और शिक्षा.. हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम बढ़ा रहे हैं।” उन्होंने कहा, ”मुझे विश्वास है, आज से भारत-इंडोनेशिया साझेदारी का एक सुनहरा अध्याय शुरू होगा।” प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया के बीच बढ़ता विश्वास द्विपक्षीय रक्षा, सुरक्षा और समुद्री सहयोग को मजबूत कर रहा है। उन्होंने कहा, ”आज हमने रक्षा आदान-प्रदान, आपदा प्रबंधन और औद्योगिक सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनाई।” मोदी ने इंडोनेशिया में भारतीय प्रबंधन संस्थान-बेंगलुरु का एक परिसर स्थापित करने के निर्णय की भी घोषणा की। उन्होंने कहा, ”हमें बहुत खुशी है कि भारत का UPI इंडोनेशिया की भुगतान प्रणाली के साथ जुड़ने जा रहा है।

इससे व्यापार सुगमता और यात्रा सुगमता, दोनों को ही बल मिलेगा।” दोनों पक्षों ने समुद्री अर्थव्यवस्था, समुद्री व्यापार और बंदरगाह विकास के क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने का फैसला किया। प्रधानमंत्री और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति ने पश्चिम एशिया की स्थिति सहित विभिन्न वैश्विक चुनौतियों पर भी चर्चा की। मोदी ने कहा, ”वैश्विक उथल-पुथल के इस दौर में भारत का मानना है कि संवाद और कूटनीति की भूमिका, पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।” उन्होंने कहा, ”फलस्तीन के विषय पर, हम द्वि-राष्ट्र समाधान और दीर्घकालिक शांति का समर्थन करते हैं।”  

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