कोरबा
बालको ने प्रोजेक्ट ‘नयी किरण’ के माध्यम से 85,000 लोगों के जीवन को संवारा
बालकोनगर। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने अपनी प्रमुख सामुदायिक परियोजना ‘नयी किरण’ के माध्यम से 85,000 से अधिक लोगों के जीवन को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया है। इस पहल के अंतर्गत कंपनी ने कोरबा, छत्तीसगढ़ के 45 गांवों में माहवारी से जुड़े मिथकों को तोड़ते हुए, खुली बातचीत को बढ़ावा तथा सतत माहवारी स्वच्छता प्रथाओं को अपनाने की दिशा में प्रयास किए।
प्रोजेक्ट नयी किरण का उद्देश्य माहवारी से जुड़े सामाजिक पूर्वाग्रहों को जड़ से समाप्त करना है। यह पहल लोगों को माहवारी स्वच्छता पर सही जानकारी और माहवारी संसाधन से सशक्त बना रहा है। परियोजना के अंतर्गत प्रशिक्षण सत्रों के माध्यम से समुदाय को सतत एवं सुरक्षित माहवारी स्वच्छता पर जागरूक किया है।
बालको द्वारा इस परियोजना के तहत विभिन्न कार्यक्रम संचालित की गई हैं। इसमें अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं और किशोरों को प्रशिक्षित करना, जिससे वे परिवर्तन के वाहक बन सकें। साथ ही 50 प्रतिशत सरकारी हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों को ‘माहवारी स्वच्छता प्रबंधन (एमएचएम)’ अनुकूल बनाया गया है, जहां किशोरावस्था और यौवनावस्था से संबंधित नियमित सत्र आयोजित किए जाते हैं। लगभग 700 सामुदायिक सदस्यों को एमएचएम साथी के रूप में प्रशिक्षित किया गया है, जो अपने समुदाय में जागरूकता फैलाने और सकारात्मक परिवर्तन लाने में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।
बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक राजेश कुमार ने कहा कि बालको में हम समुदाय की समग्र भलाई को अपने विकास कार्य के केंद्र में रखते हैं। चाहे वह डोर-टू-डोर स्वास्थ्य सेवा, प्रशिक्षण सत्र या अत्याधुनिक अस्पताल हो हमारा लक्ष्य एक ऐसा वातावरण बनाना है जहाँ स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता मिले। जागरूकता से ही सशक्तिकरण की शुरुआत होती है और हमें इस बदलाव को हर स्तर पर निरंतर रूप से आगे बढ़ाने पर गर्व है।
सरकारी स्कूल की अध्यापिका दीप्ति सिंह बताया कि एमएचएम साथी बनने का अनुभव शिक्षकों के साथ-साथ छात्रों के लिए लिए अत्यंत परिवर्तनकारी रहा है। कभी जो विषय चुप्पी और गलतफहमियों से घिरा था, आज हमारे स्कूल को एक एमएचएम फ्रेंडली स्कूल के रूप में पहचान मिली है। यहाँ किशोरियाँ अब सुरक्षित, जागरूक और आत्मविश्वास से भरपूर महसूस करती हैं। नयी किरणके माध्यम से हम बच्चों को न केवल शिक्षा में बल्कि गरिमा के साथ जीवन जीने में भी सहयोग कर पा रहे हैं।

बालको ने वर्षों से व्यवहार परिवर्तन को प्रेरित करने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित की हैं। कंपनी ने सामुदायिक सत्र के माध्यम से इंटरएक्टिव सेशन जैसे ‘चाय पे चर्चा’ और ‘रात्रि चौपाल’ आयोजित की। साथ ही ‘माँ बेटी- सास बहू सम्मेलन’ आयोजित किया, जो माहवारी के बारे में पीढ़ी दर पीढ़ी संवाद को प्रोत्साहित करता है। कंपनी ने ‘सेफ स्पेस कैंपेन’ लॉन्च किया, जिसमें स्थानीय क्लीनिक, दुकान और स्कूल को निर्णय-मुक्त क्षेत्र के रूप में पहचानने का काम किया। बालको ने ‘सपोर्टिंग ग्रीन पीरियड्स’ नामक एक कर्मचारी स्वंयसेवी कार्यक्रम भी शुरू किया, जिसके तहत महिलाओं को पुनः उपयोगी कपड़े के पैड बनाने के लिए प्रशिक्षित किया गया। इसके साथ ही बालको ने दिव्यांग व्यक्तियों के लिए विशेष रूप से तैयार की गई जानकारी, शिक्षा और संचार (आईईसी) सामग्री और टेराकोटा से बने शारीरिक संरचना के मॉडल वितरित किए।
इस पहल को कई प्रतिष्ठित संस्थानों से सराहना मिली है। हाल ही में एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (एसोचैम) ने बालको को “माहवारी स्वच्छता में अधिकतम प्रभाव डालने वाली सीएसआर पहल – कॉर्पोरेट और पीएसयू श्रेणी” में एसोचैम पुरस्कार 2024 से सम्मानित किया है।

2019 में शुरू हुई ‘नयी किरण’ का उद्देश्य माहवारी से जुड़ी भ्रांतियों एवं मिथकों को तोड़ना, सतत स्वच्छता विकल्प के बारे में जागरूकता बढ़ाना और सुरक्षित प्रजनन स्वास्थ्य सुनिश्चित करने के लिए प्रशिक्षण देना है। अब तक इस परियोजना के माध्यम से 45 गांवों में 85,000 से अधिक लोगों को जागरूक किया गया है और 700+ समुदाय सदस्यों को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया गया है जो अपने समुदाय में परिवर्तन के अग्रदूत बन सके हैं। इस कार्यक्रम में किशोर लड़के-लड़कियां, स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की महिलाएं और आंगनवाड़ी व आशा कार्यकर्ता शामिल हैं।
कोरबा
कोरबा में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई:5 तस्करों के ठिकानों पर दबिश, 5 लाख से अधिक की अवैध लकड़ी जब्त
कोरबा। कोरबा वनमंडल के लेमरू वन परिक्षेत्र में वन विभाग ने अवैध लकड़ी भंडारण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच कथित लकड़ी तस्करों के ठिकानों पर छापेमारी की। लेमरू और कुदुरुवा गांवों में की गई इस कार्रवाई के दौरान 306 अवैध काष्ठ चिरान जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत 5 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है।
वन एवं वन्यजीव संरक्षण के उद्देश्य से वनमंडलाधिकारी प्रेमलता यादव एवं दक्षिण कोरबा उपवनमंडलाधिकारी सुरकांत सोनी के निर्देशन में यह संयुक्त अभियान चलाया गया। कार्रवाई का नेतृत्व लेमरू वनपरिक्षेत्राधिकारी जयंत सरकार, बालको परिक्षेत्राधिकारी देवव्रत खाण्डे तथा परसखेत परिक्षेत्राधिकारी विक्रांत सिंह कंवर ने किया।

मुखबिर की सूचना पर हुई छापेमारी
वन विभाग को मुखबिर से अवैध लकड़ी भंडारण की सूचना मिली थी। इसके बाद नियमानुसार सर्च वारंट जारी कर वन विभाग की टीम ने लेमरू और कुदुरुवा गांव के पांच घरों में एक साथ दबिश दी। अभियान में परिक्षेत्र सहायक श्रवण कुमार गायकी और रामेश्वर सिंह सिदार सहित बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे।
घरों से बरामद हुई बड़ी मात्रा में लकड़ी
छापेमारी के दौरान बीजा, साल और अन्य मूल्यवान प्रजातियों की लकड़ी बड़ी मात्रा में बरामद हुई। ग्राम लेमरू निवासी दिनेश कुमार तंवर के घर से 2 नग साल चिरान (0.122 घन मीटर) जब्त किए गए।
वहीं सुरेश कुमार सिंह के घर से 68 नग साल प्रजाति के चिरान (1.272 घन मीटर) तथा 2 नग कलमी प्रजाति के चिरान (0.123 घन मीटर) बरामद हुए।
ग्राम कुदुरुवा निवासी शिशुपाल के घर से 231 नग साल प्रजाति के चिरान (3.975 घन मीटर) और 3 नग बीजा प्रजाति के चिरान (0.042 घन मीटर) जब्त किए गए।
306 नग चिरान जब्त, कीमत 5 लाख से अधिक
वन विभाग के अनुसार कुल 5.534 घन मीटर लकड़ी के 306 नग चिरान जब्त किए गए हैं। बरामद लकड़ी की अनुमानित बाजार कीमत 5 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है।
पुलिस और वन अमले की संयुक्त कार्रवाई
यह कार्रवाई थाना लेमरू पुलिस और वन विभाग के लगभग 30 अधिकारियों एवं कर्मचारियों की संयुक्त टीम द्वारा की गई। अभियान में लेमरू, बालको और परसखेत वन परिक्षेत्रों के अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे।
वन विभाग ने बताया कि जब्त लकड़ी के संबंध में वन अधिनियम एवं प्रासंगिक नियमों के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों ने अवैध लकड़ी कटाई और तस्करी के खिलाफ आगे भी सख्त अभियान जारी रखने की बात कही है।
कोरबा
कोयला लोड ट्रेलर पलटा, 2 भाइयों की दबकर मौत:NH किनारे गड्ढे में पहिया धंसने से हादसा, बहन के लिए मोमोज लेकर लौट रहे थे
बिलासपुर/कोरबा, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में बहन के लिए मोमोज लेकर लौट रहे 2 सगे भाइयों की सड़क हादसे में मौत हो गई। बिलासपुर-कटघोरा नेशनल हाईवे पर कोयले से लदा तेज रफ्तार ट्रेलर बेकाबू होकर नाली निर्माण के लिए खोदे गए गड्ढे में जा घुसा और पलट गया।

हादसे के दौरान बाइक सवार दोनों भाई ट्रेलर की चपेट में आ गए और उसके नीचे दब गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी के विरोध के बाद नाली निर्माण का काम तो रोक दिया गया था, लेकिन खोदे गए गड्ढे को भरा नहीं गया था। घटना रतनपुर थाना क्षेत्र की है।
ड्राइवर और मैकेनिक थे दोनों
जानकारी के अनुसार बेलतरा निवासी संदीप रजक (23) और उसका छोटा भाई प्रदीप रजक (16) ट्रांसपोर्ट कंपनी में काम करते थे। संदीप ट्रेलर ड्राइवर था, जबकि प्रदीप मैकेनिक का काम करता था। दोनों अपने परिवार के साथ बेलतरा के पास स्थित बेलपारा गांव में रहते थे।
नाली बनाने के लिए खोदा था गड्ढा
बताया जा रहा है कि बस स्टैंड के पास स्थित एक पेट्रोल पंप के सामने नेशनल हाईवे किनारे नाली निर्माण के लिए करीब 4 महीने पहले खुदाई की गई थी। नेशनल हाईवे अथॉरिटी के विरोध के बाद निर्माण कार्य रोक दिया गया, लेकिन खुदाई वाला हिस्सा और निर्माण सामग्री सड़क किनारे ही पड़ी रही।
रात करीब 8 बजे बिलासपुर की ओर जा रहा कोयले से लदा ट्रेलर (CG 12 BH 2296) तेज रफ्तार में था। खुदाई वाले हिस्से के पास पहुंचते ही ड्राइवर कंट्रोल खो बैठा और ट्रेलर पलट गया। उसी दौरान वहां से गुजर रही बाइक उसकी चपेट में आ गई। ट्रेलर के नीचे दबने से दोनों भाइयों की जान चली गई।
संदीप और प्रदीप अपने परिवार के सहारे थे। पिता के मौत के बाद दोनों भाई अपनी मां और बहन की जिम्मेदारी उठा रहे थे।

दोनों भाई ने मौके पर तोड़ा दम, शव फंसा रहा।
बहन के लिए मोमोज लेकर लौट रहे थे घर
रिश्तेदारों के अनुसार दोनों भाई काम खत्म करने के बाद होटल गए थे। वहां से वे अपनी बहन के कहने पर उसके लिए मोमोज लेकर घर लौट रहे थे, लेकिन घर पहुंचने से पहले ही यह हादसा हो गया।
हाइड्रा की मदद से निकाले गए शव
घटना की सूचना मिलते ही रतनपुर पुलिस मौके पर पहुंची। हाइड्रा मशीन की सहायता से ट्रेलर को हटाकर दोनों शवों को बाहर निकाला गया। इसके बाद शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया।
हंगामे की आशंका पर तत्काल अस्पताल भेजे गए शव
हादसे के बाद घटनास्थल पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए थे। शुरुआत में पुलिस को लगा कि ट्रेलर के नीचे दबे लोग बाहरी हो सकते हैं, लेकिन ट्रेलर हटाने पर मृतकों की पहचान स्थानीय युवकों के रूप में हुई।
इसके बाद माहौल बिगड़ने और विरोध-प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए पुलिस ने एहतियात बरतते हुए शवों को तत्काल अस्पताल भिजवा दिया। वहीं, रतनपुर पुलिस का कहना है कि मामले में मर्ग कायम कर लिया गया है। आगे की कार्रवाई की जा रही है।
कोरबा
गुरु अर्जुन देव के शहीदी दिवस पर बांटा मीठा शरबत
कोरबा/गेवरा-दीपका। सिख धर्म के पांचवें गुरु गुरु अर्जुन देव के शहीदी दिवस पर पाली रोड स्थित गुरुद्वारा परिसर में श्रद्धा एवं सेवा भाव के साथ गुरुवार को मीठा शरबत और चना प्रसाद का वितरण किया गया। इस दौरान गुरुद्वारा कमेटी ने राहगीरों, दुकानदारों को प्रसाद ग्रहण कराया। भीषण गर्मी को देखते हुए लगाए गए सेवा शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने शरबत पीकर राहत महसूस की। गुरुद्वारा कमेटी के सदस्यों ने बताया कि गुरु अर्जुन देव का शहीदी दिवस सेवा, त्याग और मानवता के प्रति समर्पण का संदेश देता है।

इसी भावना के तहत हर वर्ष श्रद्धालुओं द्वारा सेवा कार्य किए जाते हैं। इस अवसर पर गुरुद्वारा कमेटी के संचालक अमृत सिंह, धनी सिंह, ज्ञानी सिंह, संजय नायर, युवराज सिंह, संजीत सिंह, मनप्रीत कौर, ऋतु सिंह, राजेश सोनी, दीपक अग्रवाल सहित अन्य व्यापारी व श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने गुरु अर्जुन देव के बताए मार्ग पर चलने और समाज में भाईचारा व सेवा की भावना को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।
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