छत्तीसगढ़
महाकुंभ से लौट रही बस की स्कॉर्पियो से टक्कर:कांकेर में NH-30 पर हादसा, 1 की मौत, 7 घायल; 24 घंटे में 7 की गई जान
कांकेर ,एजेंसी। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में प्रयागराज महाकुंभ से लौट रही टूरिस्ट बस और एक स्कॉर्पियो की आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई। घटना NH-30 पर तारसगांव कटिंग लखनपुरी के पास गुरुवार रात की है। इसमें 7 लोग घायल हुए है।
बता दें कि छत्तीसगढ़ में गुरुवार को तीन अलग अलग सड़क हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई थी। रायगढ़ में कीर्तन सुनकर लौट रहे 2 युवकों को भारी वाहन ने कुचल दिया, कवर्धा में अज्ञात वाहन की टक्कर से 2 लोगों की मौत हो गई वहीं जांजगीर में हाइवा की टक्कर से 2 युवकों ने दम तोड़ दिया।

हादसे में 7 लोग घायल हुए है।
टूरिस्ट बस में सवार यात्री आंध्र प्रदेश के थे
एएसआई भाकेश पटेल के मुताबिक, टूरिस्ट बस में सवार यात्री प्रयागराज महाकुंभ में शामिल होकर आंध्र प्रदेश लौट रहे थे। दूसरी ओर, स्कॉर्पियो में सवार लोग जगदलपुर से रायपुर जा रहे थे, जहां उनके परिवार में किसी हादसे की खबर मिलने पर वे रवाना हुए थे।
घायलों का इलाज जारी
टूरिस्ट बस में सवार 15 यात्रियों में से 7 लोग घायल हुए हैं, जिन्हें चारामा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। स्कॉर्पियो में सवार प्रेम लाल मरकाम (55) की मौके पर ही मौत हो गई। वह सुकमा के छीनगढ़ का रहने वाला था।

स्कॉर्पियो का सामने का हिस्सा उखड़ गया।
टूरिस्ट बस और स्कॉर्पियो के परखच्चे उड़े
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि टूरिस्ट बस के परखच्चे उड़ गए और स्कॉर्पियो का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। स्कॉर्पियो में सवार अन्य दो लोगों को भी मामूली चोटें आई हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
कोरबा
सरस्वती शिशु मंदिर एचटीपीपी दर्री में 40 दिवसीय समर कैंप का शुभारंभ, बच्चों में दिखा उत्साह
5 से 15 वर्ष के बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए पेंटिंग, एरोबिक्स, इंग्लिश स्पीकिंग और कंप्यूटर कक्षाओं का आयोजन
कोरबा। सरस्वती शिशु मंदिर एचटीपीपी दर्री में बच्चों की प्रतिभा को निखारने और उनके सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए वार्षिक ग्रीष्मकालीन शिविर (समर कैंप 2026) का शुभारंभ किया गया है। 40 दिनों तक चलने वाले इस विशेष शिविर में बच्चों की रचनात्मकता, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है। समर कैंप के शुरू होते ही बच्चों और अभिभावकों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।

विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि आज के समय में बच्चों के लिए पढ़ाई के साथ-साथ अतिरिक्त गतिविधियों का ज्ञान भी बेहद आवश्यक है। इसी उद्देश्य से 5 से 15 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए इस शिविर का आयोजन किया गया है, जिसमें विद्यालय के छात्र-छात्राओं के साथ-साथ अन्य स्कूलों के बच्चे भी भाग ले सकते हैं। यह पहल बच्चों को छुट्टियों के समय का सदुपयोग करने और नई चीजें सीखने का सुनहरा अवसर प्रदान कर रही है।

शिविर के दौरान बच्चों के लिए पेंटिंग, ड्राइंग और क्राफ्ट जैसी रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से उनकी कल्पनाशीलता को बढ़ावा दिया जा रहा है। वहीं एरोबिक्स और फिटनेस गतिविधियों से बच्चों को शारीरिक रूप से सक्रिय और स्वस्थ रहने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके अलावा व्यक्तित्व विकास पर विशेष ध्यान देते हुए इंग्लिश स्पीकिंग और बेसिक ग्रामर की कक्षाएं भी आयोजित की जा रही हैं, ताकि बच्चे आत्मविश्वास के साथ संवाद करना सीख सकें।
डिजिटल युग को देखते हुए बच्चों के लिए कंप्यूटर की बुनियादी जानकारी भी शिविर का अहम हिस्सा बनाई गई है। कंप्यूटर कक्षाओं में बच्चों को टेक्नोलॉजी के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें डिजिटल स्किल्स की प्रारंभिक समझ दी जा रही है।

विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि इस तरह के शिविर बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ जीवन कौशल सिखाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिविर के माध्यम से बच्चों में अनुशासन, टीमवर्क और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। अभिभावकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए बेहद लाभदायक हैं।
समर कैंप के आगामी दिनों में बच्चों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी, जिससे बच्चों का उत्साह और भी बढ़ेगा तथा उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच मिलेगा।
कोरबा
दीपका में 30 अप्रैल को 20वीं राष्ट्रीय संगोष्ठी
देशभर के विद्वानों का होगा संगम-डॉ गजेंद्र
कोरबा। शासकीय महाविद्यालय दीपका, जिला कोरबा (छत्तीसगढ़) एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर के बौद्धिक आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है। महाविद्यालय एवं अखिल भारतीय विकलांग चेतना परिषद बिलासपुर के संयुक्त तत्वावधान में ‘भारतीय ज्ञान परंपरा की कसौटी पर विकलांग-विमर्श का पुनर्मूल्यांकनÓ विषय पर 20वीं एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन 30 अप्रैल 2026, गुरुवार को किया जाएगा।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रात: 9:30 बजे महाविद्यालय परिसर में होगा। इस संगोष्ठी में देशभर से विद्वान, शिक्षाविद, शोधार्थी एवं विषय विशेषज्ञ सहभागी बनेंगे, जिससे विचारों का एक व्यापक और सार्थक आदान-प्रदान संभव होगा।

इस गरिमामयी आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य एवं उद्योग, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम विभाग के मंत्री लखनलाल देवांगन उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व अध्यक्ष (राज्यमंत्री दर्जा) छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग एवं कुलपति, थावे विद्यापीठ, गोपालगंज (बिहार) डॉ. विनय कुमार पाठक करेंगे।
संगोष्ठी में विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व न्यायाधीश उच्च न्यायालय न्यायमूर्ति चंद्रभूषण बाजपेयी, अखिल भारतीय विकलांग चेतना परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री मदनमोहन अग्रवाल, तथा गेवरा प्रोजेक्ट के जनरल मैनेजर अरुण त्यागी अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम को समृद्ध करेंगे। इसके साथ ही कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल समारोह भूषण विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।
इस अवसर पर ‘विकलांग-विमर्श : विविध संदर्भÓ शीर्षक पुस्तक का विमोचन भी किया जाएगा, जिसके संपादन का कार्य डॉ. पायल लिल्हारे (निवाड़ी, मध्यप्रदेश) द्वारा किया गया है। यह पुस्तक विकलांग-विमर्श के विभिन्न आयामों को उजागर करते हुए समकालीन संदर्भों में महत्वपूर्ण दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है।
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. ममता ठाकुर ने बताया कि यह संगोष्ठी भारतीय ज्ञान परंपरा के संदर्भ में विकलांग-विमर्श के पुनर्मूल्यांकन का एक महत्वपूर्ण प्रयास है, जो समाज में समावेशी दृष्टिकोण को सुदृढ़ करेगा। वहीं 20वी राष्ट्रीय संगोष्ठी के संयोजक डॉ. गजेंद्र तिवारी ने सभी शिक्षाविदों, शोधार्थियों एवं जागरूक नागरिकों से इस आयोजन में अधिकाधिक संख्या में सहभागिता कर इसे सफल बनाने का आह्वान किया है।
यह संगोष्ठी न केवल अकादमिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होगी, बल्कि सामाजिक समरसता एवं समावेशिता के नए आयाम स्थापित करने में भी सहायक सिद्ध होगी।

छत्तीसगढ़
कोंडागांव : वन मंत्री केदार कश्यप ने दहिकोंगा तेंदूपत्ता फड़ का किया निरीक्षण
वन मंत्री ने संग्राहकों से किया सीधा संवाद

कोंडागांव। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने आज रविवार को कोंडागांव जिले के दहिकोंगा स्थित तेंदूपत्ता फड़ का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने तेंदूपत्ता की गुणवत्ता देखी और संग्राहकों को हो रहे ऑनलाइन भुगतान की व्यवस्था की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान मंत्री श्री कश्यप ने दो संग्राहकों के मोबाइल में स्वयं ऑनलाइन एंट्री कर भुगतान प्रक्रिया को पूरा कराया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार तेंदूपत्ता संग्राहकों को पारदर्शी और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल व्यवस्था को बढ़ावा दे रही है।
वन मंत्री ने संग्राहकों से सीधे संवाद कर उन्हें “तेंदूपत्ता तिहार” की बधाई और शुभकामनाएं दीं तथा शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहण से जुड़े श्रमिकों की आय बढ़ाने और उनकी सुविधाओं में सुधार के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
इस अवसर पर कोंडागांव के वन मंडलाधिकारी चूड़ामणि सिंह, संयुक्त वन मंडलाधिकारी डॉ. आशीष कोटरिवार, परिक्षेत्र अधिकारी कोंडागांव, परिक्षेत्र अधिकारी दहिकोंगा सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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