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विदेश

भारतीय मूल के सबीह खान एपल में COO बने:पिचाई और नडेला जैसे लीडर्स की लिस्ट में शामिल, टिम कुक बोले- सबीह एक शानदार स्ट्रैटजिस्ट

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वॉशिंगटन,एजेंसी। एपल ने भारतीय मूल के सबीह खान को कंपनी का नया चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) बनाया है। वो इस महीने के अंत में जेफ विलियम्स की जगह लेंगे। जेफ 2015 से इस पद पर हैं।

सबीह ने मुरादाबाद जैसे छोटे शहर से निकलकर टेक्नोलॉजी की दुनिया में ये मुकाम हासिल किया है। 2019 में वो एपल के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट ऑफ ऑपरेशंस बने थे।

सबीह खान गूगल के CEO सुंदर पिचाई और माइक्रोसॉफ्ट के CEO सत्या नडेला जैसे भारतीय मूल के उन ग्लोबल लीडर्स की लिस्ट में शामिल हो गए हैं।

ग्लोबल सप्लाई चेन को मैनेज करते हैं सबीह

सबीह खान एपल की ग्लोबल सप्लाई चेन को मैनेज करते हैं। इसका मतलब है कि वो प्रोडक्ट की क्वालिटी, प्लानिंग, खरीद, मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और प्रोडक्ट डिलीवरी जैसे कामों की जिम्मेदारी संभालते हैं। वो एपल के सप्लायर रिस्पॉन्सिबिलिटी प्रोग्राम्स को भी लीड करते हैं।

सबीह की अगुआई में कंपनी का कार्बन फुटप्रिंट भी 60% से ज्यादा कम हुआ है। यानी एपल ने अपने प्रोडक्शन और ऑपरेशंस से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान को काफी हद तक घटाया है।

सबीह खान (दाएं से दूसरे) के पास टफ्ट्स यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स और मैकेनिकल इंजीनियरिंग में ड्यूल बैचलर डिग्री है।

सबीह खान (दाएं से दूसरे) के पास टफ्ट्स यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स और मैकेनिकल इंजीनियरिंग में ड्यूल बैचलर डिग्री है।

टिम कुक बोले- सबीह एक शानदार स्ट्रैटजिस्ट

एपल के CEO टिम कुक ने कहा, “सबीह एक शानदार स्ट्रैटजिस्ट हैं, जिन्होंने एपल की सप्लाई चेन को बनाने में अहम रोल निभाया है। वो दिल से लीडरशिप करते हैं और अपने मूल्यों के साथ काम करते हैं। मुझे यकीन है कि वो एक बेहतरीन COO साबित होंगे।”

सबीह का परिवार सिंगापुर चला गया था

सबीह खान का जन्म 1966 में उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में हुआ था। जब वो पांचवीं कक्षा में थे, तब उनका परिवार सिंगापुर चला गया। वहां से उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की।

बाद में अमेरिका चले गए। सबीह ने टफ्ट्स यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स और मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बैचलर डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने रेनसेलर पॉलिटेक्निक इंस्टिट्यूट (RPI) से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री भी ली।

सबीह खान 1995 में जीई प्लास्टिक्स में एप्लिकेशन डेवलपमेंट इंजीनियर के रूप में काम करने के बाद एपल की प्रोक्योरमेंट टीम में शामिल हुए थे।

शुरुआत में वो कंपनी के प्रोक्योरमेंट ग्रुप में शामिल हुए। पिछले 30 सालों में उन्होंने एपल के कई अहम रोल निभाए और कंपनी की ग्लोबल सप्लाई चेन को मजबूत करने में बड़ा योगदान दिया। 2019 में वो एपल के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट ऑफ ऑपरेशंस बने।

जेफ विलियम्स का क्या होगा?

जेफ विलियम्स, जो अभी एपल के COO हैं, इस महीने के अंत में अपनी भूमिका सबीह को सौंप देंगे। जेफ 27 साल से एपल के साथ हैं और उन्होंने कहा, “मैंने सबीह के साथ 27 साल तक काम किया है और मुझे लगता है कि वो दुनिया के सबसे टैलेंटेड ऑपरेशंस एक्जीक्यूटिव हैं।”

रिटायर होने से पहले जेफ डिजाइन और हेल्थ इनिशिएटिव्स को देखते रहेंगे, ताकि ट्रांजिशन आसानी से हो सके।

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‘भारतीय हवाई या जमीनी रास्ते से ईरान की न करें यात्रा…’ विदेश मंत्रालय ने जारी की नई एडवाइजरी

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तेहरान/नई दिल्ली, एजेंसी। क्षेत्रीय तनाव और अनिश्चितता के बीच भारत सरकार ने अपने नागरिकों के लिए एक नई और सख्त एडवाइजरी जारी की है। तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों को स्पष्ट रूप से ईरान की यात्रा न करने की सलाह दी है।

हवाई और जमीनी यात्रा पर रोक
दूतावास द्वारा जारी बयान के अनुसार, हालांकि भारत और ईरान के बीच कुछ सीमित उड़ानें फिर से शुरू होने की खबरें हैं, लेकिन नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे हवाई या जमीनी मार्ग से ईरान की यात्रा न करें। दूतावास ने चेतावनी दी है कि क्षेत्रीय तनाव के कारण हवाई क्षेत्र (Airspace) पर प्रतिबंध और परिचालन संबंधी अनिश्चितताएं अभी भी बनी हुई हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय उड़ानें प्रभावित हो रही हैं।
ईरान में मौजूद भारतीयों के लिए निर्देश
जो भारतीय नागरिक वर्तमान में ईरान में हैं, उन्हें दूतावास ने सख्त निर्देश दिए हैं कि वे दूतावास के साथ समन्वय करते हुए निर्धारित जमीनी सीमा मार्गों (land border routes) के माध्यम से देश छोड़ दें। सरकार ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे मार्गदर्शन और सहायता के लिए दूतावास के निरंतर संपर्क में रहें।

वर्तमान स्थिति
ईरान ने हाल ही में इमाम खुमैनी और मेहराबाद जैसे अपने प्रमुख हवाई अड्डों को फिर से खोलना शुरू किया है और मशहद हवाई अड्डे से भी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की अनुमति दी गई है। हालांकि, यह स्थिति 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद पैदा हुए क्षेत्रीय संघर्ष के कारण अस्थिर बनी हुई है। भले ही वर्तमान में एक नाजुक संघर्ष विराम (ceasefire) है, लेकिन यात्रा और सुरक्षा स्थितियों को लेकर अभी भी गहरा संशय बना हुआ है।

मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर किसी भी सहायता या आपात स्थिति के लिए, भारतीय दूतावास ने निम्नलिखित मोबाइल नंबर साझा किए हैं, जिन पर भारतीय नागरिक संपर्क कर सकते हैं:

  • +989128109115
  • +989128109109
  • +989128109102
  • +989932179359
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विदेश

इजरायल-लेबनान के बीच संघर्ष विराम 3 हफ्ते और बढ़ा, राष्ट्रपति ट्रंप ने व्हाइट हाउस में की अहम बैठक

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वाशिंगठन, एजेंसी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि इजरायल और लेबनान के बीच चल रहे संघर्ष विराम को तीन सप्ताह के लिए बढ़ा दिया गया है। इस अवधि के दौरान, दोनों देशों के नेताओं के व्हाइट हाउस में मिलने की संभावना है। राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि क्षेत्र में स्थिरता लाने के प्रयासों के तहत ईरान को हिजबुल्लाह के लिए अपनी फंडिंग बंद करनी होगी।

व्हाइट हाउस में उच्च-स्तरीय चर्चा
यह फैसला ओवल ऑफिस में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद लिया गया, जिसमें ट्रंप ने इजरायली राजदूत येचिएल लीटर और लेबनानी राजदूत नादा मोआवाद के साथ दूसरे दौर की मध्यस्थता वार्ता की। इस बैठक में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रुबियो और इजरायल व लेबनान के लिए अमेरिकी राजदूत भी शामिल थे। ट्रंप ने चर्चा को बेहद उत्पादक बताया और कहा कि अमेरिका लेबनान को हिजबुल्लाह के प्रभाव से बचाने में मदद करेगा।

नेतन्याहू और जोसेफ औन की हो सकती है मुलाकात
राष्ट्रपति ट्रंप ने उम्मीद जताई है कि वह निकट भविष्य में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन की व्हाइट हाउस में मेजबानी करेंगे। उन्होंने इस बैठक में शामिल होने को एक ‘ऐतिहासिक सम्मान’ बताया।

तनाव के बीच राहत की खबर
संघर्ष विराम का यह विस्तार ऐसे समय में आया है जब हाल ही में इजरायली हवाई हमलों में कम से कम पांच लोग मारे गए थे, जिनमें लेबनानी पत्रकार अमल खलील भी शामिल थीं। 16 अप्रैल को युद्धविराम लागू होने के बाद से यह सबसे घातक दिन था। लेबनानी अधिकारियों के मुताबिक, 2 मार्च को संघर्ष शुरू होने के बाद से लेबनान में करीब 2,500 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।

हिजबुल्लाह का रुख
हिजबुल्लाह के सांसद हसन फजलल्लाह ने कहा है कि उनका समूह संघर्ष विराम जारी रखने का समर्थन करता है, लेकिन इसके लिए शर्त यह है कि इजरायल इसके नियमों का पूरी तरह पालन करे। हालांकि, उन्होंने इजरायल के साथ सीधे बातचीत के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है।

दशकों की शत्रुता के बाद, इजरायल और लेबनान के बीच यह सीधी बातचीत संबंधों में एक असामान्य बदलाव का संकेत दे रही है, जिससे क्षेत्र में शांति की उम्मीद जगी है।

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बिज़नस

तैयार हो जाइए! अब आसमान में भी दौड़ती नज़र आएंगी कारें, बदल जाएगा आपके सफर का अंदाज

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बीजिंग, एजेंसी। क्या आपने कभी सोचा है कि आप सड़क पर कार चला रहे हों और ट्रैफिक जाम देखते ही आपकी कार पंख फैलाकर उड़ने लगे? नहीं न, तो तैयार हो जाइए! यह सब अब हकीकत बनने जा रहा है। बता दें कि चीन की मशहूर इलेक्ट्रिक वाहन कंपनी XPeng ने साल 2027 तक तकनीक की दुनिया को पूरी तरह बदलने का मास्टर प्लान तैयार कर लिया है। फ्लाइंग कार यानी उड़ने वाली करें अब आसमान में उड़ती हुई नज़र आएंगी। आइए जानतें हैं यह कैसे संभव हो पाएगा?   

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जानकारी के लिए बता दें कि XPeng का सबसे क्रांतिकारी प्रोजेक्ट फ्लाइंग कार है। कंपनी का दावा है कि 2027 तक इन उड़ने वाली कारों का बड़े पैमाने पर प्रोडक्शन (Mass Production) शुरू हो जाएगा। यह कार सामान्य गाड़ियों की तरह सड़क पर तो चलेगी ही, लेकिन जरूरत पड़ने पर यह हवा में भी उड़ने में सक्षम होगी। इससे शहरों में घंटों तक लगने वाले ट्रैफिक जाम से निजात मिलेगी और यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। हालांकि इसे सुरक्षा मानकों और सरकारी मंजूरी की प्रक्रियाओं से गुजरना बाकी है लेकिन कंपनी का कहना है कि उसे अभी से भारी संख्या में प्री-बुकिंग और लोगों की दिलचस्पी मिल रही है।

XPeng सिर्फ कारों तक सीमित नहीं है। कंपनी ऐसे ह्यूमनॉइड रोबोट बना रही है जो बिल्कुल इंसानों की तरह दिखेंगे और काम करेंगे। ये रोबोट चल-फिर सकेंगे, सामान उठा सकेंगे और इंसानों से भी बातचीत कर पाएंगे।

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जानिए कहां होगा इसका इस्तेमाल 

शुरुआत में इन्हें ऑफिसों, होटलों और दुकानों में ‘कस्टमर सर्विस’ के लिए तैनात किया जाएगा। ये रिसेप्शनिस्ट बनकर मेहमानों का स्वागत करेंगे और उनके सवालों के जवाब देंगे।

कब तक होगी लॉन्चिंग?

कंपनी का लक्ष्य है कि 2026 के अंत तक इन रोबोट्स का बड़े लेवल पर उत्पादन शुरू कर दिया जाए।

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पूरी तरह से Automatic होंगी ये गाड़ियां

भविष्य के ट्रांसपोर्ट को और आसान बनाने के लिए कंपनी ‘रोबोट टैक्सी’ पर भी काम कर रही है। ये गाड़ियां पूरी तरह से ऑटोमैटिक (Driverless) होंगी। आपको बस अपनी मंजिल बतानी होगी और यह गाड़ी बिना किसी ड्राइवर के आपको सुरक्षित वहां पहुंचा देगी।

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