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कोरबा

कलेक्टर की पहल: ईंट भट्ठा परिसरों में बालवाड़ी का होगा संचालन

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अनियमितता वाली शिकायतों पर एक सप्ताह में हो जांच उपरांत कार्यवाही

समय सीमा की बैठक में कलेक्टर ने की विभागीय कार्यों की समीक्षा

कोरबा। कलेक्टर अजीत वसंत ने आज समय सीमा की बैठक लेकर विभागीय कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने टीएल के लंबित प्रकरणों पर जांच उपरांत शीघ्रता कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने विभिन्न योजनाओं तथा कार्यों में अनियमितता संबंधी शिकायतों पर एक सप्ताह के भीतर जांच करने एवं आगे की कार्यवाही करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने आयुष्मान कार्ड बनाने शिविर लगाने और एसडीएम, जनपद सीईओ के माध्यम से ग्राम पंचायतवार सचिव, रोजगार सहायकों को जिम्मेदारी देने तथा अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करते हुए जिले के सभी पात्र लोगों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय सीमा की बैठक में कलेक्टर ने विभागों में वेतन एवं पेंशन के प्रकरणों के निराकरण, अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों का निराकरण के निर्देश सभी अधिकारियों को दिए। उन्होंने सभी अधिकारियों को सोमवार को मुख्यालय स्थित कार्यालय में अपनी उपस्थिति देने तथा आम नागरिकों की समस्याओं को सुनने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु अधिकारियों को सोमवार और मंगलवार छोडक़र फील्ड पर विजिट करने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने श्रम विभाग और महिला बाल विकास विभाग को ईंट भ_ों पर बालबाड़ी संचालन के संबंध में निर्देश दिए। उन्होंने समाज कल्याण विभाग को दिव्यांगजन प्रमाण पत्र वितरण, परिवहन एवं पर्यावरण विभाग को सडक़ पर राखड़ लेकर चलने वाले वाहनों में बिना तिरपाल ढंके होने पर कार्यवाही करने, खनिज विभाग को रेत खनन हेतु रेतघाट की स्वीकृति के संबंध में आगे की कार्यवाही करने, श्रम और औद्योगिक सुरक्षा विभाग को श्रमिकों से जुड़ी समस्याओं का निरंतर निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले में अग्निवीर की भर्ती हेतु रोजगार अधिकारी के माध्यम से युवाओं को भर्ती हेतु जागरूक करने, सभी विभागीय अधिकारियों को पीपीईएस सॉफ्टवेयर में सभी अधिकारियों-कर्मचारियों की जानकारी एंट्री करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने सभी प्राथमिक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पहुंच मार्ग, आंगनबाड़ी तथा स्कूलों में बाह्य और भीतरी कक्ष में विद्युतीकरण, अविद्युतीकृत गांवों के विद्युतीकरण, लंबे समय से निलंबित कर्मचारियों के प्रकरणों पर आवश्यक जांच उपरांत बहाली संबंधी कार्यवाही, विभागीय संबंधी आवश्यकताओं पर डीएमएफ अंतर्गत प्रस्ताव प्रस्तुत करने, आत्मानंद विद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती के संबंध में निर्देश दिए। बैठक में डीएफओ अरविंद पीएम, कुमार निशांत, निगम आयुक्त सुश्री प्रतिष्ठा ममगाई, जिला पंचायत सीईओ संबित मिश्रा सहित सभी विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने और बोर्ड लगाने के निर्देश

कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले में शासकीय भूमि पर अतिक्रमण सम्बंधित मिल रही शिकायतों को ध्यान में रखते हुए सभी एसडीएम और निगमायुक्त को निर्देशित किया कि ग्रामीण शहरी इलाकों में शासकीय भूमि पर की जा रही अतिक्रमण को शीघ्र हटाए। खेल मैदानों, स्कूलों के आसपास सहित महत्वपूर्ण स्थानों से अतिक्रमण हटाया जाए। उन्होंने हाल ही में हुए अतिक्रमण पर विशेष नजर रखते हुए कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने सभी शासकीय विभागों को विभाग की रिक्त भूमि पर सूचना बोर्ड लगाने के भी निर्देश दिए।

कटघोरा कॉलेज में दूर होगी पानी की समस्या

विगत दिनों शासकीय महाविद्यालय कटघोरा गए कलेक्टर को प्राचार्य द्वारा पेयजल की समस्या से अवगत कराया गया था। कलेक्टर ने इस समस्या को टीएल में रखकर विभागीय अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए थे। आज बैठक में इस बिंदु पर चर्चा के दौरान लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारी द्वारा बताया गया कि कटघोरा कॉलेज में पेयजल की समस्या को दूर करने स्थल का निरीक्षण कर लिया गया है और स्टीमेट भी बना ली गई है। शीघ्र ही पाइप लाइन बिछाकर पेयजल की समस्या को दूर कर विद्यार्थियों को पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। इसी तरह टीएल में अन्य कई प्रकरणों पर भी कार्यवाही सुनिश्चित कर लिए जाने की जानकारी विभागीय अधिकारियों द्वारा कलेक्टर को दी गई है।

सार्वजनिक उपक्रमों के अधिकारी को टीएल में उपस्थित होने के निर्देश-

कलेक्टर ने समय सीमा की बैठक में कहा कि टीएल में एसईसीएल, एनटीपीसी, बाल्को आदि के प्रकरण होते हैं। इस दौरान प्रकरणों पर कार्यवाही व आवश्यक चर्चा के लिए संबंधित उपक्रमों के अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य रूप से टीएल बैठक में होनी चाहिए। बैठक में बाल्को, एसईसीएल सहित कई अधिकारियों की अनुपस्थिति पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की।

दिए गए निर्देशों का गंभीरता से पालन करें अधिकारी –

कलेक्टर ने सभी एसडीएम, विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि विभिन्न बैठकों और दौरों के दौरान शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन से संबंधित आवश्यक निर्देश दिए जाते हैं। अधिकारी दिए गए निर्देशों का गंभीरता से पालन करते हुए किए गए कार्यवाही से अवगत अवश्य कराएं। अधिकारी अपने विभाग में संचालित योजनाओं के अलावा उन्हें प्रेषित प्रकरणों पर भी संपूर्ण जानकारी रखें ताकि बैठक आदि में चर्चा के दौरान आगे की कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके।

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कोरबा

महंगाई के विरोध में कांग्रेस ने दर्री में निकाली शवयात्रा

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कोरबा। लगातार बढ़ती महंगाई को लेकर 21 मई को दर्री क्षेत्र जमनीपाली में पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल  के नेतृत्व में कांग्रेसजनों द्वारा केंद्र सरकार की गलत आर्थिक नीतियों के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में वरिष्ठ कांग्रेस नेता, कार्यकर्ता एवं आम नागरिक उपस्थित रहे।

पूर्व मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि डीजल, पेट्रोल, रसोई गैस (एलपीजी) तथा अन्य दैनिक उपयोग की खाद्य सामग्रियों के दामों में जिस तेजी से बढ़ोतरी हो रही है, उससे आम जनता का जीवन अत्यंत कठिन हो गया है। महंगाई ने मध्यमवर्गीय एवं गरीब परिवारों की कमर तोड़ दी है और लोगों के लिए गृहस्थी चलाना दुश्वार हो गया है।

उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि का सीधा असर परिवहन व्यवस्था एवं आवश्यक वस्तुओं पर पड़ता है, जिसके कारण हर वस्तु महंगी होती जा रही है। रसोई गैस सिलेंडर के बढ़ते दामों ने गृहिणियों का बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है। वहीं खाद्य तेल, दाल, सब्जियां एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि से आम नागरिक आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।

जयसिंह अग्रवाल ने केंद्र एवं राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता को राहत देने के बजाय सरकार केवल बड़े-बड़े दावे कर रही है, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि आम आदमी महंगाई से त्रस्त है। उन्होंने मांग की है कि पेट्रोल, डीजल एवं एलपीजी की कीमतों में तत्काल कमी की जाए तथा आवश्यक वस्तुओं के बढ़ते दामों पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। जमनीपाली पेट्रोल पंप के पास पिछले दो दिनों से डीजल के अभाव में दर्जनों ट्रक सड़क किनारे कतार से खड़े हैं ।

विरोध प्रदर्शन रैली में कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने प्रतीकात्मक तौर पर मंहगाई का अर्थी सजाकर शवयात्रा निकाला और मातमपुर्शी करते हुए ‘राम नाम सत्य है, मंहगाई जबरजस्त है’, महंगाई की मार, अब नहीं सहेंगे यार । जनता त्रस्तः भाजपा मस्त, जैसे नारे भी लगाये ।

इस आयोजन में प्रमुख रूप से जयसिंह अग्रवाल के साथ प्रदेश सचिव विकास सिंह, कोरबा जिला कांग्रेस अध्यक्ष (शहर) मुकेश कुमार राठौर, जिला कांग्रेस अध्यक्ष (ग्रामीण) मनोज चौहान, पूर्व जिलाध्यक्ष नत्थूलाल यादव, पूर्व सभापति धुरपाल सिंह कँवर, युवा कांग्रेस अध्यक्ष राकेश पंकज, बालको नगर ब्लाक अद्ध्यक्ष ए.डी.जोशी, राजेंद्र तिवारी, पालुराम साहू, बसंत चंद्रा, पूर्व ब्लाक अध्यक्ष सुधीर जैन, पार्षद नारायण लाल कुर्रे, रवि सिंह चंदेल, मंडल अध्यक्ष रोपा तिर्की, इकबाल कुरैशी, पूर्व पार्षद सुरती कुलदीप, अविनाश बंजारे, वरिष्ठ कांग्रेसी राजेंद्र सिंह ठाकुर, रेखा त्रिपाठी, रतन यादव, संजय अग्रवाल, हरवेन्द्र सिंह, अनिल द्विवेदी, राम इकबाल, बिसाहु दास, देवीदयाल तिवारी, भरत साहु, राजकुमार श्रीवास, जाकिर खान, डॉ.डी आर नेताम, सीमा कुर्रे, छत्रपाल कुर्रे, संतोष ठाकुर, रमेश दास महंत, सिकंदर मेमन, शशि साहु, हीरा साहु, संतोष यादव, संगीता श्रीवास, पार्षद अयोध्या मस्तुल कंवर, परमानंद सिंह, प्रवीण कुमार, मधुसुदन दास सहित कांग्रेस के अनेक वरिष्ठ नेता, जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसजनों ने महंगाई के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए कहा कि यदि सरकार ने शीघ्र ही जनता को राहत नहीं दी, तो कांग्रेस पार्टी जनहित में आगे भी व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होगी।

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कोरबा

सिंघाली क्षेत्र में बिजली तार चोरी से ग्रामीण अंधेरे में, राजेश यादव ने तत्काल बिजली व्यवस्था बहाल करने की उठाई मांग

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ढेलवाडीह/कटघोरा। कटघोरा सब स्टेशन ढेलवाडीह से संचालित देवरी फीडर अंतर्गत ढेलवा डीह जंगल से जवाली-सिंघाली पुल तक लगभग 7 से 8 किलोमीटर क्षेत्र में अज्ञात चोरों द्वारा करीब 25 से 30 बिजली पोलों के तार काटकर चोरी कर लिए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना से जवाली, सिंघाली और देवरी क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और ग्रामीण अंधेरे में जीवन यापन करने को मजबूर हैं।

जानकारी के अनुसार 14 मई को सिंघाली में सुशासन दिवस का कार्यक्रम आयोजित किया गया था, लेकिन इसके अगले ही समय बिजली प्रवाहित खंभों से तार चोरी कर चोरों ने पुलिस और बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।

भारतीय जनता पार्टी झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक राजेश यादव ने प्रशासन एवं बिजली विभाग से तत्काल क्षतिग्रस्त विद्युत लाइनों की मरम्मत कर बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के बीच ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली बाधित होने से आमजन को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने भी क्षेत्र में लगातार बढ़ रही बिजली चोरी की घटनाओं पर चिंता जताते हुए रात्रि गश्त बढ़ाने, दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी करने तथा बिजली लाइनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग प्रशासन से की है।

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कोरबा

तेज धूप और थकान में भी हरा सोना से मिलती है राहत

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गाँव-गाँव इन दिनों तेंदूपत्ता संग्रहण का चल रहा सिलसिला

कोरबा। तेज़ दोपहरी की धूप हो या गाँव के तालाबों में कम होता पानी, गर्मी का मौसम अपने साथ कई चुनौतियाँ लेकर आता है। लेकिन कोरबा जिले के दूरस्थ गाँव लेमरू के परिवारों के लिए यही मौसम खुशियों की सौगात भी लेकर आया है। कारण है—तेंदूपत्ता के बढ़े हुए दाम, जिसने इस क्षेत्र के सैकड़ों संग्राहक परिवारों की उम्मीदों को नई उड़ान दी है।

गाँव की गलियों में दोपहर का सन्नाटा भले ही छाया रहता हो, पर जंगल की ओर जाने वाली पगडंडियों पर सुबह से शाम तक रौनक देखने को मिलती है। महिलाएं, युवा, बच्चे और बुजुर्ग तेंदूपत्ता संग्रहण में जुटे हुए हैं। जंगलों से पत्ते तोड़कर लाना, उन्हें गठरी में भरकर घर तक लाना और फिर घर की परछी में बैठकर 50-50 पत्तों के बंडल बनाना—इन सब कामों के बीच उनके चेहरों पर एक समान चमक दिखाई देती है। सभी के मन में यही खुशी है कि दाम बढ़ने से आमदनी भी बढ़ेगी और जितना अधिक संग्रहण होगा, उतनी ही आमदनी मिलेगी।

लेमरू गाँव के संतोष यादव और उनकी पत्नी दिव्या यादव हर सुबह सूरज निकलने से पहले लाम पहाड़ के जंगल की ओर निकल जाते हैं। दिव्या बताती हैं कि सुबह से दोपहर तक पत्ते तोड़ते हैं, फिर दोपहर के बाद खाना खाकर घर में बैठकर बंडल बनाना शुरू करते हैं। इस बार वे पिछले साल से कहीं अधिक पत्ता तोड़ रहे हैं, क्योंकि कीमत भी बढ़ी है और मेहनत का सीधा लाभ मिलने वाला है। संतोष परसा पेड़ की छाल से रस्सी बनाकर तेंदूपत्तों की गड्डी तैयार करते हैं।
दिव्या, जिन्हें महतारी वंदन योजना से प्रति माह 1000 रुपये की सहायता मिलती है, बताती हैं कि यह राशि उनके परिवार के लिए बेहद उपयोगी है। तेंदूपत्ता संग्रहण और योजना से मिली सहायता मिलकर अब उनके परिवार के लिए बेहतर भविष्य की राह खोल रहे हैं। वे खुशी से बताती हैं कि अब प्रति मानक बोरा की कीमत 5500 रुपये कर दी गई है, जिससे वे अपने घर के निर्माण का सपना पूरा करना चाहती हैं।
गाँव की ही सोना बाई और सुमित्रा बाई भी सुबह-सुबह जंगल जाती हैं। वे कहती हैं कि जितना ज्यादा पत्ता तोड़ेंगे, उतनी ही आय होगी। पहले कीमत 2500 रुपये थी, फिर 4000 हुई और अब 5500 रुपये होने से उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया है। तेंदूपत्ता संग्राहक कार्ड के माध्यम से बीमा और बच्चों को छात्रवृत्ति जैसी सुविधाएँ भी मिल रही हैं, जो वन क्षेत्र के परिवारों के लिए महत्वपूर्ण सहारा बन चुकी हैं।
तेंदूपत्ता के बढ़े दामों ने संग्राहकों के चेहरों पर नई रोशनी ला दी है। संग्राहकों ने कीमत वृद्धि पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया है। उन्हें भरोसा है कि बढ़ी हुई कीमतें उनकी मेहनत का उचित प्रतिफल देंगी और उनकी आर्थिक स्थिति को और मजबूत बनाएँगी।
गर्म हवाओं और सूखे खेतों के बीच भी लेमरू के इन परिवारों के चेहरों पर चिंता नहीं, बल्कि उम्मीद की हरियाली है। तेंदूपत्ता सिर्फ उनका रोज़गार नहीं है, बल्कि जीवन बदलने की एक मजबूत ताकत है। यह कहानी तेंदूपत्ते की नहीं, बल्कि उन परिवारों की है जिन्होंने मेहनत, आत्मविश्वास और बढ़ी हुई कीमतों के सहारे अपने जीवन में नई खुशियों की हरियाली उगाई है।

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