कोरबा
पाली, छुरी में भाजपा जीती, कटघोरा में कांग्रेस
कोरबा में संजू देवी 11 हजार वोट से आगे
कोरबा। नगरीय निकाय कोरबा के पाली नगर पालिका का रिजल्ट सबसे पहले आया। भाजपा के अजय जायसवाल ने जीत दर्ज कर ली है। यहां 8 वार्डों में भाजपा को जीत मिली है। 6 में कांग्रेस ने जीत हासिल की है। वार्ड नं.-5 से निर्दलीय प्रत्याशी सोना ताम्रकर को जीत मिलने के साथ इतिहास बनाया है।
छुरी में भाजपा की पद्मिनी जीती
छुरीकला में भाजपा की पद्मिनी देवांगन ने जीत दर्ज की है। 10 वार्डों में भाजपा को जीत मिली है। सिर्फ 2 में कांग्रेस एवं 3 में अन्य को जीत मिली है।
नगर पालिका कटघोरा 800 वोट से जीते राज जायसवाल
कटघोरा नगर पालिका परिषद में कांग्रेस ने परचम लहराते हुये राज जायसवाल ने 8 सौ वोटों जीत हासिल की है। त्रिकोणीय मुकाबले में हुए जीत के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल है।
बता दें कि जिले के 6 नगरी निकाय के लिए आज सुबह 9 बजे से गिनती शुरू हुई। जिसमें कटघोरा के कांग्रेस प्रत्याशी राज जायसवाल ने अपने प्रतिद्वंद्वी भाजपा के आत्मानंद पटेल को 8 सौ वोटों से हराकर ऐतेहासिक जीत हासिल की है।
चुनाव में यहां जायसवाल वोट ने बाजी पलट दी और जायसवाल समाज ने भाजपा से टिकिट मांगा था, लेकिन नहीं मिला और सभी समाज एकजूट होकर कांग्रेस के राज जायसवाल को एक तरफा वोट दे दिया।
कोरबा
सरस्वती शिशु मंदिर एचटीपीपी दर्री में 40 दिवसीय समर कैंप का शुभारंभ, बच्चों में दिखा उत्साह
5 से 15 वर्ष के बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए पेंटिंग, एरोबिक्स, इंग्लिश स्पीकिंग और कंप्यूटर कक्षाओं का आयोजन
कोरबा। सरस्वती शिशु मंदिर एचटीपीपी दर्री में बच्चों की प्रतिभा को निखारने और उनके सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए वार्षिक ग्रीष्मकालीन शिविर (समर कैंप 2026) का शुभारंभ किया गया है। 40 दिनों तक चलने वाले इस विशेष शिविर में बच्चों की रचनात्मकता, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है। समर कैंप के शुरू होते ही बच्चों और अभिभावकों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।

विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि आज के समय में बच्चों के लिए पढ़ाई के साथ-साथ अतिरिक्त गतिविधियों का ज्ञान भी बेहद आवश्यक है। इसी उद्देश्य से 5 से 15 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए इस शिविर का आयोजन किया गया है, जिसमें विद्यालय के छात्र-छात्राओं के साथ-साथ अन्य स्कूलों के बच्चे भी भाग ले सकते हैं। यह पहल बच्चों को छुट्टियों के समय का सदुपयोग करने और नई चीजें सीखने का सुनहरा अवसर प्रदान कर रही है।

शिविर के दौरान बच्चों के लिए पेंटिंग, ड्राइंग और क्राफ्ट जैसी रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से उनकी कल्पनाशीलता को बढ़ावा दिया जा रहा है। वहीं एरोबिक्स और फिटनेस गतिविधियों से बच्चों को शारीरिक रूप से सक्रिय और स्वस्थ रहने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके अलावा व्यक्तित्व विकास पर विशेष ध्यान देते हुए इंग्लिश स्पीकिंग और बेसिक ग्रामर की कक्षाएं भी आयोजित की जा रही हैं, ताकि बच्चे आत्मविश्वास के साथ संवाद करना सीख सकें।
डिजिटल युग को देखते हुए बच्चों के लिए कंप्यूटर की बुनियादी जानकारी भी शिविर का अहम हिस्सा बनाई गई है। कंप्यूटर कक्षाओं में बच्चों को टेक्नोलॉजी के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें डिजिटल स्किल्स की प्रारंभिक समझ दी जा रही है।

विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि इस तरह के शिविर बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ जीवन कौशल सिखाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिविर के माध्यम से बच्चों में अनुशासन, टीमवर्क और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। अभिभावकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए बेहद लाभदायक हैं।
समर कैंप के आगामी दिनों में बच्चों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी, जिससे बच्चों का उत्साह और भी बढ़ेगा तथा उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच मिलेगा।
कोरबा
दीपका में 30 अप्रैल को 20वीं राष्ट्रीय संगोष्ठी
देशभर के विद्वानों का होगा संगम-डॉ गजेंद्र
कोरबा। शासकीय महाविद्यालय दीपका, जिला कोरबा (छत्तीसगढ़) एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर के बौद्धिक आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है। महाविद्यालय एवं अखिल भारतीय विकलांग चेतना परिषद बिलासपुर के संयुक्त तत्वावधान में ‘भारतीय ज्ञान परंपरा की कसौटी पर विकलांग-विमर्श का पुनर्मूल्यांकनÓ विषय पर 20वीं एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन 30 अप्रैल 2026, गुरुवार को किया जाएगा।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रात: 9:30 बजे महाविद्यालय परिसर में होगा। इस संगोष्ठी में देशभर से विद्वान, शिक्षाविद, शोधार्थी एवं विषय विशेषज्ञ सहभागी बनेंगे, जिससे विचारों का एक व्यापक और सार्थक आदान-प्रदान संभव होगा।

इस गरिमामयी आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य एवं उद्योग, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम विभाग के मंत्री लखनलाल देवांगन उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व अध्यक्ष (राज्यमंत्री दर्जा) छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग एवं कुलपति, थावे विद्यापीठ, गोपालगंज (बिहार) डॉ. विनय कुमार पाठक करेंगे।
संगोष्ठी में विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व न्यायाधीश उच्च न्यायालय न्यायमूर्ति चंद्रभूषण बाजपेयी, अखिल भारतीय विकलांग चेतना परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री मदनमोहन अग्रवाल, तथा गेवरा प्रोजेक्ट के जनरल मैनेजर अरुण त्यागी अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम को समृद्ध करेंगे। इसके साथ ही कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल समारोह भूषण विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।
इस अवसर पर ‘विकलांग-विमर्श : विविध संदर्भÓ शीर्षक पुस्तक का विमोचन भी किया जाएगा, जिसके संपादन का कार्य डॉ. पायल लिल्हारे (निवाड़ी, मध्यप्रदेश) द्वारा किया गया है। यह पुस्तक विकलांग-विमर्श के विभिन्न आयामों को उजागर करते हुए समकालीन संदर्भों में महत्वपूर्ण दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है।
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. ममता ठाकुर ने बताया कि यह संगोष्ठी भारतीय ज्ञान परंपरा के संदर्भ में विकलांग-विमर्श के पुनर्मूल्यांकन का एक महत्वपूर्ण प्रयास है, जो समाज में समावेशी दृष्टिकोण को सुदृढ़ करेगा। वहीं 20वी राष्ट्रीय संगोष्ठी के संयोजक डॉ. गजेंद्र तिवारी ने सभी शिक्षाविदों, शोधार्थियों एवं जागरूक नागरिकों से इस आयोजन में अधिकाधिक संख्या में सहभागिता कर इसे सफल बनाने का आह्वान किया है।
यह संगोष्ठी न केवल अकादमिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होगी, बल्कि सामाजिक समरसता एवं समावेशिता के नए आयाम स्थापित करने में भी सहायक सिद्ध होगी।

कोरबा
औद्योगिक प्रतिष्ठान एवं पावर प्लांट सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करेंकलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देशन में जिले के सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों एवं पावर प्लांट की बैठक आयोजित
भविष्य में हादसे एवं दुर्घटनाएँ न हों, इसके लिए सभी औद्योगिक प्रतिष्ठान आवश्यक सावधानी एवं सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था रखें
कोरबा। कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देशन में आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिले के सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों की बैठक आयोजित की गई। अपर कलेक्टर ओंकार यादव ने सक्ती जिले के ग्राम सिंघीतरई में हुई दुर्घटना के मद्देनज़र सभी प्रतिष्ठानों को सतर्क रहने तथा औद्योगिक एवं पावर प्लांट सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कलेक्टर के स्पष्ट निर्देश हैं कि कोरबा एक औद्योगिक जिला है, यहाँ सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए सुरक्षा नियमों के प्रति कठोरता आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि औद्योगिक प्रतिष्ठानों में श्रमिकों की सुरक्षा हेतु निर्धारित मापदंडों के अनुरूप सभी आवश्यक उपकरण एवं मशीनें उपलब्ध और सुचारू रूप से कार्यरत होनी चाहिए। भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना न हो, इसके लिए सभी उद्योग आवश्यक सावधानियाँ एवं सुरक्षा व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करें।

अपर कलेक्टर श्री यादव ने निर्देशित किया कि औद्योगिक प्रतिष्ठानों और पावर प्लांट में सुरक्षा संबंधी जो भी कमियाँ हैं, उन्हें तुरंत सुधारें। उन्होंने अग्निशामक यंत्र, फायर अलार्म, मशीनों का उचित संचालन, उपकरणों का रखरखाव, बॉयलर, सीसीटीवी कैमरे, सुरक्षा मापदंड तथा कचरा प्रबंधन आदि के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने दुर्घटना की स्थिति में रेड, ग्रीन और येलो जोन निर्धारित करने का सुझाव दिया। साथ ही आपात स्थिति के दौरान संपर्क किए जाने वाले अधिकारियों, अस्पताल तथा अन्य आवश्यक नंबरों को कार्यस्थल पर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों एवं पावर प्लांट में तकनीकी प्रक्रियाओं एवं कार्यों का सतत निरीक्षण अनिवार्य है। वायु प्रदूषणकारी उद्योगों में प्रदूषण नियंत्रण हेतु एएसपी, डस्ट कलेक्शन सिस्टम, फिल्टर, जल छिड़काव व्यवस्था होनी चाहिए।

अपर कलेक्टर ने बताया कि कलेक्टर ने वाहन चालकों सहित अन्य जिम्मेदारी निभाने वाले कर्मचारियों की आँखों की जाँच कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि दुर्घटनाओं की संभावना को कम किया जा सके। इसके लिए औद्योगिक प्रतिष्ठानों को शिविर लगाकर आँखों एवं अन्य बीमारियों की नियमित जाँच करानी होगी। सभी प्रतिष्ठानों को जल संरक्षण के लिए वाटर स्ट्रक्चर निर्माण, रेन वाटर हार्वेस्टिंग तथा पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के लिए पौधरोपण करने के निर्देश भी दिए गए।

उप संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, विजय सिंह पोटाई ने पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से औद्योगिक सुरक्षा के विभिन्न मापदंडों पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि देश में समय-समय पर बड़ी दुर्घटनाएँ हुई हैं, जिनसे सीख लेते हुए भविष्य की घटनाओं को रोकने हेतु सजग रहना होगा। मॉकड्रिल का उद्देश्य भी यही है कि हम दुर्घटना से बचाव एवं राहत कार्यों के लिए कितने तैयार हैं।

उन्होंने औद्योगिक एसओपी, टूल बॉक्स, पीपीई किट, हेलमेट, सुरक्षा जूते, ऊंचाई पर कार्य के दौरान सुरक्षा उपकरण, मैनुअल हैंडलिंग, लिफ्टिंग मशीनों का उपयोग, फायर सेफ्टी, हाउस कीपिंग, इलेक्ट्रिकल सेफ्टी, केमिकल सेफ्टी, ड्राइवर सेफ्टी, मोटर सेफ्टी, हीट स्ट्रेस, आपातकालीन नियंत्रण, ओवरहेड क्रेन सेफ्टी, प्रशिक्षण मॉड्यूल, खुले गड्ढों की बेरिकेडिंग, चिकित्सक की उपस्थिति तथा सेफ्टी ऑफिसर की नियुक्ति सहित सभी सुरक्षा मानकों की विस्तार से जानकारी दी।
आपदा प्रबंधन नोडल अधिकारी एवं डिप्टी कलेक्टर तुलाराम भारद्वाज ने जिले में डिजास्टर मैनेजमेंट प्लान तैयार करने, आपदा की स्थिति में बचाव कार्य, कम्युनिकेशन प्लान तथा स्वयं की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए दूसरों को राहत पहुंचाने के उपायों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने उद्योगों को सुरक्षा मानकों पर किसी भी प्रकार का समझौता न करने के निर्देश दिए।
उद्योग विभाग के अधिकारी विजय कारे ने नई उद्योग नीति के तहत उद्योग स्थापित करने पर शासन द्वारा प्रदत्त सब्सिडी की जानकारी देते हुए सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता देने को कहा।
श्रम अधिकारी नितीश विश्वकर्मा ने मजदूरों के वेतन भुगतान, सुविधाओं, ईपीएफ, ईएसआईसी लाभ एवं आपात स्थिति में मुआवजा भुगतान से संबंधित दिशा-निर्देश उद्योगों को प्रदान किए।
बैठक में कोरबा जिले के एनटीपीसी, बालको, एसईसीएल, अडानी, सीएसईबी, इंडियन ऑयल, मारुति सहित जिले के सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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