छत्तीसगढ़
दुर्ग : केन्द्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने ध्वजारोहण कर परेड की ली सलामी
सांस्कृतिक कार्यक्रम में के.पी.एस., झांकी में जिला पंचायत एवं शिक्षा विभाग और परेड में जिला पुलिस बल अव्वल रहा
उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारी हुए सम्मानित
दुर्ग। 77 वां गणतंत्र दिवस समारोह दुर्ग जिले में पूरे हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया। मुख्य अतिथि केन्द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री तोखन साहू ने दुर्ग के रविशंकर स्टेडियम में आयोजित गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली। इस अवसर पर राज्यमंत्री श्री साहू ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का प्रदेश की जनता के नाम संदेश का वाचन किया। उन्होंने उल्लास एवं उमंग के प्रतीक रंगीन गुब्बारे आसमान में छोड़े।
मुख्य अतिथि केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री साहू ने कलेक्टर अभिजीत सिंह और एसपी विजय अग्रवाल के साथ परेड का निरीक्षण किया और आम नागरिकों का अभिवादन स्वीकार किया। परेड कमाण्डर रक्षित निरीक्षक नीलकंठ वर्मा के नेतृत्व में जिला पुलिस बल, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, एनसीसी जुनियर एवं सीनियर, के 10 प्लाटून द्वारा आकर्षक मार्च पास्ट करते हुए सलामी मंच के सामने से गुजरे। तत्पश्चात् मुख्य अतिथि राज्यमंत्री श्री साहू प्लाटून कमाण्डरों से परिचय प्राप्त किया।
इस मौके पर उन्होंने शहीद के परिजनों को शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मान किया। इस अवसर पर नगर के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने देश-भक्ति गीतों पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दिये। राज्यमंत्री तोखन साहू ने उल्लेखनीय कार्य करने वाले विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया। समारोह में संभागायुक्त सत्यनारायण राठौर, आईजी अभिषेक शांडिल्य, अहिवारा विधायक डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चन्द्राकर, एसपी विजय अग्रवाल, अपर कलेक्टर अभिषेक अग्रवाल, अध्यक्ष केन्द्रीय सहकारी बैंक मर्यादित प्रितपाल बेलचंदन सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी व स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, जिला एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
समारोह में प्रथम स्थान प्राप्त झांकी में जिला पंचायत दुर्ग एवं शिक्षा विभाग को संयुक्त रूप से प्रथम स्थान प्राप्त किया। जिला पंचायत द्वारा जल शक्ति अभियान व विकसित भारत जी राम जी का प्रदर्शन किया गया। जल शक्ति अभियान जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए लागू किया गया है। इस अभियान के तहत वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों का पुनर्जीवन और हर घर नल से जल योजना पर ज़ोर दिया जा रहा है। जल सुरक्षा के बिना विकसित भारत की कल्पना संभव नहीं है। अभियान में जनभागीदारी को अहम बताया गया है, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए पानी सुरक्षित किया जा सके। शिक्षा विभाग द्वारा पीएमश्री स्कूल/उल्लास नवभारत साक्षरता एवं बालवाड़ी को प्रदर्शित किया गया। पीएम श्री स्कूल योजना के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है। वहीं उल्लास नवभारत साक्षरता अभियान और बालवाड़ी कार्यक्रम के तहत बच्चों को शिक्षा से जोड़ने पर ज़ोर दिया गया।
द्वितीय स्थान पर महिला एवं बाल विकास विभाग, पशु चिकित्सा विभाग एवं जेल विभाग को संयुक्त रूप से दिया गया। महिला बाल विकास विभाग के झांकी में बाल विवाह मुक्त अभियान को झांकी के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। समाज से बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त करने के लिए शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम, शिक्षा को बढ़ावा और कड़े क़ानूनों के पालन पर ज़ोर दिया गया। पशु चिकित्सा विभाग के झांकी में गौधन योजना/पशु संरक्षण एवं टीकाकरण को प्रदर्शित किया गया, जिसमें गोधन योजना के अंतर्गत पशुओं के संरक्षण, गोवंश संवर्धन और नियमित टीकाकरण पर बल दिया गया। इस योजना के तहत पशुधन को सुरक्षित रखते हुए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूत करना है। जेल विभाग द्वारा बंदियों द्वारा निर्मित वस्तुओं का प्रदर्शन किया गया। तृतीय स्थान कृषि विभाग एवं उद्यानिकी विभाग को दिया गया। कृषि विभाग द्वारा कृषि उन्नती व जल संरक्षण को प्रदर्शित किया गया।
सांस्कृतिक प्रस्तुति में प्रथम स्थान के.पी.एस. नेहरू नगर भिलाई, द्वितीय विज्ञान विकास केन्द्र दुर्ग, तृतीय शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बघेरा को मिला। सांत्वना पुरस्कार सेजेस दीपकनगर को मिला। परेड में सीनियर वर्ग में जिला पुलिस बल (पुरूष ) को प्रथम, सीमा सुरक्षा बल को द्वितीय और नगर सेना (महिला) को तृतीय पुरस्कार प्राप्त हुआ। इसी प्रकार जूनियर वर्ग में प्रथम एनसीसी सीनियर(बालक), द्वितीय एनसीसी सीनियर (बालिका) एवं तृतीय एनसीसी जुनियर (बालक) को पुरस्कृत किया गया।
कोरबा
पेड़ की डाल नहीं, पूरा विशाल धौरा वृक्ष गिरा था, वन विभाग के दावे पर उठे सवाल
कोरबा/पाली। पाली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम चोरका डांड में शनिवार शाम आंधी-तूफान और बारिश के दौरान हुई दर्दनाक घटना में तीन युवकों की मौत के मामले में अब कई सवाल खड़े होने लगे हैं। प्रारंभिक जानकारी में बताया गया था कि तीनों युवक बारिश से बचने के लिए पेड़ के नीचे रुके हुए थे, तभी पेड़ की भारी डाल टूटकर उन पर गिर गई। लेकिन मीडिया टीम के मौके पर पहुंचने पर सामने आए तथ्यों ने मामले को नया मोड़ दे दिया है।


घटनास्थल पर देखा गया कि कोई डाल नहीं टूटी थी, बल्कि एक विशाल धौरा का पेड़ जड़ सहित गिरा हुआ था। वहीं ग्रामीणों, मृतक दिनेशु तिर्की के परिजनों तथा निर्माण कार्य में लगी महिलाओं ने बताया कि घटनास्थल पर वन समिति के माध्यम से सूअर पालन के लिए कोठा निर्माण का कार्य चल रहा था। उनके अनुसार दिनेशु तिर्की और कमलेश बड़ा निर्माण कार्य में लगे हुए थे।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अचानक तेज आंधी-तूफान शुरू हुआ। इसी दौरान धौरा वृक्ष से आवाज आई और कुछ ही क्षणों में वह घूमकर निर्माण स्थल पर गिर पड़ा। पेड़ के नीचे काम कर रहे युवक उसकी चपेट में आ गए। घटना में एक महिला को भी सिर और हाथ में हल्की चोटें आईं, जिसने शोर मचाकर ग्रामीणों को बुलाया। इसके बाद लोगों ने किसी तरह दबे हुए लोगों को बाहर निकाला और घायल युवकों को वाहन की व्यवस्था कर पाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। जहां जांच उपरांत दो युवकों को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि एक गंभीर रूप से घायल युवक को रेफर किया गया, जिसकी रास्ते में मौत हो गई। ग्रामीणों के अनुसार जंगल क्षेत्र होने के कारण तत्काल वाहन उपलब्ध नहीं हो पाया और अस्पताल पहुंचने में करीब ढाई घंटे का विलंब हुआ।
इधर जब इस संबंध में वन विभाग से जानकारी ली गई तो विभागीय अधिकारियों ने निर्माण कार्य में युवकों को लगाए जाने से इनकार किया। यहीं से कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि निर्माण कार्य में युवक शामिल नहीं थे तो वे घटनास्थल पर क्या कर रहे थे? ग्रामीण, परिजन और वहां मौजूद महिलाएं निर्माण कार्य में लगे होने की बात क्यों कह रही हैं? यदि वन समिति के अंतर्गत निर्माण कार्य चल रहा था तो वहां कार्यरत लोगों की निगरानी कौन कर रहा था? निर्माण स्थल पर सुरक्षा के क्या इंतजाम थे? क्या कार्य शुरू करने से पहले संभावित जोखिमों का आकलन किया गया था? यदि नाबालिग मौके पर मौजूद थे तो उनकी उपस्थिति किन परिस्थितियों में थी? क्या निर्माण कार्य के लिए मजदूरों का कोई पंजीयन या उपस्थिति रजिस्टर रखा गया था? दुर्घटना के समय वहां कितने लोग काम कर रहे थे और उन्हें किसके निर्देश पर लगाया गया था? आखिर घटना के संबंध में सामने आ रहे अलग-अलग दावों में सच्चाई क्या है?
मृतकों में 14 वर्षीय शिवराम टेकाम और 17 वर्षीय दिनेश तिर्की भी शामिल हैं। ऐसे में नाबालिगों से कार्य कराए जाने की आशंका को लेकर मामला और गंभीर हो जाता है। अब आवश्यकता इस बात की है कि पूरे घटनाक्रम की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि दुर्घटना के समय वहां वास्तव में क्या कार्य चल रहा था और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।फिलहाल यह मामला केवल प्राकृतिक दुर्घटना तक सीमित नहीं दिख रहा, बल्कि कई ऐसे सवाल छोड़ गया है जिनके जवाब जांच के बाद ही सामने आ सकेंगे।
चोरकाडांड निवासी हीरा सिंह ने बताया कि वन विभाग द्वारा पशुपालन के लिए भवन निर्माण कराया जा रहा था, जिसमें युवक कार्य कर रहे थे। उनके अनुसार मौसम सामान्य था और केवल हल्की हवा चल रही थी। इसी दौरान अचानक एक विशाल धौरा पेड़ गिर गया, जिसकी चपेट में आने से तीनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में उनकी मौत हो गई।

मृतक दिनेशु तिर्की की मां हीरामणि ने बताया कि उनका बेटा पिछले तीन दिनों से वहां काम पर जा रहा था। घटना की जानकारी गांव के एक युवक ने आकर दी, जिसके बाद वह तत्काल घटनास्थल पहुंचीं। ग्रामीणों की मदद से वाहन की व्यवस्था कर घायल युवकों को पाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत की खबर मिली।

काम करने वाली राधाबाई बाइसेम्हर ने बताया कि वह एक अन्य महिला के साथ दो दिनों से निर्माण कार्य में लगी थीं। हादसे के समय वह बालू उठा रही थीं, जबकि दूसरी महिला बालू छान रही थी। तभी कटने जैसी तेज आवाज सुनाई दी। जान बचाने के लिए भागते समय विशाल धौरा वृक्ष गिर पड़ा, जिसकी चपेट में आकर तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। राधाबाई ने बताया कि तीनों युवक पिछले दो दिनों से पानी ढुलाई और मसाला बनाने का काम कर रहे थे।





छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ के विकास मॉडल की चर्चा कोलकाता तक,व्यवसायी राजीव कुमार सिंह ने डॉ. रमन सिंह से की मुलाकात
पूर्व मुख्यमंत्री के सुशासन और विकास कार्यों को बताया राष्ट्रीय राजनीति में भाजपा के विस्तार की महत्वपूर्ण प्रेरणा
सुनील चिंचोलकर
बिलासपुर। कोलकाता के व्यवसायी राजीव कुमार सिंह ने छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान प्रदेश के तीन बार के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह तथा उनके पुत्र एवं पूर्व सांसद अभिषेक सिंह से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने छत्तीसगढ़ में हुए विकास कार्यों और सुशासन के मॉडल की सराहना करते हुए कहा कि राज्य में स्थापित विकास की सकारात्मक छवि ने देश के विभिन्न हिस्सों में भाजपा के प्रति विश्वास बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

मुलाकात के दौरान राजीव कुमार सिंह ने कहा कि डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने पारदर्शी प्रशासन, नियोजित आधारभूत संरचना, जनकल्याणकारी योजनाओं और वित्तीय अनुशासन के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं। उनके अनुसार, इन उपलब्धियों ने भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों के सामने सुशासन का एक व्यावहारिक मॉडल प्रस्तुत किया, जिसने अन्य राज्यों में भी सकारात्मक राजनीतिक संदेश पहुंचाया।
उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य की प्रगति के लिए मजबूत प्रशासन, निवेश-अनुकूल वातावरण, कानून-व्यवस्था तथा विकासोन्मुख नीतियां आवश्यक होती हैं। छत्तीसगढ़ में इन पहलुओं पर किए गए कार्यों ने राज्य को एक अलग पहचान दिलाई, जिसकी चर्चा राष्ट्रीय स्तर पर भी होती रही है।

राजीव कुमार सिंह ने यह भी कहा कि वर्तमान समय में उद्योग एवं व्यापार जगत उन राज्यों की ओर विशेष उम्मीद से देख रहा है, जहां प्रशासनिक दक्षता, पारदर्शिता और विकास को प्राथमिकता दी जाती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सुशासन, आर्थिक विकास और सामाजिक समरसता पर आधारित नीतियां देश के विभिन्न राज्यों में विकास की नई संभावनाओं को जन्म देंगी।

मुलाकात के दौरान डॉ. रमन सिंह और अभिषेक सिंह ने भी विकास, जनकल्याण और सुशासन के विषयों पर विचार साझा किए। इस अवसर पर प्रदेश के विकास मॉडल, निवेश की संभावनाओं तथा राष्ट्रीय स्तर पर उभरते आर्थिक अवसरों पर भी चर्चा हुई।

राजीव कुमार सिंह ने छत्तीसगढ़ के विकास अनुभवों को प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि राज्य ने सीमित संसाधनों के बावजूद जिस प्रकार विकास और प्रशासनिक स्थिरता का उदाहरण प्रस्तुत किया है, वह अन्य राज्यों के लिए भी अध्ययन का विषय है।
कोरबा
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत कोरबा जिले में एक लाख से अधिक आवास पूर्ण
मनरेगा के माध्यम से हितग्राहियों को मिल रहा 90 दिवस का रोजगार
कोरबा। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत कोरबा जिले ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए एक लाख से अधिक पक्के आवासों का निर्माण पूर्ण कर लिया है। वर्ष 2016 से अब तक जिले में कुल 1,00,013 आवासों का निर्माण सफलतापूर्वक पूर्ण किया जा चुका है, जिससे हजारों ग्रामीण परिवारों का अपने पक्के घर का सपना साकार हुआ है।

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के आवासहीन एवं वंचित परिवारों को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराया जा रहा है। योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को आवास निर्माण के लिए चरणबद्ध तरीके से 1.20 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है। इसके साथ ही महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत आवास निर्माण कार्य हेतु 90 दिवस का रोजगार उपलब्ध कराया जाता है, जिससे हितग्राहियों को मजदूरी भुगतान का लाभ भी प्राप्त होता है।

योजना के अंतर्गत एसईसीसी-2011 सर्वे तथा वर्ष 2018 में आयोजित आवास प्लस सर्वे में पात्र पाए गए परिवारों को क्रमबद्ध रूप से आवास स्वीकृत किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन द्वारा सतत निगरानी एवं प्रभावी क्रियान्वयन के परिणामस्वरूप आवास निर्माण कार्यों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है।
जिले में वर्ष 2016 से 2023 के दौरान 61,223 आवास पूर्ण किए गए, जबकि वर्ष 2024 से 2026 के बीच 37,804 आवासों का निर्माण पूरा हुआ। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 478 आवास तथा प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के अंतर्गत 508 आवास पूर्ण किए गए हैं।

इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी दिनेश कुमार नाग ने कहा कि शासन के निर्देशानुसार पात्र ग्रामीण हितग्राहियों को गुणवत्तापूर्ण पक्के आवास उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिले में एक लाख से अधिक आवासों का पूर्ण होना ग्रामीण विकास एवं जनकल्याण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है, जिससे हजारों परिवारों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है।
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